(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (18 जनवरी 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (18 जनवरी 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

‘ब्‍लॉकचेन टेक्‍नोलॉजी उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र’

  • नेशनल इन्‍फॉरमेटिक्‍स सेंटर (एनआईसी) ने बेंगलुरू, कर्नाटक में ब्‍लॉकचेन टेक्‍नोलॉजी उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र स्‍थापित किया है, जिसका उद्देश्‍य सेवा के रूप में ब्‍लॉकचेन प्रदान करना और सभी साझेदारों को साझा जानकारी, अनुभवों और संसाधनों से लाभ लेने की अनुमति देना है। केन्‍द्रीय विधि और न्‍याय, संचार और इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद इस ब्‍लॉकचेन टेक्‍नोलॉजी उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र का उद्घाटन करेंगे।

नेशनल इन्‍फॉरमेटिक्‍स सेंटर (एनआईसी)

  • एनआईसी एक प्रमुख प्रौद्योगिकी सलाहकार और सभी स्‍तरों पर सरकार के लिए समाधान प्रदाता है। उसने सरकार में नवीनतम प्रौद्योगिकियां और सेवाएं शुरू करने में हमेशा पहला कदम उठाया है, चाहे सरकार में आईसीटी की शुरुआत हो, एनआईसीएनईटी की स्‍थापना हो अथवा राष्‍ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (एनकेएन), महत्‍वपूर्ण ई-शासन समाधान का विकास और सरकार की जरूरत वाली अन्‍य अनेक सेवाएं हों।

‘ब्‍लॉकचेन टेक्‍नोलॉजी उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र’ से लाभ

  • ब्‍लॉकचेन टेक्‍नोलॉजी नई और आला टेक्‍नोलॉजी है और स्‍वास्‍थ्‍य, वित्‍त, कृषि तथा विभिन्‍न अन्‍य क्षेत्रों में इसे अपनाने से सरकार को विभिन्‍न कार्यक्रमों के कार्यान्‍वयन में मदद मिलेगी।
  • उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र ने इस उभरती हुई प्रौद्योगिकी द्वारा प्रदान किए गए संभावित लाभों को समझने के लिए कुछ चुनिंदा सरकारी इस्‍तेमाल के मामलों के लिए ब्‍लॉकचेन आधारित प्रूफ ऑफ कंसेप्ट विकसित किया है। सरकार में नई और इससे पहले नहीं देखी गई ब्‍लॉकचेन एप्लिकेशन्‍स से पारदर्शिता, पता लगाने योग्‍य और ई-शासन प्रणाली में विश्‍वास बढ़ने की उम्‍मीद है।
  • उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र शासन के विभिन्‍न आयामों में ब्‍लॉकचेन टेक्‍नोलॉजी के इस्‍तेमाल के लिए प्रूफ ऑफ कंसेप्ट तैयार करने में सरकारी विभागों की मदद करेगा, जिससे बड़े पैमाने पर इस तरह के एप्लिकेशन लगाए जा सकेंगे।

नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड

  • म्यानमार से असम के बोडो उग्रवादी समूह एनडीएफबी के दो दर्जन से ज्यादा सदस्यों को भारत लाए जाने के बाद इस उग्रवादी समूह ने भारत सरकार से शांति वार्ता की पेशकश की है. साथ ही यह भी कहा है कि उसके सदस्य हथियार नहीं उठाएंगे. भारत सरकार ने शांति प्रक्रिया से जुड़ने के एनडीएफबी के निर्णय का स्‍वागत किया है.
  • 11 जनवरी, 2020 को भारत सरकार की एजेंसियों द्वारा नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड के 26 सक्रि‍य सदस्‍यों को म्‍यांमार से भारत वापस लाया गया था. इनमें संगठन के अध्‍यक्ष, महासचिव, कमांडर इन चीफ तथा फाइनेंस सेक्रेटरी सहित कई अग्रणी नेता शामिल थे, जो इस समूह के भाग थे. इनके पास 25 हथियार, 50 से अधिक मैगजीन, 900 से अधिक विविध आयुध तथा संचार उपकरण भी थे. इस समूह के साथ चार पारिवारिक सदस्‍य भी थे.
  • इस समूह का नेतृत्‍व इसके अध्‍यक्ष बी साओराइग्‍वरा कर रहे थे और यह समूह असम के चार बोडो उग्रवादी समूहों में से एक है. अन्‍य तीन समूह फिलहाल भारत के साथ सीजफायर के अंतर्गत शामिल हैं और बोडो मामले के एक राजनैतिक निपटारे के लिए वार्ताकार से बातचीत कर रहें हैं.

नैशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड

  • साओराइग्‍वरा का समूह अन्‍य पूर्वोत्‍तरी विद्रोही समूहों के साथ मिलकर म्‍यांमार में सक्रिय था. इन्‍होंने एनएससीएन-के (एक नागा उग्रवादी समूह) और उल्‍फा/आई (असम का एक अन्‍य उग्रवादी समूह) के साथ मिलकर युनाइटेड नेशनल लिब्रेशन फ्रंट आफ वेस्‍टर्न साउथ ईस्‍ट एशिया नामक एक संयुक्‍त मोर्चा भी तैयार किया था. इस समूह द्वारा शांति का विकल्‍प चुनते ही असम में दशकों पुराने बोडो उग्रवाद का अंत और संपूर्ण राज्‍य में तथा विशेषत: बोडो क्षेत्रों में शांति का युग प्रारंभ होता है.

पृष्ठभूमि

  • एक अलग बोडोलैंड राज्‍य की मांग असम में लगभग 50 वर्षों से अहम रूप से बनी हुई थी. बोडो ओवरग्राउंड संगठनों तथा आतंकी समूहों ने विगत समय में प्रमुखता से इस मांग को सामने रखा जो हिंसा, आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के रूप में बदलती रहीं और जान-माल की हानि हुई.
  • इस विवादास्‍पद मामले के समाधान के लिए वर्ष 1993 और वर्ष 2003 में करार पर हस्‍ताक्षर किए गए थे. बोडो के राजनैतिक विकास तथा उनके पहचान संबंधी आशाओं को पूरा करने के लिए वर्ष 2003 में संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत एक बोडो टेरिटोरियल काउंसिल का सृजन किया गया था. इसके बावजूद राज्‍य में गैर-बोडो समूहों द्वारा पुरजोर आवाज उठाते हुए विरोध करने के बावजूद बोडोलैंड राज्‍य के लिए मांग बराबर बनी रही. यदि भारत सरकार और असम राज्‍य सरकार प्रादेशिक अखंडता को बनाए रखते हुए बोडो मामले का अंतिम समाधान निकालने में सफल होती हैं तो कानून और व्‍यवस्‍था को सुधाराने तथा राज्‍य में स्‍मृद्धि और प्रगति लाने में यह अत्‍यंत दूरगामी सिद्ध होगा.

सरदार पटेल राष्‍ट्रीय एकता पुरस्‍कार

  • भारत की एकता और अखण्‍डता में योगदान देने के क्षेत्र में सर्वोच्‍च असैनिक सम्‍मान, सरदार पटेल राष्‍ट्रीय एकता पुरस्‍कार के लिए ऑनलाइन नामांकन की प्रक्रिया चल रही है।
  • सरकार ने सरदार वल्‍लभभाई पटेल के नाम पर यह पुरस्‍कार शुरू किया है। यह पुरस्‍कार विशिष्‍ट और प्रेरणादायक व्‍यक्तियों को पहचान प्रदान करता है, ता‍कि राष्‍ट्रीय एकता और अखण्‍डता को बढ़ावा दिया जा सके। साथ ही मजबूत और एकजुट भारत के महत्‍व पर बल दिया जा सके।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

