(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (13 सितंबर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (13 सितंबर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

लीड्स इंडेक्‍स 2019

  • हाल में ही ‘लीड्स इंडेक्‍स-2019’ जारी किया गया।
  • लॉजिस्टिक्‍स क्षेत्र में गुजरात शीर्ष रैंकिंग वाला राज्‍य है। इसके बाद पंजाब और आंध्र प्रदेश का नंबर आता है। पूर्वी पहाड़ी राज्‍यों में त्रिपुरा का प्रदर्शन सबसे अच्‍छा है, जबकि चंडीगढ़ का चयन सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन करने वाले केन्‍द्र शासित प्रदेश के रूप में किया गया है।
  • लीड्स इंडेक्‍स वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से किया गया एक विशेष प्रयास है, जिसका उद्देश्‍य लॉजिस्टिक्‍स क्षेत्र में प्रदर्शन की आधार रेखा (बेस लाइन) तय करना है, जो राज्‍य स्‍तर पर उपयोगकर्ताओं (यूजर) और हितधारकों की अवधारणा पर आधारित है।
  • यह राज्‍य सरकार के प्रदर्शन का कोई सूचकांक या इंडेक्‍स नहीं है, लेकिन इसका उपयोग प्रत्‍येक राज्‍य में लॉजिस्टिक्‍स दक्षता की मौजूदा स्थिति का आकलन करने के लिए किया जा सकता है।

राफ्टिंग अभियान ‘रूद्रशिला’

  • सफेद पानी में राफ्टिंग अभियान ‘रूद्रशिला’ को जैसलमेर मिलिट्री स्‍टेशन से मेजर जनरल टी.के. आइच, जनरल ऑफिसर कमांडिंग बैटल एक्स डिवीजन द्वारा 11 सितम्‍बर, 2019 को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह अभियान बैटल एक्स डिवीजन के तत्‍वावधान में कालीधर बटालियन की ओर से संचालित किया गया है।
  • कालीधर बटालियन के 75वें स्‍थापना दिवस पर ‘रूद्रशिला’ अभियान आयोजित किया गया है। ‘रूद्रशिला’ नाम उत्‍तराखंड की पहाडि़यों में अवस्थित गंगा नदी की सहायक नदी रुद्रप्रयाग पर रखा गया है। कालीधर बटालियन की स्‍थापना 1 नवम्‍बर, 1943 को हुई थी और इसने भारतीय सेना के सभी प्रमुख परिचालनों में भाग लिया है। वर्ष 1953 में कोरिया में तैनाती और वर्ष 2005-06 में कांगो में संयुक्‍त राष्‍ट्र के शांति मिशन में तैनाती भी इन प्रमुख परिचालनों में शामिल है।

प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना

  • किसानों का जीवन सुरक्षित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की राजधानी रांची में प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना का शुभारंभ किया। इस योजना से 5 करोड़ लघु और सीमांत किसानों का जीवन सुरक्षित होगा। ऐसे किसानों को 60 वर्ष की आयु होने पर न्यूनतम 3000 रुपये प्रति माह पेंशन उपलब्ध करायी जाएगी।

व्यापारियों और स्वरोजगार में लगे व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना

  • प्रधानमंत्री ने झारखंड की राजधानी रांची में व्यापारियों और स्वरोजगार में लगे व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना भी शुरू की। इस योजना का उद्देश्य छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार में लगे व्यक्तियों को 60 वर्ष की आयु होने पर न्यूनतम 3000 रुपये प्रति माह पेंशन उपलब्ध करायी जाएगी। इस योजना से लगभग 3 करोड़ छोटे व्यापारी लाभान्वित होंगे।

नया संसद भवन

  • तीन साल बाद जब देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा तो राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट और उसके आसपास भी बहुत कुछ बदला होगा। नया संसद भवन और नया केंद्रीय सचिवालय। नए संसद भवन के निर्माण की प्रक्रिया बृहस्पतिवार को पहली निविदा खुलने के साथ शुरु हो गई। इसके साथ ही ऐसा केंद्रीय सचिवालय भी बनाया जाएगा, जिसमें पूरी सरकार एक साथ बैठ सके। राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक सेंट्रल विस्टा विकसित किया जाएगा।
  • शहरी विकास मंत्रालय में इसके लिए बृहस्पतिवार को पहली निविदा खुली, जिसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) दो सितंबर को ही जारी कर दिया गया था। मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक देश की राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक के सेंट्रल विस्टा के पुनर्निर्माण का काम 30 जनवरी 2020 से चालू कर दिया जाएगा। इसे हर हाल में नवंबर 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य है, ताकि अगले साल यानी 2021 के 26 जनवरी की परेड यहां कराई जा सके।
  • वर्ष 2022 तक संसद भवन की नई इमारत तैयार हो जाएगी
  • नवंबर 2020 तक सेंट्रल विस्टा विकसित हो जाएगा

‘एक राष्ट्र, एक मानक’

  • केंद्र सरकार उपभोक्ताओं के लिये बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद एवं सेवाएं सुनिश्चित करने के वास्ते ‘एक राष्ट्र, एक मानक’ पर गंभीरता से काम कर रही है।
  • अभी बीआईएस एकमात्र राष्ट्रीय इकाई है जो मानक तय करती है। इसने अभी तक विभिन्न उत्पादों और सेवाओं के लिये 20 हजार से अधिक मानक तय किये हैं। इसके अलावा करीब 50 अन्य एजेंसियां हैं जिन्होंने करीब 400 मानक तय किये हैं।
  • फिलहाल देश में एक ही उत्पाद या सेवा के लिये कई मानक विद्यमान हैं। इन सभी को बीआईएस के साथ मिला दिया जाये। एक समान राष्ट्रीय मानक से अधिक उत्पादों के लिये इसे अनिवार्य बनाने में मदद मिलेगी।
  • उपभोक्ता मामलों के सचिव अविनाश के. श्रीवास्तव ने कहा कि अन्य विभागों के पास अपने अलग मानक हैं। उदाहरण के लिये एफएसएसएआई खाद्य उत्पादों के लिये मानक तय करता है जबकि वाहन शोध संगठन वाहनों के क्षेत्र में मानक निर्धारित करता है। उन्होंने कहा, ‘‘इन मानकों को बीआईएस के साथ मिलाने तथा उन्हें एक बनाने की जरूरत है। इससे मानकों के आसान क्रियान्वयन एवं निगरानी में मदद मिलेगी।

