(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (20 अगस्त 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (20 अगस्त 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

कश्मीर में हालात सामान्य बनाने का 4एम फॉर्मूला

  • कश्मीर में हालात सामान्य बनाने के लगातार प्रयास जारी हैं और इसमें सुरक्षाबलों और स्थानीय प्रशासन काफी हद तक सफल भी रहा है। इसमें सबसे मददगार साबित हो रहा है स्थानीय अफसरों की मदद से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल द्वारा तैयार किया गया 4एम एक्शन प्लान। इस प्लान पर आगे बढ़ते हुए स्थानीय प्रशासन न केवल असामाजिक तत्वों पर काफी हद तक शिकंजा कसने में सफल रहा है, बल्कि सीमा पार बैठे उनके आका भी किसी भी रणनीति में सफल नहीं हो पा रहे हैं।
  • इस 4एम एक्शन प्लान से शांति भंग करने की हर साजिश को विफल बनाने का प्रयास जारी है। इन 4एम पर शिकंजा कसने की रणनीति बन चुकी है और प्रशासनिक अमला इस अभियान में तेजी से जुटा है। इसमें पहला एम है मिलिटेंट अर्थात हथियारबंद आतंकवादी। दूसरे एम हैं मूवर्स एंड शेकर्स अर्थात ओवरग्राउंड वर्कर्स। यह हथियारबंद आतंकियों से अधिक खतरनाक हैं। तीसरे एम मजहबी कट्टरवादी। ऐसे लोग जो धर्म की आड़ में आतंकी गतिविधियों को उकसाते हैं। अंतिम एम है मॉब्स्टर्स अर्थात पत्थरबाज। इन गतिविधियों की निगरानी करते राज्य पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां समन्वित तरीके से अभियान चला रही हैं। इस कार्ययोजना को कश्मीर में करीब 11 दिन तक डेरा डाल खुद राज्य की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा परिस्थितियों की समीक्षा करने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने संबधित सुरक्षा एजेंसियों के फीडबैक के आधार पर तैयार किया है।

1एम - मिलिटेंट : घुसपैठ को विफल बना आतंकियों पर कस रहे शिकंजा

  • पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगना जम्मू-कश्मीर समेत देश के कई हिस्सों में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहे हैं। इसके लिए राज्य में सक्रिय आतंकियों के अलावा गुलाम कश्मीर में बैठे आतंकियों की मदद लेने की साजिश रची गई है। करीब 250 आतंकी अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी के पार स्थित पाकिस्तानी सेना की निगरानी में चलने वाले लॉन्चिंग पैड पर घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। इनसे निपटने के लिए घुसपैठ रोधी तंत्र को पूरी तरह मजबूत कर उन्हें सरहद पर ही मार गिराने की रणनीति को अपनाया जा रहा है। पंजाब में विशेषकर गुरदासपुर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी चौकसी बढ़ाई गई है, ताकि पठानकोट जैसा हमला न हो। नेपाल और बंगलादेश के रास्ते आने वाले लोगों की भी स्क्रीनिंग होगी। इसके साथ ही, राज्य के भीतरी हिस्सों में आतंकरोधी अभियानों में भी तेजी लाई जाएगी। नए लड़कों की भर्ती रोकने के लिए नागरिक प्रशासन, सिविल सोसाइटी को भी पूरी तरह से सक्रिय बनाया जाएगा।

2एम -मूवर्स एंड शेकर्स : ओडब्ल्यूजी को खोजना बड़ी चुनौती

  • आतंकियों व उनके आकाओं के लिए आंख, नाक, कान का काम करने वाले इन तत्वों को आम बोलचाल में ओवरग्राउंड वर्कर कहते हैं। यह छात्र, सरकारी कर्मचारी, दुकानदार, किसान, मजदूर, बुद्धिजीवी, राजनीतिक कार्यकर्ता हो सकते हैं। इनके खिलाफ राज्य पुलिस अपने खुफिया विंग के अलावा केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर अभियान चला रही है। यह लोग न सिर्फ आम लोगों में घुलमिलकर राष्ट्रविरोधी प्रदर्शनों और हिंसा को भड़काते हैं बल्कि आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकानों, पैसे की व्यवस्था के अलावा टारगेट की निशानदेही भी करते हैं। इसके अलावा आतंकी संगठनों के लिए नए लड़कों को चिह्नित करने का भी जिम्मा संभालते हैं। पूरी वादी में करीब छह हजार ओवरग्राउंड वर्कर सक्रिय हैं। इनमें से कई गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं।

3एम - मजहबी कट्टरपंथी : धर्म के नाम पर भड़काने वालों पर भी नजर

  • कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद की आग को भड़काने में कई मजहबी नेताओं, उलेमा व मौलवियों की भूमिका का संज्ञान लिया है। जम्मू संभाग में भी ऐसे कट्टरपंथियों की निगरानी की जा रही है। अगर यह लोग भ्रामक मंच का इस्तेमाल करते हुए जिहादी और भावनाओं को उकसाकर हिंसा भड़काने का प्रयास करते हैं, तुरंत गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। जिनका पुराना रिकॉर्ड नहीं होगा, उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा, लेकिन पहले भी राष्ट्रविरोधी व अलगाववादी गतिविधियों में पकड़े जा चुके लोगों के खिलाफ पीएसए व अन्य कानूनों का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा प्रशासन विभिन्न मजहबी संगठनों और मौलवियों के साथ लगातार संपर्क में रहते हुए जिहादी तत्वों से निपटने व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी मदद भी लेगा।

