(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (19 जून 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (19 जून 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

गरीब कल्याण रोजगार अभियान

चर्चा में क्यों?

  • वापस आए प्रवासी श्रमिकों और गांव के लोगों को सशक्त बनाने और आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने एक व्यापक ग्रामीण सार्वजनिक कार्य योजना गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।

पृष्ठभूमि

  • कोविड 19 के कारण बड़ी मात्रा में श्रमिकों का रिवर्स माइग्रेशन हुआ है। इससे ग्रामीण अवसंरचना पर भार बढ़ गया है, इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर आजीविका उपलब्ध करवाने के चुनौती सरकार के समक्ष बनी हुई थी।

गरीब कल्याण रोजगार अभियान के बारे में

  • इस अभियान के तहत प्रवासी मजदूरों को रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के साथ ही स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। पीएम मोदी 20 जून, 2020 को सुबह 11 बजे बिहार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम में इस अभियान की शुरुआत करेंगे। यह अभियान बिहार के खगड़िया जिले के ग्राम- तेलिहार, ब्लॉक- बेलदौर से लॉन्च किया जाएगा। आगे पांच अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्री भी इस वर्चुअल लॉन्च में भाग लेंगे।
  • 125 दिनों का यह अभियान मिशन मोड में चलाया जाएगा। 50 हजार करोड़ रुपये के फं ड से एक तरफ प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए विभिन्न प्रकार के 25 कार्यों का तीव्र और केंद्रित होकर क्रियान्वयन होगा, तो दूसरी तरफ देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनिया दी ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
  • 116 जिलों के 25 हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों के साथ इस अभियान में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा इन 6 राज्यों को चुना गया है, जिसमें इच्छा जताने वाले 27 जिले शामिल हैं। इन जिलों से दो तिहाई प्रवासी श्रमिकों के लाभान्वित होने का अनुमान है।

अभियान से जुड़ें मंत्रालय

  • यह अभियान 12 विभिन्न मंत्रालयों/विभागों जैसे ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खान, पेयजल और स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नई और नवीकरणीय ऊर्जा, सीमा सड़क, दूरसंचार और कृषि का एक समन्वित प्रयास होगा।

पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा

चर्चा में क्यों?

  • कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पुरी रथ यात्रा पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा है कि जनहित और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए हम इस साल रथ यात्रा की अनुमति नहीं दे सकते। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शरद अरविंद बोबड़े ने सुनवाई के दौरान कहा, "अगर हम इसकी इजाजत देते हैं तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करेंगे। महामारी के समय ऐसे आयोजन नहीं हो सकते हैं। लोगों के स्वास्थ्य के लिए आदेश ज़रूरी है।श्री जगन्‍नाथ मंदिर से यह यात्रा इस साल 23 जून से निकलनी थी।

पृष्ठभूमि

  • भुवनेश्‍वर के NGO ओडिशा विकास परिषद से सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका लगाई थी। याचिका में कहा गया था कि इससे कोरोना फैलने का खतरा बहुत ज्‍यादा है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि अगर दीपावली पर पटाखे जलाने पर रोक लगाई जा सकती है तो रथ यात्रा पर क्‍यों नहीं। ओडिशा सरकार ने 30 जून तक सभी तरह के धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगा रखी है। ऐसे में मंदिर प्रबंधन में बिना श्रद्धालुओं के रथ यात्रा निकालने का फैसला कर लिया था।

जगन्नाथ रथ यात्रा के बारे में

  • पूरी दुनिया में प्रसिद्ध पुरी की रथ यात्रा आषाढ़ महीने के शुक्‍ल पक्ष की द्वितीया से शुरू होती है। भगवान जगन्‍नाथ अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ अलग- अलग रथों पर सवार होकर 'श्री गुंडिचा' मंदिर के लिए प्रस्‍थान करते हैं। नौ दिन तक चलने वाली इस रथ यात्रा के लिए तीन रथ बनते हैं। भगवान जगन्‍नाथ के लिए लाल और हरे का रथ बनता है जिसका नाम तालध्‍वज होता है। सुभद्रा के लिए नीले और लाल रंग का दर्पदलन या पद्म रथ बनता है। भगवान जगन्‍नाथ की खातिर पीले और लाल रंग का नदीघोष या गरुड़ध्‍वज नाम का रथ बनाया जाता है। रथों का बनना अक्षय तृतीया से शुरू होता है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council)

