(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (13 जुलाई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (13 जुलाई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

मालाबार युद्धाभ्यास

चर्चा में क्यों?

  • हिंद महासागर में होने वाले मालाबार युद्धाभ्यास में ऑस्ट्रेलिया को न्यौता दिया गया हैं। अभी तक इस युद्धाभ्यास में भारत अमेरिका और जापान की नौसेना ही हिस्सा लेती रही हैं। इस साल ऐसा पहली बार होगा जब ऑस्ट्रेलिया की नौसेना भी इस युद्धाभ्यास में भाग लेगी।

मालाबार युद्धाभ्यास के बारे में

  • मालाबार नौसैनिक युद्धाभ्यास की शुरुआत 1992 में अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय सैन्य डील के रूप में हुई थी। जापान इस युद्धाभ्यास में 2015 में शामिल हुआ था। इस अभ्यास को तीन देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

ऑस्ट्रेलिया के के शामिल होने का रणनीति महत्व

  • मालाबार युद्धाभ्यास में ऑस्ट्रेलिया के शामिल होने के बाद पहली बार अनौपचारिक रूप से बने क्वॉड ग्रुप (Quad group) को सैन्य मंच पर देखा जाएगा। इसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया के साथ जापान और अमेरिका शामिल हैं। अभी तक भारत ने ऑस्ट्रेलिया को इससे अलग रखा था लेकिन लद्दाख में सीमा पर चीन की हरकत को देखते हुए उसे भी बुलाने का प्लान है।
  • ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगले हफ्ते तक ऑस्ट्रेलिया को औपचारिक रूप से निमंत्रण के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। मालाबार पहले एक सीमित नौसैनिक युद्धाभ्यास हुआ करता था लेकिन अब इंडो-पैसिफिक रणनीति का अहम हिस्सा है। इसके तहत हिंद महासागर में चीन के बढ़ते कदमों को रोकना एक बड़ा लक्ष्य है। जापान इससे 2015 में जुड़ा था।

एकलव्य लर्निंग रिसोर्स

चर्चा में क्यों?

  • कोविड-19 संकट के कारण उत्पन्न स्थिति के बीच सुचारू पठन-पाठन के लिये मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने छात्रों से 'एकलव्य ई लर्निंग रिसोर्स' की मदद लेने का सुझाव दिया है।

क्या है एकलव्य?

  • 'एकलव्य' एक व्यापक मुक्त आनलाइन कोर्स (एमओओसी) है जिसके माध्यम से माध्यमिक, उच्च माध्यमिक और व्यवसायिक पाठ्यक्रम पेश किये जाते हैं । यह राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की पहल है।
  • ये पाठ्यक्रम न केवल स्कूल स्तर पर मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई करने वालों बल्कि अकादमिक पाठ्यक्रम एवं कौशल विकास से जुड़े व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिये भी मददगार है।
  • एकलव्य लर्निंग रिसोर्स के जरिये माध्यमिक स्तर पर अंग्रेजी, हिन्दी, उर्दू, गुजराती, मराठी, ओडिया, मलयाली, तेलगू भाषा में पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं । वहीं, उच्च माध्यमिक स्तर पर हिन्दी, अंग्रजी, संस्कृत, गणित, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, कारोबार अध्ययन, एकाउंटेंसी, गृह विज्ञान, मनोविज्ञान जैसे विषयों में पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं । इसके अलावा व्यवसायिक शिक्षा श्रेणी में योग शिक्षा, ब्यूटी थेरेपी, मधुमक्खी पालन, पंचकर्म सहायक आदि के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं ।

अटल इनोवेशन मिशन

चर्चा में क्यों?

  • नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (AIM) ने देश भर में स्कूली छात्रों के लिए एटीएल ऐप डेवलपमेंट मॉड्यूल लॉन्च किया। इसे भारतीय स्टार्टअप प्लेज़्मो के सहयोग से लॉन्च किया गया है।
  • इसका उद्देश्य AIM के प्रमुख कार्यक्रम अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) के तहत आने वाले समय में स्कूली छात्रों के कौशल में सुधार करना है और उन्हें ऐप उपयोगकर्ता से ऐप का निर्माण करने वाला बनाना है।
  • एटीएल ऐप डेवलपमेंट मॉड्यूल एक ऑनलाइन कोर्स है जो पूरी तरह निःशुल्क है।

