(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (18 अप्रैल 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (18 अप्रैल 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

'आरोग्य सेतु' एप सबसे तेजी से डाउनलोड किया जाने वाला दुनिया का पहला एप

  • नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने ट्वीट कर कहा कि 'आरोग्य सेतु' एप सबसे तेजी से पांच करोड़ बार डाउनलोड किया जाने वाला दुनिया का पहला एप बन गया है।
  • पांच करोड़ लोगों तक अपनी पहुंच बनाने में टेलीफोन को 75 साल का समय लगा था, जबकि रेडियो को इतने लोगों तक पहुंचने में 38 साल का समय लग गया। इसी प्रकार टेलीविजन को पांच करोड़ लोगों तक पहुंचने में 13 साल, इंटरनेट को चार साल, फेसबुक को 19 महीने और पोकेमोन गो को 19 दिन लगे थे।

क्या है'आरोग्य सेतु'?

  • कोरोना वायरस के संक्रमण के जोखिम का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च आरोग्य सेतु एप आपको यह बताएगा कि आप जोखिम में हैं या नहीं। एप ब्लूटूथ और जीपीएस से चलता है। यह एप कोविड-19 संक्रमण के प्रसार, जोखिम और बचाव एवं उपचार के लिए लोगों तक सही और सटीक जानकारी देने का काम करेगा। 'आरोग्य सेतु' एप का निर्माण नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर-NIC संस्था के द्वारा किया गया है।

कृषि उपज को मंडी तक पहुंचाएगा ‘किसान रथ’

  • लॉकडाउन के दौरान गेहूं की कटाई और मड़ाई के बाद उपज को मंडियों तक ले जाने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए ‘किसान रथ’ नामक मोबाइल एप लांच किया है। इसके मार्फत किसान अपने मोबाइल एप से ट्रक, ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनरी किराये पर बुलाकर सकता है।
  • किसान रथ एप पर फिलहाल कुल 5.7 लाख ट्रक उपलब्ध हैं, जिन्हें किसान अपनी जरूरत के हिसाब से बुक कर सकते हैं। बुक करते समय ही ट्रांसपोर्टर से किराया, लोडिंग और अनलोडिंग के बारे में मोलभाव किया जा सकता है। किसान अपनी किसी भी उपज को अपनी जरूरत के हिसाब से संबंधित मंडियों में भेज सकता है।
  • इसके अलावा किसान रथ एप पर कस्टम हायरिंग सेंटर भी दर्ज है। इसके मार्फत खेती की अन्य जरूरतों के लिए मशीनरी भी बुक की जा सकती है। एप पर 14 हजार से अधिक कस्टम हायर सेंटरों (सीएचसी) के 20 हजार से अधिक ट्रैक्टर भी रजिस्टर्ड हैं। इससे किसानों के साथ ट्रांसपोर्टरों को भी काम मिलेगा, जिसका दोनों पक्ष फायदा उठा सकते हैं।

अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (आईसीएच) की राष्ट्रीय सूची

  • केंद्रीय संस्‍कृति मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने आज नई दिल्‍ली में अमूर्त सांस्‍कृतिक विरासत (आईसीएच) की राष्‍ट्रीय सूची जारी की। इस अवसर पर अपने सम्‍बोधन में श्री पटेल ने कहा कि भारत में विलक्षण अमूर्त सांस्‍कृतिक विरासत (आईसीएच) परम्‍पराओं का खजाना विद्यमान है, जिनमें से 13 को यूनेस्‍को द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्‍कृतिक विरासत के रूप में मान्‍यता प्रदान की गई है। राष्‍ट्रीय आईसीएच सूची अपनी अमू‍र्त विरासत में अंत:स्‍थापित भारतीय संस्‍कृति की विविधता को मान्‍यता देने का एक प्रयास है। उन्‍होंने कहा कि इसका लक्ष्‍य भारत के विविध राज्‍यों की अमू‍र्त सांस्‍कृतिक विरासत परम्‍पराओं के बारे में राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर जागरूकता फैलाना और उनका संरक्षण सुनिश्चित करना है। यह पहल संस्‍कृति मंत्रालय के विज़न 2024 का भी एक भाग है।
  • अमूर्त सांस्‍कृतिक विरासत का संरक्षण करने संबंधी यूनेस्‍को के 2003 अभिसमय का अनुसरण करते हुए इस सूची को मोटे तौर पर पांच क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है, जिनमें अमूर्त सांस्‍कृतिक विरासत अभिव्‍यक्‍त होती है:
  1. अमूर्त सांस्‍कृतिक विरासत के वाहक के तौर पर भाषा सहित मौखिक परंपराएं और अभिव्यक्तियां;
  2. प्रदर्शन कलाएं;
  3. सामाजिक प्रथाएं, रीति-रिवाज और उत्सव घटनाक्रम;
  4. प्रकृति और विश्व‍ से संबंधित ज्ञान तथा प्रथाएं;
  5. पारंपरिक शिल्पकारिता
  • इस सूची में वर्तमान परम्‍पराओं को संस्‍कृति मंत्रालय द्वारा 2013 में निरूपित ''भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत और विविध सांस्कृंतिक परंपराओं का संरक्षण'' योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत परियोजनाओं में से एकत्र किया गया है। अब तक इस सूची में 100 से ज्‍यादा परम्‍पराओं को शामिल किया जा चुका है। इस सूची में वे 13 परम्‍पराएं भी शामिल हैं, जो यूनेस्‍को की मानवता की अमूर्त सांस्‍कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में पहले ही अंकित हो चुकी हैं।
  • संस्कृति मंत्रालय,संगीत नाटक अकादमी (एसएनए) और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) द्वारा इस सूची को तैयार करने में सहायता प्रदान की गई है।