4एम - माबस्टर्स : पत्थरबाजों का भी डाटा तैयार, होगी कड़ी कार्रवाई

  • सुनियोजित तरीके से पत्थरबाजी और राष्ट्रविरोधी प्रदर्शनों का संचालन करने वाले और पथराव में हिस्सा लेने वालों पर लगाम लगाने की रणनीति है। सभी पुराने और पेशेवर पत्थरबाजों की सूची तैयार कर उनकी गिरफ्तारियों को अमल में लाया जा रहा है। पथराव में लिप्त पहली बार पकड़े गए 16 वर्ष तक के किशोर को उसके 20 परिजनों व निकट संबंधियों द्वारा बने जाने वाले जमानती बॉन्ड के आधार पर तत्काल रिहा कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, उसे हिंसा व राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से दूर रखने में उसके परिजनों की जिम्मेदारी को सुनिश्चित बनाया जाएगा। अगर वह दोबारा पकड़ा जाता है या पुराना पत्थरबाज है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की पहले से जारी प्रक्रिया को ही अपनाया जाएगा। हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए कम्युनिटी बॉन्ड की नीति पर अमल लाया जा रहा है।

एनटीपीसी (NTPC) की कच्छ में अल्ट्रा-मेगा सोलर पार्क स्थापित करने की योजना

  • सरकारी विद्युत उत्पादक कंपनी एनटीपीसी (NTPC) की योजना कच्छ, गुजरात में 5000 मेगावाट क्षमता वाले अल्ट्रा-मेगा सोलर पार्क स्थापित करने की योजना है।
  • इसके लिए कंपनी 20,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी ने कच्छ जिले में दो-तीन स्थानों की पहचान की है और पार्क की प्रति मेगावाट लागत पर 4 करोड़ रुपये व्यय की संभावना है। एनटीपीसी दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों पर हस्ताक्षर किये बिना अपने सौर ऊर्जा के कुछ हिस्से को बेचने के लिए हाजिर बाजार विकल्पों पर विचार कर रही है।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

Article 370 हटाने के बाद भारत की वैश्विक कूटनीति

  • जम्मू व कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद भारत की कूटनीति भी टॉप गियर में चल रही है। पीएम नरेंद्र मोदी एक साथ दो मुस्लिम देशों यूएई और बहरीन की यात्रा पर जा रहे हैं। मोदी संयुक्त राष्ट्र के स्थाई सदस्य व अहम रणनीतिक साझेदार फ्रांस की यात्रा पर भी जाएंगे जहां उनकी द्विपक्षीय वार्ता भी होगी और वहां होने वाली समूह-7 देशों की बैठक में दिग्गज देशों के राष्ट्र प्रमुखों से मिलने की सूरत भी बन रही है। दूसरी तरफ, विदेश मंत्री एस जयशंकर पड़ोसी देशों को साधने की कोशिश में बांग्लादेश पहुंच चुके हैं और उधर से ही वह मंगलवार (21 अगस्त) को नेपाल पहुंचेंगे।

मोदी की फ्रांस, यूएई और बहरीन की यात्रा

  • पीएम मोदी की फ्रांस, यूएई और बहरीन की यात्रा और विदेश मंत्री की पड़ोसी देशों की यात्रा के दौरान अलग अलग कई द्विपक्षीय एजेंडा होगा लेकिन जिस तरह से पड़ोसी कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश में है उसे देखते हुए निश्चित तौर पर भारत अपने मित्र देशों के साथ उस पर भी स्थिति स्पष्ट करेगा।

मोदी व मैक्रा के बीच कश्मीर मुद्दा

  • मसलन, पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय एजेंडे बहुतेरे हैं मसलन युद्धक विमान राफेल की आपूर्ति को लेकर बात होनी है, दूसरे रक्षा सौदों पर बात होनी है, जैतापुर आणविक ऊर्जा संयंत्र से जुड़े मुद्दे भी हैं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्थाई सदस्य होने के नाते मोदी व फ्रांस के राष्ट्रपति मैनुएल मैक्रा के बीच कश्मीर भी उठ सकता है।
  • सनद रहे कि पिछले हफ्ते जब यूएनएससी के सदस्यों के बीच कश्मीर पर चर्चा हुई थी तब फ्रांस भारतीय पक्ष को रखने वाला सबसे अहम देश था। चीन आगे भी पाकिस्तान की शह पर कश्मीर को यूएनएससी में उठा सकता है, इस संभावना को देखते हुए भारत को फ्रांस के सतत सहयोग की दरकार होगी।

समूह-7 देशों की बैठक में मोदी विशेष अतिथि

  • पीएम मोदी फ्रांस में समूह-7 देशों की बैठक में विशेष अतिथि के तौर पर भी हिस्सा लेंगे। उसमें फ्रांस के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी के राष्ट्र प्रमुख होंगे। वैसे मोदी की इन देशों के प्रमुखों के साथ मुलाकात अभी तक तय नहीं है, लेकिन विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कई अहम राष्ट्र प्रमुखों के साथ मुलाकात होने के आसार है।
  • इसी तरह से यूएई की यात्रा के दौरान ऊर्जा सहयोग और पीएम मोदी को मिलने वाले वहां के सबसे बड़े नागरिक सम्मान आर्डर ऑफ जायद का एजेंडा अहम होगा लेकिन इस तथ्य को नहीं भुलाया जा सकता कि यूएई और बहरीन इस्लामिक देशों के संगठन (ओआइसी) के महत्वपूर्ण सदस्य हैं।