अटल इनोवेशन मिशन

  • अटल इनोवेशन मिशन (AIM) नीति आयोग द्वारा पूरे देश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख पहल है।
  • अटल इनोवेशन मिशन को एक अम्ब्रेला नवाचार संगठन के रूप में भी परिकल्पित किया गया है जो नवाचार नीतियों के संरेखण में केंद्रीय, राज्यीय और क्षेत्रीय नवप्रवर्तन योजनाओं के बीच महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
  • इसका उद्देश्य विभिन्न स्तरों- माध्यमिक विद्यालय, विज्ञान, इंजीनियरिंग और उच्च शैक्षणिक संस्थान, और एसएमई / एमएसएमई उद्योग, कॉर्पोरेट और एनजीओ स्तर पर नवाचार और उद्यमिता के पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना और संवर्धन को प्रोत्साहित करना है।

अटल टिंकरिंग प्रयोगशाला (ATL)

  • भारत में बच्चों को नए नवाचारकों (Neoteric Innovators) के रूप में पहचानने की दृष्टि से, अटल इनोवेशन मिशन पूरे भारत के स्कूलों में अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं (ATL) की स्थापना कर रहा है।
  • इसका उद्देश्य देश के सामाजिक आर्थिक विकास को सक्षम बनाने वाले उत्पाद और सेवा नवाचारों के लिए इनक्यूबेटर्स, स्टार्टअप्स, सामुदायिक नवाचार केंद्रों और अटल न्यू इंडिया चैलेंज सहित अपनी विभिन्न एकीकृत पहलों के माध्यम से देशव्यापी रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देना है।
  • अब तक, पूरे देश के 660 से अधिक जिलों में अटल इनोवेशन मिशन द्वारा 5100 से अधिक एटीएल स्थापित किए जा चुके हैं।

सागरदीघी सुपर-क्रिटिकल संयंत्र

  • पश्चिम बंगाल विद्युत विकास निगम लिमिटेड (डब्ल्यूबीपीडीसीएल) ने इस महीने से अपने 4,400 करोड़ रुपये के सागरदीघी सुपर-क्रिटिकल संयंत्र की स्थापना के लिये प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है। निगम को साढ़े तीन साल में निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
  • कंपनी ने एक जुलाई को मुर्शिदाबाद जिले में 660 मेगावाट की तापीय विद्युत संयंत्र परियोजना के कार्यान्वयन के लिये प्रारंभ की तिथि (जीरो डेट) तय करने का निर्णय लिया है।
  • "संयंत्र के निर्माण को पूरा करने में 42 महीने लगेंगे और इसके चालू होने में तीन महीने का अतिरिक्त समय देना होगा। कुल परियोजना लागत 4,400 करोड़ रुपये आंकी गयी।
  • सागरदीघी में निगम की 16 सौ मेगावाट की चार इकाइयां हैं। पांचवीं इकाई के बाद संयंत्र की कुल क्षमता बढ़कर 2,260 मेगावाट हो जायेगी। निगम के पास बांदेल, बकरेश्वर, कोलाघाट और संतालडीही में चार अन्य संयंत्र हैं। निगम की कुल उत्पादन क्षमता 3,150 मेगावाट है।

कोरोना से लड़ाई में धारावी बनी मिसाल

चर्चा में क्यों?

  • धारावी में कोरोना के प्रसार को काबू करने के प्रयासों की विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सराहना की है। कोरोना से लड़ाई में मुंबई की झुग्गी बस्ती धारावी ने दुनिया को राह दिखाई है। एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती में रहने वाले लोगों ने कड़ी मेहनत से खुद को गंभीर संकट से बचा लिया।
  • वृहद् मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कहा है कि निजी चिकित्सकों के सहयोग और सामुदायिक सहभागिता के जरिए सक्रियता से की गई जांच ने इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में मदद की।
  • बीएमसी के जी उत्तरी वार्ड के सहायक आयुक्त किरण दिघावकर ने कहा कि नगर निकाय ने मरीजों का इंतजार करने, उनके संपर्कों का पता लगाने, एकांतवास में भेजने और घर में पृथक करने संबंधी अपने परंपरागत दृष्टिकोण में बदलाव कर सक्रियता से जांच शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे मामलों का जल्द पता लगाने, समय पर इलाज और मरीजों को स्वस्थ होने में मदद मिली। कम से कम छह से सात लाख लोगों की जांच की गई है और 13 हजार लोगों को चिकित्सा सुविधाओं और सामुदायिक रसोई के साथ संस्थागत एकांतवास में भेजा गया।

