(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (18 नवम्बर 2019)

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(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (18 नवम्बर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

कालापानी विवाद

  • नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली के एक ऐलान से भारत-नेपाल के बीच चली आ रही वर्षों पुरानी दोस्‍ती में तनाव के बादल छाते नजर आ रहे हैं। नेपाली प्रधानमंत्री ने भारत सरकार के नए नक्‍शे पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि वह कालापानी इलाके से अपनी फौज तत्‍काल हटा ले। ओली ने दावा किया कि नेपाल-भारत और तिब्‍बत के ट्राई जंक्‍शन पर स्थित यह इलाका उसके क्षेत्र में आता है। इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नए नक्शे में भारत के संप्रभु क्षेत्र का सटीक चित्रण है और पड़ोसी के साथ सीमा को संशोधित नहीं किया गया है।
  • कालापानी विवाद वैसे तो काफी पुराना है कि लेकिन इसकी ताजा शुरुआत जम्‍मू-कश्‍मीर के बंटवारे के बाद भारत सरकार के नए नक्‍शे को जारी करने से हुई। भारतीय गृह मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी किए गए राजनीतिक मानचित्र में कालापानी इलाके को भारतीय सीमाओं के अंदर दिखाया गया है। इस नए नक्‍शे पर नेपाल ने आपत्ति जताई है। नेपाल के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा, 'नेपाल सरकार दृढ़ता से यह मानती है कि कालापानी नेपाल का हिस्सा है। नेपाल-भारत सीमा पर कोई भी एकतरफा कार्रवाई नेपाल सरकार के लिए अस्वीकार्य होगी।'

क्‍या है कालापानी विवाद?

  • उत्‍तराखंड बॉर्डर पर नेपाल-भारत और तिब्‍बत के ट्राई जंक्‍शन पर स्थित कालापानी करीब 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। भारत का कहना है कि करीब 35 वर्ग किलोमीटर का यह इलाका उत्‍तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का हिस्‍सा है। उधर, नेपाल सरकार का कहना है कि यह इलाका उसके दारचुला जिले में आता है। वर्ष 1962 में भारत-चीन के बीच युद्ध के बाद से इस इलाके पर भारत के आईटीबीपी के जवानों का कब्‍जा है। दोनों देशों के बीच विवाद महाकाली नदी के उद्गम स्‍थल को लेकर है। यह नदी कालापानी इलाके से होकर गुजरती है।
  • दोनों देशों के बीच इस विवाद को राजनयिक तरीके से इस विवाद को सुलझाने पर सहमति बनी है और बातचीत भी जारी है। वर्ष 1996 में कालापानी इलाके के संयुक्‍त विकास के लिए महाकाली संधि के तुरंत बाद नेपाल की कम्‍यूनिस्‍ट पार्टी (सीपीएन-यूएमएल) ने कालापानी पर दावा करना शुरू कर दिया। इसके बाद आने वाले नेपाली चुनावों में कालापानी मुद्दे को नेपाली दलों ने उठाया। इसे भारत के खिलाफ दुष्‍प्रचार के रूप में इस्‍तेमाल किया।

रणनीतिक रूप से महत्‍वपूर्ण है कालापानी क्षेत्र

  • भारत-चीन-नेपाल के ट्राई जंक्‍शन पर स्थित कालापानी इलाका सामरिक रूप से काफी महत्‍वपूर्ण है। नेपाल सरकार का दावा है कि वर्ष 1816 में उसके और तत्‍कालीन ईस्‍ट इंडिया कंपनी के बीच हुई सुगौली संधि के मुताबिक कालापानी उसका इलाका है। हालांकि इस संधि के आर्टिकल 5 में कहा गया है कि नेपाल काली (अब महाकाली) नदी के पश्चिम में पड़ने वाले इलाके में अपना दावा नहीं करेगा। 1860 के दशक में पहली बार इस इलाके में जमीन का सर्वे हुआ था। 1929 में कालापानी को भारत का हिस्‍सा घोषित किया गया और नेपाल ने भी इसकी पुष्टि की थी।

