(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (14 अगस्त 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (14 अगस्त 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020

  • आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हरदीप सिंह पुरी ने आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित करवाए जाने वाले पांचवें वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 (एसएस 2020)' की शुरुआत की। इसके साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 टूलकिट, एसबीएम वॉटर प्लस प्रोटोकॉल एवं टूलकिट, एकीकृत कचरा प्रबंधन एप - स्वच्छ नगर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त एमएसबीएम एप भी शुरू की गईं। इस कार्यक्रम में एक विशेष स्वच्छ सर्वेक्षण की थीम वाले गीत का विमोचन किया गया जिसमें कंगना रनौत, गायक कैलाश खेर और मोनाली ठाकुर ने काम किया है। जहां पद्मश्री से सम्मानित कैलाश खेर और मोनाली ठाकुर ने 'स्वच्छता अधिकार है' शीर्षक वाले इस गीत में अपनी आवाज़ दी है वहीं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता अभिनेत्री कंगना रनौत ने इस वीडियो में अभिनय किया है।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 : प्रमुख केंद्रीय क्षेत्र

1. पृथक-पृथक कचरा जमा करना और प्रोसेसिंग स्थल तक उसे बनाए रखना
2. गीले कचरे की प्रसंस्करण सुविधाओं की क्षमता का उपयोग करना
3. गंदे पानी की सफाई और पुनः उपयोग करना
4. तीन सिद्धांतों का पालन करनाः घटाना, पुनः उपयोग करना, पुनर्चक्रण
5. ठोस कचरा आधारित वायु प्रदूषण कम करना
6. अनौपचारिक कचरा बीनने वालों की सामाजिक स्थिति को ऊपर उठाना
7. जीईएम के माध्यम से प्राप्ति को बढ़ावा देना
8. कार्रवाई में तेजी लाने के लिए अलग से गंगा शहरों का आकलन करना
9. टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी को जोड़ना

“आपरेशन नंबर प्लेट”

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने देश के रेलवे परिसरो में पार्किग और नो पार्किंग क्षेत्र में लंबी अवधि के लिए खडे वाहन सहित सभी वाहनो की पहचान और जांच करने के लिए एक विशेष अभियान,कोड नाम “आपरेशन नंबर प्लेट” की शुरूआत की है।

सुरक्षा के पहलू से बिना पहचान के वाहन यात्रियो और भारतीय रेल के अन्य भागीदारो के लिए गंभीर खतरा माने गए हैं। इस अभियान को 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर विशेष रूप से शुरू किया गया है।

  • इस विशेष अभियान को देश भर के 466 रेलवे स्टेशनो पर 9 अगस्त से 11 अगस्त तक चलाया गया।
  • अभियान के दौरान चोरी हुए 4 वाहनो का पता चला, जिसके विरूद्ध पुलिस द्वारा पहले रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
  •  रेलवे स्टेशनो के पार्किंग क्षेत्र में 3949 वाहन, पांच से अधिक दिन तक बिना दावे के पार्क किए मिले।
  • 894 संदिग्ध वाहनो की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर उचित कार्यवाही की जाएगी
  • इसके साथ ही नो पार्किंग जोन में 1 से अधिक दिन तक 2034 वाहन पार्क किए मिले। इनमें से संदिग्ध 28 वाहनो की जांच की जा रही है।
  • आपरेशन के दौरान 549 वाहनो को हटा कर पुलिस को जांच के लिए सौंपा गया।
  • अनधिकृत पार्किंग के लिए 59 हजार रूपए का जुर्माना वसूला गया।

'सिटी ऑफ जॉय'- मांडू

  • 'सिटी ऑफ जॉय" के नाम से प्रसिद्ध ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मांडू को अब विश्व धरोहर बनाने के लिए सरकार ने भी जतन शुरू कर दिए हैं। दो दशक से मांडू का नाम यूनेस्को तक भेजा जा रहा है, लेकिन कोई न कोई दस्तावेजी कमी उसे विश्व विरासत का दर्जा दिलाने से रोक देती है। मध्यप्रदेश सरकार ने अब मांडू का डोजियर तैयार कर केंद्र सरकार की मदद से यूनेस्को को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर ली है।
  • विंध्याचल की पहाड़ियों में बसे करीब 1400 साल पुरातात्विक इतिहास समेटे इस धरोहर की खूबसूरती का जिक्र विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक दस्तावेज 'जहांगीरनामा और अकबरनामा" में भी दर्ज है। मांडू में एक साथ कई खूबियां मौजूद हैं, विश्व विरासत के लिए 'मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत" के रूप में दावा किया गया है।
  • सरकार का दावा है कि यूनेस्को द्वारा निर्धारित 10 में से तीन मानदंडों पर मांडू पूरी तरह खरा उतरता है, जबकि विश्व धरोहर के लिए एक कैटेगरी पूरी करना ही पर्याप्त माना जाता है। मप्र में अभी सांची के स्तूप, खजुराहो के मंदिर और भीमबैठिका को विश्व विरासत का दर्जा प्राप्त है।

