(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (18 जुलाई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (18 जुलाई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

आत्मनिर्भर ऐप इनोवेशन चैलेंज

चर्चा में क्यों?

  • आत्मनिर्भर ऐप भारत इनोवेशन चैलेंज की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया को देखते हुए, सरकार ने चैलेंज के लिए प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 26 जुलाई, 2020 करने का निर्णय लिया है।

आत्मनिर्भर ऐप इनोवेशन चैलेंज

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 4 जुलाई को आत्मनिर्भर ऐप भारत इनोवेशन चैलेंज को लॉन्च किया था।
  • सरकार द्वारा भारतीय ऐप्स के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र और ऐप्स निर्माण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से अटल इनोवेशन मिशन - नीति आयोग, और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारतीय तकनीकी उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए डिजिटल इंडिया आत्म-निर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज को लांच किया गया है। यह 2 ट्रैकों में चलेगा: मौजूदा ऐप्स का संवर्द्धन और नए ऐप्स का विकास।

क्या है ट्रैक 1 ऐप इनोवेशन चैलेंज?

  • हाल ही में प्रारंभ किये गए ट्रैक 1 ऐप इनोवेशन चैलेंज का ध्यान उन सर्वश्रेष्ठ भारतीय ऐप की पहचान करने पर होगा जिनका पहले से ही नागरिकों द्वारा उपयोग किया जा रहा है और उनमें कुछ और सुधार की गुंजाइश है तथा वे अपनी श्रेणी में विश्व स्तर का ऐप बनने की क्षमता रखते हों।
  • लीडर बोर्ड पर ऐप दिखाने के लिए विभिन्न नकद पुरस्कारों और प्रोत्साहन के साथ यह इनोवेशन चैलेंज एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की कोशिश करेगा। मूल्यांकन के प्रमुख मापदंडों में उपयोग में आसानी (यूआई / यूएक्स),मजबूती,सुरक्षा और गोपनीयता शामिल होगी।
  • इसमें भारतीय उद्यमियों और स्टार्टअप को टेक समाधानों का निर्माण करने, वित्तपोषण करने और जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करेगा जो न केवल भारतीय लोगो को बल्कि दुनिया भर के लोगों के काम आएगा।
  • इस चैलेंज का मंत्र है 'मेक इन इंडिया फॉर इंडिया एंड द वर्ल्ड' यानी भारत सहित पूरी दुनिया के लिए भारत में निर्माण।
  • आत्म-निर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज ट्रैक 1 को 8 व्यापक श्रेणियों में लॉन्च किया जा रहा है:-कार्यालय उत्पादकता और घर से काम, सामाजिक नेटवर्किंग, ई-लर्निंग, मनोरंजन, स्वास्थ्य और तंदुरूस्ती, एग्रीटेक और फिन-टेक सहित व्यवसाय, समाचार और खेल

क्या है ट्रैक 2 ऐप इनोवेशन चैलेंज?

  • ट्रैक 1 ऐप इनोवेशन चैलेंज के बाद सरकार आत्म-निर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज के ट्रैक 2 को भी लॉन्च करेगी जो भारतीय स्टार्ट-अप / उद्यमियों / कंपनियों की पहचान करने का काम करेगा और उन्हें नए विचार लाने, उन्हें पोषित करने (इन्क्यूबेशन), उनकी प्रतिमूर्ति बनाने (प्रोटोटाइप) और उनके अनुप्रयोगों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह ट्रैक दीर्घकालिक समय तक चलेगा, जिसका विवरण अलग से प्रदान किया जाएगा।

भारत एसडीजी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति और मातृ मृत्यु दर लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर

चर्चा में क्यों?

  • केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) के मामले में भारत द्वारा प्राप्त सफलता को रेखांकित किया।

भारत की उपलब्धि एक नजर में

  • भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी एमएमआर की रिपोर्ट के अनुसार '' भारत की मातृ मृत्यु अनुपात दर (एमएमआर) में एक वर्ष में 9 अंकों की गिरावट आई है। यह अनुपात 2015-17 में 122 से घटकर 2016-18 में 113 हो गया है। देश में एमएमआर में 2011 से लेकर 2018 के दौरान लगातार कमी देखी गई। 2011-2013 में जहां यह 167 वहीं 2014-2016 में यह 130 हो गया, 2015-17 में यह घटकर 122 और 2016-18 में 113 रह गया।
  • एमएमआर में निरंतर गिरावट के साथ, भारत 2030 तक 70 / लाख जीवित बच्चों के जन्म के सतत विकास लक्ष्य और 100 / जीवित बच्चों के जन्म की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (एनएचपी) लक्ष्य 2020 को हासिल करने की राह पर अग्रसर है। एसडीजी लक्ष्य हासिल करने वाले राज्यों की संख्या अब 3 से बढ़कर 5 हो गई है। इन राज्यों में केरल (43), महाराष्ट्र (46) तमिलनाडु (60), तेलंगाना (63) और आंध्र प्रदेश (65) शामिल है।
  • देश में ग्यारह राज्य हैं जिन्होंने एनएचपी द्वारा निर्धारित एमएमआर के लक्ष्य को प्राप्त किया है जिसमें उपरोक्त 5 और झारखंड (71), गुजरात (75), हरियाणा (91), कर्नाटक (92), पश्चिम बंगाल (98) और उत्तराखंड (99) जैसे राज्य हैं।
  • तीन राज्यों (पंजाब) (129), बिहार (149), ओडिशा (150) में एमएमआर 100-150 के बीच है, जबकि 5 राज्यों छत्तीसगढ़ (159), राजस्थान (164), मध्य प्रदेश के लिए (173), उत्तर प्रदेश (197) और असम (215), एमएमआर 150 से ऊपर है।
  • राजस्थान जिसमें एमएमआर में 22 अंकों की अधिकतम गिरावट देखी गई , उत्तर प्रदेश जिसमें 19 अंकों, ओडिशा जिसमें 18 अंकों, बिहार जिसमें 16 अंकों और मध्य प्रदेश जिसमें 15 अंको की गिरावट दर्ज हुई।
  • दो राज्यों (तेलंगाना और महाराष्ट्र) ने एमएमआर में 15 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की है जबकि 4 राज्यों अर्थात् ओडिशा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और गुजरात में 10 से 15 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। कर्नाटक, असम, झारखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे साता राज्यों में एमएमआर में 5 से 10 प्रतिशत की की गिरावट देखी गई है।