पाक का ओआइसी पर दबाव

  • पाकिस्तान लगातार ओआइसी पर दबाव बना रहा है कि वह कश्मीर मुद्दे पर कोई बड़ा बयान दे या अलग से बैठक बुलाये। ऐसे में इन दोनों देशों की मदद की जरुरी होगी। यूएई वैसे ही पहले यह स्पष्ट कर चुका है कि कश्मीर से धारा 370 हटाना भारत का आतंरिक मामला है। सनद रहे कि कुछ महीने पहले ही ओआइसी के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी आमंत्रित किया गया था।
  • बहरहाल, यूएई की यात्रा के दौरान ऊर्जा संबंधों और द्विपक्षीय कारोबार को बढ़ाने संबंधी अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे। सचिव (आर्थिक संबंध) टी एस त्रिमूर्ति ने बताया कि पीएम मोदी बहरीन की यात्रा पर जाने वाले देश के पहले पीएम होंगे। यात्रा के दौरान यूएई व बहरीन के साथ भारत का वहां रूपे कार्ड के इस्तेमाल करने को लेकर भी समझौता होगा।

विदेश मंत्री की बांग्लादेश व नेपाल यात्रा

  • विदेश मंत्री जयशंकर की बांग्लादेश व नेपाल यात्रा को नई सरकार की तरफ से पड़ोसी देशों के साथ संपर्क साधने की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। कश्मीर में उपजे नए हालात के बाद पड़ोसी देशों को साथ ले कर चलना और जरुरी हो गया है।

जयशंकर 27 अगस्त को मास्को जाएंगे

  • जयशंकर के काठमांडू पहुंचने से पहले ही नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्वायाली ने कश्मीर पर महत्वपूर्ण बयान दिया कि यह विशुद्ध रूप से भारत व पाकिस्तान के बीच का मामला है। इस तरह से देखा जाए तो चार पड़ोसी देश भूटान, श्रीलंका, अफगानिस्तान और नेपाल ने कश्मीर मुद्दे पर भारतीय पक्ष का समर्थन कर चुके हैं। यह भी बताते चलें कि जयशंकर इन दोनों देशों की यात्रा के बाद अगले मंगलवार (27 अगस्त) को मास्को भी जाएंगे।

जावेद बाजवा

  • जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार के सख्त रुख और अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पाकिस्तान की तरफ से बौखलाहट में नए नए कदम उठाए जा रहे हैं। इमरान खान की सरकार ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल अगले 3 वर्षों के लिए बढ़ा दिया है। सेवा विस्तार जावेद बाजवा के रिटायर होने के महज तीन महीने पहले आया है।

राष्‍ट्रपति अशरफ गनी ने आतंकी संगठन आइएस को जड़ से खत्‍म करने का लिया संकल्‍प

  • अफगानिस्‍तान की राजधानी काबूल में बड़े आतंकी हमले के बाद राष्‍ट्रपति अशरफ गनी ने देश से इस्‍लामिक स्‍टेट समूह के सभी सुरक्षित ठिकानों को खत्‍म करने की कसम खाई है। उन्‍होंने कहा कि किसी भी कीमत पर अफगानिस्‍तान को आइएस का स्‍वर्ग नहीं बनने दिया जाएगा।
  • राष्‍ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रविवार को आतंकवादी संगठन आइएस ने एक बड़े आतंकी घटना को अंजाम दिया। इस घटना में 63 लोगों की जानें गईं हैं। आतंकवादियों ने इस घटना को तब अंजाम दिया, जब पूरा देश आजादी के जश्‍न में डूबा था। बता दें कि अफगानिस्‍तान का 100वें स्‍वतंत्रता दिवस था। इस विस्‍फोट के बाद अफगानिस्‍तान शांति वार्ता की सफलता पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्‍या अमेरिकी सेना की वापसी के बाद अफगान‍ितान के नागरिकों को शांति और सुरक्षा मिल पाएगी।
  • उधर, ताबिलबान ने अपने एक तीखे बयान में कहा है कि आखिर इमलावरों की पहचान करने में अमेरिका क्‍यों नाकाम रहा। इस हमले के बाद अमेरिकी तालिबान के साथ वार्ता में शामिल अमेरिकी दूत का कहना है कि अफगानिस्‍तान में आइएस के खात्‍में के लिए सहयोगियों की मदद ली जाएगी ताकि शांति प्रक्रिया को तेज किया जा सके।