अयोध्या शोध संस्थान

  • रामलीला वैश्विक स्तर पर पसंद की जा रही है। इसी क्रम में 20 अगस्त को 18 सदस्यीय रामलीला मंडली अयोध्या शोध संस्थान से मॉरीशस के लिए रवाना हो रही है। यह दल 22 अगस्त को मॉरीशस पहुंचेगा। 29 अगस्त तक स्थानीय कलाकारों का दल रामायण सेंटर में रामलीला के विविध प्रसंगों की रंगारंग प्रस्तुति देगा। आधुनिक शोध के अनुसार, रामलीला का मंचन विश्व के 29 देशों में होता है। अयोध्या शोध संस्थान रामकथा की व्यापकता को नए सिरे से वैश्विक पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है।
  • शोध संस्थान का प्रयास 2012 में उस वक्त फलीभूत हुआ, जब संस्थान के आमंत्रण पर पहली बार विदेशी कलाकारों का दल प्रस्तुति के लिए रामनगरी पहुंचा। इस दल में त्रिनिडॉड, टोबैको एवं सूरीनाम के कलाकार शामिल थे। 2012 के ही उत्तरार्ध में थाईलैंड के कलाकारों का दल रामलीला मंचन के लिए शोध संस्थान पहुंचा और इस सच्चाई को पुष्ट किया कि पूर्वी एशियाई देश में भी रामलीला की परंपरा विद्यमान है।
  • 2014 में थाईलैंड के कलाकारों का दल दूसरी बार रामलीला की प्रस्तुति के लिए रामनगरी पहुंचा तो इस साल इंडोनेशिया और कंबोडिया के दल ने रामलीला की प्रस्तुति दी। इसी साल रामनगरी के कलाकार भी थाईलैंड गए और वहां रामलीला प्रस्तुति की उम्दा छटा बिखेरी। 2016 में फिजी, न्यूजीलैंड और थाईलैंड के कलाकार रामलीला की प्रस्तुति के लिए अयोध्या आए। 2017 में 10 जुलाई से चार अगस्त तक रामलीला के स्थानीय कलाकारों ने त्रिनिडॉड, टोबैको, फिजी एवं सूरीनाम की यात्रा कर अपनी कला का प्रदर्शन किया।
  • इसी साल 18 अक्टूबर को दीपोत्सव में इंडोनेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया आदि के कलाकार आए।

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव

  • गीता की जन्मस्थली पर दिसंबर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। 2019 के महोत्सव के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा गया है।
  • इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ तीन से आठ दिसंबर तक होगा, जबकि 23 नवंबर से 10 दिसंबर तक ब्रह्मासरोवर के तट पर क्राफ्ट मेला लगाया जाएगा। इसी महोत्सव को खास बनाने के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारी कई माह से तैयारियों में जुटे हैं।

केन-बेतवा परियोजना

  • केन-बेतवा परियोजना पन्ना से उत्तर प्रदेश को पानी देने का विवाद सुलझ नहीं पा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार रबी सीजन के लिए परियोजना से 900 एमसीएम पानी की मांग कर रही है, जबकि समझौता 700 एमसीएम पानी देने का हुआ था। इसे देखते हुए मप्र सरकार ने उत्तर प्रदेश से रबी सीजन में खर्च होने वाले पानी का प्लान मांगा है। साथ ही पानी के स्टोरेज की तैयारी भी पूछी है।
  • उत्तर प्रदेश सरकार को यह प्लान अगले 20 दिन में देना है। इसके बाद दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक करेंगे, जिसमें बीच का रास्ता निकाला जा सकता है। परियोजना का अभी काम भी शुरू नहीं हुआ है और पानी के बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच जंग छिड़ी हुई है।
  • इस मामले में समझौते के प्रयास प्रधानमंत्री कार्यालय से भी हो चुके हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष नहीं निकल रहा है। दरअसल, परियोजना निर्माण के चलते हुए समझौते के समय उत्तर प्रदेश सरकार ने 700 एमसीएम पानी की मांग की थी, जो बाद में बढ़ा दी गई। जबकि मप्र सरकार उतना ही पानी देने को तैयार है, जो तय हुआ था। इसे लेकर कई बैठकें हो चुकी हैं। मार्च में केंद्रीय जल संसाधन विभाग के अधिकारी भोपाल आए थे।