कालापानी विवाद का चीन कनेक्‍शन

  • विदेशी मामलों के जानकार कमर आगा का कहना है कि नेपाल कालापानी का मुद्दा चीन की शह पर उठा रहा है। कमर आगा ने नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन से बातचीत में कहा कि चीन की नीति भारत को घेरने की है और इसी वजह से वह पर्दे के पीछे से इस मुद्दे को हवा दे रहा है। उन्‍होंने कहा कि चीन नेपाल तक अपनी रेललाइन बना रहा है और उसकी कोशिश नेपाल को अपने पाले में लाने की है। चीन नेपाल में अरबों रुपये का निवेश कर रहा है। नेपाल भी चीन की 'वन बेल्‍ट, वन रोड' योजना में शामिल है। आगा ने कहा कि चीन की कोशिश के बाद भी नेपाल को भारत पर से अपनी निर्भरता को खत्‍म करना बेहद मुश्किल होगा।
  • बता दें कि वर्ष 2017 में डोकलाम विवाद के समय भी चीन ने कालापानी का जिक्र करके भारत को सख्‍त संदेश देने की कोशिश की थी। चीन ने कहा था कि अगर वह उत्‍तराखंड के कालापानी इलाके में 'प्रवेश' करता है तो दिल्‍ली क्‍या करेगा? यही नहीं चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने हाल ही में नेपाल का 2 दिनों का दौरा किया था।

नेपाल से मजबूत हो रही चीन की दोस्ती

  • हिमालय की गोद में बसे इस देश के साथ चीन ने रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने के साथ ही 56 बिलियन की सहयोग राशि देने का भी ऐलान किया था। पिछले 20 वर्षों में किसी चीनी राष्ट्रपति की यह पहली नेपाल यात्रा थी। नेपाल के साथ लगातार संबंध प्रगाढ़ करने में जुटे चीन के राष्ट्रपति ने कहा, 'चीन सदैव नेपाल की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता को मजबूत करने के लिए खड़ा रहेगा।' राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि चीन ने इशारों में भारत को सुनाने के लिए यह संदेश दिया था।

आयुष्मान भारत योजना

  • आयुष्मान योजना का लाभ उठाने में तमिलनाडु, गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य काफी आगे हैं। देश भर में खर्च हुई कुल राशि का करीब 50% इन्हीं राज्यों में इस्तेमाल हुआ। वहीं यूपी-बिहार पिछड़ गए हैं। 30 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले इन दोनों राज्यों की हिस्सेदारी ना के बराबर है।
  • प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के तहत सितंबर 2019 तक कुल 7581 करोड़ रुपये गरीबों के मुफ्त इलाज पर खर्च हुए। इनमें सर्वाधिक खर्च तमिलनाडु में हुए। गुजरात दूसरे और आंध्र प्रदेश तीसरे नंबर पर रहा। यूपी समेत बिहार में भी गरीब मरीजों के इलाज पर नाममात्र खर्च हुए। हालांकि हिंदी पट्टियों में झारखंड की स्थिति बेहतर है। यूपी-बिहार से भी ज्यादा गरीबों को निशुल्क इलाज अकेले झारखंड में मिला। योजना के तहत गरीबों का पांच लाख तक का इलाज मुफ्त होता है।

खर्च में अग्रणी राज्य (राशि करोड़ रुपये में)

  • तमिलनाडु - 1395
  • गुजरात - 1372
  • आंध्र प्रदेश - 865
  • कर्नाटक - 682.79

ये राज्य पिछड़े

  • झारखंड - 259.60
  • यूपी - 206.35
  • बिहार - 89.19
  • उत्तराखंड - 76.81

लाभ देने में आगे (लाभान्वित मरीजों की संख्या)

  • गुजरात 8,34,658
  • तमिलनाडु 6,04,145
  • छत्तीसगढ़ 5,52,581
  • आंध्र प्रदेश 344879

हिंदी पट्टी का हाल

  • उत्तर प्रदेश 1,81,000
  • झारखंड 279029
  • बिहार 90,620
  • उत्तराखंड 78175
  • (05% से भी कम राशि उत्तर प्रदेश और बिहार में खर्च, झारखंड बेहतर)

