(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (18 मार्च 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (18 मार्च 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

कोरोनावायरस से लड़ने के लिए 'Break The Chain' अभियान

  • केरल सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए नया अभियान चलाया है। राज्य सरकार की तरफ से हाथों को साफ तरीके धोने के लिए जागरुकता अभियान चलाया है। इस अभियान का नाम ब्रेक दा चेन दिया गया है। इस अभियान का मकसद लोगों में सार्वजनिक और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षित करना है।
  • इस अभियान के तहत सार्वजनिक स्थानों पर कई स्थानों पर हाथों को साफ करने के लिए कई सेनेटाइज बोतलों को रखा गया है। सभी एंट्री और एग्जिट गेटों पर यह बंदोबस्त किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया है कि वह हाथों को जरुर सेनिटाइज करें। सभी दफ्तरों में भी सेनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। ताकी यह संक्रमण तेजी से ना फैले।

पृष्ठभूमि

  • केरल ही एक ऐसा राज्य है जहां पर चीन के वुहान से फैले वायरस का पहल संक्रमित मामला सामने आया था। राज्य में नए तीन कोरोनावायरस केस सामने आए हैं। राज्य में कुल 24 केस हो चुके है। भारत में अभी तक 126 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। जबकि तीन लोगों की मौत हो चुकी है। पहली मौत कर्नाटक के कुलर्बगी में हुई दूसरी दिल्ली में और तीसरी मौत आज सुबह महाराष्ट्र में हुई।
  • चीन के वुहान से फैले कोरोना वायरस के प्रकोप में 122 देश आ चुके हैं। इसके साथ ही 1 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। चीन के बाद इटली एक ऐसा देश है जहां पर कोरोना वायरस से लोगों की सबसे ज्यादा मौते हुई हैं। इस वायरस को विश्व स्वास्थ्य संगठन महामारी घोषित कर चुका है। इस वायरस का अभी तक कई इलाज नहीं मिल पाया है। वहीं इस वायरस की रोकथाम के लिए अमेरिका ने वैक्सीन के पहले मानव ट्रायल की शुरुआत कर दी है। इस परीक्षण में कम से कम 3 महीने का वक्त लगेगा।

सांसद निधि को बढाने हेतु स्थाई समिति के सुझाव

  • सांसदों को अपने क्षेत्र में विकास के लिए मिलने वाली धनराशि एक बार फिर बढ़ सकती है। वित्तीय मामलों पर संसद की स्थाई समिति ने इस बाबत सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय को रिपोर्ट दे दी है। सांख्यिकी मंत्रालय फिलहाल इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रहा है।

वित्तीय मामलों पर संसद की स्थाई समिति के सुझाव

  • प्रस्ताव के मुताबिक, माननीय सांसदों को अब तक जो पांच करोड़ रुपये सालाना सांसद निधि के तौर पर मिलते थे, अब उस रकम को दो-तीन गुना तक बढ़ाया जा सकता है। यानी अब सांसद 10 से 15 करोड़ रुपये तक अपने क्षेत्र में विकास कार्यो पर खर्च कर सकेंगे।
  • दरअसल, क्षेत्रीय विकास निधि के मुद्दे पर सांसदों और विधायकों से प्रतियोगिता होने लगी है। लिहाजा स्थाई संसदीय समिति ने सरकार से महंगाई और विधायकों के लिए किए जा रहे आवंटन को ध्यान में रखकर सांसद निधि को तय करने की बात कही है। वित्तीय मामलों की संसद की स्थाई समिति ने केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय से कहा है कि सांसदों को मिलने वाली सांसद क्षेत्रीय विकास निधि में खर्च होने वाली रकम के बजटीय अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच बड़ा अंतर है।
  • यही नहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अधिकतर राज्यों में विधायकों को विधायक निधि के तौर पर चार करोड़ रुपये सालाना खर्च करने के लिए मिलते हैं। वहीं एक लोकसभा क्षेत्र में पांच से सात विधायक आते हैं। इस तरह सांसदों को दी जाने वाली रकम काफी कम है।

पृष्ठभूमि

  • वैसे सांसद निधि में बढ़ोतरी की मांग 2015 से हो रही थी। अप्रैल 2016 में भी कांग्रेस नेता थंबीदुरई ने लोकसभा में इस निधि को 25 करोड़ रुपये करने की मांग रखी थी। लेकिन इस मांग से उलट बहुत सारे सांसद ऐसे भी हैं, जो सांसद निधि को ही खत्म कर देने की वकालत करते हैं। इसमें राकांपा की सुप्रिया सुले और भाजपा के निशिकांत दुबे पहली कतार में हैं।

क्या है सांसद निधि?

  • वैसे सांसद निधि की शुरुआत 1993 में की गई थी। तब सांसदों को पांच लाख रुपये खर्च करने के लिए दिया जाता था। वर्ष 2011-12 में इसे बढ़ाकर सालाना पांच करोड़ रुपये कर दिया गया। सांसद निधि को खर्च करने के मामले में नागालैंड देश का पहला राज्य है, जहां इसका शत प्रतिशत उपयोग हुआ है। जबकि उत्तराखंड में इस फंड का सबसे कम इस्तेमाल हुआ है। 31 मार्च, 2019 तक देश के 25 फीसदी सांसद ऐसे थे, जो सांसद निधि का समुचित उपयोग नहीं कर पाए थे।