बिहार में अब सभी जिलों में जलवायु के अनुसार होगी खेती

  • बिहार के आठ जिलों में चल रही ‘जलवायु के अनुसार खेती’ योजना काफी सफल रही। उत्साहित राज्य सरकार ने अब इसे सभी जिलों में लागू करने का फैसला किया है। योजना की जिम्मेदारी लेने वाली संस्थाओं की संख्या भी बढ़ेगी। अभी चार संस्थाओं को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
  • नई संस्थाओं में अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केन्द्र और अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केन्द्र ने योजना से जुड़ने की सहमति दी है। योजना में चयनित खेत में फसल की बुआई बिना जुताई के होती है। पांच साल तक खेतों की जुताई नहीं होनी है। योजना पर अभी पायलट के रूप में काम शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवम्बर में लॉन्च किया था। आठ जिलों का चयन इसके लिए हुआ है।
  • बिहार कृषि विश्वविद्यालय के जिम्मे भागलपुर और बांका, राजेन्द्र केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के जिम्मे खगड़िया और मधुबनी, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के जिम्मे सिर्फ गया और बोरालोग इंस्टीट्यूट के जिम्मे मुंगेर, नालंदा और नवादा जिले दिये गए हैं। इन संस्थाओं की जिम्मेदारी परम्परागत खेती में विज्ञान का तड़का लगा जलवायु में हो रहे बदलाव की चुनौती स्वीकार करने के लिए किसानों को तैयार करने की है।

कैसी होगी कृषि योजना?

  • योजना में यह तय है कि साल के 365 दिन खेत में फसल रहेगी। इसके लिए जोन और मिट्टी की संरचना के अनुसार वैज्ञानिक अपने क्षेत्र के लिए फसल और उसकी किस्म का चयन करेंगे। पांच साल तक चयनित खेतों की जुताई नहीं होगी। रबी में इसकी शुरुआत हुई। 1442 एकड़ में खेती की गई। जिन खेतों का चयन किया गया वहां गेहूं की फसल कट गई और दूसरी फसल लग गई। इसके लिए अभी मूंग का चयन किया गया है। बुआई के लिए तीन तरीके अपनाएं गये। हैप्पी सीडर, जीरो टीलेज और रेज्ड बेड प्लांटिंग की गई। नतीजा यह हुआ कि आंधी में भी फसल कहीं गिरी नहीं।
  • उत्पादकता भी गेहूं की भागलपुर और बांका में 41.5 से 44.1 क्विंटल रही। दूसरे जिलों में यही स्थिति रही, जबकि सामन्यतया 30 से 35 क्विंटल ही उत्पादकता है।

अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान

  • अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान चावल की किस्मों के विकास के क्षेत्र में कार्य करने वाली एक अंतर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान और प्रशिक्षण संगठन है जो फिलीपिंस के लॉस बानोस में स्थित है।

अंतर्राष्ट्रीय आलू संस्थान

  • अंतर्राष्ट्रीय आलू संस्थान लिमा, पेरू में स्थित है।यह आलू के विकास के क्षेत्र में कार्य करने वाली एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

कोरोना वायरस: मैटरहॉर्न पर्वत भारतीय ध्वज से जगमगाया

  • स्विट्जरलैंड ने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए स्विज आल्प्स के मैटरहॉर्न पर्वत में रोशनी डाल कर भारतीय ध्वज उकेरा है। इसके जरिए भारत के सभी लोगों को ‘उम्मीद और हिम्मत’ का संदेश दिया गया है।
  • स्विट्जरलैंड के रोशनी कलाकार (लाइट आर्टिस्ट) गैरी हॉफस्टेटर ने कोरोना वायरस से जूझ रहे देशों को उम्मीद बनाए रखने का संदेश देते हुए रात में विभिन्न देशों के ध्वज इस पर्वत पर रोशनी के जरिए उकेरते हैं। 4,478 मीटर ऊंचा यह पर्वत स्विट्जरलैंड और इटली के बीच स्थित है।
  • स्विट्जरलैंड के मशहूर लाइट आर्टिस्ट गेरी हॉफस्टेटर ने 14,690 फीट के पहाड़ को तिरंगे के आकार में रोशनी दी थी। बता दें कि इस पहाड़ पर 24 मार्च से कोरोना महामारी के खिलाफ दुनिया की एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए हर दिन अलग-अलग देशों के झंडों को दर्शाती हुई रोशनी की जाती है।
  • बुधवार से क्रमश: इस पहाड़ पर स्विट्जरलैंड, अमेरिका, ब्रिटेन, इटली और स्विस क्षेत्र टिसिनो के झंडों को दर्शाती हुई रोशनी की जा चुकी है। गेरी हॉफस्टेटर ने बताया कि प्रकाश का मतलब आशा और उम्मीद होता है।

