(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (15 जून 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (15 जून 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

महानदी में डूबा 500 साल पुराना मंदिर मिला

  • ओडिशा स्थित महानदी में डूबा एक पांच सौ साल पुराना मंदिर मिला है। ओडिशा में इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट ऐंड कल्चर हेरिटेज (इनटैक) के परियोजना समन्वयक अनिल धीर ने बताया कि 60 फीट ऊंचा मंदिर माना जा रहा है कि करीब 500 साल पुराना है और हाल में परियोजना के तहत इसका पता लगाया गया।मंदिर कटक के पद्मावती इलाके के बैदेश्वर के नजदीक बीच नदी में मिला है। मस्तक की निर्माण शैली और मंदिर को बनाने में इस्तेमाल सामग्री से प्रतीत होता है कि 15 वीं या 16वीं सदी के शुरुआत में इसका निर्माण किया गया है। यह मंदिर गोपीनाथ देव को समर्पित है। प्राचीन काल में इस इलाके को ‘सप्तपाटन’ के नाम से जाना जाता था।

पृष्ठभूमि

  • इंटैक ओडिशा ने अपनी परियोजना के तहत महानदी घाटी स्थित विरासतों के दस्तावेजीकरण का काम पिछले साल शुरू किया था। इंटैक ने दस्तावेजीकरण परियोजना के तहत महानदी में मौजूद 65 प्राचीन मंदिरों का पता लगाया है। इनमें से कई मंदिर हीराकुंड जलाश्य में हैं जिन्हें वहां से हटा कर उनका पुर्निर्माण किया जा सकता है।

दारबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी सड़क

  • जहां एक ओर पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच एलएसी पर विवाद जारी है। वहीं दूसरी ओर भारत ने सीमा पर सड़क निर्माण का कार्य जारी रखा है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक 255 किलोमीटर लंबे दारबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी सड़क का निर्माण संपन्न कर लिया जाएगा।

सड़क से जुड़ें महत्वपूर्ण तथ्य

  • दारबुक-श्‍योक-दौलत बेग ओल्‍डी रोड को सब सेक्‍टर नॉर्थ रोड भी कहा जाता है। यह सड़क हर मौसम में सेना के काम आ सकती है और इसलिए ही इसे ऑल वेदर रोड भी कहते हैं। चीन से सटी लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) के एकदम करीब इस सड़क के जरिए लद्दाख की राजधानी लेह, दक्षिण में स्थित दारबुक और श्‍योक गांव से हर पल जुड़ी रहती है। दारबुक गांव, चीन बॉर्डर का आखिरी गांव है और 14,000 फीट की ऊंचाई पर है।
  • इस सड़क का निर्माण करीब दो दशक से जारी है। 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 255 किलोमीटर लंबे दारबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी सड़क में कुल 8 पुल बनने हैं। इस सड़क के बन जाने से लेह और दौलत बेग ओल्डी के बीच की दूरी महज 6 घंटे में पूरी हो सकती है। सेना की उत्तरी कमान, सीमा सड़क संगठन और सेना की 81 वीं ब्रिगेड की देखरेख में इस सड़क के निर्माण का कार्य चल रहा है। यह सड़क सभी मौसमों में काम आएगी और इस पर से बर्फ हटाने की खास व्यवस्था की जा रही है।

मेदिगड्डा बैराज

चर्चा में क्यों?

  • महाराष्ट्र सरकार ने पड़ोसी तेलंगाना में मेदिगड्डा बैराज के कारण राज्य में भूमि जलमग्न हो जाने से पैदा हुई समस्याओं का अध्ययन करने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है।

पृष्ठभूमि

  • महाराष्ट्र और तेलंगाना राज्यों ने अगस्त 2016 में अंतर-राज्यीय सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।इस परियोजना के लिए पूर्वी महाराष्ट्र में गड़चिरौली जिले के सिरोंचा इलाके में जमीन का अधिग्रहण किया गया। पिछले साल तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने एक कार्यक्रम में इस बैराज का उद्घाटन किया था। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए थे।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

