(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (18 दिसंबर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (18 दिसंबर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

राष्‍ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन

केन्द्रीय संचार, कानून एवं न्याय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचन प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने राष्ट्री य मीडिया केन्द्रऑ, नई दिल्ली में राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन (एनबीएम) का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन का विजन डिजिटल संचार ढांचे का तीव्र विकास, डिजिटल अंतर को समाप्त करना, डिजिटल सशक्तिकरण तथा समावेश पर आधारित है। मिशन का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए किफायती और सार्वभौमिक ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करना है। मिशन का उद्देश्‍य तीन सिद्धांतों पर आधारित है :- सभी के लिए उपलब्‍धता, गुणवता युक्‍त सेवा तथा किफायती सेवा। मिशन के लक्ष्‍य निम्‍न हैं :-

  • सभी गांव में 2022 तक ब्रॉडबैंड सेवा।
  • ग्रामीण व सुदूर क्षेत्रों समेत पूरे देश में ब्रॉडबैंड सेवा की उपलब्‍धता।
  • ऑप्‍टिक फाइबर केबल 30 लाख कि.मी. रूट में बिछाया गया। टावर घनत्‍व 2024 तक प्रति एक हजार की आबादी पर 0.42 से बढ़कर 1.0 हो जाएगा।
  • मोबाइल और इंटरनेट सेवा की गुणवता बेहतर होगी।
  • राज्‍यों / केन्‍द्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए राइट ऑफ वे (आरओडब्‍ल्‍यू) मॉडल विकसित किया जाएगा। ऑप्टिक फाइबर बिछाने समेत डिजिटल अवसंरचना के विस्‍तार संबंधी नीतियों के लिए यह मॉडल सहायक होगा।
  • राज्‍य / केन्‍द्र शासित प्रदेश में उपलब्‍ध डिजिटल संचार अवसंरचना और अनुकूल नीति ईको-सिस्‍टम को मापने के लिए ब्रॉडबैंड रेडीनेस इंडेक्‍स (बीआरआई) विकसित किया जाएगा।
  • पूरे देश के लिए डिजिटल फाइबर मानचित्र तैयार किया जाएगा। इसमें संचार नेटवर्क व अवसंरचना, आप्टिक फाइबर केबल, टावर आदि को शामिल किया जाएगा।
  • हितधारकों द्वारा 100 बिलियन डॉलर (सात लाख करोड़ रूपये) का निवेश। इसमें यूनिवर्सल सर्विस आब्‍लिगेशन फंड (यूएसओएफ) का 70,000 करोड़ रूपये का निवेश शामिल।
  • डिजिटल अवसंरचना और सेवाओं के निर्माण तथा विस्‍तार को गति प्रदान करने के लिए नीतिगत और नियामक संबंधी नियमों में बदलाव करना।
  • मिशन में निवेश के लिए संबंधित मंत्रालयों/विभागों/एजेंसियों तथा वित्‍त मंत्रालय समेत सभी हितधारकों के साथ कार्य करना।

भारतीय शांति सैनिक

  • दक्षिण सूडान में सेवारत करीब 850 भारतीय शांति सैनिकों को उनकी सेवा और योगदान के लिए संयुक्त राष्ट्र के पदक से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्‍कार सूडान में स्‍थानीय समुदायों का समर्थन एवं शांति की स्‍थापना के लिए उनकी सेवा के लिए दिया गया है। भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सबसे बड़ा सैन्य योगदान करने वाले देशों में से एक है। वर्तमान में, 2,342 भारतीय सैनिक और 25 पुलिस कर्मी संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ दक्षिण सूडान (UNMISS) में तैनात हैं।

पृष्टभूमि

  • दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन की शुरुआत जुलाई, 2011 में उस समय की गई थी, जब दक्षिण सूडान ने सूडान से स्वतंत्रता प्राप्त की थी। अब तक इस मिशन के दौरान 67 संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों की मृत्यु हो चुकी है। मार्च, 2019 में UNMISS में लगभग 19,400 कर्मचारी कार्यरत्त थे। भारत UNMISS के लिए सैनिक प्रदान करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है, इसमें भारत के 2,342 सैनिक कार्यरत्त हैं। UNMISS में सर्वाधिक सैनिक रवांडा से हैं, इसमें रवांडा के 2,750 सैनिक कार्यरत्त हैं।

आंध्र प्रदेश के लिए तीन राजधानियों का ऐलान

  • आंध्र प्रदेश ने मंलगवार को अपनी अलग राजधानी बनाने के ऐलान कर दिया है। खास बात ये है कि ऐलान में राज्य की तीन राजधानी बनाने की बात कही गई है। इन तीन में एक उत्तरी तटीय आंध्र जबकि दूसरी मध्य आंध्र और तीसरी राजधानी रायलसीमा आंध्र में होगी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार को विधानसभा में इसका ऐलान करते हुए कहा कि विशाखपत्तनम एग्जीक्यूटिव कैपिटल, कर्नूल को ज्यूडिशियल कैपिटल और अमरावती को लेजिस्लेटिव कैपिटल बनाया जाएगा। अभी तक तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों की राजधानी हैदराबाद थी।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)