म्यांमार में बढ़ता चीनी प्रभुत्व: एक समग्र अवलोकन

  • दुनिया में अपनी विस्तारवादी नीति को आक्रामक ढंग से बढ़ा रहा चीन भारत के पड़ोसी मुल्कों को अपनी मुट्ठी में करने में जुटा है। पाकिस्तान शुरू से ही चीन का पिछलग्गू रहा है। वहीं श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश जैसे देशों में चीन ने हालिया वर्षो में अपने पांव जमाने की कोशिश की है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो दिन के म्यांमार दौरे पर हैं। 19 सालों में किसी नेता का यह पहला म्यांमार दौरा है। हालांकि यह दौरा भारत के लिए कई चिंताओं को बढ़ा सकता है। वो भी तब जब म्यांमार के साथ उसके संबंध बहुत ज्यादा ठीक नहीं हैं।

मुस्लिम अल्पसंख्यकों का दमन

  • चीन और म्यांमार में पिछले सात दशकों से राजनयिक रिश्ते रहे हैं। इस वक्त दोनों ही देश एक ही मामले में दुनिया की आलोचना झेल रही हैं। मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ दोनों ही देशों में दमनकारी नीतियों को अपनाया गया है। चीन ने जहां उइगर मुस्लिमों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है, वहीं रोहिंग्याओं के साथ म्यांमार का व्यवहार दुनिया ने देखा है।

म्यामांर में चीनी हित

  • म्यांमार चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का हिस्सा है। चीन-म्यांमार इकोनॉमिक कॉरिडोर में कई प्रोजेक्ट्स के साथ एक बंदरगाह को भी विकसित करने में जुटा है। यह म्यांमार के पश्चिमी तट में बंगाल की खाड़ी में स्थित है।

भारत के लिए चिंता

  • बंगाल की खाड़ी में चीन बंदरगाह बनाने में जुटा है। इसके निर्माण के बाद भारत पूरी तरह से चीनी घेरे में होगा। श्रीलंका पहले ही अपने हंबनटोटा बंदरगाह को चीन को 99 सालों की लीज पर दे चुका है। वह अरब सागर में पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को विकसित करने में जुटा है। रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर बांग्लादेश और म्यांमार के बीच विवाद के दौरान चीन ने स्वयं को मध्यस्थ की भूमिका में प्रस्तुत किया था।

दक्षिण एशिया में भी अलगाव

  • इसके अतिरिक्त दक्षिण एशिया में नई दिल्ली अलगाव झेल रही है। यहां तक की नेपाल में चीन हाइ स्पीड रेल लिंक बना रहा है। वहीं श्रीलंका में चीन समर्थक सरकार को गोतबया भाई चला रहे हैं। जहां गोतबया राजपक्षे राष्ट्रपति और महिंदा राजपक्षे चीन की ओर झुक रहे हैं।

चीन के ऋण से दबा म्यांमार

  • म्यांमार आसानी से चीन के सामने बंगाल की खाड़ी में बन रहे बंदरगाह की लागत को 9 बिलियन से घटाकर 1.3 बिलियन तक लाने में कामयाब रहा है। इसके साथ ही बीजिंग इरावडी नदी पर ठप पड़ी 6 हजार मेगावाट के मिटसोन बांध परियोजना को शुरू करना चाहता है। इस परियोजना की लागत 3.6 बिलियन डॉलर है और इससे पैदा होने वाली 90 फीसद बिजली चीन को देना निश्चित है। म्यांमार अच्छे से चीन के ऋण जाल में फंसने के खतरे को जानता है। चीन ने पहले से ही म्यांमार को 40 फीसद या 4 बिलियन डॉलर के विदेशी ऋण का हिस्सा बना लिया है।
  • दोनों देशों के बीच सीमा पर सशस्त्र विद्रोहियों की उपस्थिति के कारण भी संबंध असहज हैं। इन्हें बीजिंग का समर्थन हासिल है। यहां तक की उसने 2015 में भी विद्रोहियों और म्यांमार सरकार के बीच एक शांति समझौते की हंसी उड़ाई थी, क्योंकि पश्चिमी सरकारों और जापानी सरकार इस समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।