धारावी ने कैसे लड़ी कोरोना से लड़ाई

  • आधिकारिक आंकड़े के अनुसार अप्रैल में मामलों के दोगुना होने की दर 18 दिन थी, जबकि मई में इसमें सुधार हुआ और यह 43 दिन हो गई और जून और जुलाई में यह 108 और 430 दिन है। धारावी में अब तक कोविड-19 के मामलों की कुल संख्या 2,359 है। इस समय केवल 166 मरीज उपचाराधीन हैं और 1,952 मरीजों को अब तक अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है। दिघावकर ने कहा कि धारावी की कम से कम 80 फीसद जनसंख्या 450 सामुदायिक शौचालयों पर निर्भर है और प्रशासन ने एक दिन में कई बार इन शौचालयों को संक्रमणमुक्त किया
  • चार टी-'ट्रेसिंग, ट्रैकिंग, टेस्टिंग और ट्रीटिंग' पर ध्यान केंद्रित कर इस विषाणु पर काबू पाने की कोशिश की गयी। इसके अलावा, बुजुर्ग लोगों की विशेष देखभाल की गई और 8,246 वरिष्ठ नागरिकों का सर्वेक्षण किया गया।
  • सामुदायिक सहभागिता धारावी में कोरोना विषाणु को फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण रही है और स्थानीय सामुदायिक नेताओं को 'कोविड योद्धा' नियुक्त किया गया था।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

हागिया सोफ़िया

चर्चा में क्यों?

  • तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा इस्तांबुल के मोन्यूमेंट हागिया सोफ़िया को मस्जिद घोषित करने के उपरांत यूनेस्को ने हागिया सोफ़िया के विश्व विरासत स्थल की स्थिति के पुनरावलोकन का निर्णय लिया है।

हागिया सोफिया के बारे में :-

  • इसकी स्थापना रोमन सम्राट जस्टिनियन प्रथम द्वारा सन 537 में की गई थी।
  • यह तात्कालिक समय में स्थापत्य के क्षेत्र में बाइजेंटाइन वास्तुकला का बेजोड़ उदाहरण था।
  • हागिया सोफ़िया (अर्थात पवित्र ज्ञान) मूलतः एक आर्थोडोक्स चर्च था जो फिर रोमन कैथोलिक कैथेड्रल बना।
  • 1453 मे जब उस्मानियों ने इस्तांबुल जीता उन्होंने इसे मस्जिद में परिवर्तित कर दिया ,1935 में इसे संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया।

यूनेस्को के बारे में

  • संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन संयुक्त राष्ट्र का घटक निकाय है।
  • इसका कार्य शिक्षा, प्रकृति , समाज तथा संस्कृति के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना है।
  • यूनेस्को में 193 सदस्य देश हैं
  • यह अंतर्राष्ट्रीय विश्व धरोहर , पार्क तथा इमारतों का संरक्षण करता है।
  • इसका मुख्यालय पेरिस-फ्रान्स में है।
  • भारत 1946 से यूनेस्को का सदस्य देश है।

नटूना (Natuna) टापू इंडोनेशिया

चर्चा में क्यों?

  • साउथ चाइना सी में चीन इंडोनेशिया के टापू पर नजरें गड़ाए है। इससे परेशान इंडोनेशिया ने अमेरिका के साथ 2 अरब डॉलर के रक्षा समझौता के तहत बोइंग कंपनी से आठ V-22 Osprey tiltroter (टिलोट्रोटर) ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट करीद सकती है।

पृष्ठभूमि

  • चीन की इस हरकत की वजह से यहां संकट पैदा हो गया है। जनवरी में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के नटूना दौरे के एक दिन बाद ही चीनी बोट वहां पहुंची थीं और एक महीने तक डेरा डाल रखा था। इंडोनेशिया कभी-कभी चीन की हरकतों के जवाब में पट्रोल प्लेन, फाइटर जेट और जहाज साउथ चाइना सी की ओर भेज देता है लेकिन इंडोनेशियाई बेस काफी कम, छोटे और अविकसित हैं। इसलिए इसका कोई खास असर नहीं होता है।
  • नटूना की राजधानी रनेई के एयरपोर्ट को फाइटर जेट के हिसाब से बनाया गया है। इंडोनेशिया की एयरफोर्स ने पहले साउथ चाइना सी में अपने बेस पर F-16 और Su- 30s तैनात किए हैं। तान्जुंग पिनान्ग के नेवल बेस पर सिर्फ 100 फीट लंबे जहाज की ही फसिलटी है। देश के सबसे बड़े वायुसैनिक और नौसैनिक पोर्ट नटूना से बहुत दूर हैं। यानी नटूना पर तैनात फोर्स को खुद पर ही निर्भर रहना होगा और लंबी दूरी के संपर्क साधनों को बनाए रखना होगा।

