(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (17 जनवरी 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (17 जनवरी 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

ब्रू जनजाति

  • दो दशक पुरानी पूर्वोत्तर भारत की ब्रू जनजातियों की समस्या का समाधान निकल आया है। मिजोरम से भागकर आए और त्रिपुरा के शरणार्थी शिविरों में रह रहे 30 हजार से अधिक ब्रू जनजातियों को अब वापस जाने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। केंद्र, त्रिपुरा, मिजोरम और ब्रू जनजातियों के प्रतिनिधियों के बीच हुए समझौते के बाद अब उन्हें त्रिपुरा में ही बसाया जाएगा। इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह ने 600 करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया है।

जानिए सरकार की ओर से क्‍या मिलेगा

  • ब्रू जनजातियों को त्रिपुरा में घर के लिए जमीन दिया जाएगा।
  • इसके साथ ही पांच हजार से अधिक परिवारों में से प्रत्येक परिवार के खाते में चार लाख रुपये की फिक्स्ड डिपोजिट किया जाएगा, जिसे वे दो साल बाद निकाल सकेंगे। इ
  • सी तरह उन्हें दो साल के लिए हर महीने पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। इसके अलावा उन्हें प्रति व्यक्ति के हिसाब से दो साल तक खाने के लिए मुफ्त राशन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
  • त्रिपुरा सरकार की ओर से दी गई जमीन का मालिकाना हक मिलने के बाद उन्हें डेढ़ लाख रुपये मकान बनाने के लिए दिए जाएंगे।

पृष्ठभूमि

  • वर्ष 1997 में जातीय तनाव के कारण करीब 5,000 ब्रू-रियांग परिवारों ने, जिसमें करीब 30,000 व्‍यक्‍ति थे, मिज़ोरम से त्रिपुरा में शरण ली जिनको वहां कंचनपुर, उत्‍तरी त्रिपुरा में अस्थायी शिविरों में रखा गया।
  • वर्ष 2010 से भारत सरकार लगातार प्रयास करती रही है कि इन ब्रू-रियांग परिवारों को स्थायी रूप से बसाया जाए। वर्ष 2014 तक विभिन्‍न बैचों में 1622 ब्रू-रियांग परिवार मिज़ोरम वापस गए। ब्रू-रियांग विस्‍थापित परिवारों की देखभाल व पुनर्स्‍थापन के लिए भारत सरकार त्रिपुरा व मिज़ोरम सरकारों की सहायता करती रही है।
  • 3 जुलाई, 2018 को भारत सरकार, मिज़ोरम व त्रिपुरा सरकार व ब्रू-रियांग प्रतिनिधियों के बीच एक समझौता हुआ था जिसके उपरान्‍त ब्रू-रियांग परिवारों को दी जाने वाली सहायता में काफी बढ़ोतरी की गई। समझौते के उपरान्‍त वर्ष 2018-19 में 328 परिवार, जिसमें 1369 व्‍यक्‍ति थे, त्रिपुरा से मिज़ोरम इस नए समझौते के तहत वापस गए। अधिकांश ब्रू-रियांग परिवारों की यह मांग थी कि उन्‍हें सुरक्षा की आशंकाओं को ध्‍यान में रखते हुए त्रिपुरा में ही बसा दिया जाए।

दूसरी निजी ट्रेन तेजस एक्सप्रेस

  • आईआरसीटीसी की दूसरी तेजस ट्रेन अहमदाबाद-मुंबई के बीच चलेगी, इसे शुक्रवार को पहली बार रवाना किया जाएगा। भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी आईआरसीटीसी की दूसरी ट्रेन अहमदाबाद-मुंबई तेजस एक्सप्रेस को रेलमंत्री पीयूष गोयल और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी हरी झंडी दिखाकर अहमदाबाद से रवाना करेंगे। फिलहाल लखनऊ-नई दिल्ली रूट पर निजी तेजस ट्रेन का परिचालन आईआरसीटीसी द्वारा किया जा रहा है।

निर्भया स्कीम के तहत वेहिकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एंड इमरजेंसी बटन

  • सरकार ने निर्भया स्कीम के तहत सार्वजनिक वाहनों और बसों में वेहिकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस तथा इमरजेंसी बटन लगाने के लिए सभी राज्यों को मदद देने का निर्णय लिया है। इसके तहत केंद्र सरकार राज्यों को 60 फीसद सहायता प्रदान करेगी। जबकि 40 फीसद राशि राज्यों को खुद लगानी होगी।