सरकार के प्रयास

  • डॉ. हर्षवर्धन ने केन्द्र, राज्यों और संघ शासित प्रदेश की सरकारों द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ-साथ सेवाओं की गुणवत्ता और उनकी पहुंच पर ध्यान केन्द्रित करने के सरकार के गहन प्रयास और एनएचएम के तहत जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम और जननी सुरक्षा जैसी योजनाएं और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान और लक्ष्य जैसी नई पहलों का इस सफलता के पीछे बड़ा हाथ है।
  • भारत सरकार ने प्रसव बाद और पूर्व की देखभाल के लिए मिडवाइफ की व्यवस्था करने के साथ ही सुमन कार्यक्रम को लागू करने की भी योजना बनाई है ताकि प्रसूताओं और नवजात शिशुओ के लिए मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की व्यापक पहुंच हो सके। इसमें ऐसी सेवाओं की अनुपलब्धता पूरी तरह से खत्म करने के साथ ही सम्मानजनक मातृत्व देखभाल सुनिश्चित किया जाना शामिल है।

'एक राष्ट्र एक बोर्ड'

चर्चा में क्यों?

  • सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में छह से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए समान शिक्षा प्रणाली लागू करने को लेकर 'एक राष्ट्र एक शिक्षा बोर्ड' गठित करने के निर्देश देने संबंधी याचिका की सुनवाई से शुक्रवार को इनकार कर दिया।
  • न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पेशे से वकील अश्विनी उपाध्याय की जनहित याचिका यह कहते हुए ठुकरा दी कि यह नीतिगत मामला है और वह इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़़ ने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली के कारण बच्चों पर बस्ते का बोझ पहले से ही अधिक है और क्या पाठ्यक्रमों को एक साथ मिलाकर याचिकाकर्ता यह बोझ और बढ़ाना चाहते हैं?
  • न्यायालय ने कहा कि आप चाहते हैं कि न्यायालय सभी बोर्डों को विलय करके एक बोर्ड बनाने का आदेश दे। यह हम नहीं कर सकते। यह नीतिगत मामला है और इसमें हम कोई निर्णय नहीं ले सकते। याचिकाकर्ता चाहें तो अपनी बात लेकर सरकार के पास जा सकते हैं।

क्या है 'एक राष्ट्र एक बोर्ड' का मामला

  • याचिकाकर्ता वकील अश्विनी उपाध्याय ने पूरे देश में समान शिक्षा प्रणाली लागू करने के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की तर्ज पर राष्ट्रीय शिक्षा परिषद अथवा राष्ट्रीय शिक्षा आयोग के गठन की संभावना तलाशने का केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध न्यायालय से किया था। याचिकाकर्ता ने छह से 14 वर्ष की आयु वाले बच्चों के लिए एक समान पाठ्यक्रम शुरू करने का केंद्र को निर्देश देने की मांग की थी।
  • याचिकाकर्ता का कहना था कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 38(2), 39(एफ), 46 और 51ए की भावना को कायम रखने के लिए ऐसा करना जरूरी है। उपाध्याय ने छह से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के पाठ्यक्रमों में मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों, नीति निर्देशक तत्वों के अलावा संविधान की प्रस्तावना के उद्देश्यों को शामिल किए जाने और इनकी पढ़ाई सबके लिए अनिवार्य किए जाने की आवश्यकता जताई थी।
  • याचिका में इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) बोर्ड और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को आपस में मिलाकर 'वन नेशन वन एजुकेशन बोर्ड' गठित करने की संभावना तलाशने का केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई थी।

