(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (15 फरवरी 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (15 फरवरी 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

तटीय अनुसंधान जहाज 'सागर अन्वेषिका'

  • उत्तर 24 परगना जिले के टीटागढ़ स्थित टीटागढ़ वैगंस लिमिटेड (टीडब्ल्यूएल) ने राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइओटी) के लिए दूसरे तटीय अनुसंधान जहाज 'सागर अन्वेषिका' को तय समय से चार महीने पहले ही बनाकर सौंप दिया है। सागर अन्वेषिका जहाज को 100 करोड़ रुपये में निर्मित किया गया है, जिसका ऑर्डर कंपनी को 2017 में मिला था।
  • 'सागर तारा' नामक पहले अनुसंधान जहाज को अगस्त, 2019 में ही संस्थान को सौंप दिया गया था। अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस यह दोनों जहाज पूरी तरह घरेलू प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से बनाए गए हैं।इन दो नए जहाजों के साथ संस्थान का अनुसंधान कार्य और अन्वेषण क्षमता बढ़ेगी, जिससे देश और यहां के नागरिकों को लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री का वाराणसी दौरा

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 16 फरवरी 2020 को अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी का एक दिवसीय दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री का श्री जगदगुरू विश्वाराध्य गुरूकुल के शताब्दी समारोह के समापन समारोह में शामिल होने का भी कार्यक्रम है। वे श्री सिद्धांत शिखामणि ग्रंथ के 19 भाषाओं में अनुदित संस्करण तथा इस के मोबाईल ऐप का भी विमोचन करेंगे।
  • श्री नरेन्द्र मोदी इसके बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मारक केंद्र राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसी आयोजन में वे पंड़ित दीनदयाल उपाध्याय की 63 फुट की पंच लोहा प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे। यह देश में उनकी सबसे बड़ी प्रतिमा है। 200 से अधिक शिल्पकारों ने एक वर्ष तक दिन रात काम करके इस प्रतिमा को पूरा किया है।
  • प्रधानमंत्री एक सार्वजनिक समारोह में 30 से अधिक परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इऩ परियोजनाओं में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में 430 बिस्तर का सुपर स्पेशिएलिटी सरकारी अस्पताल तथा बीएचयू में ही 70 बिस्तर वाला मनोरोग चिकित्सा अस्पताल शामिल हैं।
  • प्रधानमंत्री वीडियो लिंक के माध्यम से आईआरसीटीसी की महाकाल एक्सप्रेस को रवाना करेंगे। यह ट्रेन 3 ज्योतिर्लिंग तीर्थस्थलों-वाराणसी, उज्जैन और ओंकारेश्वर को जोड़ेगी यह देश में पहली ओवरनाइट प्राइवेट ट्रेन होगी।
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ‘काशी एक रूप अनेक’ का उद्घाटन करेंगे। वे अमेरिका, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया सहित विश्व के विभिन्न देशों से आये हुए खरीदारों और दस्तकारों के साथ भी बातचीत करेंगे। ‘काशी एक रूप अनेक’ पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल में आयोजित होने वाला दो दिवसीय कार्यक्रम है। इसमें पूरे उत्तर प्रदेश के उत्पादों को प्रदर्शित किया जायेगा।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

पुर्तगाल के राष्ट्रपति का भारत दौरा

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डि सूसा के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की। इसके बाद दोनों देशों के बीच निवेश, परिवहन, बंदरगाह, संस्कृति व कारोबार समेत सात क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दक्षिणी यूरोप में पुर्तगाल भारत के लिए अहम साझेदार है और बीते 15 वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में निरंतर प्रगति हुई है। अक्तूबर, 2005 में पुर्तगाल ने गैंगस्टर अबू सलेम और मोनिका बेदी को भारत को प्रत्यर्पित किया था।
  • पुर्तगाल के साथ भारत के संबंध जोशपूर्ण व मित्रतापूर्ण रहे हैं और हाल के वर्षों में इनमें काफी वृद्धि हुई है। दोनों देशों के बीच अर्थव्यवस्था और व्यापार, विज्ञान, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय और विकासपरक सहयोग है। दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर काफी महत्वपूर्ण साझेदार हैं।
  • पुर्तगाल के राष्ट्रपति की यह यात्रा दोनों पक्षों के लिए द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा करने और आम हित के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग के दृष्टिकोण से नई दिशा में आगे बढ़ाने अवसर प्रदान करेगी।

