(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (12 मार्च 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (12 मार्च 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2020

  • छठे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मुख्य समारोह 21 जून, 2020 को लद्दाख की राजधानी लेह में होगा और इसका नेतृत्व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे।
  • प्रधानमंत्री अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य समारोह का प्रत्येक वर्ष लोगों के साथ योग अभ्यास करके नेतृत्व करते है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 2020 विशिष्ट होगा, क्योंकि पहली बार लेह जैसे ऊंचे स्थान पर लोग योगाभ्यास करेंगे।
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामान्य योग प्रोटोकॉल आधारित 45 मिनट का योगाभ्यास किया जाएगा। प्रधानमंत्री लेह में 15 से 20 हजार लोगों के साथ योगासन करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 2020 के लिए सीआईआई तथा फिक्की जैसी औद्योगिक संस्था, सीबीएसई, यूजीसी तथा एनसीईआरटी जैसी शैक्षणिक संस्थान और अन्य हितधारकों ने कार्यक्रम तैयार किए हैं।

देश के सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट

  • एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) द्वारा देश के नौ हवाई अड्डों को उनकी बेहतरीन सेवा गुणवत्ता के लिए इस साल विभिन्न श्रेणियों में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डों के पुरस्कार के लिए चुना गया है।
  • चार करोड़ या इससे ज्यादा यात्रियों की सालाना आवाजाही वाले हवाई अड्डों की श्रेणी में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए मुंबई और दिल्ली को क्रमश: पहला और दूसरा स्थान दिया गया है। डेढ़ से ढाई करोड़ यात्रियों की श्रेणी में हैदराबाद को दूसरा स्थान मिला है।
  • पचास लाख से डेढ़ करोड़ यात्रियों की श्रेणी में लखनऊ हवाई अड्डा पहले और कोचीन हवाई अड्डा दूसरे स्थान पर रहा। बीस से 50 लाख यात्रियों की श्रेणी में चंडीगढ़ हवाई अड्डा पहले, मेंगलुरु हवाई अड्डा तीसरे और त्रिवेंद्रम् हवाई अड्डा सातवें स्थान पर है।
  • सभी क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ माहौल एवं पारिस्थितिकी के लिए 20 से 50 लाख की श्रेणी में चंडीगढ़, 50 लाख से डेढ़ करोड़ यात्रियों की श्रेणी में लखनऊ, डेढ़ करोड़ से ढाई करोड़ यात्रियों की श्रेणी में हैदराबाद और ढाई करोड़ से चार करोड़ यात्रियों की श्रेणी में बेंगलुरु हवाई अड्डे को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया है।
  • सर्वश्रेष्ठ ग्राहक सेवा के लिए तीन श्रेणियों में देश के हवाई अड्डे पहले स्थान पर रहे हैं। बीस लाख से 50 लाख यात्री क्षमता की श्रेणी में चंडीगढ़, 50 लाख से डेढ़ करोड़ यात्री क्षमता में लखनऊ और ढाई करोड़ से चार करोड़ यात्री क्षमता में बेंगलुरु को चुना गया है। सर्वश्रेष्ठ बुनियादी ढाँचा एवं सुविधा के पुरस्कार के लिए अपनी-अपनी श्रेणियों में इन्हीं तीनों हवाई अड्डों को पहला स्थान दिया गया है।
  • बेंगलुरु हवाई अड्डे को यहाँ आने वाले यात्रियों के अनुभव के लिए किसी भी श्रेणी में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डा घोषित किया गया है।

हिमाचल प्रदेश में जल प्रबंधन प्रक्रियाओं में सुधार हेतु विश्व बैंक से ऋण समझौता

  • भारत सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार और विश्व बैंक ने हिमाचल प्रदेश में कुछ चयनित ग्राम पंचायतों (ग्राम परिषदों) में जल प्रबंधन प्रक्रियाओं में सुधार लाने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (आईबीआरडी) के इस 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण की अंतिम परिपक्वता 14.5 वर्षों की है जिसमें पांच वर्षों की अनुग्रह अवधि भी शामिल है।
  • हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध पहाड़ी राज्य है। हिमाचल प्रदेश में स्रोत स्थिरता और जलवायु लचीली वर्षा-आधारित कृषि के लिए एकीकृत परियोजना 10 जिलों की 428 ग्राम पंचायतों में लागू की जाएगी, इससे 4,00,000 से अधिक छोटे किसानों, महिलाओं और देहाती समुदायों को लाभ होगा।

क्यों लागू की गयी?