राष्‍ट्रपति ट्रंप के खिलाफ ऐतिहासिक महाभियोग की प्रक्रिया शुरू

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ऐतिहासिक महाभियोग की सुनवाई सीनेट में शुरू हो गई है। सीनेट में सांसदों ने शपथ ली कि वह इस मामले में निष्पक्ष फैसला लेंगे। सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट ने सीनेटरों को निष्पक्ष फैसला करने को लेकर शपथ दिलाई। इस प्रक्रिया के दौरान 99 सांसद मौजूद थे जबकि एक गैरहाजिर था।

क्‍या होता है महाभियोग

  • अमेरिकी संविधान के मुताबिक प्रतिनिधि सभा में बहुमत के बाद न सिर्फ राष्‍ट्रपति बल्कि किसी भी असैन्‍य अधिकारी या फि प्रांतीय सरकार के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। महाभियोग तब लाया जाता है जब इन पर देशद्रोह, घूस या फिर उच्‍च श्रेणी के अपराधों में शामिल होने का शक हो। सदन की न्‍यायिक समिति इन आरोपों की जांच करती है और फिर अगर जरूरत होती है तो फिर रजामंदी के बाद आरोप तय किए जाते हैं। इसके बाद सदन की तरफ से इन आरोपों पर वोटिंग होती है। अगर महाभियोग के पक्ष में वोट जाते हैं तो फिर आर्टिकल्‍स को सीनेट को सौंप दिया जाता है।

दो तिहाई वोट जरूरी

  • सीनेट एक कोर्ट की तरह काम करती है और अमेरिका के चीफ जस्टिस इस कोर्ट की अध्‍यक्षता करते हैं। इसके बाद केस की सुनवाई के लिए सीनेटर्स के बीच से ही मैनेजर नियुक्‍त किए जाते हैं। आरोपी ट्रायल के दौरान अपना डिफेंस पेश कर सकता है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सीनेट महाभियोग के हर आर्टिकल पर वोट करती है। अगर दो तिहाई सदस्‍य आरोपी को दोषी मानते हैं तो ही दोष सिद्ध हो सकता है। अगर डोनाल्‍ड ट्रंप के खिलाफ यह होता है तो फिर सीनेट उन्‍हें कोई भी सजा दे सकती है। हो सकता है कि ट्रंप को उनके ऑफिस से हटा दिया जाए या फिर उन्‍हें फेडरल अथॉरिटी को दोबारा हासिल करने से बैन कर दिया जाए। यानी हो सकता है कि वह दोबारा चुनाव न लड़ पाएं। हालांकि महाभियोग को लेकर अमेरिकी विशेषज्ञों के अंदर ही मतभेद हैं।

:: भारतीय राजव्यवस्था ::

नागरिकता कानून

  • नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को लाया गया प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया। केरल के बाद इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाने वाला पंजाब दूसरा राज्य बन गया है।

पृष्ठभूमि

  • सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन कानून के विरुद्ध पहले ही 60 याचिकाएं दायर हैं और इस मामले की सुनवाई 22 जनवरी को होनी है. यह संशोधन नागरिकता अधिनियम 1955 में बदलाव करेगा. इस संशोधन के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान समेत आस-पास के देशों से भारत में आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी धर्म वाले लोगों को नागरिकता दी जाएगी. नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) संसद में पास होने और राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद नागरिक संशोधन कानून (CAA) बन गया है.

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

संयुक्त राष्ट्र ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाया

  • संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 5.7 प्रतिशत रह सकती है। यह वैश्विक निकाय के पूर्व के अनुमान से कम है।
  • संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन में कहा गया है कि कुछ अन्य उभरते देशों में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर में इस साल कुछ तेजी आ सकती है। पिछले साल वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर सबसे कम 2.3 प्रतिशत रहने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने यह बात कही।
  • संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक स्थिति और संभावना (डब्ल्यूईएसपी), 2020 के अनुसार 2020 में 2.5 प्रतिशत वृद्धि की संभावना है। लेकिन व्यापार तनाव, वित्तीय उठा-पटक या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने चीजें पटरी से उतर सकती हैं।
  • भारत के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रह सकती है। हालांकि डब्ल्यूईएसपी 2019 में इसके 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था।
  • वहीं अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया जबकि पूर्व में इसके 7.4 प्रतिशत रहने की बात कही गयी थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की जीडीपी वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष में 6.8 प्रतिशत रही।