  • गांवों को परस्पर जोड़ने के बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में अब ग्रामीण संस्थाओं के बीच भी संपर्क मार्ग बनाएगी। योजना का दायरा गांवों को चौतरफा जोड़ने तक बढ़ा दिया गया है। इस चरण में पीएमजीएसवाई में अब तक निर्मित सड़कों के उन्नयन को भी शामिल कर लिया गया है, ताकि पुरानी पड़ चुकी सड़कों को एक नया जीवन मिल सके। इस योजना के तहत 1.25 लाख किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिस पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। योजना के तीसरे चरण के प्रावधान का ऐलान चालू वित्त वर्ष के बजट में किया गया था।
  • पीएमजीएसवाई के तीसरे चरण में फंडिंग के प्रारुप में थोड़ी तब्दीली भी कर दी गई है, जिसके तहत सड़कों के निर्माण में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 60 फीसद और राज्यों की 40 फीसद कर दी गई है। हालांकि पूर्वोत्तर और अन्य हिमालयी राज्यों में यह योजना 90 फीसद और 10 फीसद के अनुपात में चलेगी। योजना के लिए स्वीकृत 80,250 करोड़ रुपये में से 53,800 करोड़ रुपये केंद्र खर्च करेगा, जबकि बाकी का बोझ राज्यों के कंधे पर होगा।
  • पीएमजीएसवाई के तहत 16 दिसंबर 2019 तक कुल 1.53 ग्रामीण सड़कें बना ली गई हैं, जिनकी लंबाई 6.08 लाख किमी हो गई है। इन सड़कों के मार्फत देश के 97.27 फीसद गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ दिया गया है। योजना में अभिनव प्रयोग भी किये गये हैं, जिसमें 36 हजार किमी से अधिक लंबाई की सड़कें ग्रीन टेक्नोलॉजी से बनाई गई है। इन सड़कों के निर्माण में वेस्ट प्लास्टिक और कोल्ड मिक्स टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है।

जंक फूड सर्वे

  • तंबाकू उत्पाद की तरह ही सेहत के लिए हानिकारक खाद्य उत्पाद पर भी खतरे का निशान होना चाहिए ताकि इसे खाने वाले लोगों को इसका पता रहे। पर्यावरण क्षेत्र में काम करने वाली संस्था विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र (सीएसई) ने जंक फूड के 33 ब्रांडों की जांच के बाद यह मांग की है।
  • सीएसई ने हाल ही में लोकप्रिय खाद्य सामग्री के 33 ब्रांड की जांच की थी। सभी में नमक, शर्करा, वसा और ट्रांस वसा की मात्रा स्वीकृत से ज्यादा मिली है। संस्था की महानिदेशक सुनीता नारायण ने कहा कि ऐसे खाद्य पदार्थों से हृदय रोग, मधुमेह और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है इसलिए इनके पैकेट पर चेतावनी वाले निशान होने चाहिए। उन्होंने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से खाद्य सुरक्षा नियमों को जल्द अधिसूचित किए जाने की मांग की।
  • इन उत्पादों की जांच की गई : संस्था ने डिब्बाबंद खाद्य सामग्री में चिप्स के छह, नमकीन के चार, इंस्टेंट नूडल्स और सूप के तीन-तीन ब्रांड के उत्पादों की जांच की। वहीं फास्ट फूड श्रेणी में बर्गर के आठ, फ्राइज के तीन, फ्राइड चिकन के एक, पिज्जा के चार, सैंडविच व रैप के तीन ब्रांड की जांच की थी।
  • खतरे को ऐसे समझें संस्था की फूड सेफ्टी और टाक्सिन टीम के कार्यक्रम निदेशक अमित खुराना ने बताया कि सेहत पर खतरे को इस प्रकार से समझा जा सकता है कि चिप्स के एक लोप्रिय ब्रांड, जिसका वजन 30 ग्राम है। उसमें नमक की मात्रा एक ग्राम है। एफएसएसएआई द्वारा प्रस्तावित मानकों के अनुसार इस प्रकार के चिप्स में 100 ग्राम में केवल 0.25 ग्राम नमक होना चाहिए।

पृष्टभूमि

  • वर्षों से चल रही है इसकी कवायद डिब्बाबंद खाद्य सामग्री और फास्ट फूड को नियमित करने की कोशिश 2013 से हो रही है। उस समय एक समिति का गठन किया गया था, जिसने खाद्य सामग्री के पैकेट पर लिखी जाने वाली जानकारी के बारे में अपनी सिफारिश की थी। अलग-अलग समितियों की रिपोर्ट के बाद एफएसएसएआई ने इसी वर्ष नियमों का ड्राफ्ट जारी किया था, लेकिन इसे अभी नोटिफाई नहीं किया गया है।
  • स्वाद-सुगंध के लिए प्रयोग करतीं कंपनियां कंपनियां अपने उत्पादों के स्वाद और सुगंध को ज्यादा से ज्यादा आकर्षित बनाने के लिए उसमें नमक, शर्करा और वसा की ज्यादा मात्रा का इस्तेमाल करती हैं। इसके चलते ऐसे उत्पाद खाने में तो चटपटे होते हैं, लेकिन उनसे शरीर को गंभीर और जानलेवा बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। चिली व पेरू में किए गए हैं इस तरह के उपाय सीएसई की महानिदेशक सुनीता नारायण ने बताया कि चिली, पेरू, कनाडा जैसे देशों में खाद्य सामग्री के पैकेट पर इस तरह के निशान लगाने की शुरुआत की गई है। ताकि लोग यह समझ सकें कि वह सामग्री सेहत को कितना नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में लोग खाने के लिए सुरक्षित उत्पादों को चुनाव करते हैं। ऐसी ही व्यवस्था भारत में भी की जानी चाहिए।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2020

  • महिला-पुरुष की बराबरी के मामले में भारत की हालत और खराब हो गई है। वह एक साल में 4 स्थान फिसलकर 112वें स्थान पर पहुंच गया है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की मंगलवार को जारी ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट-2020 में यह दावा किया गया है। इसके मुताबिक आइसलैंड लगातार 11वें साल पहले नंबर पर बना हुआ है। वहीं यमन 153वें स्थान पर, ईराक 152वें स्थान पर, पाकिस्तान 151वें, श्रीलंका 102वें, नेपाल 101वें और बांग्लादेश 50वें स्थान पर है। चीन तीन स्थान फिसलकर 106वें, और अमेरिका दो स्थान फिसलकर 53वें स्थान पर पहुंच गया है।

आर्थिक समानता : बराबरी में 257 साल लगेंगे

  • पिछली रिपोर्ट में कहा गया था कि आर्थिक समानता खत्म होने में 202 साल लगेंगे। इस साल की रिपोर्ट में कहा गया है कि 257 साल लगेंगे।