अरुण जेटली स्टेडियम

  • दिल्ली के फिरोज शाह कोटला क्रिकेट स्टेडियम का नाम गुरुवार को बदल दिया गया। यह स्टेडियम अब पूर्व वित्त मंत्री और दिल्ली एंड जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के अध्यक्ष अरुण जेटली के नाम पर जाना जाएगा।
  • दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एक कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम के नाम को बदलने के साथ-साथ नए पवेलियन स्टैंड का नाम भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के नाम पर रखा गया।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

SCO देशों का पहला सैन्य चिकित्सा सम्मेलन

  • शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों का पहला सैन्य चिकित्सा सम्मेलन 12-13 दिसंबर को दिल्ली में हो रहा है। भारतीय सश्सत्र बल हेडक्वाटर्स इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (एचक्यूआईडीएस) ने इस सम्मेनलन का आयोजन किया है। इसका लक्ष्य सैन्य चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट पद्धतियों को साझा करना और क्षमताओं का निर्माण करना है।
  • दिल्ली में मानेकशॉ सेंटर में हो रहे इस दो दिवसीय सम्मेलन में 27 देशों के प्रतिनिधि मंडल हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ भी मौजूद हैं।
  • दो दिवसीय इस सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने कहा कि हम जैव आतंकवाद (bio terrorism) के खतरे से निपटने के लिए निर्माण क्षमताओं के महत्व को रेखांकित करना चाहते हैं। जैव आतंक आज एक वास्तविक खतरा है। सशस्त्र बलों और इसकी चिकित्सा सेवाओं का मुकाबला करने के लिए सबसे आगे रहने की जरूरत है। वहीं, भारतीय वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ ने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (एएफएमएस) की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञता के मामले में गति बनी रहे।

जैविक हथियार?

  • उल्लेखनीय है कि कीटाणुओं, विषाणुओं अथवा फफूंद जैसे संक्रमणकारी तत्वों जिन्हें जैविक हथियार कहा जाता है का युद्ध में नरसंहार के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। सिंह ने एएफएमएस से कहा कि इन खतरों से हताहत प्रबंधन रणनीतियों के संबंध में एक स्पष्ट, प्रभावी और पूर्वाभ्यास वाले प्रोटोकॉल बनाएं जाने चाहिए।
  • उन्होंने कहा, प्रोटोकॉल और रणनीतियां बनाते वक्त केवल परिचालन वातावरण और संचालन की प्रकृति ही नहीं बल्कि इसके साथ ही एएफएमएस को क्षमताओं का भी ध्यान रखना होगा। गौरतलब है कि बायो टेररिज्म के जरिए अक्सर बैक्टीरिया और कई नई तकनीक के जरिए हमला किया जाता है। जो हथियारों से और भी ज्यादा खतरनाक होता है।

क्या है शंघाई सहयोग संगठन

  • अप्रैल 1996 में शंघाई में एक बैठक हुई जिसमें चीन, रूस, कज़ाकस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान शामिल हुए। इस दौरान वह आपस में एक-दूसरे के नस्लीय और धार्मिक तनावों से निपटने के लिए सहयोग करने पर राजी हुए थे। तब इसे शंघाई-फाइव के नाम से जाना जाता था।
  • हालांकि असल रूप में एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 में हुई थी। इसकी स्थापना तब चीन, रूस और चार मध्य एशियाई देशों कज़ाकस्तान, किर्ग़िस्तान, ताजिकिस्तान और उज़बेकिस्तान के नेताओं ने मिलकर की थी। नस्लीय और धार्मिक चरमपंथ से निपटने और व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए समझौत हुआ था।

ग्लोबल एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट हब

  • भारत एक नए सदस्य के रूप में ग्लोबल एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (एएमआरआरएंडडी) हब में शामिल हो गया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने नई दिल्ली में यह घोषणा की। इससे एएमआरआरएंडडी में चुनौतियों का सामना करने और 16 देशों, यूरोपीय आयोग, 2 परोपकारी प्रतिष्ठानों और 4 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों (पर्यवेक्षकों के रूप में) में सहयोग और समन्वय में सुधार लाने के लिए वैश्विक भागीदारी का विस्तार हुआ है।
  • जी-20 नेताओं द्वारा 2017 में किए गए आह्वान के कारण विश्व स्वास्थ्य एसेंबली के 71वें सत्र से इतर इस केंद्र की शुरूआत मई, 2018 में की गई थी। ग्लोबल एएमआरआरएंडडी हब का परिचालन बर्लिन स्थित सचिवालय से हो रहा है। वर्तमान में इसे जर्मन संघीय शिक्षा और अनुसंधान मंत्रालय (बीएमबीएफ) और संघीय स्वास्थ्य मंत्रालय (बीएमजी) से प्राप्त अनुदान के माध्यम से वित्तपोषित किया जा रहा है।
  • इस वर्ष से भारत इसका सदस्य होगा। ग्लोबल एएमआरआरएंडडी हब की भागीदारी से भारत सभी भागीदारों देशों की मौजूदा क्षमताओं और संसाधनों और सामूहिक रूप से ने अनुसंधान और विकास हस्तक्षेपों के बारे में ध्यान केंद्रित करते हुए भरपूर लाभ उठाएगा और दवा प्रतिरोधी संक्रमणों से निपटने में सक्षम होगा। एएमआर दवा के प्रभाव का प्रतिरोध करने के लिए एक माइक्रोब की क्षमता है। इससे माइक्रोब का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। आज एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध का उद्भव और प्रसार पूरे विश्व में बिना किसी बाधा के व्याप्त है। एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध के महत्वपूर्ण और परस्पर आश्रित मानव, पशु और पर्यावरणीय आयामों को देखते हुए भारत एक स्वास्थ्य पहुंच के माध्यम से एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध के मुद्दों का पता लगाना उचित मानता है। इसके लिए सभी हितधारकों की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और सहयोग अपेक्षित है।