  • हाल ही में भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुन लिया गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लिए बुधवार को हुई वोटिंग में महासभा के 193 देशों ने हिस्सा लिया। कुल 192 मतों में से 184 मत भारत के पक्ष में पड़ा। भारत 8 वीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य बना है।
  • भारत 2021-22 के कार्यकाल के लिए एशिया-प्रशांत श्रेणी से गैर-स्थायी सीट के लिए एकमात्र उम्मीदवार था।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्यों में भारत के साथ आयरलैंड, मैक्सिको और नॉर्वे भी अस्थाई सदस्य चुने गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद क्या है?

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र का एक प्रमुख अंग है जिसका मुख्य कार्य अर्न्तराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बनाये रखना है।
  • इसकी शक्तियों में अस्थिर देशों या युद्ध से ग्रसित देशों में शांति स्थापित करने के अभियानों को चलाना, सम्पूर्ण अर्न्तराष्ट्रीय जगत के लिए खतरा उत्पन्न करने वाले देशों पर अर्न्तराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाना, और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के माध्यम से सैन्य कार्यवाही करना इत्यादि शामिल है।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आदेश प्रस्तावों या Resolutions के माध्यम से जारी किये जाते हैं जो सदस्य देशों के लिए बाध्यकारी होते हैं।
  • सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिसमें कुल 5 सदस्य देश इसके स्थाई सदस्य होते हैं, जिन्हें P-5 देश कहा जाता है। ये 5 सदस्य देश हैं- रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस , चीन एवं अमेरिका। इन P-5 सदस्यों के पास किसी भी निर्णय पर वीटो लगाने की शक्ति होती है।
  • इन P-5 देशों के अलावा सुरक्षा परिषद में 10 गैर-स्थाई सदस्य भी होते हैं, जिन्हें दो साल के लिए क्षेत्रीय आधार पर चुना जाता है।
  • इस इकाई की अध्यता मासिक रूप से हर सदस्य देश के द्वारा जारी है।
  • सुरक्षा परिषद का मुख्यालय न्यूयार्क में स्थित है।
  • इन दस गैर-स्थाई देशों का कार्यकाल 1 January को आधिकारिक रूप से शुरू होता है, जिसमें से 5 सदस्य हर साल बाहर निकल जाते हैं।
  • गैर स्थाई सदस्य बनने के लिए हर उम्मीदवार देश को उस सीट के लिए पड़े कुल वोटों की संख्या का 2/3 वोट प्राप्त करना होता है।

उइगर मानवाधिकार नीति कानून, 2020

चर्चा में क्यों?

  • नॉवेल कोरोना वायरस के कारण दुनिया भर में फैली महामारी कोविड-19 को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बिल पर हस्ताक्षर किया है। इसमें उइगर व अन्य अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर चीन को दंडित करने की मांग की गई है। पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र में उइगर व अन्य जातीय समूहों की व्यापक निगरानी और हिरासत में लेने वाले चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध शामिल है।

उइगर मानवाधिकार नीति कानून के मायने

  • चीन के अशांत मुस्लिम बहुल शिनजियांग क्षेत्र में उइगर समुदाय के मानवाधिकार का चीन द्वारा उल्लंघन की आलोचना करने वाले बिल पर राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर ने इसे कानून का रूप दे दिया। अब इससे चीन के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उइगर मानवाधिकार नीति कानून, 2020 से मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वालों को जवाबदेह ठहराया जा सकता है। इन मानवाधिकार उल्लंघनों में चीन में उइगरों और अन्य अल्पसंख्यकों का जबरन धर्म परिवर्तन करने वाले शिविर, जबरन मजदूरी और जातीय एवं धार्मिक पहचान मिटाने की कोशिश करना शामिल है।

उइगर कौन हैं ?