पृष्ठभूमि

  • सरकार ने निर्भया स्कीम के तहत कुछ वर्ष पहले सभी सार्वजनिक वाहनों तथा राज्य परिवहन निगमों की बसों में वेहिकल लोकेशन ट्रैकिंग (VLT) डिवाइस तथा इमरजेंसी लगाना अनिवार्य किया था। इस संबंध में 28 नवंबर 2016 को सड़क मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी की गई थी। जिसके अनुसार यात्री सवारी ढोने वाले सभी सार्वजनिक वाहनों में 1 अप्रैल, 2018 से सभी पंजीकृत वाहनों में वीएलटी और इमरजेंसी बजट लगाए जाने थे।
  • राज्यों को अधिकार दिया गया था कि जब तक वे इस संबंध में अधिसूचना नहीं निकालते तब तक 31 दिसंबर, 2018 से पहले पंजीकृत वाहनों को वीएलटी व इमरजेंसी बटन लगाने से छूट दे सकते हैं। इन उपकरणों से सुसज्जित वाहनों की निगरानी के लिए राज्यों में कमांड एंड कंट्रोल सेंटरों (मानीटरिंग सेंटरों) की स्थापना की जानी थी।
  • परंतु धन की कमी के कारण बहुत कम राज्यों में ये केंद्र स्थापित किए जा सके हैं। नतीजतन स्कीम का प्रभावी कार्यान्वयन नहीं हो सका है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को वित्तीय मदद देने का निर्णय लिया है। ये मदद 37 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को दी जाएगी। इसके लिए इन्हें वाहनों की संख्या तथा क्षेत्रफल के आधार पर कुछ श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

परियोजना की 60 फीसद राशि देगी केंद्र सरकार

  • पर्वतीय व दुष्कर भू-भौगौलिक इलाकों वाले राज्यों को छोड़कर सभी राज्यों को केंद्र सरकार परियोजना की 60 फीसद राशि देगी। राज्यों को केवल शेष 40 फीसद राशि वहन करनी होगी। जबकि कठिन भूभौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्यों को केंद्र से 90 फीसद राशि मिलेगी और उन्हें केवल 10 फीसद स्वयं लगानी होगी। केंद्रशासित प्रदेशों को शत-प्रतिशत केंद्रीय सहायता मिलेगी।
  • पूरे देश में वेहिकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस तथा इमरजेंसी बटन की एकसमान उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सड़क मंत्रालय ने एआइएस 140 मानक जारी किए हैं। राज्यों को इन्हीं के अनुसार इन उपकरणों की खरीद करनी होगी।

19 जनवरी को जनसंहार दिवस मनाएंगे कश्मीरी पंडित

  • भारत ही नहीं, दुनिया भर में बसे कश्मीरी पंडितों के संगठन ग्लोबल कश्मीरी पंडित डायसपोरा-जेकेपीडी (वैश्विक प्रवासी कश्मीरी पंडित) 19 जनवरी को जनसंहार दिवस के रूप में मनाएंगे। वर्ष 1990 को इसी दिन आतंकियों और कट्टरपंथियों ने उन्हें घाटी से बाहर निकल जाने को मजबूर किया था। सैकड़ों कश्मीरी पंडितों की हत्या तक कर दी थी।

इलेक्रामा-2020

  • इंडियन इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री और पावर सेक्टर की सबसे बड़ी प्रदर्शनी ‘इलेक्रामा’ का 14वां संस्करण 18 से 22 जनवरी तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। ‘इलेक्रामा 2020’ में रिन्यूएबल्स एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, इंडस्ट्री 4.0 के जरिए इलेक्ट्रिसिटी का ऑटोमेशन और डिजिटलाइजेशन, आईओटी, एआई आदि के साथ इलेक्ट्रिसिटी क्षेत्र पर फोकस किया जाएगा। इस वर्ष प्रदर्शनी का विषय ‘एनर्जी ट्रांजिशन एंड न्यू टेक्नोलॉजी’ रखा गया है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

मिखाइल मिशुस्टिन रूस के नए प्रधानमंत्री

  • रूस में दमित्री मेदवेदेव के इस्तीफे के बाद मिखाइल मिशुस्टिन को नया प्रधानमंत्री बनाया गया है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को ही उनके नाम को आगे बढ़ाया था. दमित्री मेदवेदेव ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. दमित्री