  • एक पर्वतीय राज्य के रूप में, हिमाचल प्रदेश जलवायु परिवर्तन और संबंधित जोखिमों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है।
  • हिमाचल प्रदेश के निचले क्षेत्रों में सिंचाई के पानी की सुविधा नहीं है और महत्वपूर्ण मानसून के मौसम के दौरान यह वर्षा की घटती मात्रा पर निर्भर है। कृषि उत्पादन और स्नोलाइन्स पहले ही उच्च ऊंचाई पर स्थानांतरित हो गए हैं, जिससे परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित सेब सहित फलों के उत्पादन पर असर पड़ा है। जलवायु परिवर्तन से भी औसत तापमान बढ़ने और तराई क्षेत्रों में वर्षा कम होने की संभावना है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान और वर्षा दोनों के बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कारण व्यापक बाढ़ की घटनाओं को बढ़ावा मिलता है।
  • जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक मुद्दा है। इसके प्रभाव से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर लचीलापन लाए जाने की आवश्यकता है।

परियोजना के लाभ

  • यह परियोजना से वनों, चरागाहों और घास के मैदानों में अपस्ट्रीम जल स्रोतों में सुधार करेगी और हिमाचल प्रदेश और डाउनस्ट्रीम राज्यों में टिकाऊ कृषि के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।
  • कृषि और इसकी संबद्ध गतिविधियों के लिए जलवायु लचीलेपन को बढ़ाना इस परियोजना का एक प्रमुख घटक है। जिसके लिए पानी एक कुशल उपयोग केंद्र बिंदु है। यह परियोजना जल गुणवत्ता और मात्रा की निगरानी के लिए हाइड्रोलॉजिकल निगरानी स्टेशन स्थापित करेगी। इससे न केवल बेहतर भूमि उपयोग और कृषि निवेशों के माध्यम से भविष्य के जल के लिए बजट की नींव रखने में मदद मिलेगी, बल्कि अधिक समग्र कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट (कैट) योजनाओं को भी यह सुनिश्चित करेगी जो स्रोत स्थिरता, कार्बन अनुक्रम और जल की गुणवत्ता पर आधारित हैं।
  • डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में निवेश सिंचाई उपयोग में वृद्धि करेगा और किसानों को कम मूल्य वाले अनाज उत्पादन के मुकाबले जलवायु-लचीली फसल प्रजातियों और उच्च मूल्य वाले फल और सब्जियों के उत्पादन को अपनाने में मदद करेगा। जलवायु लचीलापन और जल उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने से किसानों को पानी के उपयोग से अपने वित्तीय लाभ को अधिकतम करने में मदद मिलेगी। यह परियोजना अन्य सरकारी कार्यक्रमों के साथ-साथ विशेष रूप से कृषि, बागवानी और पशुपालन विभागों के सहयोग के साथ भी काम करेगी।
  • ग्राम पंचायतों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश जलवायु परिवर्तनशीलता और चुनौतीपूर्ण कृषि-पारिस्थितिक स्थितियों को देखते हुए अपनी आजीविका हासिल करने के लिए किसानों और देहाती समुदायों की सहायता करता है।
  • इस परियोजना के तहत सतत जल प्रबंधन प्रक्रिया किसानों की आय को दोगुना करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है। यह लक्ष्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि जल-उपयोग दक्षता बढ़ाने के लिए सभी उपलब्ध तकनीक और संसाधनों का सबसे अच्छा उपयोग किया जाए।
  • परियोजना के तहत जलवायु अनुकूलनता और शमन उपाय हिमाचल प्रदेश में लक्षित माइक्रो-वाटरशेड के ऊपरी कैचमेंट में राज्य योजना भूमि आधारित संसाधन प्रबंधन की योजना में मदद मिलेगी और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में कृषि और जल उत्पादकता बढ़ेगी। आखिरकार, इस तरह के प्रयास से वन क्षेत्र, जल गुणवत्ता और मात्रा बढ़ाने, भू-क्षरण को कम करने और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिसमें महिलाओं, युवाओं और वंचित समूहों को भी शामिल किया जाएगा।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