मांस के निमित्त वन्य जीवों के व्यापार पर कड़ाई से लागू हो प्रतिबंध: WHO

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि इंसानों को संक्रमित करने वाले 70 प्रतिशत नए वायरस जानवरों से आते हैं और इसलिए दुनिया भर के देशों को मांस के लिए वन्य जीवों के व्यापार पर प्रतिबंध कड़ाई से लागू करना चाहिए।
  • डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. तेद्रोस गेब्रियेसस ने शुक्रवार को कोरोना वायरस 'कोविड-19' पर नियमित प्रेसवार्ता में खाने-पीने के कच्चे सामान जैसे मांस-मछली और सब्जियों के बाजारों (वेट मार्केट) में स्वच्छता के सख्त नियम लागू करने की सिफारिश की।
  • उन्होंने कहा कि ये बाजार दुनिया भर में लाखों लोगों की आजीविका के सुगम साधन हैं, लेकिन कई जगहों पर उनका नियमन और रखरखाव ठीक ढंग से नहीं हो रहा है। जब इन बाजारों को दोबारा खोलने के लिए खाद्य सुरक्षा तथा स्वच्छता मानकों के कड़े नियम लागू किए जाए।
  • उन्होंने सरकारों से वन्य जीवों के मांस के लिए व्यापार संबंधी प्रतिबंधों को कठोरता से लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'सरकारों को भोजन के निमित्त वन्य जीवों की बिक्री एवं व्यापार पर प्रतिबंधों को कड़ाई से लागू करना चाहिए। डब्ल्यूएचओ 'वेट मार्केट' के बारे में दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए वैश्विक पशु स्वास्थ्य संगठन और खाद्य एवं कृषि संगठन के साथ मिलकर काम कर रहा है। एक अनुमान के मुताबिक 70 फीसदी नए वायरस जानवरों से आते हैं। हम जानवरों से रोगाणुओं के इंसानों में आने की प्रक्रिया समझने और इसे रोकने के उपायों पर भी मिलकर काम कर रहे हैं।'

चीन से हर्जाने के लिए अमेरिकी कानून में संशोधन

  • अमेरिका के दो सांसदों ने कांग्रेस (संसद) में चीन के खिलाफ एक विधेयक पेश किया है। संसद से इस विधेयक के पास होने के बाद अमेरिकी नागरिक कोरोना वायरस महामारी के कारण हुई मौत, बीमारी और आर्थिक नुकसान का हर्जाना हासिल करने के लिए संघीय अदालत में चीन के खिलाफ मुकदमा दाखिल कर सकेंगे। इस विधेयक को सीनेट में टॉम कॉटन व प्रतिनिधिसभा में डैन क्रेनशॉ ने पेश किया है।
  • इसके पारित होने और कानून बनने पर विदेशी संप्रभु प्रतिरक्षा अधिनियम में संशोधन होगा, जिसके जरिये महामारी से निपटने में हुए नुकसान के लिए चीन पर दावा किया जा सकेगा। यानी, यह विधेयक अमेरिका को चीन पर मुआवजे के लिए मुकदमा करने का अधिकार प्रदान करेगा। हालांकि, विधेयक में प्रस्ताव दिया गया है कि अगर अमेरिका और चीन इन दावों के निपटारे के लिए समझौता करते हैं तो निजी मुकदमों को खारिज किया जा सकता है।
  • आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ न्याय कानून में यह साफ किया गया है कि किसी वायरस को छुपाने की कोशिश करने या उसे फैलाने को आतंकी गतिविधि माना जाएगा। वर्ष 2016 में पारित इस कानून का सीनेट के 97 सदस्यों ने समर्थन किया था। यह कानून भी अमेरिका को कोरोना वायरस के कारण हुए नुकसान के बदले चीन से हर्जाना वसूलने का अधिकार देता है।
  • कॉटन ने कहा, 'कोरोना वायरस के बारे में दुनिया को आगाह करने की कोशिश करने वाले डॉक्टरों और पत्रकारों को चुप कराकर चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने दुनियाभर में वायरस को तेजी से फैलने दिया। वायरस को छुपाने के उनके फैसले से हजारों लोगों की असमय मौत हुई और भारी आर्थिक नुकसान हुआ। यह उचित है कि हम इस नुकसान के लिए चीनी सरकार को जवाबदेह ठहराएं।' क्रेनशॉ ने कहा, 'हम चाहते हैं कि चीन को कोरोना वायरस को छुपाने और दुनियाभर में फैलने देने के लिए उसके दुर्भावनापूर्ण झूठ के प्रति उसे जवाबदेह ठहराया जाए।'