'कमांडोज फॉर रेलवे सेफ्टी'-'कोरस'(CORAS) कमांडो यूनिट

  • रेलवे ने पहली बार अपनी कमांडो यूनिट तैयार की है। 'कमांडोज फॉर रेलवे सेफ्टी' अर्थात 'कोरस' नाम दिया गया है। इसके कमांडो की तैनाती जम्मू एवं कश्मीर तथा नक्सल प्रभावित इलाकों में होगी।
  • फिलहाल 'कोरस' की पहली बटालियन में रेलवे के सभी 18 जोनों में तैनात आरपीएसएफ की पुरुष बटालियनों के शारीरिक व मानसिक रूप से सर्वाधिक फिट जवानों को शामिल किया गया है।
  • इन्हें विशेष यूनिफार्म, बुलेट प्रूफ जैकेट तथा हेलमेट के अलावा अत्याधुनिक स्वचालित हथियारों से लैस किया गया है। कोरस के कामकाज की निगरानी, दिशा निर्देशन और तैनाती के बारे में आरपीएफ महानिदेशक स्वयं सीधे फैसला लेंगे।
  • बेसिक ट्रेनिंग के अलावा 'कोरस' कमांडो को अभी आगे और भी कई प्रकार के विशिष्ट व उन्नत प्रशिक्षणों से गुजारा जाएगा। इनमें सुरंगों तथा आइईडी की खोज व जांच कर उन्हें निष्कि्रय करने, बंधकों को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने, दूरबीन राइफल से निशाना लगाकर दुश्मन को खत्म करने तथा दीवारों और छतों को भेदकर बाहर निकलने जैसे प्रशिक्षण शामिल हैं।
  • रेलवे सुरक्षा बल या आरपीएफ का गठन केंद्र सरकार ने 1957 में इसी नाम से संसद से पारित एक्ट के जरिये किया था। इसका कार्य रेलवे परिसंपत्तियों जैसे पटरियों, स्टेशनों, कारखानों की रक्षा के अलावा ट्रेनों में यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करना है। आरपीएफ और आरपीएसएफ में जवानों की स्वीकृत संख्या 76,653 है।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

पाकिस्तान अफगान सीमा से हटाकर कश्मीर सीमा पर लगा सकता है सेना

  • कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका से अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने पर पाकिस्तान ने अपना 'अफगानिस्तान कार्ड' इस्तेमाल करते हुए चेताया है कि वह अपनी सेना अफगानिस्तान की सीमा से हटाकर कश्मीर की सीमा पर तैनात कर सकता है।
  • अफगानिस्तान में शांति के लिए अमेरिका लगातार कोशिशें कर रहा है और इसी कड़ी में उसकी तालिबान से बातचीत भी चल रही है। अफगानिस्तान के मामले में पाकिस्तान की एक खास भूमिका है, उसकी तालिबान पर पकड़ मानी जाती है। ऐसे में अमेरिका को इस मामले में पाकिस्तान का साथ चाहिए। ऐसे में अफगानिस्तान सीमा से पाकिस्तानी सेना को हटाने से स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और सेना को वहां से हटाने का संकेत देकर पाकिस्तान परोक्ष रूप से अमेरिका पर दबाव बनाने की फिराक में है।

'हाउडी, मोदी' सम्मेलन

  • ह्यूस्टन में भारतीय अमेरिकी समुदाय के सम्मेलन 'हाउडी, मोदी' में भारतीय समुदाय को तीसरी बार संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 सितंबर को इस सम्मेलन में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में भाग लेने अमेरिका जा रहे हैं।
  • मोदी अमेरिका में भारतीय समुदाय को तीसरी बार संबोधित करेंगे। 2014 में न्यूयॉर्क के मैडीसन स्क्वायर गार्डन और 2016 में सिलिकॉन वैली में वह भारतीय समुदाय को संबोधित कर चुके हैं।
  • 'हाउडी' 'हाऊ डू यू डू' (आप कैसे हैं) का संक्षिप्त रूप है। दक्षिण-पश्चिमी अमेरिका में आम तौर पर लोग एक-दूसरे से मिलते वक्त हालचाल जानने के लिए यही बोलते हैं। ह्यूस्टन के एक गैर-सरकारी संगठन 'टेक्सास इंडिया फोरम' ने बताया कि समारोह में आने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है, लेकिन इसके लिए 'पास' होना जरूरी है।
  • अमेरिका के चौथे सबसे अधिक आबादी वाले शहर के 'एनआरजी फुटबाल स्टेडियम' में हो रहे इस कार्यक्रम में करीब 50 हजार लोगों के आने की उम्मीद है। विश्व की ऊर्जा राजधानी के तौर पर प्रसिद्ध ह्यूस्टन में पांच लाख से अधिक भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग रहते हैं।

:: राजव्यवस्था और महत्वपूर्ण विधेयक ::