तालिबानी बंदियों को रिहा करेगा अफगानिस्तान

  • अफगानिस्तान सरकार तालिबान के आगे झुक गई है। राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा है कि अगर हिंसा में कमी आ जाए तो वो 5000 तालिबानी बंदियों को रिहा कर देंगे। अमेरिका और तालिबान के बीच दोहा में शांति समझौता हुआ था। इसमें कैदियों की रिहाई का जिक्र है। हालांकि अशरफ गनी ने आतंकियों को रिहा करने से मना कर दिया था। रुख में बदलाव गनी के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद आया है।

पृष्ठभूमि

  • अमेरिका और तालिबान के बीच दोहा में शांति समझौता हुआ था। इसमें कैदियों की रिहाई का जिक्र है। तालिबान के साथ शांति समझौते के मुताबिक अमेरिका धीरे-धीरे अपने सारे सैनिक वापस बुलाएगा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मंगलवार को अमेरिका - तालिबान शांति समझौते पर मुहर लगा दी। एक आतंकी संगठन के साथ समझौते को पहली बार सेक्युरिटी काउंसिल से समर्थन मिला है। सुरक्षा परिषद ने कहा कि अब अफगानिस्तान के अलग-अलग गुटों को आपस में बात करना चाहिए। पीस डील के मुताबिक अमेरिका अगले 14 महीनों में अफगानिस्तान से बाहर निकल जाएगा। जुलाई तक अमेरिकी सैनिकों की संख्या 12 हजार से घटकर 8600 हो जाएगा।
  • हालाँकि अमेरिका और तालिबान के बीच शांति समझौते में अफगान सरकार पक्षकार नहीं है। अब अफगान सरकार और तालिबान के बीच सीधी बातचीत हो सकती है।

यूएस सेना की वापसी से भारत पर क्या होगा असर?

  • अफगानिस्तान में शांति और सुलह प्रक्रिया का भारत एक अहम पक्षकार भले ही है, लेकिन इससे भारत का संकट कई गुना बढ़ने वाला है। रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा कहते हैं, 'अफगानिस्‍तान की जनता चाहती है कि भारत उनके देश में बड़ी भूमिका निभाए लेकिन शांति समझौते के बाद भारत की मुश्किलें कई गुना बढ़ने वाली हैं। तालिबान के साथ पाकिस्‍तान के अच्‍छे संबंध हैं। इस डील के बाद पाकिस्‍तान अपने आतंकी शिविर अपने देश से हटाकर अफगानिस्‍तान भेज सकता है। साथ ही दुनिया को दिखा सकता है कि वह आ‍तंकियों का पोषण नहीं कर रहा है। इससे वह आसानी से एफएटीएफ की ग्रे लिस्‍ट से बाहर आ जाएगा। इसके अलावा तालिबानी आतंकी अफगानिस्‍तान में पूरी तरह से कब्‍जा करने के कश्‍मीर की ओर रुख कर सकते हैं।'

रूस में संवैधानिक बदलाव

  • रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन वर्ष 2036 तक अपने पद पर बने रह सकते हैं। इस समय वह 67 साल के हैं, इस लिहाज से वह 83 साल की उम्र तक राष्ट्रपति बने रह सकते हैं। सैन्य क्षमता में दुनिया के दूसरे शक्तिशाली देश रूस में यह संवैधानिक बदलाव कुछ वैसे ही हुआ है जैसे कि दूसरे नंबर की आर्थिक महाशक्ति चीन में शी चिनफिंग के जीवन भर राष्ट्रपति बने रहने को लेकर हुआ था।
  • रूस में राष्ट्रपति के रूप में पुतिन का दूसरा कार्यकाल 2024 में पूरा होने वाला है। रूस की संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार एक व्यक्ति अधिकतम दो कार्यकाल के लिए ही राष्ट्रपति बन सकता है। लेकिन बुधवार को देश की संसद के निचले सदन ड्यूमा ने एक प्रस्ताव पारित कर पुतिन को 2036 तक राष्ट्रपति पद पर बनाए रखने पर मुहर लगा दी। प्रस्ताव के समर्थन में 383 मत पड़े, विरोध में कोई वोट नहीं पड़ा। 43 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया जबकि 24 सदस्य सदन की कार्यवाही से अनुपस्थित रहे।

क्या हुए बदलाव?

