(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (11 मई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (11 मई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस

  • प्रति वर्ष 11 मई को टेक्नोलॉजी क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को लेकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है। आपको बता दे भारत ने 1998 में इसी दिन पोखरण (राजस्थान) में सफल परमाणु परीक्षण करके परमाणु क्लब में शामिल होने वाला छठा देश बना था। इसके साथ इसी दिन भारत ने स्वदेश निर्मित हंस-3 एयरक्राफ्ट और शॉर्ट-रेंज मिसाइल 'त्रिशूल' का भी सफल परीक्षण किया था।
  • इस दिवस को 1999 से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के वैधानिक निकाय प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की ओर से 11मई 2020 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर एक उच्चत स्तरीय डिजिटल कॉन्फ्रेंस ‘रिबूटिंग द इकॉ‍नोमी थ्रू साइंड एंड टैक्नोलॉजी एंड रिसर्च ट्रांसलेशन्सस- रीस्टार्ट’ का आयोजन किया जाएगा।

अटल पेंशन योजना (APY)- 5 वर्ष पूरे

  • भारत सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना ‘अटल पेंशन योजना’ (एपीवाई) ने सफल कार्यान्वयन के पांच साल पूरे कर लिए हैं। इन पांच वर्षों में इस योजना के दायरे में 2.23 करोड़ श्रमिकों के आने के बाद भी यह योजना भारत में वृद्धजनों की तेजी से बढ़ती आबादी की चुनौतियों से निपटने के लिए नि:संदेह महत्वनपूर्ण है। इस योजना को पूरे देश में बड़े पैमाने पर लागू किया गया है, जिसमें सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है और इसमें पुरुष के साथ महिला सदस्यता अनुपात 57:43 है।

क्या है अटल पेंशन योजना (APY)?

  • 9 मई 2015 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्री मोदी ने विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र में श्रमिकों को वृद्धावस्था आय सुरक्षा देने और 60 वर्ष की आयु के बाद न्यूनतम पेंशन की गारंटी प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की थी। अटल पेंशन योजना का प्रबंध पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के द्वारा किया जाता है।

कौन हो सकते है लाभार्थी?

  • एपीवाई को 18-40 वर्ष की आयु का कोई भी ऐसा भारतीय नागरिक ले सकता है जिसके पास बैंक खाता है और इसकी विशिष्टता तीन विशिष्ट लाभों के कारण है। सबसे पहले, यह 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की न्यूनतम गारंटीकृत पेंशन प्रदान करता है, दूसरी बात यह है कि ग्राहक की मृत्यु पर पति या पत्नी को आजीवन पेंशन की राशि की गारंटी दी जाती है और अंत में, दोनों ग्राहकों की मृत्यु की स्थिति में और पति / पत्नी, पेंशन की पूरी राशि नामित व्यक्ति को भुगतान कर दी जाती है।

PFRDA क्या है?

  • पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और पेंशन योजनाओं, जिन पर यह अधिनियम लागू होता है, की क्रमिक वृद्धि को विनियमित करने, बढ़ावा देने और सुनिश्चित करने के लिए संसद के एक कानून द्वारा स्थापित वैधानिक प्राधिकरण है। इसकी स्थापना 23 अगस्त 2003 को की गयी थी।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) क्या है?

  • एनपीएस को 1 जनवरी 2004 में केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अधिसूचित किया गया था और बाद में अपने कर्मचारियों के लिए लगभग सभी राज्य सरकारों द्वारा अपनाया गया। एनपीएस को स्वैच्छिक आधार पर और अपने कर्मचारियों के लिए कॉर्पोरेट्स के लिए सभी भारतीय नागरिकों (निवासी / अनिवासी / विदेशी) तक बढ़ाया गया था।
  • 30 अप्रैल 2020 तक, एनपीएस और अटल पेंशन योजना के तहत ग्राहकों की कुल संख्या 3.46 करोड़ और इसके प्रबंधन के अंतर्गत परिसम्‍पत्ति (एयूएम) 4,33,555 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है। 68 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को एनपीएस के तहत नामांकित किया गया है और 22.60 लाख ग्राहकों ने कॉर्पोरेट्स के रूप में पंजीकृत 7,616 संस्थाओं के साथ निजी क्षेत्र में एनपीएस की सदस्यता ली है।

राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-एनएएम)

चर्चा में क्यों?