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

कोरोनाटाइम में RBI ने दिया दूसरा बूस्टर

  • RBI ने एक ओर बैंकों को ज्यादा से ज्यादा रकम इकॉनमी में लगाने के लिए रिवर्स रीपो दर घटा दी वहीं माइक्रोफाइनैंस कंपनियों और एनबीएफसी के लिए टीएलटीआरओ 2.0 की घोषणा की है। इससे लोन देने वालों को फ़ायदा  मिलेगा, ग्रामीण इकॉनमी को मिलेगा बल।
  • कोरोनावायरस के दंश से भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से उबर सके, इसके लिए रिजर्व बैंक ने आज कई राहत उपायों की घोषणा की। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक ओर जहां बैंकों को ज्यादा से ज्यादा रकम अर्थव्यवस्था में लगाने के लिए रिवर्स रीपो दर घटा दिया तो वहीं माइक्रोफाइनैंस कंपनियों और एनबीएफसी को आसानी से फंड उपलब्ध कराने के लिए टीएलटीआरओ 2.0 की घोषणा की। इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लघु उद्यमियों को असानी से लोन उपलब्ध कराने के लिए भी अलग से रकम उपलब्ध कराने की घोषणा की।
  • इससे पहले रिजर्व बैंक ने बीते 27 मार्च को अर्थव्यवस्था के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की थी, जिसमें 3.74 लाख करोड़ रुपये का लिक्विडिटी बूस्ट मिला था।
  • रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को अचानक बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में स्वीकार किया कि इस समय हम कोरोनावायरस के खिलाफ जो लड़ाई लड रहे हैं, वैसी लड़ाई पहले कभी नहीं लड़ी गई थी। इसलिए अर्थव्यवस्था से जुड़ी वैसी इकाइयों के लिए आसानी से कर्ज की उपलब्धता का बंदोबस्त करना होगा, जिससे कारोबार को बल मिले। इसलिए उन्होंने टार्गेटेड लॉन्ग टर्म रीपो ऑपरेशन (टीएलटीआरओ) के तहत लिक्विडिटी मैनेजमेंट के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया। इससे नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) और माइक्रो फाइनैंस इंस्टिट्यूशंस को फंड मिलेंगे। ये संस्थान वैसे वर्ग को कर्ज मुहैया कराते हैं, जिनकी पहुंच आमतौर पर बैंकों तक नहीं हो पाती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी उपाय

  • रिजर्व बैंक ने नाबार्ड के लिए 25 हजार करोड़ रुपये, सिडबी के लिए 15 हजार करोड़ रुपये जबकि नैशनल हाउसिंग बैंक के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का भी प्रावधान किया। नाबार्ड को मिली राशि से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारी बैंकों और माइक्रो फाइनैंस इंस्टीट्यूशंस का वित्तपोषण होगा जबकि सिडबी को मिली रकम से लघु उद्यमियों को आसानी से कर्ज मिल सकेगा। नैशनल हाउसिंग बैंक के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ऐलान कर रिजर्व बैंक ने संकेत दे दिया कि आने वाले दिनों में आवासीय क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ेंगी।

ब्याज दर कम रहेगी

  • रिजर्व बैंक ने कहा कि माइक्रो फाइनैंस इंस्टीट्यूशंस, नाबार्ड, सिडबी और नैशनल हाउसिंग बैंक के लिए जिस राशि का प्रावधान किया गया है, वह उन्हें रीपो रेट मतलब 4 फीसदी के वार्षिक ब्याज दर पर ही मिलेगी। इसका मतलब है कि माइक्रो फाइनैंस कंपनियों ने छोटे कर्ज लेने वाले कारोबारियों, सिडबी से लोन लेने वाले लघु उद्यमियों और होम लेने वालों को कम ब्याज दर पर ऋण का रास्ता प्रशस्त हुआ है।

बैंक भी देंगे ज्यादा लोन

  • शक्तिकांत दास ने कहा कि 15 अप्रैल को रिजर्व बैंक के पास बैंकों ने 6.9 लाख करोड़ रुपये जमा कराया था। उनका कहना है कि बैंक यह रकम रिजर्व बैंक में जमा कराने के बजाय वे लोन लेने वालों को दें। इसलिए रिजर्व बैंक ने आज रिवर्स रीपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती करते हुए इसे चार फीसदी से घटा कर 3.75 फीसदी कर दिया।

राज्यों को मिलेगी अतिरिक्त राशि

  • कोरोना संकट की वजह से राज्यों के राजस्व में कमी को देखते हुए रिजर्व बैंक ने उनके वेज ऐंड मीन्स अडवांस (डब्ल्यूएमए) लिमिट को 30 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया। मतलब राज्य अपने जरूरी काम में कटौती नहीं करें।

अन्य उपाय भी

  • रिजर्व बैंक ने कुछ और उपायों की भी घोषणा की। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बेसल गाइडलाइन्स के तहत एनबीएफसी को ऐसेट क्लासिफिकेशन में 90 दिन का मोरेटोरियम पीरियड मिलेगा। बैंकों को फिलहाल लाभांश वितरण करने से मुक्ति मिल गई है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