इसलिए पिछड़े

  • बिहार : योजना शुरू होने में भी लंबा वक्त लगा। राज्य प्रशासन ने ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया। बुनियादी ढांचे में कमी भी इसमें बाधा बन रही है।
  • उत्तर प्रदेश: योजना समय से शुरू हुई और राज्य में पर्याप्त ढांचागत व्यवस्था भी है। पर प्रशासन के लचर रवैये से पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा।
  • उत्तराखंड : राज्य के निचले इलाकों में ही ज्यादातर अस्पताल होने से ऊंचाई वाले क्षेत्र में रहने वालों को इलाज की पूरी सुविधा नहीं मिल पा रही है।
  • झारखंड : यूपी-बिहार की तुलना में ज्यादा अस्पताल योजना से जुड़े। लेकिन सॉफ्टवेयर अपडेट न होने के कारण मरीजों का गोल्डन कार्ड बनने में दिक्कत आ रही।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्षे

  • श्रीलंका में राष्ट्रपति के लिए हुए चुनाव के परिणाम रविवार को आ गये और प्रमुख विपक्षी नेता गोताबाया राजपक्षे को विजयी घोषित किया गया है। भारत की रणनीतिक हितों में इस पड़ोसी देश की अहमियत को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने बिना किसी देरी के राजपक्षे को जीत पर बधाई भी दी और इस पूरे क्षेत्र में शांति व समृद्धि के लिए उनके साथ काम करने की अपनी दिली मंशा भी जता दी।
  • राजपक्षे का चुनाव जीतना इसलिए महत्वपूर्ण है कि उनकी छवि भारत विरोधी से ज्यादा चीन समर्थक की रही है। साथ ही आतंकी संगठन लिट्टे के खिलाफ हुई कार्रवाई के दौरान वह रक्षा सचिव थे और उन पर निर्दोष तमिल आबादी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मानवाधिकार उल्लंघन के काफी आरोप लगे थे।

श्रीलंका से द्विपक्षीय सहयोगात्मक रिश्ता बनाने की कोशिश

  • नेपाल के बाद श्रीलंका इस क्षेत्र का दूसरा देश है जहां हुए चुनाव में किसी ऐसे व्यक्ति या पार्टी की जीत हुई है जिसकी छवि भारत समर्थक की नहीं रही है। नेपाल में भारत विरोधी छवि वाले केपी शर्मा ओली के नेतृत्व में सरकार बनी लेकिन दोनो देशों के रिश्ते सामान्य गति से ही आगे बढ़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक भारत पहले ही यह निर्णय कर चुका है कि वह पड़ोसी देशों में होने वाले चुनाव में पूरी तरह से निष्पक्ष रहेगा और जो भी वहां की सरकार आएगी उसके साथ काम करेगा। अब वे दिन गए, जब कोई देश किसी देश की राजनीति को बदल सकता था। आखिरकार भारत भी एक साथ रूस और अमेरिका, सऊदी अरब और ईरान, इजरायल व फिलीस्तीन के साथ सामंजस्य बनाये हुए है। ऐसे में श्रीलंका में जो भी सरकार बनेगी, भारत उसके साथ द्विपक्षीय सहयोगात्मक रिश्ता बनाने की कोशिश करेगा।

भारत के हितों को करेगा प्रभावित

  • विदेश मंत्रालय के इस सकारात्मक नजरिए के बावजूद भारत राजपक्षे की भावी नीतियों पर करीबी नजर रखेगा। इसकी वजह यह है कि श्रीलंका की नीतियों सीधे तौर पर भारत की अंदरुनी राजनीति, सुरक्षा और बाह्य सामरिक हितों को प्रभावित करती हैं। राजपक्षे ने अपने चुनावी दौरे के दौरान कई बार यह कहा था कि अगर वह सत्ता में आते है तो चीन के साथ रिश्तों की और मजबूत बनाया जाएगा। यह भी सनद रहे कि उनके बड़े भाई और वर्ष 2005 से 2015 तक राष्ट्रपति रहे महिंदा राजपक्षे के कार्यकाल में श्रीलंका सरकार ने चीन को खूब बढ़ावा दिया। उनकी सरकार ने चीन को हमबनतोता बंदरगाह और एयरपोर्ट का ठेका दिया।
  • माना जाता है कि भारत को हिंद महासागर में चारों तरफ से घेरने की चीन की योजना में श्रीलंका की उक्त परियोजनाएं अहम हिस्सा हैं। बहरहाल, वर्ष 2015 में वहां मथरीपाला सिरीसेना के सत्ता में आने के बाद वहां भारत का माहौल बना। चीन के साथ किये गये समझौतों की समीक्षा की गई और भारत के हितों का ध्यान रखने का वादा किया गया। जाहिर है कि एक बार फिर चीन को समर्थन देने की बात करने वाले राजपक्षे के सत्ता में आने से भारत सतर्क रहेगा।