  • इस प्रस्ताव के अनुसार पुतिन के राष्ट्रपति पद के पिछले सारे कार्यकालों को शून्य घोषित कर दिया गया है, हालांकि किसी अन्य व्यक्ति के लिए अधिकतम दो बार राष्ट्रपति बने रहने का संवैधानिक प्रावधान बरकरार है।

पृष्ठभूमि

  • पुतिन ने संवैधानिक बदलाव की घोषणा जनवरी में तभी कर दी थी जब दिमित्री मेदवेदेव से प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा लिया गया था, लेकिन तब यह भी कहा था कि वह 2024 के बाद राष्ट्रपति पद पर नहीं रहना चाहते। लेकिन अब 2024 में उनके फिर से दो कार्यकाल (12 वर्ष) के लिए राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि पुतिन कहते रहे हैं कि वह सोवियत कालीन नेतृत्व परंपरा के विरोधी हैं जिसमें राष्ट्रपति के पास ताजिंदगी पद रहता था।

:: भारतीय राजव्यवस्था ::

कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न महिलाओं के मौलिक अधिकारों का अपमान

  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न महिलाओं के समानता, गरिमा के साथ जीने और किसी भी पेशे को अपनाने के उनके मौलिक अधिकारों का 'अपमान' है। शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखते हुए ये टिप्पणियां कीं जिसने एक महिला बैंक कर्मचारी के स्थानांतरण आदेश को रद कर दिया था। महिला ने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
  • जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (बचाव, रोकथाम एवं निवारण) अधिनियम, 2013 कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से बचाव के अलावा ऐसी शिकायतों के निपटान के लिए लागू किया गया था। पीठ ने 25 फरवरी को दिए अपने आदेश में कहा, 'कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 15 के तहत समानता के महिलाओं के मौलिक अधिकार और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त गरिमापूर्ण जीवन जीने के उसके अधिकार तथा किसी भी पेशे, व्यापार या कारोबार को अपनाने के अधिकार का अपमान है।'

पुडुचेरी: राज्यपाल बनाम राज्य सरकार

  • मद्रास उच्च न्यायालय ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को बुधवार को रद्द कर दिया जिसमें कहा गया था कि “पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी केंद्रशासित प्रदेश में निर्वाचित सरकार के रोजमर्रा के मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं।“ अदालत ने फैसला सुनाया कि बेदी और केंद्रशासित प्रदेश सरकार के बीच मतभेद होने पर प्रशासक (बेदी) द्वारा भेजे गए मामलों में अंतिम फैसला केंद्र करेगा।
  • मुख्य न्यायाधीश ए पी साही और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की प्रथम पीठ ने केंद्र और प्रशासक (बेदी) की अपील स्वीकार की और कहा कि वह उम्मीद करती है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चयनित सरकार और उपराज्यपाल अलग-अलग नहीं बल्कि साथ मिलकर काम करेंगे।

पृष्ठभूमि

  • मुख्यमंत्री वी नारायणसामी और उपराज्यपाल के बीच कथित सत्ता संघर्ष को लेकर कई मुकदमे दर्ज किए गए हैं। यह मामला पिछले साल उच्चतम न्यायालय भी पहुंचा था। न्यायालय ने केंद्र से कहा था कि वह एकल न्यायाधीश के आदेश को उच्च न्यायालय की खंड पीठ के समक्ष चुनौती दे। पीठ ने कहा कि पुडुचेरी में सरकार और प्रशासक की भूमिका एक दूसरे से जुड़ी हुई है और यदि कोई मतभेद होता है तो राष्ट्रपति के आदेश के तहत केंद्र सरकार अंतिम फैसला करेगी। इससे पहले, पिछले साल 30 अप्रैल को न्यायमूर्ति आर महादेवन ने कहा था कि पुडुचेरी की निर्वाचित सरकार के दैनिक कामकाज में वहां की उपराज्यपाल हस्तक्षेप नहीं कर सकती हैं। न्यायमूर्ति महादेवन ने कांग्रेस विधायक के. लक्ष्मीनारायणन की याचिका पर यह फैसला सुनाया था और गृह मंत्रालय द्वारा जनवरी और जून 2017 में प्रशासक की शक्तियां बढ़ाने संबंधी जारी दो आदेशों को निरस्त कर दिया था। याचिका पर सुनवायी करते हुए न्यायाधीश ने कहा था, ‘‘प्रशासक, सरकार के दैनिक कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकती हैं। मंत्रिपरिषद और मुख्यमंत्री द्वारा लिया गया निर्णय सचिवों और अन्य अधिकारियों के लिए बाध्यकारी है।’’ इस आदेश के खिलाफ केंद्रीय गृह सचिव और पुडुचेरी प्रशासक ने मौजूदा याचिका दायर की थी।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

