(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (20 जून 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (20 जून 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि (PM SVANidhi)

चर्चा में क्यों

  • आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के बीच रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंजर्स) के लिए एक विशेष लघु-ऋण (माइक्रो क्रेडिट) सुविधा- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) के लिए सिडबी को कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में शामिल करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

क्या है पीएम स्वनिधि योजना?

  • आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने पीएम स्वनिधि योजना को 01 जून, 2020 को लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी आजीविका शुरू करने के लिए सस्ती कार्यशील पूंजी ऋण मुहैया कराना है।
  • पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक विशेष माइक्रो क्रेडिट सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वाले 10 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण ले सकते हैं जिसे एक वर्ष की अवधि में मासिक किश्तों में चुकाने होगा।
  • इस योजना के तहत देशभर में करीब 50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को फायदा मिलने की उम्मीद है। यह योजना 24 मार्च, 2020 और उससे पहले शहरी क्षेत्रों में वेंडिग कर रहे सभी रेहड़ी-पटरी वालों के लिए उपलब्ध है।

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी)

  • भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) की स्थापना 2 अप्रैल 1990 को की गयी थी। इसे संसद के एक अधिनियम के तहत, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के संवर्द्धन, वित्तपोषण एवं विकास के लिए स्थापित किया गया है।
  • इसका लक्ष्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए ऋण प्रवाह सुगम और सुदृढ़ बनाना तथा एमएसएमई पारितंत्र की वित्तीय एवं विकास संबंधी कमियों की पूर्ति करना है।
  • सिडबी का मुख्यालय लखनऊ, उत्तर प्रदेश में है।

खेलो इंडिया केंद्र (KIC)

चर्चा में क्यों

  • खेल मंत्रालय देश भर में खिलाड़ियों की मदद के लिए जिला स्तर पर 1000 खेलो इंडिया केंद्र (केआईसी) स्थापित करेगा।

खेलो इंडिया केंद्र के बारे में-

  • जमीनी स्तर के एथलीटों को प्रशिक्षण के लिए पूर्व खेल चैंपियनों की विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए और खेल पारिस्थितिकी तंत्र में उनके लिए आय का एक निरंतर स्रोत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खेल मंत्रालय ने देश भर में जिला स्तर पर 1000 खेलो इंडिया सेंटर (केआईसी) स्थापित करने का फैसला किया है।
  • इन केंद्रों को पूर्व चैंपियनों द्वारा चलाया जाएगा या उन्हें कोच के रूप में रखा जाएगा। पूर्व चैंपियन की पहचान करने के लिए एक शॉर्टलिस्टिंग मैकेनिज्म तैयार किया गया है जिससे यह पता लगाया जाएगा कि कौन अपनी अकादमी स्थापित करने योग्य है या कौन केआईसी में कोच के रूप में काम करने के योग्य है।

लाभ

  • इस निर्णय से राष्ट्रीय स्तर खेलों में प्रतिभाग करने वाले पूर्व खिलाड़ियों की गरिमा बढ़ेगी और उनकी वित्तीय स्थित में सुधार होगा।
  • इससे उभरते हुये खिलाड़ियों को अपने जिला स्तर पर खेल सुविधाओं के साथ पूर्व चैंपियनों का सहयोग भी मिलेगा।

खेलो इंडिया कार्यक्रम के बारे में

  • देश में खेलों को बढावा देने और नई प्रतिभाओं को तलाशने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा राजीव गांधी खेल योजना, शहरी खेल संरचना योजना और प्रतिभा खोज योजना को मिलाकर इनके स्थान पर ‘खेलो इंडिया योजना का आरम्भ किया गया ।
  • इसके तहत ग्रास रूट लेवल पर खेल संस्कृति को विकसित करते हुए अवसंरचना निर्माण पर बल दिया जाता है। इसके साथ ही युवा को खेल में कैरियर बनाने के लिए प्रशिक्षण और प्रोत्साहन उपलब्ध करवाया जाता है। इस योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को 8 सालों तक 5 लाख रुपए प्रति वर्ष प्रशिक्षण के लिए दिया जाता है।

सत्यभामा पोर्टल (SATYABHAMA Portal)

चर्चा में क्यों

  • गौरतलब है कि 15 जून 2020 केंद्रीय कोयला, खान एवं संसदीय मामले के मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने खान मंत्रालय की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी योजना के तहत सत्यभामा (Science and Technology Yojana for Aatmanirbhar Bharat in Mining Advancement- SATYABHAMA) पोर्टल लॉन्च किया गया।

क्या है सत्यभामा पोर्टल?