शिक्षा, स्वास्थ्य, जीवन रक्षा में चुनौती

  • क्लाउड कंप्यूटिंग, इंजीनियरिंग, डेटा, एआई जैसे क्षेत्रों में बराबरी कम हुई। स्वास्थ्य-जीवन रक्षा में असमानता है। पर 2018 से स्थिति बेहतर हुई।

राजनीति: लम्बा सफर तय करना होगा

  • दुनिया में 21% महिला मंत्री राजनीतिक असमानता खत्म होने में 95 साल लग सकते हैं। महिलाओं की निचले सदन में 25.2% और मंत्री पदों पर 21.2% हिस्सेदारी है।

भारत की स्थिति: 108वें स्थान पर थे पिछले साल

  • शिक्षा में महिलाएं 112वें स्थान पर 3 मानकों में पिछड़ गया भारत। 18वें पर राजनीतिक ताकत में। 150वें पर स्वास्थ्य के मामले में। 112वें पर शिक्षा के मामले में। 149वें पर आर्थिक हिस्सेदारी में। 13.83% भागीदारी कंपनियों मेंं। 98 वें स्थान पर थे 2006 में। 108वें स्थान पर थे पिछले साल। 2006 में पहली रिपोर्ट आई थी।

तालिबान पर लागू रहेंगे प्रतिबंध

  • अमेरिका से शांति वार्ता कर रहे आतंकी संगठन तालिबान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रतिबंध बरकरार रहेगा। सोमवार को अफगानिस्तान से जुड़े प्रतिबंधों को दोबारा लागू करने के प्रस्ताव को सुरक्षा परिषद ने मंजूरी दी। प्रस्ताव 2501 के मुताबिक सभी राज्य शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरा तालिबान और उससे जुड़े समूह और संस्थाओं पर कार्रवाई करना जारी रखेंगे।
  • प्रस्ताव में प्रतिबंध समिति का समर्थन करने के लिए निगरानी टीम के उस आदेश को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई, जिसमें प्रतिबंधों को 12 महीने बढ़ाने की बात कही गई है। बता दें कि वर्तमान प्रतिबंधों की मियाद दिसंबर 2019 में खत्म हो रही है। सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों के तहत तालिबान से जुड़े समूह, संस्थाओं और व्यक्तियों पर न केवल यात्रा प्रतिबंध लागू होंगे बल्कि उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकेगी।

चुंग साइ- क्‍यून

  • दक्षिण कोरियाई राष्‍ट्रपति मून जे-इन ने संसद के पूर्व स्पीकर चुंग साइ-क्‍यून (Chung Sye-Kyun) को प्रधानमंत्री के तौर पर नियुक्‍त किया है। वे 'Mr Smile' के नाम से लोकप्रिय हैं। इसके पहले ली नाक-योन (Lee Nak-Yon) प्रधानमंत्री थे। 2003-08 के दौरान रोह मू-ह्यून (Roh Moo-hyun) के शासनकाल में चुंग ने उद्योग मंत्री के तौर पर काम किया। जून 2016 से मई 2018 तक उन्‍होंने संसद में स्‍पीकर का पद संभाला। राष्‍ट्रपति ने सोमवार को कहा कि चुंग के अनुभवों को देखते हुए ही उन्‍हें देश के प्रधानमंत्री के तौर पर चुना गया है।

परवेज मुशर्रफ

  • पाकिस्‍तान की एक विशेष अदालत ने पाकिस्तान के पूर्व राष्‍ट्रपति परवेज मुशर्रफ को राजद्रोह के मामले में दोषी करार देते हुए उन्‍हें मौत की सजा सुनाई है। पेशावर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश वकार अहमद सेठ की अध्‍यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया।

पृष्टभूमि

  • मुशर्रफ पर देश में तीन नवंबर 2007 को अतिरिक्‍त संवैधानिक आपातकाल लगाने के आरोप थे। पाकिस्‍तान की पीएमएल-एन सरकार (Pakistan Muslim League-Nawaz, PML-N) ने उनके खिलाफ दिसंबर 2013 में यह मामला दर्ज किया था। मुशर्रफ पर 31 मार्च, 2014 को देशद्रोह के मामले में आरोप तय किए गए थे। इसी साल सितंबर में अभियोजन ने सारे सबूत विशेष अदालत के समक्ष रखे थे। केस में बार बार डाली गई याचिकाओं के कारण देरी हुई। रिपोर्टों में कहा गया है कि मुशर्रफ दुर्लभ बीमारी अमिलॉइडोसिस से पीड़ित हैं। इस बीमारी में प्रोटीन शरीर के अंगों में जमा होने लगती है। फिलहाल, मुशर्रफ दुबई में अपना इलाज करा रहे हैं।
  • मुशर्रफ ने बीमारी का हवाला देकर सुप्रीम कोर्ट से राहत की गुहार लगाई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनका नाम एक्जिट कंट्रोल लिस्‍ट से हटाए जाने का निर्देश दिया था जिसके बाद गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने से वह मार्च 2016 में विदेश जाने में कामयाब हो गए थे। उन्‍होंने वापस लौटने की बात कही थी। लेकिन अपनी जान को खतरा बताते हुए उन्‍होंने स्‍वदेश वापसी से इनकार कर दिया था। इसके बाद पाकिस्‍तान की विशेष अदालत ने उन्‍हें भगोड़ा घोषित कर दिया था। विशेष अदालत में उनके वकील की ओर से यह भी बताया गया कि मुशर्रफ का स्‍वास्‍थ्‍य खराब रहता है इस वजह से डॉक्‍टरों ने उन्‍हें दुबई से बाहर जाने मना किया है।

इमरान खान

  • पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान को बहरीन के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार किंग हमाद ऑर्डर ऑफ रेनेसां से सम्मानित किया गया, इस सम्मान से जो इस वर्ष की शुरुआत में उनके भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी को भी दिया गया था। खान को बहरीन के सर्वोच्च नागरिक सम्मान किंग हमाद ऑर्डर ऑफ रेनेसां से नवाजा गया।

भारत और अमेरिका के बीच टू प्लस टू वार्ता

  • भारत और अमेरिका के मंत्रियों की अमेरिकी धरती पर होने वाली पहली टू प्लस टू वार्ता आयोजित होगी। इसमें द्विपक्षीय सुरक्षा को मजबूती देने वाले कुछ अहम समझौते हो सकते हैं। विदेश विभाग के फॉगी बॉटम मुख्यालय में बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मेजबानी उनके अमेरिकी समकक्ष विदेश मंत्री माइक पोंपियो तथा रक्षा मंत्री मार्क एस्पर करेंगे।

पृष्टभूमि

  • पहली टू प्लस टू वार्ता नई दिल्ली में पिछले साल सितंबर में हुई थी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संबंध में प्रणाली को मंजूरी दी थी। बुधवार को होने वाली वार्ता से पहले इस साल मोदी और ट्रंप की चार मुलाकातें हुई हैं। इनमें सितंबर के महीने में ह्यूस्टन में दोनों का संयुक्त संबोधन शामिल है।
  • टू प्लस टू वार्ता भारत और अमेरिका के बीच सर्वोच्च स्तर की संस्थागत प्रणाली है, जो विदेश नीति, रक्षा तथा सामरिक मुद्दों पर हमारे विचारों को साथ लाती है। पहली बार अमेरिका में इस तरह का संवाद हो रहा है।

उत्तर कोरिया

  • चीन और रूस अपने सहयोगी उत्तर कोरिया को प्रतिबंधों से राहत दिलाने के प्रयास में जुट गए हैं। इस कोशिश में इन दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मांग की है कि उत्तर कोरिया से कोयला, लौह अयस्क और कपड़ों के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को खत्म कर दिया जाए। इससे आजीविका संबंधी रोजमर्रा की दिक्कतें झेल रहे उत्तर कोरिया के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
  • चीन और रूस ने सोमवार को इस संदर्भ में एक प्रस्ताव का मसौदा सुरक्षा परिषद के सदस्यों में वितरित किया। प्रस्ताव में अमेरिका और उत्तर कोरिया में परमाणु मसले पर हुई वार्ता की तारीफ की गई है। साथ ही छह देशों की वार्ता दोबारा शुरू करने की वकालत भी गई है। साल 2003 में उत्तर कोरिया के साथ अमेरिका, दक्षिण कोरिया, चीन, जापान और रूस ने वार्ता शुरू की थी। सितंबर 2005 में उत्तर कोरिया इस आधार पर समझौते के लिए राजी हुआ था कि सुरक्षा, आर्थिक और ऊर्जा लाभ के बदले में वह अपने परमाणु हथियारों को खत्म कर देगा। हालांकि दिसंबर 2008 में अमेरिका के सख्त रुख के चलते समझौता नहीं हो पाया था। अमेरिका ने सत्यापन के लिए जिस तरीके का प्रस्ताव रखा था, उसे उत्तर कोरिया ने मानने से इन्कार कर दिया था। तब से छह देशों की वार्ता रुकी पड़ी है।
  • रूस और चीन यह प्रस्ताव ऐसे समय लेकर आए हैं, जब अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच परमाणु वार्ता ठहरी हुई है। गत फरवरी में वियतनाम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन शिखर वार्ता हुई थी। लेकिन प्रतिबंधों को हटाने की मांग पर यह वार्ता बेनतीजा खत्म हुई थी।

विश्व भर में 2019 में 49 पत्रकारों की हत्या हुई

  • विश्वभर में वर्ष 2019 में 49 पत्रकारों की हत्या की गई, यह आंकड़ा पिछले 16 वर्ष में सबसे कम है लेकिन लोकतांत्रिक देशों में पत्रकारों की हत्या की घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं।
  • पेरिस स्थिति निगरानी संगठन ‘आरएसएफ’ ने बताया कि इनमें से अधिकतर पत्रकार यमन, सीरिया और अफगानिस्तान में संघर्ष की रिपोर्टिंग के दौरान मारे गएजो दिखाता है कि पत्रकारिता एक खतरनाक पेशा बना हुआ है।
  • संगठन ने कहा कि पिछले दो दशक में औसतन हर साल 80 पत्रकारों की जान गई है। इसके प्रमुख क्रिस्टोफ डेलोयर ने कहा कि शांतिपरस्त देशों में पत्रकारों की हत्या की घटनाएं खतरे की घंटी भी है, क्योंकि केवल मेक्सिको में ही 10 पत्रकार मारे गए हैं।
  • उन्होंने कहा, ‘‘लातिन अमेरिका में कुल 14 पत्रकार मारे गए जो पश्चिम एशिया जितना ही खतरनाक स्थान बन गया है।”
  • ‘आरएसएफ’ के अनुसार भले ही पत्रकारों की जान कम जा रही है लेकिन अधिकतर पत्रकार सलाखों के पीछे हैं। 2019 में करीब 389 पत्रकारों को जेल में डाल दिया गया, जो कि पिछले साल की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। इनमें से आधे, चीन, मिस्र और सऊदी अरब में कैद हैं।
  • ‘आरएसएफ’ के अनुसार विश्वभर में 57 पत्रकारों को बंदी भी बना कर रखा हुआ है। इनमें से अधिकतर सीरिया, यमन, इराक और यूक्रेन में बंदी बनाए गए हैं।

अवैध तरीके से रह रहे अपने नागरिकों को वापस लेगा

  • राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर देश में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के सलाहकार (अंतरराष्ट्रीय मामले) गौहर रिजवी ने कहा कि भारत अगर सुबूत पेश करेगा तो बांग्लादेश यहां गैरकानूनी तरीके से रह रहे अपने किसी भी नागरिक को वापस ले लेगा।
  • बांग्लादेश ने भारत को अपने उन नागरिकों की सूची देने का अनुरोध किया है, जो उनके यहां गैरकानूनी तरीके से रह रहे हैं। बांग्लादेश उन्हें वापस लौटने की अनुमति देगा।

:: भारतीय राजव्यवस्था ::

राष्ट्रीय आधार पर अल्पसंख्यक दर्जा देने के खिलाफ याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज

  • उच्चतम न्यायालय ने मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा देने संबंधी केंद्र की 26 साल पुरानी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि समूचे भारत की आबादी के परिप्रेक्ष्य में धर्म पर विचार किया जाना चाहिए।

पृष्टभूमि

  • अश्विनी कुमार उपाध्याय ने राज्य स्तर पर आबादी के आधार पर किसी समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा देने के लिए दिशा-निर्देश देने की मांग की थी। पीठ ने कहा, 'समूचे भारत के आधार पर धर्म पर विचार करना चाहिए। इसमें क्या परेशानी है, अगर कश्मीर में मुस्लिम बहुमत में हैं, लेकिन देश के अन्य हिस्सों में अल्पसंख्यक हैं।' उपाध्याय ने अपनी याचिका में दावा किया था कि आठ राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं। लेकिन, उन्हें वहां अल्पसंख्यकों के लाभों से वंचित किया जा रहा है।
  • पीठ ने कहा कि भाषाएं राज्य के आधार पर सीमित हैं। धर्म की तो राज्य सीमाएं नहीं हैं। हमें इस मामले में अखिल भारतीय दृष्टिकोण अपनाना होगा। लक्षद्वीप में मुस्लिम तो हिंदू कानून का पालन करते हैं। पीठ ने अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल के इस कथन का भी संज्ञान लिया कि शीर्ष अदालत के कई फैसले में कहा गया है कि किसी समूह के अल्पसंख्यक होने का निर्धारण उसकी अखिल भारतीय आबादी के आधार पर किया जा सकता है।
  • अटार्नी जनरल इस मामले में न्यायालय की मदद कर रहे थे। उपाध्याय की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पराशरण से पीठ ने ऐसे फैसलों के बारे में जानना चाहा, जिनमें कहा गया है कि राज्य की आबादी के आधार पर अल्पसंख्यक दर्जा देने पर विचार किया जा सकता है। पीठ ने कहा कि हम नहीं समझते कि हमें इस पर विचार करना चाहिए। पीठ ने कहा कि राज्यों के सृजन के लिए भाषाओं को आधार बनाया गया है, लेकिन धर्म के मामले में ऐसा नहीं है। अत: राज्य की आबादी के आधार पर किसी समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा नहीं दिया जा सकता है।

पोत पुनर्चक्रण विधेयक, 2019

  • राष्‍ट्रपति द्वारा 13 दिसम्‍बर, 2019 को स्‍वीकृति मिलने के बाद पोत पुनर्चक्रण विधेयक, 2019 अधिनियम बन गया है। अधिनियम का उद्देश्‍य पोतों के पुनर्चक्रण का नियमन करना है। इसके लिए कुछ अंतर्राष्‍ट्रीय मानक तय किए गए हैं तथा इन मानकों को लागू करने के लिए कानूनी व्‍यवस्‍था तैयार की गई है। सरकार ने 28 नवम्‍बर, 2019 को हांगकांग अंतर्राष्‍ट्रीय सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल पोत पुनर्चक्रण सम्‍मेलन, 2009 को स्‍वीकृति प्रदान का निर्णय लिया था।

मुख्य बिंदु

  • पोत पुनर्चक्रण अधिनियम, 2019 खतरनाक सामग्रियों के उपयोग को प्रतिबंधित करता है। नए पोतों के लिए खतरनाक सामग्री के उपयोग पर प्रतिबंध तत्‍काल प्रभाव से लागू होगा (विधेयक के लागू होने के दिन से)। वर्तमान पोतों को इस नियम को लागू करने के लिए 5 वर्ष का समय दिया जाएगा। सरकार द्वारा संचालित सैन्‍य पोतों और गैर-व्‍यावसायिक पोतों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। पोतों का सर्वे किया जाएगा और खतरनाक सामग्री के संदर्भ में प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
  • इस अधिनियम के तहत पोत पुनर्चक्रण सुविधाएं अधिकृत होनी चाहिए और केवल इन्‍हीं अधिकृत पुनर्चक्रण सुविधाओं में पोतों का पुनर्चक्रण किया जाना चाहिए। पोत विशेष आधारित योजना के तहत पोतों का पुनर्चक्रण किया जाना चाहिए। एचकेसी नियमों के अनुसार भारत में पोतों के पुनर्चक्रण के लिए रेडी फॉर रिसाइक्लिंग का प्रमाण पत्र भी होना चा‍हिए।
  • अधिनियम पुनर्चक्रण कंपनियों को एक वैधानिक कार्य की जिम्‍मेदारी देता है जिसके तहत पोतों के खतरनाक अपशिष्‍ट का प्रबंधन सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होना चाहिए। नए अधिनियम में वैधानिक प्रावधानों के उल्‍लंघन के मामलों को दंडनीय बनाया गया है।
  • हांगकांग अंतर्राष्‍ट्रीय सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल पोत पुनर्चक्रण सम्‍मेलन, 2009 को भारत द्वारा सहमति देने तथा पोत पुनर्चक्रण अधिनियम, 2019 के लागू होने से हमारे पोत पुनर्चक्रण उद्योग को सुरक्षा के प्रति जिम्‍मेदार और पर्यावरण अनुकूल उद्योग के रूप में प्रसिद्धि मिलेगी और भारत इस उद्योग का अग्रणी देश बन जाएगा।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

मूडीज ने घटाया FY20 के लिए देश की ग्रोथ रेट का अनुमान

  • अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) ने वित्त वर्ष 2020 के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमान को एक बार फिर से घटा दिया हैं। एजेंसी ने GDP ग्रोथ रेट के अनुमान को 5.8 फीसद से घटाकर 4.9 फीसद कर दिया है। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2021 के लिए भी देश की ग्रोथ रेट का अनुमान घटाया है। मूडीज ने इसे 6.6 से घटाकर 6.3 फीसद कर दिया है।
  • मूडीज की इन्वेस्टर सर्विस ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा कॉरपोरेट टैक्स कटौती, किसान की आय को सपोर्ट करने और मौद्रिक नीति को सरल बनाने जैसे आर्थिक सुधार के उपायों से मांग बढ़ाने की दिशा में सीमित असर पड़ा है। इन्वेस्टर्स सर्विस ने सोमवार को कहा कि भारत की कमजोर घरेलू खपत के कारण इकोनॉमिक ग्रोथ घटी है। साथ ही एजेंसी ने चेताया है कि सीमित ग्रोथ रेट राजकोषिय समेकन को प्रभावित करेगी।
  • रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा, 'इन्वेस्टमेंट को लेकर शुरू हुई सुस्ती से इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार मंद पड़ने लगी और अब ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के वित्तीय दबाव में होने और रोजगार में कमी के कारण खपत में भी कमी आ गई है।'

पृष्टभूमि

  • गौरतलब है कि जुलाई से सितंबर वाली दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ गिरकर 4.5 फीसद रह गई है। यह करीब 6 साल में किसी एक तिमाही की जीडीपी ग्रोथ में सबसे बड़ी गिरावट है। उससे पहले अप्रेल से जून महीने की तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 5 फीसदी रही थी।
  • भारत की जीडीपी लगातार 6 तिमाहियों से गिर रही है। हालांकि, बाजार को लगता है कि अर्थव्यवस्था ने अपने निचले स्तर को छू लिया है और अब इसमें सुधार ही होगा। रेटिंग एजेंसियों को उम्मीद है कि बजट में अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कुछ अहम घोषणाएं हो सकती हैं। आगामी आम बजट के 1 फरवरी को पेश होने की संभावना है।

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कोष हस्तांतरण प्रणाली (NEFT)

  • रिजर्व बैंक ने डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिये राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कोष हस्तांतरण प्रणाली (NEFT) के जरिए चौबीसों घंटे लेन-देन की सुविधा आज (16 दिसंबर) रात 12 बजे से शुरू कर दी।
  • एनईएफटी लेन-देन का निस्तारण सामान्य दिनों में सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के दौरान तथा पहले एवं तीसरे शनिवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक घंटे के आधार पर किया जाता है। रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना में कहा कि एनईएफटी लेन-देन को चौबीसों घंटे, सातों दिन शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
  • रिजर्व बैंक ने पहले ही सभी सदस्य बैंकों को नियामक के पास चालू खाते में हर समय पर्याप्त राशि रखने को कहा है ताकि एनईएफटी लेन-देन में कोई व्यवधान नहीं हो। केंद्रीय बैंक ने कहा कि सभी बैंकों को सुचारू तरीके से एनईएफटी लेन-देन सुनिश्चित करने के लिये सभी आवश्यक बुनियादी संरचनाएं दुरुस्त रखने का निर्देश दिया था

क्या है NEFT

  • NEFT यानी नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर देश में बैंकों के जरिए फंड ट्रांसफर करने की एक ऑनलाइन सुविधा है। इंटरनेट के जरिए दो लाख रुपए तक के लेनदेन के लिए एनईएफटी का इस्तेमाल किया जाता है। इसके जरिए किसी भी शाखा के किसी भी बैंक खाते से किसी भी शाखा के बैंक खाते को पैसा भेजा जा सकता है। इसके लिए भेजने वाले और पैसा पाने वाले, दोनों के पास इंटरनेट बैंकिंग सेवा का होना जरूरी है। अगर दोनों खाते एक ही बैंक के हैं तो सामान्य स्थिति में कुछ सेकेंड्स के अंदर पैसा ट्रांसफर हो सकता है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस

  • रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने मंगलवार 17 दिसंबर को ओडिशा के बालासोर जिले के चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। ब्रह्मोस के इस वर्जन को DRDO और BrahMos Aerospace द्वारा डिजाइन किया गया है। यह मिसाइल 290 किमी तक हमला करने में सक्षम है और यह 300 किलो तक वजन को भी साथ ले उड़ सकती है।
  • 'मिसाइल का परीक्षण सुबह 8.30 बजे चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) के लॉन्च कॉम्प्लेक्स -3 में एक मोबाइल स्वायत्त लांचर (Mobile Autonomous Launcher) से किया गया था। सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण सभी मापदंडों के साथ पूरा हुआ।'

ब्रह्मोस

  • दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को जहाजों, पनडुब्बी, विमान और जमीन से लॉन्च किया जा सकता है। यह डीआरडीओ और रूसी संघ के एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया के बीच एक संयुक्त उद्यम है, जिन्होंने संयुक्त रूप से ब्रह्मोस एयरोस्पेस का गठन किया है।
  • मिसाइल के भूमि-लॉन्च सतह से सतह संस्करण को पहली बार 2007 में भारतीय सेना के साथ शामिल किया गया था। 2017 के बाद भारतीय नौसेना के साथ समुद्री लॉन्च संस्करण को तैनात किया गया है।

कृत्रिम चांद

  • साल 2018 में चीन ने पहली बार कृत्रिम चांद का विचार प्रस्तुत करते हुए दुनियाभर के लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। चीन के वैज्ञानिक वू चुनफेंग ने बताया था कि जल्द ही चेंगदू शहर के पास अपना चांद होगा, जिसके बाद वहां स्ट्रीटलाइटों की जरूरत नहीं होगी। अब यह बात सामने आ रही है कि इस योजना के तहत चीन अपना पहला उपग्रह 2020 में लांच कर सकता है। साल 2022 तक तीन और उपग्रह लांच किए जाएंगे, जिसके बाद यह विचार वास्तविकता का रूप ले लेगा।

कार्यप्रणाली

  • चीन के इस कृत्रिम चांद की सतह आईने की तरह होगी, जिससे यह सूरज की रोशनी को धरती की ओर मोड़ा जा सकेगा। चीन की योजना के मुताबिक, कृत्रिम चांद 10 से 80 किमी की परिधि में रोशनी कर सकेगा। इसके रोशनी असली चांद की तुलना में आठ गुना अधिक होगी।