  • केन्‍द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री, श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने कृषि विपणन को मजबूत करने और किसानों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी फसल की उपज बेचने की सुविधा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-एनएएम) के साथ 177 नई मंडियों को जोड़ा। जोड़ी गई मंडियां इस प्रकार हैं: गुजरात (17), हरियाणा (26), जम्‍मू और कश्‍मीर (1), केरल (5), महाराष्ट्र (54), ओडिशा (15), पंजाब (17), राजस्थान (25), तमिलनाडु (13) और पश्चिम बंगाल (1)। 177 अतिरिक्त मंडियों के शुभारंभ के साथ, देश भर में ईएनएएम मंडियों की कुल संख्या 962 हो गई है।

क्या है राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM)

  • राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-एनएएम), भारत में कृषि जिंसों के लिए मौजूदा मंडियों को "वन नेशन वन मार्केट" से जोड़ने के उद्देश्य से एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल की14 अप्रैल 2016 को प्रधान मंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने शुरूआत की थी। लघु किसान कृषि व्यवसाय संकाय (एसएफएसी) भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में ईएनएएम को लागू करने की प्रमुख एजेंसी है।
  • एनएएम पोर्टल एपीएमसी से संबंधित सभी सूचनाओं और सेवाओं के लिए एक एकल खिड़की सेवा प्रदान करता है जिसमें जिंसों के आने, उनकीगुणवत्ता और मूल्य शामिल होते हैं, व्यापार प्रस्तावों और इलेक्ट्रॉनिक भुगतान का किसानों के खातों में सीधे निपटान करने का प्रावधान है और बेहतर बाजार पहुंच में उनकी मदद करता है।
  • राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-एनएएम) भारत सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी और सफल योजना है जो मौजूदा एपीएमसीमंडियों का समूह बनाती है ताकि कृषि जिंसोंके लिए एकीकृत राष्‍ट्रीय बाजार बनाया जा सके। इससे क्रेता और विक्रेता के बीच सूचना की असमानता को समाप्‍त कर और वास्तविक मांग और आपूर्ति के आधार पर वास्‍तविक समय मूल्य खोज को बढ़ावा देकर एकीकृत बाजार में प्रक्रियाओं को सरल बनाकर कृषि विपणन में एकरूपता को बढ़ावा दिया जा सकता है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

फॉल्‍स फ्लैग ऑपरेशन

  • कश्‍मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के मुखिया ने और आंतकी रियाज नायकू के मारे जाने की सफलता के बाद पाकिस्‍तान में मौजूद इन आतंकी संगठनों के हाथ पांव फूलने लगे हैं। इसका एक सबूत हिजबुल चीफ सैयद सलाहुद्दीन का वो भाषण है जो उसने हाल ही में रावलपिंडी में नायकू को लेकर की गई शोक सभा में दिया था। इसमें उसने उत्तर कश्मीर के रजवार जंगल में सेना के जवानों पर किए हमले की जिम्‍मेदारी ली थी। दरअसल, पाकिस्‍तान को लगने लगा है कि भारत कश्‍मीर में आतंकियों की कमर तोड़ने के साथ पाकिस्‍तान में बैठे उनके आकाओं और वहां पर मौजूद आतंकी कैंपों को भी खत्‍म करने के लिए कोई ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है।

पृष्ठभूमि

  • जहां तक उत्‍तरी कश्‍मीर में सेना पर हुए हमले की बात है तो आपको यहां पर ये भी बता दें कि काफी समय के बाद कश्‍मीर में किसी कर्नल रैंक के अंधिकारी की मौत इस तरह के हमलों में हुई है।
  • उरी हमले के बाद भारत ने पाकिस्‍तान की सीमा में घुसकर सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम दिया था। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भी भारत ने पाकिस्‍तान में एयर स्‍ट्राइक कर कई आतंकी ठिकानों को नष्‍ट किया था। क्या होता है

क्या है फॉल्‍स फ्लैग ऑपरेशन?