  • इस पोर्टल की डिजाइन, विकास एवं कार्यान्वयन माइंस इंफॉर्मेटिक्स डिवीजन के नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा किया गया है। यह पोर्टल नीति आयोग के एनजीओ दर्पण पोर्टल से समन्वित है।
  • वर्तमान प्रणाली के विपरीत, जहां अनुसंधान प्रस्ताव वैज्ञानिकों/शोधकर्ताओं द्वारा भौतिक रूप से प्रस्तुत किया जाता है, सत्यभामा पोर्टल परियोजनाओं की निगरानी एवं अनुदान के उपयोग के साथ साथ परियोजना प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुति में सक्षम बनाता है।
  • शोधकर्ता पोर्टल में इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट एवं अंतिम तकनीकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर सकते हैं। पोर्टल पर एक यूजर मैनुअल भी उपलब्ध होगा, जहां परियोजना प्रस्तावों की प्रस्तुति के लिए कदमवार प्रक्रियाओं की व्याख्या की जायेगी।

पोर्टल से लाभ

  • यह देश में खनन एवं खनिज अवयव क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों की भूमिका को बढ़ावा देगा|
  • इसके अलावा खनन एवं खनिज अवयव क्षेत्र के वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं आत्मनिर्भर होकर नवोन्मेषी अनुसंधान एवं विकास कार्य आरंभ कर सकेंगे ।
  • पोर्टल आत्मनिर्भर भारत स्कीम के कार्यान्वयन में दक्षता और प्रभावशीलता में वृद्धि करेगा।

निजी अस्पतालों में कोविड 19 के इलाज पर वी के पॉल समिति

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा गठित एक उच्च-स्तरीय समिति ने दिल्ली के किसी भी अस्पताल में कोविड-19 पृथक-वास (आइसोलेशन) बेड का शुल्क 8,000 रुपये से 10,000 रुपये तथा वेंटिलेटर वाले आईसीयू बेड का शुल्क 15,000 रुपये से 18,000 रुपये प्रतिदिन तय करने की सिफारिश की है।

वी के पॉल समिति के बारे में

  • नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल की अध्यक्षता में समिति का गठन रविवार को किया गया था। समिति का गठन निजी अस्पतालों में 60 प्रतिशत बेड कम दरों पर उपलब्ध कराने और कोरोना वायरस परीक्षण और इलाज की दर तय करने के लिए किया गया था।
  • समिति ने सभी अस्पतालों के लिए आइसोलेशन बेड, बिना आईसीयू वाले वेंटिलेटर और आईसीयू के साथ वेंटिलेटर का शुल्क क्रमश: 8000-10000 रुपये, 13000-15000 रुपये और 15000-18000 रुपये की सिफारिश की है। इनमें पीपीई की लागत शामिल है। मौजूदा दरें क्रमश: 24000-25000 रुपये, 34000-43000 रुपये और 44000-54000 रुपये हैं। इनमें निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई) लागत शामिल नहीं है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

विजय दिवस परेड -2020

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय सेना के तीनों अंगों की एक टुकड़ी कर्नल रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में 24 जून 2020 को रूस की राजधानी मास्को के रेड स्क्वायर पर आयोजित सैन्य परेड में भाग लेगी। इसमें सेना के सभी 75 रैंक के सैन्यकर्मी शामिल रहेंगे। यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध (1941-1945) में सोवियत संघ को मिली विजय की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है।
  • विजय दिवस परेड में हिस्सा लेने वाले सैन्‍य दल की टुकड़ी का नेतृत्व सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट के एक बड़े रैंक के अधिकारी करेंगे है। इस रेजिमेंट ने द्वितीय विश्व युद्ध में बहुत बहादुरी के साथ लड़ाई लड़ी थी और इसके लिए चार बैटल ऑनर्स और दो मिलिट्री क्रॉस के साथ ही कई और वीरता पुरस्कार पाने का गौरव हासिल किया था।