अमेरिका की कोशिशों को लगा धक्‍का

  • सनद रहे कि कुछ महीने पहले ही हिंद महासागर के एक अन्य देश मालदीव से चीन के हितों का खुल कर समर्थन करने वाली सरकार के बाहर होने से भारत ने राहत की सांस ली थी। देश के प्रमुख रणनीतिक विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी के मुताबिक, श्रीलंका में चीन के एक बड़े समर्थक का चुनाव जीतना अमेरिका के नेतृत्व में 'एक मुक्त व खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र' बनाने की कोशिश को धक्का है। लेकिन भारत की चिंता सिर्फ बाहरी सामरिक हितों से जुड़ी हुई नहीं है बल्कि घरेलू राजनीति से भी जुड़ी हुई है। राजपक्षे की छवि तमिल विरोधी की है।

अल्‍पसंख्‍यकों के मन में राजपक्षे को लेकर संदेह

  • तमिल बहुल इलाके में उन्हें सिर्फ 15 फीसद वोट मिलने से साफ है कि इस अल्पसंख्यक समुदाय के मन में उनके लिए काफी संदेह है। राजपक्षे के चुनाव प्रचार में खुल कर बहुसंख्यक सिंहली आबादी के हितों की बात कही गई। पूर्व में भी जब महिंदा राजपक्षे की सरकार थी तो वहां तमिलों से जुड़े मुद्दे भारतीय राजनीति में भी असर दिखाते हैं। तमिलनाडु की राजनीति में श्रीलंका में तमिलों की स्थिति एक प्रमुख मुद्दा होता है।

उईगर मुस्लिम: चीन

  • चीन में उईगर मुस्लिमों के खिलाफ सरकारी बर्बरता के बारे में अभी तक खबरें ही आ रही थीं। लेकिन पहली चीन के अत्याचार के दस्तावेज दुनिया के सामने आए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स को हाथ लगे इस दस्तावेज ने चीन की कलई खोल कर रख दी है। इससे पता चलता है कि चीन ने दुनिया की नजरों में धूल झोंकने के लिए नजरबंदी शिविरों को प्रशिक्षण केंद्र का नाम दे रखा है। चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की तरफ से शिंजियांग की प्रांतीय सरकार को उईगर, कजाख और अन्य अल्पसंख्यकों को नजरबंदी शिविरों में रखने के लिए दिए गए निर्देश इसमें दर्ज हैं।
  • स्थानीय अधिकारियों को स्कूल की छुट्टी पर घरों को आने वाले छात्रों को चुप रखने के निर्देश दिए गए हैं। घरवालों और रिश्तेदारों के बारे में पूछने पर छात्रों को धमकाकर चुप रखने को कहा गया है। कहा गया है कि छात्र अगर दबाव बनाते हैं तो उन्हें बताया जाए कि उनके व्यवहार से उनके माता-पिता की हिरासत की अवधि बढ़ सकती है। शिंजियांग प्रांत की सीमा पाकिस्तान, अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों से लगती है। अनुमान के मुताबिक यहां 10 लाख से ज्यादा उईगर मुस्लिमों को तीन साल से अधिक समय से नजरबंदी शिविरों में रखा गया है।

पृष्ठभूमि

  • शिंजियांग प्रांत की राजधानी उरूम्की में 2009 में एक साथ कई क्षेत्रों में नस्लीय दंगे भड़क गए थे। साथ ही सरकार और चीन विरोधी हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे। उसके बाद ही चीन ने उईगर मुस्लिमों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई शुरू की थी। 2014 में यहां बाजार में हुए हमले में 39 लोग मारे गए थे।
  • 403 पेज के लीक दस्तावेज में राष्ट्रपति शी चिनफिंग के अधिकारियों के सामने दिए गए गुप्त भाषण ही 200 पेज में दर्ज हैं। इसके अलावा 150 पेज में उईगर मुस्लिमों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी निर्देश हैं।
  • लीक दस्तावेज से पता चलता है कि चीन देश के अन्य हिस्सों में भी इस्लाम पर पाबंदी लगाने की योजना बना रहा है। लीक सामग्री से यह भी पता चलता है कि कम्युनिस्ट पार्टी में असंतोष भी बढ़ रहा है।
  • शिंजियांग प्रांत में उईगर मुस्लिमों के लंबी दाढ़ी रखने और अरबी पढ़ने पर भी रोक लगा दी गई है। मस्जिदों के बाहर वो नमाज भी नहीं पढ़ सकते हैं। सिगरेट और शराब पीने पर भी पाबंदी है।
  • चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के ही एक सदस्य ने अखबार को ये पेपर मुहैया कराए हैं। तीन दशक में शायद यह पहली बार है कि इस तरह के दस्तावेज किसी अखबार को हाथ लगे हैं। अपना नाम गुप्त रखते हुए सदस्य ने उम्मीद जताई कि उसके द्वारा दिए गए दस्तावेज के चलते चिनफिंग समेत कम्युनिस्ट पार्टी के अन्य नेता बड़े पैमाने पर हिरासत के दोष से बच नहीं पाएंगे।

:: भारतीय राजव्यवस्था एवं महत्वपूर्ण विधेयक ::

राज्यसभा का 250वां सत्र

  • संसद के उच्च सदन राज्य सभा का सोमवार को 250वां सत्र शुरू होगा। राज्य सभा ने पहला विधेयक द इंडियन टैरिफ (द्वितीय संशोधन विधेयक) के रूप में पारित किया था, जो आबादी के हिसाब से सांसदों की संख्या तय करने से संबंधित था। समाज सुधारों को आगे बढ़ाने वाला ऐतिहासिक स्पेशल मैरिज बिल भी 1954 में उच्च सदन से मंजूर हुआ। वर्तमान में सदन में 245 सीटें हैं।
    1952 में संसद का उच्च सदन शुरू हुआ। उस वक्त 15 महिलाएं राज्यसभा सदस्य थीं, जबकि कुल 2016 सदस्य थे। अब 2019 में राज्य सभा के 69 साल पूरे होने पर महिला सदस्यों की संख्या दोगुनी भी नहीं हो सकी है। वर्तमान में 26 महिला सदस्य हैं जो कि मात्र 10.83 प्रतिशत की वृद्धि है। यह संख्या 2014 में सदस्य रहीं 31 महिलाओं से कम है।

राज्यसभा एक नजर में

  • 3817 विधेयक पारित हुए 67 वर्षों के दौरान
  • 208 महिलाएं व 137 मनोनीत सदस्य
  • 2282 सदस्य बने अब तक राज्य सभा सदस्य

ऐतिहासिक पल

  • जब राज्यसभा अध्यक्ष ने वोट डाला: उच्च सदन में सिर्फ एक बार ऐसा हुआ जब राज्यसभा सभापति ने विधेयक पर मत डाला। 1991 में जब आपराधिक प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अध्यादेश के विरुद्ध विपक्ष ने 39 और सत्तापक्ष ने भी 39 मत दिए। तब सभापति ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
  • दहेज निषेध बिल पर संयुक्त सत्र:1959 में पेश हुए दहेज निषेध विधेयक पर दोनों सदनों में सहमति नहीं बनी। तब 1961 में राज्य सभा व लोक सभा के संयुक्त सत्र में यह विधेयक पास किया गया।

कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • सबसे ज्यादा 7 बार सांसद रहे डॉ. महेंद्र प्रसाद
  • 6 बार राज्य सभा सदस्य बनने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत पांच सदस्य हैं।
  • 5 वीं बार उच्च सदन में सांसद गुलाम नबी आजाद, एके एंटनी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी।
  • 11 सदस्य ऐसे हैं जो पांच कार्यकाल पूरे कर चुके हैं, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी। 45 सदस्य ऐसे हैं जो चौथी बार सांसद बने, इसमें वेंकैया नायडू भी हैं।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

विंटर ग्रेड डीजल

  • अत्याधिक ठंड में पेट्रोल के मुकाबले डीजल जल्दी जम जाता और बर्फबारी वाले इलाकों में रहने वालों को दिक्कत पेश आती है, लेकिन अब इससे निजात मिलेगी। इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड पानीपत की ओर से स्पेशल विंटर ग्रेड डीजल को बनाया गया है। दावा है कि स्पेशल विंटर ग्रेड डीजल माइनस 33 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर भी यह तरल अवस्था में ही रहेगा। इस स्पेशल विंटर ग्रेड डीजल की पहली खेप लेह-लद्दाख के लिए पानीपत रिफाइनरी से रवाना कर दी गई है।
  • मानइस 30 डिग्री सेल्सियस होते ही डीजल जम जाता था और इस्तेमाल के लायक नहीं रहता है। बेहद ठंड एवं बर्फबारी वाले क्षेत्र में वाहन चलाने वालों के लिए यह आम बात है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था।

विंटर ग्रेड डीजल की विशेषता

  • स्पेशल विंटर ग्रेड डीजल में थोडी मात्रा में बायोडीजल मिलाया गया है। जिसकी मात्रा पांच फीसदी बताई जा रही है। इसकी वजह से जहां डीजल वाहन के लिए बेहतर रहेगी वहीं इसके जम जाने की दिक्कत को भी दूर करेगा। दावा किया जा रहा है कि इस डीजल से माइनस 33 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर भी वाहनों को आसानी से चलाया जा सकेगा।
  • स्पेशल विंटर ग्रेड डीजल बीआईएस के मुताबिक बना है। इसे विशेष तौर पर पानीपत रिफाईनरी की ओर से पहली बार बनाया गया है और इसके साथ ही सर्टिफाई भी किया गया है। पहली खेप को पानीपत मार्केटिंग काम्प्लेक्स से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है, इसके साथ ही इस स्पेशल विंटर ग्रेड डीजल की आपूर्ति जालंधर से भी की जाएगी। जहां से लेह और कारगिल डिपो को आपूर्ति होगी।

2020 में उपलब्ध होगा जीका वायरस का टीका

  • तमाम देशों में कहर बरपा रहे जीका वायरस का संक्रमण भारत में भी शुरू हो चुका है। पूरी दुनिया में अभी तक जीका वायरस से बचाने का टीका या सीधा इलाज नहीं है। मगर, जल्द ही जीका वायरस को लेकर चिंता खत्म होने वाली है। वर्षों से शोध कर रही हैदराबाद स्थित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड अगले साल (2020) यह टीका लांच कर देगी और यह बिक्री के लिए बाजार में उपलब्ध होगा। यहां होटल रॉयल रेजीडेंसी में चल रहे इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अधिवेशन 'यूपी पेडिकॉन 2019’ में रविवार को जीका वायरस समेत कई वैक्सीन को प्रमोट करने आई भारत बायोटेक की टीम ने दी।
  • भारत बायोटेक ने देश को अनेक गंभीर बीमारियों की वैक्सीन दी हैं। करीब पांच साल पहले सबसे पहला थायराइड का टीका (typbar tvc) भी भारत बायोटेक ने लांच किया। एक ग्लोबल लॉबी इसे पूरी दुनिया में स्पांसर कर रही है। एक टीके से जिंदगी भर के लिए थायराइड जैसे बीमारी से बचाव हो जाता है। इसी तरह रोटा वायरस, हेपेटाइटिस बी, आदि के टीके भी भारत बायोटेक ने बनाए।
  • उन्होंने दावा किया कि अब जीका वायरस से बचाव का टीका भी भारत बायोटेक ने तैयार किया है। वायरस पर शोध व परीक्षण के तीन चरण पूरे हो चुके हैं। भारत सरकार के निर्देशन में जल्द ही टीका पेटेंट होगा। 2020 में इसे लांच करने की तैयारी है। जीका वायरस का पहला टीका 'मेक इन इंडिया’ होगा।

जीका वायरस

  • जीका वायरस एडिज, एजिप्टी व अन्य मच्छरों के काटने से फैलने वाला संक्रमण है। इसका वायरस वीनस फ्लेविवायरस व फैमिली फ्लेविविरिडी के तहत आता है। इसकी शुरुआत लैटिन अमेरिकी देशों से हुई है, जो अब भारत भी पहुंच चुका है। इससे संक्रमित गर्भवती से पैदा बच्चा आकार में छोटा व अविकसित दिमाग के साथ होता है। यह शरीर के तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है।

:: विविध ::

जस्टिस आर. भानुमति

  • सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम में एक दशक बाद रविवार को किसी महिला सदस्य को शामिल किया गया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के रविवार को सेवानिवृत्त होने के बाद जस्टिस आर. भानुमति को कोलेजियम में जगह मिली है।
  • जस्टिस भानुमति से पहले कोलेजियम में जस्टिस रूमा पाल सबसे ज्यादा तीन साल तक सदस्य रहीं। चार जून 2006 को जस्टिस पाल के सेवानिवृत्त होने के बाद कोलेजियम में कोई महिला सदस्य नहीं रहा था। वह 28 जनवरी 2006 को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त हुई थीं।

अभय नेगी

  • सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (Syed Mushtaq Ali Trophy) के एक मुकाबले में मेघालय और मिजोरम का आमना-सामना हुआ। इस मैच में मेघालय के बल्लेबाज अभय नेगी (Abhay Negi) ने इस टूर्नामेंट का सबसे तेज अर्धशतक लगाकार इतिहास रच दिया। अभय नेगी ने मिजोरम के खिलाफ हुए मैच में अपना अर्धशतक सिर्फ 14 गेंदों पर पूरा किया।
  • आपको बता दें कि टी 20 क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड युवराज सिंह के नाम पर है जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 2007 टी 20 विश्व कप के दौरान 12 गेंदों पर 50 रन बनाए थे।

'डब्ल्यूटी : सोशल'

  • फेसबुक और ट्विटर ठीक ठंग से अपना काम नहीं कर पा रहे हैं, इस बात को साबित करने के लिए विकीपीडिया के सह-संस्थापक जिमी वेल्स ने 'डब्ल्यूटी : सोशल' नाम से एक सोशल-मीडिया वेबसाइट शुरू की है, जो दोनों सोशल मीडिया के तालमेल के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी।
  • एड-फंड मॉडल से इतर वेल्स का लक्ष्य इसे विकिपीडिया की तरह ही डोनेशन के माध्यम से चलाना है। इन्हीं प्लेटफॉर्म्स की तरह डब्ल्यूटी : सोशल भी यूजर्स को आर्टिकल शेयर करने देगा, लेकिन यह विज्ञापन के माध्यम से न चलकर दान के माध्यम से कार्य करेगा।

इंडोनेशिया ओपन टेबल टेनिस चैंपियनशिप

  • अनुभवी भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी हरमीत देसाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना शानदार फॉर्म जारी रखते हुए रविवार को इंडोनेशिया ओपन टेबल टेनिस चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया।

भारत के 47वें मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति बोबडे

  • न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे ने देश के 47वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) पद की शपथ ली। 63 वर्षीय न्यायमूर्ति बोबडे ने गोगोई का स्थान लिया।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में आयोजित हुए चुनाव में कौन श्रीलंका के राष्ट्रपति के पद पर निर्वाचित हुआ है? (राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्षे)
  • हाल ही में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के द्वारा माइनस तापमान वाले ठंडे क्षेत्रों के लिए कौन सा ना जमने वाला डीजल बनाया गया है? (स्पेशल विंटर ग्रेड डीजल)
  • माइनस 33 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी ना जमने वाले स्पेशल विंटर ग्रेड डीजल में किस अवयव को मिलाया जाता है? (बायोडीजल)
  • हाल ही में किस महिला न्यायाधीश को सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम में शामिल किया गया है? (जस्टिस भानुमति)
  • किस भारतीय बल्लेबाज के द्वारा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 14 गेंद पर अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया है? (अभय नेगी)
  • 'डब्ल्यूटी : सोशल' नामक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किस कंपनी के द्वारा लांच किया गया है? (विकीपीडिया)
  • किस खिलाड़ी ने इंडोनेशिया ओपन टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2019 का खिताब अपने नाम किया? (हरमीत देसाई)
  • कालापानी को लेकर किन दो देशों के मध्य विवाद है? (भारत और नेपाल)
  • हाल में जारी हुए आंकड़ों के अनुसार आयुष्मान योजना का लाभ उठाने के संदर्भ में कौन-सा राज्य इस योजना के तहत खर्च करने में अग्रणी रहा? (तमिलनाडु)
  • हाल में जारी हुए आंकड़ों के अनुसार आयुष्मान योजना के तहत किस राज्य में लाभान्वित मरीजों की संख्या सर्वाधिक रही? (गुजरात)
  • हाल ही में शुरू हुए राज्यसभा का यह कौन सा सत्र होगा? (250)
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने वाले न्यायमूर्ति बोबडे का भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति का क्रम क्या होगा? (47वें मुख्य न्यायाधीश)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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