जनवरी-फरवरी के लिये जीएसटी राजस्व लक्ष्य बढाया गया

  • कर विभाग ने शुक्रवार को अगले दो महीनों के लिये जीएसटी संग्रह लक्ष्य बढ़ाकर 1.15 लाख करोड़ रुपये और मार्च के लिये 1.25 लाख करोड़ रुपये तय किया है। विभाग ने धोखाधड़ी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट के दावों पर लगाम लगाकर यह लक्ष्य हासिल करने की योजना बनायी है। राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय किया गया।
  • पिछले महीने विभाग ने चालू वित्त वर्ष की बची हुई अवधि के लिये जीएसटी कर संग्रह का लक्ष्य बढ़ाकर 1.1 लाख करोड़ प्रति महीने तथा एक महीने के लिये 1.25 लाख करोड़ रुपये किया था। कंपनी कर में 1.45 लाख करोड़ रुपये की राहत को देखते हुए प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.35 लाख करोड़ पर स्थिर रखा गया है।

ल्फाबेट पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप पर पहुंची

  • गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट का मार्केट कैप पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर (71 लाख करोड़ रुपए) पहुंच गया। कंपनी के शेयर में गुरुवार को 0.8% तेजी आने से वैल्यूएशन बढ़ा।

ट्रिलियन डॉलर के एलीट क्लब में पहली बार एक साथ 3 अमेरिकी कंपनियां

  • अल्फाबेट के शेयर में इस साल यानी 16 दिन में 8% से ज्यादा तेजी आ चुकी। अल्फाबेट अमेरिका की चौथी कंपनी है जो ट्रिलियन डॉलर तक पहुंची है। ऐसा पहली बार हुआ है जब तीन अमेरिकी कंपनियां एक साथ ट्रिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर हैं। ये तीनों टेक कंपनियां हैं। एपल पहले नंबर पर और माइक्रोसॉफ्ट दूसरे नंबर पर है। अमेजन भी 2018 में 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंची थी, लेकिन अभी 931 बिलियन डॉलर पर है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

संचार उपग्रह जीसैट-30

  • डिजिटल सिग्नल का प्रयोग लगातार बढ़ रहा है और इस कारोबार में देश को नई दिशा देने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने संचार उपग्रह जीसैट-30 लांच किया है. जीसैट-30 को शुक्रवार तड़के यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया गया है.
  • जीसैट-30 को भारतीय समय के हिसाब से 2.35 बजे एरियन-5 रॉकेट के जरिए रवाना किया गया है. जीसैट-30 संचार उपग्रह इनसेट-4A की जगह लेगा. इनसेट 4A को साल 2005 में लॉन्च किया गया था. जीसैट-30 भारत की टेलीकॉम सेवा को बेहतर बनाने में मदद करेगा.
  • जीसैट-30 उपग्रह दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पूर्वी तट पर कौरो के एरियन प्रक्षेपण परिसर से लॉन्च किया गया है. जीसैट-30 भारत का 24वां ऐसा सैटेलाइट है, जिसे एरियन स्पेस के एरियन रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया है.
  • एरियन स्पेस यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) की वाणिज्यिक शाखा है और भारत की पुरानी साझेदार है, जिसकी मदद से कई भारतीय उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजा गया है.

इनसेट-4A की जगह लेगा

  • जीसैट-30 जीसैट सीरीज का ताकतवर उपग्रह है. इसकी मदद से देश में संचार प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. इसरो के मुताबिक जीसैट-30 उपग्रह इनसेट-4A की जगह लेगा. इसकी कवरेज क्षमता भी अधिक होगी.

जीसैट-30 में क्या है खास?