नटूना (Natuna) टापू के बारे में

  • नटूना 272 छोटे टापुओं का समूह है जिसका केंद्र जकार्ता से 730 मील उत्तर की ओर है। यहां करीब एक लाख लोग रहते हैं जिनमें से ज्यादातर मछुआरे और सरकारी कर्मचारी हैं। नटूना के लोग वैसे तो आर्थिक रूप से कमजोर हैं लेकिन यहां का समुद्र नैचरल गैस (Natural Gas) और मछली से भरे है। इसी वजह से चीन की इस टापू पर नजर है।
  • खास बात यह है कि नटूना को लेकर इंडोनेशिया का दावा भी बहुत मजबूत नहीं बताया जाता है। वहीं, पेइचिंग ने समुद्र में अपने दावे की सीमा इस टापू के 200 मील के एक्सक्लूसिव इकनॉमिक जोन (EEZ) के काफी अंदर बना रखी है। इसी वजह से चीन की फिशिंग बोट्स उसके पैरामिलिट्री कोस्ट गार्ड जहाजों के साथ अक्सर नटूना के पास आती हैं और समुद्र की गहराई में जाल डालकर खूब सारे जीव निकाल ले जाती हैं।

इस्लामाबाद में प्रथम हिंदू मंदिर: श्रीकृष्ण मंदिर

चर्चा में क्यों?

  • धार्मिक कट्टरता, फतवों, धमकियों और राजनीतिक विरोध के बीच मुस्लिम बहुल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पहले हिंदू मंदिर का निर्माण नए विवादों में घिर गया है। इस्लामाबाद के एच-9 सेक्टर में श्रीकृष्ण मंदिर के निर्माण को लेकर ताजा विरोध से एक बार फिर यह साफ हो गया कि पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता के लिए कोई जगह नहीं बची है।

हिंदू मंदिर को लेकर क्‍या है विवाद?

  • इस्लामाबाद में स्थानीय विकास प्राधिकरण ने पांच जुलाई को मंदिर के लिए आवंटित जमीन पर दीवार बनाने का काम रुकवा दिया था। प्राधिकरण के प्रवक्ता ने इसका कारण यह बताया कि भवन निर्माण से संबंधित नक्शा अभी तक जमा नहीं कराया गया है।

पृष्ठभूमि

  • पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी तकरीबन दो फीसद है। इसके बावजूद इस्लामाबाद में कोई हिंदू धर्मस्थल नहीं है। किसी परिजन की मृत्यु होने पर अंत्येष्टि के लिए भी ¨हदुओं को शव के साथ लंबा सफर करना पड़ता है।
  • मंदिर के लिए जमीन 2018 में तत्कालीन सरकार ने आवंटित की थी। तब इसके विरोध में बड़ी संख्या में मुस्लिम प्रदर्शनकारी यहां जमा हो गए थे। इसके बावजूद हिंदू अडिग रहे और पिछले महीने ही मंदिर का शिलान्यास किया गया। इसके बाद इमरान सरकार ने मंदिर के लिए करीब दस करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। फिलहाल, मौलवी-मौलाना फिर इस मामले में कूद पड़े हैं और हालात बदलने लगे हैं। कुछ मौलवी यह कहते हुए विरोध कर रहे हैं कि पाकिस्तान एक मुस्लिम राष्ट्र है, इसलिए यहां हिंदू मंदिर बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। वहीं, आम लोगों की शिकायत यह है कि सरकार उनके टैक्स का पैसा मंदिर पर खर्च कर रही है। मीडिया का एक वर्ग भी विरोध की इस मुहिम को हवा दे रहा है।
  • चौतरफा दबाव के मद्देनजर इमरान सरकार पिछले दिनों मंदिर के लिए आर्थिक मदद देने के फैसले से पीछे हट गई। हालांकि सरकार ने इस मामले में काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी से राय मांगी थी। बीते रविवार को यह मुद्दा तब और गरमा गया, जब एक समूह ने मंदिर की जमीन पर निर्माणाधीन दीवार को यह कहते हुए गिरा दिया कि यह उनका मजहबी फर्ज है।

कनाडाई रेडियो टेलीविजन एंड टेलीकम्यूनिकेशन कमशीन (CRTC)

चर्चा में क्यों?

  • भारत ने कनाडाई टीवी प्राधिकरण के खिलाफ विरोध दर्ज किया है। भारत ने कनाडा के टीवी नियामक- कनाडाई रेडियो टेलीविजन एंड टेलीकम्यूनिकेशन कमशीन (CRTC) के साथ एक स्थानीय टीवी चैनल के खिलाफ विरोध दर्ज किया है। स्थानीय टीवी चैनल PTN24 पर भारत के खिलाफ हिंसा और नफरत भड़काने का आरोप है। 26 अप्रैल 2020 को PTN24 चैनल द्वारा प्रसारित एक कार्यक्रम के बारे में कनाडा में भारतीय उच्चायोग ने आपत्ति जताई है।