पृष्ठभूमि

  • द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश भारतीय सैनिकों की टुकड़ी मित्र राष्ट्रों की सेना में शामिल सबसे बड़ी सैन्य टुकड़ियों में से एक थी जिसने उत्तरी और पूर्वी अफ्रीका, पश्चिमी रेगिस्तान और यूरोप में भीषण संघर्ष वाले क्षेत्रों में धुरी राष्ट्रों के खिलाफ चलाए गए अभियान में हिस्सा लिया था।
  • इन अभियानों में 87 हजार से अधिक भारतीय सैनिकों ने अपना बलिदान दिया और 34354 घायल हुए। भारतीय सैनिकों ने न केवल सभी मोर्चों पर युद्ध में हिस्‍सा लिया बल्कि ईरान से होकर गुजरने वाले लीज मार्ग पर लॉजिस्टिक समर्थन भी सुनिश्चित किया, जिसके माध्‍यम से हथियार, गोला-बारूद, उपकरण और भोजन सामग्री सोवियत संघ, ईरान और इराक तक पहुंचाई जा सकी।
  • भारतीय सैनिकों की वीरता को चार हज़ार से अधिक अलंकरणों से सम्मानित किया गया, जिसमें 18 विक्टोरिया और जॉर्ज क्रॉस पुरस्कार भी शामिल थे। तत्कालीन सोवियत संघ ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता की सराहना की और सोवियत संघ की सर्वोच्‍च संस्‍था प्रेसीडियम द्वारा 23 मई 1944 को पारित एक सरकारी आदेश के जरिए रॉयल इंडियन आर्मी सर्विस कोर के भारतीय सैनिक सूबेदार नारायण राव निक्कम और हवलदार गजेंद्र सिंह चंद को रेड स्टार के प्रतिष्ठित अंलकरण से सम्मानित किया गया । इस सरकारी आदेश पर मिखाइल कलिनिन और अलेक्‍जेंडर गार्किन ने हस्‍ताक्षर किए थे।

:: राजव्यवस्था ::

देशभर में सभी बच्चों के लिए एक समान शिक्षा प्रणाली की मांग

चर्चा में क्यों?

  • देशभर में 6-14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए समान शिक्षा और एक जैसे पाठ्यक्रम की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एडुकेशन बोर्ड और सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एडुकेशन का विलय करके एक देश एक शिक्षा बोर्ड स्थापित करने की व्यावहारिकता पर ध्यान देने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।

याचिका के प्रमुख बिंदु

  • केंद्र और राज्यों ने अनुच्छेद 21-ए (स्वतंत्र और अनिवार्य शिक्षा) की भावना के अनुरूप समान शिक्षा प्रणाली को लागू करने के लिए उचित कदम नहीं उठाया है।
  • अनुच्छेद 21-ए के तहत बच्चे तब तक अपने मौलिक अधिकार का उपयोग नहीं कर सकते हैं जब तक कि केंद्र और राज्य मूल्य आधारित समान शिक्षा प्रदान नहीं करते।
  • सामाजिक-आर्थिक समानता और न्याय प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि सभी प्राथमिक स्कूलों में पाठ्यक्रम समान हो चाहे वह प्रबंधन, स्थानीय निकाय, केंद्र या राज्य सरकार द्वारा चलाया जाता हो। जनहित याचिका में कहा गया है कि निर्देशों का माध्यम संबंधित राज्य की आधिकारिक भाषा के अनुसार भिन्न हो सकता है, लेकिन 6-14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए पाठ्यक्रम समान होना चाहिए।
  • याचिका में व्यवस्था को लागू करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा परिषद (जीएसटी परिषद की तर्ज पर) या राष्ट्रीय शिक्षा आयोग के गठन की व्यावहारिकता का पता लगाने के निर्देश देने की मांग की गई है।
  • याचिका में कहा गया है कि वर्तमान में प्रत्येक शिक्षा बोर्ड का अपना पाठ्यक्रम है और प्रवेश परीक्षा सीबीएसई पर आधारित है। इसलिए प्रचलित प्रणाली सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान नहीं करती है।

:: अर्थव्यवस्था ::

एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में भारत सरकार और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) ने, गरीब व कमजोर परिवारों पर कोविड-19 महामारी के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने तथा प्रतिक्रिया को मजबूती देने हेतु भारत को सहायता प्रदान करने के लिए 750 मिलियन डॉलर के "कोविड-19 सक्रिय प्रतिक्रिया और व्यय सहायता कार्यक्रम" पर हस्ताक्षर किए। यह एआईआईबी की ओर से भारत के लिए पहला बजटीय समर्थन कार्यक्रम है।

