(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (19 मई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (19 मई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

सीमा पर ढांचागत संरचना निर्माण से सम्बंधित शेकटकर समिति की सिफारिशें लागू

  • सरकार ने सीमा पर ढांचागत संरचना निर्माण से संबंधित लेफ्टिनेंट जनरल डी बी शेकटकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की समिति (सीओई) की तीन महत्वपूर्ण सिफारिशों को स्वीकार किया है और इन्हें लागू किया है। ये सिफारिशें सडकों के निर्माण में तेजी लाने से संबंधित थीं और इससे सीमावर्ती क्षेत्र, सामाजिक-आर्थिक रूप से विकसित हो रहे थे।

कौन सी सिफारिशें को लागु किया गया?

  • सीमा पर ढांचागत संरचना निर्माण से संबंधित मामले पर, सरकार ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की अधिकतम क्षमता से अतिरिक्त सड़क निर्माण कार्य को आउटसोर्स करने के लिए सीओई की सिफारिश को लागू किया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले सभी कार्यों के निष्पादन के लिए इंजीनियरिंग खरीद अनुबंध (ईपीसी) मोड को अपनाना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • दूसरी सिफारिश आधुनिक निर्माण संयंत्रों की स्थापना करने और उपकरणों व मशीनरी की खरीद करने से सम्बंधित है। इसे लागू करते हुए बीआरओ की खरीद क्षमता को 7.5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये कर दिया गया है। बीआरओ घरेलू और विदेशी दोनों प्रकार की खरीद कर सकती है। सीमा सड़क संगठन ने हाल ही में सड़कों के तेजी से निर्माण के लिए हॉट-मिक्स प्लांट 20/30 टीपीएच, हार्ड रॉक कटिंग के लिए रिमोट संचालित हाइड्रोलिक रॉक ड्रिल डीसी-400 आर और तेजी से बर्फ की निकासी के लिए एफ-90 श्रृंखला के स्व-चालित स्नो-कटर/ब्लोअर को शामिल किया है ।
  • निर्माण की गति को बढ़ाने के लिए निम्न का भी उपयोग किया जा रहा है - सटीक विस्फोट (ब्लास्टिंग) के लिए विस्फोट तकनीक, मिट्टी स्थिरीकरण के लिए जियो-टेक्सटाइल्स का उपयोग, फुटपाथों के लिए सीमेंट बेस, सतह निर्माण के लिए प्लास्टिक कोटेड सामग्री आदि। फील्ड अधिकारियों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों सौपे जाने से, कार्यों का वित्तीय समापन तेजी से हुआ है।
  • भूमि अधिग्रहण और वन एवं पर्यावरण मंजूरी जैसी सभी वैधानिक स्वीकृति को भी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की मंजूरी का हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा, निष्पादन के ईपीसी मोड को अपनाने के साथ, कार्य प्रारंभ करने का आदेश तभी दिया जाता है, जब वैधानिक मंजूरी के 90 प्रतिशत हिस्से में स्वीकृति प्राप्त की कर ली गयी गई हो। इस प्रकार परियोजना की शुरूआत से पहले पूर्व मंजूरी प्राप्त करने से सम्बंधित सीओई की सिफारिश को लागू किया गया है।

क्या है शेकटकर समिति?

  • 2015 में तत्कालीन रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने सेना के आधुनिकीकरण को लेकर एक स्टडी ग्रुप बनाया था। सेना के रिटायर्ड लेफिटनेंट जनरल डीबी शेकटकर की अध्यक्षता में 11सदस्यीय समिति बनाई। समिति ने दिसंबर 2016 को अपनी रिपोर्ट तत्कालीन रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