ये समझौते हुए

  • गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय नौवहन धरोहर संग्रहालय स्थापित करने को पुर्तगाल के रक्षा मंत्रालय व भारत के पोत परिवहन मंत्रालय के बीच समझौता।
  • दोनों देशों के बीच औद्योगिक एवं बौद्धिक संपदा अधिकार के क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
  • दोनों देशों ने दृश्य श्रव्य सह उत्पादन में सहयोग को लेकर समझौता किया।
  • पुर्तगाल के डिप्लोमेटिक इंस्टीट्यूट और विदेश सेवा प्रशिक्षण संस्थान के बीच समझौता ज्ञापन किया गया।
  • भारत और पुर्तगाल ने नौवहन परिवहन एवं बंदरगाह विकास को लेकर सहयोग समझौता किया।
  • दोनों देशों ने भारत और पुर्तगाल के बीच आवाजाही गठजोड़ को लेकर भी संयुक्त घोषणा की ।
  • इसके अलावा इन्वेस्ट इंडिया और स्टार्टअप पुर्तगाल के बीच भी एमओयू हुए ।

25 देशों के राजदूतों का कश्मीर दौरा

  • जम्मू और कश्मीर के दो दिवसीय दौरे से लौटे विदेशी राजदूतों एक एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से मुलाकात की। जर्मनी, फ्रांस और अफगानिस्तान सहित 25 देशों के राजदूतों ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के छह महीने बाद जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए नवगठित केंद्र शासित प्रदेश के दौरा किया।
  • जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के छह महीने बाद राजनयिकों का यह दल राज्य के जमीनी हालात का जायजा लेने गया था। राजनयिकों ने भारत सरकार की तरफ से राज्य में सामान्य हालात बहाल करने के लिए उठाए गए कदमों पर संतोष जताया है। यह यह माना है कि राज्य में सामान्य जिंदगी पटरी पर लौट आई है।

पृष्ठभूमि

  • पिछले साल पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटा दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख। उसके बाद से ही पाकिस्तान कश्मीर को लेकर दुष्प्रचार में जुटा है।

इन देशों के राजनयिक थे शामिल

  • दूसरे दौरे में 25 देशों के राजनयिकों ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। इन देशों में अफगानिस्तान, ऑस्टि्रया, बुल्गारिया, कनाडा, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, डोमिनिक रिपब्लिक, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, गिनी, हंगरी, इटली, केन्या, किर्गिस्तान, मेक्सिको, नामिबिया, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, पोलैंड, रवांडा, स्लोवाकिया, ताजिकिस्तान, यूगांडा और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।

:: भारतीय राजव्यवस्था ::

EIC उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को लागू करेगा

  • भारत निर्वाचन आयोग उच्चतम न्यायालय के आदेश का हृद्य से स्वागत करता है। यह आदेश चुनावी लोकतंत्र की बेहतरी के लिए नए मानक स्थापित करने में सहायक होगा। इससे पहले आयोग ने 10 अक्टूबर 2018 को उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि का प्रचार सुनिश्चित करने के लिए हलफनामे के संशोधित रूप के साथ विस्तृत निर्देशों/दिशानिर्देशों को जारी किया था। इसे नवंबर,2018 से क्रियान्वित किया जा रहा है। अब, आयोग इन निर्देशों को दोहराने का प्रस्ताव करता है ताकि सच्ची भावना से उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को लागू किया जा सके। भारत निर्वाचन आयोग ने निरंतर रूप से सार्वजनिक जीवन में कठिन और उच्च मानकों को अपनाया है।

पृष्ठभूमि

उच्चतम न्यायालय ने 13 फरवरी, 2020 को 2011 की रिट याचिका(सी) संख्या 536 मानहानि याचिका 2018 (सी) संख्या 2192 में संविधान के अनुच्छेद 129 तथा अनुच्छेद 142 का उपयोग करते हुए निम्नलिखित निर्देश दियाः