कोरोना पर UN द्वारा गलत सूचना पर वैश्विक कार्रवाई का आह्वान

  • संयुक्त राष्ट्र में भारत और 12 अन्य देशों ने कोरोना पर गलत सूचना से निपटने के लिए तथ्य आधारित सामग्री का प्रचार करने के मकसद से एक पहल की अगुआई की है। कोरोना से संबंधित भ्रामक सूचना से निपटने के लिए 130 से अधिक देश इस पहल का समर्थन कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया, चिली, फ्रांस, जॉर्जिया, भारत, इंडोनेशिया, लाटविया, लेबनान, मॉरीशस, मैक्सिको, नॉर्वे, सेनेगल और दक्षिण अफ्रीका की इस पहल पर कुल 132 सदस्य देशों ने भ्रामक सूचना या तोड़ मरोड़कर दी गई सूचना से निपटने का समर्थन किया है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने कहा कि कोरोना से निपटने के अलावा नफरत फैलाने वाले भाषणों एवं साजिशों, हानिकारक स्वास्थ्य सलाहों और भ्रामक सूचना का खतरनाक विस्फोट भी दिखाई दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र संचार प्रतिक्रिया पहल 'हैशटैगवेरिफाइड' का समर्थन करता है और कोरोना के दौर में गलत सूचना से निपटने के लिए वैश्विक कार्रवाई का आह्वान करता है।
  • इन 13 देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि कोविड-19 स्वास्थ्य संकट के दौर में गलत सूचना फैलाना मानव स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकता है। अन्य नकारात्मक परिणामों के साथ ही कोरोना ने ऐसी परिस्थितियां पैदा की हैं, जिसमें हिंसा भड़काने और समुदायों को विभाजित करने के लिए भ्रामक सूचनाएं, फर्जी खबरें उनसे जुड़े वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। बयान में कहा गया है, 'हम महामारी से संबंधित झूठी सूचना को जानबूझकर प्रसारित करने से हुए नुकसान से भी काफी चिंतित हैं।'

:: राजव्यवस्था ::

उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम1991

चर्चा में क्यों?

  • अयोध्या में राम जन्मभूमि के अलावा अन्य विवादित धर्म स्थलों पर दावे के लिये वाद का रास्ता खोलने की एक हिंदू संगठन की कोशिश का विरोध करने के लिये एक मुस्लिम संगठन ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने एक हिंदू संगठन द्वारा दायर उस याचिका का विरोध किया है, जिसके तहत 1991 के एक कानून के प्रावधान को चुनौती दी गई है, जो पवित्र धार्मिक ढांचों की ‘‘धार्मिक विशेषता’’ को 15 अगस्त 1947 की स्थिति के मुताबिक रखने की व्यवस्था करता है।

पृष्ठभूमि

  • एक हिंदू संस्था ने 1991 के एक कानून को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है, जिसमें अयोध्या में राम जन्मभूमि को छोड़कर अन्य पवित्र स्थलों का धार्मिक चरित्र वैसा ही बनाए रखने का प्रावधान है, जैसा कि वह 15 अगस्त, 1947 को था। विश्व भद्र पुजारी पुरोहित महासंघ ने याचिका दायर कर उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 की धारा चार को चुनौती दी है।

क्या है उपासना स्थल अधिनियम, 1991

  • उपासना स्थल अधिनियम, 1991 एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण अधिनियम है। इसमें वर्तमान में केवल 7 धाराएं हैं, मूल रूप से 8 धाराएं थी, लेकिन धारा 8 को 2001 में एक संशोधन द्वारा रद्द कर दिया गया था।
  • इस विधि की प्रस्तावना इसकी आत्मा और उद्देश्य को स्पष्ट कर देती है, जो कि इस प्रकार है "एक अधिनियम जो धार्मिक स्थलों के परिवर्तन को निषिद्ध करता है और ऐसे धार्मिक स्थल जैसे वो 15 अगस्त 1947 को थे उनको उसी रूप में संरक्षित करता है।"
  • अधिनियम में प्रवर्तन की तिथि पूर्ववर्ती है, क्योंकि राष्ट्रपति ने अधिनियम पर अपने हस्ताक्षर 18 सितंबर 1991 को किए लेकिन प्रवर्तन की तिथि 11 जुलाई 1991 बताई गई है।
  • वर्ष 1991 का यह कानून किसी मंदिर को मस्जिद में तब्दील करने या किसी मस्जिद को मंदिर में बदलने से रोकता है।

:: अर्थव्यवस्था ::

इंडियन गैस एक्सचेंज (आईजीएक्स)

चर्चा में क्यों?

  • भारत को सोमवार को अपना पहला प्राकृतिक गैस कारोबार मंच उपलब्ध हो जायेगा। इससे पारदर्शी मांग-आपूर्ति मिलान के जरिये गैस के स्थानीय बाजार मूल्य की खोज करने में मदद मिलेगी। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इंडियन गैस एक्सचेंज (आईजीएक्स) का शुभारंभ करेंगे जिससे प्राकृतिक गैस का व्यापार शुरू हो सकेगा।

इंडियन गैस एक्सचेंज (आईजीएक्स)क्या है?

  • आईजीएक्स देश का पहला ऑटोमेटेड राष्ट्रीय स्तर का कारोबारी मंच है जिसके जरिये एक दक्ष गैस बाजार को आगे बढ़ाने और देश में गैस के व्यापार में मदद मिलेगी। इस मंच में बड़ी संख्या में क्रेता-विक्रेता प्राधिकृत केंद्रों में हाजिर और वायदा अनुबंध मं कारोबार करेंगे। आईजीएक्स पर हुए अनुबंधों की अनिवार्य डिलिवरी जरूरी होगी। सौदे के निपटान के लिए शर्त यह है कि इस तरह के अनुबंधों को हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा।
  • आईजीएक्स के जरिये दक्ष और प्रतिस्पर्धी गैस मूल्य खोजा जा सकेगा। एक और प्रमुख उद्देश्य बाजार की समग्रता को बचाना है। शुरुआत में इसका व्यापार गुजरात के दाहेज और हजीरा और आंध्र प्रदेश के ओडुरु-काकीनाड़ा के भौतिक केंद्रों (फिजिकल हब) में होगा। आगे चलकर इसके लिए नए केंद्र बनाए जाएंगे। कीमत की खोज के लिए एक्सचेंज क्रेता-विक्रेताओं से समयसीमा में बोलियां मंगाएगा, जिस पर मूल्य खोज तंत्र काम करेगा। एक्सचेंज में छह बाजार उत्पादों... अगले दिन, दैनिक, साप्ताहिक, सप्ताह के दिन, 15 दिन और मासिक की पेशकश की जाएगी।

नेफेड (NAFED)

  • नेफेड ने सरकार की ओर से बफर स्टॉक बनाने के लिए उसने अब तक 25,000 टन प्याज खरीदा है। ये खरीद किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), सहकारी समितियों और प्रत्यक्ष खरीद केंद्रों से प्रचलित दरों पर की गई। पिछले साल, नेफेड ने 2018-19 रबी (सर्दियों) की फसल से कुल 57,000 टन प्याज खरीदा था। नेफेड ने कहा कि इस बार प्रमुख उत्पादक राज्यों से एक लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य है।

क्या है नेफेड (NAFED) ?

  • नेफेड (NAFED) की स्थापना 1958, कृषि उत्पादों के सहकारी विपणन हेतु गई थी।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेश

चर्चा में क्यों?

  • दुनिया के उभरते बाजारों में नकदी की बेहतर स्थिति के चलते पूंजी प्रवाह बढ़ने के साथ विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय पूंजी बाजारों में जून में अब तक शुद्ध रूप से 20,574 करोड़ रुपये की पूंजी डाली है।
  • ताजा डिपोजिटरी आंकड़ों के अनुसार एक जून से 12 जून के बीच एफपीआई ने शेयर बाजारों में 22,840 करोड़ रुपये की पूंजी डाली। वहीं बांड खंड से 2,266 करोड़ रुपये की पूंजी निकाली गई। इस प्रकार, शुद्ध रूप से 20,574 करोड़ रुपये का पूंजी प्रवाह हुआ।
  • इससे पहले, एफपीआई लगातार तीन महीने शुद्ध बिकवाल बने रहे। उन्होंने मई में 7,366 करोड़ रुपये, अप्रैल में 15,403 करोड़ रुपये और मार्च में रिकार्ड 1.1 लाख करोड़ रुपये की निकासी की थी।

क्या है विदेशी पोर्टफोलियो निवेश-FPI?

  • जब विदेशी निवेशक शेयर बाजार में सूचीबद्ध भारतीय कंपनी के शेयर खरीदकर 10 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी खरीदता है, तो उसे FPI कहते हैं। यह निवेश शेयरों और बांड के रूप में होता है। वैसे जब कोई विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक दस प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी खरीद लेता है तो उसे फिर एफडीआइ ही माना जाता है। विदेश पोर्टफोलियो निवेश आम तौर पर अल्पावधि के लिए होता है। यह परोक्ष निवेश होता है। एक पोर्टफोलियो निवेशक अपने फायदे और नुकसान को देखते हुए अचानक भारतीय कंपनी के शेयर या बांड बेचकर यहां से निकल सकता है। इसलिए इसे धन सृजन के रूप में भी जानते हैं। परोक्ष निवेश की इस श्रेणी में एफआइआइ (विदेशी संस्थागत निवेशक) भी आते हैं।