कोविड-19 सक्रिय प्रतिक्रिया और व्यय सहायता कार्यक्रम के उद्देश्य

  • यह कार्यक्रम कोविड-19 के गंभीर व प्रतिकूल सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए भारत सरकार को बजट समर्थन प्रदान करेगा।
  • कार्यक्रम के प्राथमिक लाभार्थी गरीबी रेखा के नीचे वाले परिवार, किसान, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, महिलाएं, महिला स्व-सहायता समूह, विधवा, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, कम वेतन पाने वाले लोग, विनिर्माण श्रमिक और अन्य कमजोर समूह होंगे।

फंडिंग

  • परियोजना को एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) और एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा 2.250 बिलियन डॉलर की राशि में वित्तपोषित किया जा रहा है।
  • इसमें 750 मिलियन डॉलर एआईआईबी द्वारा और 1.5 बिलियन डॉलर एडीबी द्वारा प्रदान किया जायेगा। विभिन्न मंत्रालयों के सहयोग से वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा इस परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।

एआईआईबी(AIIB)

  • एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) एक बहुपक्षीय विकास बैंक है, जिसका मिशन एशिया में सामाजिक और आर्थिक परिणामों को बेहतर बनाना है।
  • चीनी नेतृत्व वाले एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक (एआईआईवी) कगी औपचारिक स्थापना 2016 में बीजिंग में की गई थी। इस नए बैंक की शुरुआत 50 बिलियन डॉलर की अधिकृत पूंजी के साथ की गई थी जिसे आगे चलकर 100 बिलियन डॉलर के लक्ष्य के रूप में निर्धारित कर दिया गया।
  • इसमें सर्वोच्च नीति- निर्धारक संस्था बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (शासक मंडल) है, जो प्रत्येक देश के एक प्रतिनिधि द्वारा बनी है। 12 सदस्यों के बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर्स में से 9 सदस्य एशिया से तथा 3 बाहरी क्षेत्रों के होते हैं।
  • एआईआईबी में चीन 30.34% हिस्ससेदारी के साथ सबसे बड़ा शेयरधारक है तथा उसे 26% वोटिंग का अधिकार प्राप्त है और भारत 8.4% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है। रूस तथा जर्मनी क्रमश: तीसरे व चौथे स्थान पर स्थित है। चीन को कुछ विशेष मामलों में वीटो हासिल है।
  • एआईआईबी बैंक का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अवसंरचनात्मक परियोजनाओं का वित्तपोषण करना है।

विदेशी मुद्रा भंडार

चर्चा में क्यों?

  • देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12 जून को समाप्त सप्ताह में 5.942 अरब डॉलर की पर्याप्त वृद्धि के साथ 507.644 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया।

क्या होता है विदेशी मुद्रा भंडार?

  • विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश के केंद्रीय बैंक द्वारा रखी गई धनराशि या अन्य परिसंपत्तियां होती हैं जिनका उपयोग देनदारीओं के भुगतान के लिए किया जाता है !
  • यह विदेशी मुद्रा भंडार एक विदेशी मुद्रा या एक से अधिक विदेशी मुद्राओं में रखे जाते हैं !
  • इसे फॉरेक्स रिजर्व या एफ एक्स (FX) रिजर्व भी कहा जाता है !
  • सामान्य रूप में विदेशी मुद्रा भंडार में केवल विदेशी बैंक नोट, विदेशी बैंक जमा, विदेशी ट्रेजरी बिल,अल्पकालिक और दीर्घकालिक सरकारी प्रतिभूतियां शामिल होनी चाहिए लेकिन इसमें सोने का भंडार, विशेष आहरण अधिकार और IMF के पास जमा राशि भी इसका हिस्सा होता है ! प्रत्येक देश द्वारा निर्मित कानूनों के अंतर्गत इनके समुच्चय को ही विदेशी मुद्रा भंडार के नाम से जाना जाता है !
  • भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4 तत्वों या 4 चीजों से मिलकर बनता है !
  1. विदेशी परिसंपत्तियां- विदेशी मुद्रा के साथ साथ विदेशी कंपनियों के शेयर, डिवेंचर, बॉन्ड इत्यादि !
  2. स्वर्ण भंडार - क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी तरलता अच्छी होती है !
  3. विशेष आहरण अधिकार-(SDR- Special Drawing Rights)
  4. IMF के पास रिजर्व कोष- (Reserve Trench)

कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक - मई, 2020

चर्चा में क्यों?

  • कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक - मई, 2020 जारी किया गया।कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए किए गए रोकथाम संबंधी उपायों को ध्‍यान में रखते हुए फील्ड स्टाफ की व्यक्तिगत यात्रा पर 19 मार्च 2020 से अस्‍थायी रोक लगा दी गई और इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यमों से मूल्‍य संबंधी आंकड़े एकत्र किए गए। मई 2020 में 433 गांवों से मूल्य संबंधी डेटा प्राप्त किया गया, जो यथासंभव व्यक्तिगत यात्राओं और टेलीफोन कॉल के माध्यम से एकत्र किया गया।

सूचकांक से जुड़ें तथ्य

  • मई, 2020 में कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (आधार वर्ष: 1986-87 = 100) क्रमश: 5 अंक और 6 अंक बढ़कर क्रमश: 1019 एवं 1025 अंक के स्‍तर पर पहुंच गया। कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के सामान्य सूचकांक में हुई वृद्धि में मुख्‍य योगदान खाद्य पदार्थों का रहा, जो क्रमशः (+) 4.44 अंकों और (+) 4.70 अंकों का रहा। यह वृद्धि चावल, अरहर दाल, मसूर दाल, मूंगफली के तेल, बकरे के मांस, पोल्ट्री, सब्जियों और फलों, इत्‍यादि की कीमतें बढ़ने की वजह से हुई।
  • सूचकांक में वृद्धि/गिरावट हर राज्‍य में भिन्‍न रही। कृषि श्रमिकों के मामले में सूचकांक ने 14 राज्यों में 2 से 19 अंकों तक की वृद्धि दशाई, जबकि इसने 5 राज्यों में 1 से 7 अंकों तक की कमी दर्ज की। वहीं, यह सूचकांक राजस्थान राज्य में स्थिर रहा। तमिलनाडु राज्य 1208 अंकों के साथ सूचकांक तालिका में सबसे ऊपर रहा, जबकि हिमाचल प्रदेश 788 अंकों के साथ इस तालिका में सबसे नीचे रहा।
  • ग्रामीण श्रमिकों के मामले में सूचकांक ने 15 राज्यों में 1 से 18 अंकों तक की वृद्धि दर्शाई, जबकि इसने 5 राज्यों में 1 से 7 अंकों तक की कमी दर्ज की। तमिलनाडु राज्य 1194 अंकों के साथ सूचकांक तालिका में सबसे ऊपर रहा, जबकि हिमाचल प्रदेश 838 अंकों के साथ इस तालिका में सबसे नीचे रहा।
  • जहां तक राज्यों का सवाल है, कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में सर्वाधिक वृद्धि कर्नाटक राज्य (क्रमशः 19 अंक और 18 अंक) में दर्ज की गई। इतनी वृद्धि मुख्यत: चावल, ज्वार, रागी, बकरे के मांस, पोल्ट्री, सब्जियों एवं फलों, बीड़ी, इत्‍यादि की कीमतें बढ़ने के कारण दर्ज की गई। इसके विपरीत, कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में सर्वाधिक कमी बिहार राज्य (प्रत्येक -7 अंक) में दर्ज की गई। इस हद तक कमी मुख्यत: मक्का, प्याज, फलों और सब्जियों, इत्‍यादि की कीमतें घटने से ही संभव हो पाई।
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-कृषि श्रमिक (सीपीआई-एएल) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-ग्रामीण श्रमिक (सीपीआई-आरएल) पर आधारित बिंदु दर बिंदु मुद्रास्फीति दर अप्रैल 2020 के क्रमशः 8.80% और 8.52% से घटकर मई 2020 में क्रमश: 8.40% और 8.12% रह गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-कृषि श्रमिक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-ग्रामीण श्रमिक के खाद्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति दर मई 2020 में क्रमशः (+) 10.40% और (+) 10.21% आंकी गई।

कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के बारे में

  • श्रम ब्यूरो हर माह 20 राज्यों में फैले 600 सैंपल गांवों से एकत्र किए गए मूल्य संबंधी डेटा के आधार पर कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन करता रहा है। निर्दिष्ट आउटलेट्स या विक्रय केंद्रों पर व्यक्तिगत रूप से जाकर ये आंकड़े एकत्र किए जाते हैं। मई, 2020 में कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का आधार वर्ष: 1986-87 = 100 है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

सिकल सेल बीमारी

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री, श्रीअर्जुन मुंडा विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर उनके मंत्रालय,फिक्की,अपोलो हॉस्पिटल्स,नोवार्टिस और ग्लोबल अलायन्स ऑफ सिकल सेल डिजीज आर्गेनाईजेशन द्वारा आयोजित नेशनल सिकल सेल कॉन्क्लेव वेबिनार को संबोधित किया। श्री मुंडा ने पिरामल फाउंडेशन द्वारा मंत्रालय के लिए तैयार सिकल सेल सपोर्ट पोर्टल का अनावरण किया।उन्होंने "द इकोनॉमिस्ट"द्वारा तैयार 'सिकल सेल डिजीज इन इंडिया' रिपोर्ट को भी जारी किया।

क्या हैसिकल सेल बीमारी

  • सिकल सेल रोग या SCD खून से जुड़ी एक बीमारी है, जो बच्चे में अपने माता या पिता या दोनों से आनुवंशिक रूप से आती है. इस बीमारी में खून में पर्याप्त संख्या में लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी/ रेड ब्लड सैल्स) नहीं होतीं, जो शरीर में ऑक्सीजन ले जाने के लिए जरूरी हैं. आमतौर पर यह बीमारी अफ्रीका, अरब और भारतीय प्रायद्वीप में पाई जाती है. "अगर माता-पिता में से एक में भी सिकल सैल का जीन है तो बच्चे में यह बीमारी होने की संभावना होती है. यानी इन बच्चों में हीमोग्लोबिन का एक जीन सामान्य होता है, लेकिन दूसरा जीन दोषयुक्त होता है. ऐसे बच्चों के शरीर में दोनों तरह का हीमोग्लोबिन बनता है-सामान्य हीमोग्लोबिन और सिकल सैल हीमोग्लोबिन. इनमें कुछ सिकल सैल्स हो सकती हैं, लेकिन आमतौर पर बीमारी के लक्षण नहीं होते."
  • सिकल सैल जीन सबसे पहले 1952 में उत्तरी तमिलनाडु की नीलगिरी की पहाड़ियों में सामने आया, आज केन्द्रीय भारत के डेक्कन पठार में बड़ी संख्या में लोगों में यह जीन मौजूद है. तमिलनाडु और केरल के उत्तरी इलाकों में भी इसकी कुछ हद तक मौजूदगी है. उत्तरी केरल एवं तमिलनाडु इलाकों में बड़ी संख्या में आदिवासी लोगों में यह जीन मौजूद हैं, ऐसे में माना जाता है कि आदिवासी आबादी में एचबीएस जीन की संभावना अधिक होती है. हालांकि यह आदिवासी एवं गैर-आदिवासी दोनों तरह की आबादी में पाया जाता है.

सिकल सेल एनीमिया से जुड़ें आंकडें एवं सरकारी प्रयास

  • यह बीमारी जनजाति समूहों में व्याप्त है और हर 86 बच्चों में से एक बच्चे में यह बीमारी पायी जाती है।इसके निराकरण के लिए जन जागरूकता और इलाज आवश्यक है।
  • विभिन्न राज्यों द्वारा दर्शाये गए आंकड़ों के अनुसार एक करोड़ 13 लाख 83 हजार 664 लोगों की स्क्रीनिंग में लगभग 9 लाख 96 हजार 368(8.75%)में यह व्याधि परिलक्षित हुए,9लाख 49 हजार 57 लोगों में लक्षण और 47 हजार 311 लोगों में बीमारी पायी गयी।
  • जैव प्रौद्योगिकी विभाग इस रोग के इलाज का अनुसंधान कर रही है।
  • बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए राज्यों को प्रोटोकॉल जारी किये गए हैं।यह सलाह दी गयी है कि अगली पीढ़ी को बीमारी न हो इसके लिए माता पिता को उचित परामर्श देने का अभियान चलाये ताकि वे अपने एस सी ए से ग्रसित बच्चों की शादी किसी दूसरे एस सी ए से ग्रसित बच्चों से ना करें।

सूर्य ग्रहण

चर्चा में क्यों?

  • 21 जून, 2020 को भारत के उत्तरी हिस्सों में सुबह 10:25 बजे से वलयाकार सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। इस संदर्भ में, भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के स्वायत्त संस्थान आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान एवं शोध संस्थान (एआरआईईएस या एरीज), नैनीताल ने 19 जून 2020 को दोपहर 03.30 बजे एरीज के निदेशक डॉ. दीपांकर बनर्जीद्वारा 'सूर्य ग्रहण का विज्ञान' विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया है। ज़ूम, यूट्यूब और फेसबुक के जरिए सूर्य ग्रहण के सीधा प्रसारण की व्यवस्था की गई है।
  • सूर्य ग्रहण अफ्रीका, एशिया और यूरोप के कुछ हिस्सों से देखा जा सकेगा और दिलचस्प बात यह है कि ग्रहण का पीक भारत के उत्तरी हिस्से में दिखाई देगा, जो सुबह 10:25 बजे से शुरू होकर 12:08 बजे अधिकतम ग्रहण और 01:54 बजे समाप्त हो जाएगा। इससे पहले वलयाकार ग्रहण 26 दिसंबर 2019 को दक्षिण भारत से और आंशिक ग्रहण के रूप में देश के विभिन्न हिस्सों से देखा गया था। अगला वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत में अगले दशक में दिखाई देगा, जो 21 मई 2031 को होगा, जबकि 20 मार्च 2034 को पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा जाएगा।

क्या होता है सूर्य ग्रहण?

  • सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा (अमावस्या के चरण में) सूरज की आंशिक या पूरी रोशनी को रोक लेता है और उसी हिसाब से आंशिक, वलयाकार और पूर्ण सूर्यग्रहण होता है। ग्रहण के दौरान चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है और घना अंधेरा छा जाता है जिसे उम्ब्रा और कम अंधेरे वाले क्षेत्र को पेनम्ब्रा के रूप में जाना जाता है। पूर्ण सूर्य ग्रहण सूर्य ग्रहणों में सबसे दुर्लभ है। भले ही हर महीने अमावस्या आती हो, लेकिन हम ग्रहण को इतनी बार नहीं देख पाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पृथ्वी-सूर्य प्लेन के लिहाज से चंद्रमा की कक्षा लगभग 5 डिग्री के कोण पर झुकी हुई है। इस कारण सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी का संयोग (एक ही सीध में) एक दुर्लभ खगोलीय घटना के तौर पर दिखाई देता है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

हॉग बैजर्स(Hog badger)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में त्रिपुरा में धलाई जिले के सलीमा इलाके में एक लुप्तप्राय प्रजाति के तीन हॉग बैजर्स पाए गए है। पहली बार त्रिपुरा में दुर्लभ प्रजाति के हॉग बैजर्स पाए गएहै हालाँकि इसके पहले असम और पूर्वोत्तर के अन्य इलाकों से हॉग बैजर्स पाए गए है।

हॉग बैजर्स के बारे में

  • हॉग बैजर(Hog badger) को ग्रेटर हॉग बैजर के नाम से भी पुकारा जाता है। इसका वज्ञानिक नाम आर्कटॉनिक्स कॉलरिस ' (Arctonyxcollaris) है। इस दुर्लभ प्रजाति में सुअर और भालू दोनों की विशेषताएं होती हैं। हॉग बेजर सर्वाहारी होते है एवं इनके आहार में फल, जड़ें और छोटे जानवर शामिल होते हैं।
  • आईयूसीएन द्वारा हॉग बैजर की तीन अलग-अलग प्रजातियों ग्रेटर हॉग (ए कॉलरिस), नॉर्दर्न हॉग बेजर (ए अल्बोगुलरिस) और सुमात्रा हॉग बेजर (ए होवेनी) के रूप में वर्गीकृत किया गया है । ग्रेटर हॉग आईयूसीएन (ICUN) में लुप्तप्राय प्रजातियों के रूप में सूचीबद्ध हैं। अन्य दो को लिस्ट कंसर्न के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। लगातार शिकार के कारण इनकी संख्या तेजी से कम हो रही है।
  • ये दक्षिण-पूर्व एशिया के पहाड़ों के साथ-साथ पर्वतीय जंगलों (3500 मीटर) में पाए जाते हैं।हॉग बैजर्स पूर्वी भारत, मध्य और दक्षिणी चीन, बर्मा, थाईलैंड, इंडोचाइना (वियतनाम, लाओस, कंबोडिया) और सुमात्रा के कुछ हिस्सों में होते हैं।