  1. राजनीतिक दलों (केंद्र तथा राज्य स्तर पर) के लिए चुने गए उम्मीदवारों के बारे में लंबित आपराधिक मामलों(अपराध की प्रकृति तथा अभियोग पत्र की स्थिति,संबंधित न्यायालय, केस नंबर सहित) की जानकारी और उनके चुने जाने के कारण तथा गैर-आपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्तियों को उम्मीदवार के रूप में चयन नहीं करने के कारणों की विस्तृत सूचना उनकी वेबासाइटों पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
  2. चयन के कारणों में उम्मीदवारों की योग्यता, उपलब्धियां तथा मेधा होने चाहिए न कि चुनाव में उसके जीतने की संभावना।
  3. सूचना का प्रकाशन (क) एक स्थानीय भाषाई समाचार पत्र तथा एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में (ख) फेसबुक तथा ट्वीटर सहित राजनीतिक दलों की आधिकारिक सोशल मीडिया प्लोटफार्मों पर भी होना चाहिए।
  4. इन सूचनाओं को उम्मीदवार चयन के 48 घंटों के भीतर या नामांकन पत्र दाखिल करने की पहली तिथि से कम से कम दो सप्ताह पहले ,जो भी पहले हो, प्रकाशित करना होगा।
  5. संबंधित राजनीतिक दल उम्मीदवार चुनने के 72 घंटों के भीतर निर्देशानुसार परिपालन रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत करेंगे।
  6. यदि कोई राजनीतिक दल ऐसी परिपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफल रहता है तो निर्वाचन आयोग निर्देशों का परिपालन नहीं किए जाने का संज्ञान आदेशों/निर्देशों की अवमानना के रूप में उच्चतम न्यायालय के समक्ष लाएगा।

CAA और NRC पर केंद्र को नोटिस

  • सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता संशोधन कानून, 2019 (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाने वाली एक याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। देवबंदी विचारधारा के इस्लामी संगठन जमियत उलेमा-ए-हिंद ने यह याचिका दायर की है। सर्वोच्च अदालत ने इस याचिका के साथ ही संबंधित और मामलों को भी संलग्न कर दिया है। दरअसल सौ से अधिक याचिकाएं सीएए के विरोध और समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में दायर हैं।

पृष्ठभूमि

  • नागरिकता संशोधन कानून पर देश के कई हिस्सों में अब भी प्रदर्शन जारी है। इस कानून के जरिये इस्लामिक पड़ोसी देश अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में धर्म के आधार पर प्रताडि़त अल्पसंख्यक हिंदुओं, सिख, ईसाई, बौद्धों, जैन और पारसियों को नागरिकता दी जाएगी। लेकिन भारत की नागरिकता के लिए केवल उन्हीं के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे जो 31 दिसंबर, 2014 तक भारत में आ चुके हैं।
  • इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने विगत सात फरवरी को असम समझौते को प्रभावी रूप से लागू करने और नागरिकता संशोधन कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र से याचिका पर जवाब भी मांगा था।
  • असम सामाजिक न्याय मंच की ओर से दी गई याचिका में असम समझौते, 1985 को लागू करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के दिशानिर्देश देने की मांग की गई थी और असम के मूल निवासियों की खास संस्कृति, विरासत और परंपराओं को सहेजने और बरकरार रखने की भी मांग की गई है। नागरिकता संशोधन कानून पर देश के कई हिस्सों में अब भी प्रदर्शन जारी है।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

एजीआर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख

  • शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को ही टेलीकॉम कंपनियों से रिकवरी स्थगित करने पर दूरसंचार विभाग को फटकार लगाई थी। 1.47 लाख करोड़ रुपए के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ज्यादातर कंपनियों ने रकम जमा नहीं करवाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इन कंपनियों से पूछा था कि क्यों ना आपके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए? क्या इस देश में कोई कानून नहीं बचा? इस देश में रहने से बेहतर है कि इसे छोड़कर चले जाना चाहिए।"
  • सुप्रीम कोर्ट की फटकार के करीब 6 घंटे बाद ही सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को शुक्रवार रात 11:59 बजे तक बकाया रकम का भुगतान करने के निर्देश दिया। भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया और अन्य कंपनियों को सरकार द्वारा तय मियाद से पहले रकम चुकानी होगी। हालांकि, इस आदेश के बाद एयरटेल ने कहा कि वह 20 फरवरी तक 10 हजार करोड़ तक की रकम चुकाएगी।

सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी की वजह?

  • दूरसंचार विभाग के राजस्व मामलों से जुड़े एक डेस्क ऑफिसर ने पिछले दिनों संवैधानिक पदों पर बैठे अन्य अफसरों को लिखी चिट्‌ठी में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक टेलीकॉम कंपनियों पर कोई कार्रवाई न की जाए, भले ही वे एजीआर मामले में बकाया भुगतान नहीं करें।

कितनी रकम बकाया है?