चुनौतियां

  • संभावना जताई जा रही है कि कृत्रिम चांद को पृथ्वी और अंरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आइएसएस) के बीच में स्थापित किया जाएगा। सबसे पहली अड़चन इसके आकार को लेकर बताई जा रही है। फुटबॉल के आकार के आइएसएस को तीन टुकड़ों में लांच करके अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था। चीन का यह कृत्रिम चांद आइएसएस से भी बड़ा होगा। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती इसे स्थापित करने की होगी। दूसरी बड़ी चुनौती इसकी रफ्तार की होगी। इसे पृथ्वी पर गिरने से रोकने के लिए जरूरी है कि यह 27,400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घूमता रहे। ऐसे में ईंधन का खर्च भी विचार का विषय है।

लाभ

  • इस विचार के पक्षधर वैज्ञानिकों का कहना है कि चूंकि कृत्रिम चांद से स्ट्रीटलाइटों की जरूरत नहीं पड़ेगी इसलिए इससे बिजली बचाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा दूसरा लाभ आपदा के समय होगा। आपदा के दौरान जब किसी स्थान की बिजली चली जाएगी तो इसकी मदद से उस स्थान तक प्रकाश पहुंचाया जा सकेगा।

निहित चिंताएं

  • मौजूदा वक्‍त में प्रकाश प्रदूषण तेजी से बढ़ती समस्या है। रात में भी घरों, इमारतों में लाइट्स के जलने से सिर्फ लोग ही नहीं, उन घरों के बाहर मौजूद पशु, पक्षी भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। चीन की कृत्रिम चांद योजना की खिलाफत करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका सबसे बड़ा असर न केवल इंसानों, बल्कि पशु-पक्षियों के शरीर की आंतरिक घड़ी (सर्कडीअन) पर पड़ेगा।

:: पर्यावरण, पारिस्थितिकी और प्रदुषण ::

भारत में ऊर्जा दक्षता निवेशों के विस्तार हेतु 250 मिलियन डॉलर का ऋण

  • एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और भारत सरकार ने 16 दिसंबर 2019 को भारत में ऊर्जा दक्षता सेवाएं लिमिटेड (ईईएसएल) को देश में ऊर्जा दक्षता निवेशों का विस्‍तार करने के लिए 250 मिलियन डॉलर के ऋण पर हस्ताक्षर किए। इससे भारत में कृषि, आवासीय संस्थागत उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इसके अलावा एडीबी के प्रशासन में स्वच्छ प्रौद्योगिकी कोष (सीटीएफ) से 46 मिलियन अमरीकी डॉलर का वित्तपोषण उपलब्‍ध कराया जाएगा।
  • इससे पहले सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा सेवा कंपनी, ईईएसएल को एडीबी ने 2016 में डिमांड साइड ऊर्जा दक्षता सेवा परियोजना के लिए 200 मिलियन अमरीकी डॉलर का ऋण मंजूर किया था। इस परियोजना में कुशल प्रकाश व्यवस्था और उपकरणों पर ध्‍यान केंद्रित किया गया है।
  • ऋण के साथ 2 मिलियन अमरीकी डॉलर की तकनीकी सहायता भी होगी जो इस परियोजनाओं को लागू करने में ईईएसएल की मदद करेगी। यह तकनीकी सहायता नई उप परियोजनाओं की पहचान और विकास करने के साथ-साथ कुछ प्रौद्योगिकियों का परीक्षण करने भी मदद करेगी। यह अनुदान स्‍वच्‍छ प्रौद्योगिकी कोष से मिलेगा। एडीबी एक समृद्ध, समावेशी, लचीला और सतत एशिया तथा प्रशांत क्षेत्र का लक्ष्‍य अर्जित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैंक अत्यधिक गरीबी के उन्‍मूलन के लिए भी प्रयासरत है। 2018 में इस बैंक ने 21.6 बिलियन अमरीकी डॉलर राशि के नए ऋणों और अनुदानों की प्रतिबद्धता की थी।

:: विविध ::

इंडिया साइबर कॉप ऑफ द ईयर

  • केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारी बी पी राजू ने राजस्थान में एक इंजीनियरिंग कॉलेज के ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा में फर्जीवाड़े के मामले को हल करने को लेकर नैसकॉम-डीएससीआई का ‘इंडिया साइबर कॉप ऑफ द ईयर 2019’ पुरस्कार जीता है।

ऑस्कर की दौड़ से बाहर हुई फिल्म ‘गली बॉय’

  • ‘गली बॉय’ को अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में भारत की तरफ से आधिकारिक एंट्री के तौर पर भेजा गया था। निर्देशक जोया अख्तर की ‘गली बॉय’ ऑस्कर की अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म की श्रेणी से बाहर हो गई है।

आईसीसी अवॉर्ड्स : ICC Awards 2019

  • भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना को मंगलवार को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की साल की वनडे और टी20 टीम में शामिल किया गया है। वनडे टीम में मंधाना के साथ झूलन गोस्वामी, पूनम यादव और शिखा पांडे को भी जगह मिली है, जबकि टी20 टीम में उनके साथ दीप्ति शर्मा इकलौती भारतीय महिला क्रिकेटर हैं।
  • ऑस्ट्रेलिया की ही मेग लैनिंग को वनडे इंटरनेशनल और टी20 इंटरनेशनल दोनों टीमों का कप्तान चुना गया है। एलिसा पैरी को इसके साथ ही सभी फॉरमैट को मिलाकर दिए जाने वाले रशेल हेहोई-फ्लिंट पुरस्कार (साल की बेस्ट महिला क्रिकेटर) के लिए चुना गया। साल के उभरती हुई क्रिकेटर का पुरस्कार थाईलैंड की चानिडा सुथिरयुंग को दिया गया।

