(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (17 नवम्बर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (17 नवम्बर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

शहरों में पेयजल की जल गुणवत्‍ता रिपोर्ट

  • देश की राजधानी दिल्ली की सिर्फ हवा ही खराब नहीं है, बल्कि यहां का पानी भी शुद्धता के मामले में देश का सबसे खराब पानी है। यह खुलासा सरकार द्वारा पानी की स्थिति को लेकर जारी की गई रैंकिंग से हुआ है। शनिवार को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास ने प्रेस कांफ्रेंस लेकर देश के 21 बड़े शहरों के पानी की रैंकिंग जारी की। इसमें सबसे शुद्ध पानी के मामले में जहां मुंबई अव्वल रहा है। यहां का पानी सभी मानकों पर खरा उतरा है। वहीं इस सूची में दिल्ली का स्थान सबसे आखिरी आया है। सरकार ने यह रैंकिंग पानी की गुणवत्ता की जांच के 10 मानकों पर की थी। सरकार द्वारा जारी की गई इस सूची में दूसरे नंबर पर अहमदाबाद और तीसरे नंबर पर भुवनेश्वर का नाम है।

21 शहरों की रैंकिंग

  • सरकार द्वारा जारी की गई पानी की रैंकिंग की सूची में पहले नंबर पर देश की आर्थिक राजधानी कहलाने वाली मुंबई रही। यहां का पानी सभी मानकों पर बेहतर रहा। इसके बाद दूसरे नंबर पर हैदराबाद और फिर भुवनेश्वर का नंबर रहा। चौथे और पांचवें नंबर पर क्रमश: रांची और रायपुर रहा। इसके बाद छठवें नंबर पर अमरावती, फिर शिमला, चंडीगढ़, त्रिवेंद्रम, पटना का नंबर रहा। 11वें नंबर पर एमपी की राजधानी भोपाल रही। वहीं 12वें पर गुवाहाटी का नंबर रहा। इसके बाद सिलसिलेवार बेंगलुरु, गांधी नगर, लखनऊ, जम्मू, जयपुर, देहरादून का नंबर रहा। 20वें नंबर पर कोलकाता और सूची में सबसे आखिरी नंबर पर देश की राजधानी दिल्ली का नाम आया।
  • देश की चार मेट्रो सिटी, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में से जहां मुंबई सबसे बेहतर रहते हुए पहले पायदान पर रही। वहीं दूसरी ओर अन्य तीन मेट्रो शहरों चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली में पानी को लेकर हालत बेहद खराब नजर आई है। यह तीनों सिटी क्रमश: 19वें, 20वें और 21वें पायदान पर रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आधुनिकता की दौड़ में यह शहर अपनी मूलभूत जरुरतों को भी पूरा करने से चूक गए हैं।

राष्ट्रीय कृषि रसायन सम्मेलन

  • कृषि रसायन के विभिन्न मोर्चों पर देश की स्थिति विषय के साथ चौथे राष्ट्रीय कृषि रसायन सम्मेलन का नई दिल्ली में समापन हो गया। पूर्ण सत्र में निरंतर कृषि के लिए कृषि रसायन से जुड़े मुद्दों और चिन्ताओं पर चर्चा की गई। सम्मलेन में कीटनाशकों के संबंध में अनेक सिफारिशें की गईं। इनमें कीटनाशकों को काम लाने के तरीके का संकेत देते हुए लेबलिंग, देश की सीमित अनिवार्यता की तैयारी की स्थिति, जोखिम आधारित प्रतिफल को ध्यान में रखते हुए कीटनाशकों पर प्रतिबंधात्मक रोक, आयातित तकनीकी कीटनाशकों के आंकड़ों के संरक्षण के संबंध में नीति, सुरक्षित नैनो-सूत्रीकरण की शुरूआत, प्रशिक्षण और विस्तार के लिए किसानों को अधिकार सम्पन्न बनाना शामिल है।
  • यह पहला राष्ट्रीय कृषि रसायन सम्मेलन था अब इसे हर तीन वर्ष पर आयोजित किया जाएगा। सम्मलेन का आयोजन कीटनाशक प्रबंधन में रसायनिक कीटनाशकों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए किया गया है क्योंकि समय-समय पर लक्ष्य आधारित और पर्यावरण अनुकूल उत्पाद शुरू किए जा रहे हैं। कीटनाशक के उपयोग के लाभ उनके जोखिमों की तुलना में अधिक हैं। फसलों, मानव स्वास्थ्य, संसाधन प्रबंधन, नैनो प्रौद्योगिकी, स्मार्ट निरूपण और संबंधित विज्ञानों में नई अवधारणाओं से कृषि उत्पादकता बढ़ाने की संभावना है। इस पृष्ठभूमि के साथ, विभिन्न मोर्चों पर कृषि रसायनों को स्थायी रूप से विकसित करने के लिए शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए वर्तमान स्थिति का परितुलन किया गया है।

‘आदि महोत्सव 2019’

  • केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव ‘आदि महोत्सव 2019’ का उद्घाटन किया।
  • उत्सव में जनजातीय हस्तशिल्प, कला, चित्रकला, वस्त्र, आभूषण इत्यादि की प्रदर्शनी और बिक्री की जाएगी। विभिन्न राज्यों से 1000 से अधिक जनजातीय दस्तकार और कलाकार इसमें हिस्सा लेंगे। आयोजन में लघु भारत की छवि नजर आएगी। आयोजन में जम्मू कश्मीर, तमिलनाडु, गुजरात, नगालैंड और सिक्किम के शिल्पकारों का विशेष आकर्षण रहेगा।
  • जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन ट्राइफेड ने ‘आदि महोत्सव – राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव’ का आयोजन शुरू किया है, ताकि महानगरों और राज्य की राजधानियों के बाजारों तक बड़े दस्तकारों और महिला शिल्पकारों की पहुंच बन सके।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर)

  • इकोनॉमिक थिंक टैंक एनसीएईआर ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान घटाकर 4.9 परसेंट तक कर दिया है। ग्रोथ रेट में गिरावट का यह अनुमान लगभग सभी सेक्टर में मौजूदा सुस्ती को देखते हुए लगाया गया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान जीडीपी ग्रोथ रेट पांच परसेंट रही थी, जो पिछले छह वर्षो का निचला स्तर है।
  • दिल्ली आधारित नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) ने पूरे वित्त वर्ष (2019-20) के लिए भी जीडीपी ग्रोथ रेट 4.9 परसेंट ही रहने का अनुमान लगाया है। पिछले वर्ष यह 6.8 परसेंट रही थी। एनसीएईआर के मुताबिक अकेले मौद्रिक नीति के माध्यम से ग्रोथ रेट को पटरी पर लाना संभव नहीं होगा। काउंसिल ने सलाह दी है कि इसके लिए राजस्व प्रोत्साहन वाले कदम उठाए जा सकते हैं। एनसीएईआर के फेलो सुदीप्तो मंडल ने बताया कि ग्रोथ रेट में गिरावट की मुख्य वजह खपत में कमी है। ग्रोथ रेट को गति देने के लिए राजकोषीय उपाय अपनाने की जरूरत है।
  • राजस्व घाटे को नियंत्रण में रखते हुए खर्च बढ़ाया जाना चाहिए। मंडल ने कहा कि इसके लिए कई तरीके हैं। हमारे पास कड़े फैसले लेने वाला केंद्रीय नेतृत्व है। चालू वित्त वर्ष में कई मदों में खर्च के लिए बहुत गुंजाइश है। इसलिए यह कहना भी गलत होगा कि खर्च की गुंजाइश नहीं है। मंडल के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में खर्च बहुत कम हुआ है, यहां तक कि सरकार ने भी अपने सारे भुगतान नहीं चुकाए हैं। इसके अलावा हमें कई तरह के सुधारों की जरूरत है। सरकार को अप्रत्यक्ष करों और सीमा शुल्क में छूट देने से बचना चाहिए। कॉरपोरेट टैक्स में कमी करने की कोई जरूरत नहीं थी। इसका कोई फायदा नजर नहीं आ रहा, कंपनियों ने टैक्स लाभ मिलने के बाद निवेश नहीं बढ़ाया। इससे हालात और खराब होंगे।
  • एनसीएईआर ने बताया कि इस महीने के अंत तक सरकार जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान जारी करेगी। दूसरी तिमाही के लिए यह दर 4.4-4.9 प्रतिशत होनी चाहिए। दूसरी तिमाही के दौरान निर्यात में कमी आई है। मांग में कमी के चलते निवेश और कारोबारी माहौल में गिरावट दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही के दौरान 8.1 परसेंट की ग्रोथ रेट दर्ज करने के बाद पिछली कुछ तिमाहियों से जीडीपी विकास दर लगातार गिर रही है। हालांकि सरकार लगातार उद्योग जगत को भरोसा दिला रही है कि यह गिरावट अस्थायी है और इकोनॉमी जल्द इससे उबर जाएगी।

अन्य एजेंसियों का अनुमान:

  • एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की विकास दर का अनुमान 50 आधार अंक घटाकर 6.5 प्रतिशत रखा था। ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) ने भी चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्घि के पूर्वानुमान में 1.3 प्रतिशत की बड़ी कमी करते हुए उसे 5.9 प्रतिशत रखा था। प्रमुख ग्लोबल रेटिंग एजेंसियों, स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) और फिच ने भी भारत की विकास दर को लेकर पूर्वानुमान में कटौती की है। एसएंडपी ने चालू वित्त वर्ष में देश का संशोधित विकास दर अनुमान 6.3, जबकि फिच ने 6.6 प्रतिशत कर दिया था। अक्टूबर के पहले सप्ताह में भारतीय रिजर्व बैंक ने भी मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक के बाद चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्घि दर का अनुमान घटाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया था।

वैश्विक कर्ज एवं भारत पर विदेशी कर्ज

  • पूरी दुनिया साल दरसाल कर्ज के भारी बोझ से दबती जा रही है। वैश्विक कर्ज फिलहाल 250.9 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। इस लिहाज से दुनिया में रहने वाले 7.7 अरब लोगों में से हर एक के सिर पर 32,550 अमेरिकी डॉलर (23,31,719 रुपये) कर्ज का बोझ है।
  • इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फाइनेंस (आईआईएफ) की ओर से गुरुवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक कर्ज अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए साल 2019 के अंत तक 255 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगा। चालू साल की पहली छमाही में ही वैश्विक कर्ज 7.5 ट्रिलियन डॉलर के इजाफे के साथ 250.9 ट्रिलियन डॉलर हो गया था। वैश्विक कर्ज में भारी बढ़ोतरी चीन और अमेरिका की ओर से बड़े पैमाने पर कर्ज लेने के कारण हुई है। इसके अलावा वैश्विक बांड बाजार पर निर्भरता ने भी कर्ज बढ़ाने का काम किया है।
  • आईआईएफ के मुताबिक ग्लोबल बांड बाजार 2009 में 87 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर था जो 2019 में बढ़कर 115 ट्रिलियन हो गया। 2019 के अंत तक वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों की सरकारों पर 70 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज हो जाने का अनुमान है जो कि 2018 में 65.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर था। दुनिया पर कर्ज का बोझ बढ़ाने में 60 फीसदी योगदान अमेरिका और चीन का है। कर्ज का बढ़ता बोझ निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

इन सरकारों पर ज्यादा कर्ज:

  • अमेरिका और चीन के अलावा जिन देशों की सरकारों पर ज्यादा कर्ज है उनमें इटली और लेबनान भी शामिल हैं। इसके अलावा अर्जेंटीना, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और ग्रीस भी शामिल हैं।

खतरे में कॉरपोरेट कर्ज:

  • अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने हाल ही में आगाह किया था कि दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों में करीब 40 फीसदी (19 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) कॉरपोरेट कर्ज जोखिम वाला है। इन देशों में अमेरिका और चीन के अलावा जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली आदि देश शामिल हैं।

भारत पर विदेशी कर्ज 543 अरब डॉलर:

  • रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से बीते जून महीने में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत पर कुल बाहरी कर्ज मार्च 2019 तक 543 अरब अमेरिकी डॉलर था। मार्च 2018 के मुकाबले विदेशी कर्ज की राशि में करीब 13.7 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। यह राशि जीडीपी के कुल 19.7 फीसदी के बराबर है। करीब 80 फीसदी ज्यादा आंतरिक ऋण पर निर्भर रहने के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक जोखिम बढ़ने के बावजूद मजबूत स्थिति में है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

अग्नि-2 बैलिस्टिक मिसाइल

  • भारत ने प्रक्षेपास्त्र अग्नि-2 बैलिस्टिक मिसाइल का सफलता पूर्वक परीक्षण किया। इस मिसाइल की मारक क्षमता 2000 किमी है। भारत ने रात को 2000 किमी की मारक क्षमता वाली अग्नि-2 बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण सफलता पूर्वक किया गया। इस मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के बालासोर में ओडिशा तक की स्ट्रैटजिक फोर्सेस कमांड (SFC) के द्वारा किया गया।
  • अग्नि-2 बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण पिछले वर्ष ही सफलता पूर्वक कर लिया गया था, लेकिन रात में लॉन्च करने का इसका परीक्षण पहली बार सफलता पूर्वक किया गया। यह मिसाइल न्यूक्लीयर विस्फोटक ले जाने में सक्षम है और इसकी मारक क्षमता जरूरत पड़ने पर 2000 से बढ़ाकर 3000 किमी तक किया जा सकता है।

अग्नि-2 बैलिस्टिक मिसाइल की खास बातें-

  1. यह मिसाइल एक हजार किलो वजनी आयुध को 2000 किमी तक ले जा सकती है
  2. इस पर लगे हाई एक्युरेसी नेविगेशन सिस्टम से सटीक निशाने पर मार किया जा सकता है
  3. इसकी मारक क्षमता 2000 किमी से बढ़ाकर 3000 किमी की जा सकती है
  4. अग्नि-2 बैलिस्टिक मिसाइल 20 मीटर लंबी है और इसका वजन 16000 केजी यानी 16 टन है।

रोबो आर्मी

  • भारतीय सेना ने कश्मीर घाटी में आतंक के समूल नाश के लिए अपनी रोबो आर्मी को उतारने की तैयारी कर ली है। यह रोबोट आतंकियों के गुप्त ठिकाने में घुसकर न केवल उनकी सही स्थिति बताएंगे बल्कि उसे तबाह भी करने में भी सक्षम होंगे। खास बात यह है कि यह रोबो आर्मी इसी माह के अंत तक यहां उतार दी जाएगी।
  • यह रोबोट आतंक प्रभावित क्षेत्रों में सेना की आतंकरोधी यूनिट और सुरक्षाबलों के लिए सहायक सिद्ध होंगे। इसके साथ ही सेना को पूरी तरह से हाईटेक बनाने के कार्य में भी गति आ जाएगी। इतना ही नहीं दुश्मन की घुसपैठ को विफल बनाने और पाकिस्तानी सेना के हमलों को नाकाम बनाने के लिए यह रोबोट काफी कारगर सिद्ध होंगे।
  • सेना को बदलते परिवेश की आवश्यक्ताओं के अनुरूप अत्याधुनिक बनाने का प्रयास चल रहा है। इसी के तहत रक्षा मंत्रालय पहले चरण में 550 रोबोटिक्स सर्वेलांस यूनिट खरीद रहा है और इन्हें जल्द सेना को सौंपने की तैयारी है। यह रोबोट किसी भी आतंकरोधी अभियान के दौरान आतंकियों पर हमला भी करने में सहायक होंगे।
  • सुरक्षा बलों के लिए आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में सबसे बड़ी चुनौती उनकी सही संख्या और उन के पास उपलब्ध हथियारों की पूरी जानकारी लेने की होती है। यह रोबोट ऑपरेशन के दौरान किसी भी मकान या अन्य आतंकी ठिकाने में आसानी से घुसकर वहां की गतिविधियों का पूरा ब्योरा लेने में सक्षम होगा। इसके अलावा वीडियोग्राफी के माध्यम से आतंकियों की सही लोकेशन पता करने में मदद करेगा। प्रत्येक यूनिट में एक लांचिंग सिंस्टम, एक ट्रांसमिशन सिस्टम और दिन-रात तस्वीरें लेने में समर्थ एचडी कैमरा भी होगा। यह किसी भी मकान या इमारत से करीब 200 मीटर की दूरी तक स्पष्ट वीडियो फुटेज भी भेज सकते हैं।
  • यह रिमोट नियंत्रण रेखा पर निगरानी और फिर उसके आसपास ऐसी किसी जगह पर छानबीन कर सकते हैं जहां घुसपैठियों या पाकिस्तान के बैट दस्ते के छिपे होने की आशंका हो। ऐसे में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की हर चाल से निपटने में सेना की अग्रिम पंक्ति के लड़ाके साबित हो सकते हैं। रोबोटिक्स सर्वेलांस यूनिट को संचालित करने के लिए सैन्याधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाना है। सेना की प्रत्येक बटालियन में सात से आठ अधिकारियों व जवानों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • अगले चरण में सेना दुश्मन के घर में घुसकर मार करने में सक्षम रोबोटिक युद्धक वाहन (आरसीवी) खरीदने पर भी विचार कर रही है। रिमोट से संचालित होने वाले युद्धक वाहन भारतीय सेना की ताकत को और आधार देंगे। लक्ष्य है कि 2030 तक भारतीय सेना को दुनिया की सबसे घातक व समर्थ सेना बनाया जाए।

विशेषता

  • यह रोबोट करीब 25 साल तक सेवा में उपलब्ध रहेंगे। सबसे पहले इन्हें जम्मू कश्मीर के आतंक प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। ये आतंकरोधी अभियानों में सुरक्षाबलों को होने वाले नुकसान से भी बचाएंगे। यह इतने चपल होंगे कि जवाबी कार्रवाई के लिए 360 डिग्री घूमकर भी निशाना बना सकते हैं।
  • सेना का यह नया लड़ाका तमाम अवरोधकों को पार कर लक्ष्य को हर हाल में निशाना बनाने में सक्षम होगा। इसके अलावा किसी जगह विशेष की वीडियोग्राफी करके वहां के हालात के बारे में तुरंत अपडेट करने की दक्षता इसमें है। यह रोबोट सीढ़ी चढ़ने, बम धमाकों व गोलाबारी के दौरान लगने वाले झटकों को सहने में समर्थ है।
  • ये लड़ाकू रोबोट पानी के नीचे 20 मीटर की गहराई तक भी काम कर सकते हैं। पानी के भीतर से ही यह ग्रेनेड को निर्धारित लक्ष्य पर दाग कर वहां से तुरंत लौट सकते हैं।

:: पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी ::

वाटर स्प्रेयर

  • सर्दियों की दस्तक के साथ राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाके एक बार फिर स्मॉग की चपेट में हैं। चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संस्थान (सीएसआइओ) के वैज्ञानिकों ने एक वाटर स्प्रेयर विकसित किया है, जो स्मॉग को कम करने में कारगर हो सकता है।
  • यह स्प्रेयर स्थिर वैद्युतिक रूप से आवेशित (इलेक्ट्रोस्टैटिक-चार्ज) कणों के सिद्धांत पर काम करता है। वाटर स्प्रेयर में स्थिर वैद्युतिक रूप से आवेशित पानी के कण पीएम-10 और पीएम-2.5 को नीचे धकेल देते हैं, जिससे स्मॉग को कम किया जा सकता है। स्प्रेयर से एक समान पानी के कण निकलते हैं जो हवा में मौजूद सूक्ष्म धूल कणों के लगभग समान अनुपात में होते हैं।
  • हवा में सूक्ष्म कणों के आपस में टकराने, सूर्य की किरणों और ब्रह्मांडीय विकिरणों आदि के कारण आवेश पैदा होता है। जब छिड़काव की गई बूंदों पर ऋणात्मक चार्ज डाला जाता है, तो वे धनात्मक सूक्ष्म कणों की ओर आकर्षित होती हैं। इसी तरह, धनात्मक रूप से चार्ज सूक्ष्म कणों पर ऋणात्मक चार्ज युक्त पानी की बूंदों की बौछार करने पर वे एक दूसरे की आकर्षित होते हैं। इस कारण पानी की बूंदें और हवा में मौजूद कणों के संपर्क में आती हैं और सूक्ष्म कण भारी होकर धरातल पर बैठने लगते हैं।
  • शोधकर्ताओं का कहना यह भी है कि इस स्प्रेयर से निकलने वाली पानी की बूंदें अत्यंत छोटी होने के कारण उन पर गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव कम होता है और वे देर तक हवा में ठहर सकती हैं। हवा में अधिक समय तक रहने के कारण पानी की बूंदों का संपर्क हवा में मौजूद पीएम-10 और पीएम-2.5 जैसे सूक्ष्म कणों से बढ़ जाता है और वे भारी होकर जमीन की ओर आने लगते हैं।
  • इस स्प्रेयर को विकसित करने वाले प्रमुख शोधकर्ता डॉ. मनोज पटेल ने बताया कि इस स्प्रेयर में करीब 10 से 15 माइक्रोन के पानी के कण हवा में मौजूद पीएम-10 और पीएम-2.5 जैसे सूक्ष्म कणों से टकराते हैं और उन्हें नीचे धकेल देते हैं। हवा में मौजूद ऋणात्मक रूप से आवेशित सूक्ष्म कण होने पर स्प्रेयर से भी ऋणात्मक आवेशित कण निकलते हैं। ऐसे में, स्प्रेयर से निकलने वाले पानी के कण हवा में उपस्थित सूक्ष्म कणों को स्थिर करने में मदद करते हैं।
  • वाटर टैंक और छिद्र युक्त कैनन इस उपकरण के दो प्रमुख अंग हैं, जो एक-दूसरे से आपस में जुड़े रहते हैं। आमतौर पर उपयोग होने वाले स्प्रेयर में भी टैंकर होता है। पर, गैर-आवेशित कण होने के कारण उन उपकरणों में पानी की बर्बादी अत्यधिक होती है। इस स्प्रेयर से निकलने वाले पानी के सूक्ष्म कणों के कारण पानी की बर्बादी को भी कम किया जा सकता है।

:: विविध ::

रजत शर्मा

  • रजत शर्मा ने DDCA के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि रजत शर्मा ने डीडीसीए अध्यक्ष रहते दिल्ली के ऐतिहासिक स्टेडियम फिरोजशाह कोटला का नाम बदलकर अरुण जेटली स्टेडियम रखने का प्रस्ताव दिया था, जिसे मंजूरी मिली।

अनिल अंबानी

  • अनिल अंबानी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने शनिवार को रेग्युलेटरी फाइलिंग में ये जानकारी दी।
  • आरकॉम दिवालिया प्रक्रिया में है। कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि जुलाई-सितंबर तिमाही में 30,142 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। यह किसी भारतीय कंपनी का दूसरा बड़ा तिमाही घाटा है। एजीआर मामले में बकाया भुगतान के लिए 28,314 करोड़ रुपए की प्रोविजनिंग करने की वजह से इतना नुकसान हुआ।

इंडो अरब लीडर्स समिट एंड अवॉर्ड्स 2019

  • टोक्यो ओलम्पिक में कुश्ती में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद पहलवान बजरंग पुनिया और विश्व पावरलिफ्टिंग चैंपियन महंत गौरव शर्मा को दुबई में इंडो अरब लीडर्स समिट एंड अवॉर्ड्स 2019 के दौरान सम्मानित किया गया। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विजेता बजरंग को इंडियन पर्सनेलिटी ऑफ द ईयर-स्पोट्र्स से सम्मानित किया गया जबकि गौरव को विजनरी लीडर्स ऑफ द ईयर-स्पोट्र्स अवॉर्ड मिला।

गूगल गर्ल और जीनियस किड्स ऑफ इंडिया: शंजन थम्मा

  • गूगल गर्ल के नाम से प्रसिद्ध हो रही मध्य प्रदेश के उज्जैन की तीन वर्षीय बच्ची शंजन थम्मा का नाम अब व‌र्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया ने सबसे कम उम्र की राष्ट्रगान 'जन-गण-मन', राष्ट्रीय गीत 'वंदे-मातरम्' और देशप्रेम आधारित गीत 'सारे जहां से अच्छा..' गायिका के रूप में दर्ज किया है। गायन में उसने कोई गलती नहीं की। उसे जीनियस किड्स ऑफ इंडिया का खिताब भी दिया गया है।

दुती चंद

  • भारतीय एथलीट दुती चंद को ‘टाइम 100 नेक्स्ट’ की लिस्ट में शामिल किया गया है। ये लिस्ट दुनिया की सबसे प्रभावी 100 व्यक्तियों की सूची के विस्तार के अंतर्गत शुरू की गई है। इसमें उन्हें शामिल किया गया है जो व्यवसाय, मनोरजंन, खेल, राजनीति, स्वास्थ्य और विज्ञान में भविष्य बनाने को तैयार हैं।

गोल्डन सैंड आर्ट अवार्ड

  • मशहूर भारतीय सेंड आर्टिस्ट सुर्दशन पटनायक को इटली में इटैलियन गोल्डन सैंड आर्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इसके बाद पटनायक सेंड आर्ट में यह पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
  • 13 से 17 नवंबर तक आयोजित इंटरनेशनल स्कोराना सेंड नेटिविटी इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पटनायक ने रूसी कलाकार पावेल मिनिलकोव के साथ महात्मा गांधी की 10 फुट ऊंची रेत की प्रतिमा बनाई। इस प्रतियोगिता में आठ अलग-अलग देशों के रेत कलाकारों ने भाग लिया था।

गुई मिन्हाई को स्वीडिश अधिकार पुरस्कार

  • स्वीडन की संस्कृति मंत्री अमांडा लिंड ने चीन की धमकियों के बावजूद चीनी-स्वीडिश पुस्तक प्रकाशक गुई मिन्हाई को स्वीडिश अधिकार पुरस्कार से सम्मानित किया।

राष्ट्रीय प्रेस दिवस: 'उत्‍कृष्‍ट पत्रकारिता हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार

  • राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने नई दिल्ली में 'उत्‍कृष्‍ट पत्रकारिता हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार-2019’’के विजेताओं को पुरस्‍कार प्रदान किये। भारतीय प्रेस परिषद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के पत्रकारों को पत्रकारिता में उनके उत्कृष्ट और अनुकरणीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

प्रतिष्ठित पुरस्‍कारों से सम्‍मानित व्‍यक्ति निम्‍नलिखित हैं :-

  1. प्रख्यात पत्रकार और राजस्थान पत्रिका प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष श्री गुलाब कोठारी को पत्रकारिता के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए “राजा राम मोहन रॉय पुरस्कार” की प्रतिष्ठित श्रेणी के तहत चुना गया है और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है।
  2. दैनिक भास्कर, मंडी, हिमाचल प्रदेश के संवाददाता श्री संजय सैनी और इंडिया टुडे, नोएडा, उत्तर प्रदेश के ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर (पब्लिशिंग) श्रीराजचेंगप्पा को संयुक्त रूप से अपने-अपने क्षेत्र के लिए "ग्रामीण पत्रकारिता" की श्रेणी में क्रमश: अपने लेखों "भारत जापान की यारी , मंडी जिला में किसानों के खेतो में लिख रही है विकास की नई कहानी" और "द न्यू भारत; होप एंड ग्रेंड एम्‍बीशन कोर्स थ्रो द ग्रेट इंडियन हिंटरलैंड इवन एमिड द एनवेलपिंग ग्‍लूम ऑफ रूरल डिस्‍ट्रेस" के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
  3. दैनिक जागरण के वरिष्‍ठ संवाददाता श्री शिव स्वरुप अवस्थी और मातृभूमि, कालीकट के सब-एडिटर श्री अनु अब्राहिम को संयुक्त रूप से "विकास रिपोर्टिंग" की श्रेणी में चुना गया है, जो क्रमशः 15 जुलाई, 2018 से 22 अगस्‍त, 2018 तक से "बदहाली पाठा की" और 2 जून, 2018 से 6 जून, 2018 तक प्रकाशित "आरोग्य केरलम सीखना (केरल में निप्पा का प्रकोप के बारे में)" लेखों के तहत पुरस्‍कृत किया गया है। ।
  4. "फोटो जर्नलिज्म सिंगल न्यूज पिक्चर" के तहत, द मातृभूमि, नई दिल्ली के वरिष्ठ फोटोग्राफर श्री पी.जी.उन्‍न‍िकृष्णन और मातृभूमि, नेशनल डेली, मलयालम के न्यूज़ फोटोग्राफर श्री अखिल ईएस को संयुक्‍त रूप से पुरस्‍कार से सम्मानित किया गया है।
  5. "फोटो जर्नलिज्म-फोटो फ़ीचर" की श्रेणी में, इंडिया एम्पायर मैगज़ीन और पार्लियामेंटरी मैगज़ीन, दिल्ली की कंसल्टिंग एडिटर (फ़ोटोग्राफ़ी) सुश्री सिप्रा दास को चुना गया है, जो लेख "शिल्स जर्नी विद एड्स" के तहत प्रकाशित फोटोग्राफिक चित्रण के लिए है।
  6. "खेल रिपोर्टिंग" में हिंदुस्तान टाइम्स, चंडीगढ़ के श्री सौरभ दुग्गल को कैप्शन "रग्बी, गरीब बंगाल गांव की आदिवासी लड़कियों को पंख देती है" के तहत प्रकाशित लेख के लिए चुना गया है।
  7. देशबंधु, भोपाल की विशेष संवाददाता सुश्री रूबी सरकार और द इंडियन एक्सप्रेस, पुणे की वरिष्‍ठ संपादक सुश्री अनुराधा मस्कारेनहेस को संयुक्त रूप से 'जेंडर रिपोर्टिंग' के नवगठित पुरस्कार श्रेणी में उनके संबंधित लेखों के लिए पुरस्‍कृत किया गया है।
  8. द इंडियन एक्‍सप्रेस में कार्यरत श्री कृष्ण कौशिक और श्री संदीप सिंह को ‘वित्‍तीय रिर्पोटिंग’ श्रेणी के लिए संयुक्‍त रूप से पुरस्‍कृत किया गया है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा पेयजल की गुणवत्‍ता से संबंधित रिपोर्ट में कौन सा शहर शीर्ष पर रहा? (मुंबई)
  • हाल ही में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा पेयजल की गुणवत्‍ता से संबंधित रिपोर्ट में कौन सा शहर सबसे निचले स्थान पर रहा? (दिल्ली)
  • हाल ही में किसने DDCA के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया? (रजत शर्मा)
  • हाल ही में भारत के द्वारा किस मिसाइल का रात्रि परीक्षण किया गया? (अग्नि-2)
  • हाल ही में किस संस्थान के द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ घटाकर 4.9% कर दी गई है? (इकोनॉमिक थिंक टैंक एनसीएईआर)
  • हाल ही में अनिल अंबानी ने किस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया? (रिलायंस कम्युनिकेशंस-आरकॉम)
  • हाल ही में किन भारतीय खिलाड़ियों को इंडो अरब लीडर्स समिट एंड अवॉर्ड्स 2019 में सम्मानित किया गया? (बजरंग पुनिया और महंत गौरव शर्मा)
  • हाल ही में किसने सबसे कम उम्र में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया में अपना नाम दर्ज करवाया? (शंजन थम्मा)
  • हाल ही में जारी हुई ‘टाइम 100 नेक्स्ट’ की लिस्ट में किस भारतीय एथलीट को शामिल किया गया है? (दुती चंद)
  • किस कलाकार को इटैलियन गोल्डन सैंड आर्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया? (सुदर्शन पटनायक)
  • हाल ही में किस लेखक को स्वीडिश अधिकार पुरस्कार से सम्मानित किया गया? (गुई मिन्हाई)
  • चौथे राष्ट्रीय कृषि रसायन सम्मेलन का आयोजन कहां किया गया? (नई दिल्ली)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

<< मुख्य पृष्ठ पर वापस जाने के लिये यहां क्लिक करें