‘उदय’2.0 योजना

  • बिजली एक समवर्ती विषय है और विद्युत वितरण का संचालन राज्‍यों एवं राज्‍य वितरण उपक्रमों द्वारा किया जाता है। वित्‍त वर्ष 2020-21 के बजट भाषण में सरकार ने संसद को यह सूचित किया है कि वह वितरण कंपनियों (डिस्‍कॉम) की लाभप्रदता को बेहतर करने के लिए आवश्‍यक कदम उठाएगी।
  • सरकार ने संसद को यह भी जानकारी दी है कि विद्युत मंत्रालय ने स्‍मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा देने की मंशा व्‍यक्‍त की है।
  • सरकार ने वितरण कंपनियों में प्रभावकारी सुधारों को लागू करने के लिए राज्‍यों को प्रोत्‍साहन देने एवं उन्‍हें सक्षम बनाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सरकार ने केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं को संस्‍थागत सुधारों से जोड़ने का भी निर्णय लिया है।

‘उदय’2.0 योजना के के तहत दिशानिर्देश

  • राज्‍यों को सलाह दी गई है कि वे अपने-अपने सरकारी विभागों की बकाया रकम का भुगतान करने के साथ-साथ हर महीने इस तरह की राशि का भुगतान करें, ऊर्जा संबंधी लेखांकन की सख्त प्रणाली बनाएं, हर महीने समय पर सब्सिडी का भुगतान करें, एटीएंडसी हानि कम करने के लिए एक अभियान शुरू करें और तीन वर्षों की अवधि में सभी उपभोक्‍ता मीटरों को स्‍मार्ट प्रीपेड मीटरों/प्रीपेड मीटरों में तब्‍दील करें।

पृष्ठभूमि

  • सरकार ने सतत बिजली वितरण कंपनियां विकसित करने के लिए उदय योजना लॉच की। तीन वर्षों के अंदर वित्‍तीय और संचालन परिवर्तन के लिए इस योजना में कुल 27 राज्‍य और केन्‍द्र शासित प्रदेश शामिल हुये हैं। उज्‍जवल डिस्‍कॉम एश्‍योरेंस योजना या उदय का लक्ष्‍य बिजली वितरण कंपनियों (डिस्‍कॉम) का वित्‍तीय सुधार एवं उनका पुनरूत्‍थान करना और समस्‍या का एक टिकाऊ और स्‍थायी समाधान भी सुनिश्चित करना है। इस योजना को वर्ष 2015 में लॉन्च किया गया था।
  • इस योजना से हरियाणा के वितरण उपक्रम ‘उदय’ के तहत कायापलट करने में सफल रहे हैं, लेकिन कुछ उपक्रम ‘उदय’ में उल्लिखित सुधार मार्गों पर चलने में समर्थ नहीं हो पाए हैं। इसके कई कारण हैं जिनमें लागत के अनुरूप बिजली दरें नहीं होना, सब्सिडी का अपर्याप्‍त बजट प्रावधान, अत्‍यधिक एटीएंडसी (समग्र तकनीकी एवं वाणिज्यिक) हानि होना इत्‍यादि शामिल हैं।

नौसेना में भी महिलाओं को मिलेगा स्थाई कमीशन

  • भारतीय सेना के बाद अब नौसेना में भी महिलाओं को स्थाई कमीशन मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए नौसेना में महिला अधिकारियों के स्थायी कमीशन देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि महिलाएं अधिकारी भी पुरुष अधिकारियों की तरह काम कर सकती हैं। उनके साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
  • साथ ही कोर्ट ने कहा कि महिलाओं पर लैंगिक आधार पर रोक नहीं लगाई जा सकती हैं। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका को खारिज कर दिया जिसमें महिला अधिकारियों की शारीरिक सीमाओं का हवाला दिया गया था।
  • जानकारी के लिए बता दें कि फरवरी महीने में भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया था। सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन को मंजूरी दी गई थी। जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच ने कहा था कि इस फैसले से मानसिकता बदलेगी। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर मंजूरी जाहिर करते हुए सेना में स्थायी कमीशन पर मुहर लगा दी थी।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

अदनान जुरफी इराक के नए प्रधानमंत्री

  • इराक के राष्ट्रपति बरहाम सालेह ने मंगलवार को नजफ प्रांत के पूर्व गवर्नर अदनान जुरफी (50) को नया प्रधानमंत्री नामजद किया। जुरफी को 30 दिनों में कैबिनेट बनानी होगी। फिर संसद में विश्वास मत हासिल करना होगा। जुरफी 1990 में सद्दाम हुसैन के कार्यकाल के दौरान शरणार्थी के तौर पर अमेरिका चले गए थे। वह निवर्तमान प्रधानमंत्री आदिल अब्देल मेहदी की जगह लेंगे। मेहदी ने विशाल रैलियों के बाद दिसंबर में इस्तीफा दे दिया था। प्रदर्शनकारियों ने उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इससे पहले राष्ट्रपति ने जिसे नामजद किया था, वह 2 मार्च तक कैबिनेट का गठन नहीं कर पाया था।

टैक्‍स संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए भारत-ब्रुनेई समझौता अधिसूचित

  • कर संग्रह के बारे में सूचनाओं का आदान-प्रदान करने एवं आवश्‍यक सहयोग देने के लिए भारत सरकार और ब्रुनेई दारुशेलम की सरकार के बीच हुए समझौते पर 28 फरवरी, 2019 को नई दिल्‍ली में हस्‍ताक्षर किए गए थे। इस समझौते को 9 मार्च, 2020 को भारत के राजपत्र (असाधारण) में अधि‍सूचित किया गया है।
  • इस समझौते से कर उद्देश्‍यों के लिए दोनों देशों के बीच बैंकिंग एवं स्‍वामित्‍व संबंधी जानकारियों सहित आवश्‍यक सूचनाओं का आदान-प्रदान करना संभव हो गया है। यह टैक्‍स संबंधी पारदर्शिता के अंतरराष्‍ट्रीय मानकों और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर आधारित है। इसके अलावा, इस समझौते से ‘अनुरोध करने पर सूचनाओं को साझा करने’ के साथ-साथ ‘सूचनाओं का स्‍वत: आदान-प्रदान करना’ भी संभव हो गया है। इस समझौते के तहत एक देश के प्रतिनिधि दूसरे देश में टैक्‍स संबंधी जांच-पड़ताल भी कर सकेंगे। यही नहीं, इस समझौते में टैक्‍स संबंधी दावों के संग्रह में आवश्‍यक सहयोग देना भी शामिल है।
  • इस समझौते में कर संबंधी मामलों में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावकारी व्‍यवस्‍था करना भी शामिल है जिससे भारत और ब्रुनेई दारुशेलम के बीच पारस्‍परिक सहयोग बढ़ेगा। इससे टैक्‍स की चोरी और टैक्‍स अदायगी न करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