औषधि महानियंत्रक ने प्लाज्मा के नैदानिक परीक्षण की इजाजत दी

  • केंद्रीय औषधि नियामक ने भारतीय आयुर्विज्ञान शोध परिषद (आईसीएमआर) के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें उसने कोविड-19 के मरीजों को स्वास्थ्य के लिये लाभकारी प्लाज्मा के नैदानिक परीक्षण की इजाजत मांगी थी।
  • भारत के औषधि महानियंत्रक ने कहा कि आईसीएमआर ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को उन संस्थानों की सूची सौंपी थी जिन्होंने इस परीक्षण में रुचि दिखाई थी और वे स्वास्थ्य शोध निकाय के परामर्श से ऐसा कर सकते हैं।
  • केंद्रीय औषधि नियामक ने एक नोटिस में कहा, “यह सूचित किया जाता है कि लोकहित में नैदानिक परीक्षण करने के आईसीएमआर के प्रस्ताव पर 13 अप्रैल को विषय विशेषज्ञों की समिति की बैठक में चर्चा की गई और कोविड-19 की मौजूदा स्थिति को देखते हुए त्वरित मंजूरी प्रक्रिया को अपनाया गया।”
  • “औषधि और नियामक परीक्षण नियम, 2019 के नियमों और मानकों में तहत कुछ मानकों और संशोधनों के साथ सीडीएससीओ ने नैदानिक परीक्षण के लिए अपनी अनापत्ति से अवगत कराया है।”

क्या है केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन –CDSCO?

  • केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन –CDSCO भारत में दवाओं के मानक एवं अनुमोदन, क्लिनिकल ट्रायल और दवाओं की गुणवत्ता को निर्धारित करने की शीर्ष संस्था है।

हैकर्स के निशाने पर दुनिया: रोजाना 2 करोड़ साइबर अटैक

  • लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन घर बैठे कामकाज (वर्क फ्रॉम होम) हैकरों के लिए साइबर हमलों का आसान जरिया बन गया है। गूगल ने ब्लॉग में कहा कि कोरोना की आपदा साइबर हमलों का हथकंडा बन गई है व रोजाना औसतन दो करोड़ साइबर हमले हो रहे हैं।
  • हैकरों का निशाना घर बैठे ऑफिस का काम कर रहे यूजर्स का कंप्यूटर सिस्टम है। ऐसे सिस्टम में सेंध लगाने के लिए मॉलवेयर और फिशिंग ईमेल के अलावा कोविड-19 से जुड़े 24 करोड़ स्पैम मैसेज का इस्तेमाल साइबर अपराधियों ने एक हफ्ते में किया है। जीमेल यूजर्स पर ही इस हफ्ते रोजाना औसतन 1.8 करोड़ हमलों को नाकाम किया गया।

खास बातें

  • हैकर सरकारी एजेंसियों की ओर से मदद, डब्ल्यूएचओ के अलर्ट, मदद के आवेदन फॉर्म और वायरस से बचने के उपाय की आड़ में फर्जी मेल-लिंक भेज रहे हैं।
  • ऐसा नहीं है कि साइबर हैकर सिर्फ बड़ी कंपनियों को ही निशाना बनाते हैं,छोटी-मझोली कंपनियां भी शिकार हो रही हैं। डिजिटल अर्थव्यवस्था के बढ़ते प्रचलन के
  • भारत साइबर हमले झेलने वाले दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश ’ 45% भारतीय कर्मी साइबर हमलों के लिए प्रशिक्षित नहीं (इंटरनेट सिक्योरिटी थ्रीट की रिपोर्ट 2019)
  • कंपनियों के मुकाबले घर पर असुरक्षित नेटवर्क ’ कार्यालयों में साइबर हमले रोकने को मल्टीलेयर फायरवॉल, घर पर नहीं ’ कंपनी में सर्वर सुरक्षा के सिक्योरिटी -सॉल्यूशन, अलर्ट सिस्टम, विशेष आईपी एड्रेस ’ घर पर पायरेटेड ऑपरेटिंग सिस्टम, सॉफ्टवेयर हैक होने का जोखिम ज्यादा
  • अनजान स्रोत से आई फाइल, लिंक, मेल या संदेश को न खोंले ’ मोबाइल पर भी अधिकृत कंपनी के मेल, वीडियो, फोटो एप प्रयोग करें ’ ऑटोमैटिक डाउनलोडिंग फीचर बंद रखें