एड्रियन दरिया

  • जिब्राल्टर की ओर से पिछले हफ्ते छोड़े जाने के बाद ईरानी तेल टैंकर चालक दल के साथ रवाना हो गया। चालक दल में अधिकतर भारतीय हैं। जिब्राल्टर के स्थानीय प्रशाासन ने बताया कि वे अमेरिकी वारंट के आधार पर पोत को रोकने का आदेश अदालत से पाने में असफल रहे।
  • ग्रेस-1 नामक इस पोत को ब्रिटेन के अर्धस्वायत्त क्षेत्र जिब्राल्टर ने चार जुलाई को स्पेन तट से पकड़ा था। इस पोत को ईरान ने एड्रियन दरिया नाम दिया है। समुद्री यातायात निगरानी वेबसाइट के मुताबिक टैंकर ने रविवार शाम जीएमटी समयानुसार 2300 बजे से पहले लंगर उठाया और वह पूर्व में भूमध्यसागर की ओर बढ़ रहा है। यूनान का कलामाता उसका पड़ाव होगा।
  • टैंकर के चालक दल के सदस्यों में अधिकतर भारतीय हैं, लेकिन रूसी, लातवियाई और फिलीपींस के नागरिक भी इनमें शामिल हैं। टैंकर के भारतीय कप्तान और तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें पिछले हफ्ते सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था।

जाकिर नाइक

  • मलेशियाई सरकार ने भारत के इस्लामिक उपदेशक और भगोड़े जाकिर नाइक पर बड़ी कार्रवाई की है। जाकिर पर मलेशिया में किसी भी नस्लीय राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने और भड़काऊ भाषण देने पर प्रतिबंध लगाया गया है। जाकिर पर मलेशिया में अल्पसंख्यक समुदाय हिंदुओं और चीन के लोगों की भावनाएं आहत करने का आरोप है। जाकिर का स्थायी निवासी का दर्जा भी छिन सकता है।
  • इसके अलावा मलेशिया के मेलका राज्य ने भी जाकिर के भाषणों पर प्रतिबंध लगा दिया। ऐसा करने वाला वह देश का 7वां राज्य है। हाल ही में नाइक ने कहा था कि मलेशिया में हिंदुओं को भारत के मुस्लिमों के मुकाबले 100 गुना ज्यादा अधिकार मिले हैं।

:: राजव्यवस्था और महत्वपूर्ण विधेयक ::

31 अगस्त को प्रकाशित होगा एनआरसी

  • उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देश के अनुसार असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) को 31 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि केंद्र कानून सहित सही-गलत नाम जोड़े जाने और नाम हटाए जाने को लेकर सुधारात्मक उपायों पर विचार कर सकता है। सोमवार को सोनोवाल ने सभी विकल्पों की ओर ध्यान दिलाया। जिसमें विधायी क्षेत्र भी शामिल है। जिसके जरिए एनआरसी में वास्तविक नागरिकों के नाम गलत तरीके से हटाने और विदेशियों के नाम गलत तरीके से शामिल करने से निपटा जा सकता है।
  • हालांकि ऐसे सुधारात्मक उपाय का फैसला उच्चतम न्यायालय की तय की गई समयसीमा के अंदर एनआरसी प्रकाशित होने के बाद लिया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि गलत तरीके से नाम जोड़ने या हटाने को लेकर कोई कानूनी उठाए जाएंगो तो सोनोवाल ने कहा, 'एक बार 31 अगस्त को एनआरसी प्रकाशित हो जाए तो लोकतंत्र होने के नाते हमारे पास ऐसा करने का अधिकार है। एनआरसी प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा सकते हैं। यदि भविष्य में सुधारात्मक कदम की आवश्यकता पड़ती है तो हम उसके बारे में जरूर विचार करेंगे।'
  • सोमवार को गृह मंत्रालय में एनआरसी को लेकर बैठक हुई थी जिसकी अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह ने की। शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर की गई है जिसमें बांग्लादेश के पास वाले जिलों के 20 प्रतिशत एनआरसी डाटा और बाकी के जिलो के 10 प्रतिशत डाटा की जांच फिर से करने की मांग की गई है। याचिका में दावा किया गया है कि एनआरसी की सूची में भारतीय नागरिकों का नाम हटाकर उनकी जगह बांग्लादेशी नागरिकों के नाम जोड़े जा रहे हैं। एनआरसी ड्राफ्ट में कई बांग्लादेशी प्रवासी नजर आए थे।
  • 31 अगस्त के बाद उठाए गए विधायी कदम को अध्यादेश के रास्ते से गुजरना पड़ेगा क्योंकि फिलहाल संसद सत्र नहीं चल रहा है। नई लोकसभा के पहले सत्र के दिनों को बढ़ाया गया था जिसके कारण फिलहाल मानसून सत्र नहीं चल रहा है और संसद सत्र अब नवंबर से शुरू होगा। एनआरसी के राज्य समन्वयक प्रतीक हजेला द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट के आधार पर लगभग 80 लाख लोग (27 प्रतिशत दावे) पहले से ही पुनःसत्यापन के अंतर्गत हैं। न्यायालय दोबारा सत्यापन के पक्ष में नहीं है। सोनोवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 अगस्त को एनआरसी शांतिपूर्ण ढंग से होगा।