पृष्ठभूमि

  • मेदवेदेव का रूस के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा उस समय सामने आया है, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संविधान में बड़े संशोधन का प्रस्ताव लाया है. इसमें स्टेट डूमा को प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री और संघीय मंत्री को मंजूरी देने की शक्ति प्रदान करना शामिल है. दावा यह भी किया जा रहा है कि संविधान में बदलाव से राष्ट्रपति पुतिन के लंबे समय तक सत्ता में बने रहने का रास्ता

कश्मीर पर भारत की कुटनीतिक सफलता

  • कश्मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाने के फैसले को लेकर अंतरराष्ट्रीय जगत पर जो सुगबुगाहट हुई थी, भारत को उन पर कूटनीतिक सफलता मिलती दिख रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्यों में से एक चीन को छोड़ कर अन्य सभी देश कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ खड़े हो गये हैं। यहां तक कि ब्रिटेन में बोरिस जॉनसन की अगुवाई वाली नई सरकार का रुख भी अब बदला हुआ है और उसने भी कश्मीर पर चीन और पाकिस्तान के प्रलाप को मानने से मना कर दिया है।
  • अमेरिका और फ्रांस पहले की तरह अब भी भारत के साथ चट्टान की तरफ खड़े हैं। रूस भी अपने पारंपरिक मित्र भारत का साथ छोड़ने को तैयार नहीं है। जर्मनी जैसे बड़े देश भी चीन और पाक की चाल को बखूबी समझने लगे हैं। यही वजह है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कश्मीर मुद्दे को उठाने की चीन व पाक की कोशिशें फिर से नाकाम हो गई हैं।

पृष्ठभूमि

  • विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक अगस्त, 2019 में अनुच्‍छेद 370 हटाने के तुरंत बाद ही यूएनएससी में चीन इस मुद्दे को ले गया था। उस समय बाकी चार स्थाई सदस्य देशों के रुख और अब इन देशों के रुख में काफी बदलाव आ गया है। भारत ने जिस तरह से पिछले तीन-चार महीनों में कश्मीर में शांति बहाल कर रखी है और अब धीरे धीरे वहां हालात को सामान्य किया जा रहा है, उससे विदेशी राजनयिकों को समझाने में काफी मदद मिली है। हाल ही में विदेशी राजनयिकों के दल को कश्मीर ले जाने का भी असर हुआ है। साथ ही जिस तरह से वैश्विक अस्थिरता का एक दौर चल रहा है उसमें कोई भी देश यह नहीं चाहता कि दक्षिण एशिया में तनाव और बढ़े।

:: भारतीय राजव्यवस्था ::

अनुच्छेद 131

  • केरल सरकार ने 14 जनवरी 2020 को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है. यह याचिका भारत के संविधान के अनुच्छेद 131 के अंतर्गत दायर किया गया है. केरल नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाने वाला पहला राज्य बन गया है.
  • नागरिकता (संशोधन) बिल में छह गैर-मुस्लिम समुदायों- हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी धर्म से संबंधित अल्पसंख्यक शामिल हैं. इस विधेयक के अंतर्गत 31 दिसंबर 2014 तक धर्म के आधार पर प्रताड़ना के चलते पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए धार्मिक अल्पसंख्यक के लोगों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी.

केरल सरकार द्वारा प्रस्तुत याचिका के प्रमुख बिंदु ?

  • केरल सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 131 का उपयोग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. सरकार ने कोर्ट से नागरिकता कानून को मूल अधिकारों का उल्लंघन करने वाला घोषित करने की मांग की है.
  • केरल सरकार ने कहा है कि नया कानून संविधान के कई अनुच्छेदों का उल्लंघन करता है. इसमें समानता का अधिकार शामिल है. सरकार ने कहा कि यह कानून संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के बुनियादी सिद्धांतों के विरुद्ध है.
  • केरल सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि नागरिकता (संशोधन) कानून, 2019 को संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 25 का उल्लंघन करने वाला घोषित किया जाना चाहिए.
  • केरल सरकार ने कहा कि अगर यह नया कानून अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक तौर पर उत्पीड़न झेल रहे लोगों हेतु है तो फिर इन देशों के शिया और अहमदिया को क्यों अलग रखा गया है.
  • केरल सरकार ने अपनी याचिका में श्रीलंका के तमिल, नेपाल के मधेसी और अफगानिस्तान के हजारा समूह का भी जिक्र किया है.

अनुच्छेद 131 क्या है?

  • संविधान का अनुच्छेद 131 सुप्रीम कोर्ट को ये अधिकार देता है कि वो राज्य बनाम राज्य या फिर राज्य बनाम केंद्र के मामलों की सुनवाई करे तथा उस पर फैसला दे. अनुच्छेद 131 के अंतर्गत राज्य और केंद्र में यदि किसी बात को लेकर विवाद हो तो उस स्थिति में राज्य सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है.

केंद्र के कानून के विरुद्ध अनुच्छेद 131 के उपयोग का पांचवा मामला

  • नागरिकता (संशोधन) कानून को ऐसा पांचवा मामला बताया जा रहा है, जिसमें केरल की सरकार ने आर्टिकल 131 के उपयोग के जरिए विवाद के निपटारे की अपील की है. इस अनुच्छेद के इस्तेमाल का पहला मामला साल 1963 में सामने आया था. इसमें बंगाल की सरकार ने केंद्र के बनाए एक कानून का विरोध किया था. पश्चिम बंगाल की सरकार ने कोयला पाए जाने वाले इलाकों के लिए बनाए गए केंद्र सरकार के कोल बियरिंग एरियाज़ अधिनियम 1957 के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.

अनुच्छेद 131 के दायरे में किस तरह के विवाद आते है?

  • अनुच्छेद 131 के अनुसार सुप्रीम कोर्ट इसके जरिए उन्हीं मसलों पर फैसला दे सकती हैं, जहां केंद्र तथा राज्यों के अधिकारक्षेत्र का मसला सामने आता है. सरकारों के बीच आपसी झगड़े तथा छोटे-मोटे विवाद का इस अनुच्छेद से कोई लेना-देना नहीं है.

पृष्ठभूमि

  • सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन कानून के विरुद्ध पहले ही 60 याचिकाएं दायर हैं और इस मामले की सुनवाई 22 जनवरी को होनी है. यह संशोधन नागरिकता अधिनियम 1955 में बदलाव करेगा. इस संशोधन के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान समेत आस-पास के देशों से भारत में आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी धर्म वाले लोगों को नागरिकता दी जाएगी. नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) संसद में पास होने और राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद नागरिक संशोधन कानून (CAA) बन गया है.

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

एजीआरःटेलीकॉम कंपनियों को चुकाने होंगे 1.47 लाख करोड़ रुपये

  • दूरसंचार कंपनियों को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) मामले में तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया समेत अन्य कंपनियों की पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उसे याचिकाओं पर विचार करने के लिए कोई ‘वाजिब वजह’ नहीं मिली। अब इन कंपनियों को 23 जनवरी तक 1.47 लाख करोड़ रुपये सरकार को चुकाने होंगे।

पृष्ठभूमि

  • सुप्रीम कोर्ट ने 24 अक्तूबर 2019 को अपने फैसले में कहा था कि दूरसंचार कंपनियों के एजीआर में उनके दूरसंचार सेवाओं से इतर राजस्व को शामिल किया जाना कानून के अनुसार ही है। 22 नवंबर को एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और टाटा टेलीसर्विसेज ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। इसमें फैसले पर पुनर्विचार करने और ब्याज, जुर्माना और जुर्माने पर ब्याज को माफ करने की अपील की गई थी।
  • दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पिछले साल नवंबर में संसद को बताया था कि दूरसंचार कंपनियों पर सरकार का 1.47 लाख करोड़ रुपये का बकाया है। साथ ही उन्होंने कहा था कि इस बकाये पर जुर्माने-ब्याज पर राहत का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा था कि दूरसंचार कंपनियों पर लाइसेंस शुल्क का 92,642 करोड़ रुपये और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क 55,054 करोड़ रुपये बकाया है।

एजीआर क्या होता है?

  • दूरसंचार कंपनियों को एजीआर का 3 फीसदी स्पेक्ट्रूम फीस और 8 प्रतिशत लाइसेंस फीस के तौर पर सरकार को देना होता है। कंपनियां एजीआर की गणना दूरसंचार ट्रिब्यूनल के 2015 के फैसले के आधार पर करती थीं। ट्रिब्यूनल ने उस वक्त कहा था कि किराये, स्थायी संपत्ति की बिक्री से लाभ, डिविडेंड और ब्याज जैसे गैर प्रमुख स्रोतों से हासिल राजस्व को छोड़कर बाकी प्राप्तियां एजीआर में शामिल होंगी। जबकि दूरसंचार विभाग किराये, स्थायी संपत्ति की बिक्री से लाभ और कबाड़ की बिक्री से प्राप्त रकम को भी एजीआर में मानता है। इसी आधार पर वह कंपनियों से बकाया शुल्क की मांग कर रहा है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

के-9 व्रज-टी तोप

  • गुजरात के दौरे पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को 51वीं के-9 व्रज-टी तोप को सूरत के हजीरा स्थित लार्सन ऐंड टुब्रो बख्तरबंद प्रणाली परिसर में हरी झंडी दिखाई। रक्षा मंत्री सिंह तोप के ऊपर सवार भी हुए और इसे हजीरा परिसर के आसपास चलाया। लार्सन ऐंड टुब्रो ने रक्षा मंत्री को के-9 वज्र-टी तोप की मारक क्षमता के विभिन्न प्रदर्शन भी दिखाए।

के-9 व्रज-टी तोप की विशेषता

  • बता दें कि इस तोप का वजन 50 टन है और यह 47 किलोग्राम के गोले 43 किलोमीटर की दूरी तक दाग सकती है। यह स्वचालित तोप शून्य त्रिज्या पर भी घूम सकती है। इन 'दागो और भागो' स्टाइल वाली तोपों को पश्चिमी सीमा पर तैनात किए जाएगा।

पृष्ठभूमि

  • रक्षा मंत्रालय ने केंद्र की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारतीय सेना के लिए एल ऐंड टी कंपनी को 2017 में के9 वज्र-टी 155मिमी/52 कैलीबर तोपों की 100 यूनिट आपूर्ति के वास्ते 4,500 करोड़ रुपये का करार किया था।

जूस जैकिंग

  • अगर आप भी अपने फोन को USB चार्जिंग स्टेशन के जरिए चार्ज करते हैं तो अब आपको सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है, नहीं तो आप ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार हो सकते हैं। इस मामले पर इनवैस्टिगेशन में पता लगा है कि एयरपोर्ट और अन्य जगाहों पर लगे चार्जिंग स्टेशन्स कभी चैक नहीं किए जाते जिस वजह से फ्रॉड करने वाले इसे अपना शिकार बनाते हैं। वे USB चार्जिंग स्टेशन पर लगी तार में एक एक्सट्रा चिप लगा देते हैं जो आपके फोन में हिडन मालवेयर इंस्टाल कर देती है जिससे आपकी सारी इनफोर्मेशन को फ्राडस्टर एक्सैस कर सकते हैं।

क्या है जूस जैकिंग?

  • जूस जैकिंग फ्रॉड करने का एक ऐसा तरीका है जिसमें यूजर को USB चार्जिंग पोर्ट के जरिए शिकार बनाया जाता है। यूजर जब फोन को चार्जिंग स्टेशन पर चार्ज करने के लिए लगाता है, उस समय उसकी डिवाइस में मालवेयर इंस्टाल कर सारा सैस्टिव डाटा फोन और टैबलेट से कॉपी कर लिया जाता है।

इस तरह बचाएं खुद को

  1. सफर करते समय हमेशा अपने पास पोर्टेब्ल पावरबैंक रखें।
  2. पब्लिक चार्जिंग स्टेशन्स से डिवाइस को चार्ज करने से बचें।
  3. अगर आपके अकाउंट से पैसे कटते हैं तो तुरंत बैंक से सम्पर्क करें।
  4. अपने फोन और टैबलेट में एंटीवायरस एप को इंस्टाल करें जो किसी मालवेयर को आपका डाटा चोरी करने से रोके।

समुद्री पानी से बनेगा हाइड्रोजन ईंधन

  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) मद्रास के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी तकनीक ईजाद की है, जिससे समुद्री पानी से हाइड्रोजन ईंधन बनाया जा सकता है। इस विधि की मदद से भविष्य में स्वच्छ ईंधन बनाने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इसके बारे में जर्नल एसीएस स्टेनेबल केमिस्ट्री एंड इंजीनिर्यंरग में विस्तार से बताया गया है।
  • शोधकर्ताओं का दावा है कि अब हमें ईंधन को स्टोर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई तकनीक की मदद से मांग के मुताबिक हाइड्रोजन का उत्पादन किया जा सकता है। इससे भंडारण करने की चुनौतियां भी कम हो जाएंगी, क्योंकि जरासी असावधानी पर ईंधन के टैंक में विस्फोट होने का खतरा बना रहता है।
  • उन्होंने कहा कि भविष्य में हाइड्रोजन ऊर्जा का एक सबसे अच्छा स्नोत बन सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि जब हाइड्रोजन का दहन किया जाता है तो जीवाश्म ईंधन की वनिस्पत इसमें कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन नहीं होता है, जिससे यह ऊर्जा का ‘स्वच्छ’ स्नोत बन जाता है यानी इसका ईंधन पर्यावरण के अनुकूल होगा और ग्लोबल वार्मिंग का कारक नहीं बनेगा।

हाइड्रोजन से बाइक कार चलाने का लक्ष्य

  • शोधकर्ताओं का कहना है कि सड़कों पर डीजल-पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की बढ़ती संख्या और साल-दर-साल बढ़ते तापमान को देखते हुए भविष्य में हाइड्रोजन ईंधन का ही है। आज हमारे आसपास जितनी भी मशीनें चलती हैं, ज्यादातर कार्बन का उत्सर्जन करती हैं। लेकिन, हाइड्रोजन का उपयोग बढ़ने से उत्सर्जन का काफी हद तक कम किया जा सकता है। विश्व के कई देशों में हाइड्रोजन से चलने वाली बसों का ट्रायल भी शुरू हो चुका है। वैश्विक स्तर पर वायु प्रदूषण के बढ़े हुए स्तर को देखते हुए शोधकर्ता समुद्री पानी से हाइड्रोजन पावर बनाकर कारों और बाइक को चलाने का लक्ष्य बना रहे हैं।

इसरो और डीआरडीओ को देंगे ईंधन

  • आइआइटी मद्रास के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के अब्दुल मलिक ने कहा, ‘चूंकि हाइड्रोजन का उपयोग ऑन-डिमांड के आधार पर किया जा सकता है, इसलिए हाइड्रोजन के भंडारण और परिवहन से जुड़े सुरक्षा मुद्दों से बचा जाता है। मलिक ने कहा, ‘हाइड्रोजन भविष्य है। हम इसे वर्तमान बनाना चाहते हैं। मैं उस दिन की प्रतीक्षा कर रहा हूं जब हमारा आविष्कार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के रॉकेट या रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की मिसाइलों को ईंधन देगा।’

एक कमरे के तापमान में तैयार होगी ऊष्मा

  • आइआइटी मद्रास के एसोसिएट प्रोफेसर टीजू थॉमस ने कहा कि वे वाहनों के लिए हाइड्रोजन का एक विशेष सिस्टम विकसित कर रहे हैं ताकि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के लिए एक समाधान पेश किया जा सके। उन्होंने कहा कि हमारा सेट अप इतना एडवांस है कि एक बटन दबाते ही यह पानी को ऊर्जा में तब्दील कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस सेट अप की एक खासियत यह भी है कि इसके जरिये हम अपनी आवश्यकतानुसार हाइड्रोजन के उत्पादन को नियंत्रित कर सकते हैं। शोधकर्ताओं ने कहा, ‘सामान्यत: बिजली तैयार करने के लिए लगभग 1000 डिग्री सेल्सियस तापमान और 25 बार प्रेशर (दबाव) की जरूरत होती है। लेकिन नए सिस्टम के जरिये एक कमरे के तापमान और एक बार प्रेशर पर भी बिजली पैदा हो सकती है।

कम होगी ग्लोबल वार्मिंग

  • शोधकर्ताओं का कहना है कि नई तकनीक भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में बहळ्त बड़ा बदलाव लाएगी। साथ ही, ग्लोबल वार्मिंग को भी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। क्योंकि पेट्रो वाहनों से निकलने वाला हुआ इसका सबसे बड़ा कारक है।

ऐसे तैयार होती है हाइड्रोजन

  • आइआइटी मद्रास के अब्दुल मलिक ने कहा, ‘हम कॉफी मशीन की तरह ही एक मशीन बनाना चाहते थे, जिसमें बटन दबाते ही हाइड्रोजन का उत्पादन हो सके। नई मशीन को हमने दो भागों में विभक्त किया गया है। एक कंपार्टमेंट में पानी डालने पर जब वह बहते हुए दूसरे कंपार्टमेंट तक पहुंचता है तो इस दौरान इसमें लगी सामग्री में घर्षण और केमिकल रिएक्शन से हाइड्रोजन उत्पादन होता है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

2035 तक कोयला आधारित बिजली संयंत्र बंद करेगा जर्मनी

  • जर्मनी 2035 तक कोयले से बिजली उत्पादन बंद कर सकता है। यह पूर्व योजना से तीन साल पहले है। इस संदर्भ में जर्मनी की चांसलर एजेंला मर्केल और राज्यों के नेताओं ने समझौते पर हस्ताक्षर किये।
  • मर्केल और सैक्सोनी-एनहाल्ट, सैक्सोनी, नार्थ राइन-वेस्टफालिया और ब्रांडेनेबर्ग प्रदूषण फैलाने वाले उन बिजली घरों को बंद करने पर सहमति जतायी है जहां कोयले का उपयोग होता है।
  • अबतक जर्मनी ने कोयला आधारित बिजलीघरों को 2038 तक बंद करने की घोषणा की थी। बयान के अनुसार अब 2026 और 2029 में इसकी समीक्षा की जाएगी कि क्या बिजली संयंत्रों को तीन साल पहले बंद किया जा सकता है। सरकार की कोयला का उपयोग बंद करने को लेकर कानून की रूपरेखा इस महीने तैयार करने और 2020 की पहली छमाही में पारित कराने की योजना है।

पृष्ठभूमि

  • प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच जर्मनी पर प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन पर रोक लगाने और उसकी नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग का दबाव है। सरकार ने 2030 तक 65 प्रतिशत बिजली कार्बन तटस्थ स्रोतों से उत्पादित करने का लक्ष्य रखा है। इसी अवधि में जर्मन सरकार ने कार्बन उत्सर्जन में 1990 के स्तर से 55 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य रखा है।

डायनासोर ट्री:वोलेमी पाइंस

  • ऑस्ट्रेलिया के दमकल विशेषज्ञों की टीम ने जंगलों में लगी आग से वोलेमी पाइंस (चीड़) के 200 पेड़ों को बचा लिया है। बताया जाता है कि यह पेड़ डायनासोर काल से पहले के हैं।
  • नेशनल पार्क एंड वाइल्ड लाइफ सर्विस के अधिकारियों के अनुसार इसके लिए विशेष अभियान चलाया गया। दमकलकर्मियों ने इन डायनासोर पेड़ों को नम रखने के लिए सिंचाई प्रणाली लगाई। दो महीने तक लगातार इस घाटी में पानी की बौछार की गई, क्योंकि इसके आसपास आग फैली हुई थी। इसके अलावा फायर फाइटर विमानों से आग बुझाने वाला केमिकल डाला गया। इससे इन पेड़ों तक पहुंचने से पहले आग की तीव्रता कम हो गई। इन पेड़ों के चारों ओर सुरक्षात्मक रिंग बना दी गई थी। यह एक अभूतपूर्व संरक्षण अभियान था।

क्यों खास हैं पेड़?

  • वोलेमी पाइन के ये पेड़ दुनिया में सिर्फ सिडनी में ही बचे हैं।1994 तक इन्हें विलुप्त माना जाता था। यह प्रजाति 20 करोड़ साल से भी पुरानी है। इस क्षेत्र में लोगों का जाना भी प्रतिबंधित है।

ईंधन संरक्षण के लिए ‘सक्षम’ अभियान-2020 शुरु

  • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ (पीसीआरए) के एक महीने तक चलने वाले व्‍यापक वार्षिक ईंधन संरक्षण अभियान 'सक्षम' का शुभारंभ नयी दिल्‍ली में आयोजित एक समारोह में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. एम एम कुट्टी द्वारा किया गया।
  • सक्षम-2020 के दौरान, पीसीआरए द्वारा विभिन्न तरह के संपर्क कार्यक्रम और गतिविधियां चलाई जा रही हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के कुशल मार्गदर्शन में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल और गैस कंपनियां विभिन्न गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। इनमें ‘सक्षम साईकिल डे’, ‘साइक्लोथॉन’, वाणिज्यिक वाहन चालकों के लिए कार्यशालाएँ, गृहणियों के लिए खाना पकाने के दौरान ईंधन की बचत के तौर तरीके अपनाने पर संगोष्‍ठी तथा रेडियो, टीवी, डिजिटल सिनेमा आदि के माध्यम से राष्ट्रव्यापी अभियान चलाना शामिल है। पीसीआरए ईंधन का उपयोग करने वालों तक ईंधन बचत का संदेश पहुंचाने के लिए जैसे फेसबुक, ट्विटर और MyGov जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रहा है
  • सक्षम अभियान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत पीसीआरए और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का प्रमुख कार्यक्रम है। जिसका उद्देश्‍य देश में ईंधन बचत के संदेश को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।