भारतीय इतिहास की गौरव गाथा:स्माइलिंग बुद्धा

  • आज के दिन का इतिहास भारत की इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। आज के दिन भारत ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की जिससे भारतीय उपमहाद्वीप की भू-रणनीतिक राजनीति ही बदल गई। दरअसल आज के ही दिन भारत ने 18 मई 1974 में अपना प्रथम परमाणु विस्फोट कर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्यों के समकक्ष खड़ा होने वाला भारत विश्व का छठा देश बन गया। दरअसल भारत की आजादी के बाद कुछ ऐसी घटनाएं घटी जिसने नेहरू के आदर्शवाद को छोड़कर भारत को एक सशक्त सैन्य शक्ति के रूप में बढ़ने हेतु प्रेरित किया। अगर देखें तो परमाणु शक्ति संपन्न होने की दिशा में 1945 से ही प्रयास होने लगे एवं होमी जहांगीर भाभा ने इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च की नींव रखी गई। कश्मीर का मुद्दा, 1962 में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण, उसके उपरांत चीन द्वारा परमाणु परीक्षण, 1965 में पाकिस्तान द्वारा भारत पर आक्रमण ऐसी गतिविधियों ने भारत की एक तरफा शांति की नीति पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया था एवं भविष्य में ऐसी घटनाएं ना घटे उसके लिए भारत में परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनने में तेजी से कार्य करना प्रारंभ किया। इधर राजनीतिक नेतृत्व में परिवर्तन हुआ एवं इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनी वही परमाणु कार्यक्रम की बागडोर होमी जहांगीर भाभा, विक्रम भाई साराभाई से होते हुए प्रख्यात वैज्ञानिक राजा रामन्ना के हाथ में आ गई।
  • राजा रामन्ना के नेतृत्व में सीमित संसाधनों के द्वारा भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाने के लिए 1967 से लेकर 1974 तक 75 वैज्ञानिक और इंजीनियरों की टीम ने सात साल कड़ी मेहनत की जिसमे 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षण का नेतृत्व करने वाले एपीजे अब्दुल कलाम भी शामिल थे।
  • 1972 में राजा रामन्ना की टीम ने परमाणु विस्फोट करने की दक्षता प्राप्त कर ली जिसे अंततोगत्वा इंदिरा गांधी द्वारा 1974 में हरी झंडी दी गई। भारत के प्रथम परमाणु परीक्षण के लिए जैसलमेर जिले के पोखरण में स्थित रेगिस्तान का चयन किया गया वहीं बुद्ध पूर्णिमा के दिन परमाणु परीक्षण करने के कारण इसे इस्माइल बुद्धा का नाम दिया गया। स्माइलिंग बुद्धा के तहत भारतीय वैज्ञानिकों की टीम ने सुबह आठ बज कर पांच मिनट पर अपने पहले परमाणु बम पोखरण का सफल परीक्षण कर कई देशों के चेहरे की स्माइल को हमेशा के लिए उड़ा दी। विकसित देशों को एक पिछड़े और गरीब देश के द्वारा परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र होना रास नहीं आया और उन्होंने भारत पर काफी सारे प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि भारत ने दूसरे देशों को आश्वस्त किया कि इस परीक्षण का उद्देश्य शांतिपूर्ण विकास कार्यों को बढ़ावा देना है।
  • 24 वर्ष बाद पुनः अटल बिहारी वाजपेई ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न बनाने के अपने चुनावी वादों के अनुरूप द्वितीय परमाणु परीक्षण की अनुमति दी एवं इस बार टीम का नेतृत्व डॉ एपीजे अब्दुल कलाम कर रहे थे। कलाम की टीम में डॉक्टर अनिल काकोदर समेत आठ महत्वपूर्ण वैज्ञानिक काम कर रहे थे। ऑपरेशन शक्ति के नाम से भारत ने पुनःपरमाणु परीक्षण किया। इस पर विकसित देशों के द्वारा प्रतिक्रिया स्वरूप भारत पर काफी सारी प्रतिबंध लगा दिए गए।
  • यद्यपि भारत अपने परमाणु परीक्षण से एक परमाणु शक्ति राष्ट्र बन गया किंतु इसमें अपनी शांति नीति को विश्व के समक्ष रखते हुए अपना अद्वितीय परमाणु सिद्धांत ‘नो फर्स्ट यूज’ पॉलिसी को प्रस्तुत किया।

‘नो फर्स्ट यूज’ पॉलिसी क्या है?

  • भारत की परमाणु नीति का मूल सिद्धांत- पहले उपयोग नहीं है, (No First Use) जो भारत को विश्व के अन्य देशों से अलग बनाता है। इस नीति के अनुसार भारत किसी भी देश पर परमाणु हमला तब तक नहीं करेगा जब तक कि शत्रु देश भारत के ऊपर हमला नहीं कर देता है।
  • भारत अपनी परमाणु नीति को इतना सशक्त रखेगा कि दुश्मन के मन में भय बना रहे।
  • दुश्मन देश के खिलाफ परमाणु हमले की कार्यवाही करने का अधिकार सिर्फ जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों अर्थात देश के राजनीतिक नेतृत्व को ही होगा जबकि नाभिकीय कमांड प्राधिकरण का सहयोग जरूरी होगा।
  • जिन देशों के पास परमाणु हथियार नही हैं उन देशों के खिलाफ भारत अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा।
  • यदि भारत के खिलाफ या भारतीय सुरक्षा बलों के खिलाफ कोई रासायनिक या जैविक हमला होता है तो भारत इसके जबाब में परमाणु हमले का विकल्प खुला रखेगा।
  • भारत परमाणु मुक्त विश्व बनाने की वैश्विक पहल का समर्थन करता रहेगा तथा भेदभाव मुक्त परमाणु निःशस्त्रीकरण के विचार को आगे बढ़ाएगा।

शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नयी पहलों की घोषणा

  • केन्द्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने 17 मई को नई दिल्ली में शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई पहल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मानव पूंजी में निवेश राष्ट्र की उत्पादकता और समृद्धि में निवेश के समान है। मौजूदा महामारी देश की शिक्षा प्रणाली के लिए नई चुनौतियों के साथ कई अवसर भी लेकर आई है।

वित्त मंत्री ने इस दिशा में निम्नलिखित पहलों की घोषणा की:

  • पीएम ई-विद्या नाम से एक व्यापक पहल शुरू की जाएगी जो डिजिटल/ऑनलाइन/ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को एक साथ जोडगी। यह शिक्षा के लिए वैकल्पिक पहुंच उपलब्ध कराएगा। इसमें दीक्षा (एक राष्ट्र-एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म) जो सभी राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता ई-सामग्री प्रदान करने के लिए देश का डिजिटल बुनियादी ढांचा बन जाएगा; टीवी (एक कक्षा-एक चैनल) जहां कक्षा 1 से 12 तक प्रत्येक छात्र के लिए प्रति ग्रेड एक समर्पित चैनल होगा जो गुणवत्ता युक्त शैक्षिक सामग्री तक पहुंच प्रदान करेगा: स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए एमओओसीएस प्रारूप में स्वयंम ऑनलाइन पाठ्यक्रम; आईआईटीजेई/नीट की तैयारी के लिए आईआईटीपीएएल; सामुदायिक रेडियो और सीबीएसई शिक्षा वाणी के माध्यम से ब्राडकास्ट; और डिजिटल रूप से सुगम्य सूचना प्रणाली (डेसी) पर विकसित एनआईओएस वेबसाइट/यूट्यूब पर सांकेतिक भाषा में विकसित की गई अध्ययन सामग्री शामिल है। इससे देशभर के लगभग 25 करोड़ स्कूली बच्चों को फायदा होगा।
  • वैश्विक महामारी की मौजूदा स्थिति में, यह महत्वपूर्ण है कि हम छात्रों, शिक्षकों और उनके परिवारों को मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक सहयोग प्रदान करें। इस दिशा में मनोदर्पण पहल की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए एक वेबसाइट, एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर, काउंसलरों की राष्ट्रीय सूची, इंटरैक्टिव चैट प्लेटफॉर्म शुरु किया गया है। इस पहल से देश के सभी स्कूली बच्चों साथ उनके माता-पिता और शिक्षक भी लाभान्वित होंगे।
  • सरकार खुली, दूरी और ऑनलाइन शिक्षा नियामक ढांचे को उदार बनाकर उच्च शिक्षा में ई-लर्निंग का विस्तार कर रही है। शीर्ष 100 विश्वविद्यालय ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करेंगे। साथ ही, पारंपरिक विश्वविद्यालयों और ओडीएल कार्यक्रमों में ऑनलाइन घटक भी वर्तमान 20% से बढ़ाकर 40% किया जाएगा। यह विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लगभग 7 करोड़ छात्रों को सीखने के अवसर प्रदान करेगा।
  • सीखने पर ध्यान केंद्रित करने वाले छात्रों के लिए अनुभवनात्मक और सहज सीखने की प्रक्रिया के साथ-साथ उनमें रचनात्मक सोच और कौशल को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम में भारतीय लोकाचार और मूल्य निहित होने चाहिए तथा उसे वैश्विक स्तर पर आवश्यक कौशल के अनुरुप ढाला जाना चाहिए। इसलिए, वैश्विक बेंचमार्क के अनुरुप ही छात्रों और शिक्षकों के भविष्य के लिए एक नया राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचा तैयार करने का निर्णय लिया गया है।
  • देश में प्रत्येक बच्चे तक ग्रेड 3 में साक्षरता और न्यूमरेसी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय साक्षरता और न्यूमेरसी मिशन शुरू किया जाएगा। इसके लिए, शिक्षकों में क्षमता निर्माण, एक मजबूत पाठ्यक्रम ढांचा, सीखने की सामग्री को आकर्षक बनाने- ऑनलाइन और ऑफलाइन, सीखने के परिणामों और उनके माप सूचकांकों, मूल्यांकन तकनीकों तथा सीखने की प्रगति पर नज़र रखने जैसे कार्यों को एक व्यवस्थित रूप दिया जाएगा। इस मिशन से 3 से 11 वर्ष के आयु वर्ग के लगभग 4 करोड़ बच्चे लाभान्वित होंगे।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