जेएंडके, लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की प्रक्रिया शुरू

  • केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 को खत्म कर राज्य के पुनर्गठन के फैसले के बाद राज्यपाल प्रशासन ने जम्मू कश्मीर व लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन का फैसला 31 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा। ऐसे में राज्यपाल प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश में स्टाफ की तैनाती, वित्तीय मामलों, फंड जुटाने के साथ इनके कामकाज के तरीके तय करने के लिए तीन उच्च स्तरीय कमेटियां बना दी हैं। ये कमेटियां अपनी रिपोर्ट देंगी कि जम्मू कश्मीर व लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों में क्या व्यवस्था रहेगी।
  • जम्मू कश्मीर को चरणबद्ध तरीके से केंद्र शासित प्रदेश में कैसे परिवर्तित करना है, केंद्र शासित प्रदेश में सरकार किस तरह से काम करेगी, यह खाका तैयार करने के लिए राज्य प्रशासन 12 सदस्यीय कमेटी बनाई है। राज्यपाल के सलाहकार की अध्यक्षता वाली इस कमेटी के सदस्यों में वित्त, स्वास्थ्य विभागों के साथ राज्यपाल के वित्त आयुक्त शामिल हैं। उनके साथ गृह, योजना विभाग के प्रमुख सचिव, लोक निमार्ण, लद्दाख मामलों के विभाग के आयुक्त सचिव व उच्च शिक्षा, राजस्व व कानून विभाग के सचिव शामिल हैं।
  • वहीं गृह विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय कमेटी केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में स्टाफ की तैनाती के साथ केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में स्टाफ संबंधी मामलों पर रिपोर्ट देगी। इस कमेटी के सदस्यों में लद्दाख मामलों के विभाग के आयुक्त सचिव के साथ जीएडी, सांस्कृतिक विभाग, कानून विभाग के सचिव शामिल हैं। इस कमेटी में वित्त विभाग का एक प्रतिनिधि भी रहेगा।
  • केंद्र शासित प्रदेश के वित्तीय मामलों, फंड आवंटन, फंड जुटाने संबंधी मामलों संबंधी रूपरेखा तय करने के लिए वित्त विभाग के वित्त आयुक्त की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी के सदस्यों में गृह विभाग के प्रमुख सचिव, बिजली विभाग के आयुक्त सचिव के साथ जीएडी व कानून विभाग के सचिव शामिल हैं।

:: आर्थिक समाचार ::

नया डायरेक्ट टैक्स कोड

  • मौजूदा आयकर कानून की जगह बनने वाला नया डायरेक्ट टैक्स कोड मध्यम वर्ग को टैक्स में बड़ी राहत दे सकता है। साथ ही यह घरेलू और विदेशी कंपनियों के लिए कारपोरेट टैक्स की समान दर रखते हुए कारपोरेट टैक्स का बोझ भी हल्का कर सकता है। नए डायरेक्ट टैक्स कोड का मसौदा तैयार करने के लिए गठित टास्क फोर्स ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंप दी है। सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में डायरेक्ट टैक्स प्रणाली को सरल बनाने की सिफारिश करते हुए एक विधेयक का मसौदा दिया गया है। टास्क फोर्स के संयोजक अखिलेश रंजन ने यह रिपोर्ट वित्त मंत्री को सौंपी।
  • सूत्रों का कहना है कि डायरेक्ट टैक्स कोड में मौजूदा आयकर कानून के मुकाबले लगभग आधी धाराएं होंगी। यह सरल होगा। इसमें व्यक्तिगत और कॉरपोरेट करदाताओं को राहत दी जा सकती है। सूत्रों ने कहा कि टास्क फोर्स की सिफारिश के आधार पर डायरेक्ट टैक्स कोड में सरकार डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स को खत्म कर सकती है।
  • मौजूदा आयकर कानून 1961 में बना था। तब से लेकर अब तक इसमें कई बार संशोधन हो चुके हैं। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2017 में शीर्ष टैक्स अधिकरियों के ‘राजस्व ज्ञान संगम’ में मौजूदा आयकर कानून की समीक्षा कर इसका मसौदा दोबारा तैयार करने की जरूरत पर बल दिया था। उससे पहले यूपीए ने 2010 में प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक भी संसद में पेश किया लेकिन 15वीं लोक सभा का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही यह विधेयक भी खत्म हो गया। यूपीए सरकार ने प्रत्यक्ष कर संहिता में व्यक्तिगत आयकर के संबंध में सालाना दो लाख रुपये तक की आय को करमुक्त रखने, 2 से 5 लाख रुपये की आय पर 10 फीसद, 5 से 10 लाख रुपये की आय पर 20 फीसद और 10 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 फीसद आयकर लगाने का प्रस्ताव किया था।

कॉरपोरेट टैक्स

  • वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार वैल्थ क्रिएटर्स यानी अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देने वाले कारोबारियों की मदद करेगी। इसके लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक की सालाना टर्नओवर वाली कंपनियों पर भी कॉरपोरेट टैक्स की दर को धीरे-धीरे घटाकर 25 फीसद पर लाया जाएगा। चालू वित्त वर्ष के लिए पिछले महीने पेश आम बजट में सीतारमण ने 400 करोड़ रुपये तक की सालाना टर्नओवर वाली कंपनियों पर कॉरपोरेट टैक्स की दर को 30 फीसद से घटाकर 25 फीसद करने का एलान किया था।
  • इससे पहले पिछले वर्ष में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 250 करोड़ रुपये तक की सालाना टर्नओवर वाली कंपनियों पर कॉरपोरेट इनकम टैक्स की दर को घटाकर 25 फीसद कर दी थी। राष्ट्रसेविका समिति की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स की दर को क्रमिक रूप से घटाया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने इसकी कोई समय सीमा नहीं बताई। वित्तमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए भाषण में कही गई बात को दोहराया कि सरकार भारत में संपत्ति का सृजन करने वालों को हर तरह का समर्थन देगी।