  • जिन टेलीकॉम कंपनियों पर एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू के आधार पर स्पेक्ट्रम और लाइसेंस फीस के 1.47 लाख करोड़ रुपए बकाया हैं, उनमें से सिर्फ रिलायंस जियो ने करीब 195 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया है। इस पर जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने भारती एयरटेल, वोडाफोन, एमटीएनएल, बीएसएनएल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, टाटा टेलीकम्युनिकेशंस और अन्य के मैनेजिंग डायरेक्टर्स से 17 मार्च को पेश होने को कहा है।

क्या है एजीआर विवाद की वजह?

  • टेलीकॉम कंपनियों और सरकार के बीच पिछले 14 साल से एजीआर को लेकर विवाद था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले टेलीकॉम ट्रिब्यूनल ने 2015 में टेलीकॉम कंपनियों के पक्ष में फैसला दिया था। ट्रिब्यूनल ने कहा था कि किराए, स्थायी संपत्ति को बेचने पर होने वाले प्रॉफिट, डिविडेंड और ब्याज जैसे नॉन कोर रिसोर्सेस से मिली रकम को छोड़कर बाकी रेवेन्यू एजीआर में शामिल होगा। विदेशी मुद्रा विनिमय (फॉरेक्स) एडजस्टमेंट को भी एजीआर में शामिल किया गया। हालांकि, फंसे हुए कर्ज, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव और कबाड़ की बिक्री को इससे अलग रखा गया। विवाद इसलिए था क्योंकि सरकार किराए, स्थायी संपत्ति को बेचने पर होने वाले प्रॉफिट और कबाड़ बेचने से मिलने वाली रकम को भी एजीआर में शामिल करती है। 24 अक्टूबर 2019 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की गणना को ही सही माना था। टेलीकॉम कंपनियों को इसी आधार पर ब्याज और पेनल्टी समेत बकाया फीस चुकाने का आदेश दिया था। कंपनियों को एजीआर का 3% स्पेक्ट्रम फीस और 8% लाइसेंस फीस के तौर पर सरकार को देना होता है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का प्रभाव

  • कंसल्टिंग फर्म कॉम फर्स्ट इंडिया के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश से टेलीकॉम इंडस्ट्री की स्थिति खराब होगी। वोडाफोन-आइडिया की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ेंगी।
  • विश्लेषकों का कहना है कि टेलीकॉम सेक्टर में दो कंपनियों का दबदबा होने का जोखिम इस वक्त सबसे ज्यादा है। अभी भारती एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और रिलायंस जियो बाजार में हैं।
  • एजीआर मामले में वोडाफोन-आइडिया पर 53,000 करोड़ की देनदारी है। कंपनी पहले ही चेतावनी दे चुकी है कि राहत नहीं मिली तो कारोबार बंद करना पड़ सकता है। दिसंबर तिमाही में वोडाफोन-आइडिया को को 6,439 करोड़ का घाटा हुआ है।
  • क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एक्यूट रेटिंग्स एंड रिसर्च लिमिटेड का कहना है कि टेलीकॉम कंपनियां दिसंबर में टैरिफ बढ़ा चुकी हैं। एजीआर मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उन्हें आने वाले समय में मोबाइल टैरिफ में 20% से 25% इजाफा और करना पड़ सकता है।

जनवरी, 2020 के लिए थोक मूल्‍य सूचकांक (आधार वर्ष : 2011-12 = 100) की समीक्षा

  • जनवरी, 2020 के दौरान ‘सभी जिंसों’ के लिए आधि‍कारिक थोक मूल्‍य सूचकांक (आधार वर्ष: 2011-12=100) पिछले महीने के 122.8 अंक (अनंतिम) से 0.1 प्रतिशत बढ़कर 122.9 अंक (अनंतिम) हो गया।

मुद्रास्‍फीति

  • मासिक थोक मूल्‍य सूचकांक (डब्‍ल्‍यूपीआई) पर आधारित मुद्रास्‍फीति की वार्षिक दर जनवरी, 2020 के दौरान (जनवरी, 2019 की तुलना में) 3.1 प्रतिशत (अनंतिम) रही, जबकि इससे पिछले महीने यह 2.59 प्रतिशत (अनंतिम) थी। पिछले वर्ष के इसी माह की तुलना के दौरान यह 2.76 प्रतिशत है। वित्‍त वर्ष में अब तक क्रमिक वृद्धि के साथ मुद्रास्‍फीति की दर 2.50 प्रतिशत आंकी गई है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में क्रमिक वृद्धि के साथ मुद्रास्‍फीति या महंगाई दर 2.49 प्रतिशत थी।