लिपुलेख और कालापानी सीमा विवाद

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे द्वारा लिपुलेख-धारचुला लिंक रोड पर नेपाल की आपत्ति में चीन की संदिग्ध भूमिका की तरफ इशारा किया जिसको लेकर नेपाल में राजनीतिक विश्लेषकों ने भारत-नेपाल सीमा विवाद के कूटनीतिक समाधान का समर्थन करते हुए भारतीय सेना प्रमुख की हालिया टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

पृष्ठभूमि

  • हाल ही में भारत द्वारा 17000 फुट की ऊंचाई पर स्थित लिपूलेख दर्रे को उत्तराखंड के धारचूला से जोड़ने वाली 80 किलोमीटर लंबें रणनीति सर्कुलर लिंक रोड का उद्घाटन किया गया है। इससे ना केवल इस दुर्गम क्षेत्र में यात्रा आसान होगी बल्कि भारतीय थल सेना के लिए रसद और युद्ध सामग्री चीन की सीमा तक पहुंचाना भी आसान होगा। इससे अलावा चीनी सैनिक की घुसपैठ को नियंत्रित करने के साथ लिपुलेख और कालापानी के इलाके में भारत की सामरिक स्थिति भी मजबूत होगी।

लिपुलेख दर्रा और कालापानी की भौगोलिक अवस्थिति और महत्व

  • लिपुलेख दर्रा कालापानी के निकट सबसे पश्चिमी क्षेत्र है जिसके जरिये प्राचीन काल से 1962 तकचीन से भारत का व्यापार हो रहा था। वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के उपरान्त इंडो-तिबतन फोर्स की तैनाती हुई। पुनः1991-92 में चीन और भारत ने लिपुलेख दर्रे से व्यापारिक मार्ग खोला गया था। इसके अलावा कैलाश मानसरोवर यात्रा में इस मार्ग का इस्तेमाल होता रहा है।
  • काली नदी का उद्गम स्थल कालापानी 372 वर्ग किलोमीटर में फैला एक मत्वपूर्ण सामरिक इलाका है। इसे भारत-चीन और नेपाल का ट्राई जंक्शन भी कहा जाता है। भारत इसे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का हिस्सा मानता है, जबकि नेपाल इसे धारचुला जिले का हिस्सा बताता है।
  • चीन हिमालय क्षेत्र में अपनी पकड़ को मजबूत बनाने के लिए अंधाधुंध निर्माण कार्य कर रहा है। इससे क्षेत्र में चीनी सेना की पकड़ बहुत मजबूत हो गई है। चीन-नेपाल के बढ़ते प्रगाढ़ संबंध के बीच चीनी सेना पर नजर रखने एवं सैन्य संतुलन स्थापित करने के लिए इस क्षेत्र का बड़ा ही रणनीतिक महत्व है।

क्या है नेपाल का दृष्टिकोण?

  • नेपाल सुगौली समझौते (1816) के तहत काली नदी के पूर्वी क्षेत्र, लिंपियादुरा, कालापानी और लिपुलेख पर अपना दावा करता है। इसी आधार पर नेपाल भारतीय उपस्थिति को अवैध बताता है। लिपूलेख दर्रे-धारचूला लिंक रोड के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून के उपरान्त जारी नए राजनीतिक नक्शा पर भी नेपाल ने आपत्ति जताई थी।

क्या है सुगौली संधि?

  • नेपाल और ब्रिटिश इंडिया के बीच 1816 में सुगौली संधि हुई थी। सुगौली बिहार के बेतिया(पश्चिम चंपारण) में नेपाल सीमा के पास एक छोटा सा शहर है। इस संधि में तहत काली या महाकाली नदी के पूरब का इलाका नेपाल नेपाल का माना गया। इसके अलावा सुगौली संधि के तहत ही गंडक नदी को भारत-नेपाल के बीच की सीमा माना गया है। महाकाली नदी कई छोटी धाराओं के मिलने से बनी है एवं इन सभी धाराओं का उदगम अलग-अलग होने के कारण ब्रिटिश सर्वेक्षकों ने काली नदी का उदगम स्थान अलग-अलग बताया। इसी विवाद की स्थिति में नेपाल कालापानी के पश्चिम में उदगम स्थल मानते हुए पुरे इलाके पर दावा प्रस्तुत करता है दूसरी ओर भारत दस्तावजों के सहारे साबित कर चुका है कि काली नदी का मूल उदगम कालापानी के पूरब में है। इसके साथ गंडक नदी की धारा का प्रवाह बदलने से भी भारत और नेपाल सीमा को लेकर विवाद कायम है।