वर्ष 2018-19 में खाद्यान्न उत्पादन

  • भारत का खाद्यान्न उत्पादन फसल वर्ष 2018-19 में 28 करोड़ 49.5 लाख टन के साथ लगभग पिछले साल के स्तार पर बना रहा। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान दलहन और मोटे अनाज का उत्पादन गिरा है जबकि धान और गेहूं के उत्पादन में नए रिकार्ड बने हैं।
  • फसल वर्ष 2017-18 (जुलाई-जून) में खाद्यान्न (चावल, गेहूं, मोटे अनाज और दलहनों) का उत्पादन 28 करोड़ 50.1 लाख टन था। वर्ष 2018-19 के लिए प्रमुख फसलों के उत्पादन के चौथे अग्रिम अनुमान जारी करते हुए, कृषि मंत्रालय ने कहा है कि वर्ष 2018-19 में चावल उत्पादन 11 करोड़ 64.2 लाख टन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहने का अनुमान है। यह वर्ष 2017-18 में बने 11 करोड़ 27.6 लाख टन चावल उत्पादन के पिछले रिकॉर्ड से भी ऊंचा है।
  • समीक्षाधीन अवधि में गेहूं का उत्पादन भी पिछले वर्ष के रिकॉर्ड नौ करोड़ 91.7 लाख टन से बढ़ कर 10 करोड़ 21.9 लाख टन आंका गया है। हालांकि, मोटे अनाज का उत्पादन 2017-18 के फसल वर्ष के रिकॉर्ड चार करोड़ 69.7 लाख टन से घटकर इस बार चार करोड़ 29.5 लाख टन रहने का अनुमान है। दलहन उत्पादन भी पिछले वर्ष के रिकॉर्ड स्तर दो करोड़ 54.2 लाख टन की तुलना में 2.34 करोड़ टन रहने का अनुमान है।
  • गैर-खाद्यान्न श्रेणी में, तिलहन उत्पादन पिछले वर्ष के तीन करोड़ 14.5 लाख टन की तुलना में इस बार बढ़कर तीन करोड़ 22.5 लाख टन होने का अनुमान है। कपास का उत्पादन पिछले वर्ष के 3.28 करोड़ गांठों की तुलना में वर्ष 2018-19 में घटकर दो करोड़ 87 लाख गांठ (170 किलो प्रत्येक का) रहने का अनुमान है।
  • गन्ने का उत्पादन पिछले वर्ष के 37 करोड़ 99 लाख टन से बढ़कर रिकॉर्ड 40 करोड़ 1.5 लाख टन होने का अनुमान है। जूट और मेस्ता का उत्पादन भी पहले के एक करोड़ तीन हजार गांठों से घटकर 97.6 लाख गांठ (180 किलो प्रत्येक) रहने का अनुमान है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

लक्षद्वीप पर बसने वालों में उत्तर और दक्षिण भारत के लोगों का डीएनए

  • लक्षद्वीप पर बसने वालों में उत्तर और दक्षिण भारत के लोगों का डीएनए है। अभी तक वहां के निवासियों की उत्पत्ति को लेकर कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं थे। आनुवांशिक बनावट की मुकम्मल जानकारी हो जाने से वहां के लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए सटीक दवाओं के ईजाद एवं प्रयोग का रास्ता खुल गया है।
  • काशी हिंदू विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे सहित अन्य वैज्ञानिकों की टीम ने शोध में पाया कि लक्षद्वीप पर बसे लोगों का मातृत्व डीएनए दक्षिण भारतीय जबकि पितृत्व डीएनए उत्तर भारतीयों का है। इस शोध को अंतरराष्ट्रीय पत्रिका नेचर साइंटिफिक रिसर्च में प्रकाशित किया गया।

557 व्यक्तियों के लिए नमूने

  • प्रो. चौबे के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने आठ प्रमुख द्वीप समूह के 557 व्यक्तियों का डीएनए सैंपल लेकर पितृ व मातृ वंशावली का विश्लेषण किया। नतीजे बहुत ही चौंकाने वाले रहे। मातृ वंशावली में इनके दक्षिण भारत व पितृ वंशावली में उत्तर भारत से संबंधों की पुष्टि हुई है। सबसे खास बात यह रही कि अलग-अलग काल खंड में दुनिया की विभिन्न संस्कृतियों से जुड़ाव के बावजूद इनके डीएनए संरचना (डीएनए स्ट्रक्चर) में कोई बदलाव नहीं आया है।

आबादी महज 64,429

  • छत्तीस द्वीप समूहों वाला लक्षद्वीप अरब सागर में लगभग 78,000 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है। यह भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट से 200-440 किलोमीटर दूर है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की कुल आबादी 64,429 है।

कई संस्कृतियों का रहा प्रभाव

  • यहां मनुष्यों के पांव कब पड़े यह कह पाना मुश्किल है। प्राचीन काल से यह द्वीप समूह नाविकों के लिए ही ख्यात था। ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक छठवीं शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान यहां बौद्ध धर्म का प्रसार हुआ। इसके बाद यह द्वीप समूह 661 ई. में अरबों, 11वीं शताब्दी में चोलों, 16वीं शताब्दी में पुर्तगालियों, 17वीं शताब्दी में अली राजाओं, 18वीं शताब्दी में टीपू सुल्तान व 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश शासन के अधीन था।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रतियोगिता