कार्बनिक सूडोकैपेसीटर के लिए स्टेबल मैटेरियल का विकास

  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के तहत एक स्वायत्त संस्थान नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएनएसटी), मोहाली के वैज्ञानिकों ने सूडोकैपेसीटर या सुपरकैपेसीटरके लिए एक स्टेबल मैटेरियल विकसित किया है जो इलेक्ट्रॉन चार्ज ट्रांसफर द्वारा विद्युत ऊर्जा को संग्रहित करता है। मैटेरियल, बैटरी के विकल्प के रूप में एक किफायती व प्राप्त करने योग्य ऊर्जा भंडारण समाधान पेश कर सकता है।
  • आईएनएसटी के डॉ रमेंद्र सुंदर डे और उनकी टीम ने सूडोकैपेसीटर की लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों, उनकी आवर्तन स्थिरता और दर आधारित क्षमता को दूर करने के लिए एक दिलचस्प सिंथेटिक रणनीति तैयार की है। सूडोकैपेसीटरएक प्रकार के सुपरकैपेसिटर हैं जो इलेक्ट्रॉन चार्ज ट्रांसफर द्वारा विद्युत ऊर्जा का भंडारण करसकते हैं।
  • टीम ने पहली बार सूडोकैपेसीटर मैटेरियल- एक हाइब्रिड जीरोजेलसंरचना  (एक जेल जिसे सुखाने पर संकुचन से ठोस बनता है) विकसित की है। एक कार्बनिक अणु, डोपामाइन तथा एक मैट्रिक्स ग्राफीन के एकीकरण से यह हाइब्रिड मैटेरियल तैयार किया गया है। जीरोजेलसंरचना का यह वर्ग, हालांकि पारंपरिक सूडोकैपेसीटर के विकल्प के रूप में साहित्य में बताया गया है, लेकिन उपभोक्ता बाजार में बैटरीके स्थान पर इसके उपयोग के लिए इसमें पर्याप्त आवृति स्थिरता का अभाव है।
  • शोधकर्ताओं ने सक्रिय मैटेरियल के लंबे समय तक की सेवा के दौरान प्रदर्शन में गिरावट के कारण की जांच की, एक नए सिंथेटिक दृष्टिकोण की पेशकश की और फिर इसे संस्थान के इसी डॉ अबीर डे सरकार द्वारा दिए गए विस्तृत यांत्रिक स्पष्टीकरण और सैद्धांतिक समर्थन के आधार परमैटेरियल के समग्र प्रदर्शन के साथ आपस में जोड़ा।
  • सूडोकैपेसीटर मैटेरियल - एक कार्बनिक – अकार्बनिक हाइब्रिड जीरोजेल संरचना है जिसमे वाणिज्यिक अनुप्रयोगों के लिए कम लागत और प्राप्त करने योग्य  ऊर्जा भंडारण समाधान की क्षमता है। आईएनएसटीटीम ने प्रस्तावित किया कि यह विधि एक सार्वभौमिक दृष्टिकोण और जैविक-अकार्बनिक हाइब्रिड जीरोजेल सूडोकैपेसीटरके लिए एक मॉडल प्रणाली के रूप में काम कर सकती है। परिणाम हाल हीमें जर्नल ऑफ मैटेरियल केमिस्ट्री ए, 2020, डीओआई: 10.1039/d0ta02477e (आई एफ : 10.733) में प्रकाशित हुए हैं।
  • वैज्ञानिकों ने एक अद्वितीय दो-चरण संश्लेषण प्रक्रिया के माध्यम से सूडोकैपेसीटर मैटेरियल का आविष्कार किया जो हाइब्रिड मैटेरियलके अधिकतम संरचनात्मक लाभ लेने के अनुरूप है। सबसे पहले, उन्होंने कार्बन की सहायता से रिडॉक्स मौएटिटी (आधा भाग) की एंकरिंग के लिए एक हाइड्रोथर्मल सिंथेसिस विधि का पालन किया। दूसरे चरण में उन्होंने एक विद्युत रासायनिक पोलीमराइजेशन दृष्टिकोणपेश किया।इसका उदेश्य विद्युत क्षमता के साथ-साथ आवृति स्थिरता को बढ़ावा देना था। अवधारणा के प्रमाण के रूप में, उन्होंने सक्रिय मैटेरियलसे ऑल-सॉलिड-स्टेट सुपरकैपेसिटर का निर्माण किया। इसका  उदेश्य स्व-समर्थित स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स के विकास का समर्थन करना था।टीम ने उपकरणों का एक विन्यास बनाया जो 1.7 वोल्टके वाणिज्यिक एलईडी बल्ब की रोशनी के लिए एक शक्ति स्रोत के रूप में काम कर सकती थी।
  • नया संश्लेषण दृष्टिकोणऔर आणविक स्तर पर रेडॉक्स सुपरकैपेसिटर के तंत्र का अध्ययनसूडोकैपेसीटरके निम्न स्तरीय विद्युत् उत्पादन तथा लंबे समय से स्टेबिलिटी की समस्या को सुधारने के लिए नई अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कार्बनिक सूडोकैपेसीटर के क्षेत्र में भविष्य के अनुसंधान को बढ़ावा दे सकता है और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक प्रभावी रणनीति प्रदान कर सकता है।

रासायनिक पदार्थ ‘एमएमएस’

  • अमेरिका के न्याय विभाग ने कोरोना वायरस के उपचार के लिए फ्लोरिडा के एक गिरजाघर समूह द्वारा ‘चमत्कारिक’ घोषित एक रासायनिक एजेंट (रासायनिक पदार्थ) की बिक्री पर रोक लगा दी है। न्याय विभाग ने ‘मिरेकल मिनरल सॉल्यूशन’ के प्रचार के लिए ‘जेनेसिस 2चर्च ऑफ हेल्थ एंड हीलिंग’ और उसके कई प्रमुख सदस्यों के खिलाफ शिकायत दर्ज की।
  • गिरजाघर ने दावा किया रासायनिक पदार्थ ‘एमएमएस’ कोविड-19 सहित कोरोना वायरस को पूरी तरह से ठीक कर सकता है, उसके प्रभाव को कम कर सकता है, उसका उपचार कर सकता है इसके अलावा अल्जाइमर,आटिज्म,मस्तिष्क कैंसर, एचआईवी/एड्स आदि बीमारियों में भी लाभप्रद है।

क्या है एमएमएस?

  • एमएमएस एक रासायनिक उत्पाद है जो किसी उत्प्रेरक के साथ मिलाए जाने पर शक्तिशाली विरंजक (ब्लीच) उत्पाद बना देता है।’’ अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने वर्षों पहले आगाह किया था कि इस उत्पाद से उबकाई आना,उल्टी होना, अतिसार तथा शरीर में पानी की गंभीर कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In)

  • दुनियाभर में जूम वीडियो कांफ्रेंसिंग ऐप की सुरक्षा को चर्चा का बाजार गर्म है। भारत में भी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसके उपयोग को लेकर चेतावनी जारी की है। खुद जूम के सीईओ एरिक युआन ने स्वीकार किया है कि उनके ऐप की सुरक्षा में कुछ कमियां है, हालांकि इस मामले को लेकर उनकी टीम काम कर रही है और जल्दी ही इस समस्या का हल ढूंढ लिया जाएगा।
  • भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम और राष्ट्रीय साइबर-सुरक्षा एजेंसी ने कुछ दिन पहले जूम की सिक्योरिटी को लेकर लोगों को आगाह किया था। इन दोनों एजेंसियों ने कहा था कि इससे यूजर्स को साइबर हमलों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस ऐप के जरिए हैकर्स सरकारी और निजी कार्यालयों से डाटा चोरी कर उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्या है भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In)

  • भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के अंतर्गत काम करता है। यह भारत सरकार की हैकिंग और फिशिंग जैसे सायबर खतरों से निपटने की नोडल एजेंसी है। यह एजेंसी भारतीय इंटरनेट डोमेन की सुरक्षा संबंधी काम को भी देखती है। बता दें कि मार्च 2014 में सीईआरटी ने एंड्रॉयड जेली बीन के वीपीएन इम्प्लीमेंटेशन में एक महत्वपूर्ण गड़बड़ी की जानकारी दी थी।
  • दिसंबर 2013 में कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने यह सूचना दी थी कि भारत के बैंकिंग और वित्त, तेल और गैस के साथ आपातकालीन सेवाओं से जुड़े सरकारी संगठनों पर सायबर हमलों में वृद्धि हुई है। इस लेकर इस संस्था ने सभी महत्वपूर्ण विभागों को सुरक्षा दिशानिर्देशों की एक सूची भी जारी की थी।
  • भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने ब्रिटेन, साउथ कोरिया, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, सिंगापुर, जापान और उजबेकिस्तान में समकक्ष या समान संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। इन देशों के साथ भारत की यह एजेंसी सायबर हमलों को लेकर तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान कर सकती है।

क्या है जूम?

  • जूम एक फ्री एचडी मीटिंग ऐप है। इसके जरिए यूजर एक बार में अधिकतम 100 लोगों के साथ बात कर सकते हैं। ऐप की सबसे बड़ी खासियत है इसका आसान यूजर इंटरफेस। इसके साथ ही जूम ऐप में कई और फीचर भी दिए गए हैं, जो यूजर्स को काफी पसंद आ रहे हैं। ऐप के फ्री वर्जन में भी कॉल में 100 लोगों को जोड़ा जा सकता है। इतना ही नहीं, ऐप में वन-टू-वन मीटिंग और 40 मिनट की ग्रुप कॉलिंग की सुविधा भी मिलती है।
  • विडियो मीट ऐप जूम (Zoom) मौजूदा समय में काफी पॉप्युलैरिटी हासिल कर ली है। अब यह ऐप हैकर्स के भी निशाने पर है। हैकर्स प्रिवेसी और सिक्यॉरिटी बग्स के जरिए कमाई कर रहे हैं। बता दें इस ऐप ने हाल ही में भारत में टिकटॉक और वॉट्सऐप को पछाड़ते हुए प्ले स्टोर पर नंबर 1 फ्री ऐप बना था। लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में लोग इस ऐप का इस्तेमाल विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए कर रहे है। भारत में इस ऐप को 5 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।

क्या चीन की वुहान लैब से निकला कोरोना वायरस?