पृष्ठभूमि

  • 26 अप्रैल के विवादित प्रोग्राम के भाषण पंजाब में आतंकवाद का महिमामंडन करने का एक प्रयास था जो हजारों निर्दोष सिखों की मौत के लिए जिम्मेदार था। कार्यक्रम के इस भाषणों ने उन लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है जो 1980 के दशक और 90 के दशक की शुरुआत में पंजाब में हुई संवेदनहीन हिंसा में परिवार के सदस्यों को खो चुके थे।
  • यह कार्यक्रम पंजाब में आतंकवाद के दौरान मारे गए आतंकवादियों को श्रद्धांजलि सेवा के रूप में प्रतिवर्ष आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम पर था। इसमें एक 'सहज पथ' शामिल है। पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ, जिसके बाद सिख समुदाय के प्रमुख सदस्यों का भाषण होता है।
  • ये भाषण भारत के खिलाफ नफरत और उकसावे वाली हिंसा से भरे थे। हालांकि, पूरा कार्यक्रम घृणास्पद सामग्री से भरा था, लेकिन हरभजन सिंह और संतोख सिंह खेला के भाषण विशेष रूप से विट्रियल थे। सूत्रों ने कहा कि हरभजन सिंह न केवल आतंकवादियों के कृत्य का समर्थन कर रहे थे बल्कि उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब के सिख गुरु अपने मिशन में आतंकवादियों का समर्थन कर रहे थे।

PTN24 के बारे में

  • PTN24 एक कनाडाई टेलीविजन चैनल है जिसका मुख्यालय मॉन्ट्रियल में है और यह पंजाबी भाषा में धार्मिक प्रोग्रामिंग, विश्व राजनीति और कनाडाई की राजनीति पर प्रोग्राम प्रसारित किए जाते हैं।

:: राजव्यवस्था ::

परिसीमन प्रक्रिया

चर्चा में क्यों

  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और असम सरकार से एक याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें असम में विधानसभा और संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया पर सवाल उठाये गए हैं।
  • इस याचिका में इस आधार पर परिसीमन प्रक्रिया का विरोध किया गया है कि परिसीमन का आधार 2001 कि जनगणना को बनाया जा रहा है जबकि सरकार के पास 2011 की जनगणना के आंकड़े भी है और वर्तमान में 2021 की जनगणना का कार्य भी चल रहा है।

क्या होती है परिसीमन प्रक्रिया

  • परिसीमन प्रक्रिया से तात्पर्य है देश में या राज्य में विधायी निकाय वाले निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा तय करने की क्रिया या प्रक्रिया।
  • परिसीमन का काम एक उच्चाधिकार निकाय को सौंपा जाता है। ऐसे निकाय को परिसीमन आयोग या सीमा आयोग के रूप में जाना जाता है।
  • प्रत्येक जनगणना के बाद भारत की संसद द्वारा संविधान के अनुच्छेद-82 के तहत एक परिसीमन अधिनियम लागू किया जाता है।
  • भारत में ऐसे परिसीमन आयोगों का गठन 4 बार किया गया है-
  • 1952 में परिसीमन आयोग अधिनियम, 1952 के अधीन
  • 1963 में परिसीमन आयोग अधिनियम, 1962 के अधीन1973 में परिसीमन अधिनियम, 1972 के अधीन
  • 1973 में परिसीमन अधिनियम, 1972 के अधीन
  • 2002 में परिसीमन अधिनियम, 2002 के अधीन

परिसीमन आयोग की संरचना

  • अध्यक्ष- उच्चतम न्यायालय के एक अवकाश प्राप्त न्यायाधीश
  • सदस्य- मुख्य निर्वाचन आयुक्त या मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा नामित कोई निर्वाचन आयुक्त और संबंधित राज्यों के निर्वाचन आयुक्त
  • परिसीमन आयोग भारत में एक उच्च अधिकार प्राप्त निकाय है जिसके आदेशों को कानून के तहत जारी किया गया है और इन्हें किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।

:: अर्थव्यवस्था ::

फिक्की का आर्थिक परिदृश्य सर्वे

चर्चा में क्यों?

  • उद्योग मंडल फिक्की का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर नकारात्मक रहेगी। फिक्की के आर्थिक परिदृश्य सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि 2020-21 में देश की अर्थव्यवस्था में 4.5 प्रतिशत नीचे जाएगी। सर्वे में कहा गया है कि कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि से दुनियाभर में आर्थिक और स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है। फिक्की के ताजा सर्वे में वृद्धि दर के अनुमान में नीचे की ओर बड़ा संशोधन किया गया है।