आइबीएम की साझीदारी में सीबीएसई का एआइ पाठ्यक्रम

  • केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education, CBSE) ने देश के 200 हाई स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) की पढ़ाई के लिए तकनीकी दिग्गज आइबीएम से हाथ मिलाया है। देश के 13 राज्यों में स्थित इन हाई स्कूलों में कक्षा 11 व 12 में एआइ की पढ़ाई कराई जाएगी।
  • यह सीबीएसई के सोशल एंपावरमेंट थ्रू वर्क एजुकेशन एंड एक्शन (सेवा) का एक हिस्सा है।एआइ का पाठ्यक्रम ज्ञान, कौशल व मूल्यों पर आधारित होगा।
  • आइबीएम ने कहा, 'सीबीएसई के साथ हमारे समझौते का उद्देश्य छात्रों को एक सहज व व्यापक एआइ प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है।' कंपनी का कहना है कि वह आगे छात्रों के लिए समस्या आधारित पठन-पाठन तथा शिक्षकों के लिए मूल्यांकन आधारित तकनीक विकसित करेगी।
  • सीबीएसई की कक्षा 11 व 12 के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने में आइबीएम के अलावा ऑस्ट्रेलिया की मैक्वायर यूनिवर्सिटी, लर्निग लिंक फाउंडेशन व 1एम1बी मदद कर रहे हैं। आइबीएम की साझीदारी के साथ सितंबर 2019 में सीबीएसई ने एआइ पाठ्यक्रम की शुरुआत की थी।
  • एआइ पाठ्यक्रम का उद्देश्य कक्षा 11वीं के पांच हजार छात्रों और एक हजार शिक्षकों को एआइ कौशल प्रदान करना था। आइबीएम व सीबीएसई ने छात्रों व शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए '2020 आइबीएम एडटेक यूथ चैलेंज' का भी आयोजन किया था।

'ऑपरेशन मुस्कान कोविड-19'

  • आंध्र प्रदेश पुलिस (Andhra Pradesh Police) ने पिछले दिनों में राज्य के विभिन्न जिलों से कुल 2,739 बच्चों को छुड़ाया है। पुलिस ने दावा किया है कि ऑपरेशन मुस्कान कोविड-19 (Operation Muskaan) के तहत यह कार्रवाई हुई। यह जानकारी डीजीपी (Director-General of Police, DGP) ऑफिस से दी गई।
  • पुलिस के अनुसार, 14 जुलाई को इस ऑपरेशन को लांच किया गया था और यह 20 जुलाई तक चलेगा। इस ऑपरेशन के तहत छुड़ाए गए बच्चों का कोविड-19 टेस्ट भी कराया जाएगा।
  • छुड़ाए गए कुल बच्चों में से 2 हजार 5 सौ 60 बच्चे अपने माता-पिता के पास पहुंचा दिए गए हैं। चाइल्ड लेबर से बच्चों को आजादी दिलाने के लिए ऑपरेशन मुस्कान की शुरुआत की गई और अब इस ऑपरेशन को नया नाम ऑपरेशन मुस्कान कोविड-19 (Operation Muskaan COVID-19) दे दिया गया जिसके तहत आजाद कराए गए बच्चों का कोविड- 19 टेस्ट कराया जाएगा।
  • डीजीपी ऑफिस के अनुसार, राज्य की सीआईडी विंग सड़कों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों पर भटकने वाले अनाथ बच्चों के अलावा विभिन्न फैक्ट्रियों में काम कर रहे बच्चों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस के अनुसार, इन बच्चों को नजदीकी अस्पताल में जांच के लिए ले जाया जाएगा साथ ही इन्हें पुनर्वास केंद्रों में भेजा जाएगा जहां इन्हें शिक्षा के साथ बुनियादी सुविधाएं मुहैया होंगी।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

मुफ्ती नूर वाली महसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित

  • संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान के नेता मुफ्ती नूर वाली महसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया है। संयुक्त राज्य सुरक्षा परिषद 1267 अल-कायदा प्रतिबंध समिति ने अपनी आईएसआईएल और अल कायदा प्रतिबंध सूची में महसूद का नाम जोड़ा है।
  • मुफ्ती नूर वली महसूद को अनुवर्ती 2368 (2017) के पैराग्राफ 2 और 4 के अनुसार सूचीबद्ध किया गया। अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र के इस फैसले का स्वागत किया है।

मुफ्ती नूर वाली महसूद के बारे में

  • नूर वली, जिसे मुफ्ती नूर वली महसूद के नाम से भी जाना जाता है, को जून 2018 में पूर्व तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान नेता मुल्ला फजलुल्लाह की मौत के बाद तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान का नेता बनाया गया था। तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान, जिसे पाकिस्तान तालिबान के रूप में भी जाना जाता है, कई आत्मघाती विस्फोटों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है। इन हमलों में सैकड़ों नागरिकों को मार डाला है।
  • तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान, पाकिस्तान में कई आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार है। सितंबर 2019 में संयुक्त राज्य अमेरिका ने नूर वली को आतंकवादी घोषित किया था।'