:: भारतीय राजव्यवस्था ::

गर्भ का चिकित्सकीय समापन संशोधन विधेयक 2020’

  • लोकसभा ने ‘गर्भ का चिकित्सकीय समापन संशोधन विधेयक 2020’ पारित कर दिया जिसमें गर्भपात की मंजूर सीमा को वर्तमान 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह करने का प्रावधान किया गया है। गर्भपात की मंजूरी सिर्फ असाधारण परिस्थितियों के लिए है।

क्यों आवश्यकता पड़ी?

  • मातृत्व हर महिला के लिए एक वरदान की तरह होता है, लेकिन बलात्कार जैसी स्थिति में अगर कोई महिला गर्भवती हो जाती है तो उसके लिए यह अभिशाप हो जाता है।
  • अगर गर्भ में किसी बच्चे की दिव्यांगता का पता चल जाए तो महिला नहीं चाहेगी कि जन्म के बाद उसके बच्चे का जीवन सार्थक नहीं रहे । इस स्थिति में भी गर्भपात की मंजूरी आवश्यक थी।
  • पहले ऐसी परिस्थितियों में महिलाओं को गर्भपात के लिए अदालत के चक्कर लगाने पड़ते थे। देश में बहुत सारी महिलाएं हैं जो अदालत नहीं जा सकतीं या फिर अदालती खर्च का वहन नहीं कर सकतीं। इस संशोधन के बाद ऐसी महिलाओं को राहत मिलेगी।

विधेयक के उद्देश्य

  • इसका मकसद स्त्रियों की विधिक और सुरक्षित गर्भपात सेवाओं तक पहुंच में वृद्धि करने तथा असुरक्षित गर्भपात के कारण मातृ मृत्यु दर और अस्वस्थता दर एवं उसकी जटिलताओं में कमी लाना है।
  • सरकार के अनुसार इस विधेयक के तहत गर्भपात की सीमा को बढ़ाकर 24 सप्ताह करने से बलात्कार पीड़िता और निशक्त लड़कियों को मदद मिलेगी।
  • गर्भपात की मंजूर सीमा को वर्तमान 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके लिये दो पंजीकृत चिकित्सा पेशेवरों की राय की अपेक्षा की गई है।
  • मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच में पाई गई शारीरिक भ्रूण संबंधी विषमताओं के मामले में गर्भावस्था की ऊपरी सीमा लागू नहीं होगी।

वायुयान संशोधन विधेयक 2020

  • लोकसभा ने वायुयान संशोधन विधेयक 2020 को मंजूरी दे दी है।

विधेयक के मुख्य प्रावधान

  • नियमों के उल्लंघनों के मामले में जुर्माने की अधिकतम सीमा को वर्तमान 10 लाख रूपये से बढ़कर एक करोड़ रूपये कर दिया गया है।
  • वायुयान संशोधन विधेयक 2020 में सेना, नौसेना या वायु सेना से भिन्न संघ के सशस्त्र बलों से संबंधित वायुयानों को वायुयान अधिनियम 1934 के कार्य क्षेत्र से बाहर रखने का प्रावधान किया गया है।
  • विधेयक में नागर विमानन महानिदेशालय, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो और वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो के पदों को परिभाषित किया गया है । इसमें केंद्र सरकार को अधिनियम के अधीन नागर विमानन महानिदेशालय, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो और वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो गठित करने के लिये अधिकार दिए गए हैं।

बैंकिंग सेक्टर की खराब हालत पर जेपीसी गठन की मांग

  • बैंकिंग सेक्टर के भारी संकट में होने और यस बैंक मामले की पृष्ठभूमि में पूरे बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति की जांच के लिए सोमवार को लोकसभा में एक संयुक्त संसदीय समिति : जेपीसी : गठित किए जाने की मांग की गई ।
  • शून्यकाल में कांग्रेस के मनीष तिवारी ने यह मामला उठाते हुए कहा कि बैंकिंग सेक्टर संकट में है और इसे लाखों करोड़ों निवेशकों की जिंदगीभर की कमाई दांव पर लगी है। । उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में पंजाब एंड महाराष्ट्र बैंक, गुरू राघवेन्द्र सहकारिता बैंक और यस बैंक समेत पांच बड़े वित्तीय संस्थान के मामले सामने आए हैं । उन्होंने कहा कि इससे बैंकिंग सेक्टर में आम आदमी का भरोसा डगमगा गया है जिसके अर्थव्यवस्था के लिए दूरगामी परिणाम होंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से बैंकिंग सेक्टर की हालत की पड़ताल के लिए जेपीसी गठित किए जाने की मांग की।

कंपनी संशोधन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत

  • सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में कुछ विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच कंपनी अधिनियम, 2013 का संशोधन करने वाला एक विधेयक पेश किया।

विधेयक के मुख्य बिंदु

  • मंत्रिमंडल ने आज कंपनी अधिनियम 2013 में 72 बदलावों को मंजूरी दे दी। इनमें छोटी-मोटी गलतियों को अपराध की श्रेणी से हटाने और 'ब्रांड भारत' को मजबूत करने के लिए घरेलू कंपनियों को सीधे विदेश में सूचीबद्ध होने की मंजूरी देने पर जोर दिया गया है।
  • इस संशोधन के जरिये कंपनियों पर कंपनी सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की अनुपालना का बोझ हल्का किया जाएगा। पचास लाख या उससे कम खर्च करने की जिम्मेदारी वाली कंपनियों को छूट दी जाएगी। ऐसी कंपनियों को सीएसआर समिति बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर कोई कंपनी किसी वर्ष में अपने औसत लाभ की दो फीसदी से अधिक राशि सीएसआर पर खर्च करती है तो वह अगले वित्तीय वर्षों में अतिरिक्त राशि को आगे ले जा सकती है।
  • गैर-सूचीबद्ध कंपनियों की उल्लिखत श्रेणियों के लिए एक नई धारा 129 जोडऩे का प्रस्ताव रखा गया है। ये कंपनियां सालाना नतीजे पेश करने के साथ आवधिक आधार पर भी अपने नतीजे देंगी ताकि आवधिक आर्थिक आंकड़ों को ज्यादा वैज्ञानिक बनाया जा सके।
  • सरकार ने 66 समझौते लायक गड़बडिय़ों (कंपाउडेबल ऑफेंस) में से 23 की श्रेणी बदलने की योजना बनाई है। इनके लिए आंतरिक विवाद निपटाना ढांचा होगा। कंपनी संशोधन विधेयक में 11 गलतियों के लिए दंड जुर्माने तक सीमित रहेगा और इनमें कारावास का खंड हटाया जाएगा। छह गलतियों के लिए जुर्माना घटाया जाएगा, जिन्हें पहले ही अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है।
  • घरेलू कंपनियों की विदेशी एक्सचेंजों पर सूचीबद्धता के बारे में इस अधिनियम में प्रावधान शामिल किया जाएगा और अगले कुछ महीनों में नियमों का व्यापाक खाका तैयार किया जाएगा। इस समय भारतीय कंपनियों के पास विदेशी निवेशकों का निवेश हासिल करने के लिए केवल अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसिप्ट्स (एडीआर) या ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसिप्ट्स (जीडीआर) के दो विकल्प हैं।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

यस बैंक

  • यस बैंक के नए सीईओ प्रशांत कुमार ने कि बैंक का पूरा कामकाज बुधवार की शाम से सामान्य हो जाएगा। बैंक में नकदी को लेकर वास्तव में कोई चिंता की बात नहीं है। पिछले तीन दिन में यस बैंक में निकासी के मुकाबले जमा ज्यादा आए हैं। संकट में फंसे यस बैंक पर लगी रोक बुधवार शाम को समाप्त हो जाएगी।
  • भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और कुछ अन्य निजी बैंकों ने पुनर्गठन योजना के तहत बैंक में निवेश किया है। एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि स्टेट बैंक के पास यस बैंक के जो भी शेयर हैं, उसमें से तीन साल की तय बंधक अवधि से पहले एक भी शेयर नहीं बेचा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय स्टेट बैंक दूसरे दौर के पूंजी समर्थन में यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी को 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करेगा।

मूडीज ने भारत के जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 5.3 फीसद किया

  • मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने मंगलवार को भारत के जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 2020 के कैलेंडर ईयर के लिए घटाकर 5.3 फीसदी कर दिया है। मूडीज ने फरवरी में 2020 में भारत के लिए 5.4 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया था। यह पहले के अनुमान 6.6 फीसद से काफी कम है। 2020 के लिए 5.3 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि का अनुमान 2019 के लिए 5.3 प्रतिशत की वृद्धि के अनुमान और 2018 में प्राप्त 7.4 प्रतिशत की तुलना में बहुत कम है। कोरोनोवायरस के अधिक तेजी से और व्यापक प्रसार के कारण महत्वपूर्ण आर्थिक गिरावट बताते हुए रेटिंग एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि प्रभावित देशों में घरेलू मांग में कमी, माल और सेवाओं के सीमा पार व्यापार की आपूर्ति में बाधा पहुंच रही है।

कोरोना वायरस का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

  • एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने का ठीक-ठाक आर्थिक असर होगा। प्रभावित देशों में इससे घरेलू मांग पर असर हो रहा है, आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो रही है तथा एक देश से दूसरे देश में होने वाला व्यापार घट रहा है। मूडीज ने कहा, ''ये व्यवधान जितना लंबा खिचेंगे, वैश्विक आर्थिक मंदी का जोखिम उतना अधिक होगा। एजेंसी ने 2021 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया। उसने कहा, ''कई सरकारों और केंद्रीय बैंकों ने वित्तीय राहत पैकेज, नीतिगत दर में कटौती, नियामकीय छूट समेत राहत के कई उपाय किये हैं, हालांकि वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये उठाये जाने वाले कदम इन उपायों के असर को कम कर देंगे।
  • रेटिंग एजेंसी मूडीज का कहना है कि कोरोना वायरस से संक्रमण के नये मामलों के सामने आने से आर्थिक वृद्धि की दर सुस्त होगी। इसका उन कुछ मुख्य क्षेत्रों पर बुरा वित्तीय असर पड़ेगा, जो मुक्त आवाजाही पर निर्भर हैं। मूडीज के उपाध्यक्ष (वरिष्ठ क्रेडिट अधिकारी) बेंजामिन नेल्सन ने एक बयान में कहा, ''व्यापार तथा लोगों की मुक्त आवाजाही पर निर्भर क्षेत्र जैसे यात्री विमानन, नौवहन, आतिथ्य सत्कार, रहना-ठहरना, क्रूज लाइनर, रेस्तरां आदि सबसे अधिक जोखिम में हैं।
  • एजेंसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता के कारण वैश्विक वाहन कंपनियां भी प्रभावित हो रही हैं। कुछ चुनिंदा भौगोलिक क्षेत्रों में खेल तथा खाद्य से इतर के खुदरा क्षेत्र भी आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भर हैं, इस कारण ये भी प्रभावित हो रहे हैं। मूडीज के एक अन्य उपाध्यक्ष रिचर्ड मोरावेट्ज ने कहा, ''कंपनियां वायरस के संक्रमण से कितना बचाव कर पाती हैं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि संक्रमण कब तक रहने वाला है। हम सतर्क करते हैं कि जिस तरह से दिन-प्रतिदिन चीजें घट रही हैं, समय के हिसाब से प्रभाव का हमारा आकलन भी बदलता रहेगा।
  • कुछ दिन पहले ही मूडीज एनॉलिटिक्स ने कहा थ कि यदि कोरोना वायरस एक महामारी का रूप लेता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के घेरे में आ सकती है। मूडीज एनॉलिटिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क जैंडी ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार अब इटली और कोरिया में भी हो चुका है। ऐसे में इसके महामारी का रूप लेने की आशंका बढ़ गई है।
  • उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस ने चीन की अर्थव्यवस्था को एक बड़ा झटका दिया है। अब यह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन चुका है। कोरोना वायरस का आधिकारिक नाम कोविड-19 है। इसकी शुरुआत दिसंबर, 2019 में चीन के वुहान से हुई थी। मूडीज एनालिटिक्स ने कहा, ''कोविड-19 वैश्विक अर्थव्यवस्था को कई तरीके से झटका दे रहा है। चीन में व्यापार के मकसद से यात्रा और पर्यटन पूरी तरह ठप हो चुका है। दुनिया भर की एयरलाइन कंपनियों ने चीन के लिए उड़ान रोक दी है। अमेरिका जैसे प्रमुख यात्रा गंतव्यों के लिए भी समस्या खड़ी हो गई है। चीन से हर साल 30 लाख पर्यटक अमेरिका जाते हैं।
  • मूडीज ने कहा कि अमेरिका में विदेशी पर्यटकों द्वारा खर्च किए जाने के मामले में चीन के पर्यटक सबसे आगे हैं। यूरोप के लिए यात्रा पर भी असर पड़ा है। मूडीज एनालिटिक्स ने कहा कि बंद कारखाने चीन की विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भर देशों और कंपनियों के लिए समस्या हैं। एप्पल, नाइक और जनरल मोटर्स ऐसी अमेरिकी कंपनियां हैं जो इससे प्रभावित हैं।
  • जैंडी ने कहा कि चीन में मांग घटने से अमेरिकी निर्यात भी प्रभावित होगा। पिछले साल दोनों देशों के बीच हुए पहले चरण के करार के तहत चीन को अमेरिका से आयात बढ़ाना था। उन्होंने कहा कि पहले से यह सवाल हो रहा था कि चीन वास्तव में अमेरिका से कितनी खरीद करता है। अब कोविड-19 के बाद यह सवाल और बड़ा हो गया है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस

  • स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के भारतीय वायुसेना में शामिल होने की आखिरी बाधा भी पार हो गई है। तेजस की खेप के पहले विमान ने मंगलवार को निर्णायक संचालन मंजूरी-मानक (एसपी-21) के तहत आसमान की बुलंदियों को छुआ।
  • हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के मुताबिक, इस दौरान तेजस की उड़ान पूरी तरह मानक पर सफल रही है। एचएएल ने सीईएमआईएलएसी की तरफ से ड्राइंग एप्लिेकेबिल्टिी लिस्ट (डीएएल) और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी होने के महज 12 महीने के रिकॉर्ड समय में इस सफलता को हासिल कर लिया है।

तेजस विमान विशेषताए

  • तेजस की तकनीकी विशेषताओं पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि तेजस एक लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है। इसकी सर्वाधिक स्पीड 1.6 मैक है। 2000 किमी की रेंज को कवर करने वाले तेजस का अधिकतम थ्रस्ट 9163 केजीएफ है। इसमें ग्लास कॉकपिट, हेल्मेट माउंटेड डिस्प्ले, मल्टी मोड रडार, कम्पोजिट स्ट्रक्चर और फ्लाई बाई वायर डिजिटल सिस्टम जैसे आधुनिक फीचर मौजूद हैं। इस जेट पर दो आर-73 एयर-टू-एयर मिसाइल, दो 1000 एलबीएस क्षमता के बम, एक लेजर डेजिग्नेशन पोड और दो ड्रॉप टैंक्स तैनात रहती है।

लोपीनेवीर और रीटोनेवीर

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना से संक्रमित रोगी के इलाज के लिए एचआईवी रोधी दवाइयों लोपीनेवीर और रीटोनेवीर देने की सिफारिश की है। रोगी की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मामला-दर-मामला इन दवाइयों का इस्तेमाल किया जाएगा। मंत्रालय ने मंगलवार को जारी दिशानिर्देशों में मधुमेह से ग्रसित, किडनी रोगियों, फेफड़े की बीमारियों से ग्रसित 60 वर्ष से अधिक उम्र के अत्यधिक जोखिम वाले समूहों के लिए लोपीनेवीर और रीटोनेवीर दवाइयों की सिफारिश की है।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक एम्स के चिकित्सकों, रोग नियंत्रण राष्ट्रीय केंद्र और डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों सहित अन्य की सदस्यता वाली एक कमेटी ने यह सिफारिश की। मंत्रालय ने शरीर के किसी हिस्से में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति में कमी, निम्न रक्तचाप, एक या एक से अधिक अंगों के काम करने से बंद कर देने, क्रिटीनीन की मात्रा में सीमा से 50 प्रतिशत तक वृद्धि जैसे लक्षणों वाले रोगियों के लिए भी लोपीनेवीर और रीटोनेवीर की सिफारिश की है। अस्पताल से छुट्टी पाने वाले कोरोना के सभी रोगियों को यह निर्देश दिया गया है कि यदि उनके स्वास्थ्य में गड़बड़ी आती है तो वे अस्पताल लौटें।

