(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (15 मई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (15 मई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग(MSME) की नयी परिभाषा

  • सरकार ने बुधवार को आर्थिक पैकेज की घोषणा करते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की परिभाषा में बदलाव कर उन्हें बड़ी राहत दी। परिभाषा में जहां एक तरफ इनमें स्थायी पूंजी निवेश की सीमा बढ़ायी गयी है वहीं सालाना कारोबार का नया मानदंड भी पेश किया गया है। एमएसएमई लंबे समय से परिभाषा में बदलाव की मांग कर रहा था। परिभाषा में निवेश की न्यूनतम सीमा से लघु उद्योगों में यह आशंका थी कि उन्हें जो लाभ मिल रहा है, वह धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा।

क्या होते है सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग(MSME)?

  • MSME छोटे पैमाने की औद्योगिक इकाइयाँ होती है जो मध्यम स्तर के विनियोग की सहायता से उत्पादन प्रारम्भ करती हैं। इन इकाइयों मे सीमित श्रम शक्ति से सापेक्षिक रूप में वस्तुओं एवं सेवाओं का कम मात्रा में उत्पादन किया जाता है। MSME को आर्थिक विकास का इंजन माना जाता है क्योकि ये रोजगार, मध्यमवर्ती अन्य समेत वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन में महती भूमिका निभाती है। देश में रोजगार उपलब्ध करवाने के संदर्भ में MSME का स्थान सर्वोपरि है।
  • हाल ही में सरकार ने MSME का विनिर्माण और सेवाओं के आधार वर्गीकरण को समाप्त करते हुए सूक्ष्म उद्यम,लघु उद्यम और मध्यम उद्यम की परिभाषा में परिवर्तन किया है एवं इसके लिए सम्बंधित काननों में संशोधन भी जल्द किये जायेंगे। 13 मई 2020 के नई परिभाषा के अनुसार MSME का वर्गीकरण विनिर्माण और सेवाओं के आधार पर न होकर केवल सूक्ष्म उद्यम, लघु उद्यम और मध्यम उद्यम में होगा जो निम्न है-
  1. सूक्ष्म उद्योग ( Micro Industries) – इसमें ऐसे उद्योगों को शामिल किया जाएगा जिनका सम्मिलित निवेश 1 करोड़ से कम तथा टर्नओवर 5 करोड़ से कम है।
  2. लघु उद्योग ( Small Industries) – इसमें ऐसे उद्योगों को शामिल किया जाएगा जिनका सम्मिलित निवेश 10 करोड़ से कम तथा टर्नओवर 50 करोड़ से कम होगा।
  3. मध्यम उद्योग ( Medium Industries) – इसमें ऐसे उद्योगों को शामिल किया जाएगा जिनका सम्मिलित निवेश 20 करोड़ से कम तथा टर्नओवर 100 करोड़ से कम होगा।

वंदे भारत मिशन

  • कोरोना वायरस के चलते पूरी दुनिया में मचे हाहाकार के बीच भारत का वंदे भारत मिशन सफलता की नई कहानी गढ़ रहा है। इस मिशन के तहत विदेशों में फंसे भारतीयों को स्‍वदेश वापस लाने की कवायद युद्ध स्‍तर पर चल रही है। आपको बता दें कि इस बार का मिशन खाड़ी युद्ध के दौरान किए गए ऑपरेशन डेजर्ट स्‍ट्रॉम से कहीं अधिक बड़ा है। दुनिया के इतिहास में 1990 में चलाया गया भारत सरकार का ये मिशन अब तक का सबसे बड़ा ऐसा मिशन रहा है जिसमें 1.70 भारतीयों को जोर्डन, अम्‍मान और कुवैत से सुरक्षित बाहर निकाला था।

पृष्ठभूमि

  • आपको बता दें कि भारत सरकार द्वारा 7 मई 2020 को शुरु किया गया वंदे भारत मिशन अपने नागरिकों को स्वदेश वापस लाने के अबतक के सबसे बडे अभियानों में से एक है। इस अभियान के तहत, नागरिक उड्डयन मंत्रालय भारतीयों की वतन वापसी के लिए विदेश मंत्रालय और राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर रहा है। एयर इंडिया अपनी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ मिलकर विदेशों में फंसे 14800 भारतीयों को वापस लाने के पहले चरण के तहत अमेरिका,ब्रिटेन,बांग्लादेश, सिंगापुर, सऊदी अरब, कुवैत, फिलीपीन्स, संयुक्त अरब अमीरात और मलेशिया सहित 12 देशों के लिए कुल 64 उड़ानों (एयर इंडिया द्वारा 42 और एआई एक्सप्रेस द्वारा 24) का संचालन कर रही है।

ऑपरेशन सेतु

  • एयरलिफ्ट करने के अलावा सरकार ने इसके लिए भारतीय नौसेना की भी सहायता ली है जिसको ऑपरेशन सेतु का नाम दिया गया है। इसके तहत मालदीव और खाड़ी देशों से भारतीयों को लाया भी गया है और आगे भी इसकी कवायद जारी है। इसके लिए नौसेना के तीन जहाजों की सेवा ली गई है जिनमें आईएनएस शार्दूल, आईएनएस मगर और आईएनएस जलश्व शामिल हैं।

उद्यम संसाधन योजना (ईआरपी) “समर्थ”

  • मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शैक्षिक संस्थानों (एचईआई) में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का मिशन है। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सूचना और संचार प्रौद्योगिकी योजना (एनएमईआईसीटी) में राष्ट्रीय शिक्षा मिशन के के तहत एक ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म “समर्थ” (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग-ईआरपी) विकसित किया है।
  • ईआरपी, समर्थ सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शैक्षिक संस्थानों के लिए एक खुला मानक खुला स्रोत संरचना, सुरक्षित, आरोह्य और विकासवादी प्रक्रिया स्वचालन यन्त्र है। यह विश्वविद्यालय / उच्च शैक्षिक संस्थानों में संकाय, छात्रों और कर्मचारियों की आवश्यकताओं को पूरा करता है। अब, ईआरपी, समर्थ को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र में कार्यान्वित किया गया है, जो विश्व बैंक द्वारा समर्थित तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम (टीईक्यूआईपी) के तहत भाग लेने वाली इकाई है। इस पहल का उद्देश्य संस्थान की प्रक्रियाओं को स्वचालित करना है।
  • “समर्थ” टीम द्वारा एनआईटी, कुरुक्षेत्र को यह सॉफ्टवेयर निशुल्क प्रदान किया गया था; मानव संसाधन विकास मंत्रालय में एनएमईआईसीटी और टीईक्यूआईपी टीमों के बीच सहयोग के माध्यम से बिना किसी अतिरिक्त लागत के इन-हाउस टीम द्वारा कार्यान्वित किया गया।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

32 वें राष्ट्रमंडल स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक

  • केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, डॉ. हर्षवर्धन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रमंडल के स्वास्थ्य मंत्रियों की 32 वीं बैठक में हिस्सा लिया। बैठक का विषय था- राष्ट्रमंडल द्वारा समन्वित रूप से कोविड-19 के लिए प्रतिक्रिया देना।

क्या है राष्ट्रमंडल?

  • राष्ट्रमंडल उन देशों का समूह है जो किसी न किसी रूप में कभी ब्रिटेन से जुड़े रहे हैं. इन देशों पर औपनिवेशिक काल के दौरान ब्रितानी शासन था और बाद में ये देश स्वतंत्र हो गए. राष्ट्रमंडल के सभी 54 सदस्यों ने लोकतंत्र, लैंगिक समानता, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. राष्ट्रमंडल में कुल 54 देश हैं एवं इसका मुख्यालय लंदन ब्रिटेन में स्थित है।

साउथ चाइना सी में चीन और ताइवान तनाव

  • कोरोना वायरस संकट के बीच चीन और ताइवान के विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। चीन के दक्षिण चीन सागर में ताइवान के नियंत्रण वाले दोंगशा द्वीप समूह पर कब्‍जा करने का युद्धाभ्‍यास करने का ऐलान करने के बाद तनाव और बढ़ गया है। अब ताइवान ने घोषणा की है कि वह जून महीने में फायरिंग का अभ्‍यास करेगा। ताइवान ने कहा है कि इस अभ्‍यास के दौरान दोंगशा द्वीप समूह पर मोर्टार और मशीनगन पोजिशन की परख की जाएगी।
  • दोंगशा द्वीप समूह में एक द्वीप और दो कोरल रीफ हैं। इसके दो किनारे हैं। ताइवान ने इसे नैशनल पार्क घोषित कर रखा है। इससे पहले सोमवार को आई खबरों में कहा गया था कि चीन की पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी अगस्‍त महीने में साउथ चाइना सी में व्‍यापक पैमाने पर लैंडिंग का अभ्‍यास करेगी। यह एक तरीके से दोंगशा द्वीप पर कब्‍जा करने का 'छद्म अभ्‍यास' होगा।

ताइवान ने मजबूत की अपने द्वीप की सुरक्षा

  • जापान की क्‍योदो न्‍यूज एजेंसी के मुताबिक पीएलए के लैंडिंग एक्‍सरसाइज को दक्षिण थिएटर कमांड की ओर से आयोजित किया जाएगा और इसमें बड़े पैमाने पर जंगी जहाज, पानी और जमीन दोनों पर चलने में सक्षम होवरक्राफ्ट, हेल‍िकॉप्‍टर और मरीन शामिल होंगे। इस बीच ताइवान ने चीन के किसी भी दुस्‍साहस का जवाब देने के लिए दोंगशा द्वीप समूह पर कोस्‍ट गार्ड की दो स्‍क्‍वाड्रन तैनात कर दी है।
  • इसके अलावा 20, 40, 81 और 120 एमएम के मोर्टार भी द्वीप समूह पर तैनात किए गए हैं। साथ ही पैदल सेना के लिए जरूरी उपकरण भी कोस्‍ट गार्ड को दिए गए हैं। यही नहीं द्वीप समूह पर सैन्‍य प्रतिष्‍ठानों को उन्‍नत किया गया है। ताइवान सरकार ने कहा कि चीन के कब्‍जे के किसी भी प्रयास का जवाब देने के लिए निगरानी और खुफिया गतिविधियों पर विशेष ध्‍यान दिया जा रहा है।

साउथ चाइना सी में क्‍या है चीन की चाल?

  • दरअसल, चीन ने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग पर बढ़त हासिल कर ली है और अब अपना ध्यान साउथ चाइना सी की तरफ लगा रहा है। चीन वहां अपना सैन्य जाल बिछा रहा है। चीन की हरकतों को देखते हुए अमेरिका ने भी इलाके में अपने तीन युद्ध पोत भेजे हैं। इसके बाद से ही इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। माना जा रहा है कि चीन साउथ चाइना सी से पेट्रोकेमिकल्स व अन्य मिनरल निकालना चाहता है और इलाके में एक न्यूक्लियर रिएक्टर भी बना सकता है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि साउथ चाइना सी पर युद्ध के हालात पैदा हो सकते हैं जिस युद्ध में चीन, अमेरिका और रूस शामिल हो सकते हैं। उधर, चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेइ फंगे ने कहा कि अगर अमेरिका की तरफ से युद्ध के हालत पैदा किए गए तो पेइचिंग हर कीमत पर लड़ने को तैयार है। दक्षिण चीन सागर वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यहां दुनिया का सबसे महंगा शिपिंग लेन है। हर साल इस रास्ते से 3.4 ट्रिलियन पाउंड का व्यापार होता है। ब्रिटेन का 12 प्रतिशत समुद्री व्यापार यानी 97 अरब डॉलर का निर्यात-आयात इसी क्षेत्र से होता है।

विजय माल्या के प्रत्यर्पण का मामला

  • 64 वर्षीय भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण का रास्‍ता साफ हो गया है। इसे मोदी सरकार के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। इस मामले में ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में उसकी याचिका खारिज हो गई है। उसने सु्प्रीम कोर्ट में आवेदन का हक खो दिया है। वह सुप्रीम कोर्ट में अर्जी नहीं दायर कर सकता है। उसे अगले 28 दिनों में भारत को सौंपा जा सकता है। माना जा रहा है कि विजय माल्या के पास अब कोई कानूनी रास्‍ता नहीं बचा है।