  • आपको बता दें कि फॉल्‍स फ्लैग ऑपरेशन उसे कहा जाता है, जहां पर किसी भी ऑपरेशन को अंजाम देने वाले की पहचान को पूरी तरह से छिपाया जाता है। इतना ही नहीं, इस तरह के ऑपरेशन को अंजाम देने वाला यदि पकड़ा जाता है तो उसमें अपनी भूमिका से पूरी तरह से मुंह फेर लिया जाता है। इस तरह के ऑपरेशन को अंजाम देने वालों को इस बात की पूरी जानकारी होती है कि यदि वे पकड़े गए तो सरकार उन्‍हें किसी तरह से भी स्‍वीकार नहीं करेगी। इस तरह के ऑपरेशन को कवर्ट ऑपरेशन भी कहा जाता है।

फॉल्‍स फ्लैग ऑपरेशन के उदाहरण

  • अमेरिका में इस तरह के ऑपरेशन को नेशनल सिक्‍योरिटी एक्‍ट 1947 के तहत लाया गया है। 1984 में तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति रोनाल्‍ड रीगन ने इस तरह के ऑपरेशन को स्‍पेशल एक्टिविटी कहते हुए एक आदेश पर हस्‍ताक्षर किए थे। अमेरिका में सीआईए इस तरह के ऑपरेशंस को राष्‍ट्रपति के आदेश पर अंजाम देती है। वहीं, अंडरकवर ऑपरेशन को लॉ इंफोर्समेंट एजेंसियां अंजाम देती हैं।
  • कवर्ट और क्‍लेंडस्‍टाइन ऑपरेशन में बेहद छोटा-सा अंतर है। clandestine क्‍लेंडस्‍टाइन कर अर्थ जहां छिपाना या Hidden होता है वहीं covert का अर्थ deniable या मुकरना होता है। इस तरह के ऑपरेशन के इतिहास में कई उदाहरण भी हैं। इनमें से एक Black operations भी है। 2007 में एनबीसी न्‍यूज और फिर डेली टेलीग्राफ के मुताबिक, अमेरिकी राष्‍ट्रपति जॉर्ज बुश ने सीआईए को ईरान में सत्‍ता परिवर्तन के लिए ब्‍लैक ऑपरेशन चलाने का आदेश दिया था। इसका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्‍म करना था।

दक्षिक अफ्रीका का जुलु कबीला

  • दक्षिण अफ्रीका में सबसे बड़े कबायली समूह जुलु के मुखिया गुडविल ज़ेलिथिनि ने दक्षिण अफ्रीका के लोगों से कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के नियमों का पालन करने की अपील की है।देश में कोविड-19 के मामले 10,000 के पार जा चुके हैं।ज़ेलिथिनि ने नोंगोमा में अपने आवास से रविवार को एक संबोधन में लोगों से सरकार और चिकित्सा विशेषज्ञों के निर्देशों का पालन करने की अपील की।इस कबीले में करीब 1.2 करोड़ लोग हैं, जो अधिकतर क्वाज़ूलू-नताल में रहते हैं।उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश में लोगों के सामाजिक दूरी बनाने और मास्क पहनने जैसे महत्वपूर्ण नियमों का पालन ना करने को लेकर चिंता बढ़ गई है।

कौन है ज़ुलु ?

  • ज़ुलु जनजाति दक्षिण अफ़्रीका के प्रमुख निवासी हैं। उनकी एक करोड की आबादी उन्हें दक्षिण अफ़्रीका का सबसे बडा जातीय समूह बनाती है।

दुनिया को सालों तक झेलना होगा कोरोना का प्रकोप: WHO

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन कोरोना वायरस के संक्रमण पर मजबूत नियंत्रण बनाए रखने के लिए भारत की तारीफ की है। स्वामीनाथन ने आशंका जताई कि कोरोना वायरस का प्रकोप कई महीनों और संभवतः सालों तक रह सकता है। साथ ही, उम्मीद जताई कि भारत कोविड-19 के लिए वैक्सीन बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।

'सालों तक झेलना पड़ सकता है कोरोना का प्रकोप'

  • स्वामीनाथन ने आशंका जताई कि कोरोना वायरस के प्रकोप से शायद सालों तक छुटकारा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को 'आने वाले कई महीनों और संभवत: सालों तक' संक्रमण के प्रसार के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ दवा विकसित कर लेना और उसका परीक्षण ही काफी नहीं है, बल्कि उसका निर्माण, उसे प्राप्त करना और बड़ी आबादी तक उसे सुलभ कराने के लिये स्वास्थ्य तंत्र का होना भी महत्वपूर्ण है।

ICMR की महानिदेशक रह चुकी हैं सौम्या

  • डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, सोमवार तक कोविड-19 के 39,76,043 मामले थे जबकि इसकी वजह से अब तक 2,77,708 लोगों की जान जा चुकी है। भारत में भी कोविड-19 से 2200 से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं जबकि 67 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की महानिदेशक रह चुकीं स्वामीनाथन ने कहा कि अत्यधिक आबादी, शहरी इलाकों में अत्यधिक भीड़ और कुछ ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य देखभाल की खराब पहुंच के तौर पर कई चुनौतियां हैं।

कुलभूषण जाधव

  • पाकिस्तान ने कहा कि कुलभूषण जाधव मामले में उसने आईसीजे के फैसले का 'पूरी तरह पालन' किया है। कुछ दिनों पहले इस मामले में भारत के वकील ने कहा था कि नई दिल्ली को उम्मीद थी कि वह मौत की सजा प्राप्त जाधव को रिहा कराने के लिए इस्लामाबाद को 'अनौपचारिक माध्यम' से मना लेंगे।

पृष्ठभूमि

  • भारतीय नौसेना के 49 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में 'जासूसी और आतंकवाद' के आरोपों में मौत की सजा सुनाई थी। कुछ हफ्ते बाद भारत ने जाधव को राजनयिक पहुंच देने से इनकार करने और उनकी मौत की सजा को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में चुनौती दी थी। हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में जाधव मामले में भारत के मुख्य वकील हरीश साल्वे थे। आईसीजे ने पिछले वर्ष जुलाई में फैसला दिया कि पाकिस्तान को जाधव की सजा पर 'प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार' करना चाहिए और अविलंब राजनयिक पहुंच मुहैया करानी चाहिए।

क्या है अंतरराष्ट्रीय न्यायालय?

  • इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस या अंतरराष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र का महत्वपूर्ण न्यायिक अंग है। इसकी स्थापना 1945 में नीदरलैंड के शहर हेग में हुई थी और 1946 से इसने काम करना शुरू कर दिया।

:: राजव्यवस्था ::

श्रम कानूनों पर छूट से ट्रेड यूनियन द्वारा अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ में जाने की तैयारी

  • लॉकडाउन के बाद अहिस्सा-अहिस्ता देश को पटरी पर लाने की कवायद चल रही है। लॉकडाउन के बाद कंपनियों को नुकसान पहुंचा है। इसको देखते हुए यूपी सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ने कंपनियों को श्रम कानूनों पर छूट दे दी है। गुजरात समेत कई और राज्य भी ऐसा करने पर विचार कर रहे हैं।
  • केंद्रीय स्तर की दस ट्रेड यूनियनों फैसला किया है कि वो अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ के सामने गुहार लगाएंगी। केंद्रीय स्तर की दस ट्रेड यूनियनों कहा कि वे कुछ राज्यों में प्रमुख श्रम कानूनों को निलंबित करने के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ (आईएलओ) से संपर्क करने पर विचार कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार ने कंपनियों को कई प्रमुख श्रम कानूनों से छूट दे दी है। खबरों के अनुसार, गुजरात समेत कई अन्य राज्य भी ऐसा करने पर विचार कर रहे हैं।

पृष्ठभूमि

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह कारखानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों को तीन श्रम कानूनों तथा एक अन्य कानून के एक प्रावधान को छोड़कर शेष सभी के दायरे से छूट देने के लिये ' उत्तर प्रदेश चुनिंदा श्रम कानूनों से छूटअध्यादेश, 2020’ को मंजूरी दी। ये छूट तीन साल के लिये दिये गये हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने भी कुछ श्रम कानूनों को निलंबित कर दिया है। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने सोमवार को जारी एक संयुक्त बयान में राज्य सरकारों के इन कदमों के विरोध में देशव्यापी आंदोलन का आह्वान करने की भी धमकी दी।

क्यों कर रही है ट्रेड यूनियन विरोध

  • ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त बयान में कहा, 'केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का मानना हैकि ये कदम साथ जुड़ने की स्वतंत्रता के अधिकार (आईएलओ कन्वेंशन 87), सामूहिक सौदेबाजी के अधिकार (आईएलओ कन्वेंशन 98) और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत आठ घंटे के कार्य दिवस के मानदंड का उल्लंघन हैं।’ 'केंद्रीय ट्रेड यूनियन श्रम मानकों के घोर उल्लंघन के लिये सरकार की आईएलओ के पास शिकायत दर्ज करने पर गंभीरता से विचार करने के साथ ही कामगारों से इन कदमों का विरोध करने का आह्वान करते हैं। जल्दी ही राष्ट्रव्यापी विरोध का आह्वान किया जायेगा।’’

क्या है अंतर्राष्‍ट्रीय श्रम संगठन (ILO)?

  • अंतर्राष्‍ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की वर्ष 1919 में वर्साय की संधि द्वारा राष्ट्र संघ की एक संबद्ध एजेंसी के स्थापना की गयी। अंतर्राष्‍ट्रीय श्रम संगठन (ILO) काम की दुनिया के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र की एजेंसी है। यह अंतर्राष्‍ट्रीय श्रम मानक तय करती है, काम की जगह पर अधिकारों को प्रोत्‍साहित करती है और रोजगार के उत्‍कृष्‍ट अवसरों के लिए प्रोत्‍साहित करती है, काम से जुड़े मुद्दों पर संवाद को पुष्‍ट करना तथा सामाजिक संरक्षण बढ़ाना। आईएलओ का अनूठा त्रिपक्षीय ढांचा है जिसमें सरकारें, नियोक्‍ता और श्रमिक प्रतिनिधि एकजुट होते हैं।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

शियान H-20 सुपरसोनिक स्‍टील्‍थ बमवर्षक विमान

  • अमेरिका, भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के अन्‍य देशों के साथ चल रहे तनाव के बीच चीन इस साल अपना सुपरसोनिक रफ्तार से उड़ने वाला अत्‍याधुनिक बमवर्षक विमान शियान H-20 तैयार कर लेगा। स्‍टील्‍थ टेक्‍नॉलजी की वजह से यह विमान रेडार की पकड़ में नहीं आता है। इस विमान के चीनी एयरफोर्स में शामिल होते ही चीन की मारक क्षमता दोगुना हो जाएगी। चीन के इस बमवर्षक विमान की मदद से 5300 मील (8500 कि.मी. ) तक मार कर सकेगा। चीनी विमान के दायरे में पूरा भारत, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्‍ट्रेलिया और अमेरिका के कुछ इलाके आ जाएंगे।
  • शियान H-20 के शामिल होते ही चीन अमेरिका और रूस के उस क्‍लब में शामिल हो जाएगा जो परमाणु बम से लैस मिसाइल हवा, जमीन और समुद्र से दागने में सक्षम हैं। इसके साथ ही चीन का न्‍यूक्लियर ट्रायड पूरा हो जाएगा। इस साल नवंबर महीने में होने जा रहे झुहाई एयरशो में इस बमवर्षक विमान को पेश करने जा रहा है।

शियान H-20 की क्या है विशेषता?

  • चीन का शियान H-20 बमवर्षक विमान अमेरिका के बी-2 या बी-21 की नकल है।
  • यह विमान परमाणु और परंपरागत मिसाइलों से लैस है।
  • इस विमान पर हाइपरसोनिक मिसाइलें भी लगी हुई हैं।
  • इस विमान से 5300 मील के दायरे में कहीं भी परमाणु बम गिराया जा सकता है।

स्वदेशी आईजीजी एलिसा टेस्ट किट: 'कोविड कवच एलिसा'

  • पुणे स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर)-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) ने कोविड-19 के एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए स्वदेशी आईजीजी एलिसा टेस्ट 'कोविड कवच एलिसा' को विकसित करते हुए इसे मान्यता दे दी है।
  • कोविड-19 के लिए भारत में अधिकांश नैदानिक सामग्री का आयात अन्य देशों से किया जाता है। इसलिए, भारतीय वैज्ञानिक कोविड-19 के रोग कारक सार्स-सीओवी-2 के लिए स्वदेशी निदान विकसित करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
  • पुणे स्थित आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त और वायरोलॉजी अनुसंधान में विशेषज्ञताप्राप्त देश की शीर्ष प्रयोगशाला है। एनआईवी की सक्षम वैज्ञानिक टीम ने भारत में इस रोग की पुष्टि वाले रोगियों में से सार्स-सीओवी-2 वायरस को प्रयोगशाला में सफलतापूर्वक पृथक कर दिया है। इससे सार्स-सीओवी-2 के लिए स्वदेशी निदान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। जबकि सार्स-सीओवी-2 के निदान के रियल टाईम आरटी-पीसीआर एक प्रमुख परीक्षण है और जनसंख्या में संक्रमण के अनुपात को समझने के मामले में निगरानी हेतु मजबूत एंटीबॉडी परीक्षण इस दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम हैं।
  • आईसीएमआर ने एलिसा परीक्षण किट के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए ज़ाइडस कैडिला के साथ भागीदारी की है। पुणे स्थित आईसीएमआर-एनआईवी में विकास के बाद, बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए इस प्रौद्योगिकी को ज़ाइडस कैडिला को स्थानांतरित कर दिया गया है, जो एक नवाचार संचालित वैश्विक स्वास्थ्य सेवा कंपनी है। ज़ाइडस ने एलिसा परीक्षण किटों के अनुमोदन और वाणिज्यिक उत्पादन में तेजी लाने के लिए निरंतर चुनौतिय पूर्ण भमिका निभाई है ताकि इन्हें जल्द से जल्द उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जा सके। इस परीक्षण को "कोविड कवच एलिसा" का नाम दिया गया है। यह रिकॉर्ड समय में "मेक इन इंडिया" का एक आदर्श उदाहरण है।

अफ्रीकी स्वाइन फ्लू (African Swine flu-ASF)

  • एक तरफ कोरोना संकट से देश जूझ रहा है वहीं उत्तर-पूर्वी राज्य असम में एक नई मुसीबत सामने आई है। यहां अफ्रीकी स्वाइन फ्लू (African Swine flu-ASF) का संक्रमण तेजी से फैल रहा है जिसके चलते पिछले कुछ दिनों में 13 हजार से अधिक सूअरों की मौत हो गई है। इससे पशुपालन में लगे सैकड़ों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। वहीं आबादी वाले इलाके में सूअर प्रवेश न कर पाएं इसके लिए नहर खोदी गई है।

क्या है अफ्रीकी स्वाइन फ्लू?

  • वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन फॉर एनिमल हेल्थ के अनुसार अफ्रीकन स्वाइन फ्लू एक गंभीर वायरल बीमारी है जो घरेलू और जंगली सुअरों दोनों को प्रभावित करती है। यह जीवित या मृत सुअर या फिर सुअर के मांस से फैल सकती है। हालांकि यह बीमारी जानवरों से इंसानों में नहीं फैलती है।

पृष्ठभूमि

  • प्रदेश में पहली बार अफ्रीकन स्वाइन फ्लू का ऐसा मामला सामने आया है। यह एक घातक बीमारी है जो फिलहाल घरेलू सुअरों में ही देखी गई है और इस फ्लू से संक्रमित सुअरों की मृत्यु दर सौ प्रतिशत बताई जा रही है। पहले जांच के लिए नमूने भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान में भेज रहे थे लेकिन अब यह जांच हमारे पशु चिकित्सा महाविद्यालय की लैब में ही की जा रही है। पशु को बीमारी से बचाने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के गुवाहाटी स्थितराष्ट्रीय सूअर अनुसंधान केंद्र (NPRC) के साथ मिलकर काम कर रहे है।

आयुर्वेदिक औषधि ‘फीफाट्रोल’

  • कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हाल ही में जारी तत्वों की सूची में विशेषज्ञों ने जिन करीब 200 तकनीकों और अनुसंधान गतिविधियों का मूल्यांकन किया है उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक औषधि फीफाट्रोल का भी उल्लेख है।
  • ‘‘फीफाट्रोल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है जो आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और प्राचीन औषधियों का मिश्रण है। फीफाट्रोल प्राकृतिक एंटी-बायोटिक के रूप में काम करता है और संक्रमण, फ्लू तथा दर्द से लड़ता है।’’ यह नाक बंद होने, गला खराब होने, शरीर तथा सिर में दर्द होने जैसी समस्याओं से तेजी से निजात दिलाने वाली प्राकृतिक दवाओं का मिश्रण है।’’
  • फीफाट्रोल में गुदुची, संजीवनी घनवटी, दारुहरिद्र, अपामार्ग, चिरायता, करंज, कुटकी, तुलसी, गोदांती (भस्म), मृत्युंजय रस, त्रिभुवन कृति रस और संजीवनी वटी जैसी प्राकृतिक जड़ी-बूटियां होती हैं।

:: विविध ::

केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा: बेंगलुरू

  • बेंगलुरू के केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को ग्राहकों की पसंद पर भारत और मध्य एशिया का सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय हवाईअड्डा चुना गया है। 2020 वर्ल्ड एयरपोर्ट अवार्ड्स में चार साल में तीन बार बेंगलुरू हवाईअड्डे को यह सम्मान मिल चुका है। बेंगलुरू हवाईअड्डे का परिचालन बेंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (बायल) करती है। कंवर्ल्ड एयरपोर्ट अवार्ड्स ग्राहकों से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर दिए जाते हैं। इसके लिए वैश्विक स्तर पर एक वार्षिक ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण किया जाता है। इस सर्वेक्षण में 550 से अधिक हवाईअड्डे शामिल होते हैं।

इंदु शेखर चतुर्वेदी

  • श्री इंदु शेखर चतुर्वेदी (आईएएस) ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में सचिव पद का कार्यभार संभाल लिया। श्री चतुर्वेदी भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1987 बैच के झारखंड कैडर से संबद्ध अधिकारी हैं।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • चर्चा में रहे अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ(ILO) की स्थापना किस संधि के अंतर्गत हुई थी एवं इसका मुख्यालय कहाँ स्थित है? (वर्साय की संधि-1919, जिनेवा-स्विजरलैंड)
  • कुलभूषण प्रकरण से चर्चा में रहे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय(ICJ) की स्थापना कब हुई थी एवं इसका मुख्यालय कहाँ स्थित है? (1945, हेग-नीदरलैंड)
  • कोविड-19 के संदर्भ में चर्चा में रही सौम्या स्वामीनाथन कौन है? (विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक)
  • किस एयरपोर्ट को ग्राहकों की पसंद पर भारत और मध्य एशिया का सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय एयरपोर्ट का स्काईट्रैक्स अवार्ड प्रदान किया गया है? (बेंगलुरू का केंपेगौड़ा एयरपोर्ट)
  • हाल ही में चर्चा में रहे ‘जुलू जनजाति’ किस देश की प्रमुख जनजातीय समूह है? (दक्षिण अफ्रीका)
  • कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम से चर्चा में रहे ‘फीफाट्रोल’ क्या है? (प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक औषधि)
  • हाल ही में चर्चा में रहे अफ्रीकन स्वाइन फ्लू (ASF) क्या है एवं इससे कौन से जीव/जंतु प्रभावित होते हैं? (एक वायरल रोग, सूअर)
  • असम में सूअरों में संक्रमण से चर्चा में रही ‘राष्‍ट्रीय सूअर अनुसंधान केन्‍द्र’ कहाँ स्थित है? (गुवाहाटी, असम)
  • हाल ही में सुर्खियों में रहे ‘शियान H-20’ क्या है? (चीन का सुपरसोनिक स्‍टील्‍थ बमवर्षक विमान)
  • 5 वर्ष पूरे होने से चर्चा में रहे अटल पेंशन योजना कब लांच हुई थी एवं इसका प्रमुख उद्देश्य क्या है? (2015, 60 वर्ष से अधिक असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को न्यूनतम पेंशन देना)
  • हाल ही में कोविड-19 का पता लगाने के लिए किस स्वदेशी ‘आईजीजी एलिसा टेस्ट’ को मान्यता प्रदान की गई है? (कोविड कवच एलिसा)
  • प्रतिवर्ष किस तिथि को एवं किस उपलक्ष्य में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है? (11 मई, पोखरण में 11 मई 1998 को परमाणु परीक्षण)
  • भारत में कृषि जिंसों के मंडियों को "वन नेशन वन मार्केट" बनाने के उद्देश्य कब और किस पहल की शुरुआत की गई थी? (2016, राष्ट्रीय कृषि बाजार- eNAM)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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