ब्रह्मांडीय विस्फोटों, सौर मंडल के बाहर स्थित ग्रहों और तारों का अध्ययन करेगी नासा

  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चार मिशनों के लिए प्रस्तावों का चयन किया है, जो ब्रह्मांडीय विस्फोटों और उनके पीछे छूट जाने वाले मलबे का अध्ययन करेंगे। साथ ही, यह भी निगरानी करेंगे कि पास के तारे की परिक्रमा करने वाले ग्रहों के वायुमंडल को ये कैसे प्रभावित कर सकते हैं।
  • भावी मिशनों का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद नासा ने अपने खोजी कार्यक्रम के तहत खगोल भौतिकी मिशन और मिशन ऑफ अपॉच्युनिटी के लिए दो-दो प्रस्तावों का चयन किया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने सोमवार को कहा कि चयनित मिशनों को 2025 में लांच करने का लक्ष्य रखा गया है।

ब्रह्मांड के रहस्यों को उजागर करने में मिलेगी मदद

  • वाशिंगटन में एजेंसी के साइंस मिशन निदेशालय के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर थॉमस जुर्बुचेन ने कहा, 'खोजी कार्यक्रम के तहत ये प्रस्ताव ब्रह्मांड के रहस्यों को उजागर करने में मदद करेंगे। इसके लिए उन्नत और रचनात्मक तरीके अपनाए जाएंगे।' उन्होंने कहा कि हमारे सौर मंडल के बाहर के तारों और ग्रहों का अध्ययन करने से लेकर इनके सबसे बड़े ब्रह्मांडीय रहस्यों से पर्दा उठाने के लिए हम तत्पर और उत्सुक हैं।
  • जुर्बुचेन के कहा, 'दो एस्ट्रोफिजिक्स स्मॉल एक्सप्लोरर (एसएमईएक्स) मिशन और दो मिशन ऑफ अपॉच्युनिटी (एमओ) के प्रस्तावों को इसके लिए चुना गया है, जो विकास योजनाओं की व्यवहार्यता पर भी आधारित हैं। उन्होंने कहा कि यदि इसकी लांचिंग की लागत को छोड़ दिया जाए तो एसएमईएक्स मिशन की लागत 14.5 करोड़ और एमओ की लागत 7.5 करोड़ रुपये आ सकती है।

मंगल पर भेजे जाने हैं लोगों के नाम

  • बता दें कि इस मिशन पर एक रोबोट के साथ-साथ लोगों के नामों एक चिप भी मंगल पर भेजी जानी है। इसके लिए इच्छुक लोगों से नासा ने बीते दिनों ने अपने नाम भेजने को कहा था। अंतरिक्ष में रुचि रखने वाले लाखों लोगों ने अपने नाम एजेंसी को भेजे हैं। जिन लोगों ने अपने नाम भेजे हैं उन्हें ऑनलाइन बोर्डिंग पास दिए गए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक बीम से उकेरा जाएगा नाम

  • नामों को एक सिलिकॉन वेफर माइक्रोचिप पर एक इलेक्ट्रॉनिक बीम की मदद से उकेरा जाएगा। इस चिप को रोवर लेकर जाएगा और यह चिप हमेशा के लिए मंगल पर ही रहेगी। उल्लेखनीय है कि नासा का मंगल मिशन जुलाई 2020 में लांच किया जाएगा और फरवरी 2021 में रोवर लाल ग्रह पर उतरेगा।

एलएम-7 रॉकेट

  • चीन के अंतरिक्ष मिशन से जुड़े अहम रॉकेट की पहली उड़ान विफल रही। एलएम-7 श्रेणी का यह रॉकेट चीन का सबसे आधुनिक स्पेस कैरियर था। इस सीरीज के रॉकेट की मदद से चीन अंतरिक्ष में 2022 तक खुद का स्पेस स्टेशन तैयार करने के काम में जुटा है। एलएम-7 रॉकेट को चीन ने पुरानी श्रेणी के रॉकेट के स्थान पर इस्तेमाल करना शुरू किया है। इसे सोमवार को चीन ने इसे हैनान प्रांत के वेनचांग अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र से लांच किया गया था। प्रक्षेपण असफल होने की पुष्टि चीन की आधिकारिक न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने की है। इसके पीछे की वजहों की जांच की जा रही है।
  • चीन की अंतरिक्ष एजेंसी ने जनवरी में कहा था कि इस साल देश में 40 से ज्यादा लांच किए जाएंगे। इनमें कई महत्वपूर्ण दूरसंचार उपग्रह भी शामिल होंगे। अंतरिक्ष योजना के तहत एलएम-7 के अत्याधुनिक रॉकेट को चीन इसी के पुराने श्रेणी के रॉकेटों के स्थान पर इस्तेमाल करना शुरू किया है।