  • वर्तमान में विज्ञान इतना आगे निकल आया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में इस प्रकार की प्रतियोगिताएं शुरू हो गई हैं। हाल ही में गूगल, एप्पल और अमेजन के एआइ में हुए डिजिटल युद्ध में गूगल ने बाजी मारी है। गूगल के एआइ गूगल असिस्टेंट ने अमेजन के एलेक्सा और एप्पल के सिरी को हराया है। गूगल असिस्टेंट ने स्मार्टफोन पर पूछे जाने प्रश्नों के सबसे सही उत्तर दिए। अनुसंधान करने वाली कंपनी लूप वेंचर्स ने अपने वार्षिक परीक्षण में पाया है कि गूगल असिस्टेंट ने लगभग हर एक प्रश्न को समझा और 92.9 प्रतिशत सही उत्तर दिए।
  • शोधकर्ताओं की टीम ने सर्वाधिक लोकप्रिय डिजिटल असिस्टेंट- गूगल असिस्टेंट, एलेक्सा और सिरी से 800 प्रश्न पूछे। गूगल असिस्टेंट ने लगभग 93 फीसद सही जवाब दिए तो वहीं सिरी ने 83 फीसदी और एलेक्सा ने 80 फीसदी सही जवाब दिए। यह टेस्ट पांच श्रेणियों में लिया गया। जिसमें कमांड श्रेणी में सिरी, गूगल असिस्टेंट से आगे रहा। सिरी फोन संबंधी कार्यों जैसे कॉलिंग, टेक्स्टिंग, ईमेल आदि के कार्यो में ज्यादा कारगर साबित हुआ। जुलाई 2018 में भी इसी तरह की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस दौरान गूगल असिस्टेंट ने 86 फीसद, सिरी ने 79 फीसद और एलेक्सा ने 61 फीसद सही जवाब दिए थे।
  • इस टेस्ट में आइओएस 12.4 पर उपयोग किए जाने सिरी इंड्रॉइड 9 पी पर चलने वाले गूगल असिस्टेंट और आइओएस एप पर इस्तेमाल होने वाले एलेक्सा को शामिल किया गया था।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

मियावाकी पद्धति

  • मियावाकी पद्धति तेजी से जंगल उगाने की तकनीक है। यह पद्धति जापान के डॉ. अकीरा मियावाकी ने 40 साल पहले विकसित की थी। इस पद्धति से 10 हजार वर्ग फीट जगह में 3500 पौधे उगाए जाते हैं। कम स्थान और बंजर जमीन में भी झाड़ीनुमा, मध्यम आकार के पेड़ और छांव देने वाले बड़े पेड़ लगाकर जंगल उगाया जा सकता है। अर्बन फॉरेस्ट कैटेगरी की इस तकनीक से बगीचे या आसपास की खुली जगह में भी मिनी मियावाकी जंगल उगा सकते हैं। इस तकनीक से लगाए गए पौधे एक वर्ष में 10-15 फीट ऊंचे हो जाते हैं।
  • जमीन को तीन फीट गहरा खोदा जाता है। मिट्टी की जांच के बाद उर्वरता बढ़ाने के लिए चावल का भूसा, गोबर, जैविक खाद या नारियल के छिलके डालकर ऊपर से मिट्टी डाली जाती है। पौधों को आधे-आधे फीट की दूरी पर लगाया जाता है। दो फीट चौड़ी और 30 फीट लंबी पट्टी में 100 से अधिक पौधे रोपे जा सकते हैं। बांस, शीशम, पीपल, बरगद जैसे छायादार पौधों को प्राथमिकता दी जाती है। बगीचे या घर के पिछले हिस्से में झाड़ीनुमा पौधे लगाए जाते हैं। एक एकड़ में 10 हजार पौधे लगाए जा सकते हैं।

भारत विश्व का सबसे बड़ा एसओ2 उत्सर्जनकर्ता: ग्रीनपीस

  • भारत, दुनिया में मानवजनित सल्फर डाइऑक्साइड का सबसे बड़ा उत्सर्जनकर्ता है, जो कोयला जलाने से उत्पन्न होता है और वायु प्रदूषण में इसकी हिस्सेदारी बहुत अधिक होती है। सोमवार को प्रकाशित एक अध्ययन में यह दावा किया गया। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े एनजीओ ग्रीनपीस द्वारा सोमवार को जारी किए गए नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के आंकड़ों के एक विश्लेषण के अनुसार, ओएमआई (ओजोन मॉनिटरिंग इंस्ट्रूमेंट) उपग्रह द्वारा पता लगाए गए दुनिया के सभी मानवजनित सल्फर डाइऑक्साइड (एसओ2) उत्सर्जन के हॉटस्पॉट की तुलना में भारत में 15 प्रतिशत अधिक है।
  • भारत में प्रमुख एसओ2 उत्सर्जन हॉटस्पॉट मध्य प्रदेश के सिंगरौली, तमिलनाडु के नेवेली और चेन्नई, ओडिशा के तालचेर और झारसुगुड़ा, छत्तीसगढ़ के कोरबा, गुजरात के कच्छ, तेलंगाना के रामागुंडम और महाराष्ट्र में चंद्रपुर और कोराडी हैं। विश्लेषण के अनुसार, भारत में अधिकतर संयंत्रों में वायु प्रदूषण कम करने के लिए फ्लु-गैस डिसल्फराइजेशन तकनीक का अभाव है।
  • नासा के आंकड़ों में दुनिया भर के अन्य हॉटस्पॉटों पर भी प्रकाश डाला गया है। रूस का नोरिल्स्क स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स दुनिया में एसओ2 उत्सर्जन का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट है, जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका के म्पुमलांगा प्रांत का क्रिएल और ईरान का जागरोज हैं।
  • विश्व रैंकिंग के अनुसार, एसओ2 का उत्सर्जन करने में भारत शीर्ष स्थान पर इसलिए है क्योंकि यहां एसओ2 उत्सर्जन के सबसे अधिक हॉटस्पॉट हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों ने कोयला बिजली संयंत्रों पर सख्त कार्रवाई का आह्वान किया है। उनका कहना कि इन संयंत्रों को देश में प्रदूषण फैलाते रहने और आपात स्थिति पैदा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ग्री
  • नपीस की एक वरिष्ठ अभियान संचालक पुजारिनी सेन ने कहा, ‘‘हम एक वायु प्रदूषण आपातकाल का सामना कर रहे हैं और अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि दिल्ली और देश भर में बिजली संयंत्र प्रदूषण की सीमा के दायरे में आने के निर्देश का पालन विस्तारित समय सीमा के भीतर करेंगे।’’ रिपोर्ट में कहा गया कि वायु प्रदूषण में एसओ2 उत्सर्जन का महत्वपूर्ण योगदान है। वायुमंडल में एसओ2 का सबसे बड़ा स्रोत बिजली संयंत्रों और अन्य औद्योगिक इकायों में जीवाश्म ईंधनों का जलना है

:: विविध ::

विश्व पुलिस गेम्स में रविंद्र ने जीता स्वर्ण पदक

  • चीन के चैगडू शहर में चल रही विश्व पुलिस गेम्स में उत्तराखंड पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात रविंद्र रौतेला ने एथलेटिक्स इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण व एक रजत पदक अपने नाम किया है।

सिनसिनाटी मास्टर्स

  • रूस के डेनिल मेदवेदेव ने सिनसिनाटी मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष एकल वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया है, जबकि महिला एकल वर्ग में अमेरिका की मेडिसन कीज को खिताबी जीत मिली है। मेदवेदेव ने रविवार को खेले गए फाइनल में बेल्जियम के डेविड गोफिन को 7-6(3), 6-4 से मात दे फाइनल की ट्रॉफी उठाई। यह उनका पहला एटीपी मास्टर्स 1000 खिताब है।

‘साउथ एशियन स्पेलिंग बी’ प्रतियोगिता

  • भारतीय मूल के अमेरिकी किशोर नवनीत मुरली ने 2019 के ‘साउथ एशियन स्पेलिंग बी’ प्रतियोगिता जीत ली है। इस सालाना प्रतियोगिता और 3000 डॉलर का शानदान इनाम हासिल करने के लिए न्यू जर्सी निवासी मुरली ने ‘फ्लाइप’ शब्द की सही स्पेलिंग बताई।
  • साउथ एशियन स्पेलिंग बी (एसएएसबी) अमेरिका में आयोजित होने वाला वार्षिक कार्यक्रम है जो दक्षिण एशियाई मूल के बच्चों के लिए है।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • किस स्थान पर एनटीपीसी के द्वारा अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क स्थापित किया जाएगा? (कच्छ- गुजरात)
  • हाल ही में किसे पाकिस्तानी सेना के अगले प्रमुख के रूप में चयन किया गया है? (जनरल कमर जावेद बाजवा)
  • किस ईरानी पोत को लेकर ब्रिटेन एवं ईरान के मध्य तनाव चल रहा था? (एड्रियन दरिया/ग्रेस-1)
  • हाल ही में मलेशिया सरकार के द्वारा किस व्यक्ति पर किसी भी नस्लीय राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने और भड़काऊ भाषण देने पर प्रतिबंध लगाया गया है? (जाकिर नाइक)
  • हाल ही में प्रस्तुत नए प्रत्यक्ष कर संहिता ( डायरेक्ट टैक्स कोड) तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष कौन हैं? (अखिलेश रंजन)
  • हाल ही में चर्चित में रही मियावाकी पद्धति किससे संबंधित है? (तेजी से जंगल उगाने की तकनीक)
  • हाल ही में ग्रीनपीस द्वारा प्रस्तुत किए गए रिपोर्ट के अनुसार कौन सा देश सल्फर डाइऑक्साइड का सर्वोच्च उत्सर्जनकर्ता है? (ग्रीनपीस)
  • चीन में चल रही विश्व पुलिस गेम्स में किस भारतीय में एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक हासिल किया? (रविंद्र रौतेला)
  • किस खिलाड़ी ने सिनसिनाटी मास्टर टेनिस के पुरुष एकल वर्ग का खिताब अपने नाम किया? (डेनिल मेदवेदेव-रूस)
  • किस खिलाड़ी ने सिनसिनाटी मास्टर टेनिस के महिला एकल वर्ग का खिताब अपने नाम किया? (मेडिसन कीज-अमेरिका)
  • हाल ही में आयोजित हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रतियोगिता में कौन-सी एआई तकनीक ने प्रथम स्थान हासिल किया? (गूगल असिस्टेंट)
  • हाल ही में किस भारतीय मूल के किशोर द्वारा ‘साउथ एशियन स्पेलिंग बी’ प्रतियोगिता जीता गया? (नवनीत मुरली -अमेरिका)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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