:: विविध ::

गवर्नर उर्जित पटेल

  • फिर उर्जित पटेल को भारत के प्रमुख आर्थिक थिंक टैंक 'राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान' (एनआईपीएफपी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। एनआईपीएफपी ने एक बयान में कहा कि पटेल लगभग छह सालों तक एनआईपीएफपी की कमान संभालने वाले पूर्व नौकरशाह विजय केलकर की जगह लेंगे। वह 22 जून को पद संभालेंगे और उनका कार्यकाल चार साल का होगा।

'राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान' के बारे में

  • एनआईपीएफपी वित्त मंत्रालय, पूर्ववर्ती योजना आयोग और कई राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित एक स्वायत्त निकाय है। यह एक स्वतंत्र गैर-सरकारी निकाय है और केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्यों को सलाह देते हुए सार्वजनिक नीति में अनुसंधान करता है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा स्ट्रीट वेंडर्स के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना हेतु किस संस्था को कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में शामिल किया गया है? (भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक-सिडबी)
  • समझौता ज्ञापन से चर्चा में रही ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ को क्यों लागू किया गया इसके तहत कितना ऋण उपलब्ध करवाया जाता है? (स्ट्रीट वेंडर को सस्ती कार्यशील पूंजी प्रदान करने हेतु, 10000 रुपए)
  • कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए हाल ही में जारी हुई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन कौन संस्था करती है एवं इसका आधार वर्ष क्या है? (श्रम ब्यूरो,आधार वर्ष: 1986-87)
  • हाल ही में दिल्ली एनसीआर में लगातार भूकंप का मूलतः किन प्लेटो के संचलन से संबंधित हैं? (भारतीय प्लेट का उत्तर दिशा में बढ़ना एवं यूरेशियन प्लेट के साथ टक्कर)
  • 19 जून को प्रति वर्ष ‘वर्ल्ड सिकल सेल डे’ मनाने से चर्चा में रहे सिकलसेल बीमारी का कारक क्या है एवं यह शरीर के किस तंत्र को प्रभावित करता है? (लाल रक्त कण के प्रभावित होने की अनुवांशिक बीमारी, शरीर में पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कोशिकाओं में कमी)
  • 21 तारीख के सूर्य ग्रहण को ऑनलाइन लाइव प्रसारण करने से चर्चा में रहेआर्यभट्टप्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES) कहां स्थित है? (नैनीताल, उत्तराखंड)
  • केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी के द्वारा उद्घाटन करने से चर्चा में रहे सत्यभामा (SATYABHAMA) पोर्टल क्या है? (खनन क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने वाला पोर्टल)
  • भारत को 750 मिलियन $ के ऋण प्रदान करने चर्चा में रहेएशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) का परिचालनकब से प्रारंभ हुआ एवं इसका मुख्यालय कहां स्थित है? (2016, बीजिंग)
  • हाल ही में जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने और खेल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण हेतु देशभर में जिला स्तर पर कितने कितने खेलो इंडिया सेंटर की स्थापना की घोषणा की गई है? (1000)
  • हाल ही में किसकी अध्यक्षता में गठित समिति के रिपोर्ट के आधार सरकार ने निजी अस्पतालों कोविड-19 के परीक्षण और इलाज की दरों को तय किया है? (वी के पॉल, सदस्य नीति आयोग) सर्वकालिक सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने से चर्चा में रही विदेशी मुद्रा भंडार में कौन सी मुद्रा और परिसंपत्तियों सम्मिलित होते हैं? (विदेशी मुद्रा, विदेशी बैंक जमा, विदेशी ट्रेजरी बिल, सरकारी प्रतिभूतियां,स्वर्ण, एसडीआरऔर IMF में जमा राशि)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

<< मुख्य पृष्ठ पर वापस जाने के लिये यहां क्लिक करें