  • इस्लाम को मानने वाले उइगर समुदाय के लोग चीन के सबसे बड़े और पश्चिमी क्षेत्र शिंजियांग प्रांत में रहते हैं। इस प्रांत की सीमा मंगोलिया और रूस सहित आठ देशों के साथ मिलती है। तुर्क मूल के उइगर मुसलमानों की इस क्षेत्र में आबादी एक करोड़ से ऊपर है। इस क्षेत्र में उनकी आबादी बहुसंख्यक थी। लेकिन जब से इस क्षेत्र में चीनी समुदाय हान की संख्या बढ़ी है और सेना की तैनाती हुई है तब से यह स्थिति बदल गई है।

क्या है चीनी सरकार के साथ तनाव की वजह?

  • शिनजियांग प्रांत में रहने वाले उइगर मुस्लिम 'ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट' चला रहे हैं जिसका मकसद चीन से अलग होना है। दरअसल, 1949 में पूर्वी तुर्किस्तान, जो अब शिनजियांग है, को एक अलग राष्ट्र के तौर पर कुछ समय के लिए पहचान मिली थी, लेकिन उसी साल यह चीन का हिस्सा बन गया। 1990 में सोवियत संघ के पतन के बाद इस क्षेत्र की आजादी के लिए यहां के लोगों ने काफी संघर्ष किया। उस समय इन लोगों के आंदोलन को मध्य एशिया में कई मुस्लिम देशों का समर्थन भी मिला था लेकिन, चीनी सरकार के कड़े रुख के आगे किसी की एक न चली।

:: राजव्यवस्था ::

कानून का शासन सूचकांक (Rule of Law Index)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने 2020 कानून का शासन सूचकांक के सन्दर्भ में वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। इस याचिका में भारत के सूचकांक में निम्न स्थिति पर केन्द्र, राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को विशेषज्ञों की समितियां गठित करने की मांग की गयी थी।
  • हालाँकि न्यायालय ने कहा कि इस संबंध में उचित कार्रवाई के लिये वह सरकार को प्रतिवेदन दे सकते हैं एवं सरकार कानून का शासन वाले देशों के सूचकांक में भारत के स्थान में सुधार के लिये आज से छह महीने के भीतर समितियां गठित करने का निर्णय ले सकती है।

पृष्ठभूमि

  • भारत की कानून के सूचकांक में भारत के स्थान में सुधार के लिये एक याचिका प्रस्तुत की गयी थी। इसके लिए इसमें केन्द्र, राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को विशेषज्ञों की समितियों के गठन की मांग की गयी थी। इसके साथ ही इस याचिका में विधि आयोग को इस सूचकांक में शामिल शीर्ष 20 देशों की व्यवस्थाओं का अध्ययन करके भारत की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार के उपायों के बारे में सुझाव देने की भी मांग की गयी थी।

क्या है कानून का शासन सूचकांक?

  • कानून का शासन सूचकांक प्रतिवर्ष एक स्वतंत्र संगठन ‘वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट' द्वारा तैयार किया जाता है। इसमें किसी देश की रैंकिंग का आधार उस देश शासकीय खुलापन, मौलिक अधिकार, दीवानी और फौजदारी न्याय व्यवस्था तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश पाने जैसे कई बिन्दुओं के आधार पर तैयार की जाती है।

कानून का शासन सूचकांक 2020 से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • 128 देशों की सूची में डेनमार्क प्रथम स्थान पर रहा। नॉर्वे और फीनलैंड को क्रमशः दुसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इस सूचकांक में भारत को 69 वीं रैंकिंग प्राप्त हुई। इस सूचकांक में सबसे निम्न स्थिति वेनेजुएला की रही एवं यह 128 स्थान पर रहा। इसके अलावा कम्बोडिया को इस सूची में 127 स्थान प्राप्त हुआ।

:: अर्थव्यवस्था ::

पार्टिसिपेटरी नोट्स (P-Notes)

चर्चा में क्यों

  • घरेलू पूंजी बाजार में पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) के माध्यम से होने वाला निवेश मई अंत तक बढ़कर 60,027 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
  • भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल के अंत तक भारतीय घरेलू पूंजी बाजारों...शेयर, बांड, हाइब्रिड प्रतिभूतियों और डेरिवेटिव्स में पी- नोट्स के जरिये निवेश का आंकड़ा 57,100 करोड़ रुपये था।

क्या है पार्टिसिपेटरी नोट्स (P-Notes)?