  • जीसैट- 30 का वजन 3,357 किलोग्राम है. इस दूरसंचार उपग्रह से राज्य संचालित और निजी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के संचार लिंक देने की क्षमता बढ़ सकती है.
  • इसरो के मुताबिक जीसैट-30 उपग्रह केयू बैंड में भारत और उसके द्वीप, सी बैंड में खाड़ी देश, बड़ी संख्या में एशियाई देश और आस्ट्रेलिया को कवरेज प्रदान कर सकता है. जीसैट-30 की मिशन अवधि 30 साल की है. जीसैट उपग्रह डीटीएच, टेलीविजन अपलिंक और वीसैट सेवाओं के लिए बेहतरीन संचार उपग्रह है.

क्या होगा जीसैट -30 का उपयोग?

  • इसरो ने कहा है कि जीसैट -30 के संचार पेलोड को अंतरिक्ष यान में अधिकतम ट्रांसपोंडर लगाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है. अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार उपग्रह का उपयोग वीसैट नेटवर्क, टेलीविजन अपलिंकिंग, टेलीपोर्ट सेवाएं, डिजिटल सैटेलाइट खबर संग्रहण (डीएसएनजी) , डीटीएच सेवा आदि के लिए किया जाएगा.

S-400 डिफेंस सिस्टम

  • रूस का S-400 डिफेंस सिस्टम 2025 तक भारतीय वायु सेना को वितरित किया जाएगा। मिशन के उप प्रमुख बाबूसकिन ने शुक्रवार को कहा कि 2025 तक सभी एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों को भारत में वितरित किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि एस-400 मिसाइलों का उत्पादन भारत में किया जाना शुरू हो गया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस-भारतीय-चीन त्रिपक्षीय बैठक में भाग लेने के लिए 22 मार्च और 23 मार्च को रूस जाएंगे। बता दें कि एस-400, एस-300 का उन्नत संस्करण है, जो पहले केवल रूसी रक्षा बलों के लिए उपलब्ध था।

पृष्ठभूमि

  • बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पर डील हुई थी। इसके तहत रूस करीब 5 अरब डॉलर यानी 40 हज़ार करोड़ रुपए में S-400 डिफेंस सिस्टम की पांच रेजिमेंट्स भारत को बेचेगा। यह डिफेंस सिस्टम पहले भारत को 2020 में मिलना था, लेकिन अब यह सिस्‍टम्‍ 2025 तक मिलेगा। भारतीय वायु सेना काफी मजबूत हो जाएगी। आइए जानते हैं कि क्‍या है एयर डिफेंस सिस्‍टम । यह कैसे काम करता है। इसे लेकर पाकिस्‍तान क्‍यों चिंतित है। बता दें कि रूस ने चीन को भी यह डिफेंस सिस्टम बेचा है, जो उसे 2018 हासिल हो गया है।

एयर डिफेंस सिस्टम कैसे करता है काम

  • सिस्टम देश में होने वाले किसी भी संभावित हवाई हमले का पता लगाना है। यह सिस्‍टम अत्‍या‍धुनिक रडारों से लैस होता है। उपग्रहों की जरिए यह दुश्‍मनों की तमाम जानकारी जुटाता है। इसके आधार पर यह बताया जा सकता है कि लड़ाकू विमान कहां से हमला कर सकते हैं।
  • इसके अलावा यह एंटी-मिसाइल दागकर दुश्मन विमानों और मिसाइलों को हवा में ही खत्म कर सकता है। यह है कि 400 किमी के दायरे में आने वाले किसी भी खतरे को खत्म कर सकता है। फिर खतरा चाहे लड़ाकू विमान हो, ड्रोन हो या मिसाइल हो। यह सभी का लक्ष्‍य भेदने में सक्षम है।
  • एस-400 के रडार 100 से 300 टारगेट ट्रैक कर सकते हैं। 600 किमी तक की रेंज में ट्रैकिंग कर सकता है। इसमें लगी मिसाइलें 30 किमी ऊंचाई और 400 किमी की दूरी में किसी भी टारगेट को भेद सकती हैं। ज़मीनी ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
  • सबसे तगड़ी चीज़ यह कि एक ही समय में यह 400 किमी तक 36 टारगेट को एक साथ मार सकती है। इसमें 12 लॉन्चर होते हैं, यह तीन मिसाइल एक साथ दाग सकता है और इसे तैनात करने में पांच मिनट लगते हैं।
  • इसमें चार तरह की मिसाइल होती हैं। एक मिसाइल 400 किमी की रेंज वाली होती है, दूसरी 250 किमी, तीसरी 120 और चौथी 40 किमी की रेंज वाली होती है।

