(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (12 और 13 मई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (12 और 13 मई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

चैंपियन्स पोर्टल

चर्चा में क्यों?

  • एक बड़ी पहल के तहत सूक्ष्म,लघु एंव मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने चैंपियन्स पोर्टल शुरु किया है। यह प्रौद्योगिकी आधारित एक प्रबंधन सूचना प्रणाली है। जिसे टेलीफोन, इंटरनेट और वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसे आईसीटी टूल्स के अलावा, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग द्वारा सक्षम बनाया गया है।

क्या है उद्देश्य?

  • चैंपियन्स पोर्टल पोर्टल का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने ,गुणवत्ता हासिल करने और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने में मदद करना है।आधुनिक तकनीक के सांमजस्यपूर्ण अनुप्रयोंगों के साथ छोट उद्योगों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने के मूल लक्ष्य के अनुरुप इस पोर्टल को चैंपियन्स का नाम दिया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र से जुडी समस्त जानकारियां एक स्थान पर उपलब्ध कराई गई हैं।

क्या होते है सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग(MSME)?

  • MSME छोटे पैमाने की औद्योगिक इकाइयाँ होती है जो मध्यम स्तर के विनियोग की सहायता से उत्पादन प्रारम्भ करती हैं। इन इकाइयों मे सीमित श्रम शक्ति से सापेक्षिक रूप में वस्तुओं एवं सेवाओं का कम मात्रा में उत्पादान किया जाता है। MSME को आर्थिक विकास का इंजन माना जाता है क्योकि ये रोजगार, मध्यमवर्ती अन्य समेत वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन में महती भूमिका निभाती है। उत्पादन की प्रकृति पर MSME को दो भागो में बाटा जाता है विनिर्माण MSME और सेवा देने वाली MSME। दोनों प्रकार की MSME को प्लांट और मशीनरी में निवेश के अनुसार सूक्ष्म उद्यम,लघु उद्यम और मध्यम उद्यम में विभाजित किया जाता है।
  • विनिर्माण MSME- प्लांट और मशीनरी में निवेश, यदि 25 लाख तक तो वह सूक्ष्म उद्यम, 25 लाख से 5 करोड़ तक लघु उद्यम, 5 करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक मध्यम उद्यम कहलाती है।
  • सेवा देने वाली MSME- प्लांट और मशीनरी में निवेश, यदि 10 लाख तक तो वह सूक्ष्म उद्यम, 10 लाख से 2 करोड़ तक लघु उद्यम, 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक मध्यम उद्यम कहलाती है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

मालदीव में चीन द्वारा कृत्रिम द्वीप का निर्माण

  • भारत को घेरने की फिराक में जुटा चीन हिंद महासागर में लक्षद्वीप से 600 किलोमीटर की दूरी पर मालदीव में एक कृत्रिम द्वीप का निर्माण कर रहा है। माना जा रहा है कि चीन इस द्वीप का इस्तेमाल अपनी सामरिक जरूरतों को पूरा करने और भारत पर दबाव बनाने के लिए कर सकता है। यहां से किसी भी लड़ाकू विमान को भारत पहुंचने में 20 से 25 मिनट का समय लगेगा। हाल में ही जारी सैटेलाइट तस्वीरों में चीन की इस नापाक इरादों का खुलासा हुआ है।

पृष्ठभूमि

  • मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने अपने कार्यकाल के दौरान 2016 में ‘फेयधू फिनोल्हु’ (Feydhoo Finolhu) समेत 16 द्वीपों को चीनी कंपनियों को लीज पर दिया था। अब चीन इन द्वीपों पर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस द्वीप में इतने बड़े पैमाने पर चीन द्वारा धन के निवेश के पीछे भारत को घेरने की साजिश है।

चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में मालदीव अहम

  • हथियारों के खरीद फरोख्त पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था सिपरी (SIPRI) के न्यूक्लियर इंफार्मेशन प्रोजक्ट के निर्देशक हेंस क्रिस्टेंसन ने ट्वीट कर कहा कि मालदीव के ‘फेयधू फिनोल्हु’ द्वीप को तत्कालीन चीनी सरकार ने 4 मिलियन डॉलर में चीन को 2016 में लीज पर दे दिया था। अब चीन यहां साउथ चाइना सी के तर्ज पर अपने बेल्ट और रोड इनिशिएटिव के रूप में भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है।

चीन ने मालदीव को कर्ज के जाल में फंसाया

  • भारत के वैश्विक स्तर पर बढ़ते साख से घबराए चीन ने हिंद महासागर में स्थित कई देशों को अपने कर्ज के जाल में फंसा रखा है। चीन वैश्विक व्यापार और अपने इंफ्रास्टक्चर प्लान के जरिए इन देशों में अपनी पकड़ को मजबूत कर रहा है। इस कड़ी में 90 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला मालदीव उसका पसंदीदा शिकार बना।