फिक्की का आर्थिक परिदृश्य सर्वे से जुड़ें तथ्य

  • फिक्की ने जनवरी, 2020 के सर्वे में 2020-21 में वृद्धि दर 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। कोरोना वायरस पर काबू के लिए देशभर में लागू लॉकडाउन से आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई है। हालांकि, अब पाबंदियों में धीरे-धीरे ढील दी जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने शनिवार को भारतीय स्टेट बैंक के बैंकिंग एंड इकनॉमिक्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था अब सामान्य स्थिति की ओर लौटना शुरू हो गई है। मई में रिजर्व बैंक ने कहा था कि 2020-21 में देश की वृद्धि दर नकारात्मक दायरे में रहेगी। फिक्की ने आर्थिक परिदृश्य सर्वे जून में किया है।
  • इसका ब्योरा जारी करते हुए उद्योग मंडल ने कहा कि इसमें उद्योग, बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र से जुड़े प्रमुख अर्थशास्त्रियों के विचार लिए गए हैं। सर्वे में कहा गया है कि 2020-21 में जीडीपी की औसत वृद्धि दर -4.5 प्रतिशत रहेगी। इसके न्यूनतम -6.4 प्रतिशत या बेहतर स्थिति में 1.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सर्वे के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वृद्धि दर औसतन शून्य से 14.2 प्रतिशत नीचे रहेगी। यह न्यूनतम -25 प्रतिशत तक नीचे जा सकता है। बेहतर स्थिति में भी यह -7.4 प्रतिशत रहेगी।
  • उद्योग मंडल ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों की बात की जाए, तो कृषि और संबद्ध क्षेत्र की सालाना वृद्धि दर 2.7 प्रतिशत रहेगी। फिक्की ने कहा कि सिर्फ कृषि ही ऐसा क्षेत्र है जिसमें कुछ उम्मीद की किरण दिखाई देती है। मानसून की स्थिति ठीक है और देश में जलाश्यों का स्तर अच्छा है। सर्वे में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में उद्योग और सेवा क्षेत्रों में क्रमश: 11.4 प्रतिशत और 2.8 प्रतिशत की गिरावट आएगी।
  • सर्वे में कहा गया है कि कमजोर मांग और क्षमता के कम इस्तेमाल से निवेश प्रभावित हो रहा है। कोविड-19 की वजह से पुनरोद्धार में और समय लगने वाला है। फिक्की ने कहा कि टिकाऊ उपभोक्ता सामान और एफएमसीजी क्षेत्र में स्थिति सुधर रही है, लेकिन ज्यादातर कंपनियां अब भी काफी कम क्षमता पर परिचालन कर रही है। कंपनियों के लिए श्रम की उपलब्धता और मांग की कमी एक प्रमुख मुद्दा है।

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार

  • अमेरिका लगातार दूसरे साल 2019-20 में भी भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार बना रहा, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को दर्शाता है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2019-20 में अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 88.75 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2018-19 में 87.96 अरब डॉलर था।
  • अमेरिका उन चुनिंदा देशों में एक है, जिनके साथ भारत का व्यापार अधिशेष है। आंकड़ों के अनुसार 2019-20 में दोनों देशों के बीच व्यापार अंतर बढ़कर 17.42 अरब डॉलर भारत के पक्ष में रहा । 2018-19 में अधिशेष 16.86 अरब डॉलर था।
  • अमेरिका 2018-19 में चीन को पीछे छोड़कर भारत का शीर्ष व्यापारिक साझेदार बन गया था। भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2019-20 में घटकर 81.87 अरब डॉलर रह गया, जो 2018-19 में 87.08 अरब डॉलर था। दोनों देशों के बीच व्यापार अंतर भी 53.57 अरब डॉलर से घटकर 48.66 अरब डॉलर रह गया। आंकड़ों के मुताबिक चीन 2013-14 से 2017-18 तक भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। चीन से पहले, यूएई देश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

फास्टैग प्रणाली

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एनआईसी से नए वाहनों के पंजीकरण से पहले और राष्ट्रीय परमिट वाले वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र प्रदान करते समय फास्टैग विवरण सुनिश्चित करने के लिए कहा है
  • मंत्रालय ने एनआईसी को सूचित किया है कि वाहन (वीएएचएएन) पोर्टल के साथ राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (एनईटीसी) को पूरी तरह जोड़ दिया गया है और यह 14 मई को एपीआई के साथ लाइव हुआ है। वाहन प्रणाली अब वीआईएन/ वीआरएन के माध्यम से फास्टैग पर सभी जानकारी हासिल कर रही है।
  • अतः मंत्रालय ने नए वाहनों का पंजीकरण करते समय तथा राष्ट्रीय परमिट के तहत चलने वाले वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करते समय भी फास्टैग विवरण लेना सुनिश्चित करने को कहा है।

क्या है फास्टैग प्रणाली?