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रिपोर्ट्स के जरिए इस सवाल का जवाब तलाशने में जुट गए हैं कि क्या चीन की वुहान लैब से  कोरोना वायरस निकला था। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह रिपोर्ट्स पर नजर बनाए हुए हैं। जिस वायरस की वजह से पूरी दुनिया में डेढ़ लाख से अधिक लोग मारे गए हैं, वह चीन की वुहान लैब में तो नहीं बनाई गई।
  • अमेरिका के फॉक्स न्यूज(Fox News) ने एक विशेष रिपोर्ट में बताया है कि अमेरिका बड़े स्तर पर इस मामले की जांच करने जा रहा है कि क्या कोरोना वायरस चीन के वुहान लैब से बाहर निकला। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि खुफिया जांच अधिकारी कथित तौर पर उस लैब और वायरस के पैथोजन के प्रारंभिक प्रकोप के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं।
  • समाचार विश्लेषकों ने सूत्रों के हवाले से बताया कि खुफिया विश्लेषक इस बात को लेकर एक रूपरेखा तैयार करने में जुटे हैं कि सरकार क्या कह रही है और असल में क्या हुआ था।ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, वुहान में एक IV-स्तर की  प्रयोगशाला को अपना अनुदान समाप्त कर देगा।उन्होंने कहा कि मैं बस यही कह सकता हूं कि यह जहां से भी आया है, चीन से जो भी रूप में आया है, 184 देश अब इसकी वजह से पीड़ित हैं।

:: विविध ::

भारतीय मूल के नोबेल विजेता वैज्ञानिक होंगे ब्रिटेन के कोविड-19 विशेषज्ञ समूह के अध्यक्ष

  • भारतीय मूल के वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर वेंकी रामकृष्णन ब्रिटेन में उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की एक समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं जो विश्व भर से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने और इस महामारी के दूरगामी समाधान की खोज करेगी।
  • प्रोफेसर रामकृष्णन विश्व की सबसे पुरानी स्वतंत्र वैज्ञानिक अकादमी ‘द रॉयल सोसाइटी’ के अध्यक्ष भी हैं। द रॉयल सोसाइटी ने शुक्रवार को कहा कि आंकड़ों के विश्लेषण की नई तकनीक से ब्रिटेन में कोरोना वायरस के संकट से निपटने की क्षमता में तेजी आएगी।

बदलाव की तस्वीर ने जीता वर्ल्ड प्रेस फोटो पुरस्कार

  • यह तस्वीर डेनमार्क की राजधानी कोपनहेगन के समीप कचरे से ऊर्जा बनाने वाले संयंत्र की है। इसे नेशनल ज्योग्राफिक के फोटोग्राफर एमेगर बाक्के ने 04 दिसंबर 2019 को खींचा था। इसे वर्ल्ड प्रेस फोटो की ओर से एनवायरमेंट स्टोरीज की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया है। इस संयंत्र की वजह से नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी विषाक्स गैस का उत्सर्जन लगभग शून्य हो गया है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (INST) द्वारा नए मटेरियल की खोज के कारण चर्चा में रहे ‘सूडोकैपेसीटर’क्या है? (विद्युत ऊर्जा का भंडारण करने वाले सुपरकैपेसिटर)

  • हाल ही में जारी हुई अमूर्त सांस्कृतिक विरासत(ICH) की राष्ट्रीय सूची में शामिल कितनी सांस्कृतिक परंपराएं यूनेस्को  के मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल है? (13)

  • भारत में दवाओं के मानक एवं अनुमोदन, क्लिनिकल ट्रायल और दवाओं की गुणवत्ता को निर्धारित करने की शीर्ष संस्था कौन है? (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन -CDSCO)

  • हाल ही में किस राज्य ने सभी जिलों में ‘जलवायु के अनुसार खेती’ को लागू करने का निर्णय लिया है? (बिहार)

  • हाल ही में चर्चा में रहे अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केन्द्र और अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र क्रमशः कहां स्थित है? (क्रमशः लॉस बानोस- फिलीपींस और लीमा- पेरू)

  • हाल ही में किस पर्वत पर एवं किसके द्वारा कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए कृत्रिम रोशनी के द्वारा भारत का ध्वज उकेरा गया है? (मैटरहॉर्न पर्वत, मशहूर लाइट आर्टिस्ट गेरी हॉफस्टेटर)

  • हाल ही में चर्चा में रहे ‘मैटरहॉर्न पर्वत’ किस पर्वतमाला का भाग है? (आल्प्स पर्वतमाला)

  • 'वेट मार्केट' पर अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देश तैयार करने से चर्चा में रहे वैश्विक पशु स्वास्थ्य संगठन (OIE) की स्थापना कब हुई एवं इस संगठन का मुख्यालय कहां है? (1924, पेरिस-फ्रांस)

  • सबसे तेजी से पांच करोड़ बार डाउनलोड किए जाने से चर्चा में रहे 'आरोग्य सेतु' एप का निर्माण किस संस्था के द्वारा किया गया है? (नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर-NIC)

  • हाल में चर्चा में रहे भारतीय मूल के वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर वेंकी रामकृष्णन किस प्रतिष्ठित स्वतंत्र वैज्ञानिक अकादमी के अध्यक्ष है? (द रॉयल सोसाइटी)

  • हाल ही में भारत सरकार के द्वारा कृषि उपज को मंडियों तक पहुंचाने के लिए किस मोबाइल ऐप को लॉन्च किया गया है? (किसान रथ)

  • हाल ही में किस देश द्वारा चीन पर महामारी से हुए नुकसान के दावा करने हेतु विदेशी संप्रभु प्रतिरक्षा अधिनियम में संशोधन हेतु प्रस्ताव पारित किया गया है? (अमेरिका)

 

 

 

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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