अनुच्छेद 370: सुप्रीम कोर्ट का दखल देने से इंकार

  • जम्मू-कश्मीर पर सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इंकार कर दिया है और सरकार को हालात सामान्य होने के लिए वक्त दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रातों रात हालात सामन्य नहीं हो सकते। इससे पहले अटॉर्नी जनरल ने बुरहान वानी वाली घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि उस घटना में 46 लोग मारे गए थे। कश्मीर में इस वक्त हालात नाज़ुक हैं और कुछ लोग केवल एक मौके का इंतजार कर रहे हैं। कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल से पूछा कि स्थिति को सामान्य होने में कितना समय लगेगा। अटॉर्नी जनरल ने जवाब दिया कि केंद्र रोज़ाना स्थिति का जायज़ा ले रही है। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा, न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की तीन सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष कांग्रेस कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला की याचिका सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया था।
  • पूनावाला ने अपनी याचिका में कहा था कि वह अनुच्छेद 370 के बारे में कोई राय व्यक्त नहीं कर रहे हैं लेकिन वह चाहते हैं कि वहां से कर्फ्यू एवं पाबंदियां तथा फोन लाइन, इंटरनेट और समाचार चैनल अवरूद्ध करने सहित दूसरे कथित कठोर उपाय वापस लिये जायें। इसके अलावा, कांग्रेस कार्यकर्ता ने पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जैसे नेताओं को रिहा करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है जो इस समय हिरासत में हैं।
  • इसके साथ ही उन्होंने जम्मू और कश्मीर की वस्तुस्थिति का पता लगाने के लिये एक न्यायिक आयोग गठित करने का भी अनुरोध किया है। उन्होंने याचिका में दावा किया है कि केन्द्र के फैसलों से संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 में प्रदत्त मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है।
  • याचिका के अनुसार समूचे राज्य की एक तरह से घेराबंद कर दी गयी है और दैनिक आधार पर सेना की संख्या में वृद्धि करके इसे एक छावनी में तब्दील कर दिया गया है जबकि संविधान संशोधन के खिलाफ वहां किसी प्रकार के संगठित या हिंसक विरोध के बारे में कोई खबर नहीं है।

:: आर्थिक समाचार ::

नीलांचल इस्पात संयंत्र

  • नई सरकार में सेल के इकाईयों में विनिवेश की चर्चा के बीच स्टील अथॉरिटी आफ इंडिया लिमिटेड ने बड़ा फैसला लेते हुए इस्पात मंत्रालय व ओड़िशा सरकार के संयुक्त उद्यम नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड का अधिग्रहण का फैसला लिया है।
  • नीलांचल इस्पात का सेल में विलय होने से कंपनी की वर्तमान उत्पादन क्षमता 21.42 मिलियन टन से बढ़कर 2030 तक 60 मिलियन टन हो जाएगी। सेफी के इस पत्र के बाद पीएमओ की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में वाणिज्य, इस्पात मंत्रालय के साथ ओड़िसा सरकार के अधिकारी सदस्य के रूप में मनोनीत होंगे। उक्त सदस्यों की सहमति के बाद नीलांचल इस्पात सेल का हो जाएगा। चूंकि सेल एक महारत्न कंपनी है इसलिए इस प्रक्रिया मे कैबिनेट से मंजूरी की कोई आवश्यक्ता नहीं है।
  • नीलांचल इस्पात निगम लिमिडेट इस्पात मंत्रालय के अधीन संचालित है। जो कि ओड़िशा राज्य के जयपुर में है। वर्तमान में इसकी उत्पादन क्षमता 1.1 मिलियन टन है। जहां कूल 1550 स्थायी कर्मचारी-अधिकारी कार्यरत है।

एंजेल फंड्स को टैक्स से मिली निजात

  • इस वर्ष 19 फरवरी से पहले एंजेल टैक्स कहे जाने वाले टैक्स के तहत असेसमेंट ऑर्डर प्राप्त करने वाली स्टार्टअप्स को अब इस टैक्स से छूट मिल जाएगी। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज ने उन स्टार्टअप्स को भी छूट दे दी है जिनमें असेसमेंट ऑर्डर इस तिथि से पहले पास किए गए थे। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री ऐंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने 19 फरवरी को एक नोटिफिकेशन जारी किया था जिसमें इससे पहले असेसमेंट ऑर्डर पाने वाली स्टार्टअप्स पर टैक्स छूट लेने से रोक लगाई गई थी। इससे बहुत से स्टार्टअप्स के लिए मुश्किलें बढ़ गई थी।
  • हालांकि ताजा स्पष्टीकरण के साथ सरकार ने स्टार्टअप्स को एंजेल टैक्स से बड़ी राहत दे दी है। जिन स्टार्टअप्स को एंजेल टैक्स नोटिस मिले हैं, वे इस नोटिफिकेशन का हवाला देकर टैक्स से जुड़ी कार्यवाही से राहत मांग सकती हैं। आंत्रप्रेन्योर्स और उन्हें फंडिंग देने वालों ने इसे लेकर सरकार से शिकायत की थी। उनका कहना था कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट फेयर मार्केट वैल्यू से अधिक प्राइस पर शेयर जारी करने को लेकर उनके गलत तरीके से निशाना बना रहा है।
  • स्टार्टअप्स ने कहा था कि इससे उन्हें फंडिंग हासिल करने में मुश्किल हो रही है। इसके बाद सरकार ने स्टार्टअप्स की इस समस्या को दूर करने का फैसला किया था। पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने 2012 में यह प्रोविजन पेश किया था। इससे स्टार्टअप्स पर बड़ा असर पड़ रहा था कि क्योंकि वे एंजेल इनवेस्टर्स से फंड हासिल करने के लिए इस तरह से शेयर जारी करने का तरीका अपनाते हैं।
  • एंजेल टैक्स में फेयर मार्केट वैल्यू से अधिक प्राइस पर शेयर जारी होने की स्थिति में प्राइस में अंतर पर अन्य स्रोतों से आमदनी के तौर पर टैक्स लगाया जाता था। टैक्स अथॉरिटीज ने बहुत से मामलों में स्टार्टअप्स की इनकम में अतिरिक्त रकम जोड़ी थी। बाद में CBDT ने एक नोटिफिकेशन जारी कर स्टार्टअप्स सहित इनवेस्टर्स की कुछ कैटेगरी को इस प्रोविजन से छूट दे दी थी।

खुदरा महंगाई दर जुलाई में घटकर 3.15 फीसदी

  • पिछले महीने खुदरा महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में खुदरा महंगाई की दर 3.15 फीसदी रही। इससे एक महीने पहले जून में यह दर 3.18 फीसदी थी, जबकि एक साल पहले यानी, जुलाई 2018 में खुदरा महंगाई की दर 4.17 फीसदी पर थी। आलोच्य अवधि में घरेलू बाजार में आवक बनी रही, जिससे खुदरा महंगाई की दर में गिरावट आई। हालांकि बरसात और बाढ़ की स्थिति के कारण बाजार में सब्जियों की आपूर्ति कम रही जिसका असर महंगाई दर पर भी दिखा।
  • सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य वस्तुओं की महंगाई आलोच्य अवधि में बढ़कर 2.36 फीसदी पर पहुंच गई। यह एक महीने पहले जून में 2.25 फीसदी और एक साल पहले की समान अवधि में 1.30 फीसदी थी। इस दौरान मांस और मछली में सर्वाधिक 9.05 फीसद महंगाई दर्ज की गई। सब्जी की महंगाई दर 2.82 फीसदी रही। दूध और दुग्ध उत्पाद 0.98 फीसद महंगे हुए। दोलों की महंगाई 6.82 फीसद रही। हालांकि फल इस दौरान 0.86 फीसदी सस्ते हुए। चीनी, चॉकलेट और मिठाइयां इस दौरान 2.11 फीसदी सस्ती हुई।
  • राज्यों के लिहाज से असम, कर्नाटक और केरल में सर्वाधिक महंगाई रही। इन राज्यों में महंगाई की दर पांच फीसद से अधिक रही। दिल्ली और उत्तराखंड में महंगाई की दर चार फीसद से अधिक रही। सबसे कम महंगाई छत्तीसगढ़ में 0.77 फीसद रही।

ऑटो सेक्टर में मंदी

  • मांग में कमी के चलते ऑटो सेक्टर में मंदी की गिरफ्त और भयावह होती जा रही है। इस वर्ष जुलाई में वाहनों की बिक्री में बीते 19 साल में सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई है। ऑटो निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में देश में कुल वाहनों की बिक्री में 18.71 फीसद की गिरावट दर्ज की गई है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में छाई मंदी के चलते पिछले तीन महीने में 15,000 लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। सियाम का कहना है कि अगर उद्योग में गिरावट का सिलसिला बना रहा तो इसका असर देश के जीडीपी पर भी दिखेगा।
  • पैसेंजर वाहनों और दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री 18,25,148 यूनिट रही, जबकि पिछले वर्ष जुलाई में इस वर्ग में 22,45,223 यूनिट वाहनों की बिक्री हुई थी। इससे पहले दिसंबर, 2000 में ऑटोमोबाइल उद्योग में 21.81 फीसद की सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई थी। बिक्री में गिरावट इतनी तेज है कि इस वर्ष जुलाई में कंपनियों के उत्पादन में 11 फीसद की कमी दर्ज की गई है।
  • कारों और एसयूवी श्रेणी के वाहनों की बिक्री के मामले में भी गिरावट का स्तर बीते 19 साल में सबसे तेज रहा है। जुलाई में इस श्रेणी में 2,00,790 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई जो पिछले वर्ष जुलाई के आंकड़े (2,90,931) से करीब 31 फीसद कम है। पिछली बार इतनी तेज गिरावट दिसंबर 2000 में देखी गई थी जब वाहनों की बिक्री 35.22 फीसद गिरी थी।
  • जहां तक दोपहिया वाहनों का प्रश्न है, तो जुलाई के दौरान बिक्री में 16.82 फीसद की गिरावट दर्ज की गई है। इस महीने दोपहिया कंपनियों ने 15,11,692 यूनिट वाहन बेचे। इसके मुकाबले पिछले वर्ष जुलाई में 18,17,406 दोपहिया वाहन बिके थे।
  • बिक्री में गिरावट का सिलसिला कमर्शियल वाहनों में भी बना हुआ है। इन वाहनों की बिक्री में जुलाई 2019 में 25.71 फीसद की कमी आई है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

पारदर्शी दीवारें

  • हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग से एमटेक अंतिम वर्ष के छात्र रामांश वाजपेयी ने लोहे व स्टील के कचरे और प्लास्टिक फाइबर को मिलाकर ऐसी 'ट्रांसपैरेंट कंक्रीट' बनाई है, जो सूर्य की किरणों को पार जाने देगी। हां, एक खासियत यह भी, इस दीवार से छनकर केवल रोशनी जाएगी, गर्मी नहीं। दीवार भी अंदर से नहीं तपेगी। इससे बिजली की खपत करीब 30 फीसद घटेगी।
  • कार्बन डाई ऑक्साइड मुक्त होने के साथ यह पारदर्शी कंक्रीट साधारण कंक्रीट के मुकाबले 15 फीसद हल्की, 23 फीसद अधिक मजबूत होगी जबकि लागत मौजूदा दीवार के मुकाबले महज 33 फीसद होगी। इसमें उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक ऑप्टिकल फाइबर सस्ते व टिकाऊ होने के साथ ही सूरज की रोशनी को आर-पार करने की क्षमता रखते हैं। इस कंक्रीट में ग्राउंड ग्रेनुलेटेड ब्लास्ट फर्नेस स्लेग (जीजीबीएस) व प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) होने के कारण यह साधारण कंक्रीट की अपेक्षा 15 फीसद हल्की है।
  • डॉ. दीपेश कुमार सिंह के निर्देशन में इस कंक्रीट को तैयार करने वाले छात्र रामांश ने बताया कि इसके जरिए सूरज की 30 फीसद रोशनी घर के अंदर पहुंचेगी। यह साधारण कंक्रीट से 23 फीसद अधिक मजबूत है। उन्होंने ट्रांसपैरेंट कंक्रीट बनाने के लिए 40 फीसद जीजीबीएस का उपयोग कर पाया कि इसका इस्तेमाल करने से साधारण कंक्रीट के मुकाबले महज 33 फीसद लागत रह जाती है। जीजीबीएस से बनी (3 गुणा 3 गुणा 0.1125 घन मीटर) ट्रांसपैरेंट कंक्रीट की लागत करीब 1924 रुपये आई वहीं ईंट व प्लास्टर की इसी आयतन की दीवार की लागत 5800 रुपये आती है।

क्या होता है जीजीबीएस

  • रामांश ने बताया कि लोहे व स्टील उद्योग का बचे कचरे को जीजीबीएस कहते हैं। इससे चूरे में बदलकर पारदर्शी कंक्रीट बनाई जा सकती है। इससे रोशनी तो छनकर आएगी लेकिन हवा और पानी नहीं। इसमें सीलन का भी खतरा नहीं होगा।

चार्जिंग केबल के जरिये भी यूजर का डाटा चोरी

  • अक्सर ऑफिस या किसी यात्रा पर जाने के दौरान हम अपने स्मार्टफोन या आइपैड की चार्जिग केबल साथ में ले जाना भूल जाते हैं। ऐसे में जब फोन चार्ज करना हो तो हमें किसी से चार्जिंग केबल मांगनी पड़ती है। उसे इस्तेमाल करने से पहले हम केबल के सुरक्षित या असुरक्षित होने पर ध्यान हीं नहीं देते।
  • अब एक हैकर ने इन चार्जिग केबल की सुरक्षा पर सवाल खड़ा किया है। उसका कहना है कि चार्जिंग केबल के जरिये भी यूजर का डाटा चोरी किया जा सकता है। ऐसे में बिना सोचे-समझे किसी की भी चार्जिग केबल इस्तेमाल करना घातक हो सकता है।
  • एक रिपोर्ट में एमजी नामक हैकर ने कहा, 'कई लोग पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड के इस्तेमाल के प्रति तो सचेत रहते हैं लेकिन यूएसबी केबल को खतरा नहीं मानते।' एमजी ने ही एपल के यूएसबी पोर्ट में लगने वाली चार्जिग केबल का नमूना तैयार किया है। ओ.एमजी नामक यह नकली केबल बाहर से किसी अन्य चार्जिग केबल की तरह ही दिखती है। लेकिन इस केबल के जरिये हैकर किसी भी डिवाइस में वायरस आदि ट्रांसमिट कर सकते हैं। इसके लिए उस डिवाइस का वाई-फाई नेटवर्क क्षेत्र में होना जरूरी है।
  • हैकर चाहे तो उस डिवाइस में नकली केबल के इस्तेमाल किए जाने की जानकारी भी मिटा सकता है। इस केबल के जरिये कंप्यूटर या स्मार्टफोन की स्क्रीन को लॉक कर उसका पासवर्ड भी पता किया जा सकता है। एमजी ने एपल की केबल में ही कुछ बदलाव कर इस नकली केबल को तैयार किया है। उसका कहना है कि इस केबल को अन्य यूएसबी पोर्टल के लिए भी बनाया जा सकता है। हालांकि वह इस केबल को सिक्योरिटी टूल की तरह इस्तेमाल में लाना चाहता है।

डीएसएलआर कैमरों में मॉलवेयर अटैक

  • कंप्यूटर और स्मार्टफोन के बाद अब हैकर्स की नजर आपके कैमरों पर भी है। सुरक्षा शोधककर्ता ने चेतावनी दी है कि डीएसएलआर कैमरों पर भी रैनसमवेयर या मॉलवेयर (एक तरह का वायरस) हमले हो सकते हैं। साइबर सुरक्षा कंपनी चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि आधुनिक कैमरे यूएसबी और वाई फाई से जुड़े होते हैं, ऐसे में हैकर्स उनके डेटा पर नियंत्रण प्राप्त कर सकते हैं।
  • कंपनी के सुरक्षा शोधकर्ता इयाल इटकिन ने बताया कि कोई भी स्मार्ट डिवाइस, जिसमें डीएसएलआर कैमरे भी शामिल हैं, हैकरों के हमले के लिए संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि कैमरे अब केवल यूएसबी से ही नहीं, बल्कि वाईफाई नेटवर्क से भी कनेक्ट हो रहे हैं। जिसके कारण यह अब हैकरों की जद में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कैमरे पर वायरस से हमला किया जाता है तो उसकी तस्वीरों को हैकर डाउनलोड कर बदले में फिरौती की मांग सकते हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि आधुनिक कैमरों में तस्वीरें फिल्म पर नहीं उतारी जाती है।
  • इसलिए अंतरराष्ट्रीय इमेजिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन ने एक मानक प्रोटोकॉल बनाया है, जिसे पिक्चर ट्रांसफर प्रोटोकॉल (पीटीपी) नाम दिया गया है, इसी के माध्यम से कैमरे से तस्वीरें पीसी पर ट्रांसफर की जाती है। लेकिन अब हो सकता है कि तस्वीरें ट्रांसफर करने के दौरान ही हैकर आपकी तस्वीरें चोरी कर लें। शोधकर्ताओं का कहना है कि कैमरों को हैकरों की पहुंच से बचाने के लिए उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे कैमरे को अपडेट करते रहें। इसके अलावा जब इन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा रहा हो तो कैमरे को बंद कर दें।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए)

  • पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील उत्तराखंड के गांव भी अब प्लास्टिक एवं पॉलीथिन के कचरे से मुक्त हो सकेंगे। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के तहत पंचायतीराज विभाग की इस योजना को मंजूरी दे दी है। योजना में प्रथम चरण में 95 न्याय पंचायतों में एक-एक ग्राम पंचायत का चयन किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत में प्लास्टिक- पॉलीथिन एकत्र करने के मद्देनजर कांपेक्टर मशीन लगेगी। इसके बाद कचरे का हरिद्वार के अलीपुर में लगने वाले रिसाइकिलिंग प्लांट में भेज जाएगा। प्लास्टिक कचरे को एकत्र करने का जिम्मा महिला समूहों को दिया जाएगा और उनसे चार रुपये प्रति किलो की दर से इसे खरीदा जाएगा। ऐसे में गांव में आजीविका के साधन भी विकसित होंगे।
  • शहरी क्षेत्रों की भांति ग्रामीण इलाके भी प्लास्टिक-पॉलीथिन के कचरे से अछूते नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से प्लास्टिक कचरे के निस्तारण पर फोकस किए जाने के बाद राज्य में भी हलचल हुई। राज्य के 92 नगर निकायों में इसकी व्यवस्था की गई है, जबकि अब ग्राम पंचायतों में यह मुहिम शुरू की जा रही है। इस कड़ी में पंचायतीराज मंत्री अरविंद पांडेय के निर्देश पर विभाग की ओर से मसौदा तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया। इसे अब मंजूरी मिल गई है।
  • अपर सचिव पंचायतीराज एचसी सेमवाल ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत गांव प्लास्टिक-पॉलीथिन के कचरे से मुक्त तो होंगे ही, यह आजीविका का साधन भी बनेगा। प्रथम चरण में राज्य की 670 न्याय पंचायतों में से 95 न्याय पंचायतों के एक-एक गांव को लिया जा रहा है। इन गांवों में पॉलीथिन- प्लास्टिक एकत्र करने के लिए शेड बनाने के साथ ही वहां कांपेक्टर मशीन लगाई जाएगी। इसमें संबंधित न्याय पंचायत के आसपास के सभी गांवों से प्लास्टिक- पॉलीथिन को एकत्र किया जाएगा।
  • यह कार्य संबंधित गांवों के महिला समूहों को दिया जाएगा। इनसे चार रुपये प्रति किलो के हिसाब से इसे खरीदा जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एकत्रित प्लास्टिक-पॉलीथिन के निस्तारण को हरिद्वार के अलीपुर में रिसाइकिलिंग प्लांट लगाया जा रहा है। प्लांट में इससे पीवीसी पाइप, प्लास्टिक के दरवाजे जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे।

:: विविध ::

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल-2022 का बहिष्कार

  • निशानेबाजी को बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल-2022 में शामिल न करने पर अब भारत के बाद आस्ट्रेलिया भी इस प्रतियोगिता का बहिष्कार कर सकता है। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने जून में फैसला किया था कि बर्मिंघम में 2022 में होने वाले खेलों में निशानेबाजी को जगह नहीं दी जाएगी। 1970 के बाद से ऐसा पहली बार होगा कि राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी नहीं होगी।

पीटी ऊषा

  • उड़न परी के नाम से मशहूर दिग्गज एथलीट पीटी ऊषा को एशियन एथलेटिक्स आयोग की सदस्य मनोनीत किया गया है। उज्बेकिस्तान के एंड्रे अब्दुवालिव इस आयोग के अध्यक्ष होंगे। आयोग के सदस्य वांग यू (चीन), पीटी ऊषा (भारत), ओल्गा आर (कजाखस्तान), ली हुप वेई (मलयेशिया) और साद शादाद (साऊदी अरब) होंगे।

प्रियम चटर्जी

  • प्रियम चटर्जी भारत के पाक कला परिदृश्य को नये स्वरूप में ढालने में अपने योगदान को लेकर सोमवार को फ्रांस सरकार के ‘शेवलियर डि ऑर्डिड्यू मेरीटे एग्रीकोलेटो’ सम्मान से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय शेफ बन गये।

राष्ट्रमंडल खेल-2022

  • कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार महिला क्रिकेट को शामिल किया गया है। क्रिकेट के अलावा पैरा स्पोर्ट्स और बीच वॉलीबॉल को जगह मिली है।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • स्वच्छ सर्वेक्षण की थीम वाले गीत का शीर्षक क्या है? ('स्वच्छता अधिकार है')
  • स्वच्छ सर्वेक्षण की थीम वाले गीत में किन कलाकारों ने अपना योगदान दिया है? (आवाज़-कैलाश खेर और मोनाली ठाकुर, अभिनय -कंगना रनौत)
  • ऑपरेशन नंबर प्लेट अभियान की शुरुआत किस संस्था के द्वारा की गई है? (रेलवे सुरक्षा बल -आरपीएफ)
  • 'सिटी ऑफ जॉय" के नाम से प्रसिद्ध किस ऐतिहासिक स्थल को विश्व धरोहर बनाने के लिए सरकारी प्रयास किए जा रहे हैं? (मांडू)
  • अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किस स्थान पर किया जाएगा? (कुरुक्षेत्र)
  • केन-बेतवा परियोजना किन-दो राज्यों के मध्य विवाद का विषय है? (उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश)
  • हाल ही में किस संगठन के द्वारा कोरस कमांडो यूनिट का गठन किया गया है? (रेलवे)
  • 'हाउडी, मोदी’ सम्मेलन का आयोजन कहां किया जाएगा? (ह्यूस्टन-अमेरिका)
  • हाल ही में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के द्वारा किस संस्थान के अधिग्रहण का फैसला लिया गया है? (नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड)
  • नीलांचल इस्पात कहां स्थित है एवं कौन से संस्थान/ राज्य इसके भागीदार हैं? (इस्पात मंत्रालय व ओड़िशा सरकार का संयुक्त उद्यम एवं ओडिशा के जयपुर में स्थित)
  • हाल ही में जारी आर्थिक आंकड़ों के अनुसार जुलाई माह में खुदरा महंगाई दर कितनी रही? (3.15%)
  • हाल ही में जारी की गई ऑटो निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम के ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में कुल वाहनों की बिक्री में कितनी फीसद की गिरावट दर्ज की गई है? (18.71 प्रतिशत)
  • हाल ही में हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) के छात्र रामांश वाजपेयी ने किन तत्वों के संयोजन से ट्रांसपेरेंट कंक्रीट बनाने में सफलता हासिल की? (लोहे व स्टील उद्योग का बचे कचरे-जीजीबीएस और प्लास्टिक फाइबर)
  • किस खेल को बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल-2022 में शामिल न करने पर भारत इस प्रतियोगिता का बहिष्कार कर सकता है? (निशानेबाजी)
  • हाल ही में किस भारतीय खिलाड़ी को एशियन एथलेटिक्स आयोग के सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है? (पीटी उषा)
  • किस भारतीय को फ्रांस सरकार के ‘शेवलियर डि ऑर्डिड्यू मेरीटे एग्रीकोलेटो’ सम्मान से सम्मानित किया गया है? (प्रियम चटर्जी)
  • हाल ही में किन खेलों को कॉमनवेल्थ में शामिल किया गया है? (महिला क्रिकेट, पैरा स्पोर्ट्स और वॉलीबॉल)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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