  • पी-नोट्स पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा ऐसे विदेशी निवेशकों को जारी किए जाते हैं जो सेबी में सीधे अपना पंजीकरण कराए बिना भारतीय शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं। पी-नोट्स को भागीदार नोट्स या ऑफशोर डेरिवेटिव इंट्रूमेंट (ODI) भी कहा जाता है।
  • निवेशकों को पी-नोट्स सेबी के पास रजिस्‍टर्ड विदेशी ब्रोक्रेज हाउस द्वारा जारी किया जाता है जिसमे निवेशकों को निवेश के समय अलग से पहचान बताना और पूरा ब्योरा सेबी को को देना जरूरी नहीं होता है।
  • भारतीय पूंजी बाजार में 1992 में सेबी ने रजिस्‍टर्ड विदेशी ब्रोक्रेज हाउस को पी-नोट्स के जरिए निवेश करने की इजाजत दी थी।
  • यद्यपि पी-नोट्स को पूरी जांच-परख की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है फिर भी इनकी अपारदर्शी प्रकृति के कारण इन्हे काले धन का निवेश करने के साधन के रूप में जाना जाता रहा है।

समायोजित सकल राजस्व (Adjusted Gross Revenue, AGR)

चर्चा में क्यों?

  • सुप्रीम कोर्ट में समायोजित सकल राजस्व (Adjusted Gross Revenue, AGR) मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि गैर टेलीकॉम PSU (सार्वजनिक उपक्रम) से AGR की मांग का आदेश वापस लिया गया है। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने PSU से वसूली पर सरकार को फटकार लगाई थी।

समायोजित सकल राजस्व (AGR) क्या है?

  • यह उपयोग और लाइसेंस शुल्क है जो दूरसंचार ऑपरेटरों से दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा वसूला जाता है। इसे स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क और लाइसेंसिंग शुल्क में विभाजित किया जाता है जो क्रमशः 3.5% और 8% के बीच तय किया जाता है।

क्यों है समायोजित सकल राजस्व पर विवाद ?

  • समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) के तहत दूरसंचार कंपनियों को अपनी कमाई का एक हिस्सा सरकार के दूरसंचार विभाग के साथ साझा करना होता है . एजीआर की परिभाषा को लेकर टेलीकॉम कंपनियां और सरकार के बीच 2005 से ही मतभेद हैं। कंपनियां का तर्क है कि एजीआर में केवल टेलीकॉम से प्राप्त राजस्व को जोड़ा जाए। जबकि सरकार गैर टेलीकॉम राजस्व जैसे कि जमा पर अर्जित ब्याज और संपत्ति की बिक्री को भी एजीआर में शामिल करना चाहती थी। जिसमे सुप्रीम कोर्ट ने एजीआर के सन्दर्भ में सरकार के पक्ष में फ़ैसला दिया है।

आवास वित्त कंपनियों के लिए नियमों में बदलाव का प्रस्ताव

  • भारतीय रिजर्व बैंक ने आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) के लिए स्वयं के स्वामित्व वाले न्यूनतम शुद्ध कोष (एनओएफ) की अनिवार्यता को दोगुना करके 20 करोड़र रुपये करने का प्रस्ताव किया। इसी के साथ उसने एचएफसी के लिए विभिन्न नियमों में बदलाव का मसौदा भी पेश किया।
  • केंद्रीय बैंक ने मसौदा जारी करने के साथ ही कहा कि इसका मकसद एचएफसी विशेष कर छोटी एचएफसी के पूंजी आधार को मजबूत बनाना है। मसौदे में वित्तीय मानकों के आधार पर प्रणालीगत अहम एचएफसी की नयी श्रेणी भी बनायी गयी है। साथ ही किसी एचएफसी को या तो निर्माण कंपनी या घर खरीदार में से किसी एक को ऋण देने तक सीमित करने का भी प्रस्ताव है।
  • रिजर्व बैंक ने कहा मौजूदा एचएफसी को एनओएफ के स्तर को पूरा करने के लिए एक साल में 15 करोड़ रुपये और दो साल में 20 करोड़ रुपये करने की सुविधा दी गयी है। रिजर्व बैंक ने इस मसौदे पर हितधारकों से 15 जुलाई तक सुझाव मांगे हैं।

41 कोयला ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया का शुभारंभ

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नई दिल्‍ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वाणिज्यिक खनन के लिए 41 कोयला ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया का शुभारंभ किया। यह दरअसल ‘आत्‍मनिर्भर भारत अभियान' के तहत भारत सरकार द्वारा की गई अनेक घोषणाओं की श्रृंखला का एक हिस्सा है।

कोयला क्षेत्र से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी

  • दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कोयला भंडार होने और दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक होने के साथ ही भारत दूसरा सबसे बड़ा कोयला आयातक भी है।
  • कोयला सेक्‍टर को कैप्टिव (स्‍व-उपयोग) और गैर-कैप्टिव खदानों के जाल में निरंतर उलझाए रखा गया। इस सेक्‍टर को प्रतिस्पर्धा एवं पारदर्शिता से वंचित रखा गया, जो एक बड़ी समस्या थी। इस वजह से कोयला सेक्‍टर में निवेश का अभाव देखा गया और इसकी दक्षता भी सवालों के घेरे में रही।
  • कोयला सेक्‍टर के विकास को नई गति प्रदान करने के लिए वर्ष 2014 में कोल लिंकेज की शुरुआत की गई। भारत ने अधिक प्रतिस्पर्धा, पूंजी, भागीदारी एवं प्रौद्योगिकी के लिए कोयला और खनन सेक्‍टरों को पूरी तरह से खोलने का अहम निर्णय लिया है। यह सुनिश्चित करने का ध्यान रखा गया है कि निजी खनन सेक्‍टर में नए खिलाड़ियों या कंपनियों को वित्त की समस्या का सामना कतई न करना पड़े।
  • एक मजबूत खनन और खनिज सेक्‍टर के बिना आत्मनिर्भरता संभव नहीं हैं। इन सुधारों के बाद कोयला उत्पादन और समस्‍त कोयला सेक्‍टर आत्मनिर्भर हो जाएगा।
  • अब बाजार को कोयले के लिए खोल दिया गया है, इसलिए कोई भी सेक्‍टर अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कोयला खरीद सकता है। इन सुधारों से न केवल कोयला सेक्‍टर, बल्कि इस्‍पात, अल्युमीनियम, उर्वरक और सीमेंट जैसे अन्‍य सेक्‍टर भी लाभान्वित होंगे। इतना ही नहीं, यह बिजली उत्पादन बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा।
  • खनिज क्षेत्र में सुधारों को कोयला खनन सुधारों से काफी बल मिला है क्योंकि लोहा, बॉक्साइट और अन्य खनिज दरअसल कोयला भंडारों के बहुत करीब अवस्थित होते हैं।
  • वाणिज्यिक कोयला खनन के लिए आज की गई नीलामी की शुरुआत दरअसल सभी हितधारक उद्योगों के लिए फायदेमंद है। यही नहीं, राज्य सरकारों को अपेक्षाकृत अधिक राजस्व मिलेगा और देश की आबादी के एक बड़े हिस्‍से को रोजगार मिलेगा। एक और विशेष बात यह है कि हर सेक्‍टर पर सकारात्मक असर होगा।
  • कोयला सुधारों को लागू करते समय यह सुनिश्चित किया गया है कि पर्यावरण की रक्षा के लिए भारत की प्रतिबद्धता कतई कमजोर नहीं पड़े। उन्होंने कहा, ‘कोयले से गैस बनाने के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जा सकता है और कोयला गैसीकरण जैसे कदमों से पर्यावरण का संरक्षण किया जाएगा। कोयले से प्राप्‍त गैस का उपयोग परिवहन एवं खाना पकाने में किया जाएगा, जबकि यूरिया और इस्‍पात (स्टील) विनिर्माण उद्योगों को बढ़ावा देंगे।'
  • सरकार ने वर्ष 2030 तक लगभग 100 मिलियन टन कोयले के गैसीकरण का लक्ष्य रखा है। इस उद्देश्य के लिए चार परियोजनाओं की पहचान की गई है और इनमें तकरीबन 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
  • कोयला सेक्‍टर में लागू किए गए ये सुधार पूर्वी और मध्य भारत, हमारे आदिवासी क्षेत्र, को विकास स्तंभ बना देंगे। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आकांक्षी जिले हैं और वे प्रगति एवं समृद्धि के अपेक्षित स्तर पर पहुंचने में समर्थ नहीं हो पाए हैं। देश के 16 आकांक्षी जिलों में कोयले का विशाल स्‍टॉक या भंडार है, लेकिन इन क्षेत्रों के लोगों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाया है। इतना ही नहीं, इन स्‍थानों या क्षेत्रों के लोगों को रोजगार के लिए दूरदराज के शहरों में जाना पड़ता है।
  • वाणिज्यिक खनन की दिशा में उठाए गए कदम पूर्वी और मध्य भारत के स्थानीय लोगों के लिए काफी मददगार साबित होंगे क्‍योंकि उन्‍हें अपने-अपने घरों के आसपास ही रोजगार मिलना संभव हो पाएगा।
  • सरकार ने कोयला निकालने और परिवहन के लिए बुनियादी ढांचागत सुविधाओें के निर्माण पर 50 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है। इनसे भी रोजगार अवसर सृजित होंगे।
  • कोयला सेक्‍टर में लागू किए गए सुधार और निवेश जनजातीय लोगों की जिंदगी को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। कोयला उत्पादन के जरिए सृजित अतिरिक्त राजस्व का उपयोग इस क्षेत्र में जन कल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा। राज्यों को ‘जिला खनिज कोष' से आगे भी मदद मिलती रहेगी, जिसके एक बड़े हिस्‍से का उपयोग आसपास के क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं को विकसित करने में किया जाएगा।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