रूस और सउदी अरब के बीच कच्चे तेल की कीमतों को लेकर प्राइस वार

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। कच्चे तेल की कीमतों में 30 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिसके चलते भारत में भी पेट्रोल डीजल की कीमतें कम हुई हैं।
  • ये गिरावट रूस और सउदी अरब के बीच चल रहे प्राइस वार और कोरोना वायरस के चलते कच्चे तेल की कीमतों की मांग में आई कमी के कारण हुई है। बता दें कि कच्चे तेल की कीमतों में 1991 के बाद ये सबसे बड़ी गिरावट बताई जा रही है।
  • तेल की मांग कम होने के बाद भी आपूर्ति पहले जैसी ही हो रही है। ऐसे हालात में तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC और सहयोगियों के बीच तेल उत्पादन में कटौती के सिलसिले में बैठक हुई, लेकिन इसको लेकर कोई समझौता नहीं हो पाया।

कच्चे तेल के दाम में 30 प्रतिशत की गिरावट

  • जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर 31.5 फीसदी टूटकर 31.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। ये 1991 में पहला खाड़ी युद्ध शुरू होने और 2016 के बाद कच्चे तेल की कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट है।
  • अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में भी कच्चे तेल के दामों में 1991 के बाद ये सबसे बड़ी गिरावट बताई जा रही है। डबल्यूटीआई में कच्चे तेल की कीमत 27.4 प्रतिशत गिरकर 30 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि कच्चे तेल की कीमतों में इस प्रकार की गिरावट का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ेगा।
  • जानकारों का मानना है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत में 5-6 रुपये प्रति लीटर की गिरावट आ सकती है। तेल के दाम में इससे ज्यादा गिरावट नहीं आ सकेगी क्योंकि रुपया अब भी डॉलर के मुकाबले कमजोर ही है।

बंगाल में चेकपोस्ट व्यवस्था समाप्त

  • बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कृषकों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए कृषि उत्पादों की निर्बाध आवाजाही के लिए एक अप्रैल से राज्य के सभी 109 चेकपोस्ट को हटाने का फैसला लिया है।
  • इससे कृषि उत्पादों से लदे वाहनों को अब चेकपोस्टों पर घंटों-घंटों नहीं रुकना पड़ेगा। एक अप्रैल से कृषि उत्पादों के लिए राज्य के सभी 109 चेकपोस्टों को हटा लिया जाएगा। इस फैसले से राज्य सरकार को करीब 200 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा, लेकिन लोगों के हित में उन्होंने यह फैसला लिया है।

पृष्ठभूमि

  • कृषि उत्पाद लदे वाहनों को चेकपोस्टों पर जांच के लिए तीन-तीन चार घंटे रूकना पड़ता था। इसके कारण कई बार कृषि उत्पाद सहित मछली, अंडा आदि खराब हो जाता था। इसको लेकर लगातार मिल रही शिकायतों व किसानों की परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी चेकपोस्टों को हटाने का फैसला किया है।
  • कृषि उत्पाद लदे वाहनों की पूरे राज्य में अब कहीं भी कोई जांच नहीं होगी। इन चेकपोस्टों पर काम करने वाले कुल 649 कर्मचारियों में से किसी की भी नौकरी नहीं जाएगी। उन्हें पास के कृषक बाजारों या अन्य जगहों पर काम दिया जाएगा।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