  • यह राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्रदान करने की इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है
  • टोल प्लाजाओं पर टोल कलेक्शन सिस्टम से होनेवाली समस्याओं के समाधान हेतु भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम शुरू किया गया है.
  • फास्टैग की मदद से आप टोल प्लाजा में बिना रूके अपना टोल प्लाजा टैक्स दें सकेंगे. फास्टैग सहभागी बैंक अथवा फास्टैग जारी कर्ता द्वारा प्राप्त किया जा सकता है
  • इसमें वाहन के विंडस्क्रीन में फास्टैग लगाया जाता है और इसमें रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) लगा होता है. जैसे ही गाड़ी टोल प्लाजा के पास आ जाती है, टोल प्लाजा पर लगा सेंसर वाहन के विंडस्क्रीन में लगे फास्टैग के संपर्क में आते है, जिससे तुरंत फास्टैग अकाउंट से उस टोल प्लाजा पर लगने वाला शुल्क व्यय हो जाता है और बिना वहां रूके प्लाजा टैक्स का भुगतान हो जाता है.
  • वाहन में लगा ये टैग, प्रीपेड खाते के सक्रिय होते ही अपना कार्य शुरू कर देगा. वहीं जब फास्टैग अकांउट की राशि खत्म हो जाएगी, तो आपको उसे फिर से रिचार्ज करवाना पड़ेगा.
  • एम और एन श्रेणी के वाहनों की बिक्री के समय नए वाहनों में फास्टैग लगाना 2017 में अनिवार्य कर दिया गया था।
  • फास्टैग का यह उपयोग और प्रचार राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा पर कोविड के प्रसार की संभावनाओं को कम करने में भी प्रभावी होगा।

फास्टैग के लाभ

  • समय की बचत
  • वाहन ईधन की बचत
  • डिजिटल इंडिया को बढ़ावा
  • वीआईपी कल्चर की समाप्ति

सिग 716 असॉल्ट राइफल

चर्चा में क्यों?

  • भारत-चीन तनाव के बीच रक्षा मंत्रालय अब अमेरिका से और 72 हजार सिग 716 असॉल्ट राइफलों का ऑर्डर देने जा रही है। यह दूसरे बैच की राइफलें होंगी, जो पहले ही उत्तरी कमान और अन्य ऑपरेशनल इलाकों में सैनिकों के इस्तेमाल के लिए सेना को पहुंचाई जा चुकी हैं।
  • भारतीय सेना को अपने आतंकवाद-रोधी अभियानों को बढ़ावा देने के लिए सिग सॉयर असॉल्ट राइफलों की पहली खेप मिली थी। भारत ने फास्ट ट्रैक खरीद के तहत राइफलों का प्राप्त किया था। नई राइफलों को मौजूदा भारतीय स्माल आ‌र्म्स सिस्टम (FTP) 5.56 गुणा 45 एमएम राइफलों की जगह इस्तेमाल किया जाएगा और स्थानीय रूप से आयुध कारखाना बोर्ड की ओर से निर्मित किया जाएगा।

पृष्ठभूमि

  • भारतीय सेना की एक योजना के अनुसार, आतंकवाद निरोधी अभियानों और नियंत्रण रेखा पर तैनात सैनिकों के लिए लगभग 1.5 लाख आयातित राइफलों का उपयोग किया जाना था, शेष सेनाओं को एके-203 राइफलों के साथ प्रदान किया जाएगा। जो कि अमेठी आयुध कारखाने में भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से उत्पादन किया जाएगा। भारतीय सेना कई वर्षो से अपने मानक इनसास असॉल्ट राइफलों को बदलने की कोशिश कर रही थी लेकिन यह प्रयास बार-बार विफल हो रहे थे। दूसरी ओर अभी हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने इन राइफलों की कमी को दूर करने के लिए इजरायल से भी 16,000 लाइट मशीन गन का ऑर्डर दिया था।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

अखिल भारतीय वृक्षारोपण अभियान

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 'अखिल भारतीय वृक्षारोपण अभियान' के तहत केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल के गुरुग्राम स्थित परिसर में पीपल के पौधे का रोपण किया।