कोविड-19 की संभावित दवा उमीफेनोविर (Umifenovir)

चर्चा में क्यों

  • हाल ही में औषधि महानियंत्रक, भारत सरकार (Drug Controller General of India-DGCI) द्वारा वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की लखनऊ स्थित प्रयोगशाला सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) को एंटी-वायरल दवा उमिफेनोविर के तीसरे चरण के चिकित्सीय परीक्षण के लिए मंजूरी प्रदान की गयी है।

उमीफेनोविर के बारे में

  • उमीफेनोविर एक एंटी-वायरल दवा है जो कोशिकाओं को वायरस के प्रवेश को रोकने और प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने के माध्यम से कार्य करती है। यह एक विश्वसनीय और सुरक्षित दवा है।
  • चीन और रूस में उमिफेनोविर का उपयोग मुख्य रूप से इन्फ्लुएंजा के इलाज के लिए किया जाता है एवं अन्य किसी देश में फिलहाल यह उपलब्ध नहीं है ।हाल ही में कोविड-19 के रोगियों के उपचार के लिए इस दवा के संभावित उपयोग को चिह्नित किया गया है।
  • दवा के निर्माण और विपणन के लिए संस्थान द्वारा विकसित किफायती प्रक्रिया प्रौद्योगिकी को मेडिज़ेस्ट फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड गोवा, को लाइसेंस किया गया है।
  • दवा के लिए सभी एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट (कच्चे माल) स्वदेशी रूप से उपलब्ध हैं और यदि क्लीनिकल परीक्षण सफल रहा है, तो उमिफेनोविर कोविड-19 के खिलाफ एक सुरक्षित, प्रभावकारी, सस्ती दवा हो सकती है और राष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा हो सकती है।
  • डीसीजीआई की मंजूरी मिलने के बाद अब इस दवा के प्रभाव, सुरक्षा और सहनशीलता के आकलन के लिए रेंडम, डबल ब्लाइंडेड, प्लेसबो नियंत्रित चिकित्सीय परीक्षण किए जा सकेंगे। यह मंजूरी मिलने के बाद भारतीय रोगियों पर इस दवा का परीक्षण किया जा सकेगा।