कॉन्सुलर एक्सेस

  • पाकिस्तान ने गुरुवार को भारतीय राजनायिकों को कुलभूषण जाधव से दूसरी बार मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। पाक के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैजल ने कहा था कि जाधव को दूसरी बार कॉन्सुलर एक्सेस नहीं दिया जाएगा। इस पर भारतीय ने कहा है कि हम इस मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के आदेश को पूरी तरह लागू करवाने की कोशिश करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता र‌वीश कुमार ने कहा कि हम डिप्लोमैटिक चैनल्स के जरिए पाक के साथ संपर्क में हैं।
  • इससे पहले आईसीजे के आदेश के बाद 2 सितंबर को पाकिस्तान ने कुलभूषण को कॉन्सुलर एक्सेस दिया था। लेकिन, इस मुलाकात के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि एक घंटे की इस मुलाकात के दौरान यह स्पष्ट था कि कुलभूषण अत्यधिक दबाव में थे। उन पर पाक के झूठे दावे को सही साबित करने का दबाव दिखाई दे रह था। कुलभूषण 3 साल से ज्यादा वक्त से पाक जेल में बंद हैं।

पृष्ठभूमि

  • भारत के रिटायर्ड नेवी अफसर जाधव को पाक की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप पर मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद भारत मामले को हेग (नीदरलैंड) स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में ले गया था। कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी। इस साल जुलाई में आईसीजे ने पाक को आदेश दिया था कि वह बिना देर किए जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस मुहैया करवाए।
  • पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने रविवार को कहा था कि जाधव को वियना कन्वेंशन के तहत काउंसलर एक्सेस मिलेगा। उन्होंने कहा यह एक्सेस आईसीजे के फैसले और पाकिस्तान के कानून के तहत दिया जाएगा। पाकिस्तान सरकार ने आईसीजे के फैसले के 11 दिन बाद कुलभूषण को सशर्त एक्सेस देने का निर्णय लिया था।

पैंगोंग झील

  • पाकिस्तान से तनाव के बीच बुधवार को लद्दाख बॉर्डर पर भारत और चीनी सैनिकों के बीच भिड़ंत हो गई। समाचार एजेंसी एएनआइ ने भारतीय सेना के हवाले से ट्वीट करते हुए बताया कि पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे के पास दोनों सेनाओं का आमना-सामना हुआ। इस झील का एक तिहाई हिस्सा चीन के नियंत्रण में है।
  • जानकारी अनुसार काफी देर तक दोनों देशों के सैनिकों के बीच धक्का-मुक्की होती रही। बताया जा रहा है कि भारतीय सैनिक पट्रोलिंग पर थे और तभी उनका सामना चीन के पीपल्स लिब्रेशन आर्मी के सैनिकों के साथ हो गया। चीनी सैनिकों ने भारतीय सेना के मौजूदगी का विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई।दोनों देशों की तरफ से इलाके में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी गई। देर शाम तक दोनों में संघर्ष चलता रहा।दोनों देशों के बीच संघर्ष तब शांत हुआ जब दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई।

पिछले साल जुलाई में चीन ने किया था सीमा उल्लंघन

  • बताया जा रहा है कि भारतीय जवान भारत के ही सीमा में थे। इसलिए चीन की आपत्ति करने पर वे वहां से नहीं हटे। गौरतलब है कि चीन लगातार लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) का उल्लंघन करता रहता है। इससे पहले चीनी सैनिकों ने पिछले साल जुलाई लद्दाख के उत्तरी हिस्से में घुसपैठ कर तंबू लगा दिए थे। इसके बाद दोनों सेनाओं के बीच पहली बार आमना - सामना हुआ।

सीमा उल्लंघन की घटनाओं में कमी

  • सेना ने बुधवार की घटना के बाद शिकायत दर्ज की और जहां दोनों सेनाओं के बीच ताजा भिड़ंत हुई है उसी के पास चुशुल-मोल्दो में सीमा कर्मियों की बैठक करने के लिए कहा है।हाल के वर्षों में दोनों देशों की सेनाओं के आमने-सामने और सीमा उल्लंघन की घटनाओं में कमी आई है। रक्षा मंत्रालय ने 2018-19 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि भारत-चीन सीमा पर स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष की तुलना में, इस वर्ष सीमा उल्लंघन की संख्या में काफी कमी आई है। नतीजतन, इस दौरान दोनों देशों के आमना-सामना और आक्रामक बातचीत के प्रतिशत भी इस साल कमी दर्ज की गई है।

पाकिस्तान के साथ चीन

  • बता दें कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के और इसे दो भागों में बांटने के बाद से पाकिस्तान के साथ चीन भी इसका विरोध कर रहा है। चीन को लद्दाख को केंद्रीय शासित प्रदेश बनाना खटक रहा है। वह कश्मीर मुद्दे पर यूएन में पाकिस्तान का साथ दे चुका है। ध्यान रहे कि गृह मंत्री अमित शाह यह साफ कर चुके हैं कि पीओके और अक्साई चिन भी भारत का हिस्सा है। जब भी कश्मीर पर बात होगी तो पीओके के साथ-साथ अक्साई चिन पर भी बातचीत होगी।