घर्षण कम करने वाली नैनोकम्पोजिट कोटिंग्स

  • अनेक एयरोस्पेस, रक्षा, ऑटोमोबाइल, अंतरिक्ष उपकरणों के घटकों का जीवन काल बढ़ाने के लिए घर्षण और घिसाई कम करने की आवश्यकता होती है। इसके लिए सामान्य रूप से इन गतिशील प्रणालियों को लुब्रिकेट करने की जरूरत पड़ती है, जिससे इन प्रणालियों की लागत, जटिलता और वजन बढ़ जाता है।
  • इंटरनेशनल एडवांस्ड रिसर्च सेंटर फॉर पाउडर मैटलर्जी एंड न्यू् मैटीरियल्स (एआरसीआई) के वैज्ञानिकों के एक समूह ने नैनोकम्पोजिट कोटिंग्स के आकार-चयनित निक्षेपण (‍डिपोजिशन) के लिए एक प्रक्रिया विकसित की है। जो इन गतिशील प्रणालियों के घर्षण को कम कर सकती है। एआरसीआई विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) का एक स्‍वायत्‍त अनुसंधान एवं विकास केन्‍द्र है।
  • वैज्ञानिकों ने यह पाया है कि एक आर्थिक रूप से सस्‍ती और और सरल स्पंदित इलेक्ट्रोप्लेटिंग या इलेक्ट्रोडिपोजिशन प्रक्रिया का उपयोग करते हुए विशेष आकार के सिलिकॉन कार्बाइड (एसआईसी) के सबमाइक्रोन कणों के संसेचन (इम्प्रेग्नेशन) के साथ निकिल टंगस्टन-आधारित कोटिंग्स कम घर्षण गुणांक और अच्छी तेल धारण क्षमता के साथ घिसाई और संक्षारण (करोशन) प्रतिरोध का उत्कृष्ट संयोजन प्रदान कर सकती हैं।

इलेक्ट्रोडिपोजिश/ इलेक्ट्रोप्लेटिंग

  • इलेक्ट्रोडिपोजिशन को इलेक्ट्रोप्लेटिंग भी कहा जाता है, इसमें धातु के हिस्सों को इलेक्ट्रोलाइट बाथ घोल में डुबोया जाता है, इसे आमतौर पर आसुत जल और अन्य योजकों के मिश्रण में निकिल और टंगस्टन के कणों को घोलकर तैयार किया जाता है। इस घोल में डायरेक्‍ट करंट (डीसी) प्रभावित किया जाता है और मुलम्‍मा चढ़ाने वाले टुकड़े पर निकिल और मिश्र धातु का जमाव हो जाता है। इलेक्ट्रोडिपोजिशन के दौरान इस घोल में धात्विक आयनों की गति और जमाव के कारण कैथोड़ सतह पर डिफ्यूज़न की परत का निर्माण हो जाता है।

तेजी से बहते खून को रोकने के लिए स्टार्च-आधारित ‘हेमोस्‍टैट’ सामग्री

  • गंभीर चोट लगने के बाद रक्‍तस्राव जीवन के लिए घातक हो सकता है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत स्‍वायत्त संस्‍था नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्‍थान (आईएनएसटी) के वैज्ञानिकों ने स्‍टार्च आधारित ‘हेमोस्‍टैट’ सामग्री तैयार की है जो अतिरिक्‍त द्रव्‍य को अवशोषित करते हुए खून में थक्‍के बनाने वाले प्राकृतिक कारकों को गाढ़ा बनाता है।
  • घावों पर एक साथ मिलकर जेल बनाने वाले प्राकृतिक रूप से सड़नशील ये सूक्ष्‍म सामग्री मौजूदा विकल्‍पों से अधिक बेहतर काम कर सकता है। इस उत्‍पाद ने अवशोषण क्षमता बढ़ाई है और यह प्राकृतिक रूप से सड़नशील होने के साथ-साथ जैविक रूप से अनुकूल भी है।

कार्यप्रणाली और विशेषता

  • हेमोस्‍टैट सामग्री खून में थक्‍के बनाने वाले प्राकृतिक कारणों को गाढ़ा करते हुए अतिरिक्‍त द्रव्‍य को अवशोषित करता है जो रक्‍तस्राव को रोकने के लिए जरूरी है। हालांकि, प्राकृतिक रूप से नहीं सड़ने वाले पदार्थों को हटाने के बाद रक्‍तस्राव फिर शुरू हो सकता है।
  • डॉ. घोष की टीम ने सूक्ष्‍म सामग्री (माइक्रोपार्टिकल) बनाने के लिए रासायनिक रूप से प्राकृतिक स्‍टार्च को संशोधित करते हुए द्रव्‍य अवशोषण की क्षमता को पांच से दस गुना बढ़ाने और बेहतर चिपकाव के लिए जैविक रूप से अनुकूलता और जैव रूप से सड़नशीलता के गुणों का फायदा उठाया। जब सूक्ष्‍म सामग्री आपस में मिलते हैं तो वे एक जेल बनाते हैं जो घाव पर उसके ठीक होने तक बना रह सकता है।
  • इस सूक्ष्‍म सामग्री के निर्माण में स्‍टार्च पर कुछ रासायनिक हाइड्रॉक्सिल समूहों को संशोधित कर कार्बोक्सिमिथाइल समूह बनाया जाता है और फिर इसमें कैल्शियम आयन मिलाये जाते हैं जिससे लाल रक्‍त कणिकाएं और प्‍लेटलेट्स एक जगह जमा होते हैं और इनकी सक्रियता से फाइब्रिन प्रोटीन नेटवर्क बनता है जो खून का एक स्‍थायी थक्‍का बना देता है। इस संशोधन से पानी के साथ अणुओं के मेल-जोल की क्षमता बढ़ती है। यह रक्त से तरल पदार्थ को अवशोषित करने की इसकी प्रभावशाली क्षमता का आधार है और इस तरह थक्का बनाने के कारकों पर केन्द्रित करता है।
  • प्रयोगशाला परीक्षणों में खून के संपर्क में आने के 30 सेकंड के बाद इस उत्‍पाद की सूक्ष्‍म सामग्री में सूजन आ जाती है जिससे जोड़ने वाला चिपकाऊ जैल बनता है। इसे 'कैल्शियम युक्‍त कार्बोक्सिमिथाइल-स्टार्च' के रूप में भी जाना जाता है।
  • डॉ. घोष ने बताया कि अभी उपलब्‍ध स्‍टार्च आधारित प्राकृतिक रूप से सड़नशील विकल्‍प अपेक्षाकृत धीमी गति से द्रव अवशोषण एवं घायल ऊतकों के साथ कम चिपकाऊ होने के कारण सीमित उपयोगिता वाले हैं। इसके अलावा, मौजूदा उपलब्‍ध विकल्‍पों के साथ जैविक रूप से कम अनुकूलता बड़ी समस्‍या है। डॉ. घोष ने कहा कि वर्तमान में ऐसा कोई हेमोस्‍टैटिक एजेंट मौजूद नहीं है जो सभी स्थितियों में काम कर सकें। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान में हेमोस्‍टैटिक सामग्री महंगी है और ज्‍यादातर विकसित देशों में उपलब्‍ध है।
  • वास्‍तविक घावों वाले जानवरों पर एक अध्‍ययन में यह पाया गया कि मध्‍यम से तेज रक्‍तस्राव एक मिनट से कम समय में रूक गया। जानवरों पर अध्‍ययन में इस बात का पता लगा कि यह सामग्री विषैली नहीं है और इसके प्राकृतिक रूप से सड़नशील होने की भी पुष्टि हुई है।
  • डॉ. घोष ने कहा कि ये उत्‍साहजनक परिणाम बताते हैं कि हमारे संशोधित स्‍टार्च सूक्ष्‍म सामग्री (माइक्रोपार्टिकल) नैदानिक अनुप्रयोगों में नई खोजों को बढ़ावा देगी।