औषधि महानियंत्रक, भारत सरकार

  • औषधि महानियंत्रक, भारत सरकार (DCGI) भारत सरकार के सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) का एक विभाग है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
  • डीसीजीआई भारत में दवाओं के विनिर्माण, बिक्री, आयात और वितरण के मानक और गुणवत्ता को सुनिश्चित करने का कार्य करता है। वर्तमान में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) वी जी सोमानी हैं।

एयरफोर्स का 33 नए रूसी लड़ाकू विमानों का प्रस्ताव

  • पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ चल रही तनातनी के बीच भारतीय वायु सेना (IAF) ने 33 नए लड़ाकू विमानों को हासिल करने के लिए सरकार को एक प्रस्ताव दिया है, जिसमें 21 मिग-29 और रूस के 12 सुखोई -30MKI शामिल हैं।
  • सूरकारी सूत्रों के अनुसार, वायु सेना कुछ समय से इस योजना पर काम कर रही है, लेकिन उन्होंने अब इस प्रक्रिया को तेज कर दिया है। 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले प्रस्तावों को अगले सप्ताह अंतिम मंजूरी के लिए रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तर की बैठक में रखा जाएगा। प्रस्ताव में 12 सुखोई-30MKI का अधिग्रहण शामिल है, जो विभिन्न दुर्घटनाओं में वायु सेना द्वारा खो चुके विमानों को बदलने के लिए आवश्यक होंगे।
  • भारत ने अलग-अलग बैचों में 10 से 15 साल की अवधि में 272 सुखोई-30 फाइटर जेट्स के लिए ऑर्डर दिए थे। वायु सेना ने यह जांचने के लिए एक अध्ययन किया है कि क्या ऑफर पर मिग-29 के एयरफ्रेम लंबे समय तक काम करने के लिए पर्याप्त है? वे लगभग नई स्थिति में पाए गए हैं।
  • मिग-29 को वायु सेना द्वारा उड़ाया जाता है और पायलट इससे परिचित होते हैं, लेकिन रूसियों द्वारा पेश की जाने वाली वस्तुएं भारतीय सूची में अलग हैं। वायु सेना के पास मिग-29 के तीन स्क्वाड्रन हैं जिन्हें समय-समय पर आगे बढ़ाने के लिए अपग्रेड किया जाता है और उन्हें वायु रक्षा भूमिकाओं में विश्वसनीय माना जाता है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

हॉग बैजर्स

चर्चा में क्यों?

  • त्रिपुरा में धलाई जिले के सलीमा इलाके में एक लुप्तप्राय प्रजाति के तीन हॉग पाए गए। पहली बार, सुदूर थलाई जिले के सलमा के एक गांव में त्रिपुरा में एक दुर्लभ प्रजाति के हॉग बैजर्स पाए गए।

हॉग बैजर्स के बारे में

  • वैज्ञानिक रूप से 'आर्कटॉक्स कॉलरस' के रूप में जाना जाने वाला हॉग बैजर्स, आईयूसीएन (प्रकृति के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ) में लुप्तप्राय प्रजातियों के रूप में सूचीबद्ध हैं। इसमें सुअर और भालू दोनों की विशेषताएं होती हैं। यह छोटे फलों और जानवरों को खाता है। यह अद्भुत प्रजाति असम, एनई इंडिया के कुछ अन्य राज्यों और थाईलैंड जैसे दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में पाए जाते है

:: विविध ::

#प्लेफोरइंडिया पहल

चर्चा में क्यों?

  • रोहित शर्मा, युवराज सिंह और बजरंग पूनिया जैसे स्टार खिलाड़ियों के अलावा ओलंपियन साक्षी मलिक और दीपा करमाकर ने #प्लेफोरइंडिया पहल का समर्थन किया है जिसका लक्ष्य कोविड-19 महामारी के कारण जीविका प्रभावित होने के कारण मुसीबत का सामना कर रहे खेलों से जुड़े लोगों की मदद करना है। रोहित और युवराज के अलावा महिला टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और मयंक अग्रवाल जैसे क्रिकेटर भी इस पहल से जुड़े हैं।दिग्गज पहलवान बजरंग, टेनिस स्टार सानिया मिर्जा के अलावा बालीवुड सेलीब्रिटी अभिषेक बच्चन और सुनील शेट्टी भी इस पहल का हिस्सा हैं।