क्यों महत्वपूर्ण है कालापानी

  • भारतीय सेना के लिए चीन के पैंतरे पर निगाह रखना जरूरी है। इस लिहाज से कालापानी सामरिक तौर पर बहुत ही अहम है। 1962 की लड़ाई के बाद से ही यहां इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) पेट्रोलिंग करती है। चीन बहुत पहले ही अपनी सीम तक सड़क बना चुका है। हिमालय को काट कर सीमा तक बुनियादी संरचना विकसित करने पर चीन ने काफी पैसा बहाया है। इसे देखते हुए भारत के लिए भी जरूरी है कि वो सीमा पर सैन्य संतुलन कायम करने के जरूरी उपाय करे। भारत के साथ दोस्ती के बावजूद हाल के दिनों में नेपाल और चीन करीब आए हैं। ऐसी स्थिति में कालापानी पर मजबूत पकड़ भारत के लिए और जरूरी है।
  • हिमालय की गोद से निकलने वाली नदियां धारा बदल लेती है। ये भी अंतरराष्ट्रीय विवाद का कारण बनता है। कालापानी के अलावा सुस्ता इसका एक और उदाहरण है। सुगौली संधि के तहत ही गंडक नदी को को भारत-नेपाल के बीच की सीमा मान लिया गया। उसी समय गंडक ने धारा बदली और सुस्ता नदी के उत्तर में आ गया। इस लिहाज से यह भारत का हिस्सा है लेकिन नेपाल इस पर भी दावा करता रहा है। हालांकि दोनों देशों में सीमा विवाद खत्म करने पर सहमति बनी हुई है। इसे आपसी बातचीत से हल करना है।

WHO में कोरोना के स्रोत की जांच प्रस्ताव को भारत का समर्थन

  • विश्‍व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सोमवार से दो दिवसीय विश्व स्वास्थ्य सभा हो रही है। भारत जिनेवा में हो रहे इस सम्मेलन में भाग ले रहे 60 देशों की उस मांग का समर्थन करेगा जिसमें कोरोना के घातक संक्रमण के स्रोत का पता लगाए जाने की बातें हो रही हैं। WHO का यह 73वां सम्‍मेलन कोरोना वायरस की वुहान में उत्पत्ति के बारे में जांच को लेकर यूरोपीय देशों की ओर से बनाए जा रहे दबाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों के मद्देनजर हो रही है।

क्या है प्रस्ताव?

  • यूरोपीय संघ ने एक मसौदा प्रस्ताव तैयार किया है जिसमें कोरोना वायरस के प्रति डब्ल्यूएचओ की समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का चरणबद्ध तरीके से निष्पक्ष मूल्‍यांकन किए जाने की मांग उठाई गई है। इस प्रस्‍ताव का कई देशों ने डब्ल्यूएचए में चर्चा के लिए समर्थन किया है। भारत के अलावा इस मसौदा प्रस्ताव को ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, बेलारूस, भूटान, ब्राजील, कनाडा, चिली, कोलंबिया, जिबूती, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, एल सेल्वाडोर, ग्वाटेमला, गुयाना, आईसलैंड, इंडोनेशिया, जापान, जोर्डन, कजाकस्तान, मलेशिया, मालदीव और मेक्सिको ने समर्थन दिया है।

पृष्ठभूमि

  • उल्‍लेखनीय है कि कोरोना की उत्‍पत्ति के मसले पर चीन और अमेरिका में जुबानी जंग चल रही है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप का आरोप है कि यह जानलेवा वायरस चीन की गलती या लापरवाही के कारण पूरी दुनिया में फैल गया जबकि चीन का जवाब है कि उसने वायरस को रोकने के लिए सभी एहतियाती उपाय किए। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का यह भी आरोप है कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने इस वायरस के खतरे के प्रति सतर्क करने में लापरवाही बरती। हालांकि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन भी अपनी सफाई में कह चुका है कि उसने सही समय पर इसे महामारी घोषित किया।

क्या है कोविड-19?

  • कोविड, कोरोना वायरस के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है। इसे कोविड-19 के नाम से भी जानते हैं।कोरोना वायरस श्वास नली को म्यूकस से ब्लॉक करने लगता है जिसके कारण व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होने लगती है।कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले व्यक्ति में बुखार, गले में खराश, सूखी खांसी, सांस लेने में तकलीफ और सिर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
  • अंडरलाइंग डिसीज और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को कोरोना वायरस की चपेट में आने का सबसे ज्यादा खतरा है।
  • कोरोना वायरस हवा में कुछ घंटों तक और किसी सतह पर 3 से 4 दिनों तक जीवित रहकर किसी को भी संक्रमित कर सकता है।
  • कोरोना वायरस को रोकने के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं तैयार हुई है। डॉक्टर अलग-अलग तरह से इलाज करके कुछ मरीजों को ठीक कर रहे हैं।

चीन के राष्ट्रगान पर हांगकांग में विरोध

  • हांगकांग में चीन के राष्ट्रगान को लेकर विधान परिषद में पेश किए एक विधेयक पर जमकर बवाव हुआ। परिषद में चर्चा के दौरान लोकतंत्र समर्थक सांसदों ने इस बिल का विरोध किया। जिसके बाद लोकतंत्र समर्थक कई सांसदों को जबरन परिषद की कार्यवाही से बाहर निकाला गया। बता दें कि इस विधेयक के पास होने के बाद हांगकांग में चीनी राष्ट्रगान का अनादर करना अपराध की श्रेणी में आ जाएगा।
  • हांगकांग की विधान परिषद में इस बात को लेकर चर्चा चल रही थी कि हाउस कमेटी को किसे चलाना चाहिए। बता दें कि हाउस कमेटी ही हांगकांग की विधान परिषद में प्रस्तुत होने वाले बिलों की स्क्रूटनी करती है। साथ में, इस बात पर भी निर्णय लेती है कि विधेयक पर वोटिंग कब होगी।

पृष्ठभूमि

  • हांगकांग चीन का एक विशेष प्रशासनिक क्षेत्र है। हांगकांग ब्रिटेन का उपनिवेश था एवं 1997 एक समझौते द्वारा यह चीन को सौंपा दिया गया था। यहाँ आजादी की मांग को लेकर लाखों संख्या में पहले भी लोगों ने प्रदर्शन किया था। हालांकि चीनी फौज और हांगकांग की चीन समर्थित सरकार ने महीने भर से ज्यादा समय तक चले इस आंदोलन को हिंसक तरीके से कुचल दिया। इस दौरान हुई झड़पों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत भी हुई थी।

:: अर्थव्यवस्था ::

एलजी पॉलिमर संयंत्र

चर्चा में क्यों?

  • आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने संकेत दिया कि विशाखात्तनम में एलजी पॉलिमर संयंत्र में हाल में गैस लीक की घटना के बाद अब उसे वहां पहले की तरह कार्य करने की अनुमति नहीं दी जायेगी। उन्होंने कहा कि गैस के रिसाव के लिये जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जायेगी।

पृष्ठभूमि

  • सात मई को एलजी पॉलिमर के विशाखात्तनम स्थित संयंत्र से स्टिरीन गैस का रिसाव होने से 12 लोगों की मौत हो गयी थी, जबकि विशाखापत्तनम के पास आरआर वेंकटपुरम में जहरीले रसायन की गैस लीक होने से कई सौ लोग बीमार हो गये थे। एलजी पॉलिमर ने सोमवार को अलग से एक बयान में कहा कि उसने संयंत्र तथा इसके पास टैंकों में रखी स्टिरीन गैस को वापस दक्षिण कोरिया भेज दिया है। कंपनी ने कहा कि अब संयंत्र में स्टिरीन गैस नहीं है।

अवैध फास्टैग वाले वाहनों से वसूला जाएगा दोगुना टोल

  • अवैध या काम नहीं कर रहे फास्टैग वाले वाहनों के प्रतिबद्ध फास्टैग लेन में घुसने पर दोगुना टोल वसूला जाएगा। इससे पहले राष्ट्रीय राजमार्गों पर केवल उन्हीं वाहनों से दोगुना टोल टैक्स शुल्क वसूला जाता था जो बिना फास्टैग लगाए टोल बूथ पर फास्टैग प्रतिबद्ध लेन में प्रवेश करते थे।
  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘ बिना फास्टैग या काम नहीं कर रहे या अवैध फास्टैग वाले वाहनों के प्रतिबद्ध फास्टैग लेन में घुसने पर दोगुना शुल्क वसूला जाएगा। उन्हें उनकी वाहन श्रेणी पर लगने वाले शुल्क का दोगुना चुकाना होगा।’’ सरकार ने इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर का वर्गीकरण और संग्रह) नियम में संशोधन किया है। सरकार ने देशभर में 15 दिसंबर 2019 से फास्टैग अनिवार्य कर दिया है। मई 2020 तक कुल 1.68 करोड़ फास्टैग जारी किए जा चुके हैं।

क्या है फास्टैग?

  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की प्रमुख पहल ‘राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (फास्टैग) कार्यक्रम’ को देश भर में फैले राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवस्थित टोल प्लाजा पर लागू किया गया है। इसने टोल के नकद भुगतान को इलेक्ट्रॉनिक भुगतान में तब्दील कर डिजिटल इंडिया पहल को काफी बढ़ावा दिया है तथा इसके साथ ही समूची टोल प्रणाली में और ज्यादा पारदर्शिता ला दी है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवस्थित शुल्क वाले प्लाजा की सभी लेन को ‘फास्टैग लेन’ घोषित करने के हालिया आदेश पर अमल करने के साथ ही अब फास्टैग का व्यापक उपयोग होने लगा है, जो नए टैगों की बिक्री के साथ-साथ टोल प्लाजा पर फास्टैग के जरिये अपेक्षाकृत ज्यादा टोल संग्रह से साफ जाहिर होता है। ‘फास्टैग 2.0’ का इस्तेमाल पार्किंग ईंधन भुगतान, ई-चालान के भुगतान, कार्यालयों और निवास पर पहुंच प्रबंधन जैसे कार्यों में किया जा सकता है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

वुहान बाजार के जानवरों से नहीं फैला: वैज्ञानिक अध्ययन

  • नोवेल कोरोना वायरस वुहान के ऐनिमल मार्केट से फैलने के चीन के दावे को अब एक वैज्ञानिक अध्ययन में चुनौती दी गई है। इसमें कहा गया है कि वायरस मार्केट के जानवरों से नहीं फैला है। उनका कहना है कि वायरस की उत्पत्ति बाजार से नहीं हुई है बल्कि पहले से ही कोई बीमार होकर इस बाजार में पहुंचा था। वहीं, विशेषज्ञों का आरोप है कि डब्ल्यूएचओ ने पशु बाजार के नमूनों के नतीजे अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों से साझा नहीं किए हैं।

जानवर से इंसान में वायरस फैलने के सबूत नहीं

  • विशेषज्ञ बायलॉजिस्ट बताते हैं कि उन्हें इस बात से हैरानी है कि वायरस तब तक इंसान से इंसान में संक्रमण में सक्षम हो गया था। इस दावे ने चीन सरकार द्वारा किए जा रहे कवर-अप को लेकर एकबार फिर चिंता पैदा कर दी है। यह शोध हावर्ड और एमआईटी से मान्यता प्राप्त जुड़ी ब्रॉड इंस्टिट्यूट के एलिना चैन और बेन देवरमैन और ब्रिटिश कोलम्बिया यूनिवर्सिटी के शिंग झान ने तैयार किया है।
    मॉलिक्यूलर बायलॉजिस्ट एलिना चैन और इवॉल्यूशनरी बायलॉजिस्ट शिंग झान ने कहा, 'सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जेनेटिक डेटा से पता चलता है कि वायरस जानवर से इंसान में नहीं फैला था।' उनके शोध पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि जानवरों से इंसान में संक्रमण की जांच होनी चाहिए।

वुहान सैंपल के नतीजे को WHO ने क्यों दबाया?

  • WHO की टीम भेजे जाने के बाद अधिकारियों ने मार्केट को बंद कर दिया। जानवरों के सैंपल ले लिए गए और चार महीने बाद भी उसके नतीजे विदेशी वैज्ञानिकों के साथ शेयर नहीं किए गए हैं। इससे यह जाहिर होता है कि वे जानबूझकर महत्वपूर्ण जानकारियां दबा रहे हैं। हॉन्ग कॉन्ग यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट गुआन यी कहते हैं, 'क्राइम सीन पूरी तरह तबाह कर दिया गया। हम बिना सबूत कैसे केस को सुलझाएंगे?'

चीन पर बढ़ा जांच का दबाव

  • दोनों वैज्ञानिकों के दावे से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोरोना की उत्पत्ति की जांच को लेकर उठ रही मांग को और बल मिल रहा है। कॉमन्स फॉरेन अफेयर्स सिलेक्ट कमिटी के सदस्य और ब्रिटिश सांसद बॉब सिली ने कहा, 'हमें कोविड19 के संबंध में कई चीजों के तह तक जाना है। हमें यह जानना है कि वायरस कहां से पैदा हुआ, एक वक्त हमें कहा गया है कि इंसान से इंसान में संक्रमण नहीं हो रहा है,

कम्युनिस्ट पार्टी की क्या भूमिका है?'

  • दरअसल, वायरस की उत्पत्ति जानने पर उसके वैक्सीन के विकास में मदद मिल सकती है और उसे आगे रोका जा सकता है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह दावा किए जाने के बाद कि यह वुहान लैब से पैदा हुआ, इसने मुद्दे को गर्मा दिया और चीन ने आरोप लगाया कि यह अमेरिकी सैनिकों ने फैलाया है जो कि स्पोर्ट्स कॉन्टेस्ट के लिए उनके देश आए थे।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

उष्णकटिबंधीय तूफान ‘आर्थर’

  • उष्णकटिबंधीय तूफान आर्थर रविवार शाम उत्तरी कैरोलिना तट के पास पहुंच गया।अमेरिका के मियामी स्थित राष्ट्रीय तूफान केन्द्र ने उत्तरी कैरोलिना के बाहरी तट पर तूफान के टकराने को लेकर चेतावनी जारी की है। रात करीब आठ बजे (ईस्टर्न टाइम) तूफान का केन्द्र उत्तरी कैरोलिना के केप हैटरस से दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में 260 मील की दूरी पर था।इस तूफान में 45 मील प्रति घंटे (75 किलोमीटर प्रति घंटे) रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और यह नौ मील प्रति घंटे (लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे) की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है।
  • अनुमान के मुताबिक आर्थर उत्तरी कैरोलिना तट पर पहुंचने से पहले रविवार को फ्लोरिडा, जॉर्जिया और दक्षिणी कैरोलिना के तट से टकराएगा जहां सोमवार से भारी बारिश हो सकती है।उत्तरी कैरोलिना के तट के कुछ हिस्सों के लिए उष्णकटिबंधीय तूफान की चेतावनी जारी की गई, जिसमें पामलिको और अल्बेमारल साउंड सहित सर्फ सिटी शामिल है।

:: विविध ::

इज़राइल में नेतन्याहू की अगुवाई में नई सरकार का गठन

  • इज़राइल में 17 मई को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में नई सरकार ने शपथ ले ली और इसी के साथ देश के इतिहास में सबसे लंबा राजनीति गतिरोध खत्म हो गया। गतिरोध के दौरान 500 दिनों से भी ज्यादा वक्त तक कार्यवाहक सरकार बागडोर संभाले हुए थी और एक के बाद एक हुए तीन चुनावों में किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था।
  • नेसेट (इज़राइली संसद) में नई सरकार के विश्वास मत के दौरान पक्ष में 73 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 46 मत। चुनावों में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने पर नेतन्याहू ने प्रतिद्वंद्वी से साथी बने ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के बेनी गांट्ज के साथ मिलकर सरकार बनाई है। नयी सरकार में 36 मंत्री और 16 उप मंत्री होंगे।
  • गांट्ज ने रक्षा मंत्री और वैकल्पिक प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। गठबंधन के समझौते के तहत सत्ता की साझीदारी पर बनी सहमति के मुताबिक नई सरकार में 18 महीने बाद नेतन्याहू पद छोड़ देंगे और 17 नवंबर 2021 को गांट्ज प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे। नेसेट ने नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के यारिव लेविन को नया अध्यक्ष भी चुना

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • सरकार द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में अवसंरचना निर्माण द्वारा सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने हेतु किस समिति की सिफारिशों को मंजूरी दी गई है? (डी.बी. शेकटकर समिति)
  • हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री के रूप में किसने शपथ ली एवं वह किस पार्टी से संबंधित है? (बेंजामिन नेतन्याहू, लिकुड पार्टी)
  • अपनी वर्षगांठ से चर्चा में रहे भारत का प्रथम परमाणु परीक्षण कब किया गया था एवं इस मिशन का क्या नाम रखा गया था? (18 मई 1974, स्माइलिंग बुद्धा)
  • कोविड-19 में चीन की भूमिका की जांच हेतु प्रस्ताव से चर्चा में रहे विश्व स्वास्थ्य संगठन का गठन कब किया गया था एवं इसका मुख्यालय कहां है? (1948,जिनेवा स्विट्ज़रलैंड)
  • हाल में चर्चा में रहे डिजिटली एक्सेसिबल इनफॉरमेशन सिस्टम (DAISY) क्या है? (दिव्यांग लोगों के लिए ऑनलाइन स्टडी मटेरियल से जुड़े तकनीकी मापदंड)
  • चर्चा में रहे चक्रवात ‘अम्फान’ की उत्पत्ति किस सागर/ खाड़ी में हुई है एवं इस तूफान का यह नाम किस देश के द्वारा रखा गया है? (बंगाल की खाड़ी, थाईलैंड)
  • आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा विशाखापट्टनम में ‘स्टिरीन गैस’ रिसाव के कारण किस कंपनी पर अत्यधिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई है? (एलजी पॉलिमर्स)
  • हाल ही में उष्णकटिबंधीय तूफान ‘आर्थर’ को लेकर किस देश में चेतावनी जारी की गई है? (अमेरिका- कैरोलिना प्रांत)
  • संपूर्ण भारत में स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता ई-सामग्री प्रदान की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ‘एक राष्ट्र-एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म’ से चर्चित पहल का नाम क्या है? (दीक्षा पोर्टल)
  • ऑनलाइन शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ाने से चर्चा में रही ‘स्‍वयं-SWAYAM’ क्या है? (9 वीं से लेकर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का एक एकीकृत ऑनलाइन मंच)
  • देश में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से चर्चा में रहे ‘शिक्षा वाणी’ किस संस्था की अनूठी पहल है? (CBSE-सीबीएसई)
  • चीनी राष्ट्रगान के गतिरोध से चर्चा में रहे हांगकांग किस देश का उपनिवेश था एवं किस वर्ष यह चीन को सौंपा गया था? (ब्रिटेन,1997)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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