:: विविध ::

उ.प्र.संस्कृत संस्थान पुरस्कार

  • उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के वर्ष 2019-20 के वार्षिक पुरस्कार घोषित कर दिए गए हैं। संस्थान के निदेशक हरिबख्श सिंह के अनुसार कुल 48 विद्वानों को पुरस्कार के लिए चुना गया है। संस्थान के सर्वाच्च सम्मान विश्व भारती के लिए नई दिल्ली के डा. चांदकिरण सलूजा को चुना गया है। उन्हें इस पुरस्कार के तहत 5 लाख 1 हजार रुपये भेंट किए जाएंगे।

‘जतिर पिता’ बंगबंधु, शेख मुजीबुर रहमान की जन्म शताब्दी

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक वीडियो संदेश के जरिये ‘जतिर पिता’ बंगबंधु, शेख मुजीबुर रहमान के जन्म शताब्दी समारोह में भाग लिया।

कौन थे “बंगबंधु”?

  • शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति थे। 17 अप्रैल, 1971 को देश के प्रधानमंत्री बने और 15 अगस्त, 1975 को उनकी हत्या किए जाने तक वह इस पद पर काबिज थे। उन्हें बांग्लादेश की स्वतंत्रता की प्रेरक शक्ति माना जाता है और उन्हें “बंगबंधु” (बंगाल का दोस्त) की पदवी दी गई। उनकी बेटी, शेख हसीना, बांग्लादेश की वर्तमान प्रधानमंत्री हैं।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में किस राज्य सरकार के द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए ‘ब्रेक द चेन’ अभियान प्रारंभ किया गया है? (केरल)
  • हाल ही में चर्चा में रही सांसद विकास निधि में प्रति सांसद/प्रति वर्ष कितना धन उपलब्ध करवाया जाता है? (5 करोड़ रुपए)
  • हाल ही में चर्चा में रहा ‘उदय’2.0 योजना किससे संबंधित है? (विद्युत वितरण कंपनियां- डिस्कॉम)
  • हाल ही में किसे इराक का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है? (अदनान जुरफी)
  • ‘गर्भ का चिकित्सकीय समापन संशोधन विधेयक 2020’ में प्रस्तावित गर्भपात की अधिकतम समय-सीमा कितनी है? (24 सप्ताह)
  • बैंकिंग सेक्टर की खराब हालत पर संयुक्त संसदीय समिति: जेपीसी की गठन की मांग को लेकर चर्चा में रहे जेपीसी में कितने सदस्य होते हैं? (निर्धारित नहीं, सामान्यतः 15 सदस्य)
  • किस वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने वर्ष 2020 के लिए भारत की जीडीपी दर घटाकर 5.3% कर दी है? (मूडीज इन्वेस्टर्स)
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना से संक्रमित रोगियों के इलाज में कौन-से दवाओं की संस्तुति प्रदान की है? (लोपीनेवीर और रीटोनेवीर)
  • दुर्घटना उपरांत रक्तस्राव को रोकने के लिए नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्‍थान द्वारा कौन सी नई सामग्री तैयार की गई है? (स्‍टार्च आधारित ‘हेमोस्‍टैट’ सामग्री)
  • 2019-20 के लिए उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान का सर्वोच्च विश्व भारती पुरस्कार किसको प्रदान किया गया? (डा. चांदकिरण सलूजा)
  • 100 वीं जयंती शताब्दी से चर्चा में रहे “बंगबंधु” किसका उपनाम है? (शेख मुजीबुर रहमान)
  • हाल ही में उच्चतम न्यायालय के द्वारा भारतीय सेना के किस अंग में महिलाओं को स्थाई कमीशन देने की का निर्णय दिया है? (भारतीय नौसेना)
  • किस स्वदेशी लड़ाकू विमान ने भारतीय वायुसेना में शामिल होने की सारी औपचारिकता पूरी कर ली है? (तेजस)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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