:: विविध ::

29 वां सरस्वती सम्मान

  • सिंधी के प्रसिद्ध लेखक वासदेव मोही को इस साल 29वें सरस्वती सम्मान दिये जाने की घोषणा की गयी है। के. के. बिरला फाउंडेशन द्वारा हर साल दिया जाने वाला यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मोही को उनके कहानी संग्रह ‘चेक बुक’ के लिए दिया जाएगा।
  • फाउंडेशन द्वारा आज यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप की अध्यक्षता में गठित 13 सदस्यीय चयन परिषद् ने श्री मोही को यह पुरस्कार देने का फैसला किया।
  • अविभाजित भारत में सिंध के मीरपुर खास में दो मार्च 1944 को जन्मे श्री मोही सिंधी भाषा के कवि, कहानीकार और आलोचक भी हैं और वह दुबई में इंडियन हाई स्कूल में अंग्रेजी के शिक्षक रहे हैं और वहां एक कॉलेज में अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी करीब 25 पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं।

पृष्ठभूमि

  • के. के. बिरला फाउंडेशन पिछले दस वर्ष में 22 भारतीय भाषाओं में प्रकाशित सर्वश्रेष्ठ पुस्तक के लिए यह सम्मान प्रदान करता है। इस पुरस्कार की शुरूवात 1991 में शुरू हुई थी और पहला सम्मान डॉ. हरिवंशराय बच्चन को दिया गया था। सर्वश्री विजय तेंदुलकर, डॉ. हरिभजन सिंह, सुनील गंगोपाध्याय, गोविंद मिश्र, पद्मा सचदेव और डॉ. एम. वीरप्पा माईली जैसे लेखकों को यह सम्मान मिल चुका है

आईसीसी अंडर-19 विश्व कप

  • दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आज से आईसीसी अंडर-19 विश्व कप शुरू हो रहा है। भारतीय टीम पांचवीं बार खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे। विराट कोहली की अगुआई वाली टीम ने 2008 चरण से दबदबा बनाना शुरू किया था और तब से जूनियर क्रिकेट सर्किट पर यह बरकरार है। उत्तर प्रदेश के प्रियम गर्ग अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के कप्तान होंगे।उत्तर प्रदेश टीम में गर्ग के साथी रहे ध्रुव जुरल इस टीम के उपकप्तान हैं।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में केंद्र, त्रिपुरा, मिजोरम और ब्रू जनजातियों के प्रतिनिधियों के बीच संपन्न हुए समझौते के तहत ब्रू जनजातियों को कहां बसाया जाएगा? (त्रिपुरा)
  • देश की दूसरी निजी तेजस ट्रेन का परिचालन किन स्थानों के मध्य किया जाएगा? (अहमदाबाद से मुंबई)
  • सरकार ने किस स्कीम के तहत सभी सार्वजनिक वाहनों राज्य परिवहन निगमों की बसों में वेहिकल लोकेशन ट्रैकिंग (VLT) डिवाइस तथा इमरजेंसी बटन लगाना अनिवार्य किया था? (निर्भया स्कीम)
  • ग्लोबल कश्मीरी पंडित डायसपोरा के संगठन के द्वारा किस तिथि को जनसंहार दिवस मनाने की घोषणा की गई है? (19 जनवरी)
  • इलेक्रामा 2020 का आयोजन कहां किया जाएगा? (इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट- नोएडा)
  • हाल ही में किसे रूस के प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्ति प्रदान की गई है? (मिखाइल मिशुस्टिन)
  • संविधान के किस अनुच्छेद के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के मध्य विवाद की स्थिति में राज्य सीधे सर्वोच्च न्यायालय की शरण ले सकते हैं? (अनुच्छेद 131)
  • हाल ही में किस देश के द्वारा 2035 तक कोयले से बिजली उत्पादन बंद करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है? (जर्मनी)
  • वृक्ष की किस प्रजाति को डायनासोर ट्री के नाम से भी जाना जाता है? (वोलेमी पाइंस-चीड़)
  • हाल ही में किसे 29वें सरस्वती सम्मान प्रदान करने की घोषणा की गई है? (वासदेव मोही को कहानी संग्रह ‘चेक बुक के लिए)
  • अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की कप्तानी का दायित्व किसे सौंपा गया है? (प्रियम गर्ग)
  • अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप का आयोजन कहां किया जा रहा है? (दक्षिण अफ्रीका)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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