अंगूर की उत्‍कृष्‍ट किस्‍म- एआरआई- 516

  • देश में गर्मियों के मौसम की शुरुआत के बीच पुणे के विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्‍थान ने रस से भरपूर अंगूर की नयी किस्‍म विकसित की है। पुणे के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के स्‍वायत्‍त संस्‍थान आघारकर अनुसंधान संस्‍थान की ओर से विकसित अंगूर की यह किस्‍म फंफूद रोधी होने के साथ ही अधिक पैदावार वाली और रस से भरपूर है। यह जूस, जैम और रेड वाइन बनाने में बेहद उपयोगी है। ऐसे में किसान इसे लेकर बेहद उत्‍साहित हैं।
  • अंगूर की यह संकर प्रजाति एआरआई -516 दो विभिन्‍न किस्‍मों अमरीकी काटावाबा तथा विटिस विनिफेरा को मिलाकर विकसित की गई है। यह बीज रहित होने के साथ ही फंफूद के रोग से सुरक्षित है।
  • अंगूर की रस से भरपूर और अच्‍छी पैदावार देने वाली यह किस्‍म महाराष्‍ट्र एसोसिएशन फॉर कल्टिवेशन साइंस(एमएसी)–एआरआई की कृषि वैज्ञानिक डॉ.सुजाता तेताली की ओर से विकसित की गई है। यह किस्‍म 110 -120 दिन में पक कर तैयार हो जाती है और घने गुच्‍छेदार होती है। महाराष्‍ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब और पश्चिम बंगाल की जलवायु इसकी खेती के लिए अनुकूल है।
  • एमएसीएस-एआरआई फलों पर अनुसंधान के अखिल भारतीय कार्यक्रम के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान के साथ जुड़ा है। इस कार्यक्रम के तहत उसने अंगूर की कई संकर किस्‍में विकसित की हैं। ये किस्‍में रोग रोधी होने के साथ ही बीज रहित और बीज वाली दोनों तरह की हैं।
  • अंगूर उत्‍पाद के मामले भारत का दुनिया में 12 वां स्‍थान है। देश में अंगूर के कुल उत्‍पादन का 78 प्रतिशत सीधे खाने में इस्‍तेमाल हो जाता है जबकि 17-20 प्रतिशत का किशमिश बनाने में, डेढ़ प्रतिशत का शराब बनाने में तथा 0.5 प्रतिशत का इस्‍तेमाल जूस बनाने में होता है।
  • देश में अंगूर की 81.22 प्रतिशत खेती अकेले महाराष्‍ट्र में होती है। यहां अंगूर की जो किस्‍में उगाई जाती हैं वे ज्‍यादातर रोग रोधी और गुणवत्‍ता के लिहाज से भी उत्‍तम हैं।
  • अंगूर की नयी किस्‍म एआरआई-516 अपने लाजवाब जायके के लिए बहुत पंसद की जाती है। उत्‍पादन लागत कम होने और ज्‍यादा पैदावार होने के कारण किसान इसकी खेती को लेकर बेहद उत्‍साहित हैं और इसलिए इसका रकबा लगातार बढ़ते हुए 100 एकड़ तक हो चुका है।

डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस को घोषित किया 'महामारी'

  • पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चिंता व्यक्त की है। संगठन ने बुधवार को घोषणा की कि वैश्विक कोरोना वायरस संकट अब एक महामारी है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अध्यक्ष टेड्रॉस गेब्रेयेसस ने कहा कि हमने कोरोना की ऐसी महामारी कभी नहीं देखी है। डब्ल्यूएचओ कोरोना के प्रकोप के फैलने और गंभीरता के खतरनाक स्तरों से गहराई से चिंतित है। उन्होंने कहा कि हमारे आकलन के मुताबिक, कोरोना को महामारी घोषित किया जा सकता है। हमारा काम लोगों के स्वास्थ की रक्षा करना है। कोरोना वायरस के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए हम कई सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

पृष्ठभूमि

  • दुनियाभर में अब तक कोरोना वायरस से 4000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। चीन के बाद लगभग हर द्वीप तक कोरोना पहुंच चुका है। भारत भी इसकी चपेट में है और स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में अबतक संक्रमण के 60 मामले सामने आ चुके हैं। कोरोना वायरस से माहामारी घोषित करने के लिए डब्ल्यूएचओ की तरफ से बुधवार की रात पौने दस बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। उस समय तक दुनियाभर में कोरोना से मरनेवालों की संख्या 4,291 थी। इस महामारी के चलते दुनियाभर के 114 देशों के 1,18,000 लोग इन्फैक्टेड हुए हैं।

क्या है कोरोना वायरस?

  • कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है.

:: पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी ::

दुर्लभ सफेद जिराफ

  • साल 2017 के खबरों में एक मादा जिराफ और उसके बच्चे की तस्वीरें छाई हुई थी। ऐसा इसलिए था क्योंकि दोनों का रंग आम जिराफ की तरह ब्राउन नहीं, बल्कि एकदम सफेद था। साथ ही, उनके शरीर पर आम जिराफ की तरह पैटर्न भी नहीं थे। ये दुनिया के दुर्लभ सफेद जिराफ थे, जो केन्या की वाइल्डलाइफ सेंचुरी में साल 2016 में देखे गए थे। लेकिन अब शिकारियों ने इन दुर्लभ जिराफ को मार दिया है। अब दुनिया में सफेद रंग का सिर्फ एक जिराफ ही रह गया है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, रेंजर्स को उत्तर-पूर्वी केन्या में गरिसा काउंटी के एक गांव में मादा और उसके बच्चे का शव मिला। फिलहाल, तीसरा जिराफ जिंदा है। अब माना जा रहा है कि वह दुनिया का इकलौता सफेद जिराफ है।
  • ‘अफ्रीका वाइल्डलाइफ फाउंडेशन’ के मुताबिक, पिछले 30 वर्षों में जिराफ की जनसंख्या 40 प्रतिशत तक घट गई है। क्योंकि शिकारी मांस और चमड़े के लिए उन्हें मौत के घाट उतार रहे हैं।
  • ‘अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ’ (IUCN) के मुताबिक, साल 1985 में जिराफ की जनसंख्या 155,000 थी, जो 2015 में घटकर 97,000 रह गई है। मामले की जांच जारी है। लेकिन अबतक शिकारियों की पहचान नहीं हुई है और यह भी साफ नहीं हुआ है कि आखिर उन्होंने इन जिराफ की जान क्यों ली।

क्यों होता है जिराफ के सफ़ेद रंग?

  • दोनों जिराफ ल्यूसिज्म नामक एक जेनेटिक बीमारी से पीड़ित थे, जो त्वचा की कोशिकाओं के पिग्मेंटेशन (त्वचा का मूल रंग ना होना) को रोकती है। ल्यूसिज्म में आंखों के पास काला रंग बना रहता है।

:: विविध ::

योनेक्स-सनराइज इंडिया ओपन 2020 टूर्नामेंट

  • भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने कहा कि इंडिया ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए दर्शकों की गैरमौजूदगी में खेला जाएगा। कोविड-19 के संक्रमण के कारण इस चार लाख डॉलर इनामी टूर्नामेंट पर खतरा मंडरा रहा है जो टोक्यो ओलंपिक क्वॉलिफिकेशन का अहम टूर्नामेंट है। ''योनेक्स-सनराइज इंडिया ओपन 2020 का आयोजन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 24 से 29 मार्च तक होगा। इंडिया ओपन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम के केडी जाधव हाल में होगा, लेकिन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बार किसी दर्शक को आने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • छठे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2020 के मुख्य समारोह का आयोजन कहां किया जाएगा? (लेह, लद्दाख)
  • हाल ही में हिमाचल प्रदेश में जल प्रबंधन प्रक्रियाओं में सुधार हेतु किस अंतरराष्ट्रीय संस्था से ऋण हेतु समझौता किया गया है? (विश्व बैंक)
  • हाल में भी अफगानिस्तान सरकार के द्वारा कितने तालिबानी कैदियों की रिहाई का आश्वासन दिया गया है? (5000)
  • किस देश की संसद के द्वारा हाल ही में प्रस्ताव पारित कर निवर्तमान राष्ट्रपति के सारे कार्यकाल को शून्य घोषित कर दिया गया है? (रूस)
  • हाल ही में किस न्यायालय ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न को महिलाओं के मौलिक अधिकारों का अपमान माना है? (उच्चतम न्यायालय)
  • हाल ही में किस राज्य ने कृषि उत्पादों की निर्बाध आवाजाही के लिए राज्य के सभी चेक पोस्ट को हटाने का फैसला लिया गया है? (पश्चिम बंगाल)
  • हाल ही में चर्चा में रही एआरआई -516 किस फल की प्रजाति है? (अंगूर)
  • अंगूर की संकर प्रजाति एआरआई -516 को अंगूर के किन प्रजातियों के मिश्रण से बनाया गया है? (अमरीकी काटावाबा तथा विटिस विनिफेरा)
  • देश में अंगूर की खेती में शीर्ष राज्य कौन है? (महाराष्ट्र)
  • हाल ही में किस वायरस के कारण उत्पन्न हुए संकट को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वैश्विक महामारी के रूप में घोषित किया गया है? (कोरोना वायरस)
  • दुनिया का एकमात्र दुर्लभ सफेद जिराफ किस देश में है? (केन्या)
  • योनेक्स-सनराइज इंडिया ओपन 2020 टूर्नामेंट का आयोजन कहां किया जा रहा है? (नई दिल्ली)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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