आर्मीनिया-अजरबैजान तनाव

  • यूरोप और एशिया के मध्‍य में बसे दो देशों आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच तनाव अपने चरम पर है। पिछले दिनों हुए संघर्ष में अजरबैजान के जनरल समेत दोनों देशों के 16 सैनिकों की मौत हो गई थी। इससे दोनों देशों के बीच 3 दशकों से चला आ रहा व‍िवाद और ज्‍यादा गहरा गया है। उधर, तुर्की भी अजरबैजान के समर्थन में आ गया है। तुर्की के रक्षामंत्री ने धमकी दी है कि आर्मीनिया को इस हमले की कीमत चुकानी होगी।
  • अजरबैजान के मुताबिक आर्मीनिया की सेना ने देश की उत्‍तर पश्चिमी सीमा पर अजरबैजान की सैन्‍य चौकियों पर तोपों से भीषण हमला किया था। इसके जवाब में अजरबैजान की सेना ने भी जवाबी कार्रवाई। इसमें दोनों ही देशों के 16 सैनिकों की मौत हो गई है। दोनों पक्षों के बीच इस भीषण संघर्ष से पूरे इलाके में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।
  • दोनों ही पक्ष सीमा पर एक-दूसरे पर नागरिकों ठिकानों को निशाना बनाने के आरोप लगाते रहते हैं। अजरबैजान ने आरोप लगाया कि आर्मीनिया की गोलाबारी में कई नागरिक और सैनिक मारे गए हैं। उधर, आर्मीनिया ने भी आरोप लगाया है कि अजरबैजान उसके बेर्ड कस्‍बे पर गोले बरसा रहा है। यह संघर्ष ऐसे समय पर हुआ है जब अजरबैजान के राष्‍ट्रपति अलियेव ने कुछ दिनों पहले ही अंतरराष्‍ट्रीय मध्‍यस्‍थों की आलोचना की थी।

विवाद की पृष्ठभूमि

  • वर्ष 1990 के दशक तक दोनों ही देश सोवियत संघ के हिस्‍सा थे। दोनों ही देशों के बीच पहाड़ी इलाके में युद्ध भी हो चुका है लेकिन अभी तक इस विवाद का समाधान नहीं हुआ है। नगर्नो-कराबाख इलाका अंतरराष्‍ट्रीय रूप से अजरबैजान का हिस्‍सा है लेकिन उस पर आर्मीनिया के जातीय गुटों का कब्‍जा है। हालांकि यह संघर्ष इस विवादित इलाके उत्‍तर में हुआ है। अजरबैजान के मुताबिक तोवुज जिले में भीषण संघर्ष हुआ है।
  • इस दौरान आर्मीनिया ने नगर्नो-कराबाख में बहुमत वाले जातीय आर्मीनियाई गुटों का समर्थन किया था। इस युद्ध के बाद वर्ष 1994 में दोनों के बीच सीजफायर हुआ था। इस दौरान नगर्नो-कराबाख में एक जनमत संग्रह कराया गया था जिसमें ज्‍यादातर लोगों ने अजरबैजान का बॉयकाट किया था। स्‍थानीय लोगों ने दोनों देशों से जुड़ने के बजाय स्‍वतंत्र होने का समर्थन किया था। इसके बाद वर्ष 2016 में दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया और 4 दिनों तक भीषण संघर्ष हुआ था। द ऑर्गनाइजेशन फॉर सिक्‍यॉरिटी एंड कोऑरेशन इन यूरोप दोनों देशों के बीच मध्‍यस्‍थता का प्रयास कर रहा है।
  • अजरबैजान इस बात से नाराज है कि 30 साल बाद भी मध्‍यस्‍थ विवाद का समाधान नहीं करा पा रहे हैं। दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर विवाद को भड़काने का आरोप लगाया है। अब सबकी नजरें रूस पर टिकी हुई हैं। रूस ने ही वर्ष 2016 में दोनों के बीच सीजफायर कराया था। वर्ष 2016 में हुए 'अप्रैल वॉर' में 200 सैनिक और आम नागरिक मारे गए थे। वर्ष 1990 के दशक में अजरबैजान और आर्मीनिया के बीच भीषण युद्ध हुआ था।

भारत ने सर्वाधिक 27.3 करोड़ लोगों को गरीबी से ऊपर उठाया: संयुक्त राष्ट्र

  • संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और ऑक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल (ओपीएचआई) द्वारा जारी किये गये आंकड़ों से पता चलता है कि 75 में से 65 देशों में 2000 से 2019 के बीच बहुआयामी गरीबी स्तर में काफी कमी आयी है। हालांकि इसमें आशंका व्यक्त की गयी कि गरीबी के मोर्चे पर हुई प्रगति पर कोरोना वायरस महामारी का प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

क्या होता है बहुआयामी गरीबी?

  • बहुआयामी गरीबी दैनिक जीवन में गरीब लोगों द्वारा अनुभव किये जाने वाले विभिन्न अभावों को समाहित करती है - जैसे कि खराब स्वास्थ्य, शिक्षा की कमी, जीवन स्तर में अपर्याप्तता, काम की खराब गुणवत्ता, हिंसा का खतरा, और ऐसे क्षेत्रों में रहना जो पर्यावरण के लिए खतरनाक हैं।

रिपोर्ट से जुड़े तथ्य

  • 75 में से 65 देशों में 2000 से 2019 के बीच बहुआयामी गरीबी स्तर में काफी कमी आयी है। इन 65 देशों में से 50 ने भी गरीबी में रहने वाले लोगों की संख्या को कम किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे बड़ी कमी भारत में आयी, जहां 27.3 करोड़ लोग गरीबी से ऊपर उठने में कामयाब रहे।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि चार देशों- आर्मेनिया (2010–2015 / 2016), भारत (2005 / 2014-15 / 2016), निकारागुआ (2001–2011 / 2012) और उत्तर मैसेडोनिया (2005/2014) ने अपने वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) को आधा कर दिया। ये देश दिखाते हैं कि बहुत भिन्न गरीबी स्तर वाले देशों के लिये क्या संभव है।
  • रिपोर्ट के अनुसार चार देशों ने अपने एमपीआई मूल्य को आधा कर दिया और बहुसंख्यक गरीब लोगों की संख्या में सबसे बड़ी (27.3 करोड़) कमी आयी।
  • "चौदह देशों ने अपने सभी उप-प्रादेशिक क्षेत्रों में बहुआयामी गरीबी को कम किया: बांग्लादेश, बोलीविया, किंगडम ऑफ़ एसावातिनी, गैबॉन, गाम्बिया, गुयाना, भारत, लाइबेरिया, माली, मोज़ाम्बिक, नाइजर, निकाराबुआ, नेपाल और रवांडा।'
  • भारत में 2005-06 से लेकर 2015-16 के दौरान 27.3 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से बाहर निकले हैं। यह इस दौरान किसी भी देश में गरीबों की संख्या में सर्वाधिक कमी है।

:: अर्थव्यवस्था ::

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

  • किसानों को प्रेात्‍साहित करने के लिए, केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री, श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उनसे वीडियो संदेश के माध्यम से पीएमएफबीवाई के तहत नामांकन कराने की अपील की है और प्राकृतिक आपदाओं के परिणामस्वरूप फसल की क्षति से होने वाले वित्तीय नुकसान से खुद को बचाने का अनुरोध किया है।
  • देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में खरीफ-2020 सीजन के लिए प्रधानमंत्री फासल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत किसानों का नामांकन बड़े पैमाने पर हो रहा है। भारत सरकार ने उन सभी किसानों के लिए नामांकन निःशुल्क कर दिया है जिन्हें केवल प्रीमियम राशि का भुगतान करने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत 13 जनवरी 2016 को की गयी थी।
  • योजना के उद्देश्य
  • प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोगों के परिणामस्वरूप अधिसूचित फसल में से किसी की विफलता की स्थिति में किसानों को बीमा कवरेज और वित्तीय सहायता प्रदान करना।
  • कृषि में किसानों की सतत प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उनकी आय को स्थायित्व देना।
  • किसानों को कृषि में नवाचार एवं आधुनिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • कृषि क्षेत्र में ऋण के प्रवाह को सुनिश्चित करना।
  • अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसल उगानेवाले पट्टेदार/ जोतदार किसानों सहित सभी किसान इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
  • इसमें सभी खाद्य फसलें (अनाज, बाजरा और दालें), तिलहन और वार्षिक वाणिज्यिक/वार्षिक बागवानी की फसलें शामिल हैं।
  • इस योजना में फसल के निम्नलिखित चरण और फसल नुकसान के लिए जिम्मेदार जोखिमों से सुरक्षा प्रदान की गयी हैं।
  • बुवाई/रोपण में रोक संबंधित जोखिम: बीमित क्षेत्र में कम बारिश या प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण बुवाई/ रोपण में उत्पन्न रोक।
  • खड़ी फसल (बुवाई से कटाई तक के लिए): सूखा, अकाल, बाढ़, सैलाब, कीट एवं रोग, भूस्खलन, प्राकृतिक आग और बिजली, तूफान, ओले, चक्रवात, आंधी, टेम्पेस्ट, तूफान और बवंडर जैसे जोखिमों के कारण उपज के नुकसान को कवर करने के लिए व्यापक जोखिम बीमा प्रदान की जाती है।
  • कटाई के उपरांत नुकसान: फसल कटाई के बाद चक्रवात और चक्रवाती बारिश और बेमौसम बारिश के विशिष्ट खतरों से उत्पन्न हालत के लिए कटाई से अधिकतम दो सप्ताह की अवधि के लिए कवरेज उपलब्ध है।
  • स्थानीयकृत आपदायें: अधिसूचित क्षेत्र में मूसलधार बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसे स्थानीय जोखिम की घटना से प्रभावित पृथक खेतों को उत्पन्न हानि/क्षति।
  • इसके लिए किसानों को सभी खरीफ फसलों के लिए केवल 2% एवं सभी रबी फसलों के लिए 1.5% का एक समान प्रीमियम का भुगतान करना होगा जबकि वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के मामले में प्रीमियम केवल 5% होगा।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस)

चर्चा में क्यों?

  • भारत सरकार की एक प्रमुख निश्चित अंशदान पेंशन योजना 'राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस)' ने वित्‍त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही के लिए अपनी सदस्यता संख्या जारी कर दी है। इस योजना की सदस्‍य संख्‍या में 30% की वृद्धि दर्ज की गई है। इस योजना में निजी क्षेत्र के 1.03 लाख व्यक्तिगत ग्राहकों या सदस्‍यों का नामांकन पहली तिमाही के दौरान किया गया। इसी तरह वित्‍त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में 206 कॉरपोरेट नामांकन भी कराए गए। इसके परिणामस्वरूप 18 से 65 वर्ष के आयु समूह में कुल 10.13 लाख कॉरपोरेट सदस्‍य हो गए हैं। पंजीकृत 1,02,975 सदस्‍यों में से 43,000 ने अपने नियोक्ता/कंपनी के माध्यम से सदस्यता प्राप्त की है, जबकि बाकी सदस्‍यों ने स्वेच्‍छा से इस योजना में अपना नामांकन कराया है।

क्या है राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस)?

  • भारत सरकार ने देश में पेंशन क्षेत्र के विकास और विनियमन के लिए 10 अक्‍तूबर 2003 को पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) स्‍थापित किया। राष्‍ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) 1 जनवरी 2004 को सभी नागरिकों को सेवानिवृत्ति आय प्रदान करने के उद्देश्‍य से आरंभ की गई थी। एनपीएस का लक्ष्‍य पेंशन के सुधारों को स्‍थापित करना और नागरिकों में सेवानिवृत्ति के लिए बचत की आदत को बढ़ावा देना है।
  • आरंभ में एनपीएस सरकार में भर्ती होने वाले नए व्‍यक्तियों (सशस्‍त्र सेना बलों के अलावा) के लिए आरंभ की गई थी। एनपीएस 1 मई 2009 से स्‍वैच्छिक आधार पर असंगठित क्षेत्र के कामगारों सहित देश के सभी नागरिकों को प्रदान की गई है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

प्रधानमंत्री स्वनिधि मोबाइल ऐप

चर्चा में क्यों?

  • श्री दुर्गा शंकर मिश्रा, सचिव, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) मोबाइल एप्लीकेशन जारी किया। इस ऐप का उद्देश्य, इस योजना के अंतर्गत स्ट्रीट वेंडरों के ऋण आवेदनों की सोर्सिंग और प्रोसेसिंग के लिए, ऋण प्रदाता संस्थानों (एलआई) और उनके फील्ड कार्यकर्ताओं को अनुकूल डिजिटल इंटरफेस प्रदान करना है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि मोबाइल ऐप के बारे में

  • प्रधानमंत्री स्वनिधि मोबाइल ऐप, डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है और यह ऋण प्रदाता संस्थानों (एलआई) के फील्ड कार्यकर्ताओं जैसे बैंकिंग अभिकर्ता (बीसी) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी)/माइक्रो-फाइनेंस संस्थानों (एमएफआई) के एजेंटों को योजना का अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए सक्षम बनाएगा, जिनका स्ट्रीट वेंडरों के साथ निकट संपर्क रहता है।
  • मोबाइल ऐप जारी करने से, स्ट्रीट वेंडरों तक कागज-रहित माइक्रो-क्रेडिट सुविधाओं की डिजिटल पहुंच को बढ़ावा देने के अलावा, इस योजना की कार्यान्वयन रणनीति को भी गति मिलेगी।
  • मंत्रालय द्वारा वेब पोर्टल की शुरूआत 29 जून, 2020 को की गई। इस ऐप में, पीएम स्वनिधि के वेब पोर्टल के जैसी ही सभी सुविधाएं हैं, जिसे आसान पोर्टेबिलिटी की सुविधा के साथ जोड़ा गया है। इनके फीचरों में, सर्वेक्षण डेटा में वेंडरों की खोज, आवेदकों के लिए ई-केवाईसी, आवेदनों की प्रोसेसिंग और रियल टाइम मॉनेटरिंग शामिल है। एलआई और उनके फील्ड कार्यकर्ताओं द्वारा इस ऐप का उपयोग करने के लिए इसे गुगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

क्या है पीएम स्वनिधि योजना?

  • आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने पीएम स्वनिधि योजना को 01 जून, 2020 को लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी आजीविका शुरू करने के लिए सस्ती कार्यशील पूंजी ऋण मुहैया कराना है।
  • पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक विशेष माइक्रो क्रेडिट सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वाले 10 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण ले सकते हैं जिसे एक वर्ष की अवधि में मासिक किश्तों में चुकाने होगा।
  • इस योजना के तहत देशभर में करीब 50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को फायदा मिलने की उम्मीद है। यह योजना 24 मार्च, 2020 और उससे पहले शहरी क्षेत्रों में वेंडिग कर रहे सभी रेहड़ी-पटरी वालों के लिए उपलब्ध है।
  • ऋण को समय पर/ जल्दी चुकाने पर, प्रति वर्ष 7 प्रतिशत की दर से ब्याज सब्सिडी, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में तीमाही आधार पर जमा किया जाएगा। ऋण की जल्द भुगतान पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा।

देशों के आगामी मंगल मिशन

चीन का पहला मंगल मिशन: तियानवेन-1

  • कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच चीन अब मंगल ग्रह पर अपने रोवर को भेजने की तैयारी में जुटा हुआ है। तियानवेन-1 नाम के इस मिशन को चीन जुलाई या अगस्त के अंत में हेनान प्रांत में स्थित वेंचांग स्पेस लॉन्च सेंटर से भेजने वाला है। चीन के अलावा अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात भी मंगल ग्रह को लेकर अपने मिशन का ऐलान कर चुके हैं।चीन के इस अभियान को उसके अंतरिक्ष कार्यक्रम में सर्वाधिक महत्वाकांक्षी माना जा रहा है। कोरोना वायरस महामारी फैलने के बावजूद इस अभियान की तैयारियां जोरों पर है। इस मिशन के जरिए मंगल ग्रह से वैज्ञानिक आंकड़े जुटाए जाएंगे। इसके लिए तियानवेन-1 में एक रोवर को भेजा जा रहा है।

अमेरिका और यूएई का अभियान

  • अमेरिका कार से भी बड़े आकार का रोवर भेज रहा है, जिसका नाम परजरवेंस है। यह वहां के चट्टानों के नमूने एकत्र कर विश्लेषण के लिये करीब एक दशक में धरती पर लाएगा। इसका प्रक्षेपण 30 जुलाई से 15 अगस्त के बीच होने का कार्यक्रम है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात का अमाल या होप नाम का अंतरिक्ष यान एक आर्बिटर है जिसे यूनिवर्सिटी ऑफ कोलेरैडो बोल्डर की साझेदारी से बनाया गया है। इसे सोमवार को जापान से प्रक्षेपित किये जाने का कार्यक्रम है। यह अरब जगत का पहला अंतर ग्रहीय (दूसरे ग्रह पर भेजा जाने वाला) अभियान होगा।
  • अभी तक अमेरिका ही एकमात्र ऐसा देश है जिसने मंगल पर सफलतापूर्वक अंतरिक्ष यान उतारा है और उसने यह कमाल आठ बार किया। नासा के दो लैंडर वहां संचालित हो रहे हैं, इनसाइट और क्यूरियोसिटी। छह अन्य अंतरिक्ष यान मंगल की कक्षा से लाल ग्रह की तस्वीरें ले रहे हैं, जिनमें अमेरिका से तीन, यूरोपीय देशों से दो और भारत से एक है। मंगल ग्रह के लिये चीन ने अंतिम प्रयास रूस के सहयोग से किया था, जो 2011 में नाकाम रहा था।

हायपरसोनिक मिसाइल एक्स-51

  • अमेरिका ने अपनी सैन्य क्षमता को और अधिक मजबूत करने के लिए एक हायपरसोनिक मिसाइल तैयार की है। इस मिसाइल की रफ्तार ध्वनी की तुलना में 17 गुना तेज है। अमेरिका चीन और रूस को टक्कर देने के लिए अपनी सैन्य क्षमता को धार देता रहता है।
  • कि इस मिसाइल का परीक्षण प्रशांत महासागर के ऊपर किया गया, जहां इसके नतीजे सफल आए। अमेरिकी सेना के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया, मिसाइल का परीक्षण प्रशांत महासागर के ऊपर सफल रहा है।
  • अमेरिका के डिफेंस रिसर्च एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के डायरेक्टर मार्क लेविस ने 30 जून को बताया कि अमेरिका सेना को मजबूती प्रदान करने के लिए आने वाले चार वर्षों के दौरान हायपरसोनिक मिसाइलों की 40 फ्लाइट टेस्ट को अंजाम देगा। उन्होंने बताया कि प्रशांत महासागर क्षेत्र में लंबी की दूरी की मिसाइल एक्स-51 का परीक्षण किया गया है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

भागीरथी पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र

चर्चा में क्यों?

  • उत्तराखंड राज्य में चारधाम सड़क परियोजना की समीक्षा बैठक में, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री, श्री प्रकाश जावड़ेकर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बताया कि जोनल मास्टर प्लान (जेडएमपी), उत्तराखंड सरकार द्वारा तैयार किया हुआ और जलशक्ति मंत्रालय द्वारा मूल्यांकन किया हुआ, को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 16 जुलाई, 2020 को मंजूरी प्रदान कर दी गई है।

भागीरथी पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र के बारे में

  • 18 दिसंबर, 2012 को, स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, 4179.59 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने वाले, गौमुख से उत्तराकाशी तक भागीरथी पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र की अधिसूचना को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी किया गया था, जिसमें स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके अधिकारों और विशेषाधिकारों को प्रभावित किए बिना उनकी आजीविका सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण अनुकूल विकास को भी सुनिश्चित किया गया था। बाद में 16 अप्रैल, 2018 को, सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार, उत्तराखंड सरकार और इंडियन रोड कांग्रेस के साथ परामर्श करने के बाद अधिसूचना में संशोधन किया गया।
  • भागीरथी पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र की अधिसूचना में उत्तराखंड सरकार को जेडएमपी तैयार करने का अधिकार प्रदान किया गया, जिसे निगरानी समिति की देखरेख में लागू किया जाना था। जेडएमपी वाटरशेड दृष्टिकोण पर आधारित है और इसमें वन एवं वन्यजीव, जल प्रबंधन, सिंचाई, ऊर्जा, पर्यटन, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, सड़क अवसंरचना आदि के क्षेत्र में गवर्नेंस भी शामिल हैं।
  • जेडएमपी के अनुमोदन से, इस क्षेत्र में संरक्षण और पारिस्थितिकी को बढ़ावा मिलेगा और जेडएमपी के अंतर्गत प्रदान किए गए अनुमति के अनुसार विकासात्मक गतिविधियां भी शुरू की जाएंगी।
  • जेडएमपी के अनुमोदन से क्षेत्र के संरक्षण और पारिस्थितिकी को बढ़ावा मिलेगा और जेडएमपी के अंतर्गत दी गई अनुमति के अनुसार विकासात्मक गतिविधियों की भी शुरूआत की जाएंगी। इस मंजूरी से चारधाम परियोजना को तीव्र गति से निष्पादित करने का रास्ता भी खुलेगा।

:: विविध ::

लोक प्रशासन 2020 में उत्कृष्टता के लिए पीएम पुरस्कार

  • केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक,लोक शिकायत, पेंशन,परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोक प्रशासन 2020 में उत्कृष्टता के लिए पीएम पुरस्कार की नई संशोधित योजना और वेब पोर्टल की शुरुआत की।

लोक प्रशासन 2020 में उत्कृष्टता के लिए पीएम पुरस्कार में संशोधन

  • लोक प्रशासन 2020 में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार योजना में कुछ संशोधन कर फिर से शुरू किया गया है ताकि परिणाम संकेतक,आर्थिक विकास, लोगों की भागीदारी और जन शिकायतों के निवारण की दिशा में जिला कलेक्टरों के काम को पहचान दिलाया जा सके। चार प्रमुख श्रेणियों- जिला प्रदर्शन संकेतक कार्यक्रम, नवाचार सामान्य श्रेणी, आकांक्षी जिला कार्यक्रम और नमामि गंगे कार्यक्रम में नामांकन मंगाया गया है। जिला प्रदर्शन संकेतक कार्यक्रम के तहत,प्राथमिकता क्षेत्र में क्रेडिट प्रवाह के माध्यम से समावेशी विकास, एसबीएम (ग्रामीण) और एसबीएम (शहरी) कार्यक्रमों की प्राथमिकता क्षेत्र की योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा,सेवा वितरण और जन शिकायतों के निवारण में सुधार की दिशा में जिला कलेक्टरों के योगदान का मूल्यांकन किया जाएगा। राष्ट्रीय,राज्य और जिला स्तर पर नवाचारों के लिए अलग-अलग पुरस्कार श्रेणियां प्रदान करने के लिए योजना की नवाचार श्रेणी को व्यापक आधार दिया गया है। पुरस्कारों के लिए 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2020 तक की अवधि के दौरान किए गये कार्यों पर विचार किया जाएगा। 2020 में योजना के तहत कुल 15 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • नामांकन सी तारीख को बढ़ाने से चर्चा में रहे चर्चा में रहे 'आत्मनिर्भर ऐप इनोवेशन चैलेंज' का ट्रैक 1 ऐप इनोवेशन चैलेंज किससे संबंधित है? (मौजूदा ऐप्स को प्रोत्साहन देते हुए उन्हें विश्व स्तरीय बनाना)
  • हाल ही में समीक्षा से चर्चा में रहे 'भागीरथी इको सेंसेटिव जोन' का विस्तार कहां से कहां तक है? (गुरुमुख से उत्तरकाशी)
  • हाल ही में रजिस्टार जनरल ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार 2016-18 मातृत्व मृत्यु दर कितनी रही? (113)
  • हाल ही में मोबाइल एप जारी करने से चर्चा में रहे 'पीएम स्वनिधि' के लाभार्थी कौन होंगे एवं इसके तहत कितना वर्किंग कैपिटल दिया जाएगा? (स्ट्रीट वेंडर, 10 हजार रुपए)
  • सतत विकास 2030 तक भारत को मातृत्व मृत्यु दर के किस लक्ष्य को प्राप्त करना है एवं कितने राज्यों में इसे प्राप्त कर लिया है? (70/लाख, 5 राज्य-केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश)
  • सरकार द्वारा योजना के विस्तार से बढ़ाने से चर्चा में रहे 'सुमन पहल - SUMAN initiative' का लक्ष्य क्या है? (अस्पताल या प्रशिक्षित नर्स की निगरानी में प्रसव द्वारा सौ फीसदी सुरक्षित मातृत्व का लक्ष्य
  • इंटरनेशनल सेंटर ऑफ आटोमोटिव टेक्नोलॉजी (ICAT) के द्वारा आटोमोटिव इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देने और वैश्विक तकनीकी उन्नयन हेतु किस पोर्टल का विकास किया गया है? (ASPIRE-Automotive Solutions Portal for Industry, Research and Education)
  • हाल ही में समीक्षा से चर्चा में रहे ऑल वेदर चार धाम प्रोजेक्ट के द्वारा किन तीर्थ स्थलों को आपस में जोड़ा जाएगा? (यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ)
  • हाल ही में 'तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान' के किस नेता को संयुक्त राष्ट्र के द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया है? (मुफ्ती नूर वाली महसूद)
  • केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(CBSE) ने देश के 200 हाई स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) की पढ़ाई के लिए किस तकनीकी दिक्कत संगठन से समझौता किया है? (आईबीएम- IBM)
  • हाल ही में किस राज्य के द्वारा बाल मजदूरी के खिलाफ ऑपरेशन मुस्कान कोविड-19 (Operation Muskaan COVID-19)? (आंध्र प्रदेश)
  • यूरोप और एशिया के मध्य दो स्थित देशों के बीच तनाव से चर्चा में रहे 'नगर्नो-कराबाख' को लेकर किन देशों के मध्य सीमा विवाद है? (आर्मीनिया और अजरबैजान)
  • हाल ही में परीक्षण से चर्चा में रहे 'Waverider X-51' किससे संबंधित है एवं यह किस देश की परियोजना है? (हाइपरसोनिक मिसाइल, अमेरिका)
  • UNDP और ऑक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार किस देश में सर्वाधिक 27.3 करोड़ लोगों को गरीबी से ऊपर उठाने में सफलता हासिल की? (भारत)
  • संशोधित किए गए 'लोक प्रशासन 2020 में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार' की चार प्रमुख श्रेणियां कौन-कौन है? (जिला प्रदर्शन संकेतक कार्यक्रम, नवाचार सामान्य श्रेणी, आकांक्षी जिला कार्यक्रम और नमामि गंगे कार्यक्रम में नामांकन)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB