(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (11 जून 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (11 जून 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

केदारनाथ धाम विकास और पुनर्निर्माण परियोजना

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने केदारनाथ धाम विकास और पुनर्निर्माण परियोजना की वीडियो कॅान्‍फ्रेंसिंग के जरिये उत्‍तराखंड सरकार के साथ समीक्षा की।
  • इस तीर्थस्‍थल के पुनर्निर्माण की अपनी परिकल्‍पना के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्‍य सरकार को केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे पवित्र स्‍थलों के लिए विकास परियोजनाओं की संकल्‍पना के साथ उसका डिजाइन इस प्रकार तैयार करना चाहिए जो समय की कसौटी पर खरा उतरे, पर्यावरण के अनुकूल हो और प्रकृति और उसके आसपास के वातावरण के साथ तालमेल बैठा सके।

पृष्ठभूमि

  • दरअसल 13 जून से 17 जून 2013 के बीच में उत्तराखंड राज्य में काफी बारिश हुई थी। आमतौर पर मॉनसून के दिनों में होने वाली यह बारिश सामान्य तौर बारिश से काफी ज्यादा थी, जिससे चौराबाड़ी ग्लेशियर पिघल गया। ग्लेशियर पिघलने से मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई और इससे आई बाढ़ ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी नेपाल के एक बड़े हिस्से को प्रभावित कर दिया। तेज बारिश का पानी पहाड़ों से होकर सीधे केदारनाथ मंदिर में आ गया, जिससे हजारों लोग पानी में बह गए। हालांकि, सबसे ज्यादा तबाही केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब जैसे धार्मिक स्थानों में हुई। भारी बारिश और ग्लेशियर के पिघलने के कारण आई इस बाढ़ से हजारों लोग मारे गए। लाखों लोग बेघर हो गए और करोड़ों रुपयों का नुकसान हो गया। अधिकतर रास्ते कट गए थे। कई पहाड़ दरकने से सबकुछ मलबे में तब्दील हो गया था।
  • 8वीं शताब्दी में बने भगवान केदारनाथ के मंदिर को भी नुकसान पहुंचा था। इसके उपरान्त सरकार द्वारा केदारनाथ में पुनर्निर्माण हेतु केदारनाथ धाम विकास और पुनर्निर्माण परियोजना को मंजूरी दी।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग

चर्चा में क्यों?

  • नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत की अध्यक्षता वाले एक कार्यकारी समूह ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की फिर से ब्रांडिंग (री-ब्रांडिंग) करने का सुझाव दिया है। साथ ही देश में विरासत एवं स्मारकों के प्रबंधन की कार्ययोजना भी सौंपी है। समूह ने अपनी रपट में देश के विरासत स्थलों की ब्रांडिंग टैगलाइन को पर्यटन टैगलाइन ‘अतुल्नीय भारत’ के साथ जोड़ने का सुझाव दिया है। ‘अतुल्नीय भारत’ की पहले से एक मजबूत पहचान है। इसी के साथ पुरातत्व विभाग के ढांचे का विस्तार करने का भी सुझाव दिया गया है।
  • इसके लिए कई नए नाम भी सुझाए गए हैं जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एवं विरासत प्रबंधन विभाग (अश्मि) प्रमुख है। हिंदी में अश्मि का अर्थ ‘स्वाभिमान, मजबूत और पत्थर से जन्मा’ होता है। प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशानुसार पिछले साल इस कार्यकारी समूह का गठन किया गया था। समूह को ‘भारत में विरासत प्रबंधन को बेहतर बनाने’ से जुड़े सुझाव देने थे।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के बारे में

  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भारत सरकार के संस्कृति विभाग के अंतर्गत पुरातत्व अध्ययन और सांस्कृतिक स्मारकों के अनुरक्षण के लिये उत्तरदायी संगठन है। इसका प्रमुख कार्य राष्ट्रीय महत्‍व के प्राचीन स्‍मारकों तथा पुरातत्‍वीय स्‍थलों और अवशेषों का रखरखाव करना है। इसकी स्‍थापना वर्ष 1861 में हुई थी।

पैदल यात्रियों के अनुकूल बाजारों (मार्केट स्पेस) के लिए समग्र योजना

चर्चा में क्यों?

  • आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने हितधारकों के परामर्श से देश के विभिन्न शहरों और नगरपालिका क्षेत्रों में पैदल यात्रियों के अनुकूल बाजारों के लिए समग्र योजना की सिफारिश की है। आवास और शहरी कार्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा द्वारा सभी राज्यों/शहरों/नगर निगमों को जारी की गई एडवाइजरी में दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को कम से कम तीन बाजारों और दस लाख से कम आबादी वाले शहरों को कम से कम एक बाजार का चयन करने के लिए भी सुझाव दिया गया है, जिनमें पैदल मार्ग का निर्माण कराया जाएगा।

बाजारों में पैदल मार्ग के निर्माण के लिए सुझाव-

  1. बाजार के लिए जगह का चयन– दस लाख से अधिक आबादी वाले शहर कम से कम 3 बाजारों का चयन कर सकते हैं और उनमें पैदल मार्ग का निर्माण करने के लिए उन्हें अधिसूचित कर सकते हैं। दस लाख से कम आबादी वाले शहर पैदल मार्ग बनाने के लिए कम से कम एक बाजार का चयन कर सकते हैं।
  2. क्षेत्र के लिए समग्र योजना- पैदल यात्रियों के अनुकूल बाजार बनाने की योजना विक्रेताओं, नगरपालिका अधिकारियों, यातायात पुलिस, पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने वालों मालिकों, दुकान मालिकों और उपभोक्ताओं के परामर्श से बनाई जा सकती है। इसके लिए वर्तमान परिदृश्य में बाजार के लिए उपयोग की जाने वाली जगह की विभिन्न हितधारकों द्वारा समुचित सर्वेक्षण की आवश्यकता होगी। आवाजाही के लिए एक दिशा-निर्देशित योजना बनानी होगी, जिसमें यह देखना होगा कि पैदल चलने के लिए ऐसा उचित मार्ग बन सके जिस पर बाजार आने वाले लोग एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने (सोशल डिस्टेंसिंग) के नियम का पालन कर सकें। पेड़ों और अन्य हरियालियों को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए योजनाबनाई जा सकती है। योजना में बिक्री की जगहों, कचरे के संग्रह और शौचालय सुविधाओं का भी ध्यान रखना होगा। योजना में चयनित बाजार क्षेत्र के आसपास के इलाकों में आम लोगों के लिए संवाद करने की जगह और कम उपयोग किए जाने वाले सार्वजनिक स्थानों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
  3. एक बार जब योजना बन जाए तो चुने गए शहर दो चरणों- लघु अवधि और दीर्घकालिक में कार्यान्वयन शुरू कर सकते हैं।
  4. अल्पकालिक सिफारिशों में ऐसे हस्तक्षेप शामिल होंगे, जो त्वरित, अस्थायी, लागू करने में आसान, और लॉकडाउन के बाद आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम हों। बाजारों को बैरिकेड, वाहनों के लिए सड़क बंद कर देने जैसे त्वरित और अस्थायी उपायों के साथ पुनर्व्यवस्थित किया जा सकता है।
  5. रास्ते पर चलने और प्रतीक्षा करने के लिए और अधिक स्थान प्रदान करने हेतु ऑन-स्ट्रीट पार्किंग जगह या यहां तक ​​किमालढोनेवालेमार्ग (कैरिजवेलेन) कोफिरसेबनायाजासकताहै।
  6. आवाजाही को और सुगम बनाने के लिए शहर अतिरिक्त सड़कों के निर्माण पर विचार कर सकते हैं।
  7. साइकिल चालकों को समर्पित/निश्चित किए गए मार्गों पर आने-जाने की अनुमति दी जा सकती है।
  8. क्षेत्र के निवासियों के आवागमन के लिए मोटर वाहनों की पहुंच का प्रावधान स्पष्ट रूप से चित्रित किया जाना चाहिए।
  9. नगर निकाय बाजार जाने वाली सड़कों के पैदल-पथ की चौड़ाई को बढ़ा सकते हैं।
  10. नागरिकों को बाजार क्षेत्र तक सुगमता से पहुंचने के लिए अधिक बारंबारता वाले सार्वजनिक पारगमन का पर्याप्त प्रावधान सुनिश्चित किया जा सकता है।
  11. नवाचारों के लिए बिक्री स्थलों का निर्माण एक अच्छा अवसर प्रदान कर सकता है।
  12. जब अस्थायी अल्पकालिक उपाय काम करने लगें तो पैदल मार्ग को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक स्थायी संरचना विकसित की जा सकती है।

समयसीमा:

  • बाजारों में पैदल यात्रियों के लिए मार्ग बनाने हेतु सिटी मार्केट स्पेस का चयन 30 जून, 2020 तक किया जा सकता है। हितधारकों के परामर्श से क्षेत्र के लिए समग्र योजना अगले 3 महीनों यानी 30 सितंबर, 2020 तक बनाई जा सकती है। विक्रेताओं और बाजार के अन्य उपयोगकर्ताओं का सर्वेक्षण 31 जुलाई, 2020 तक पूरा किया जा सकता है। सितंबर, 2020 के अंत तक कार्यान्वयन शुरू करने के लिए एक योजना को औपचारिक रूप दिया जा सकता है। योजना का आकलन करने के लिए एक अस्थायी बैरिकेडिंग, यातायात के लिए सड़कों को बंद करना, किसी खास काम के लिए निश्चित की गई जगहों इत्यादि जैसे अल्पावधि उपायों को अक्टूबर 2020 के पहले सप्ताह में शुरू किया जा सकता है। अल्पावधि उपायों के माध्यम से कार्यान्वित योजना का मूल्यांकन नवंबर 2020 तक किया जा सकता है और आवश्यक संशोधनों को भी नवंबर, 2020 तक पूरा किया जा सकता है।

बरकत: विश्व की सबसे बड़ी भोजन वितरण योजना

  • न्यूयार्क स्थित शेफ विकास खन्ना ने लॉकडाउन के कारण श्रमिकों को हो रही परेशानी का एहसास होने पर उनकी मदद करने का फैसला लिया। मिशेलिन स्टार से नवाजे गए शेफ ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और मुंबई स्थित मैक्सिमस कोलैब्स की सहायता से पिछले ढाई महीने में वाराणसी, बेंगलुरु, मंगलुरु, कोलकाता और मुंबई समेत 125 शहरों में भोजन के नब्बे लाख पैकेट का वितरण किया है।
  • खन्ना की अगली योजना का नाम ‘बरकत’ है जिसे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शुरू किया जाएगा और यह खाना खिलाने वाली विश्व की सबसे बड़ी योजना होगी जिसके तहत एक दिन में बीस लाख भोजन के पैकेट वितरित किए जाएंगे। इस योजना के तहत मुख्य रूप से दिव्यांगों, ट्रांसजेंडर समुदाय और सेक्स वर्करों का ध्यान रखा जायेगा। इस योजना में खन्ना इंडिया गेट फूड, पतंजलि, जीवन साल्ट और दावत राइस जैसे ब्रांड के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

नेपाली संसद में विवादित नक्शे वाला संविधान संशोधन विधेयक पारित

  • नेपाल की निचली संसद प्रतिनिधि सभा ने देश के नए और विवादित नक्शे को लेकर पेश किए गए संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। भारत के साथ सीमा गतिरोध के बीच इस नए नक्शे में लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाल ने अपने क्षेत्र में दिखाया है। कानून, न्याय और संसदीय मामलों के मंत्री शिवमाया थुम्भांगफे ने देश के नक्शे में बदलाव के लिए संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए इसे पेश किया था।
  • यह संविधान संशोधन विधेयक अब राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। उनके हस्ताक्षर करते ही नया नक्शा कानून की शक्ल ले लेगा। नेपाली संसद में मंगलवार देर शाम तक नक्शे को लेकर चर्चा हुई।

पृष्ठभूमि

  • भारत के लिपुलेख में मानसरोवर लिंक बनाने को लेकर नेपाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उसका दावा है कि लिपुलेख, कालापानी और लिपिंयाधुरा उसके क्षेत्र में आते हैं। नेपाल ने इसके जवाब में अपना नया नक्शा जारी कर दिया जिसमें ये तीनों क्षेत्र उसके अंतर्गत दिखाए गए। इस नक्शे को जब देश की संसद में पारित कराने के लिए संविधान में संशोधन की बात आई तो सभी पार्टियां एक साथ नजर आईं।

:: अर्थव्यवस्था ::

‘‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का घटक ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ (पीएमकेएसवाई-पीडीएमसी)’’

चर्चा में क्यों?

  • वर्ष 2020-21 के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के घटक ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ (पीएमकेएसवाई-पीडीएमसी) के तहत राज्य सरकारों को चालू वर्ष के लिए 4000 करोड़ रुपये का वार्षिक आवंटन पहले ही हो गया है और राज्य सरकारों को सूचित कर दिया गया है। राज्य सरकारों ने इस कार्यक्रम के तहत कवर किए जाने वाले लाभार्थियों की पहचान कर ली है। वर्ष 2020-21 के लिए कुछ राज्यों को फंड जारी करने की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है।

पृष्ठभूमि

  • कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग ‘‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का घटक ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ (पीएमकेएसवाई-पीडीएमसी)’’ कार्यान्वित कर रहा है। पीएमकेएसवाई- पीडीएमसी के तहत सूक्ष्म सिंचाई प्रौद्योगिकियों यथा ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों के माध्‍यम से खेत स्तर पर जल उपयोग की क्षमता बढ़ाने पर फोकस किया जाता है। ड्रिप सूक्ष्म सिंचाई तकनीक से न केवल जल की बचत करने में, बल्कि उर्वरक के उपयोग, श्रम खर्च और अन्य कच्‍चे माल की लागत को कम करने में भी मदद मिलती है।

सूक्ष्म सिंचाई कोष

  • इसके अलावा, नाबार्ड के साथ मिलकर 5000 करोड़ रुपये का सूक्ष्म सिंचाई कोष बनाया गया है। इस कोष का उद्देश्य राज्यों को विशेष सिंचाई और अभिनव परियोजनाओं के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई की कवरेज के विस्तार के लिए आवश्‍यक संसाधन जुटाने में सुविधा प्रदान करना है। इसका एक अन्‍य उद्देश्‍य किसानों को सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियां स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए पीएमकेएसवाई-पीडीएमसी के तहत उपलब्ध प्रावधानों से परे सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देना है। अब तक नाबार्ड के माध्यम से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को सूक्ष्म सिंचाई कोष से क्रमश: 616.14 करोड़ रुपये और 478.79 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत कवर किया गया क्षेत्र आंध्र प्रदेश में 1.021 लाख हेक्टेयर और तमिलनाडु में 1.76 लाख हेक्टेयर है।
  • पिछले पांच वर्षों (2015-16 से 2019-20 तक) के दौरान 46.96 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को पीएमकेएसवाई-पीडीएमसी के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई के तहत कवर किया गया है।

GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस)

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने ऑनलाइन खरीद-बिक्री के लिये सरकार का जीईएम (गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस) पोर्टल 50 लाख दस्तकारों और बुनकरों को जोड़ेगा। इस पहल का मकसद उनकी क्षमता को एक मंच उपलब्ध कराना और उनके लिये तरक्की का रास्ता खोलना है। इस पोर्टल के जरिये राज्य सरकारें उनसे सीधे उनके उत्पाद खरीद सकते हैं। कपड़ा मंत्रालय एक मंच स्थापित करने के लिये नेशनल इनफार्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के साथ मिलकर काम कर रहा है। इससे दस्तकारों और बुनकरों को अपनी क्षमता के उपयोग और उसके वाणिज्यिकरण में मदद मिल सकती है। इससे वे देश के नागरिकों को सीधे अपने उत्पाद बेच सकते हैं।

GeMक्या है?

  • GeMएक आधुनिक व State of the Art तकनीकि से बना राष्ट्रीय खरीददारी मंच अर्थात् National Public Procurement Platform है।
  • इसे वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय यानि Commerce Ministry द्वारा संचालित किया जाता है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य संभावित विक्रेताओं को एक ऐसा आधुनिक और सुविधाजनक मंच प्रदान करना है जिससे वे अपने उत्पादों को सरकार की आवश्यकता अनुसार बिना किसी रुकावट के उपलब्ध करा सकें।

क्या है GeMलाभ?

  • यह पारदर्शिता बढ़ाता है जिससे खरीददारी में भ्रष्टाचार या ऐच्छिक गतिविधियों को कम किया जा सकता है।
  • यह खरीददारी व्यवस्था को और प्रभावी बनाता है जिससे कम समय में बेहतर ढ़ंग से सार्वजनिक खरीददारियों को पूरा किया जाता है। एवं सरकारी समय या धन को बचाया जा सकता है।
  • यह सार्वजनिक खरीददारी प्रक्रिया को सुरक्षित व नियमित बनाता है।
  • यह सरकारी खजाने की बचत को भी बढ़ाता है।

मर्सर का 'वर्ष 2020- रहन सहन की लागत (कॉस्ट ऑफ लिविंग) सर्वे'

चर्चा में क्यों?

  • मर्सर के 'वर्ष 2020- रहन सहन की लागत (कॉस्ट ऑफ लिविंग सर्वे) सर्वे' के अनुसार, वैश्विक स्तर पर प्रवासियों के लिए मुंबई विश्व में 60 वां सबसे महंगा शहर है, जबकि एशिया में यह 19 वें स्थान पर है। भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई, रहने की लागत के मामले में प्रवासियों के लिए देश का सबसे महंगा शहर बनकर उभरा है।

सर्वे के महत्वपूर्ण तथ्य

  • सर्वे के अनुसार भारतीय शहरों में मुंबई सबसे महंगा शहर है, इसके बाद नई दिल्ली (विश्व स्तर पर 101 वां) और चेन्नई (विश्व स्तर पर 143 वें स्थान पर) है। सर्वे में कहा गया है कि बेंगलुरु (171) और कोलकाता (185) रैंकिंग में सबसे कम खर्चीले भारतीय शहर हैं। कुल मिलाकर, सर्वे में शामिल सभी भारतीय शहरों ने कम से कम चार स्थानों ने अपनी रैंकिंग में छलांग लगाई है, जिसमें नयी दिल्ली सर्वाधिक वृद्धि के साथ 17वें स्थान पर पहुंच गया है और प्रवासियों के लिए सबसे महंगे शहरों की शीर्ष 100 सूची से बहुत कम के अंतर से ही रह गया है।
  • वैश्विक सूची में हॉन्ग कॉन्ग सबसे ऊपर था, उसके बाद अश्गाबात (तुर्कमेनिस्तान) दूसरे स्थान पर था। जापान के टोक्यो और स्विटजरलैंड के ज्यूरिख क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर हैं, जबकि सिंगापुर पिछले साल से दो स्थान नीचे पांचवें स्थान पर है। वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष दस में शामिल होने वाले अन्य शहरों में छठे स्थान पर संयुक्त राज्य अमेरिका का न्यूयॉर्क शहर, सातवें पर चीन का शंघाई, सातवें स्थान पर स्विट्जरलैंड का बर्न और जिनेवा, क्रमशः नौवें और नौवें स्थान पर बीजिंग और दसवें स्थान पर बीजिंग हैं।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति (एसटीआईपी) 2020

चर्चा में क्यों?

  • भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकारप्रोफेसर के विजयराघवन और डीएसटी के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा12 जून, 2020 को’विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति (एसटीआईपी) 2020के सन्दर्भ में आम लोगों और विशेषज्ञों सेपरामर्शप्राप्त करने के लिए ‘एसटीआईपी 2020 टाउन हॉल मीट - ट्रैक I’ लॉन्च करेंगे।
  • ट्रैकI प्रक्रिया में साइंस पालिसी फोरम के माध्यम से आम लोगों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जायेगा। यह फोरम आम लोगों और विशेषज्ञों से इनपुट प्राप्त करने का एक समर्पित प्लेटफार्म है ताकि एसटीआईपी 2020 की निर्माण प्रक्रिया विकेंद्रीकृत और समावेशी हो।

नई राष्ट्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति 2020 के निर्माण से सम्बंधित तथ्य

  • भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय (पीएसए का कार्यालय) और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने नई राष्ट्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति (एसटीआईपी 2020) के निर्माण के लिए एक परामर्श प्रक्रिया शुरू की है। इस प्रक्रिया में हितधारकों की एक विस्तृत श्रृंखला को जोड़ा गया है।
  • एसटीआईपी 2020 निर्माण प्रक्रिया को 4 श्रेणियों (ट्रैक) में आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत नीति निर्माण के लिए लगभग 15000 हितधारकों को परामर्श के लिए जोड़ा जायेगा। ट्रैक I में साइंस पालिसी फोरम के माध्यम से आम लोगों और विशेषज्ञों की व्यापक परामर्श प्रक्रिया शामिल है। फोरम, नीति निर्माण प्रक्रिया के दौरान और बाद में आम लोगों और विशेषज्ञों से इनपुट प्राप्त करने के लिए एक समर्पित मंच के रूप में कार्य करेगा। ट्रैक II के तहत नीति-निर्माण प्रक्रिया में विशेषज्ञों के विषयगत परामर्श व साक्ष्य-आधारित सिफारिशों को शामिल किया जायेगा। इस उद्देश्य के लिए इक्कीस (21) विषयगत समूहों का गठन किया गया है। ट्रैक III में मंत्रालयों और राज्यों के साथ परामर्श किये जायेंगे, जबकि ट्रैक IV के अंतर्गत शीर्ष स्तर के बहु-हितधारकों के परामर्श प्राप्त किये जायेंगे।
  • विभिन्न श्रेणियों (ट्रैक) के अंतर्गत परामर्श प्रक्रियाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं और समानांतर रूप से चल रही हैं। ट्रैक -2 विषयगत समूह (टीजी) परामर्श, सूचना सत्रों की एक श्रृंखला के साथ शुरू हुआ, और ट्रैक -1 को विशेषज्ञों के साथ-साथ आम लोगों से इनपुट प्राप्त करने के लिए लॉन्च किया जाएगा।
  • पूरी प्रक्रिया के समन्वय के लिए डीएसटी (प्रौद्योगिकी भवन) में एक सचिवालय स्थापित किया गया है जो नीतियों के सम्बन्ध में जानकारी एवं डेटा सहयोग प्रदान करेगा। इसका संचालन डीएसटी - एसटीआई के नीति विशेषज्ञों की एक टीम कर रही है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

देश में 29 फीसद बढ़ी शेरों की आबादी

 

  • देश में शेरों की संख्या में 29 फीसद का इजाफा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ट्वीट करके यह जानकारी दी है। पीएम मोदी ने शेरों की तस्वीरों के साथ एक ट्वीट में कहा, 'गुजरात के गिर जंगल में एशियाई शेरों की आबादी में करीब 29 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। यही नहीं उनके रहने के दायरे में भी 36 फीसद का इजाफा देखा गया है।' प्रधानमंत्री ने इस उपलब्‍ध‍ि के लिए गुजरात के लोगों की सराहना की है। उन्‍होंने कहा है कि इसके लिए गुजरात के लोग और वे सभी लोग बधाई के पात्र हैं जिनके योगदान यह उपलब्धि हासिल हुई है।
  • प्रधानमंत्री ने अपने अगले ट्वीट में कहा है कि बीते कुछ वर्षों से गुजरात में शेरों की संख्या लगातार इजाफा हुआ है। यह उपलब्धि लोगों के योगदान, तकनीक के प्रयोग, वन्यजीवों की देखभाल और उनके उचित पर्यावास के प्रबंधन का नतीजा है। पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि इस उपलब्‍ध‍ि में इंसान और शेरों के बीच टकराव को कम करने के प्रयासों की भी महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है। उन्‍होंने ने कहा है कि उम्‍मीद की जानी चाहिए कि शेरों की संख्‍या में ऐसी बढ़ोतरी आगे भी देखने को मिलेगी।

गिर नेशनल पार्क के बारे में

  • दुनिया में दक्षिणी अफ्रीका के अलावा गिर नेशनल पार्क ही इकलौती जगह है जहां एशियाई शेरों (Asiatic Lion) का कुनबा फल फूल रहा है। गिर के जंगल (Gujarat’s Gir Forest) में एशियाई शेरों को हर जगह बड़े आराम से देखा जा सकता है। 412 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले गिर नेशनल पार्क में शेरों के संरक्षण को लेकर अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। एशियाई शेरों के कुनबे के फलने फूलने के लिए गुजरात सरकार और वन विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। यही वजह है कि हाल के वर्षों में शेरों की आबादी में इजाफा हुआ है।

:: विविध ::

क्यूसीआई ने विश्व प्रत्यायन दिवस 2020

  • विश्व प्रत्यायन दिवस (डब्यूएडी) प्रत्येक वर्ष 9 जून को व्यापार एवं अर्थव्यवस्था में प्रत्यायन की भूमिका को रेखांकित करने एवं बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। डब्यूएडी 2020 की थीम ‘ प्रत्यायन: खाद्य सुरक्षा में सुधार लाना’ है जैसाकि अंतरराष्ट्रीय प्रत्यायन फोरम (आईएएफ) एवं अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशाला प्रत्यायन सहयोग (आईएलएसी) द्वारा निर्धारित किया गया है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में नीति आयोग के सदस्य वी केसारस्वतने घरेलू उद्योगों को समान अवसर उपलब्ध करवाने हेतु आयातों पर कौन से नए कर को लगाने की सिफारिश की है? (बॉर्डर एडजेस्टमेंट टैक्स-BAT)
  • हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा विकास और पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा से चर्चा में रहे केदारनाथ धाम किस राज्य में स्थित है एवं यह किस नदी के किनारे स्थित है? (उत्तराखंड, मंदाकिनी)
  • ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ को 4000 करोड़ रुपए के आवंटन से चर्चा में रहे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना कब लांच हुई एवं इसके तहत 2020 तक सिंचाई में कितना निवेश निर्धारित था? (2015, 50 हजार करोड़ रुपये)
  • मर्सर के 'वर्ष 2020- रहन सहन की लागत (कॉस्ट ऑफ लिविंग सर्वे)' के अनुसार क्रमशः विश्व एवं भारत का सबसे महंगा शहर कौन है? (क्रमशः हांगकांग और मुंबई)
  • हाल ही में नेपाल द्वारा नए विवादित नक्शे से संबंधित पारित किए गए विधेयक में भारत के किन क्षेत्रों पर अपना दावा प्रस्तुत किया गया है? (लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा)
  • नीति आयोग द्वारा भारतीय पुरातत्व विभाग को किस टैगलाइन के द्वारा विरासत स्थलों की ब्रांडिंग करने का सुझाव दिया है? (अतुल्नीय भारत)
  • हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा देश में शेरों की आबादी 29 फीसदी बढ़ने से चर्चा में रहे एशिया के इकलौते एशियाई शेरों का आवास स्थल कहां है एवं यह किस राज्य में स्थित है? (गिर के जंगल, गुजरात)
  • मिशेलिन स्टार से नवाजे गए शेफ विकास खन्ना में प्रतिदिन एनसीआर में 20 लाख पैकेट भोजन का वितरण करने हेतु किस योजना की शुरुआत की घोषणा की है? (बरकत)
  • आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने 10 लाख से अधिक एवं 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में पैदल यात्रियों के अनुकूल क्रमशः कितने न्यूनतम बाजारों के चयन की सिफारिश की है? (क्रमशः3 और 1)
  • STIP 2020 के निर्माण हेतु परामर्श हेतु ‘एसटीआईपी 2020 टाउन हॉल मीट - ट्रैक I’ लॉन्च करने से चर्चा में रहे भारत के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कौन है? (प्रोफेसर के विजयराघवन)
  • सरकार के द्वारा 50 लाख दस्तकारों और बुनकरों को जोड़ने से चर्चा में रहे जीईएम (गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस) की स्थापना कब एवं किस उद्देश्य के लिए की गई थी? (2016, सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता हेतु)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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