विभिन्‍न जिंस समूहों के सूचकांक में उतार-चढ़ाव कुछ इस प्रकार रहे :-

प्राथमिक वस्तुएं (भारांक 22.62 प्रतिशत)

  • इस प्रमुख समूह का सूचकांक पिछले महीने के 148.8 अंक (अनंतिम) से 1.1 प्रतिशत घटकर 147.2 अंक (अनंतिम) हो गया। महीने के दौरान जिन समूहों और वस्‍तुओं के सूचकांक में उतार-चढ़ाव देखे गए, वे इस प्रकार हैं :
  • ‘खाद्य उत्‍पाद’ समूह का सूचकांक पिछले महीने के 162.5 अंक (अनंतिम) से 1.0 प्रतिशत घटकर 160.8 अंक (अनंतिम) हो गया। इस दौरान फल, सब्जियों और चाय (7 प्रतिशत प्रत्‍येक); अरहर (2 प्रतिशत); बीफ और भैंस का मीट, पोर्क और चना (1 प्रतिशत प्रत्‍येक) के मूल्‍य में गिरावट के कारण ऐसा हुआ। हालांकि, पान की पत्‍ते (9 प्रतिशत); समुद्री मछली (7 प्रतिशत); बाजरा (4 प्रतिशत), मसूर एवं मटर/चावली (3 प्रतिशत), उड़द, मक्‍का, जौ, अंडे, गेंहू, पोल्ट्री चिकन एवं मसाला (2 प्रतिशत प्रत्‍येक); मछली, मूंग, मटन एवं दूध (1 प्रतिशत प्रत्‍येक) के मूल्‍य में वृद्धि हुई।
  • ‘गैर-खाद्य पदार्थों’ के समूह का सूचकांक पिछले महीने के 134.0 अंक (अनंतिम) से 1.4 प्रतिशत घटकर जनवरी, 2020 में 132.1 अंक (अनंतिम) रह गया। ऐसा पुष्‍पोत्‍पादन (19 प्रतिशत), अरंडी बीज और छिलके-कच्‍चा (1 प्रतिशत प्रत्‍येक) की कीमत में गिरावट के कारण हुआ। हालांकि, सोयाबीन के मूल्‍य में (5 प्रतिशत), अलसी (3 प्रतिशत), कुसुम, कच्‍चा रबड़, तोरिया एवं सरसों, कच्‍चा जूट, ग्वार के बीज, कच्‍चा रेशम, मेस्‍टा और जिंजेली सीड (2 प्रतिशत प्रत्‍येक), नारियल रेशा, मुंगफली, नाइजर बीज और खाल (कच्‍चा) (1 प्रतिशत प्रत्‍येक) के मूल्‍य में वृद्धि दर्ज की गई।
  • ‘खनिज’ समूह का सूचकांक पिछले महीने के 153.6 अंक (अनंतिम) से 7.3 प्रतिशत घटकर 142.6 अंक (अनंतिम) रह गया। ऐसा मैंगनीज अयस्क (20 प्रतिशत), कॉपर सांद्र (12 प्रतिशत), लौह अयस्‍क (5 प्रतिशत) के मूल्‍य में गिरावट हुई। हालांकि, लेड कंसन्‍ट्रेट और चूना पत्‍थर (1 प्रतिशत प्रत्‍येक) के दाम बढ़ गए।

ईंधन एवं बिजली (भारांक 13.15 प्रतिशत)

  • इस प्रमुख समूह का सूचकांक पिछले महीने के 101.3 अंक (अनंतिम) से 1.4 प्रतिशत बढ़कर जनवरी, 2020 में 102.7 अंक (अनंतिम) हो गया।
  • ‘खनिज तेल’ समूह का सूचकांक 91.2 अंक (अनंतिम) से 2.5 प्रतिशत बढ़कर 93.5 अंक (अनंतिम) हो गया। ऐसा फर्नेस ऑयल (23 प्रतिशत), नाफ्था, एटीएफ और एलपीजी (3 प्रतिशत प्रत्‍येक), एचएसडी (2 प्रतिशत) और कैरोसीन (1 प्रतिशत) के मूल्‍य में वृद्धि होने से हुआ। हालांकि बीटूमेन के मूल्‍य में 4 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई।

निर्मित उत्‍पाद (भारांक 64.23 प्रतिशत)

  • इस प्रमुख समूह का सूचकांक पिछले महीने के 118.0 अंक (अनंतिम) से 0.4 प्रतिशत बढ़कर 118.5 अंक (अनंतिम) पर रहा।‍
  • ‘खाद्य उत्‍पादों के विनिर्माण’ समूह का सूचकांक पिछले महीने के 136.6 अंक (अनंतिम) से 1.2 प्रतिशत बढ़कर 138.2 अंक (अनंतिम) हो गया।‍ ऐसा पाम ऑयल (10 प्रतिशत), रैपसीड तेल और मैक्रोनी, नूडल्‍स, सूजी से बने उत्‍पाद आदि (7 प्रतिशत), अन्‍य मांसों, संरक्षित/प्रसंस्‍कृ‍त सोयाबीन तेल, गेंहू की भूसी और गुड़ (4 प्रतिशत प्रत्‍येक), कपास बीज तेल, घी एवं वनस्पति (3 प्रतिशत प्रत्‍येक), खोई, दूध पाऊडर एवं चावल भूसी तेल (2 प्रतिशत प्रत्‍येक) आदि के मूलय में वृद्धि के कारण हुआ। हालांकि प्रसंस्‍कृ‍त चाय (7 प्रतिशत), बासमती चावल (3 प्रतिशत), अरंडी तेल, कॉफी पाउडर आदि (2 प्रतिशत प्रत्‍येक), चावल, गैर-बासमती एवं चावल उत्‍पादों (1 प्रतिशत प्रत्‍येक) के दाम घट गए।
  • ‘पेय पदार्थों के विनिर्माण’ समूह का सूचकांक पिछले महीने के 123.4 अंक (अनंतिम) से 0.5 प्रतिशत बढ़कर 124.0 अंक (अनंतिम) हो गया। ऐसा रेक्टीफाइड स्प्रिट (3 प्रतिशत), शीतल पेय, सॉफ्ट ड्रिंक और देशी शराब (1 प्रतिशत प्रत्‍येक) के दाम बढ़ने से संभव हुआ। हालांकि, शराब का दाम 1 प्रतिशत घट गया।
  • ‘तंबाकू उत्‍पादों के विनिर्माण’ समूह का सूचकांक पिछले महीने के 152.9 अंक (अनंतिम) से 1.2 प्रतिशत घटकर 151.0 अंक (अनंतिम) हो गया। ऐसा अन्‍य तंबाकू उत्‍पादों के दाम में 4 प्रतिशत गिरावट के कारण हुआ। हालांकि बीड़ी की कीमत में 1.0 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
  • ‘वस्‍त्र विनिर्माण’ समूह का सूचकांक पिछले महीने के 116.9 अंक (अनंतिम) से 0.4 प्रतिशत घटकर 116.4 अंक (अनंतिम) रह गया।

:: पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी ::

एक अप्रैल के बाद नहीं बिकेंगे BS4 वाहन

  • देश में एक अप्रैल, 2020 के बाद BS4 गाडि़यों की बिक्री का रास्ता बंद हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इनकी बिक्री के लिए एक महीने की मोहलत देने की ऑटोमोबाइल डीलरों के संगठन की मांग ठुकरा दी।

पृष्ठभूमि

  • शीर्ष अदालत ने 24 अक्टूबर, 2018 के फैसले में कहा था कि एक अप्रैल, 2020 के बाद बीएस-चार वाहनों की न तो बिक्री होगी और न ही रजिस्ट्रेशन। देश भर में बीएस-चार के मानकों को अप्रैल, 2017 से लागू किया गया था। इससे पहले, 2016 में केंद्र सरकार ने एलान किया था कि भारत बीएस-पांच को पीछे छोड़ते हुए 2020 तक बीएस-छह के मानकों को लागू करेगा।

क्या है भारत स्टेज?

  • बीएस यानी भारत स्टेज मोटर वाहनों से होने वाले प्रदूषण तय करने का मानक है। यह प्रदूषण के स्तर को दर्शाता है। जिस वाहन का बीएस नंबर जितना ज्यादा होगा, उससे उतना ही कम प्रदूषण होगा। यानी बीएस-चार की तुलना में बीएस-छह के वाहन हवा में कम प्रदूषण फैलाएंगे

मेघालय में जमीन के नीचे रहने वाली सबसे बड़ी मछली की ख़ोज

  • अब तक खोजी गई भूमिगत मछलियों से यह मछली 10 गुना तक बड़ी है। विश्व में इन भूमिगत मछलियों की 250 प्रजातियां अब तक दर्ज हैं, लेकिन वे सभी भारत में मिली इस नई मछली से छोटी हैं।
  • मेघालय के घने जंगलों में विश्व की सबसे बड़ी गुफा मछली मिली है। इसका वजन करीब दो पौंड या एक किलोग्राम और लंबाई डेढ़ फुट है। यह जमीन के 300 फुट नीचे रहती है। चूंकि इसे प्रकाश की जरूरत नहीं, इसलिए यह देख नहीं सकती। विश्व में इन भूमिगत मछलियों की 250 प्रजातियां अब तक दर्ज हैं, लेकिन वे सभी भारत में मिली इस नई मछली से 10 गुना तक छोटी हैं।
  • नेशनल जियोग्राफिक पर जारी शोध के अनुसार पूर्वोत्तर के जंगल में ‘उम लडॉ केव’ में ये मछलियां मिलीं। पहली बार 2019 में जीवविज्ञानी डेनियल हैरिस ने इन्हें देखा था। तब शोध के लिए आवश्यक साधन नहीं थे। हैरिस इस जनवरी में एक फोटोग्राफर रॉबी शोन के साथ लौटे और जीवित मछलियों के सैंपल जुटाए। उन्होंने पानी में बिस्किट गिराकर उनमें से कुछ मछलियों को पकड़ा। 20 साल से गुफा-फोटोग्राफी कर रहे शोन ने दावा किया कि उन्होंने गुफा में इतना बड़ा जीव कहीं नहीं देखा।

ट्रोग्लोबाइट जीव

  • ‘उम लडॉ’ जैसी कई गुफाएं मौजूद हैं, जिनमें मानव कभी नहीं गया। यहां केवल सर्दियों में पहुंचा जा सकता है, बाकी समय भारी बारिश इन जंगलों को दुनिया से बचाए रखती है। इन गुफा के जीवों को ट्रोग्लोबाइट कहा जाता है। उनकी पाचन प्रक्रिया धीमी होती है, वे जो कुछ खाते हैं उससे अधिकतम ऊर्जा पैदा करते हैं, उनकी आंखें नहीं होती, उनकी त्वचा पर पिग्मेंट नहीं होते जिससे वे रंगहीन होते हैं। नई प्रजाति की मछलियां गोल्डन माशीर से मिलती जुलती हैं।

:: विविध ::

आर के तिवारी

  • उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आरके तिवारी को मुख्य सचिव बनाने का फैसला किया है। वह अभी तक कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में काम कर रहे थे। आरके तिवारी आगरा के डीएम और गोरखपुर के मंडलायुक्त भी रह चुके हैं। आरके तिवारी 1985 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं। 31 अगस्त 2019 को उन्होंने पदभार ग्रहण किया था।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान के तटीय अनुसंधान हेतु किस जहाज को सौंपा गया है? (सागर अन्वेषिका)
  • किस स्थान पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सबसे बड़ी प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा? (वाराणसी)
  • प्रस्तावित महाकाल एक्सप्रेस किन ज्योतिर्लिंगों का आपस में जोड़ी की? (वाराणसी, उज्जैन और ओंकारेश्वर)
  • पूरे उत्तर प्रदेश के हस्तकला उत्पादों को प्रदर्शित करने हेतु किस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है? (काशी एक रूप अनेक)
  • हाल ही में भारत की यात्रा पर आए मार्सेलो रेबेलो डि सूसा किस देश के राष्ट्रपति हैं? (पुर्तगाल)
  • हाल ही में कितने देशों के राजदूतों के द्वारा जम्मू कश्मीर का संयुक्त दौरा किया गया? (25)
  • हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में टेलीकॉम कंपनियों को 1.47 लाख करोड़ रुपए चुकाने के आदेश दिए? (एडजेस्टेड ग्रॉस रिवेन्यू- एजीआर)
  • किस तिथि के बाद देश में बीएस-4 गाड़ियों की बिक्री बंद हो जाएगी? (1 अप्रैल)
  • हाल ही में किस नौकरशाह को उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव बनाने का फैसला किया गया? (आर के तिवारी)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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