अखिल भारतीय वृक्षारोपण अभियान के बारे में

  • ्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और गृह मंत्री श्री अमित शाह के निर्देशन में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीमा सुरक्षा बल] केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, केन्द्रीय औद्योगिक सुर क्षा बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, असम राइफल्स, राष्ट्रीय सुरक्षा गारद) ने वृक्षारोपण का एक अभियान शुरू किया है। इस अभियान के अन्तर्गत सभी बलों द्वारा 30 जून 2020 तक देश के विभिन्न भागों में 20 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
  • इस कार्यक्रम के सुनियोजित ढंग से कार्यान्वयन के लिए योजना बनाने का कार्य इस साल फरवरी से ही आरम्भ हो गया था। समस्त बलों द्वारा जलवायु के अनुरूप ईकाईवार लगाये जाने वाले पौधों की संख्या के आंकलन का काम शुरू कर दिया गया तथा इसके लिए नोड ल अधिकारियों की नियुक्ति की गई। इस क्रम में लगाये जाने वाले पौधों की प्रजातियों का भी चयन किया गया। साथ ही यह भी निश्चित किया गया कि लगाये जाने वाले पौधे यथा संभव देसी प्रजातियों के होंगे और कम से कम पचास प्रतिशत पौधे लम्बी आयु (100 वर्ष से अधिक) के होंगे। पौधों की प्रजातियों के चयन में यह भी ध्यान रखा गया कि वे आरोग्य वर्धक और पर्यावरण की दृ्ष्टि से लाभकारी हों।
  • अखिल भारतीय वृक्षारोपण अभियान' के तहत आज देशभर में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस ब लों के परिसरों में 10 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जा रहा है। यह वृक्षारोपण म हाअभियान भारत की धरा को हरा- भरा बनाने के प्रयास के अलावा यह भी दर्शाता है कि केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल न केवल राष्ट्र की बाह्य और आंतरिक सुरक्षा वरन् इसके पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति भी कृतसंकल्प है।

:: विविध ::

मेडलिन स्‍वीगल

  • अमेरिकी नौसेना में अफ्रीकी मूल की लेफ्टिनेंट मेडलिन स्‍वीगल ने पहली अश्‍वेत महिला TACAIR पायलट बनकर इतिहास रच दिया है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद टेक्टिकल एयरक्राफ्ट (TACAIR) उड़ाने वाली पहली अश्‍वेत महिला पायलट बन गई हैं। अमेरिकी नौसेना की एयरविंग में ये पाने वाली वे पहली अश्‍वेत महिला हैं।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में निर्माण कार्य प्रारंभ होने से चर्चा में रहे 'सागरदीघी सुपर-क्रिटिकल संयंत्र' की स्थापना कहां की जा रही है? (पश्चिम बंगाल)
  • कट्टरपंथियों के विरोध से चर्चा में रहे श्री कृष्ण मंदिर का निर्माण पाकिस्तान के किस शहर में प्रस्तावित है? (इस्लामाबाद)
  • कोविड-19 महामारी से मुकाबले के संदर्भ में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा सराहना से चर्चा में रही एशिया की सबसे बड़ी स्लम बस्ती (झुग्गी बस्ती) कहां स्थित है? (मुंबई, महाराष्ट्र)
  • संग्रहालय से मस्जिद में बदलने से चर्चा में रहे विश्व धरोहर 'हागिया सोफिया' का निर्माण मुख्यता किस वास्तु कला के तहत किया गया था? (बाइजेंटाइन वास्तुकला)
  • हाल ही में किस औद्योगिक संगठन में चालू वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर -4.5 प्रतिशत का अनुमान लगाया है? (फिक्की)
  • नए वाहनों के पंजीकरण में अनिवार्य किए जाने से चर्चा में रहे 'फास्टैग' इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन में किस तकनीक का प्रयोग किया जाता है? (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन-RFID)
  • हाल ही में जारी 2019-20 के आंकड़ों के अनुसार भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार देश कौन है? (अमेरिका)
  • हाल ही में हिंद महासागर में होने वाले मालाबार युद्ध अभ्यास में किस नए देश को आमंत्रित किया गया है एवं वर्तमान में इसमें कौन से देश शामिल हैं? (ऑस्ट्रेलिया; भारत, अमेरिका और जापान)
  • हाल ही में चर्चा में रहे 'एकलव्य ई लर्निंग रिसोर्स' क्या है एवं यह किस संस्थान की पहल है? (व्यवसायिक पाठ्यक्रम हेतु मुफ्त ऑनलाइन कोर्स, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान)
  • हाल ही में चर्चा में रहे 'नाथूना(Natuna)' द्वीप समूह को लेकर किन दो देशों के मध्य विवाद है एवं यह किस सागर/ महासागर में स्थित है? (चीन और इंडोनेशिया, दक्षिण चीन सागर)
  • हाल ही में यूएस नेवी की एयरविंग में नियुक्त होने वाली पहली अश्‍वेत महिला पायलट बनने की उपलब्धि इसे हासिल हुई? (मेडलिन स्‍वीगल)
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा हिस्सा लेने से चर्चा में रहे केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के परिसरों में किस अभियान के तहत 10 लाख से अधिक पौधों का वृक्षारोपण किया जा रहा है ? (अखिल भारतीय वृक्षारोपण अभियान)
  • भारत द्वारा हथियारों की खरीद से चर्चा में रहे सिग 716 असॉल्ट राइफलों का निर्माण किस देश के द्वारा किया जाता है? (अमेरिका)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB