(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (19 मार्च 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (19 मार्च 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

मध्य प्रदेश में तीन नए जिलों को बनाने की मंजूरी

  • मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मैहर, चाचौड़ा और नागदा को नया जिला बनाए जाने की मंजूरी दी है। मध्य प्रदेश में अब 55 जिले हो गए।

मिड डे मील योजना

  • कोरोना के कारण स्कूल और आंगनवाड़ी केन्द्रों के बंद होने से स्कूली बच्चों का मिड डे मील और आंगनवाड़ी से पोषाहार लेने वाली माताओं बच्चों का पोषाहार बंद हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने माताओं बच्चों का पोषाहार बंद होने पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सभी राज्यों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने राज्यों से कहा है कि वे कोरोना वायरस फैलने से रोकने के दौरान बच्चों और माताओं को पोषाहार मिलना सुनिश्चित करें ताकि बच्चों और माताओं पर बुरा असर न पड़े।
  • कोर्ट ने कहा कि स्थिति ज्यादा परेशानी वाली न बन जाए इसके लिए जरूरी है कि सभी राज्य कोराना वायरस रोकने के उपायों के दौरान बच्चों और माताओं को पोषाहार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए एक यूनीवर्सल नीति बनाएं।

क्या है मिड डे मिल (मध्‍याह्न भोजन योजना) योजना?

  • नामांकन बढ़ाने, प्रतिधारण और उपस्थिति तथा इसके साथ-साथ बच्‍चों में पौषणिक स्‍तर में सुधार करने के उद्देश्‍य से 15 अगस्‍त, 1995 को केन्‍द्रीय प्रायोजित स्‍कीम के रूप में प्रारंभिक शिक्षा के लिए राष्‍ट्रीय पौषणिक सहायता कार्यक्रम (एनपी-एनएसपीई) शुरू किया गया था।

सरकार की निगरानी में होगा मास्क का उत्पादन

  • कोरोना संक्रमण के फैलाव के मद्देनजर मास्क की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार ने अपनी निगरानी में मास्क उत्पादन कराने का फैसला किया है। मास्क बनाने वाली कंपनियां रोजाना स्तर पर सरकार को अपनी रिपोर्ट देंगे। सरकार ने इन कंपनियों से मास्क खरीदने के लिए कीमत भी तय कर दी है। एन95 मास्क की कीमत 40-50 रुपए की बीच होगी तो 3 प्लाई वाले एक मास्क की कीमत 6-8 रुपए होगी। सरकार इस कीमत पर कंपनियों से मास्क की खरीदारी करेगी। अगले एक माह में 2-3 करोड़ 3प्लाई मास्क की खरीदारी सरकार करेगी। वहीं 30-40 लाख एन 95 मास्क खरीदे जाएंगे।

टेक्सटाइल आयुक्त के नेतृत्व में की जाएगी निगरानी

  • बुधवार को टेक्सटाइल सचिव की अध्यक्षता में देश भर के आठ शहरों की मास्क बनाने वाली कंपनियों व अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक की गई। इनमें मुख्य रूप से मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, कोयंबटूर, कोलकाता, अमृतसर की कंपनियां शामिल थी। टेक्सटाइल आयुक्त के नेतृत्व में रोजाना स्तर पर मास्क के उत्पादन की निगरानी की जाएगी। सरकार उत्पादक कंपनियों को मास्क उत्पादन में आने वाली हर प्रकार की बाधा को भी दूर करने का काम करेगी। सप्लाई चेन को सुगम रखने का काम भी सरकार का होगा।

बॉडी शूट का भी होगा उत्पादन

  • मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक अब देश में ही कोरोना वायरस के इलाज के दौरान पहने जाने वाले बॉडी शूट का भी उत्पादन होगा। अब तक भारत बॉडी शूट के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर था। लेकिन घरेलू स्तर पर तीन कंपनियां विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के मुताबिक बॉडी शूट बनाने में कामयाब हो गई है। इन कंपनियों में बड़ौदा स्थित स्योर सेफ्टी, दिल्ली स्थित मनचंदा और कोयंबटूर स्थित सिट्रा शामिल हैं। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक फिलहाल देश में हर सप्ताह 20 हजार बॉडी शूट की जरूरत है।

N95 का इस्तेमाल अस्पतालों के कर्मचारियों के लिए होगा

  • बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई कि देश में हर व्यक्ति को मास्क पहनने की जरूरत नहीं है। सरकार जो मास्क खरीदेगी, उसे संक्रमित या लोगों के बीच वितरित किया जाएगा। एन95 मास्क का इस्तेमाल अस्पतालों के कर्मचारियों के लिए होगा। बैठक में बाजार में मास्क की मनमानी कीमत वसूले जाने की भी चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक अगले एक-दो दिनों में मास्क के नाम पर हो रही लूट को बंद नहीं करने पर नेशनल फार्मास्यूटिकल्स अथॉरिटी (एनपीपीए) के माध्यम से मास्क की अधिकतम खुदरा कीमत तय हो जाएगी।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

कोरोना से लड़ने के लिए एशियाई विकास बैंक द्वारा विकासशील देशों को 45,500 करोड़ की मदद

  • एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank, ADB) ने अपने विकासशील सदस्यों को कोरोना महामारी से लड़ने के लिए 650 करोड़ डॉलर (करीब 45,500 करोड़ रुपये) की वित्तीय मदद देगा। बैंक ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इस शुरुआती पैकेज का मकसद विकासशील सदस्य देशों (DMC) को कोरोना से लड़ने के लिए तत्काल मदद मुहैया कराना है। फिलीपींस की राजधानी मनीला स्थित यह बैंक एशिया और प्रशांत क्षेत्रों में सतत विकास और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में काम करता है।
  • कोरोना संकट सामने आने के बाद इस वर्ष सात फरवरी से एडीबी अपने विकासशील सदस्य देशों को 22.5 करोड़ डॉलर (करीब 1,575 करोड़ रुपये) की मदद दे चुका है। एडीबी के प्रेसिडेंट मसात्सुगु असाकावा ने कहा कि यह महामारी एक बड़े वैश्विक संकट में तब्दील हो गई है। इससे निपटने के लिए अब क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिवार्य रूप से कम उठाने की जरूरत है। हम अपने सदस्य देशों के साथ मिलकर इस महामारी से लड़ने के लिए आक्रामक नीतियों की एक सूची तैयार कर रहे हैं।
  • असाकावा ने बताया कि ऐसी सूची बनाने का मकसद हमारे भौगोलिक कार्यक्षेत्र में गरीबों, संक्रमण के आसान शिकार और जनसंख्या के अन्य तबके को सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि 650 करोड़ रुपये का यह शुरुआती पैकेज सदस्य देशों के साथ विमर्श के बाद तय किया गया है। असाकावा के मुताबिक एडीबी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ), व‌र्ल्ड बैंक, क्षेत्रीय सहकारी बैंकों, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) तथा अन्य सभी बड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ अपने नजदीकी सहयोग को और मजबूत करने में जुटा है।

अमेरिका ने सीरिया के रक्षा मंत्री पर लगाया प्रतिबंध

  • अमेरिका ने सीरिया के युद्धग्रस्त इदलिब प्रांत में संघर्ष विराम की कोशिशों में रोड़े अटकाने के आरोप में सीरियाई रक्षा मंत्री अली अब्दुल्ला अयूब पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अयूब द्वारा बाधाएं खड़ी करने के कारण सीरिया के अशांत उत्तरी प्रांत इदलिब में संघर्ष विराम फलीभूत नहीं हो पाया।
  • प्रतिबंध के तहत अमेरिका में अयूब की सभी तरह की संपत्ति जब्त कर ली गई है। अयूब से अमेरिका में किसी तरह के लेने-देन पर भी पाबंदी लगा दी गई है। इदलिब में गत दिसंबर से रूस समर्थित सीरियाई सेना और तुर्की समर्थित विद्रोहियों की जंग में कई लोग मारे जा चुके हैं और लाखों बेघर हो गए हैं। इदलिब में विद्रोहियों के खिलाफ सीरियाई सेना का अभियान शुरू होने पर तुर्की की सेना भी जंग के मैदान में उतर आई है।

पृष्ठभूमि

  • सीरिया में मार्च 2011 से जारी लड़ाई में कम से कम तीन लाख 84 हजार लोग मारे गए हैं। 384,000 में एक लाख 16 हजार नागरिक भी शामिल हैं। वहीं बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने विद्रोहियों के खि‍लाफ नया मोर्चा खोल दिया है लेकिन इसमें आम लोग भी पिस रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट कहती है कि अकेले इदलिब प्रांत में जंग के कारण पिछले दिसंबर से अब तक करीब नौ लाख लोग विस्थापित हुए हैं। इस जंग में तुर्की के कूदने से हालात और भी खराब हो गए हैं।

:: भारतीय राजव्यवस्था ::

अनुच्छेद-142 के द्वारा सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के मंत्री को पद से हटाया

  • सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसले में मणिपुर के वन मंत्री टी श्यामकुमार को न केवल पद से हटाने का आदेश दिया बल्कि उनके विधानसभा में प्रवेश पर भी रोक लगा दी।
  • फैसला सुनाते हुए पीठ ने कहा, ऐसे हालात में कोर्ट संविधान के अनुच्छेद-142 के तहत विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर यह फैसला ले रही है। पीठ मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को करेगी।

पृष्ठभूमि

  • जस्टिस आरएफ नरीमन की पीठ ने कोर्ट के आदेश के बावजूद मणिपुर विधानसभा के स्पीकर द्वारा श्यामकुमार की अयोग्यता याचिका पर निर्णय न लेने से नाराज होकर यह फैसला दिया।
  • दरअसल, 21 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के स्पीकर से कहा था कि वह अयोग्यता पर चार हफ्ते में निर्णय लें। अगर स्पीकर फैसला नहीं लेते हैं तो याचिकाकर्ता फिर कोर्ट आ सकते हैं।

क्या था मामला?

  • दरअसल, कांग्रेस विधायक फजुर रहीम और के मेघचंद्र ने श्यामकुमार को अयोग्य ठहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। श्यामकुमार कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीते, लेकिन बाद में पार्टी छोड़कर भाजपा में चले गए। इसके बाद उन्हें मंत्री बनाया गया।
  • कांग्रेस विधायकों ने कहा था कि 10वीं अनुसूची के तहत उन्हें सदस्यता से अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। पिछली सुनवाई में पीठ ने सांसदों व विधायकों की अयोग्यता पर फैसला करने के लिए स्वतंत्र निकाय के गठन की वकालत की था।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

AGR विवाद पर सुप्रीम का फैसला

  • सुप्रीम कोर्ट ने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) के मामले पर सरकार और टेलिकॉम कंपनियों की जमकर खिंचाई की है. शीर्ष अदालत ने कहा कि AGR की बकाया राशि का सेल्फ असेसमेंट या रिअसेसमेंट करना कोर्ट की अवमानना होगी. इसकी इजाजत नहीं होगी. साथ ही SC ने कहा कि AGR बकाया मामले पर कोर्ट के आदेश के खिलाफ अखबारों में फर्जी खबरें प्रसारित होती हैं तो टेलिकॉम कंपनियों के एमडी के खिलाफ भी अवमानना का केस चलाया जाएगा. बता दें, पिछले साल 24 अक्टूबर को शीर्ष कोर्ट ने अपने फैसले में एजीआर बकाया तय किया था.
  • AGR के मामले पर समाचार पत्रों में प्रकाशित आर्टिकल पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े लहजे में कहा कि यदि उन्होंने एजीआर बकाया के मामले पर भविष्य में खबरें प्रसारित हुईं तो उसके लिए टेलिकॉम कंपनियों के एमडी को व्यक्तिगत रूप से दोषी माना जाएगा और उनके खिलाफ अवमानना का मामला दर्ज किया जाएगा. शीर्ष अदालत ने कहा कि जरूरत पड़ी तो हम सभी टेलीकॉम कंपनियों के एमडी को कोर्ट बुलाकर यहीं से जेल भेज देंगे. वहीं, सरकार ने एजीआर के रीएसेसमेंट की इजाजत दी तो यह कोर्ट से धोखा होगा. ऐसा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ एक्शन होगा.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन हो?

  • सुप्रीम कोर्ट ने साफ लहजे में कहा कि AGR बकाया पर सेल्फ असेसमेंट या रीअसेसमेंट की कोई इजाजत नहीं होगी. कंपनियों ने एजीआर बकाये पर सेल्फ असेसमेंट के नाम पर गंभीर धोखा किया है. एजीआर बकाया पर हमारा फैसला अंतिम है, इसका पूरी तरह से पालन किया जाए. जस्टिस अरुण मिश्रा, एसए नजीर और एमआर शाह की पीठ ने केंद्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें टेलिकॉम कंपनियों को बकाया चुकाने के लिए 20 साल का समय देने की बात कही गई है.
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर दो हफ्ते के बाद सुनवाई होगी. बता दें, एजीआर मामले में टेलिकॉम डिपार्टमेंट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. शीर्ष कोर्ट ने कहा है कि 24 अक्टूबर 2019 के फैसले के मुताबिक ही टेलीकॉम कंपनियों को ब्याज और पेनल्टी चुकानी होगी.

किन कंपनियों पर पड़ेगा प्रभाव

  • AGR बकाया मामले पर सबसे तगड़ा झटका एयरटेल (Airtel) और वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) को लग सकता है. पहले के आदेश के अनुसार, भारती एयरटेल पर 35,586 करोड़ और वोडाफोन आइडिया पर 53,000 करोड़ रुपये का एजीआर बकाया है. वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल ने बकाया एजीआर का आंशिक भुगतान किया है. अबतक भारती एयरटेल ने दो किस्त में 13,000 करोड़ और वोडाफोन आइडिया ने 6,854 करोड़ चुकाए हैं. बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने टेलिकॉम कंपनियों से 1.47 लाख करोड़ रुपये का सांविधिक एजीआर बकाया 17 मार्च तक जमा करने को कहा था.

कैसे तय होती है AGR की राशि?

  • दूरसंचार ट्रिब्यूनल के 2015 में दिए गए फैसले के आधार पर टेलिकॉम कंपनियों एजीआर की गणना करती है. इसमें कंपनियों को एजीआर का तीन फीसदी स्पेक्ट्रम फीस और आठ फीसदी लाइसेंस फीस के तौर पर सरकार को देना होता है. उस समय ट्रिब्यूनल ने कहा था कि किराये, स्थायी संपत्ति की बिक्री से लाभ, डिविडेंड और ब्याज जैसे गैर प्रमुख स्रोतों से होने वाली आमदनी को छोड़कर बाकी प्राप्तियां एजीआर में शामिल की जाएंगी. जबकि दूरसंचार विभाग किराये, स्थायी संपत्ति की बिक्री से लाभ और कबाड़ की बिक्री से प्राप्त रकम को भी एजीआर में मानता है. इसी आधार पर वह कंपनियों से बकाया शुल्क की मांग कर रहा है.

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

83 स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमानों की खरीद

  • रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने बुधवार को स्वदेश निर्मित 83 आधुनिक तेजस विमानों की खरीद का रास्ता साफ कर दिया। एक साल से उन्नत श्रेणी के तेजस मार्क-1ए लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए), खरीद समझौते की शर्तों और कीमत पर विभिन्न भागीदारों के साथ वार्ता चल रही थी। विमान भारत में ही डिजाइन, विकसित और उत्पादित किए जा रहे हैं। इनके कलपुर्जे भारतीय उद्योगों द्वारा बनाए गए हैं। अनुमान है कि इसे बनाने वाली भारत सरकार की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और रक्षा मंत्रालय के बीच यह सौदा 50,025 करोड़ रुपये का होगा।
  • डीएसी से पारित होने के बाद प्रस्ताव रक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) में जाएगा। सीसीएस की मंजूरी के बाद अब तक के सबसे बड़े स्वदेशी रक्षा सौदे पर मुहर लगेगी। जनरल विपिन रावत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बनने और डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस (डीओडी) व डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर (डीएमए) के गठन के बाद यह डीएसी की पहली बैठक थी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस नई व्यवस्था में निर्णय लेने में काफी आसानी हो गई है। मंत्रालय के मुताबिक, मेक इन इंडिया के तहत यह बड़ी स्वदेशी सौदों में एक होगा।

नए मार्क-1ए जेट में 43 आधुनिकीकरण

  • पुराने तेजस के मुकाबले नए मार्क-1ए जेट में 43 आधुनिकीकरण किए गए हैं। इनमें एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (एईएसए) राडार, लंबी दूरी की दृष्टि से परे मार करने वाली मिसाइलें, हवा से हवा में ईंधन भरने की सुविधा और इलेक्ट्रॉनिक युद्धनीति के उपयोग जैसे सुधार प्रमुख हैं।

आर्सेनिक दूषित मिट्टी में जैवोपचारण विधि से सुरक्षित खेती

  • आर्सेनिक दूषित मिट्टी में सुरक्षित खेती जैवोपचारण विधि से की जायेगी। इसके लिए पहले किसानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा। फिर कुछ किसानों में नि:शुल्क दवा वितरित की जायेगी, ताकि इसका समुचित प्रचार-प्रसार हो सके।
  • कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने मिट्टी व पानी से धान के पौधों में आर्सेनिक अवशोषण कम करने की दिशा में शोध करते हुए सफलतापूर्वक परीक्षण किया। शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने आर्सेनिक प्रदूषित मिट्टी में विशिष्ट बैक्टीरिया की पहचान की। इसके बाद बीएयू ने धान की फसल को आर्सेनिक से बचाने को ‘सबौर बायो-आर्सेनिक मिटिगेटर-1’ नामक बैक्टीरिया तैयार किया।

क्या होता है नुकसान

  • आर्सेनिक युक्त पानी का प्रयोग कृषि कार्य में बढ़ गया है। इससे मिट्टी में आर्सेनिक का संचयन हो रहा है। धान के पौधे खतरनाक स्तर पर आर्सेनिक अवशोषित करते हैं। इस पुआल से दुधारू मवेशियों का दूध भी आर्सेनिक युक्त हो रहा है। इस तरह आर्सेनिक की खतरनाक मात्रा मवेशियों के साथ मानव शरीर में पहुंच रही है।

प्रयोग की विधि

  • एक एकड़ रोपनी के लिए 50 लीटर पानी में 2.5 किलो गुड़ के ठंडे घोल व 500 मिली सबौर बायो-आर्सेनिक मिटिगेटर-1 का मिश्रण बनाएं व धान की रोपनी के पूर्व बिचड़ों की जड़ों को 30 मिनट के लिए जीवाणु के घोल में डुबाकर उपचारित करें। बचा हुआ घोल खेत में ही डाल देना है।

क्या होगा लाभ?

  • डॉ द्विवेदी के अनुसार आर्सेनिक-3 घुलनशील होता है, जो आसानी से पौधों में चला जाता है। जैवोपचारण विधि से धान की खेती होने से यह बदलकर आर्सेनिक-5 हो जाता है, जो घुलनशील नहीं है। इससे चावल के साथ-साथ पुआल में भी आर्सेनिक की मात्रा में 50 फीसदी तक की कमी आयेगी। यह चावल नुकसानदेह नहीं होगा। साथ ही स्फूर तत्व के समुचित अवशोषण से धान के उत्पादन में तीन से पांच फीसदी की वृद्धि होगी। इससे किसानों को लाभ होगा।

एपीडा ने लघु कृषक कृषि व्यापार संघ (एसएफएसी) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