भारतीय कंपनियों का विदेशी कर्ज अप्रैल में 68 प्रतिशत घटा

  • भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशों से लिया गया कर्ज अप्रैल में 68.5 प्रतिशत घटकर 99.6 करोड़ अमरीकी डॉलर रह गया। पिछले वित्त वर्ष में इस महीने में भारतीय कंपनियों ने विदेशी बाजार से 3.16 अरब डॉलर जुटाए थे। दूसरी ओर अप्रैल 2020 में रुपये के मूल्य वाले बॉन्ड (आरडीबी) या मसाला बॉन्ड के जरिए कोई धनराशि नहीं उठाई गई, जबकि एक साल पहले इसी महीने में आरडीबी के जरिए 304,462 डालर उधार लिए गए थे। इस साल अप्रैल में विदेशी बाजार से लिए गए कुल उधार में वाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के स्वचालित मार्ग के जरिए 69.60 करोड़ डॉलर जुटाए गए। ऊर्जा क्षेत्र में वित्तीय सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनी आरईसी ने ईसीबी के अनुमोदन मार्ग के जरिए 30 करोड़ डॉलर जुटाए।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

अमीबायसिस

चर्चा में क्यों?

  • जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के शोधकर्ताओं की एक टीम ने अमीबायसिस की वजह बने प्रोटोजोआ के खिलाफ नई दवा के अणु विकसित किए हैं।

अमीबायसिस के बारे में

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, एंटामोइबा हिस्टोलिटिका मनुष्यों में परजीवी बीमारी के कारण रुग्णता (अस्वस्थता) और मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण है। इससे अमीबायसिस या अमीबा पेचिश होता है जो विकासशील देशों में आम तौर पर प्रचलन में हैं।
  • यह प्रोटोजोआ प्रकृति में अवायवीय या कम हवा में जीवित रहने वाला है, जो ऑक्सीजन की अधिकता में जीवित नहीं रह सकता है। हालांकि, संक्रमण के दौरान यह मानव शरीर के अंदर ऑक्सीजन की तेज बढ़ोतरी का सामना करता है। यह जीव ऑक्सीजन की अधिकता से उत्पन्न तनाव का मुकाबला करने के लिए बड़ी मात्रा में सिस्टीन का निर्माण करता है।

अध्यनन की विशेषता

  • यह प्रोटोजोआ रोगाणु सिस्टीन को ऑक्सीजन के उच्च स्तर के खिलाफ अपने रक्षा तंत्र में आवश्यक अणुओं में से एक के रूप में तैनात करता है। एंटामोइबा सिस्टीन को संश्लेषित करने के लिए दो महत्वपूर्ण एंजाइमों का इस्तेमाल करता है।
  • जेएनयू के शोधकर्ताओं ने इन दोनों अहम एंजाइमों की आणविक संरचनाओं की विशेषता बताई और उन्हें निर्धारित किया है। दोनों एंजाइमों में से एक ओ-एसिटाइल एल-सेरीन सल्फहाइड्रिलेज (ओएएसएस) के संभावित अवरोधकों की सफलतापूर्वक जांच की है। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ अवरोधक अपनी पूरी क्षमता से इस जीव के विकास को रोक सकते हैं।
  • सिस्टीन बायोसिंथेसिस ई. हिस्टोलिटिका के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है और यह समान प्रोटोजोआ परजीवी हो सकता है। उनका रास्ता बाधित करते हुए उन्हें साधा जा सकता है।

:: विविध ::

इसरो साइबरस्पेस प्रतियोगिता (आईसीसी)-2020

  • इसरो साइबरस्पेस प्रतियोगिता (आईसीसी)-2020 नामक इस पहल के अंतर्गत स्कूली छात्रों के लिए चार वर्गों में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर केंद्रित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
  • इन प्रतियोगिताओं के पहले वर्ग में पहली से तीसरी कक्षा के छात्रों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। दूसरे वर्ग में चौथी से आठवीं कक्षा के छात्र विज्ञान शिल्प या मॉडल्स में अपने हाथ आजमा सकते हैं। इसी तरह, नौवीं और दसवीं के छात्रों को निबंध प्रतियोगिता में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। जबकि, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के छात्र निबंध लेखन के साथ-साथ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भी हिस्सा ले सकते हैं।

औषधीय और सुगंधित पौधों पर फोटोग्राफी प्रतियोगिता

  • औषधीय और सुगंधित पौधों ने हमेशा से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। इनमें से कुछ पौधे अविश्वसनीय रूप से सुंदर होते हैं जबकि कुछ विशेष स्थानों पर ही पाए जाते हैं। मानव और पशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए उनके महत्त्व व मूल्य कोलोगों की स्वीकार्यता मिली है। लेकिन बहुत से लोग इन पौधों में से अधिकांश की उपयोगिता और औषधीय महत्व से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। इन पौधों की उपयोगिता के बारे में जागरूकता पैदा करने के प्रयास के तहत, केंद्रीय औषधीय और सुगंध पौधा संस्थान (सीआईएमएपी) ने औषधीय और सुगंधित पौधों पर एक फोटोग्राफी प्रतियोगिता की घोषणा की है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से, सीआईएमएपीइन औषधीय पौधों के संरक्षण का संदेश भी देना चाहता है।
  • प्रतियोगिता का विषय है – ‘अपने औषधीय और सुगंधित पौधे (एमएपी) को जानें।’पहले, दूसरे और तीसरे स्थान के विजेताओं को नकद पुरस्कार के रूप में क्रमशः 5000 रुपये,3000रुपयेऔर 2000रुपये दिए जायेंगे। इसके अलावा,1000 रुपये प्रत्येकके 10 सांत्वना पुरस्कार भी होंगे।

विश्व रक्तदाता दिवस: 14 जून

  • प्रतिवर्ष 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस (WBDD) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्यस्वैच्छिक, अवैतनिक रक्तदान के उपहार से जीवन बचाने वालों लोगों का आभार प्रकट करना एव ज़रूरतमंद रोगियों के लिए रक्त और रक्त उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रक्तदान की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
  • इस वर्ष विश्व रक्तदाता दिवस की कैंपेन थीम “Safe blood saves lives” है एवं इसके साथ कैंपेन स्लोगन “Give blood and make the world a healthier place” है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही ओडिशा के इंटैक परियोजना के तहत किस नदी में प्राचीन काल के ‘सप्तपाटन’ नामक क्षेत्र से गोपीनाथ देव को समर्पित मंदिर की प्राप्ति हुई है? (महानदी)
  • प्राकृतिक गैस क्षेत्र में हाजिर और वायदा बाजार को समर्पित देश के प्रथम ऑटोमेटेड राष्ट्रीय एक्सचेंज को किस नाम से प्रारंभ किया जाएगा? (इंडियन गैस एक्सचेंज-आईजीएक्स)
  • हाल ही में प्याज के अग्रिम बफर स्टॉक के निर्माण से चर्चा में रही नेफेड(NAFED) की स्थापना कब एवं किस उद्देश्य हेतु की गई थी? (1958, कृषि उत्पादों के सहकारी विपणन हेतु)
  • HEPA (हाई एफिशेंसी पर्टिकुलेट एयर) फिल्टर के प्रयोग से हाई क्वालिटी मास्क को बनाने से चर्चा में रहे ‘भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर’ कहां स्थित है? (मुंबई)
  • जेएनयू द्वारा नई दवा के अणु की खोज से चर्चा में रहे एंटामोइबा हिस्टोलिटिका (Entamoeba histolytic) से कौन सा रोग होता है? (अमीबायसिस या अमीबा पेचिशamoebiasis or amoebic dysentery)
  • भूमि के जलमग्न होने की आशंका से समिति गठित करने से चर्चा में रहे ‘मेदिगड्डा बैराज’ किन राज्यों के बीच में संयुक्त परियोजना है? (महाराष्ट्र और तेलंगाना)
  • हाल ही में याचिका प्रस्तुत करने से चर्चा में रहे ‘उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991’ का मूल उद्देश्य क्या है? (किसी धार्मिक उपासना स्थल को दूसरे धार्मिक स्थल को बदलने रोक हेतु, 15 अगस्त 1947 की स्थिति के अनुरूप यथास्थिति रखना)
  • हाल ही में चर्चा में रहे दारबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी सड़क किन महत्वपूर्ण स्थानों को आपस में जोड़ेगी? (लेह से दौलत बेग ओल्डी)
  • भारतीय कंपनियों के द्वारा विदेशों से ऋण लेने में गिरावट से चर्चा में रहे मसाला बॉन्ड किस लिए जारी किए जाते हैं? (भारतीय कंपनियों द्वारा पूंजी हेतु, विदेशों में निर्गत)
  • प्रतिवर्ष किस तिथि को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है एवं वर्ष 2020 के इस दिवस की थीम क्या थी? (14जून,"Safe blood saves lives")

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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