मालदीव से 20 मिनट में भारत आ सकते हैं लड़ाकू विमान

  • मालदीव हिंद महासागर से आने-जाने वाले जहाजों के मुख्य मार्ग पर स्थित है। हर साल इस रास्ते से अरबों का व्यापार होगा है। दूसरी तरफ चीन यहां से भारत पर भी कड़ी नजर रख सकता है। इस द्वीप से चीनी जहाजों को भारत आने में 20 से 25 मिनट का समय लगेगा।

मोहम्मद सोलिह की जीत से भारत की जागी उम्मीद

  • अब्दुल्ला यामीन के कार्यकाल में भारत की मालदीव से तल्खी बहुत बढ़ गई थी। यहां तक की भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव की अपनी यात्रा तक को निरस्त कर दिया था। अब्दुल्ला यामीन चीन के करीबी नेताओं में शुमार थे। हालांकि सितंबर 2018 में हुए चुनावों में यहां अब्दुल्ला यामीन को हार का मुंह देखना पड़ा था। मालदीव के नए राष्ट्रपति बने इब्राहिम मोहम्मद सोलिह भारत के करीबी माने जाते हैं।

चीन ने मालदीव में किया अरबों का निवेश

  • चीन ने मालदीव में अरबों डॉलर का निवेश किया हुआ है। ये सब पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए हैं। इसमें 83 करोड़ डॉलर की लागत से राजधानी माले में बनने वाला एयरपोर्ट भी शामिल है। भारत को डर है कि चीन अपनी निर्माण कंपनियों की आड़ में मिलिट्री बेस स्थापित कर सकता है।

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 2020

  • प्रति वर्ष 12 मई को आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ़्लोरेंस नाइटेंगल के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स (ICN) अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस को मनाता है। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 2020 की थीम “Nursing the World to Health” है।
  • 12 मई 1820 को इटली के फ्लोरेंस में विलियम नाइटिंगेल और फेनी के घर फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ और वह इंग्लैंड में पली-बढ़ीं। फ्लोरेंस नाइटिंगेल का झुकाव मरीजों, गरीबों और पीड़ितों की मदद में होने के कारण उन्होंने नर्सिंग की पढ़ाई शुरू कर दी। साल 1854 में जब क्रीमिया का युद्ध में ब्रिटेन, फ्रांस और तुर्की की लड़ाई रूस से थी। युद्ध से जब सैनिकों के जख्मी होने और मरने की खबर आई तो फ्लोरेंस नर्सों को लेकर वहां पहुंची। युद्ध के कारण गंदगी, दुर्गंध, समेत उपकरणों की कमी, बेड, पेयजल आदि तमाम असुविधाओं के बीच काफी तेजी से बीमारी फैली और सैनिकों की संक्रमण से मौत हो गई। फ्लोरेंस ने अस्पताल की हालत सुधारने के साथ मरीजों के नहाने, खाने, जख्मों की ड्रेसिंग आदि पर ध्यान दिया। सैनिकों की हालत में काफी सुधार हुआ। रात में हाथ में लालटेन लेकर मरीजों को देखने जाती थीं जिसके कारण सैनिक आदर और प्यार से उन्हें 'लेडी विद लैंप' कहने लगे। साल 1856 में वह युद्ध के बाद लौटीं, तो उनका यह नाम प्रसिद्ध हो गया था।
  • आपको बता दे आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ़्लोरेंस नाइटेंगल के जन्म के 200 साल पूरे होने पर 2020 को 'नर्स और दाई के अंतरराष्ट्रीय वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2020 को नर्सो और मिडवाइफ का वर्ष घोषित किया तो इसके 194 सदस्य देशों ने इस बात का अंदाजा नहीं लगाया होगा कि इस वर्ष के दौरान उन पर भारी जिम्मेदारी आने वाली है। सभी प्रमुख अन्य व्यवसायों के साथ साथ नर्सों को अब कोरोना योद्धा कहा जा रहा है और वे भारत तथा विश्व के अन्य देशों में कोविड-19 से निपटने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही नर्सो के सम्मान स्वरुप WHO ने 2020 के विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम भी ‘नर्स और दाई’ का योगदान (Support nurses and midwives) रखा था। इसके साथ ही 2020 के विश्व स्वास्थ्य दिवस पर State of the World’s Nursing Report 2020 भी जारी की गयी है।

अमेरिका और चीन के बीच दक्षिण चीन सागर में प्रतिस्पर्धा

  • विश्‍व की दो सुपरपावर अमेरिका और चीन के बीच दक्षिण चीन सागर को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। इस तनाव के बीच चीन जहां नए-नए हथियारों का परीक्षण और युद्धाभ्‍यास कर रहा है, वहीं अमेरिका ने भी कमर कस ली है। अमेरिका नई मिसाइलों का जखीरा बना रहा है जो चीन के साथ जंग में मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम होंगी।
  • कोरोना वायरस, साउथ चाइना सी, जापान और ताइवान को लेकर चीन के साथ लगातार बढ़ते विवाद के बीच अमेरिका ने पीएलए के साथ जंग की तैयारी तेज कर दी है। अमेरिका न केवल युद्ध के लिए सटीक रणनीति बना रहा है, बल्कि अपने हथियारों के जखीरे को बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में अमेरिका खाड़ी युद्ध से लेकर अफगानिस्‍तान तक की जंग में सफलतापूर्वक इस्‍तेमाल कर चुके अपने 'ब्रह्मास्‍त्र' टॉमहॉक क्रूज मिसाइल की धार को और तेज कर रहा है।

दक्षिण चीन सागर बना तनाव का केंद्र

  • समाचार एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया की दो महाशक्तियों अमेरिका और चीन के बीच प्रशांत महासागर तनाव का केंद्र बन गया है। चीन जहां बहुत तेजी से अपने हथियारों के ज‍खीरे को और ज्‍यादा बढ़ा रहा है, वहीं दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका ने भी बीजिंग के साथ किसी भी जंग के लिए कम कस ली है। अमेरिका अपनी सफलतम मिसाइलों में से एक टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का नया संस्‍करण बना रहा है।

टॉमहॉक क्रूज मिसाइल से लैस होंगे मरीन

  • अ‍मेरिका अपने मरीन सैनिकों को भी टॉमहॉक मिसाइल से लैस करने जा रहा है। यही नहीं ट्रंप प्रशासन अब एशिया प्रशांत क्षेत्र में लंबी दूरी के और जमीन से लॉन्‍च किए जाने वाले क्रूज मिसाइलों को तैनात करने की योजना बना रहा है। यही अमेरिका ने कई दशक के बाद लंबी दूरी के एंटी शिप मिसाइल को बनाने पर काम तेज कर दिया है। अमेरिका के इस कदम के बाद अब चीन ने कहा कि अमेरिका धौंस दिखाना बंद करे।

जानें, चीन पर क्‍या है अमेरिकी सेना की रणनीति

  • अमेरिका के सैन्‍य कमांडरों ने पिछले दिनों कांग्रेस को बताया है कि टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों लैस मरीन सैनिक पश्चिमी प्रशांत महासागर पर नियंत्रण करने में अमेरिकी नौसेना की मदद करेंगे। मरीन कोर के कमांडेंट जनरल डेविड बर्गर ने कहा, 'टॉमहॉक क्रूज मिसाइल हमें इस काम को अंजाम देने में मदद करेगी।' टॉमहॉक क्रूज मिसाइल ने सबसे पहले वर्ष 1991 में खाड़ी युद्ध के दौरान लोकप्रियता हासिल की थी। टॉमहॉक से लैस अमेरिकी युद्धपोतों ने दुश्‍मन के ठिकानों पर जमकर तबाही मचाई थी। यूएस मरीन के लिए नई मिसाइल वर्ष 2022 तक बनक तैयार हो जाएगी।

चीन को सख्‍त संदेश है अमेरिकी मिसाइल

  • अमेरिकी सैन्‍य रणनीतिकारों का मानना है कि लैंड बेस्‍ड क्रूज मिसाइल की कम संख्‍या से शक्ति का संतुलन तो नहीं बदलेगा लेकिन अमेरिका इसके जरिए चीन को कड़ा संदेश देगा। उनका कहना है कि जापान और ताइवान के इसी तरह के हथियारों की मदद से चीन की सेना को गंभीर खतरा उत्‍पन्‍न हो जाएगा। उन्‍होंने कहा कि चीन को सबसे बड़ा और ताजा खतरा अमेरिका की एंटी शिप मिसाइलें हैं जो यूएस नेवी और यूएस एयरफोर्स में शामिल होने जा रही हैं।

चीनी सेना ने अमेरिका को दी थी चेतावनी

  • पिछले साल अक्‍टूबर महीने में चीन की सेना के प्रवक्‍ता वू किआन ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका ने लैंड बेस्‍ड और लंबी दूरी की मिसाइलों को तैनात किया तो चीन हाथ पर हाथ रखकर बैठा नहीं रहेगा। चीन के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया था कि अमेरिका शीत युद्ध की मानसिकता से व्‍यवहार कर रहा है और क्षेत्र में लगातार सेना को बढ़ा रहा है। दरसअल, अमेरिकी सेना एक नई लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण कर रही है जो चीन के युद्धपोतों को निशाना बना सकती है। इसी वजह से चीन बहुत परेशान है।

:: राजव्यवस्था ::

सबरीमला मामला विवाद: SC

चर्चा में क्यों?

  • उच्चतम न्यायालय ने कहा कि सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के मामले में पुनर्विचार अधिकार क्षेत्र के तहत उसकी पांच न्यायाधीशों की पीठ के पास अपनी सीमित शक्ति का इस्तेमाल करते हुए विधि के प्रश्न को वृहद पीठ को सौंपने का अधिकार था।
  • न्यायालय ने कहा कि पुनर्विचार याचिकाओं में कानूनी सवालों को वृहद पीठ को सौंपने के लिये शीर्ष अदालत के विशेषाधिकार के इस्तेमाल में कोई बाधा नहीं है। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली नौ सदसयीय संविधान पीठ ने 10 फरवरी को कहा था कि शीर्ष अदालत पुनर्विचार याचिका में उठे कानूनी मुद्दों को वृहद पीठ को सौंप सकती है।
  • पीठ ने अनेक पक्षकारों की इस दलील को अस्वीकार कर दिया कि लंबित पुनर्विचार याचिका में वृहद पीठ के पास कोई मामला नहीं भेजा जा सकता और ऐसा सिर्फ पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसले के बाद ही किया जा सकता है।

पृष्ठभूमि

  • शीर्ष अदालत ने 10 फरवरी को इन आपत्तियों को अस्वीकार कर दिया था कि पांच सदस्यीय पीठ द्वारा 3:2 के बहुत से 14 नवंबर, 2019 को सबरीमला मामले में सुनाये गये 2018 के फैसले पर पुनर्विचार के लिये दायर याचिकाओं पर निर्णय के बगैर ही इसे वृहद पीठ को सौंपना गलत था। इस पीठ ने सितंबर, 2018 को 4:1 के बहुमत फैसले के तहत न्यायालय ने सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति प्रदान की थी। इस निर्णय से पहले सबरीमला मंदिर में 10 से 50 साल की आयु की महिलाओं का प्रवेश वर्जित था। इस संविधान ने विभिन्न धर्मो में धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे के बारे मे सात सवाल तैयार किये थे और स्पष्ट किया था कि वृहद पीठ इन सवालों को कम या ज्यादा कर सकती है।

सबरीमला

  • शबरीमाला में भगवान अयप्पा का मंदिर है। सबरीमला, केरल के पेरियार टाइगर अभयारण्य में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से 175 किलोमीटर की दूरी पर पंपा है और वहां से चार-पांच किलोमीटर की दूरी पर पश्चिम घाट से सह्यपर्वत शृंखलाओं के घने वनों के बीच, समुद्रतल से लगभग 1000 मीटर की ऊंचाई पर सबरीमाला मंदिर स्थित है। यहां विश्व का सबसे बड़ा वार्षिक तीर्थयात्रा होती है जिसमें प्रति वर्ष लगभग 2 करोड़ लोग श्रद्धालु शामिल होते हैं।

ओसीआई (ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ़ इंडिया) कार्ड

चर्चा में क्यों?

  • अमेरिका में एच-1बी कामकाजी वीजा या ग्रीन कार्ड धारक भारतीय जिनके बच्चे जन्म से अमेरिकी नागरिक हैं, उन्हें कोरोना वायरस संकट के दौरान वैश्विक यात्रा प्रतिबंधों के बीच एअर इंडिया द्वारा चलाए जा रहे विशेष विमानों से वापस भारत आने से रोका जा रहा है।

पृष्ठभूमि

  • भारत सरकार द्वारा पिछले महीने जारी नियमों, जिनमें पिछले सप्ताह बदलाव भी किया गया, उनके अनुसार विदेशी नागरिकों के वीजा और ओसीआई कार्ड (जो भारतीय मूल के नागरिकों को बिना वीजा के यात्रा करने की अनुमति देता है) को नए अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंधों के कारण निलंबित कर दिया गया है।

क्या है ओसीआई कार्ड?

  • विदेश में बसे और वहां की नागरिकता ले चुके भारतीय लोगों के लिए एक ख़ास तरह की सुविधा का नाम है ओसीआई कार्ड. ओसीआई का मतलब है--ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ़ इंडिया. ओसीआई एक तरह से भारत में जीवन भर रहने, काम करने और सभी तरह के आर्थिक लेन-देन करने की सुविधा देता है, साथ ही ओसीआई धारक व्यक्ति जब चाहे बिना वीज़ा के भारत आ सकता है. ओसीआई कार्ड जीवन भर के लिए मान्य होता है.
  • व्यक्ति या तो पहले भारत का नागरिक रहा हो, या उसके माता या पिता भारतीय नागरिक रहे हों. पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, अफ़ग़ानिस्तान और ईरान कुछ ऐसे देश हैं जहां के भारतीय मूल के लोगों को यह सुविधा नहीं मिल सकती.
  • भारतीय गृह मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, ओसीआई कार्ड के धारकों के पास भारतीय नागरिकों की तरह सभी अधिकार हैं लेकिन चार चीज़ें वे नहीं कर सकते--1. चुनाव नहीं लड़ सकते. 2. वोट नहीं डाल सकते. 3. सरकारी नौकरी या संवैधानिक पद पर नहीं हो सकते. 4. खेती वाली ज़मीन नहीं ख़रीद सकते.

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

'भरणी' और 'अश्‍लेषा' रडार

  • चीन अपनी हरकतों से बाज आने को तैयार नहीं। लद्दाख में लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) के बेहद पास चीनी हेलिकॉप्टर्स चक्‍कर काटते मिले। चीनी सेना के हेलिकॉप्‍टर्स कई बार भारतीय एयरस्‍पेस में घुस चुके हैं। वे जानबूझकर ऐसे निशान छोड़ते हैं जिससे भारत के इलाके पर दावा ठोंक सकें। LAC के अलावा भारत-चीन सीमा के कई हिस्से ऐसे हैं जहां कोई निश्‍चित बॉर्डर नहीं है। मगर अब चीन की हवा में किसी भी हरकत का पता हमारे रेडार लगा लेते हैं। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने दो लोल लेवल लाइटवेट रेडार बनाए हैं। इन्‍हें बॉर्डर के पास तैनात किया गया है ताकि निगरानी रखी जा सके। इन रेडार्स के नाम 'भरणी' और 'अश्‍लेषा' हैं। Bharani जहां 2D रडार हैं वहीं, Aslesha 3D है।

'भरणी'

  • दोनों रेडार के नाम भारतीय नक्षत्रों के नाम पर रखे गए हैं। DRDO का बनाया 'भरणी' रडार को खासतौर से पहाड़ी इलाकों में UAVs, RPVs, हेलिकॉप्‍टर्स और फिक्‍स्‍ड विंग एयरक्राफ्ट ट्रेस करने के लिए बनाया गया है। यह एयर डिफेंस वेपन सिस्‍टम्‍स को पहले से वॉर्निंग दे देता है। 2डी कम स्तरीय हल्का वजनी रडार (एलएलएलआर) एक हल्का वजनी बैटरी चालित कॉम्पैक्ट सेंसर है जो कम और मध्यम ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले यूएवी, आरपीवी, हेलीकॉप्टर और फिक्स्ड विंग विमान जैसे शत्रुतापूर्ण हवाई लक्ष्यों के खिलाफ पहाड़ी इलाकों में 2डी निगरानी प्रदान करता है। यह कमजोर क्षेत्रों या कमजोर बिंदुओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए नियोजित वायु रक्षा हथियार प्रणालियों के लिए शुरुआती चेतावनी के रूप में कार्य करता है।

'अश्‍लेषा'

  • 'अश्‍लेषा' 3D रेडार है। इसे मैदानी इलाकों से लेकर रेगिस्‍ताना, पहाड़ की चोटियों तक पर तैनात किया जा सकता है। यह हर तरह के एयर टारगेट्स को डिटेक्‍ट करता है। यह स्‍टैंडअलोन और नेटवर्क, दोनों मोड में काम करता है।

चीन ने अंतरिक्ष में संचार प्रौद्योगिकी की जांच के लिए दो उपग्रह प्रक्षेपित किए

  • चीन ने अंतरिक्ष में ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’(एलओटी)संचार प्रौद्योगिकी की जांच के लिए दो उपग्रहों का मंगलवार को सफल प्रक्षेपण किया। सरकारी समाचार समिति शिन्हुआ ने अपनी खबर में बताया कि दो उपग्रह शिन्ग्युन-2 01 और 02 को पश्चिमोत्तर चीन के जिनक्युआन उपग्रह प्रक्षेपण केन्द्र से क्युएईझोऊ-1ए(केजेड-1ए) रॉकेट के जरिए प्रक्षेपित किया गया। खबर में बताया गया है कि दोनों उपग्रह निर्दिष्ट कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गए हैं।

एंटी वायरल दवा Favipiravir के तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल भारत में

  • ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स ने एंटी वायरल दवा favipiravir के तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल भारत में शुरू कर दिया है। इसे कोरोनावायरस बीमारी के इलाज में संभावित तौर पर मददगार समझा जा रहा है। देश के दवा नियामक से अप्रैल में इस संबंध में मंजूरी मिलने के बाद ग्लेनमार्क ने यह परीक्षण शुरू किया है। मुंबई स्थित ग्लेनमार्क ने कहा कि बीएसई में एक फाइलिंग ने मंजूरी देते हुए इसे भारत की पहली दवा कंपनीबना दिया। कंपनी को भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल द्वारा कोविड-19 रोगियों पर परीक्षण शुरू करने के लिए मंजूरी दी गई है।
  • एंटी वायरल दवा favipiravir को जापान की फुजीफिल्म होल्डिंग्स कॉर्पोरेशन की सहायक कंपनी द्वारा निर्मित किए नाम Avigan के तहत बनाया गया है। इसे साल 2014 में एक फ़्लू-विरोधी दवा के रूप में उपयोग करने के लिए अनुमोदित किया गया है। favipiravir इन्फ्लूएंजा वायरस के खिलाफ इस्तेमाल में लाई जा चुकी है। इस वक्त जापान में इस दवा को कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए इजाजत मिली हुई है।

'हर्ड इम्युनिटी'

  • लॉकडाउन 3 में कई तरह की गतिविधियों को छूट दी गई है। इसके बाद भी कुछ कदम आगे बढ़ते हुए 12 मई से सरकार रेल सेवाओं को फिर से शुरू करने जा रही है। दिल्ली में पार्क खोले जा रहे हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि सरकार कहीं देश को हर्ड इम्युनिटी के लिए तैयार तो नहीं कर रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और महामारी से निपटने के लिए उपाय सुझाने वाले विद्वानों का एक वर्ग मानता है कि कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए देश के पास इकलौता हथियार हर्ड इम्युनिटी है।

क्या है हर्ड इम्युनिटी :

  • हर्ड इम्युनिटी का हिंदी में अनुवाद सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता है। वैसे हर्ड का शाब्दिक अनुवाद झुंड होता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोरोना वायरस को सीमित रूप से फैलने का मौका दिया जाए तो इससे सामाजिक स्तर पर कोविड-19 को लेकर एक रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होगी।

एनआईटी द्वारा विकसित ‘सेहत सुरक्षा चक्र’ ऐप

  • देश भर में कोरोना को मात देने के लिए जंग जारी है। शोध के क्षेत्र में नित नए प्रयोग हो रहे हैं। इसी क्रम में एनआईटी रायपुर ने ऐसे ऐप का निर्माण किया है, जो कफ की पहचान के साथ सोशल डिस्टैंसिंग के बारे में भी जानकारी देगा। इसके अलावा, आने वाले समय में यह टेली हेल्थ सपोर्ट भी देगा।
  • सेहत सुरक्षा चक्र ऐप का निर्माण एनआईटी रायपुर के बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सौरभ गुप्ता के नेतृत्व में सात छात्रों- शशि कुमार, अनिमेश कुमार सोनी, नील कांत नेवरा, दुर्गेश कुमार, शिखर चेपे, एनपी गुहान शेषाद्रि, रेशम राज शिववंशी ने किया है।

क्या है विशेषता?

  • यह एक ऐसा मोबाइल एप्लीकेशन बनाया है, जो लोगों को यह बताएगा कि उनकी सेहत कैसी है, उन्हें कोरोना होने की कोई आशंका तो नहीं है।कोरोना को पहचानने के लिए इस एप्लीकेशन में एक प्राइमरी हेल्थ एसेसमेंट टेस्ट भी दिया गया है, जिसमें मोबाइल यूजर्स से कुछ स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं। इस आधार पर उन्हें ये बताया जाता है कि उन्हें इस वक्त क्या करने की आवश्यकता है। इस एप में हमने कफ रिकग्निशन सिस्टम का भी एक नया विकल्प दिया है। इसे जल्द उपयोगकर्ताओं के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस कफ रिकग्निशन सिस्टम में एक रियल टाइम मशीन लर्निंग अल्गोरिदम उपयोग किया जा रहा है, जो कि यह बताने में सक्षम होगा कि उपयोगकर्ता को कोरोना होने की कितनी संभावना है। इस ऐप के माध्यम से यूजर की एक्टिविटी और साइकोलॉजिकल से संबंधित डाटा की मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी। इसके लिए यूजर को रिंग, रिस्टबैंड या अन्य किसी रूप में इसे पहनना होगा।
  • यह डिवाइस उपयोगकर्ता को इस बात की जानकारी भी देगा कि कोई रोगग्रस्त व्यक्ति उसके आसपास तो नहीं है। ऐसा होने पर वाइब्रेशन की मदद से उपयोगकर्ता को वह सूचित करेगा। इस डिवाइस की मदद से लॉकडाउन के बाद लोगों को संक्रमित होने से बचाया जा सकेगा। इसे हाथ में पहना जा सकेगा और इस उपकरण का आकार भी छोटा होगा। इस उपकरण को इस तरह से बनाया जा रहा है कि ये अपने आसपास ऐसी डिवाइस का उपयोग करने वालों से सीधे कनेक्ट होकर उनकी हेल्थ स्थिति की पहचान कर पाएगा और स्वस्थ यूजर को आगाह कर सकेगा। इसमें एक प्रणाली की सहायता से चिकित्सक भी सीधे ऐसे लोगों से जुड़ पाएंगे, जिन्हें किसी तरह की स्वास्थ्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

यूवी स्टरलाइजर ‘ओबलाइजर’

  • ओबलाइजर एक वाईफाई इनेबल्ड एप कंट्रोल यूवी स्टरलाइजर है। इसकी मदद से आप रोजमर्रा के सामान को स्टरलाइज किया जा सकता है। इसकी मदद से स्मॉर्टफोन, घड़ी, फेस मास्क, वॉलेट, डोर हैंडल, एलीवेटर बटन से लेकर फर्नीचर तक को संक्रमणमुक्त किया जा सकता है। बिट्स पिलानी के दुबई कैंपस के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के छात्र सार्थक सेठी ने बताया कि यूवीसी रेडिएशन के द्वारा हर चीज को संक्रमणमुक्त किया जा सकता है। इस तकनीक की मदद से बिना किसी लिक्विड (ब्लीच, एसिड आदि) का प्रयोग किए चीजों को संक्रमणमुक्त किया जा सकता है। सेठी ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक आइटम को सेनिटाइज करने में यह काफी कारगर है। उन्होंने बताया कि हम दिन में कई बार कीटाणुमुक्त करने के लिए हाथ धोते हैं, पर हम जिन चीजों को छूते हैं, उन्हें सेनिटाइज नहीं करते। औसत तौर पर स्मॉर्टफोन में टॉयलेट की तुलना में 10 गुना अधिक कीटाणु होते हैं। ऐसे में चीजों को सेनिटाइज करने के लिए यह डिवाइस काफी काम की है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

मैक्सिकन बीटल

चर्चा में क्यों?

  • गाजर घास के उन्मूलन के लिए अब किसी रासायनिक खाद की जरूरत पड़ेगी और न ही जड़ सहित उखाड़ने की मेहनत ही करनी पड़ेगी। यह काम पूरी प्राकृतिक तरीके से किया जाएगा। यह और कोई नहीं मैक्सिकन बीटल कीट करेगा। स्थानीय स्तर पर रिसर्च के बाद इसकी रिपोर्ट भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र को भेजी गई है।
  • ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च सेंटर के कृषि वैज्ञानिक डॉ.आरकेएस तोमर ने गाजर घास के उन्मूलन के लिए सफल रिसर्च किया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से अनुमति मिलने के बाद कीड़े की एक बड़ी खेप गाजर घास से प्रभावित क्षेत्र में छोड़ी जाएगी। मैक्सिकन बीटल का वैज्ञानिक नाम जाइकोग्रामा बैकोलोराटा है।

क्यों लाभकारी है मैक्सिकन बीटल?

  • मैक्सिकन बीटल ऐसा कीट है जिसका प्रजनन काल जुलाई और अगस्त महीना माना गया है। इस कीड़े को गाजर घास पर रख दिया जाता है। सप्‍ताह भर के भीतर पौधे की एक-एक पत्तियां न केवल यह खा जाता है बल्कि उस पौधे का जीवन चक्र भी समाप्‍त कर देता है।

क्या है गाजर घास?

  • जब 1950 में अमेरिका से भारत को गेहूं निर्यात किया गया था। गेहूं के साथ गाजर घास के बीज यहां आ गए। सबसे पहले इसे 1955 में महाराष्ट्र के पुणे में देखा गया। यह मानव और पशु दोनों के लिए नुकसान दायक है। खरपतवार विज्ञान अनुसंधान केंद्र के रिसर्च में गाजर घास में सेस्क्युटरयिन लैक्टॉन नामक जहरीला पदार्थ का होना पाया गया है। यह अपने क्षेत्र की हर फसल को 40 से 45 फीसद तक नुकसान पहुंचाता है। घास समझ कर खाए जाने से मवेशियों में दुग्ध उत्पादन क्षमता 40 फीसद तक कम हो जाती है। ये अस्थमा, चर्म रोग जैसी बीमारियों को जन्म देता है।

देश में फैलाव क्षेत्र

  • कर्नाटक के बेंगलुर में पहला रिसर्च हुआ। किसी कारणवश इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया और देखते ही देखते वर्ष 2012 तक यह देश के 350 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैल चुका था। बिलासपुर के टीसीबी कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च सेंटर के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ आरकेएस तोमर का कहना है कि गाजर घास के प्राकृतिक उन्मूलन के लिए मैक्सिकन बीटल को इसकी पत्तियों पर छोड़ा जाता है। इस पर किया गया अनुसंधान सफल रहा है। रिसर्च की रिपोर्ट भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र को भेज दी गई है। अनुमति का इंतजार है।

:: विविध ::

सानिया मिर्जा फेड कप हार्ट अवॉर्ड जीतने वाली पहली भारतीय

  • टेनिस स्टार सानिया मिर्जा सोमवार को फेड कप हार्ट पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं जिन्हें यह सम्मान मां बनने के बाद कोर्ट पर सफल वापसी के लिए मिला है। उन्होंने इस अवॉर्ड से मिला पैसा तेलंगाना सीएम रिलीफ फंड में देने का फैसला किया।

अखिल कुमार नाडा अनुशासन पैनल में शामिल

  • राष्ट्रमंडल खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज अखिल कुमार को राष्ट्रीय डोपिंगरोधी एजेंसी (नाडा) के अनुशासन पैनल में फिर से शामिल किया गया है। अखिल हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं और अभी गुरुग्राम में एसीपी हैं। वह इससे पहले 2017 से 2019 तक इस पैनल के सदस्य थे।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • SMSE क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने, उच्चतम गुणवत्ता की प्राप्ति और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने हेतु किस पोर्टल की शुरुआत की गई है? (चैंपियन्स पोर्टल)
  • 12 मई को प्रतिवर्ष किसके जन्मदिन के उपलक्ष्य में ‘अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस’ मनाया जाता है एवं वर्ष 2020 की थीम क्या है? (फ्लोरेंस नाइटेंगल, “Nursing the World to Health”)
  • WHO के द्वारा वर्ष 2020 को किस अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जा रहा है एवं यह किस व्यक्तित्व के 200 के जन्मदिन से संबंधित है? ('नर्स और दाई के अंतरराष्ट्रीय वर्ष', फ्लोरेंस नाइटेंगल)
  • फेड कप हार्ट पुरस्कार जीत कर कीर्तिमान रचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी का क्या नाम है? (सानिया मिर्जा)
  • चीन द्वारा कृत्रिम द्वीप के निर्माण से चर्चा में रहे ‘फेयधू फिनोल्हु’ (Feydhoo Finolhu) द्वीप किस देश के अधीन है एवं किस महासागर में स्थित है? (मालदीव, हिंद महासागर)
  • उच्चतम न्यायालय के पुनर्विचार अधिकार से चर्चा में रहे सबरीमाला मंदिर किस अभ्यारण में स्थित है एवं यह किस भगवान से संबंधित है? (पेरियार- केरल, अय्यप्पा स्वामी)
  • चीनी और भारतीय सैनिकों की झड़प से चर्चा में रहे नाकू ला (Naku La) सेक्टर किस राज्य में अवस्थित है? (सिक्किम)
  • सुदूर इलाकों में सीमा प्रबंधन से चर्चा में रहे ‘भरणी’ और 'अश्‍लेषा' क्या है? (क्रमशः 2D और 3D राडार)
  • कोविड-19 के संदर्भ में ड्रग ट्रायल से चर्चा में रही ‘फेविपिरविर’क्या है? (इन्फ्लूएंजा/फ़्लू-विरोधी एंटीवायरल दवा)
  • विषैले खरपतवार ‘गाजर घास’ को नष्ट करके उसका जीवन चक्र समाप्त करने की विशेषता से चर्चा में रहे कीट का क्या नाम है? (मैक्सिकन बीटल कीट)
  • कोविड-19 के संदर्भ में सुर्खियों में रहे ‘हर्ड इम्युनिटी’ क्या है? (सामुदायिक स्तर पर प्रतिरोधक क्षमता का विकास)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

<< मुख्य पृष्ठ पर वापस जाने के लिये यहां क्लिक करें