पृष्ठभूमि

  • बताया जा रहा है कि ब्रिटेन के गृह सचिव को माल्‍या के प्रत्‍यर्पण के कागज पर 28 दिन में हस्‍ताक्षर करना होगा। इसके बाद ब्रिटेन का गृह विभाग भारत के अफसरों के साथ माल्‍या के प्रत्‍यर्पण के बारे में समन्‍वय करेगा। बता दें कि ब्रिटेन के हाई कोर्ट ने पिछले महीने विजय माल्‍या की प्रत्‍यर्पण के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया था।
  • गौरतलब है कि भगोड़े कारोबारी माल्या पर करीब 9,000 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी का आरोप है। माल्या को भारत में भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका है। उनको भारत की एजेंसियां काफी समय से तलाश कर रही हैं। वह काफी समय में लंदन में है। इस महीने की शुरुआत में शराब कारोबारी ने ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट में भारत में प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी। वह अर्जी भी खारिज हो गई है। इससे पहले लंदन आई कोर्ट में उसकी याचिका खारिज हो गई थी। लंदन की एक अदालत ने लोन न चुकाने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश सुनाया था।

:: राजव्यवस्था ::

सूचना का अधिकार (RTI)

  • केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) 15.05.2020 से संघ शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के आवेदकों के सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत आवेदनों की सुनवाई शुरू करेगा। इससे यहाँ के नागरिकों को नामित अधिकारियों के समक्ष पहली अपील और सीआईसी के समक्ष दूसरी अपील की सुविधा प्राप्त होगी जो ऑनलाइन भी होंगी।
  • आपको बता दे अब भारत का कोपई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से संबंधित मामलों के लिए आरटीआई दायर कर सकता है, जो पुनर्गठन अधिनियम, 2019 से पहले केवल जम्मू और कश्मीर के नागरिकों के लिए आरक्षित था।

क्या है आरटीआई क़ानून?

आरटीआई एक्ट, 2005 भारत सरकार का एक क़ानून है, जिसका मक़सद नागरिकों को सूचना का अधिकार उपलब्ध करना है। DoPT और केंद्रीय सूचना आयोग सूचना के अधिकार का नोडल विभाग है।

  • इस क़ानून के तहत भारत का कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी अथॉरिटी से सूचना माँग सकता है जिसे 30 दिनों के भीतर जानकारी उपलब्ध करानी होती है।
  • जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ी सूचना को 48 घंटे के भीतर ही उपलब्ध करना होता है।
  • सूचना न पाने जैसी स्थिति में स्थानीय से लेकर राज्य और केंद्रीय सूचना आयोग में अपील की जा सकती है।
  • अगर कोई ऐसी सूचना मांगी गई हो जिससे देश की संप्रभुता, एकता और अखण्डता पर गलत असर पड़े, तो ऐसे में सूचना देने से इनकार किया जा सकता है।

आरटीआई क़ानून को लागू कराने के लिए मशीनरी

आरटीआई क़ानून के तहत केंद्र स्तर पर एक केंद्रीय सूचना आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है।

  • इसमें एक मुख्य सूचना आयुक्त और 10 या 10 से कम सूचना आयुक्त होंगें जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होगी।
  • इसी तर्ज़ पर, राज्य स्तर पर भी एक राज्य सूचना आयोग की व्यवस्था की गई है।
  • इसका विस्तार सभी संवैधानिक संस्थाएँ और संसद या राज्य विधानसभा तक हैं।

सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2019

संसद ने सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2019 को अपनी मंज़ूरी दे दी। इस विधेयक के ज़रिए आरटीआइ क़ानून 2005 के सेक्शन 13, 16 और 27 में बदलाव किया है। मुख्य सूचना आयुक्त समेत दूसरे सूचना आयुक्तों का कार्यकाल जो पहले 5 सालों (या 65 साल की उम्र तक) था इसमें बदलाव करके मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का कार्यकाल केंद्र सरकार द्वारा तय करना निर्धारित किया गया है।

  • केंद्र और राज्य स्तर पर मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के वेतन, भत्ते तथा अन्य रोज़गार की शर्तें भी केंद्र सरकार द्वारा ही तय की जाएंगी।
  • पहले की भांति मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त पद पर नियुक्त होते समय उम्मीदवार की पेंशन या सेवानिवृत्ति लाभ को उनके वेतन से घटाया नहीं जायेगा।

श्रम कानूनों में बदलाव पर श्रम संसदीय समिति का रुख

  • देशभर में लगे लॉकडाउन के दौरान कई राज्य सरकारों ने श्रम कानूनों में बदलाव किए हैं। ऐसे में अब इसको लेकर श्रम संसदीय समिति सचेत हो गई है। संसद की श्रम मामलों की स्थायी समिति ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से श्रम कानूनों के कमजोर किए जाने को लेकर जवाब मांगा है।
  • समिति के अध्यक्ष भर्तुहरि महताब ने कहा कि श्रमिकों का शेषण करके उधोगों को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता है।उत्तर प्रदेश के अलावा कई राज्यों से जवाब मांग गया है। इसमें भाजपा शासित राज्य मध्य प्रदेश, गोवा, हिमाचल प्रदेश और असम शामिल है। इसके साथ ही कांग्रेस शासित राज्य को भी इस लिस्ट में शामिल हैं। कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान और पंजाब से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
  • कांग्रेस और भाजपा शासित प्रदेश के अलावा बीजू जनता दल शासित सरकार ओडिशा से भी जवाब मांगा गया है।
  • देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में आर्थिक गतिविधियों को बेहतर करने के लिए श्रम कानूनों में बदलाव किया था, जिसमें मजदूरों के लिए काम करने की समय-सीमा बढ़ाई गई थी।

:: अर्थव्यवस्था ::

लॉकडाउन के कारण डेयरी क्षेत्र के लिए कार्यशील पूंजी ऋण पर ब्याज में छूट

  • डेयरी क्षेत्र पर कोविड-19 के आर्थिक प्रभावों की भरपाई करने के लिए मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने एक नई योजना "डेयरी क्षेत्र के लिए कार्यशील पूंजी ऋण पर ब्याज में छूट" की शुरुआत की है। योजना के तहत 2020-21 के दौरान डेयरी सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों (एसडीसी और एफपीओ) को सहायता प्रदान की जायेगी।

योजना के मुख्य बिंदु

  • इस योजना में 2 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज में छूट देने का प्रावधान किया गया है। यदि शीघ्र और समय पर पुनर्भुगतान / ब्याज की अदायगी की जाती है तो ऐसे मामले में ब्याज में 2 प्रतिशत प्रति वर्ष के अतिरिक्त छूट का भी प्रावधान है।
  • इससे अधिशेष दूध के उपयोग के लिए कार्यशील पूंजी संकट को कम करने और किसानों को समय पर भुगतान करने में मदद मिलेगी। इस योजना को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी), आनंद के माध्यम से इस विभाग द्वारा लागू किया जाएगा।
  • संशोधित योजना में 2020-21 के दौरान "डेयरी क्षेत्र के लिए कार्यशील पूंजी ऋण पर ब्याज में छूट" घटक के लिए 100 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान की परिकल्पना की गयी है। इस योजना के निम्नलिखित लाभ हैं:
  1. इससे दूध उत्पादकों को स्थिर बाजार की सुविधा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
  2. उत्पादन स्वामित्व वाले संस्थान समय पर दूध उत्पादकों को बिल का भुगतान करने में सक्षम होंगे।
  3. इससे उचित मूल्य पर उपभोक्ताओं को गुणवत्ता वाले दूध और दूध उत्पादों की आपूर्ति करने में उत्पादक स्वामित्व वाले संस्थानों को मदद मिलेगी। यह संरक्षित डेयरी वस्तुओं और अन्य दूध उत्पादों के घरेलू बाजार के मूल्य को स्थिर करने में भी मदद करेगा।
  4. दुग्ध उत्पादकों के लिए डेयरी संचालन को लाभकारी बनाने के साथ-साथ फ्लश सीजन के दौरान भी किसानों की आय में निरंतर वृद्धि। इससे आयातित वस्तुओं पर निर्भरता में कमी आयेगी, जिससे दूध और दूध उत्पादों की घरेलू कीमतों को स्थिर करने में मदद मिलेगी।

राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड

  • राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड, की स्थापना 1965 में भारतीय संसद के एक अधिनियम द्वारा की गयी थी एवं यह एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। इसका मुख्यालय गुजरात के आनन्द शहर में है तथा क्षेत्रीय कार्यालय देश के विभिन्न नगरों में फैले हुए हैं।

रेहड़ी, ठेले वालों को की स्पेशल क्रेडिट फैसिलिटी

  • कोरोना लॉकडाउन के कारण रेहड़ी, पटरी और ठेला लगाने वालों की आजीविका पूरी तरह ठप हो गई है। ऐसे लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने 5,000 करोड़ रुपए की स्पेशल क्रेडिट फैसिलिटी दी है। इससे इन लोगों को फिर से अपना कामकाज शुरू करने के लिए 10 हजार रुपए तक का लोन मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे 50 लाख रेहड़ी, पटरी और ठेला लगाने वालों को फायदा होगा।

पृष्ठभूमि

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था को कोरोना की मार से उबारने के लिए 20 लाख करोड़ रुपए के महापैकेज की घोषणा की थी। इसी के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रेहड़ी, पटरी और ठेला लगाने वालों के लिए 5,000 करोड़ रुपए की स्पेशल क्रेडिट फैसिलिटी की घोषणा की।

क्या होगी विशेषता?

  • सीतारमण ने कहा कि रेहड़ी, पटरी और ठेला लगाने वालों को आसान ऋण देने के लिए सरकार एक महीने के भीतर एक विशेष योजना शुरू करेगी। इसके तहत 10,000 रुपए तक की शुरुआती वर्किंग कैपिटल दी जाएगी।
  • डिजिटल पेमेंट करने वालों को प्रोत्साहन दिया जाएगा और समय पर ऋण का भुगतान करने वालों के लिए वर्किंग कैपिटल क्रेडिट की सीमा बढ़ाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस योजना के तहत 5,000 करोड़ रुपए की नकदी मुहैया कराई जाएगी और इससे करीब 50 लाख रेहड़ी, पटरी और ठेले वालों को फायदा होगा।
  • कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए सरकार ने 25 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन शुरू किया था। इसके तहत मार्केट को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इससे रेहड़ी, पटरी और ठेले वालों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। लॉकडाउन को दो बार बढ़ाया जा चुका है और लॉकडाउन 3 की मियाद 17 मई को खत्म हो रही है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

कोविड-19 की जांच की सीओबीएएस 6800 मशीन

  • केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) का दौरा किया और सीओबीएएस 6800 मशीन राष्ट्र को समर्पित की। यह ऐसी पहली जांच मशीन है जिसे सरकार ने कोविड-19 के मामलों की जांच के लिए खरीदा है और इसे राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र में संस्थापित किया गया हे।
  • ‘एनसीडीसी अब कोविड-19 के परीक्षण के लिए एक पूरी तरह आटोमेटेड, रियल टाइम पीसीआर निष्पादन के लिए हाई एंड मशीन सीओबीएएस 6800 से सुसज्जित हो गया है जिसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया है। सीओबीएएस 6800 24 घंटों में लगभग 1200 नमूनों के हाई थौरोपुट टेस्ट के साथ एक गुणवत्तापूर्ण, हाई वॉल्यूम परीक्षण उपलब्ध कराएगी। यह विचाराधीनता में कमी लाने के साथ जांच क्षमता में व्यापक वृद्धि करेगी।’

क्या है सीओबीएएस 6800 की विशेषता

  • सीओबीएएस 6800 रोबोटिक्स इनेबल्ड एक अत्याधुनिक मशीन है जो संदूषण के अवसरों तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को संक्रमण के जोखिम को न्यूनतम करता है क्यांकि इसे सीमित मानव अंतःक्षेपों के साथ दूर से प्रचालित किया जा सकता है।
  • चूंकि मशीन को जांच के लिए एक न्यूनतम बीएसएल2प्लस नियंत्रण स्तर की आवश्यकता होती है, इसे किसी भी अन्य फैसिलिटी के साथ प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता।
  • सीओबीएएस 6800 वायरल हेपाटाइटिस बी एवं सी, एचआईवी, एमटीबी (रिफैमपिसिन एवं आइसोनियाजाइड रेसिस्टैंस), पैपिलोमा, सीएमवी, क्लैमाइडिया, नैसेरेईया आदि अन्य पैथोजेन का भी पता लगा सकता है।

मैलवेयर “इवन बॉट”

  • भारतीय कंप्यूटर प्रतिक्रिया आपदा दल (सीईआरटी-आईएन) ने ताजा परामर्श जारी कर बताया है कि व्यक्तिगत सूचनाएं चुराने वाले “इवेंटबॉट” नामक मैलवेयर से भारत में एंड्रायड फोन का प्रयोग करने वाले प्रभावित हो सकते हैं। सीईआरटी-आईएन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यह ट्रोजन वायरस अवैध रूप से सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने वाली वेबसाइट के माध्यम से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, अडोब फ्लैश और अन्य वैध सॉफ्टवेयर का रूप धर कर फोन में घुस सकता है।

क्या होता है ट्रोजन?

  • ट्रोजन एक प्रकार का वायरस या मैलवेयर होता है जो चुपके से कंप्यूटर या मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम पर हमला करता है और पीड़ित जान भी नहीं पाता।

कैसे कार्य करता है “इवेंटबॉट?

  • सीईआरटी-आईएन की ओर से जारी परामर्श में कहा गया, “इवेंटबॉट नामक एक नया एंड्रायड मोबाइल मैलवेयर फैल रहा है। यह मोबाइल बैंकिंग ट्रोजन है जो सूचनाएं चुराता है। यह एंड्रायड फोन के वित्तीय एप्प से उपभोक्ता की जानकारी चुरा लेता है, एसएमएस संदेश पढ़ लेता है।”

क्या है बचाव के तरीके?

  • परामर्श में कहा गया कि “इवेंटबॉट” दो सौ वित्तीय एप्प को निशाना बना सकता है जिनमें बैंकिंग एप्प, पैसा भेजने वाली सेवाएं इत्यादि शामिल हैं। सीईआरटीआईएन ने कहा कि यह वायरस पेपाल बिजनेस, रेवोलुत, बार्कलेज, युनिक्रेडिट, कैपिटल वन यूके, एचएसबीसी यूके, ट्रांसफरवाइज, कॉइनबेस, पेसेफकार्ड इत्यादि को निशाना बना सकता है।
  • इवेंटबॉट अभी गूगल प्लेस्टोर पर नहीं आया है लेकिन यह किसी वास्तविक सॉफ्टवेयर का रूप धर कर मोबाइल फोन में घुस सकता है। साइबर सुरक्षा एजेंसी ने वायरस से बचने के उपाय भी बताए हैं।
  • परामर्श के अनुसार अज्ञात और अविश्वसनीय स्रोत से मोबाइल के एप्प डाउनलोड न करें, एंटी वायरस का प्रयोग करें और गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के पहले भी सॉफ्टवेयर की जानकारी अच्छी तरह पढ़ लें।

क्या है संघीय साइबर एजेंसी सीईआरटी-इन

  • CERT-In साइबर सुरक्षा के लिए एक नोडल एजेंसी है, यह इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन सूचना व प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्य करती है। इसकी स्थापना वर्ष 2004 में की गयी थी। इसका कार्य हैकिंग से भारतीय साइबरस्पेस व सॉफ्टवेर इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा करना है। यह साइबर हमलों के मामले में त्वरित कारवाई करता है। यह देश में सूचना व प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए

:: विविध ::

#होमटीमहीरो आनलाइन चैलेंज

  • खेल पोशाक बनाने वाली दिग्गज कंपनी एडिडास ने गुरुवार को #होमटीमहीरो चैलेंज शुरू किया जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कोविड-19 कोष में मदद और एकजुट होने के इरादे से खिलाड़ियों के लिए एक आभासी खेल प्रतियोगिता है।यह प्रतियोगिता दुनिया भर में 29 मई से सात जून तक चलेगी और एडिडास प्रत्येक एक घंटे की ट्रैक की गई गतिविधि के लिए डब्ल्यूएचओ के कोविड-19 कोष में एक डॉलर देगा। कंपनी को 10 लाख घंटे का लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद है।
  • इस चैलेंज में ग्रेमिन, ज्विफ्ट, पोलर और सुंटो जैसी गतिविधि ट्रैक करने वाली कई ऐप सहयोग कर रही हैं। क्रिकेटर रोहित शर्मा, धाविका हिमा दास, मुक्केबाज निकहत जरीन और सिमरनजीत कौर जैसे भारत के शीर्ष खिलाड़ियों ने भी इस चैलेंज के लिए वर्कआउट चुने हैं।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में चर्चा में रहे ‘दोंगशा द्वीप समूह’ किस महासागर/सागर में स्थित है एवं इस पर किस देश का आधिपत्य है? (दक्षिण चीन सागर, ताइवान)
  • सरकार के द्वारा (MSME)की नई परिभाषा में निवेश के संदर्भ में सूक्ष्म, लघु, और मध्यम उद्योग का विभाजन की सीमा क्या है? (क्रमशः1 करोड़ रुपए से कम, 10 करोड़ रुपए से कम,20 करोड़ रुपए से कम)
  • राज्यों के द्वारा श्रम कानूनों के अस्थाई निलंबन पर प्रक्रिया से चर्चा में रहे श्रम संसदीय समिति के अध्यक्ष कौन है? (भर्तुहरि महताब)
  • हाल ही में चर्चा में रहे “इवेंटबॉट” क्या है एवं यह क्या कार्य करता है? (एक मैलवेयर, यूजर की व्यक्तिगत सूचनाओं की चोरी)
  • भारतीय यूजर्स को मैलवेयर से आगाह करने के कारण चर्चा में रही CERT-In क्या है एवं इसकी स्थापना कब की गई थी? (भारत की केंद्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी, 2004)
  • जम्मू कश्मीर में लागू होने से चर्चा में रहे RTI कानून को कब लाया गया था एवं केंद्रीय मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति कौन करता है? (2005, राष्ट्रपति)
  • चर्चा में रहे ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म समर्थ (SAMARTH) को किस क्षेत्र के विनियमन हेतु लांच किया गया है? (उच्च शिक्षा)
  • हाल ही में देश को समर्पित किए जाने से चर्चा में रहे COBAS 6800 क्या है? (कोविड-19 की बल्क टेस्टिंग मशीन)
  • “ इंटरेस्ट सब्वेंशन ऑन वर्किंग कैपिटल लोन फॉर डेरी सेक्टर” स्कीम से चर्चा में रहे राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड की स्थापना कब हुई एवं इसका मुख्यालय कहां है? (1965, आनंद गुजरात)
  • राष्ट्रमंडल/कामनवेल्थ स्वास्थ्य मंत्रियों की 32 में मीटिंग से चर्चा में रहे राष्ट्रमंडल में कुल कितने राष्ट्र हैं एवं इसका मुख्यालय कहां स्थित है? (54 देश, लंदन ब्रिटेन)
  • किस वैश्विक कंपनी के द्वारा कोविड-19 से लड़ाई हेतु विश्व स्वास्थ्य संगठन की मदद हेतु #होमटीमहीरो चैलेंज वर्चुअल गेम शुरू किया गया है? (एडिडास)
  • हाल ही में जारी हुए थोक मूल्य सूचकांक का आधार वर्ष कितना है एवं इस सूचकांक में सर्वाधिक भारत किस मद का है? (2011-12, विनिर्मित उत्पाद)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

<< मुख्य पृष्ठ पर वापस जाने के लिये यहां क्लिक करें