वैज्ञानिक शोध की ग्लोबल रैकिंग

  • शोध को लेकर भारत में बदले माहौल का असर अब दिखने लगा है। भौतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों से जुड़े शोध में भारत दुनिया में नंबर एक पर है। हालांकि इसके बाद भी भारत वैज्ञानिक शोध से जुड़े क्षेत्र में जिन देशों से अभी भी पीछे है, उनमें अमेरिका, चीन, ब्रिटेन और जर्मनी शामिल है। इस रैकिंग का आधार साइंस जर्नल में प्रकाशित होने वाले शोध पत्र हैं।
  • ग्लोबल रैकिंग में भौतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र से जुड़े शोध में भारत जहां पूरी दुनिया में नंबर पर है, वहीं रसायन विभाग और गणित के क्षेत्र में वह दुनिया में दूसरे स्थान पर है, जबकि 2013 से पहले भारत इन क्षेत्रों में आठवें स्थान पर था। रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने पांच सालों में शोध के क्षेत्र में भारत ने बड़ी छलांग जिस क्षेत्र में लगाई है, वह कम्प्यूटर साइंस है। जिससे अब वह सातवें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
  • शोध के क्षेत्र में भारत ने यह बढ़त 14 फीसद सालाना की दर से हासिल की है। यह स्थिति तब है जब इस क्षेत्र में दुनिया की औसतन बढ़त चार फीसद है।
  • वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में 2013 में भारत नवें स्थान पर था। उस समय सरकार 2020 तक इस क्षेत्र में पांचवें स्थान पर पहुंचने का लक्ष्य तय किया था। हालांकि भारत ने यह सफलता तय लक्ष्य से साल भर पहले ही हासिल की। अब सरकार ने 2030 तक
  • विज्ञान से जुड़े शोध में भारत ने दुनिया के जिन बड़े देशों को रैकिंग में पीछे छोड़ा है, उनमें जापान, फ्रांस, इटली, कनाडा और आस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल है।

:: राजव्यवस्था और महत्वपूर्ण विधेयक ::

जनजातीय क्षेत्र का दर्जा

  • लद्दाखी अपने लिए जनजातीय क्षेत्र का दर्जा इसलिए पाना चाहते हैं ताकि देश के दूसरे हिस्सों से लोग आकर वहां बस नहीं पाएं।
  • राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने लद्दाख को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की केंद्र सरकार से सिफारिश की है। लेकिन उसने यह सिफारिश पांचवीं नहीं, बल्कि छठी अनुसूची के तहत की है। पांचवीं अनुसूची के तहत असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम को जनजातीय क्षेत्र घोषित किया गया है। ये राज्य जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अधीन आते हैं। वहीं, छठी अनुसूची के तहत उत्तर पूर्व के चार राज्यों को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा हासिल है। ये राज्य गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं।
  • लद्दाखी अपने लिए जनजातीय क्षेत्र का दर्जा इसलिए पाना चाहते हैं ताकि देश के दूसरे हिस्सों से लोग आकर वहां बस नहीं पाएं। ऐसे में उन्हें लद्दाख की जनसांख्यिकी बदलने का खतरा नहीं रहेगा। साथ ही, वहां की जमीन पर उनके विशेषाधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। दरअसल, लद्दाख 31 अक्टूबर से आधिकारिक तौर पर केंद्र शासित प्रदेश बन जाएगा, इसलिए देश के अन्य हिस्से में लागू कानून भी वहां लागू हो जाएंगे। ऐसे में लद्दाख में भी जमीन खरीदने का हक भी देशवासियों को मिल जाएगा। इसी से बचने के लिए लद्दाख ने खुद के लिए आदिवासी क्षेत्र दर्जे की मांग की है।

आर्थिक रूप से होगा फायदा

  • जनजातीय क्षेत्र घोषित होने के बाद लद्दाख को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित होने वाले केंद्रीय फंड का बड़ा हिस्सा मिलने लगेगा। राज्यों को आवंटित फंड सामान्य केंद्रीय सहायता (एनसीए) कहलाती है और इसका अनुपात 30:70 का होता है। एनसीए का 30 फीसद हिस्सा 11 विशेष राज्यों को जाता है, जबकि बाकी के राज्यों में शेष बचा 70 फीसद फंड बांट दिया जाता है। इसके अतिरिक्त राज्यों में केंद्र सरकार की योजनाओं की 90 फीसद फंडिंग भी केंद्र ही करता है, जबकि शेष 10 फीसद रकम राज्यों को बिना ब्याज के लोन के रूप में दी जाती है।

स्थानीय निकाय होंगे मजबूत

  • छठी अनुसूची जनजातीय समुदायों को काफी स्वायत्तता प्रदान करती है। इसके तहत जिला परिषद और क्षेत्रीय परिषद के पास कानून बनाने की वास्तविक शक्ति होती है। ये निकाय विकास, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, सड़क और नियामक शक्तियों के लिए योजनाओं की लागतों को पूरा करने के लिए भारत की संचित निधि से सहायता राशि स्वीकृत कर सकते हैं।

50 फीसद आबादी आदिवासी

  • जनगणना 2011 के अनुसार, लेह और कारगिल की 80 फीसद आबादी और लद्दाख की 90 फीसद आबादी आदिवासियों की है। ऐसे में 50 फीसद से अधिक आबादी आदिवासियों की होने के कारण केंद्र शासित इस प्रदेश को जनजातीय क्षेत्र पाने का हक मिलता है। चूंकि लद्दाख में विधानसभा नहीं है, इसलिए यहां विधानसभा सीटों पर आदिवासी समुदायों को मिलने वाले आरक्षण का प्रावधान यहां लागू नहीं हो सकता है।

संजय मित्रा कमेटी

  • केंद्र शासित प्रदेश बनने जा रहे जम्मू कश्मीर व लद्दाख में परिसंपत्तियों के बंटवारे की प्रक्रिया के चलते राज्य प्रशासन ने कमेटी गठित की है। जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन का कार्य 31 अक्टूबर से पहले पूरा हो जाना है। चार सदस्यीय कमेटी दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ व देश के अन्य कुछ हिस्सों में जम्मू कश्मीर, लद्दाख की परिसंपत्ति के बंटवारे पर काम करेगी।
  • आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रशासनिक सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी के सदस्यों में योजना, राजस्व विभाग के प्रशासनिक सचिव सदस्य होंगे। इसमें वित्त विभाग का अतिरिक्त सचिव या इससे बड़े रैंक का अधिकारी भी सदस्य होगा। कमेटी को काम करने में वित्त विभाग की ओर से सहयोग दिया जाएगा। यह आदेश वीरवार को सरकार के उप सचिव गिरधारी लाल की ओर से जारी किया गया।
  • जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन के फैसले के बाद दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में प्रदेश की सरकारी संपत्ति को जरूरत के अनुरूप से दोनों में विभाजित किया जाना है। इनमें जल स्रोत, बिजली व सरकारी विभागों, कर्मचारियों को भी इस तरह से विभाजित किया जाना है कि दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में एक नवंबर से सुचारु रूप से काम चल पाएं। इस मामले में केंद्र सरकार की कमेटी भी काम कर रही है।
  • केंद्रीय गृहमंत्रालय की जम्मू कश्मीर व लद्दाख में परिसंपत्तियों के बंटवारे के लिए बनी कमेटी की अध्यक्षता पूर्व रक्षा सचिव संजय मित्रा कर रहे हैं। सेवानिवृत आइएएस अधिकारी अरूण गोयल व सेवानिवृत्त इंडियन अकाउंट सर्विस के सेवानिवृत अधिकारी गिरिजा प्रसाद गुप्ता इस कमेटी के सदस्य हैं।

World University Rankings 2020

  • ग्‍लोबल रैंकिंग 2020 (World University Rankings 2020) की टॉप 300 की लिस्ट में भारत की एक भी यून‍िवर्सि‍टी शाम‍िल नहीं है. 2012 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत की कोई भी यून‍िवर्सि‍टी इस लिस्ट में जगह नहीं बना पाई है. हालांकि ओवरऑल रैंकिंग (Global University Rankings 2020) में पिछले साल के मुकाबले भारतीय यूनिवर्सिटी की संख्‍या इस बार ज्‍यादा है. 2018 में जहां 49 संस्‍थानों ने इस सूची में स्‍थान म‍िला था, वहीं इस बार 56 संस्‍थानों को स्थान मिला है. भारत के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) बैंगलोर ने टॉप 350 में जगह बनाई है. दूसरी ओर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रोपड़ भी इस बार टॉप 350 रैंकिंग में पहुंच गया है.
  • आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi), आईआईटी खड़गपुर और जामिया मिल्लिया समेत कुछ की रैंकिंग में सुधार हुआ है. टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) की वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2020 में इस साल टॉप 500 यूनिवर्सिटी में भारत की छह यूनिवर्सिटियों को जगह मिली है. वहीं, ग्‍लोबल रैंकिंग 2020 में चीन की यूनिवर्सिटी ने इस बार अच्छा स्थान प्राप्त किया है. चीन की Tsinghua यूनिवर्सिटी को ग्लोबल रैंकिंग में 23वें स्‍थान और Peking को 24वें स्थान पर पहुंच गई है.
  • यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्‍सफोर्ड पिछले चार सालों से ग्‍लोबल रैंकिंग में पहले पायदान पर बनी हुई है. इस साल भी विश्व रैंकिंग में ऑक्‍सफोर्ड टॉप पर है.

ये हैं टॉप 3 यूनिवर्सिटी (Top 10 Universities)

  1. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी
  2. कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
  3. यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

व्‍यापार बोर्ड

  • केन्‍द्रीय वाणिज्‍य एवं उद्योग और रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्‍य एवं उद्योग राज्‍य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी तथा श्री सोम प्रकाश ने आज नई दिल्‍ली में व्‍यापार बोर्ड की दूसरी बैठक को संबोधित किया।
  • व्‍यापार विकास एवं संवर्धन परिषद का विलय व्‍यापार बोर्ड में कर दिया गया है और दोनों ही निकायों के प्रतिनिधियों ने आज की संवादात्‍मक बैठक में भाग लिया।

जुलाई 2019 में औद्योगिक विकास दर

  • जुलाई, 2019 में औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक (आईआईपी) 131.1 अंक रहा जो जुलाई, 2018 के मुकाबले 4.3 फीसदी ज्‍यादा है। इसका मतलब यही है कि जुलाई, 2019 में औद्योगिक विकास दर 4.3 फीसदी रही। उधर, अप्रैल-जुलाई, 2019 में औद्योगिक विकास दर पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 3.3 फीसदी आंकी गई है।
  • जुलाई, 2019 में खनन, विनिर्माण (मैन्‍युफैक्‍चरिंग) एवं बिजली क्षेत्रों की उत्‍पादन वृद्धि दर जुलाई, 2018 के मुकाबले क्रमश: 4.9 फीसदी, 4.2 फीसदी तथा 4.8 फीसदी रही। उधर, अप्रैल-जुलाई, 2019 में इन तीनों क्षेत्रों यानी सेक्‍टरों की उत्‍पादन वृद्धि दर पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में क्रमश: 3.4, 2.8 तथा 6.6 फीसदी आंकी गई है।
  • उद्योगों की दृष्टि से विनिर्माण क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों (दो अंकों वाली एनआईसी-2008 के अनुसार) में से 13 समूहों ने जुलाई, 2018 की तुलना में जुलाई, 2019 के दौरान धनात्मक वृद्धि दर दर्ज की है। इस दौरान 'खाद्य उत्‍पादों के विनिर्माण' ने 23.4 प्रतिशत की सर्वाधिक धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसके बाद ‘बुनियादी धातुओं के विनिर्माण’ का नम्बर आता है जिसने 17.3 प्रतिशत की धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसी तरह ‘पहनने वाले परिधानों के विनिर्माण’ ने 15.0 प्रतिशत की धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है।
  • वहीं, दूसरी ओर उद्योग समूह ‘कागज एवं कागज उत्‍पादों के विनिर्माण’ ने (-) 15.4 प्रतिशत की सर्वाधिक ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसके बाद 'मोटर वाहनों, ट्रेलरों एवं सेमी-ट्रेलरों के विनिर्माण' का नंबर आता है जिसने (-) 13.3 प्रतिशत की ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसी तरह रिकॉर्डेड मीडिया की प्रिंटिंग एवं रिप्रोडक्‍शन ने (-) 10.9 प्रतिशत की ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है।
  • उपयोग आधारित वर्गीकरण के अनुसार जुलाई, 2019 में प्राथमिक वस्‍तुओं (प्राइमरी गुड्स), पूंजीगत सामान, मध्‍यवर्ती वस्तुओं एवं बुनियादी ढांचागत/निर्माण वस्‍तुओं की उत्‍पादन वृद्धि दर जुलाई 2018 की तुलना में क्रमश: 3.5 फीसदी, (-) 7.1 फीसदी, 13.9 फीसदी और 2.1 फीसदी रही। जहां तक टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान का सवाल है, इनकी उत्‍पादन वृद्धि दर जुलाई, 2019 में (-) 2.7 फीसदी रही है। इसी तरह गैर-टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान की उत्‍पादन वृद्धि दर जुलाई, 2019 में 8.3 फीसदी रही।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई दर

  • सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय के केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने आज अगस्‍त, 2019 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े जारी किए। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सीपीआई आधारित महंगाई दर 2.18 फीसदी (अनंतिम) रही, जो अगस्‍त 2018 में 3.41 फीसदी थी। इसी तरह शहरी क्षेत्रों के लिए सीपीआई आधारित महंगाई दर अगस्‍त, 2019 में 4.49 फीसदी (अनंतिम) आंकी गयी, जो अगस्‍त 2018 में 3.99 फीसदी थी। ये दरें जुलाई 2019 में क्रमशः 2.19 तथा 4.22 फीसदी (अंतिम) थीं।
  • केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने आज अगस्‍त, 2019 के लिए उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े भी जारी किए। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सीएफपीआई आधारित महंगाई दर 0.85 फीसदी (अनंतिम) रही जो अगस्‍त 2018 में 1.14 फीसदी थी। इसी तरह शहरी क्षेत्रों के लिए सीएफपीआई आधारित महंगाई दर अगस्‍त, 2019 में 7.07 फीसदी (अनंतिम) आंकी गई जो अगस्‍त, 2018 में -1.21 फीसदी थी। ये दरें जुलाई 2019 में क्रमशः 0.57 तथा 5.61 फीसदी (अंतिम) थीं।
  • अगर शहरी एवं ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों पर समग्र रूप से गौर करें तो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर अगस्‍त, 2019 में 3.21 फीसदी (अनंतिम) आंकी गई है, जो अगस्‍त 2018 में 3.69 फीसदी (अंतिम) थी। वहीं, सीपीआई पर आधारित महंगाई दर जुलाई 2019 में 3.15 फीसदी (अंतिम) थी। इसी तरह यदि शहरी एवं ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों पर समग्र रूप से गौर करें तो उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) पर आधारित महंगाई दर अगस्‍त, 2019 में 2.99 फीसदी (अनंतिम) रही है, जो अगस्‍त, 2018 में 0.29 फीसदी (अंतिम) थी। वहीं, सीएफपीआई पर आधारित महंगाई दर जुलाई 2019 में 2.36 फीसदी (अंतिम) थी।
  • सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय के केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने उपभोक्ता‍ मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के लिए आधार वर्ष को 2010=100 से संशोधित करके 2012=100 कर दिया है। यह संशोधन जनवरी 2015 के लिए सूचकांकों को जारी किए जाने से प्रभावी किया गया है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

विक्रम लैंडर

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) चंद्रयान 2 के विक्रम से संपर्क स्‍थापित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। विक्रम की लैंडिंग के बाद से अब तक 6 दिन बीत चुके, लेकिन अब तक किसी तरह की सफलता नहीं मिली है। वहीं अब इसरो की मदद के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजंसी नासा (NASA) सामने आई है।
  • इसरो के एक अधिकारी के मुताबिक अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) विक्रम को रेडियो सिग्नल भेज रहा है, ताकि लैंडर विक्रम के साथ संचार लिंक स्थापित किया जा सके। यह प्रयास 20-21 सितंबर को तक जारी रहेगा जबतक की उस क्षेत्र में सूरज की रोशनी होगी, जहां विक्रम लैंडर की लोकेशन मिली है। बता दें कि
  • इसरो ने विक्रं लैंडर से संपर्क स्थापित करने के लिए अपने डीप स्पेस नेटवर्क (डीएसएन) के जरिए लगातार साथ संकेत भेज रहा है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि विक्रम से जल्द से जल्द संपर्क कर लिया जाएगा। इसरो बेंगलुरु के पास बयालालू आईडीएसएन की मदद से विक्रम से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
  • खगोलविद स्कॉट टायली ने भी ट्वीट कर विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित होने की संभावना जताई है। स्कॉट टायली वही हैं, जिन्होंने साल 2018 में अमेरिका के मौसम उपग्रह को ढूंढ निकाला था। यह इमेज सैटेलाइट नासा द्वारा 2000 में लॉन्च की गई थी, जिसके पांच साल बाद इससे संपर्क टूट गया था।
  • इससे पहले चंद्रयान 2 ऑर्बिटर में हाई रिजोल्यूशन कैमर ने चंद्रमा की सतह पर पड़े विक्रम की तस्‍वीर भेजी थी। तस्‍वीर के अनुसार, विक्रम लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उस जगह के बिल्‍कुल करीब है जहां उसे लैंड करना था। हालांकि, वह झुका हुआ है। वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि हो सकता है उसके उपकरण क्षतिग्रस्‍त हो गए हों।
  • फिलहाल ऑर्बिटर चांद की कक्षा में 100 किलोमीटर की दूरी पर सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है। हालांकि, 2379 किलो वजन के ऑर्बिटर को एक साल तक के मिशन के लिए प्रोग्राम किया गया है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि उसमें इतना ईंधन है कि वह सात सालों तक अपना काम जारी रखेगा।

के2-18बी ग्रह

  • नेचर एस्ट्रोनॉमी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, के2-18बी ऐसा पहला ज्ञात ग्रह है, जिस पर पानी और धरती जैसा तापमान दोनों पाया गया है। इसलिए यह ग्रह रहने योग्य हो सकता है। इसका द्रव्यमान हालांकि धरती से आठ गुना ज्यादा है। शोधकर्ताओं ने बताया कि के2-18बी ग्रह अपने दूरस्थ बौने तारे के2-18 की परिक्रमा करता है। यह हमारी धरती से 110 प्रकाश वर्ष दूर लियो तारामंडल में स्थित है। खगोलविदों का कहना है कि किसी तारे की परिक्रमा कर रहे ग्रह के वातावरण में पहली बार सफलतापूर्वक पानी की पहचान की गई है।
  • खगोलविदों ने ईएसए/नासा हब्बल स्पेस टेलीस्कोप द्वारा साल 2016 से 2017 के दौरान जुटाए गए आंकड़ों का अध्ययन किया। इन आंकड़ों के जरिये के2-18बी के वातावरण के विश्लेषण के आधार पर पानी की पहचान की गई।
  • शोधकर्ताओं ने कहा कि जलवाष्प की निशानी से यह संकेत मिल रहा है कि ग्रह के वातावरण में हाइड्रोजन और हीलियम की मौजूदगी भी हो सकती है। उनका यह भी मानना है कि के2-18बी ग्रह के वातावरण में नाइट्रोजन और मीथेन होने के भी संकेत मिले हैं। लेकिन मौजूदा निरीक्षणों में इनकी पहचान नहीं हो पा रही है।
  • वर्ष 2015 में नासा के केपलर अंतरिक्षयान ने के2-18बी ग्रह की खोज की थी। यह जिस लाल बौने तारे की परिक्रमा करता है, वह बेहद ठंडा है।

माइक्रोग्रेविटी इंवेस्टिगेशन ऑफ सीमेंट सॉलिडीफिकेशन (एमआइसीएस) प्रोजेक्ट

  • इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आइएसएस) में अंतरिक्ष यात्रियों ने पहली बार सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में सीमेंट के प्रमुख घटक में पानी मिलाकर उसे ठोस बनाया है। नासा ने बताया कि इससे भविष्य में दूसरे ग्रहों पर मनुष्यों को विकिरण और अत्यधिक तापमान से बचाने में मदद मिल सकती है।शोधकर्ताओं ने ठोस हुए सीमेंट की जांच भी की। दरअसल, वह यह समझना चाहते थे कि सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण के तहत हुई प्रक्रिया में रसायन विज्ञान और सूक्ष्म संरचनाएं किस तरह से बदली हैं।
  • अपने प्रयोग को नासा ने माइक्रोग्रेविटी इंवेस्टिगेशन ऑफ सीमेंट सॉलिडीफिकेशन (एमआइसीएस) प्रोजेक्ट नाम दिया है। इस प्रयोग में शोधकर्ताओं ने सीमेंट के लोकप्रिय घटक ट्राइ कैल्शियम सिलिकेट और पानी को पृथ्वी के बाहर पहली बार आपस में मिलाया। नासा ने बताया कि एमआइसीएस प्रोजेक्ट में अंतरिक्ष विज्ञानियों ने पता लगाया कि क्या सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में सीमेंट जमाकर एक मजबूत स्ट्रक्चर तैयार किया जा सकता है।
  • वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में बनाए गए ठोस सीमेंट के सैंपल (नमूने) और धरती पर बनाए गए सैंपल की तुलना भी की। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा कि जब मनुष्य चांद या मंगल पर रुकने के लिए जाएगा। उसे मजबूत जगह का निर्माण करना होगा, जिसमें वह रहकर काम कर सके। यह कंक्रीट ही है जो पृथ्वी में सबसे ज्यादा उपयोग में लाया जाने वाला बिल्डिंग मैटेरियल है।
  • नासा ने कहा कि दूसरे ग्रह में ब्रह्मांड के विकिरण से सुरक्षा देने के लिए कंक्रीट ही पर्याप्त सामग्री है, जिसकी मदद से हम किसी ग्रह में मौजूद ठोस चट्टानों को मिलाकर कॉलोनियां बनाई जा सकती हैं। हालांकि, कंक्रीट आम तौर पर मौरंग, बजरी, सीमेंट पाउडर आदि सभी का मिo्रण होता है, जिसका अभी परीक्षण नहीं किया गया है। नासा के अनुसार वैज्ञानिकों ने सीमेंट के प्रकार और पानी की मात्र बदलकर अलग-अलग प्रकार के सैंपल तैयार किए हैं।

:: विविध ::

संयुक्त सैन्य अभ्यास मैत्री – 2019

  • भारत और थाइलैंड के बीच मैत्री 2019 नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास 16 सितम्बर से 29 सितम्बर, 2019 तक मेघालय के उमरोई में फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित किया जाएगा। भारत और थाइलैंड की सेनाओं के प्रत्येक 50-50 सैनिक इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। इसका उद्देश्य अपने-अपने देशों में आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों के दौरान प्राप्त किए गए अनुभवों को साझा करना है।
  • अभ्यास मैत्री एक वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसे 2006 से थाइलैंड और भारत में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है। यह बात ध्यान देने योग्य है कि भारत अनेक देशों के साथ सैन्य प्रशिक्षण अभ्यासों का संचालन करता है। किन्तु, वैश्विक आतंकवाद के बदलते परिदृश्य में, थाइलैंड के साथ अभ्यास मैत्री दोनों देशों की सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। जंगली और शहरी परिदृश्य में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई पर आधारित कंपनी स्तर का संयुक्त प्रशिक्षण इस अभ्यास में शामिल है।
  • संयुक्त सैन्य अभ्यास से भारतीय सेना और रॉयल थाइलैंड आर्मी के बीच रक्षा सहयोग बढ़ेगा। इससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के साथ ही द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

नवदीप सूरी

  • संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारत के राजदूत नवदीप सिंह सूरी को ऑर्डर ऑफ जायद II फर्स्ट क्लास से नवाजा गया। उन्हें यह सम्मान विदेश और अंतरराष्ट्रीय मामलों के मंत्री एचएच शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यां ने सोमवार को प्रदान किया।
  • इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24 अगस्त को यूएई का सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ जायद दिया गया था। उन्हें यह सम्मान अबुधाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यां ने प्रदान किया था। यह सम्मान दुबई के संस्थापक शेख जायद बिन सुल्तान अल नाह्यां के नाम पर शुरू किया गया था।

मेगन शट

  • ऑस्ट्रेलिया की महिला तेज गेंदबाज मेगन शट सीमित ओवरों में दो हैट्रिक लेने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ एंटीगुआ में खेले गए तीन वनडे की सीरीज के तीसरे मुकाबले में यह उपलब्धि हासिल की। शट ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे में हैट्रिक लेने वाली पहली महिला भी बन गईं।

एशिया सोसायटी गेम चेंजर्स पुरस्कार 2019

  • साल 2012 के वीभत्स निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच करने वाली भारतीय महिला पुलिस अधिकारी छाया शर्मा को महिला पुलिस अधिकारियों की भूमिका को पुन: परिभाषित करने के लिए छह अन्य लोगों के साथ 2019 के एशिया सोसायटी गेम चेंजर्स पुरस्कार के लिए चुना गया है।
  • मार्शल आर्ट्स की अपनी कला का इस्तेमाल करने वाले और अपने सामाजिक एवं मानवीय कार्यों के लिए पहचाने जाने वाले भारत और नेपाल के बौद्ध भिक्षुणियों के समूह ‘कुंग फू नन्स’ को भी इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।
  • यह सम्मान पाने वाले अन्य लोगों में जापान के टोक्यो की पहली महिला गवर्नर युरिको कोइको, चीन में 25 अरब डॉलर की यात्रा कंपनी सीट्रिप की प्रमुख जेन जी सन और पश्चिम एशिया तथा दुनियाभर में सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने वाली संयुक्त अरब अमीरात की शेख हूर अल कासिमी शामिल हैं।
  • न्यूयॉर्क के अग्रणी सांस्कृतिक संगठन एशिया सोसायटी ने यहां बुधवार को पुरस्कारों की घोषणा की। यह पुरस्कार अगले महीने एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा। एशिया सोसायटी वैश्विक संदर्भ में एशिया और अमेरिका के लोगों, नेताओं और संस्थानों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देने और साझेदारी मजबूत करने के क्षेत्र में एक प्रमुख शैक्षिक संगठन है। भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की उप महानिरीक्षक शर्मा भी पुरस्कार पाने वाले लोगों में शामिल हैं।

रमाकांत स्मृति कहानी पुरस्कार

  • इस बार का रमाकांत स्मृति कहानी पुरस्कार राकेश तिवारी को उनकी 'परिकथा' में प्रकाशित कहानी 'मंगत की खोपड़ी में स्वप्न का विकास' के लिए प्रदान किया जाएगा।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • लीड्स इंडेक्‍स 2019 में लॉजिस्टिक क्षेत्र में किस राज्य को सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग प्राप्त हुई? (गुजरात)
  • लॉजिस्टिक क्षेत्र हेतु लीड्स इंडेक्‍स किस संस्था के द्वारा तैयार किया जाता है? (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय)
  • हाल ही में किसानों का जीवन सुरक्षित करने हेतु प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का शुभारंभ कहां से किया गया? (रांची-झारखंड)
  • हाल ही में व्यापारियों और स्वरोजगार में लगे व्यक्तियों के लिए लांच किए गए राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत न्यूनतम कितनी पेंशन प्राप्त की जाएगी? (Rs. 3000 प्रति माह)
  • पूरे देश में उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद एवं सेवाएं सुनिश्चित करने हेतु सरकार द्वारा किस योजना पर काम किया जा रहा है? (‘एक राष्ट्र, एक मानक’)
  • हाल ही में किस स्टेडियम का नाम बदलकर अरुण जेटली स्टेडियम कर दिया गया है? (फिरोज शाह कोटला स्टेडियम)
  • हाल ही में किस स्टेडियम में स्थित पवेलियन स्टैंड का नाम विराट कोहली के नाम पर रखा गया है? (फिरोजशाह कोटला स्टेडियम)
  • शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों का पहला सैन्य चिकित्सा सम्मेलन का आयोजन कहां किया जा रहा है? (नई दिल्ली)
  • हाल ही में एंटीमाइक्रोबॉयल क्षेत्र में शोध कार्य हेतु भारत किस वैश्विक संस्था में शामिल हुआ है? (ग्लोबल एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट-एएमआरआरएंडडी)
  • हाल ही में पैंगोंग झील के पास भारतीय एवं चीनी सैनिकों के मध्य भिड़ंत हुई। यह झील किस राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश में स्थित है? (लद्दाख)
  • जम्मू कश्मीर व लद्दाख में परिसंपत्तियों के बंटवारे की प्रक्रिया को पूर्ण करने हेतु किसकी अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है? (संजय मित्रा कमेटी)
  • हाल ही में विश्वविद्यालयों से संबंधित ग्लोबल रैंकिंग 2020 में किस भारतीय संस्थान को सर्वोच्च स्थान हासिल हुआ? (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस- बेंगलुरु)
  • व्‍यापार विकास एवं संवर्धन परिषद काबिले किस संस्था में कर दिया गया है? (व्यापार बोर्ड)
  • हाल ही में जारी हुए जुलाई 2019 के लिए जारी हुई औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के अनुसार औद्योगिक विकास दर कितनी फीसद रही? (4.3)
  • विक्रम लेंडर से संपर्क करने के लिए कौन सी अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के मदद हेतु तैयार हुई है? (नासा)
  • नेचर एस्ट्रोनॉमी जनरल के अनुसार वह कौन सा ऐसा पहला ज्ञात ग्रह है जहां पर पानी और तापमान दोनों धरती के समतुल्य हैं? (के2-18बी)
  • हाल ही में किस अंतरराष्ट्रीय स्पेस एजेंसी ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में सीमेंट बनाने में सफलता हासिल की? (नासा)
  • मैत्री 2019 नामक संयुक्त अभ्यास किन दो देशों के मध्य किया गया? (भारत और थाईलैंड)
  • हाल ही में किसे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) द्वारा ऑर्डर ऑफ जायद II फर्स्ट क्लास से नवाजा गया? (नवदीप सिंह सूरी)
  • हाल ही में किस महिला गेंदबाज ने सीमित ओवरों में दो हैट्रिक लेने की उपलब्धि हासिल की? (मेगन शट)
  • हाल ही में किस भारतीय को 2019 के एशिया सोसायटी गेम चेंजर्स पुरस्कार के लिए चुना गया है? (छाया शर्मा)
  • हाल ही में किसे रमाकांत स्मृति कहानी पुरस्कार प्रदान किया गया है? (राकेश तिवारी)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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