  • भारत सरकार द्वारा कृषक केन्द्रित दृष्टिकोण के साथ घोषणा की गई कृषि निर्यात नीति कृषि उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की विशेष भागीदारी के साथ फसलों की प्रजातियों की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार लाने में उत्पाद निर्दिष्ट समूहों के विकास को दर्शाती है।
  • एफपीओ थोक दरों पर बड़ी मात्रा में आवश्यक सामग्री की खरीददारी, विपणन लागत घटाने के लिए उत्पाद और परिवहन के एकीकरण तथा आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं दूर-दराज के बाजारों तक उनकी पहुंच का विस्तार करके उत्पाद की लागत घटाने के लिए छोटे किसानों की मदद करने वाला एक संस्थागत नवाचार है। इस नीति का उद्देश्य लघु कृषक कृषि व्यापार संघ (एसएफएसी) और राज्य स्तर संगठनों के माध्यम से एफपीओ के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करना है।
  • कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ऐसे संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए सामूहिक दृष्टिकोण पर ध्यान दे रहा है। यह कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों के विकास और हितधारकों को बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने के लिए कृषि निर्यात हेतु परस्पर मिलकर काम कर रहा है।
  • एपीडा क्षमता निर्माण, आयात करने वाले देशों की जरूरत के मुताबिक गुणवत्तायुक्त कृषि उत्पादों का उत्पादन, क्लस्टरों में प्राथमिक और माध्यमिक प्रसंस्करण सुविधा के लिए इन समूहों का निर्यातकों के साथ संबंध स्थापित करने के माध्यम से निर्यात मूल्य श्रृंखला के लिए कृषि उत्पादक संगठनों, कृषक सहकारिताओं को जोड़ने के उद्देश्य से एसएफएसी के साथ बातचीत कर रहा है।
  • इन गतिविधियों में तालमेल लाने के लिए एपीडा ने 18 मार्च, 2020 को एसएफएसी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौता ज्ञापन पर एसएफएसी की प्रबंध निदेशक सुश्री नीलकमल दरबारी और एपीडा के अध्यक्ष श्री पवन कुमार बोर्थाकुर ने हस्ताक्षर किए हैं।

सहयोग के क्षेत्रः

  1. एसएफएसी निर्यात उन्मुखता के साथ पैमाना और एकीकरण अर्जित करने के लिए एपीडा के साथ विभिन्न राज्यों में स्थित समूहों की सूची साझा करेगा। एपीडा और एसएफएसी लक्ष्य अर्जित करने के साथ-साथ किसानों की आय दोगुनी करने के लिए निर्यातकों के साथ एफटीओ/एफटीसी को जोड़ने के लिए मिलकर काम करेंगे।
  2. क्षमता निर्माण, पहुंच कार्यक्रम, जागरूकता कार्यक्रम और विभिन्न हितधारकों की कार्यशालाओं के लिए काम करना।
  3. समय-समय पर पहचान किए गए विभिन्न माध्यमों के द्वारा एफपीओ क्षेत्र के हितधारकों द्वारा भारतीय और वैश्विक बाजार, उत्पाद प्रौद्योगिकियों, प्रक्रियाओं, ज्ञान और सेवाओं का मिलकर प्रदर्शन करना।
  4. एपीडा, एफपीसी द्वारा सहायता प्राप्त या एसएफएसी द्वारा पहचान किए गए जैविक उत्पादों/क्षेत्रों के प्रमाणीकरण मे सुविधा प्रदान करना।
  5. पूर्वोत्तर में कृषि व्यापार संवर्धन इकाई ले जाना और पूर्वोत्तर में एफपीओ को परामर्श देना।

यह उम्मीद है कि एसएफएसी और एपीडा जैसे संगठन संयुक्त सहयोग के दृष्टिकोण से आपूर्ति की स्थिरता बनाए रखने और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गुणवत्तायुक्त आपूर्तिकर्ता की छवि स्थापित करने के लिए कृषि उत्पादों का मात्रात्मक और गुणात्मक उत्पादन आधार सुधारने के लिए बड़े कृषक आधार तक पहुंचने में सक्षम होंगे। इससे निर्यात पर मात्रा और मूल्य में वृद्धि होगी और अप्रत्यक्ष रूप से किसानों की आय दोगुनी करने में योगदान मिलेगा।

एपीडाः

  • कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की स्थापना दिसंबर, 1985 में संसद द्वारा पारित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण अधिनियम के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा की गई। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) संसद के एक अधिनियम और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन स्थापित एक प्राधिकरण है। इसे फल, सब्जियों और उनके उत्पाद मांस और मांस उत्पाद, पॉल्ट्री और पॉल्ट्री उत्पाद, डेयरी उत्पाद, कन्फेक्शनरी, बिस्कुट और बेकरी उत्पाद, शहद, गुड़ और चीनी उत्पाद, कोको और इसके उत्पाद, सभी प्रकार के चॉकलेट, मादक और गैर-मादक पेय, अनाज और अनाज उत्पाद, मूंगफली और अखरोट, अचार, पापड़ और चटनी, ग्वार गम, फूल और फूल उत्पाद, हर्बल और औषधीय पौधे जैसे उत्पादों के निर्यात संवर्धन और विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। इसके अलावा इस पर चीनी के आयात की निगरानी की जिम्मेदारी है।

लघु कृषक कृषि व्यापार संघ (एसएफएसी):

  • यह लघु और सीमांत किसानों को किसान हित समूहों, कृषक उत्पादक संगठनों और किसान उत्पादक कम्पनी के रूप में संगठित करने के लिए एक अग्रणी संघ है। यह छोटे और लघु किसानों तक कृषि निवेशों की पहुंच और सस्ती उपलब्धता को बढ़ाने के लिए एक मंच उपलब्ध कराता है। इसे दिल्ली किसान मंडी और राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को ई-प्लेटफॉर्म पर लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह किसानों को प्रगामी रूप से मुक्त कृषि व्यापार और साथ-साथ मूल्य खोजने का प्रस्ताव उपलब्ध कराता हैं। वर्तमान में एसएफएसी के साथ लगभग 1000 ईपीओ/एफपीसी पंजीकृत हैं।

:: विविध ::

आयुध कारखानों ने अपना 219वां स्‍थापना दिवस मनाया

  • आयुध कारखाने 18 मार्च अपना 219वां स्‍थापना दिवस मना रहे हैं। पहला आयुध कारखाना वर्ष 1801 में इसी दिन कोलकाता के कोसीपोर में स्‍थापित किया गया था, जिसे अब ‘गन एंड शेल फैक्टरी’ के रूप में जाना जाता है। आयुध कारखाने दरअसल 41 आयुध कारखानों का एक समूह है, जिनका कॉरपोरेट मुख्‍यालय कोलकाता स्थित आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) है। ओएफबी नए अवतार में 02 अप्रैल,1979 को अस्तित्‍व में आया था।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने किस अनुच्छेद के तहत मणिपुर के वन मंत्री टी श्यामकुमार को पद से हटाने का आदेश प्रदान किया है? (अनुच्छेद 142)
  • हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा किन नए जिलों के सृजन हेतु मंजूरी प्रदान की गई? (मैहर, चाचौड़ा और नागदा)
  • वैज्ञानिकों ने धान की फसल को आर्सेनिक से बचाने के लिए किस बैक्टीरिया को तैयार किया है? (‘सबौर बायो-आर्सेनिक मिटिगेटर-1’)
  • सुप्रीम कोर्ट के द्वारा स्वत: संज्ञान लेने के संदर्भ में चर्चा में आए मिड डे मील का प्रारंभ कब हुआ था? (1995)
  • हाल ही में किस वैश्विक संगठन ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए विकासशील देशों को 650 करोड़ डॉलर मदद प्रदान करने की घोषणा की गई है? (एशियाई विकास बैंक)
  • अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किए गए अली अब्दुल्ला अयूब किस देश के रक्षा मंत्री हैं? (सीरिया)
  • हाल ही में रक्षा खरीद परिषद के द्वारा किन 83 लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी प्रदान की गई? (तेजस मार्क-1ए लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट)
  • लघु कृषक कृषि व्यापार संघ के साथ समझौता ज्ञापन करके चर्चा में रहे एपीडा का गठन कब किया गया था? (1985 में)
  • 18 मार्च को आयुध कारखाने का 219वां स्थापना दिवस मनाया गया। भारत के प्रथम आयुध कारखाने की स्थापना कब की गई थी? (1801 में कोलकाता के कोसीपोर में)
  • हाल ही में चर्चा में रहे एजीआर( एडजेस्टेड ग्रॉस रिवेन्यू) का कुल कितना प्रतिशत दूरसंचार कंपनियों को सरकार को फीस के रूप में देना पड़ता है? (एजीआर का 3% स्पेक्ट्रम फीस और 8 % लाइसेंस फीस)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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