अक्षय कुमार

  • फास्टैग के इस्तेमाल के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए केंद्र सरकार ने बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार का सहारा लिया है। सड़क और परिवहन मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि फास्टैग प्रोग्राम के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए मंत्रालय अक्षय कुमार के टीवी कमर्शियल जारी करेगा।
  • 15 दिसंबर को सभी नेशनल हाइवे टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया था लेकिन इस दिन नेशनल हाइवे टोल प्लाजा पर करीब आधे लोगों ने फास्टैग के जरिए भगुतान किया। इससे पहले केंद्र ने एक दिसबंर को फास्टैग अनिवार्य करने की समयसीमा तय की थी। हालांकि नेशनल हाईवे पर स्थित सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग का उपयोग 15 दिसंबर से अनिवार्य कर दिया गया है।

फास्टैग - FASTag

  • फास्टैग सिस्टम रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टेक्नोलॉजी पर काम करता है। इसमें वाहन चालक टोल प्लाजा पर बिना रूके पेमेंट कर सकेंगे। इससे न सिर्फ हाइवे पर सफर करने वाले लोगों को राहत मिलेगी बल्कि टैक्स पेमेंट करने के लिए लंबी कतारों में भी नहीं लगना पड़ेगा। इससे समय और ईधन की खपत को भी कम किया जा सकेगा।

दीपक पूनिया

  • विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता दीपक पूनिया को यूनाईटेड विश्व कुश्ती (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने साल का सर्वश्रेष्ठ जूनियर फ्रीस्टाइल पहलवान चुना है। पूनिया ने पिछले सत्र में शानदार प्रदर्शन किया और इस दौरान सफलतापूर्वक जूनियर से सीनियर सर्किट में जगह बनाने में सफल रहे। पूनिया सत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 साल में जूनियर विश्व खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बने। इसके बाद उन्होंने सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में पदार्पण करते हुए रजत पदक जीता।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में घोषित राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन के तहत किस अवधि तक सभी ग्रामों को ब्रॉडबैंड सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी? (2022 तक)
  • हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के द्वारा किस देश में तैनात भारतीय शांति सैनिकों को पदक से सम्मानित किया गया है? (दक्षिण सूडान)
  • आंध्र प्रदेश के नवगठित राजधानियों के नाम क्या है? (विशाखपत्तनम-एग्जीक्यूटिव कैपिटल, कर्नूल -ज्यूडिशियल कैपिटल और अमरावती-लेजिस्लेटिव कैपिटल)
  • हाल ही में किस संस्था के द्वारा जंक फूड के प्रतिष्ठित ब्रांडों की जांच के उपरांत खाद्य उत्पादों पर भी खतरे के निशान की सिफारिश की है? (विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र-सीएसई)
  • ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट-2020 को किस संस्था के द्वारा जारी किया गया है? (विश्व आर्थिक मंच -डब्ल्यूईएफ)
  • हाल ही में जारी हुए ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2020 में कौन सा देश शीर्ष पर रहा? (आइसलैंड)
  • हाल ही में जारी हुए ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2020 में भारत की रैंकिंग क्या रही? (112 वां)
  • हाल ही में जारी हुए ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2020 में कौन सा देश निम्न स्थान पर रहा? (यमन)
  • हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के द्वारा किस आतंकी संगठन पर जारी प्रतिबंध को बढ़ा दिया गया है? (तालिबान)
  • हाल ही में किसे दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्ति प्रदान की गई है? (चुंग साइ-क्‍यून Chung Sye-Kyun)
  • हाल ही में पाकिस्तान के किस राजनीतिज्ञ को पाकिस्तान की विशेष अदालत के द्वारा मौत की सजा सुनाई गई है? (परवेज मुशर्रफ)
  • हाल ही में बहरीन के द्वारा किस देश के शीर्ष नेतृत्व को बहरीन के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार किंग हमाद ऑर्डर ऑफ रेनेसां से सम्मानित किया गया? (पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान)
  • देश में जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रयासों के चलते 2002 में हुए संविधान संशोधन के तहत किस वर्ष तक लोकसभा की सीटें नहीं बढ़ाई जाएंगी? (2026)
  • अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज के द्वारा वित्तीय वर्ष 2020 एवं वित्तीय वर्ष 2021 के लिए भारत की ग्रोथ रेट का क्या अनुमान लगाया गया है? (क्रमशः 5.8 फीसद एवं 6.3 फीसद)
  • कौन सा देश कृत्रिम चांद की कार्य योजना पर कार्य कर रहा है? (चीन)
  • हाल ही में किस वैश्विक संस्था के द्वारा भारत में ऊर्जा दक्षता निवेशों के विस्तार हेतु 250 मिलियन डॉलर ऋण प्रदान करने की प्रतिबद्धता जाहिर की है? (एशियाई विकास बैंक)
  • किस व्यक्ति को ‘इंडिया साइबर कॉप ऑफ द ईयर 2019 से सम्मानित किया गया है? (बी पी राजू)
  • भारत की ओर से 2019 के ऑस्कर पुरस्कारों हेतु किस फिल्म को आधिकारिक एंट्री के तौर पर नामित किया गया था? (‘गली बॉय’)
  • किस महिला क्रिकेट खिलाड़ी को आईसीसी द्वारा वर्ष 2019 का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया है? (एलिस पैरी)
  • आईसीसी के द्वारा किस भारतीय महिला खिलाड़ी को इस वर्ष वनडे और टी-20 प्रारूपों के इंटरनेशनल क्रिकेट टीम में जगह दी गई है? (स्मृति मंधाना)
  • आईसीसी के द्वारा किस महिला खिलाड़ी को इस वर्ष के वनडे इंटरनेशनल और टी20 इंटरनेशनल दोनों टीमों का कप्तान चुना गया है? (मेग लैनिंग)
  • आईसीसी के द्वारा साल के उभरती हुई महिला क्रिकेटर के रूप में किसका चयन किया गया है? (थाईलैंड की चानिडा सुथिरयुंग)
  • हाल ही में किसे सड़क और परिवहन मंत्रालय द्वारा फास्टैग का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है? (अक्षय कुमार)
  • हाल ही में किसे यूनाईटेड विश्व कुश्ती (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने साल का सर्वश्रेष्ठ जूनियर फ्रीस्टाइल पहलवान चुना है? (दीपक पूनिया)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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