#प्लेफोरइंडिया पहल के बारे में

  • #प्लेफोरइंडिया पहल का लक्ष्य भारत के खेल समुदाय, प्रशंसकों और खिलाड़ियों को एकजुट करना और उनके प्रयासों की बदौलत उन लोगों की मदद करना है जो उस अदृश्य सहायक व्यवस्था का हिस्सा हैं जिनके बिना खेल गतिविधियां संभव नहीं हैं।
  • "इसमें साफ-सफाई करने वाले, माली, कोच, अंपायर, रैफरी, कैडी और अन्य सहायक स्टाफ शामिल हैं जिन्हें काम नहीं होने के कारण नियमित वेतन नहीं मिल रहा है।
  • #प्लेफोरइंडिया पहल का लक्ष्य उन लोगों को वित्तीय और गैरवित्तीय समर्थन मुहैया कराना है जो भारत में खेलों की रीढ़ हैं।"

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • त्रिपुरा में पाए जाने से चर्चा में रहे हॉग बैजर्स (Hog Badger) आईयूसीएनकी किस सूची में सूचीबद्ध है? (आईयूसीएन रेट लिस्ट में लुप्तप्राय प्रजातियों शामिल)
  • भारत ने संयुक्त राष्ट्र की किस विशेष परिषद के अस्थाई सदस्य के चुनाव में 192 में से 184 वोट पाकर अपनी सीट सुनिश्चित की ? (संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद)
  • विधि के संदर्भ में भारत की स्थिति में सुधार पर याचिका से चर्चा में रहे “विधि का शासन सूचकांक 2020” में भारत की रैंकिंग कितनी रही एवं इसे किस संस्था द्वारा जारी किया जाता है? (69,वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट)
  • औषधि महानियंत्रक भारत सरकार के द्वारा तीसरे ट्रायलफेजकी अनुमति से चर्चा में रहेएंटीवायरल ड्रग उमिफेनोविर(Umifenovir) का प्रयोग मुख्यतः किसके इलाज में होता है? (इन्फ्लूएंजा)
  • हाल ही में विभिन्न खिलाड़ियों के द्वारा समर्थन से चर्चा में रहे #प्लेफोरइंडिया पहल का उद्देश्य क्या है? (कोविड-19 से प्रभावित खेलों से जुड़े लोगों की मदद करना)
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा आत्मनिर्भर भारत के तहत वाणिज्य खनन हेतु कितने कोयला ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को मंजूरी दी गई? (41 कोयला ब्लॉक)
  • जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुकूल महत्वपूर्ण कदम के रूप में भारत सरकार के द्वारा वर्ष 2030 तक कितने मिलियन टन कोयले के गैसीकरण का लक्ष्य रखा है? (100मिलियन टन)
  • पिछले महीने 60,027 करोड़ रुपये के निवेश से चर्चा में रहे पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) किन्हे और किसके द्वारा जारी किए जाते हैं? (ऐसे विदेशी निवेशक जो बिना पंजीकृत हुए भारत बाजार में निवेश करना चाहते हैं, सेबी के द्वारा)
  • सरकार के द्वारा प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीण लोगों को आजीविका प्रदान करने हेतु किस व्यापक ग्रामीण सार्वजनिक कार्य योजना की शुरुआत की जाएगी? (गरीब कल्याण रोजगार अभियान योजना)
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा आगामी 20 जून को उद्घाटन चर्चा में रहे ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान योजना’ की शुरुआत कहां से की जाएगी? (बिहार के खगड़िया जिले के ग्राम-तेलिहार, ब्लॉक- बेलदौर से)
  • भारतीय वायु सेना द्वारा आर्डर दिए जाने से चर्चा में रहे ‘सुखोई -30MKI’ का निर्माण मूलतः किस देश के द्वारा किया गया है? (रूस)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

<< मुख्य पृष्ठ पर वापस जाने के लिये यहां क्लिक करें