भारत को इसका क्या फायदा होगा

  • भारत की एयर फोर्स इस डिफेंस सिस्टम से लैस होगी, तो वह पाकिस्तान को बहुत पीछे छोड़ देगी। यह डिफेंस सिस्टम पाकिस्तान की कम दूरी वाली परमाणु मिसाइलों को गिरा सकता है। भारत की चीन से लगती हुई सीमा 4000 किमी लंबी है, जिसकी सुरक्षा में सिस्टम से मदद मिलेगी। इस सिस्टम के बूते चीन बॉर्डर पर तिब्बत और पाकिस्तान बॉर्डर पर अफगानिस्तान की थाह ली जा सकती है।

:: विविध ::

रोहित शर्मा: बतौर ओपनर सबसे तेज 7000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज

  • भारतीय टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा ने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर सलामी बल्लेबाज एक वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इस फॉर्मेट में बतौर ओपनर सबसे तेज 7000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में रोहित शर्मा ने ये माइलस्टोन अपने नाम किया है।

ओलेक्सी गोनचारुक

  • यूक्रेन के प्रधानमंत्री ओलेक्सी गोनचारुक ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंप दिया।

विनेश फोगाट ने रोम रैंकिंग सीरीज में जीता स्वर्ण

  • भारतीय पहलवान विनेश फोगाट (53 किग्रा) ने रोम रैंकिंग सीरीज कुश्ती चैंपियनशिप का फाइनल जीत लिया है। राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों की चैंपियन विनेश फोगाट ने इक्वाडोर की लुईसा एलिजाबेथ वालवरडे मेलेमड्रेस को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में ब्‍लॉकचेन टेक्‍नोलॉजी उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र’ की स्थापना कहां की जाएगी? (नेशनल इन्‍फॉरमेटिक्‍स सेंटर- बेंगलुरू)
  • हाल ही में असम के किस उग्रवादी समूह ने भारतीय सरकार से शांति वार्ता की पेशकश की है? (नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड -एनडीएफबी)
  • पूर्वोत्तर उग्रवादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड के अध्यक्ष कौन हैं? (बी साओराइग्‍वरा)
  • सरकार द्वारा राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बढ़ावा देने के लिए किस पुरस्कार की शुरुआत की गई है? (सरदार पटेल राष्‍ट्रीय एकता पुरस्‍कार)
  • नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाने वाला द्वितीय राज्य कौन है? (पंजाब)
  • हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटाकर कितनी कर दी गई है? (5.7 प्रतिशत)
  • हाल ही में किस चौथी अमेरिकी कंपनी ने 1 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप प्राप्त किया ? (अल्फाबेट)
  • जीसैट 30 को किस अंतरिक्ष एजेंसी की सहायता से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया? (यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी)
  • भारत ने किस देश के साथ S-400 डिफेंस सिस्टम खरीदने हेतु करार किया है? (रूस)
  • बतौर ओपनर अंतरराष्ट्रीय मैच में सबसे तेज 7000 रन बनाने का कीर्तिमान किस खिलाड़ी के नाम दर्ज है? (रोहित शर्मा)
  • हाल ही में किस भारतीय पहलवान ने रोम रैंकिंग सीरीज कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता? (विनेश फोगाट)
  • हाल ही में ओलेक्सी गोनचारुक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह किस देश के प्रधानमंत्री थे? (यूक्रेन)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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