(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (10 सितंबर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (10 सितंबर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

किसान मन-धन योजना

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 12 सितम्‍बर को रांची, झारखंड में किसान मन-धन योजना की शुरूआत करेंगे। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के पांच करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को न्‍यूनतम 3,000 रूपये प्रतिमाह की पेंशन उपलब्‍ध कराके उनका जीवन सुरक्षित किया जायेगा।
  • इस योजना के लिए अगले तीन वर्षों के लिए 10,774 करोड़ रुपये का परिव्यय रखा गया है।
  • सभी छोटे और सीमांत किसान जिनकी आयु वर्तमान में 18 से 40 वर्ष के बीच है, वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • किसान अपना मासिक योगदान पीएम-किसान की किस्तों से या सीएससी के माध्यम से कर सकते हैं।

राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम

  • किसानों की आय दोगुना करने के प्रमुख प्रयासों के मद्देनजर पशुधन में मुखपका-खुरपका और पशुजन्य माल्टा-ज्वर के उन्मूलन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 11 सितंबर, 2019 को उत्तर प्रदेश के मथुरा में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम को लॉन्च करेंगे।
  • वर्ष 2024 तक पांच वर्षों की अवधि के लिए केन्द्र सरकार द्वारा शत-प्रतिशत वित्त पोषण के 12,652 करोड़ रुपये की लागत वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य 500 मिलियन से अधिक पशुधन का टीकाकरण है। इसके तहत गाय, भैंस, भेड़, बकरी और सूअर को मुखपका-खुरपका रोग से बचाना है।
  • इस कार्यक्रम का उद्देश्य पशुजन्य माल्टा-ज्वर से बचाव के लिए हर वर्ष दुधारू पशुओं के 36 मिलियन मादा बच्चों को टीका लगाना है।
  • इस कार्यक्रम के दो घटक हैं- 2025 तक रोगों पर नियंत्रण और 2030 तक रोगों का उन्मूलन।
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस दिन राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को भी लॉन्च करेंगे।
  • आशा है कि इसी के साथ टीकाकरण, रोग प्रबंधन, कृत्रिम गर्भाधान और उत्पादकता के विषय पर देश के सभी 687 जिलों में कृषि विज्ञान केन्द्रों पर राष्ट्रव्यापी कार्यशालाओं की भी शुरूआत की जाएगी।

‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम

  • प्रधानमंत्री द्वारा स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिये गये भाषण में प्‍लास्टिक अपशिष्‍ट प्रबंधन के लिए कार्रवाई करने का आह्वान किया गया था। इस वर्ष की स्‍वच्‍छता ही सेवा का विषय प्‍लाटिक अपशिष्‍ट प्रबंधन है। वाणिज्‍य और उद्योग मंत्रालय का उद्योग और आंतरिक व्‍यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्‍वच्‍छता विभाग के अभियान की सफलता के लिए महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
  • पहले डीपीआईआईटी सीमेंट भट्टों में 2 अक्‍टूबर, 2019 को एकत्र प्‍लास्टिक अपशिष्‍ट की रि-साइक्‍लिंग सुनिश्चित करेगा और दूसरे 2 अक्‍टूबर, 2019 को ही राष्‍ट्रव्‍यापी श्रमदान के माध्‍यम से प्‍लास्टिक अपशिष्‍ट एकत्र करेगा। इसके लिए डीपीआईआईटी ने सभी राज्‍य सरकारों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों से अपने यहां सभी औद्योगिकी एस्‍टेट्स, पार्कों, कारिडोरों, नोड्स और औद्योगिक क्षेत्रों से 11 सितम्‍बर, 2019 से शुरू होने वाले स्‍वच्‍छता ही सेवा 2019 के लिए प्‍लास्टिक अपशिष्‍ट एकत्र करने का अनुरोध किया है।
  • जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्‍वच्‍छता विभाग ने डीपीआईआईटी से सीमेंट भट्टों द्वारा प्‍लास्टिक अपशिष्‍ट के उपयोग को जरूरी बनाने का अनुरोध किया है। डीपीआईआईटी यह सुनिश्चित करेगा कि इस वर्ष दिवाली तक सीमेंट भट्टों में एकत्र किया गया प्‍लास्टिक अपशिष्‍ट रि-साइकल किया जाये। इस वर्ष 2 अक्‍टूबर को स्‍वच्‍छता ही सेवा अभियान के लिए डीपीआईआईटी के कर्मचारी श्रमदान करेंगे और पूरे देश में प्रौद्योगिक क्षेत्रों और उनके आस-पास प्‍लास्टिक कचरे का संग्रह सुनिश्‍चित करेंगे।
  • डीपीआईआईटी ने सतत और निरंतर आधार पर प्‍लास्टिक अपशिष्‍ट प्रबंधन पर ध्‍यान देते हुए राज्‍य सरकारों से औद्योगिक पार्कों को संवेदनशील बनाने का अनुरोध किया है। सभी राज्‍य और केन्‍द्र शासित सरकारें अपने यहां स्‍थापित की जाने वाली नोडल टीमों के माध्‍यम से इस अभियान की निगरानी करेगी।

इंडिया आयोडीन सर्वे 2018- 19

  • न्यूट्रिशन इंटरनेशनल नामक संस्था ने देशभर में ‘इंडिया आयोडीन सर्वे 2018- 19‘ नाम से यह अध्ययन किया जिसमें पता लगाया गया कि देश के सुदूर गांवों और अंचलों में आयोडीन युक्त नमक की कितनी मात्रा की खपत हो रही है।
  • संस्था द्वारा आज यहां जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली और एसोसिएशन फॉर इंडियन कॉलिशन फॉर द द कंट्रोल ऑफ आयोडीन डेफिशिएंसी डिसऑर्डर (आईसीसीआईडीडी) तथा कंटार के सहयोग से किए गए
  • इंडिया आयोडीन सर्वे 2018-19 के अनुसार देश के 76.3 फीसदी घरों में ही आयोडीन युक्त नमक पहुंच रहा है।
  • पहली बार कराए गए राज्यवार अध्ययन में आयोडीन की कमी से मुक्त हुए राज्य हैं जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड। जबकि सबसे कम आयोडीन नमक का इस्तेमाल ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पांडिचेरी, राजस्थान और तमिलनाडु के घरों में हो रहा है। यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में आज भी क्रिस्टल नमक का ही ज्यादा इस्तेमाल होता है, जिसमें आयोडीन नहीं होता।

उत्तर भारत में आयोडीन नमक की खपत

राज्य घर (फीसदी में)
जम्मू-कश्मीर 99.8
चंडीगढ़ 96.5
दिल्ली 87.3
हरियाणा 86.7
पंजाब 85.1
उत्तराखंड 84.1
हिमाचल प्रदेश 73.9
उत्तर प्रदेश 72.3
बिहार 72.9
राजस्थान 65.7

पृष्ठभूमि

शरीर में आयोडीन की कमी से होने वाले घेंघा रोग के खिलाफ साल 1962 में पहली बार सरकार ने राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया था। लेकिन 57 सालों बाद भी केवल 5 ऐसे राज्य हैं, जहां करीब सौ फीसदी लोग आयोडीन की कमी से दूर हो पाए हैं। सरकार ने 2022 तक देश के करीब 90 फीसदी घरों में आयोडीन नमक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। गंभीर स्थिति वाले राज्यों में राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत कार्यक्रम किए जाएंगे। चीन जैसे कई देशों में सौ फीसदी आयोडीन नमक का ही इस्तेमाल होता है।

जरूरी फैक्ट

  1. प्रति व्यक्ति रोजाना 500 माइक्रोग्राम तक आयोडीन लेने की जरूरत
  2. 15 से 49 वर्ष की आयु के बीच महिलाओं को आयोडीन की खास जरूरत
  3. 80 लाख नवजात शिशु हर वर्ष आयोडीन की कमी के साथ ले रहे जन्म
  4. 5 वर्ष तक के 3 करोड़ से ज्यादा बच्चों में आयोडीन की कमी

गोल्डन एरो’ 17 स्क्वाड्रन

  • राफेल लड़ाकू जेट के आने से पहले वायुसेना की गोल्डन एरो 17 स्कवाड्रन को फिर से गठित किया जाएगा। भारतीय वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ मंगलवार को 17 स्क्वाड्रन को फिर से गठित करेंगे, यह इकाई फ्रांसीसी मूल के लड़ाकू विमानों को संचालित करने वाली पहली इकाई होगी।
  • 1999 में कारगिल युद्ध के वक्त बीएस धनोआ ने इस गोल्डन ऐरोज 17 स्क्वाड्रन की कमान संभाली थी। इसे बठिंड़ा वायु सेना केंद्र से संचालित किया जाता था। हालांकि, 2016 में इसे बंद कर दिया था। तब वायु सेना ने रूस निर्मित मिग 21 विमानों को हटाना शुरू किया था।
  • वर्ष 1951 में स्क्वाड्रन की स्थापना हुई थी। तब शुरू में इसने हैविलैंड वैंपायर एफ एमके 52 लड़ाकू विमानों की उड़ानों को संचालित किया था। गौरतलब है कि इसी महीने के अंत तक भारत को पहला राफोल विमान मिल सकता है। वहीं वायु सेना ने राफेल विमान के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

डिफेंस एक्सपो-2020

  • उत्तर प्रदेश में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से लखनऊ में 5 से 8 फरवरी तक 11वें डिफेंस एक्सपो-2020 का आयोजन किया जाएगा। सोमवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में रक्षा उत्पादों के सबसे बड़े इस मेले की तैयारियों की रूपरेखा तय की गई।
  • एक्सपो की थीम ‘भारत-उभरता हुआ रक्षा विनिर्माण केंद्र’ होगी और सबसे ज्यादा फोकस रक्षा के डिजिटल रूपांतरण पर होगा।
  • राज्य सरकार डिफेंस एंड एयरोस्पेस पालिसी पिछले वर्ष ला चुकी है। उत्तर प्रदेश में रक्षा उद्योग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा उपलब्ध है। लखनऊ, कानपुर, कोरवा (अमेठी) और नैनी (प्रयागराज) में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स की चार इकाइयां हैं। नौ आयुध निर्माण इकाइयां और एक सार्वजनिक क्षेत्र का रक्षा उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स गाजियाबाद में है।
  • प्रस्तावित डिफेंस कॉरिडोर में आगरा, अलीगढ़, चित्रकूट, झांसी, लखनऊ और कानपुर शामिल हैं। सभी 6 नोड्स के लिए 5071.19 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की जा रही है। झांसी में 92.48 प्रतिशत, चित्रकूट में 89.41 प्रतिशत, अलीगढ़ में 100 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो गया है। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी भी मौजूद थे।

सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना

  • देश में हो रहे मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोला जाएगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 260 लाख हेक्टेयर जमीन को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा है। भारत के इस कदम से अन्य देशों को भी भूक्षरण को रोकने की प्रेरणा मिलेगी। केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को कॉप-14 में आयोजित प्रेस वार्ता में ये बातें कहीं।
  • एफआरआइ में मरुस्थलीकरण, भूक्षरण व सूखे से निपटने के लिए सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनाया जा रहा है। यहां इन समस्याओं से निपटने के लिए शोध आदि कार्य किए जाएंगे। यह भारत में यूएनसीसीडी के नोडल केंद्र के तौर पर भी कार्य करेगा। इसमें यूएनसीसीडी लोगों को प्रशिक्षण देगा। अपनी योजनाओं को पूरा कराने का कार्य करेगा।

जल शक्ति अभियान

  • सोमवार को जल शक्ति मंत्रालय की ओर से जारी ताजा रैंकिंग में धनबाद को देश में पहला रैंक मिला है। पिछले माह धनबाद तीसरे स्थान पर था। धनबाद ने उत्तर प्रदेश के कासगंज और गुजरात के बनस कंठा को पछाडऩे हुए यह उपलब्धि हासिल की है। बनस कंठा पिछली दफा पहले और कासगंज दूसरे स्थान पर था। इस बार की रैंकिंग में दूसरे स्थान पर तेलंगाना का महबूब नगर और तीसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश का कासगंज जिला है।
  • टॉप-10 की सूची में झारखंड से इकलौता धनबाद शहर ही शामिल है। स्कोर की बात करें तो धनबाद को 91.38, महबूब नगर को 89.15 और कासगंज को 70.43 स्कोर मिला है।

2024 तक सभी शहरों का डेटाबेस

  • आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से शहरी जीवन को आसान बनाने के लिये शुरु किए गए स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत देश के सभी शहरों की यथासंभव सभी प्रकार की जानकारियों का ‘डेटाबेस’ 2024 तक बनाने का लक्ष्य तय किया है।
  • शहरों में सुगम यातायात, जलभराव, सीवर, स्वास्थ्य एवं महिला सुरक्षा समेत नागरिक सुविधाओं से जुड़े तथ्य एवं आंकड़े जुटाए जा रहे हंै। इसकी शुरुआत स्मार्ट सिटी मिशन में चयनित सौ शहरों में उन 24 शहरों से की गई है, जिनमें ‘कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ काम करना शुरू कर चुके हैं।

आयुष ग्रिड

  • आयुष मंत्रालय सभी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं को जोड़कर एक राष्ट्रीय ‘आयुष ग्रिड’ बनाने की दिशा में काम कर रहा है ताकि आयुर्वेद समेत चिकित्सा की सभी परंपरागत प्रणालियों के प्रभावों के बारे में प्रमाण एकत्रित करने के लिए पुराने सभी मामले एक जगह रहें। यह कदम सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अनुरूप है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पिछले सप्ताह एक योग सम्मान समारोह में ‘एक देश, एक कर’ और ‘एक देश, एक कार्ड’ की तर्ज पर ‘आयुष ग्रिड’ बनाकर एक समान प्रणाली बनाने की जरूरत पर जोर दिया था।
  • आयुष मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आयुष क्षेत्र के डिजिटलीकरण के लिए एक दूसरे के साथ सहयोग के लिहाज से एक करार भी किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ग्रिड परियोजना की योजना और विकास के लिए आयुष मंत्रालय को सलाह और तकनीकी सहयोग देने पर सहमति जताई है।

'तपोवनम हिरण्यगर्भ' आर्ट गैलरी

  • फोटोग्राफर स्वामी सुंदरानंद उर्फ फोटो बाबा का 71 साल का सपना साकार होने जा रहा है। गंगोत्री में तीन करोड़ रुपए की लागत से बनी 'तपोवनम हिरण्यगर्भ' आर्ट गैलरी का यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, आरएसएस के सह कार्यवाहक सुरेश सोनी 13 सितंबर को उद्घाटन करेंगे। इस गैलरी में हिमालय में 71 साल में आए बदलावों को 1000 तस्वीरों को पेश किए जाएगा। यह गैलरी ईकोफ्रेंडली है।
  • आंध्र प्रदेश के रहने वाले 94 साल के स्वामी सुंदरानंद 1948 से गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में साधना कर रहे हैं। वे उत्तरकाशी के नेहरू पर्वतारोहण संस्था के पहले छात्र है। 2002 में उनकी तस्वीरें सिंगापुर से 'हिमालय-थ्रू द लैंस ऑफ साधु' में प्रकाशित हो चुकी हैं।

पूर्वोत्तर परिषद का 68वां पूर्ण सत्र

  • गुवाहाटी में 8 और 9 सितंबर, 2019 को पूर्वोत्तर परिषद का दो दिवसीय 68वां पूर्ण सत्र आयोजित हुआ। गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कल पूर्ण सत्र का उद्घाटन किया था।
  • गृह मंत्री ने घोषणा की थी कि पूर्वोत्तर में समाज के वंचित वर्गों और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के वित्त पोषण के लिए पूर्वोत्तर परिषद अपने निधि के 30 प्रतिशत का प्रावधान करेगा। उन्होंने कहा कि हर राज्य उन सभी गांवों और क्षेत्रों को चिह्नित करेगा, जो विभिन्न संकेतों के आधार पर पिछड़े हुए हैं तथा सभी राज्य इन क्षेत्रों को देश के अन्य हिस्सों के समकक्ष लाने की दिशा में काम करेंगे।
  • श्री शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अनुच्छेद 371 को हटाने के संबंध में कुछ ऐसी गलत धारणाएं पैदा हो गई थीं। उन्होंने कहा कि केन्द्र अनुच्छेद 371 का सम्मान करता है और वह पूर्वोत्तर को विशेष दर्जा देने संबंधी इस अनुच्छेद के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेगा।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

भारत और चीन के बीच छठी रणनीतिक आर्थिक वार्ता

  • भारत और चीन के बीच छठी रणनीतिक आर्थिक वार्ता (एसईडी) आज नई दिल्ली में संपन्न हुई जिसमें दोनों पक्षों द्वारा इस बात पर सहमत व्यक्त की गई कि द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के प्रवाह को सुविधाजनक बनाने तथा दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एसईडी एक महत्वपूर्ण तंत्र के रूप में उभरा है।
  • नई दिल्ली में, 7 से 9 सितंबर, 2019 तक आयोजित होने वाली इस वार्ता में बुनियादी ढांचा, ऊर्जा, उच्च तकनीक, संसाधन संरक्षण और नीति समन्वय पर संयुक्त कार्य समूहों की गोलमेज बैठकें की गई, जिसके बाद तकनीकी स्थलों का दौरा और गुप्त G2G बैठकें हुईं। इस वार्ता में दोनों पक्षों की ओर से नीति निर्माण, उद्योग और शिक्षा के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस वार्ता में, भारतीय पक्ष का नेतृत्व नीति आयोग के उपाध्यक्ष, डॉ राजीव कुमार ने और चीनी पक्ष का नेतृत्व एनडीआरसी के अध्यक्ष, श्री हे लिफेंग ने किया। बातचीत के दौरान, नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार ने भारत और चीन के बीच व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने पर बल दिया।

वर्ल्ड एनर्जी कांग्रेस 2019 अबू धाबी में शुरु

  • 150 देशों के मंत्रियों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रमुखों की उपस्थिति में ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण नवाचारों का पता लगाने व नई रणनीतियों के लिए 24वें वर्ल्ड एनर्जी कांग्रेस का आगाज अबू धाबी में हुआ।
  • "एनर्जी फॉर प्रॉस्पेरिटी" विषय के तहत, एनर्जी कांग्रेस आज वैश्विक ऊर्जा उद्योग का सामना करने वाले सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करने के लिए डिज़ाइन किए गए चार दिवसीय इंटरैक्टिव कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिनिधियों का नेतृत्व करती है।
  • यह आयोजन, जो अबू धाबी राष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र में 9 से 12 सितंबर तक चलता है, दुनिया की प्रमुख ऊर्जा सभा है, जो प्रतिभागियों को ऊर्जा के मुद्दों और वैश्विक परिप्रेक्ष्य से समाधान को बेहतर ढंग से समझने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है।

यूनान के थेस्सालोनिकी अंतर्राष्ट्रीय मेले में भारत ने हिस्सा लिया

  • वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने यूनान के थेस्सालोनिकी अंतर्राष्ट्रीय मेले (टीआईएफ) में हिस्सा लिया। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिकारी, व्यापारी और प्रतिष्ठित भारतीय उद्यमी शामिल थे।
  • 84वें टीआईएफ में भारत में विशेष आमंत्रित देश है।
  • टीआईएफ सितंबर, 2019 में भारत के वाणिज्य एवं उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा पर्यटन मंत्रालयों सहित यूनान में भारतीय दूतावास, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संवर्धन संगठन, इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन, भारतीय उद्योग परिसंघ के अधिकारी तथा प्रतिष्ठित भारतीय उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
  • टीआईएफ मेले के दौरान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), एनटीपीसी, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम की कंपनियों, टाइल्स और सेरेमिक उद्योग तथा राजस्थान, मुरादाबाद और जम्मू और कश्मीर के हस्तशिल्प उद्योगों ने हिस्सा लिया।

सेंट्रीफ्यूज बना रहा ईरान

  • परमाणु उपयोग की गतिविधियों पर नजर रखने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने बड़ा खुलासा किया है कि ईरान आधुनिक सेंट्रीफ्यूज बना रहा है। परमाणु हथियारों के निर्माण में सेंट्रीफ्यूज का बड़ा महत्व है। इससे दुनिया में तनाव बढ़ेगा, क्योंकि ईरान ऐसा कर दुनिया के बड़े देशों के साथ हुए परमाणु समझौते का उल्लंघन कर रहा है।
  • अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि उसके निरीक्षकों ने नए सेंट्रीफ्यूज बनाने की प्रक्रिया को खुद देखा है। बताया है कि सात-आठ सितंबर तक ये सेंट्रीफ्यूज परीक्षण के दौर में थे।
  • इस बीच, ईरान के कट्टर दुश्मन देश इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान की आबादेह शहर के पास गोपनीय परमाणु प्रयोगशाला थी। इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद को इसकी भनक लगने के बाद प्रयोगशाला को नष्ट कर दिया गया। अब अन्य स्थलों पर परमाणु हथियार विकसित किए जा रहे हैं।

परमाणु पर ईरान बनाम अमेरिका

  • 2015 में ईरान व अन्य देशों के बीच संधि हुई थी, जिसके तहत ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की प्रक्रिया छोड़ दी थी। इसके बदले में प्रमुख देश उसे आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं दे रहे थे।
  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सत्ता संभालने से पहले से ही इस समझौते के विरोध में थे। उनका मानना था कि ईरान गुपचुप तरीके परमाणु हथियार बना रहा है और इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। ट्रम्प की नजर में परमाणु समझौता कर ईरान दुनिया को धोखा दे रहा है।
  • सत्ता संभालने के बाद ट्रंप ने परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया और ईरान पर प्रतिबंध लगा दिए। इससे ईरान का तेल कारोबार को ठप हो गया।
  • हालांकि समझौते पर दस्तखत करने वाले रूस और चीन अब भी ईरान के साथ हैं लेकिन वे कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं। अब ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम तेज कर अपने हितों की रक्षा की संभावना देख रहा है।
  • 2018 में अमेरिका के परमाणु समझौते से पीछे हट जाने और इसके बाद ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद ईरानी राष्ट्रपति ने परमाणु हथियार बनाने की कोशिश शुरू करने की घोषणा की थी।
  • ऐसा कर ईरान समझौते में शामिल यूरोपीय देशों- फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी पर अमेरिका का फैसला वापस लेने के लिए दबाव बना रहा था। लेकिन जब अमेरिका अपने फैसले पर अटल रहा तो ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का काम शुरू किया।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

सातवीं आरसीईपी मंत्रिस्तरीय बैठक

  • वाणिज्य एवं उद्योग और रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 8 सितंबर, 2019 को बैंकॉक, थाइलैंड में आयोजित सातवीं आरसीईपी (क्षेत्रीय समग्र आर्थिक साझेदारी) मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया।
  • बैठक के बाद संयुक्त घोषणापत्र जारी हुआ, जो इस प्रकार है-
  1. दो-तीन अगस्त, 2019 को बीजिंग में आयोजित मंत्रियों की पिछली बैठक के बाद आरसीईपी बातचीत में होने वाली प्रगति की समीक्षा के संबंध में सातवीं आरसीईपी मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए 8 सितंबर, 2019 को बैंकॉक में 16 आरसीईपी साझेदार देशों के मंत्री एकत्र हुए। बैठक की अध्यक्षता थाइलैंड के उप-प्रधानमंत्री और व्यापार मंत्री श्री जूरिन लकसानाविसित ने की।
  2. मंत्रियों ने विचार किया कि बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है, क्योंकि बातचीत समाप्त करने का समय निकट आ रहा है। बातचीत की मौजूदा चुनौतियों के बावजूद 16 आरसीईपी भागीदारी देश बकाया मुद्दों के समाधान का प्रयास कर रहे हैं, जो इस वर्ष समझौता पूरा होने के लिए आवश्यक है।
  3. व्यापार और निवेश पर्यावरण की अनिश्चितता के कारण पूरे विश्व में विकास धीमा हुआ है, जिसका प्रभाव व्यापार और रोजगार पर पड़ सकता है। इसके अलावा आरसीईपी को पूरा करने के लिए भी समाधान आवश्यक हो गया है। बातचीत की प्रक्रिया में भागीदारी देशों की स्थिति को विश्व व्यापार पर्यावरण में कुछ विकासों का प्रभाव पड़ सकता है, जिसके मद्देनजर मंत्रियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आरसीईपी के दूरगामी नज़रिए को सघन और विस्तृत करना होगा। मंत्रियों ने कहा कि आरसीईपी से बाजार में स्थिरता और निश्चितता पैदा होगी, जो क्षेत्र में व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करेगा। इसे ध्यान में रखते हुए मंत्रियों ने बातचीत को पूरा करने के लिए समवेत प्रयासों पर बल दिया।
  4. मंत्रियों ने प्रतिबद्धता व्यक्त की कि वार्ताकारों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराया जाए और उन्हें बातचीत पूरा करने का अधिकार दिया जाए। मंत्रियों ने वार्ताकारों का आह्वान किया कि इस प्रतिबद्धता को रचनात्मक कार्रवाइयों और सकारात्मक परिणामों में परिवर्तित करें।

माइक्रो फाइनेंस

  • गरीबों को कारोबार आदि करने के लिए माइक्रो फाइनेंस संस्थानों से कर्ज मुहैया कराने में 36 फीसद का इजाफा हुआ है। इन संस्थानों को कर्ज उपलब्ध कराने में बैंकों की हिस्सेदारी भी बढ़कर 60 फीसद हो गई है।
  • कोटक इंस्टीट्यूशनल सिक्युरिटीज की तरफ से सोमवार को जारी एक रिपोर्ट बताती है कि जिन राज्यों में पिछले वर्ष बाढ़ का प्रकोप काफी ज्यादा था उन राज्यों में एमएफआइ से कर्ज लेने पर असर पड़ा है। इसके अलावा किसी भी राज्य में एमएफआइ की तरफ से वितरित होने वाले कर्ज की रफ्तार में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है।
  • रिपोर्ट यह भी बताती है कि एमएफआइ की तरफ से वितरित कर्ज की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। केरल और ओडिशा में वितरित कर्ज की स्थिति ही खराब हुई है। इन दोनों राज्यों में पिछले वर्ष बाढ़ का प्रकोप हुआ था और यही वजह है कि इन राज्यों में जिन लोगों ने एमएफआइ से कर्ज लिया था उन्हें चुकाने में समस्या पैदा हुई है। बंगाल, असम और झारखंड में भी स्थिति थोड़ी कमजोर हुई है, लेकिन दक्षिणी राज्यों के मुकाबले इनकी स्थिति अभी भी काफी बेहतर है। उक्त पांचों में राज्यों में उन लोगों की संख्या बढ़ी है जो निर्धारित अवधि के एक महीने बाद तक (30 दिनों) तक कर्ज की वापसी नहीं कर पाए हैं।
  • रिपोर्ट के मुताबिक बावजूद इसके असम, बिहार, बंगाल, झारखंड में माइक्रो फाइनेंस संस्थानों की तरफ से दिए जाने कर्जे की रफ्तार में 50 से 110 फीसद तक का इजाफा हुआ है। रिपोर्ट से यह बात भी सामने आती है कि इन संस्थानों का असर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी काफी ज्यादा है। पहली तिमाही में एमएफआइ से वितरित कर्ज में ग्रामीण क्षेत्र की हिस्सेदारी 74 फीसद है जबकि शेष हिस्सेदारी शहरी क्षेत्र की है। 87 फीसद कर्ज नकद रहित दिया गया है यानी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं।
  • कोटक सिक्युरिटीज और पिछले दिनों आरबीआइ की जारी रिपोर्ट बताती है कि कॉरपोरेट सेक्टर ने भले ही कर्ज लेने की रफ्तार कम कर दी हो, लेकिन कम आय वाला वर्ग अभी भी अच्छी मात्र में कर्ज ले रहा है। आरबीआइ की इस रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई, 2018 से जुलाई, 2019 के बीच बैंकों की तरफ से वितरित होने वाले एक लाख रुपये से कम राशि के कर्ज की रफ्तार 26.1 फीसद रही है।
  • दूसरी तरफ कॉरपोरेट सेक्टर को मिलने वाले कर्ज में महज 6 फीसद का इजाफा हुआ है। सनद रहे कि माइक्रो फाइनेंस कंपनियां बैंकों व एनबीएफसी या अन्य वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेती हैं और उसे समाज के बेहद निम्न तबके के लोगों या छोटे स्तर के कारोबार करने वालों को कर्ज देती हैं।

आईपीपीबी ने आधार सक्षम भुगतान सेवाएं शुरू करने की घोषणा की

  • संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और विधि एवं न्याय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) द्वारा आधार सक्षम भुगतान सेवाएं (एईपीएस) शुरू करने की घोषणा की जिससे इसके द्वारा वित्तीय सेवाओं की पहुंच उन लाखों ग्राहकों तक फैलाने के प्रयासों को मजबूत बढ़ावा मिलेगा जो बैंकिंग सेवाओं के बजाय नकद का इस्तेमाल अधिकतर करते हैं और जो बैंकिंग सेवाओं का उपयोग ही नहीं करते।
  • आधार सक्षम भुगतान सेवाओं (एईपीएस) की शुरुआत के साथ आईपीपीबी अपने पोस्टल नेटवर्क की अभूतपूर्व पहुंच के आखिरी मील तक का लाभ लेते हुए, किसी भी बैंक के ग्राहकों को अंतर-संचालित बैंकिंग सेवाएं मुहैया करवाने के लिहाज़ से देश में ऐसा अकेला सबसे बड़ा मंच बन गया है।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के बारे में

  • इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की स्थापना संचार मंत्रालय में डाक विभाग के अंतर्गत की गई है जिसकी 100 फीसदी हिस्सेदारी पर भारत सरकार का स्वामित्व है। आईपीपीबी की शुरुआत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 सितंबर 2018 को की गई थी। इस बैंक की स्थापना भारत के आम इंसान के लिए सबसे सुलभ, सस्ते और भरोसेमंद बैंक का निर्माण करने के दृष्टिकोण के साथ की गई है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का मूल जनादेश यह है कि अधिकतर नकद का इस्तेमाल करने वाले और बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने वाले लोगों के लिए बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी बाधाओं को दूर किया जाए और 155,000 डाकघरों (ग्रामीण क्षेत्रों में 135,000) और 300,000 डाक कर्मचारियों से युक्त डाक नेटवर्क का लाभ उठाते हुए अंतिम मील तक पहुंचा जाए।
  • आईपीपीबी की पहुंच और इसका संचालन मॉडल भारत स्टैक के प्रमुख स्तंभों पर बनाया गया है जो है - सीबीएस एकीकृत स्मार्टफोन और बायोमीट्रिक उपकरण के माध्यम से पेपरलेस, कैशलेस और उपस्थिति-हीन बैंकिंग को ग्राहकों के दरवाजे पर सरल और सुरक्षित तरीके से मुहैया कराना। मितव्ययी नवाचारों का लाभ उठाते हुए और जनता के लिए बैंकिंग में आसानी पर ख़ूब जोर देते हुए आईपीपीबी 13 भाषाओं में उपलब्ध सहज ज्ञान युक्त इंटरफेसों के माध्यम से सरल और सस्ते बैंकिंग समाधान प्रदान करता है।
  • आईपीपीबी लेस कैश वाली अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मुहैया करवाने और डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण में योगदान देने को लेकर प्रतिबद्ध है। भारत तभी फलेगा-फूलेगा जब हर नागरिक के पास वित्तीय रूप से सुरक्षित और सशक्त होने को लेकर समान अवसर होंगे। हमारा मूल-वाक्य सत्य है कि - हर ग्राहक महत्वपूर्ण है, हर लेनदेन महत्वपूर्ण है और हर जमा मूल्यवान है।

महाराष्‍ट्र को 200 मिलियन डॉलर का ऋण

  • एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और भारत सरकार ने आज 200 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किए। समझौते का उद्देश्‍य महाराष्‍ट्र के 34 जिलों की ग्रामीण सड़कों को पक्‍की सड़कों में परिवर्तित करना है,ताकि सड़क सुरक्षा तथा बाजारों और सेवाओं से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।
  • एडीबी के श्री सव्‍यसाची मित्रा ने कहा किइस परियोजना से 2100 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का उन्‍नयन होगा। इससे ग्रामीण समुदायों का कृषि उत्‍पादन के बड़े क्षेत्रों और सामाजिक- आर्थिक केन्‍द्रों के साथ संपर्क बेहतर होगा।परियोजना के तहत पांच वर्षों का रख-रखाव भी शामिल है। ऋण में एक मिलियन डॉलर का अनुदान एमआरआरडीए को संस्‍थागत मजबूती प्रदान करने के लिए है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

चंद्रयान 2 - लैंडर विक्रम

  • चंद्रयान 2 के लैंडर विक्रम को लेकर इसरो की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। इसरो के एक अधिकारी के मुताबिक लैंडर विक्रम में कोई टूट-फूट नहीं हुई है, वह सही सलामत है। लेकिन इसरो के अधिकारी ने साथ ही बताया है कि लैंडर झुकी हुई पोजीशन में है। फिलहाल इसरो लैंडर विक्रम से दोबारा संपर्क साधने की कोशिश में जुटा हुआ है।
  • चंद्रयान 2 मिशन से जुड़े एक अधिकारी ने सोमवार को दावा करते हुए बताया, 'ऑर्बिटर से मिली थर्मल इमेज को देखकर ये पता चला है कि उसकी हार्ड लैंडिंग हुई है। लैंडर विक्रम में कोई टूट-फूट नही है, मतलब वह सुरक्षित है। लेकिन लैंडर एक झुकी हुई स्थिति में जरूर पड़ा हुआ है। ISROTelemetry में एक ISRO टीम काम पर है, यहां ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (ISTRAC) पर काम कर रही है।'

लैंडर — विक्रम

  • चंद्रयान 2 के लैंडर का नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम ए साराभाई के नाम पर रखा गया है। यह एक चन्द्रमा के एक पूरे दिन काम करने के लिए विकसित किया गया है, जो पृथ्वी के लगभग 14 दिनों के बराबर है। विक्रम के पास बैंगलोर के नज़दीक बयालू में आई डी एस एन के साथ-साथ ऑर्बिटर और रोवर के साथ संवाद करने की क्षमता है। लैंडर को चंद्र सतह पर सफल लैंडिंग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

रोवर — प्रज्ञान

  • चंद्रयान 2 का रोवर, प्रज्ञान नाम का 6-पहिए वाला एक रोबोट वाहन है, जो संस्कृत में 'ज्ञान' शब्द से लिया गया है। यह 500 मीटर (½ आधा किलोमीटर) तक यात्रा कर सकता है और सौर ऊर्जा की मदद से काम करता है। यह सिर्फ लैंडर के साथ संवाद कर सकता है।

फास्‍ट रेडियो बर्स्‍ट सिग्‍नल (Fast Radio Bursts-FRB)

  • चीनी खगोलविदों को अंतरिक्ष की गहराई से रहस्‍यमयी संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, चीनी खगोलविदों ने Fast Radio Bursts (FRB) जैसी सिग्‍नल मिलने की बात कही है, जिसके लिए माना जा रहा है कि यह पृथ्‍वी से 3 बिलियन दूर से आ रही है।
  • चीनी विज्ञान अकादमी के राष्ट्रीय खगोलीय वेधशालाओं (NAOC) के शोधकर्ता के अनुसार, वैज्ञानिकों ने 500 मीटर अर्पचर स्‍फेरिकल रेडिया टेलीस्‍कोप (FAST) के जरिए इन संकेतों का परीक्षण किया। साथ ही, वे बड़ी सतर्कता से इसे परख रहे हैं।
  • यूनिवर्स में FRBs सबसे चमकीले धमाकों के तौर पर जाना जाता है। इन्‍हें तेज इसलिए कहा जाता है, क्‍योंकि यह काफी कम समय के लिए होते हैं दूसरे शब्‍दों में मिलीसेकेंड्स जितने। हालांकि, इनकी उत्‍पत्ति के लिए उचित कारण नहीं पता। शोधकर्ताओं ने बताया, ‘बार-बार ऐसे आवाज की खोज से FRBs की उत्‍पत्‍ति व भौतिक कारणों का पता चलेगा।
  • चीनी वैज्ञानिकों ने अत्‍यधिक संवेदनशील FRB (फास्‍ट रेडियो बर्स्‍ट) इन्स्टॉल किया है। विशालकाय टेलीस्‍केप पर 19 बीम रिसीवर पर है और इसका इस्‍तेमाल FRB121102 के FRB सोर्स का पता लगाने के लिए किया जाता है। 2015 में आरेसिबो ऑब्‍जर्वेटरी द्वारा पहली बार खोजा गया था।
  • अगस्‍त के अंतिम दिनों से शुरुआती सितंबर तक FRB121102 से मिलने वाले 100 से अधिक Bursts दर्ज किए गए जो अब तक सबसे अधिक हैं।
  • चीन में इसे FAST निकनेम दिया गया, क्‍योंकि तियानयान एक रेडियो टेलीस्‍केप है जो दावूदांग बेसिन में मौजूद है। इसमें 500 मीटर डायमीटर वाला डिश है। यह दुनिया का सबसे बड़ा filled-aperture रेडियो टेलीस्‍कोप और दूसरा सबसे बड़ा सिंगल डिश अपर्चर है।

पनडुब्बी INS खंडेरी

  • भारतीय नौसेना को इस महीने के आखिर में नई पनडुब्बी मिल जाएगी। 28 सितंबर को मुंबई में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में स्कॉर्पीन क्लास पी-75 की दूसरी सबमरीन खंडेरी नेवी में शामिल होगी। कलवरी श्रेणी की यह स्कॉर्पीन सबमरीन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें ऐसी तकनीक है कि दुश्मन देशों की नेवी के लिए इसकी टोह लेना मुश्किल होगा और यह सटीक हमला करने में सक्षम है।
  • स्कॉर्पिन पनडुब्बियों का प्रॉजेक्ट मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड (MDL) और फ्रांस की कंपनी नवल ग्रुप (पूर्व में DCNS) के सहयोग से चल रहा है। इस प्रॉजेक्ट के तहत पहली पनडुब्बी 2012 में लॉन्च होनी थी, लेकिन प्रॉजेक्ट लेट हो गया। लंबे इंतजार के बाद नेवी को स्कॉर्पिन सीरीज की पहली सबमरीन आईएनएस कलवरी पिछले साल दिसंबर में मिली। अब 28 सितंबर को INS खंडेरी नेवी में शामिल हो जाएगी जिसके बाद INS करंज के भी जल्द ही नेवी को मिलने की उम्मीद है।
  • इसके अलावा तीन और सबमरीन एमडीएल में बन रही हैं जो 2022-23 तक नेवी को मिल सकती हैं। चीन जिस तरह से अपनी नेवी पर लगातार खर्च बढ़ा रहा है उससे एक्पर्ट्स का मानना है कि इंडियन नेवी के भी तेजी से आधुनिकीकरण की जरूरत है। पेंटागन की एक रिपोर्ट के मुताबिक दो महीने पहले ही चीन की सेना ने 4 न्यूक्लियर पावर बलिस्टिक मिसाइल सबमरीन,(SSBN), 6 न्यूक्लियर पावर अटैक सबमरीन (SSN) और 50 सबमरीन को शामिल किया है। नेवी चीफ ऐडमिरल करमबीर सिंह भी चीन की नेवी को लेकर अलर्ट रहने की बात कह चुके हैं।
  • INS खंडेरी के अलावा 28 सितंबर को मुंबई में ही नेवी के लिए पी-17A क्लास शिप की भी लॉन्चिंग होगी। शिप बनकर तैयार है और अब इसकी लॉन्चिंग के बाद सारे ट्रायल पानी में होंगे और इसके इक्विपमेंट्स चेक किए जाएंगे। ट्रायल पूरे होने के बाद उम्मीद है कि 2021 तक यह शिप नेवी को मिल जाएगा। यह शिवालिक क्लास शिप का फॉलोऑन है। इस तरह के 7 शिप नेवी को मिलने हैं।
  • इन शिप का निर्माण ब्लॉक तरीके से हो रहा है जो पहली बार हो रहा है। इसमें शिप को अलग-अलग ब्लॉक में अलग-अलग जगह पर बनाकर एक साथ फिर जोड़ा जा रहा है। इससे निर्माण का काम तेजी से होता है। इसके अलावा 28 सितंबर को ही रक्षा मंत्री मुंबई में एयरक्राफ्ट कैरियर ड्राइ डॉक (ऐसा प्लैटफॉर्म जहां एयरक्राफ्ट कैरियर को पानी से बाहर लाकर उसे रिपेयर या रेनोवेट कर सकते हैं) का भी उद्घाटन करेंगे। अब तक इस तरह का ड्राइडॉक कोचीन में था और एयरक्राफ्ट कैरियर को हर डेढ़-दो साल में वहां ले जाना होता था। पर अब यह मुंबई में ही हो सकेगा।

:: पर्यावरण और जलवायु, जैव विविधता ::

ग्रेट इंडिया बस्टर्ड

  • जो सोन चिरैया (ग्रेट इंडिया बस्टर्ड) पूरे विश्व में सिर्फ भारत में ही पाई जाती है और यहां भी 200 से कम संख्या में बचे इन पक्षियों के सूने होते संसार के लिए अच्छी खबर है। विलुप्ति की कगार पर खड़ी सोन चिरैया के कुनबे में उम्मीद की नई चहचहाट शुरू हो गई है। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआइआइ) के सहयोग से अति संकटग्रस्त प्रजाति के इन पक्षियों के संसार में आठ नए चूजों ने जन्म लिया है।
  • डब्ल्यूआइआइ की वार्षिक आमसभा में शामिल होने के बाद केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने राजस्थान (जैसलमेर) में पाए जाने वाले इन पक्षियों के संरक्षण कार्य के बारे में जानकारी प्राप्त की। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वाईवी झाला ने एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि सोन चिरैया के अंडों को कृत्रिम विधि से मशीन में सेंका गया और फिर उससे सफलतापूर्वक आठ चूजों (बच्चों) का जन्म करा दिया गया है।
  • अंडों में स्वस्थ बच्चा पल रहा है या नहीं, इसकी पड़ताल के लिए ईसीजी के माध्यम से अंडे की भीतर धड़कन को भी रिकॉर्ड किया गया। अब जब स्वस्थ चूजे जन्म ले चुके हैं तो विशेष मालिश के माध्यम से उनकी मांस-पेशियों को मजबूत बनाने का काम किया जा रहा है।
  • वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वाईवी झाला ने यह भी बताया कि जहां इन पक्षियों का वासस्थल है, वहां ग्रिड की लाइनें गुजर रही हैं। ये पक्षी सीधे (समानांतर) देख पाने में उतने सक्षम नहीं होते हैं, लिहाजा बिजली की तारों से टकराकर इनकी मौत हो रही है। दूसरी तरफ पाकिस्तान क्षेत्र में उडऩे पर इनका अवैध शिकार भी किया जा रहा है। अवैध शिकार पर काफी हद तक अंकुश लग चुका है, मगर हाईटेंशन लाइनों के लिए उन पर बर्ड डायवर्टर (एक तरफ का रिफलेक्टर) लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

तूफान फेक्साई

  • जापान की राजधानी टोक्यो के पास सोमवार तड़के तूफान फेक्साई के पहुंचने के बाद दर्जनों लोग घायल हो गए और लगभग नौ लाख घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, प्रशांत महासागरीय तूफान सोमवार तड़के लगभग पांच बजे टोक्यो के उत्तर-पूर्व स्थित शीबा पहुंचा।
  • एजेंसी ने कहा कि फेक्साई इस मौसम का 15वां तूफान है और इसमें 144 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं और उत्तर-पूर्व दिशा में 216 किलोमीटर प्रतिघंटा के प्रचंड वेग से आंधी चली और यह जापान के सबसे बड़े द्वीप होंसू के पूर्वी तट से होते हुए 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से प्रशांत महासागर की तरफ बढ़ रहा है।

12 किस्म के प्लास्टिक उत्पादों पर लगेगी पाबंदी

  • सिगरेट के टोटे (बट्स) को दुनिया में सबसे बड़ा प्लास्टिक प्रदूषक माना जाता है। ऐसे में देश में एकबार ही इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक (सिंगल यूज) उत्पादों पर पाबंदी लगाने की केंद्र सरकार की सूची में इसे भी शामिल किया गया है। स्ट्रा, इयर बड्स, गुब्बारे, झंडे और कैंडी में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक स्टिक्स, पतली प्लास्टिक की थैलियां (50 माइक्रोन्स से कम), नॉन-वूवन कैरी बैग्स जैसे 12 तरह के प्लास्टिक प्रदूषक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की सूची में शामिल हैं, जिन पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।
  • सिगरेट के टोटे में फिल्टर होता है, जिसे आमतौर पर सेल्यूलोज ऐसिटेट से बनाया जाता है, जो एक तरह का प्लास्टिक होता है। सीपीसीबी ने पहली बार सिंगल यूज प्लास्टिक की परिभाषा तय की है। इसके अनुसार 'निपटान या पुनर्चक्रण से पहले केवल एक बार पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले फेंकने योग्य प्लास्टिक, जो गैर-विघटन योग्य होते हैं और कचरे के ढेर, लैंडफिल या सड़कों-गलियों में ऐसे ही फेंक दिए जाते हैं, वह हमारी वनस्पतियों और जीव-जन्तुओं के स्वास्थ्य या पर्यावरण के लिए गंभीर रूप से हानिकारक होते हैं।'
  • बेवरिज फर्मों को इससे थोड़ी राहत मिल सकती है क्योंकि 200 मिली लीटर से छोटी बोतलों को ही प्रस्तावित पाबंदी वाली सूची में रखा गया है। सरकार का मकसद एकबार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का है। सरकार के इस कदम की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के दौरान अपने भाषण में की थी। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में सोमवार को मरुस्थलीकरण के खिलाफ लड़ाई पर 14वें संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीसीडी)में करीब 200 देशों के शिष्टमंडल को संबोधित करते हुए इस प्रतिबद्घता को दोहराया। मोदी ने कहा, 'मेरी सरकार ने आने वाले वर्षों में भारत में सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करने की घोषणा की है। मेरा मानना है कि अब समय आ गया है कि दुनिया भर में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने की पहल की जाए।'
  • हालांकि बेवरिजेज उद्योग सीपीसीबी से हर तरह की प्लास्टिक की बोतलों को इसके दायरे से बाहर रखने का अनुरोध करने की योजना बना रहा है। 200 मिली लीटर या उससे कम आकार की बोलतों का उपयोग होटलों, विमानन कंपनियों, बैंक्वेट हॉल आदि में बहुतायत में किया जाता है। पीईटी पैकेजिंग एसोसिएशन फॉर क्लीन एन्वॉयरनमेंट (पेस) के मैनेजर-पब्लिक पॉलिसी पंकज उप्पल ने कहा, ' भारत की अर्थव्यवस्था में पीईटी (पॉलिथिलिन टेरेफ्थेलेट) का योगदान करीब 7.5 लाख करोड़ रुपये का है और इसमें करीब 72 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। 200 मिली लीटर या उससे कम आकार की पीईटी बोतलों का इसमें करीब 40 फीसदी योगदान है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से फार्मा, पर्सनल केयर, होम केयर, कीटनाशकों, जूस, शराब, बोतल बंद पानी और डेयरी उद्योग में किया जाता है।'
  • पेस के अनुसार ऐसे बोलतों का बाजार में कोई विकल्प नहीं है क्योंकि यह पुनर्चक्रण योग्य हैं। 5 सितंबर को दिए प्रस्तुतिकरण में सीपीसीबी के चेयरमैनन एसपीएस परिहार ने प्लास्टिक उद्योग से प्रस्तावित उत्पादों की सूची पर 11 सितंबर तक औपचारिक प्रतिक्रिया मांगी थी। इसमें सूची में किसी तरह के संशोधन, बदलाव, वर्तमान खपत और उत्पादन की मात्रा, पाबंदी के स्थिति में आने वाली कठिनाइयों, अर्थव्यवस्था पर असर आदि के बारे में राय मांगी गई थी। कुछ वैश्विक बेवरिजेज कंपनियां पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। उदाहरण के तौर पर कोका-कोला ने दावा किया है कि उसकी सभी पैकेजिंग पूरी तरह से पुनर्चक्रण योग्य हैं और इसमें सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं होता है।

भारत 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर डीग्रेडेड भूमि को ठीक करेगा

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 14वें मरुस्थलीकरण रोकथाम पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (कॉप-14) की उच्चस्तरीय बैठक का उद्घाटन किया।
  • अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने घोषणा की, ‘भारत अब से 2030 तक 21 मिलियन हेक्टेयर से 26 मिलियन हेक्टेयर तक की डीग्रेडेड भूमि को ठीक करने की महत्वाकांक्षा रखता है।’ इसके मद्देनजर अत्यंत डीग्रेडेड भूमि के 26 मिलियन हेक्टेयर रकबे की भूमि उत्पादकता तथा जैव प्रणाली को बहाल करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत डीग्रेडेड कृषि योग्य, वन और अन्य परती जमीनों को केन्द्र में रखा जाएगा।

‘आंगन’ सम्‍मेलन

  • भवन निर्माण क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता पर अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन ‘आंगन’ आज नई दिल्‍ली में शुरू हुआ। भारत-जर्मनी तकनीकी सहयोग के तहत जीआईज़ेड की सहायता से विद्युत मंत्रालय केऊर्जा दक्षता ब्‍यूरो (बीईई) ने इस सम्‍मेलन का आयोजन किया है। विद्युत मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार श्री राजपाल और बीईई के डीजी श्री अभय भाकरे ने संयुक्‍त रूप से इस सम्‍मेलन का उद्घाटन किया।
  • इस सम्‍मेलन में 16 देशों के प्रतिनिधि, विशेषज्ञ औरस्‍थानीय निकायों के प्रतिनिधि आदि भाग ले रहे हैं। विशेषज्ञ व्‍यावसायिक और आवासीय भवनों में ऊर्जा दक्षता विषय पर विचार-विमर्श करेंगे। अनुमान है कि भवन ऊर्जा दक्षता गतिविधियों में 2000 बिलियन रुपयों के परिव्‍यय से बिजली की 388 बिलियन यूनिट की बचत होगी।
  • यह सम्‍मेलन बेहतर संसाधन दक्षता के लिए संगठनों, प्रणालीगत निरंतरता और अनुभव की परस्‍पर निर्भरता पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच उपलब्‍ध कराएगा। उपभोक्‍ताओं को किफायती दर पर ऊर्जा उपलब्‍ध कराने के लिए भवन निर्माण जैसे क्षेत्रों में ऊर्जा दक्षता की आवश्‍यकता है। आधुनिक तकनीक, वित्‍तीय सहायता, ऊर्जा दक्ष उपकरण आदि के संबंध में जागरूकता की कमी के कारण इस क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता की गति औसत रही है।

:: विविध ::

श्रीलंका के 10 खिलाड़ियों ने पाकिस्तान दौरे से नाम लिया वापस

  • श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के कम से कम 10 खिलाड़ियों ने पाकिस्तान दौरे से अपना नाम वापस ले लिया है। श्रीलंका को सितम्बर-अक्टूबर में पाकिस्तान दौरे पर सीमित ओवरों की सीरीज खेलनी है। जिन खिलड़ियों ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान दौरे से नाम वापस लिया है, उनमें वनडे टीम के कप्तान दिमुथ करुणारत्ने, टी-20 कप्तान लसिथ मलिंगा, पूर्व कप्तान एंजेलो मैथ्यूज, निरोशन डिकवेला, कुसल परेरा, धनंजय डी सिल्वा, अकिला धनंजय, सुरंगा लकमल, दिनेश चंडीमल और दिमुथ करुणारत्ने शामिल हैं।

राशिद खान

  • राशिद खान टेस्ट क्रिकेट इतिहास में जीत दर्ज करने वाले सबसे कम उम्र के कप्तान बन गए हैं।
  • राशिद खान पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिसने कप्तानी के डेब्यू मैच में पचासा भी जड़ा और 10+ विकेट भी लिए।
  • इस टेस्ट में कप्तानी करते ही राशिद टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र के कप्तान भी बन गए थे।
  • बांग्लादेश पहली ऐसी टीम बन गई है, जो 10 अलग-अलग टेस्ट देशों के खिलाफ हार झेल चुका है।
  • कम से कम दो टेस्ट मैच जीत के लिए खेले गए सबसे कम मैचों के मामले में अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया की बराबरी कर ली है। दोनों टीमों के नाम तीन टेस्ट मैचों में दो जीत दर्ज हैं।

विजिटर्स अवार्ड 2019

  • राष्‍ट्रपति सचिवालय द्वारा आज विजिटर्स अवार्ड 2019 प्राप्‍त करने वालों की घोषणा की गई है। इस वर्ष के लिए ये अवार्ड ह्यूमेनिटीज, कला और सामाजिक विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास में अनुसंधान के लिए प्रदान किये जायेंगे।
  • ह्यूमेनिटीज, कला और सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान के लिए विजिटर्स अवार्ड पंद्दुचेरी विश्‍वविद्यालय के एप्‍लाइड साइकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर सिबनाथ देब को प्रदान किया जायेगा। उन्‍हें यह अवार्ड बाल संरक्षण विशेष रूप से बाल शोषण और उपेक्षा, छात्रों के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य और एचआईवी/एड्स के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए दिया जा रहा है।
  • भौतिक विज्ञान में अनुसंधान के लिए यह अवार्ड जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय के भौतिक विज्ञान स्‍कूल के प्रोफेसर संजय पुरी को प्रदान किया जायेगा। जीव विज्ञान में अनुसंधान के लिए यह अवार्ड अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय के अंतरविषयी जैव-प्रौद्योगिकी इकाई के प्रोफेसर असद उल्‍ला खान को भारत में एंटी माइक्रोबियल रेजिस्‍टेंस (एएमआर) और एएमआर के फैलने और नियंत्रण की कार्यप्रणाली के लिए तथा जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय के नैनोसाइंस के विशेष केन्‍द्र में कार्यरत डॉ. प्रतिमा को संयुक्‍त रूप से प्रदान किया जायेगा। डॉ. प्रतिमा ने नैनोबायोसेंसर और नैनोबायोइन्‍ट्रेक्‍शन में उल्‍लेखनीय अनुसंधान किया है।
  • प्रौद्योगिकी विकास के लिए विजिटर्स अवार्ड त्रिपुरा विश्‍वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कार्यरत डॉ. शॉन रे चौधुरी को प्रदान किया जायेगा। डॉ. चौधुरी को यह अवार्ड बायोफर्टिलाइजर में डेयर अपशिष्‍ट जल के रूपांतरण के लिए माइक्रोबियल बॉयोफिल्‍म रिएक्‍टर विकसित करने के लिए दिया जा रहा है।
  • केन्‍द्रीय विश्‍वविद्यालयों में स्‍वस्‍थ प्रतियोगिताओं और उन्‍हें पूरे विश्‍व की श्रेष्‍ठ प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करने के लिए ये अवार्ड 2014 में स्‍थापित किये गये थे। तब से विभिन्‍न श्रेणियों में ये अवार्ड हर वर्ष प्रदान किये जाते हैं।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • प्रधानमंत्री के द्वारा किसान मन-धन योजना की शुरुआत कहां से की जाएगी? (रांची-झारखंड)
  • किसान मन-धन योजना के अंतर्गत दी जाने वाली न्यूनतम पेंशन की धनराशि कितनी होगी एवं इसमें किस आयु वर्ग के लोग पेंशन के पात्र होंगे? (Rs. 3000, 60 वर्ष)
  • सरकार के द्वारा मुखपका-खुरपका और पशुजन्य माल्टा-ज्वर के उन्मूलन हेतु कौन से कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है? (राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम)
  • मुखपका-खुरपका और पशुजन्य माल्टा-ज्वर के उन्मूलन हेतु राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम को कहां से लांच किया जाएगा? (मथुरा)
  • सरकार के द्वारा किस तिथि से राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी? (11 सितंबर)
  • इस वर्ष की ‘स्‍वच्‍छता ही सेवा’ कार्यक्रम की विषय वस्तु क्या है? (प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन)
  • किस संस्था के द्वारा ‘इंडिया आयोडीन सर्वे 2018- 19 अध्ययन किया गया? (न्यूट्रीशन इंटरनेशनल)
  • राफेल फाइटर जेट के लिए वायु सेना के किस स्कवाड्रन को पुनः गठित किया गया है? (गोल्डन एरो 17 स्कवाड्रन)
  • 11वें डिफेंस एक्सपो-2020 का आयोजन कहां किया जा रहा है? (लखनऊ)
  • 11वें डिफेंस एक्सपो-2020 की थीम क्या होगी? (‘भारत-उभरता हुआ रक्षा विनिर्माण केंद्र’)
  • देश में हो रहे मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए किस स्थान पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोला जाएगा? (देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान -एफआरआइ)
  • हाल ही में जल शक्ति अभियान के संदर्भ में जल शक्ति मंत्रालय के द्वारा जारी रैंकिंग में किस शहर को प्रथम स्थान मिला है? (धनबाद)
  • स्मार्ट सिटी मिशन के तहत किस वर्ष तक देश के सभी शहरों का डेटाबेस बनाने का लक्ष्य रखा गया है? (2024)
  • हिमालय में 71 सालों में आए बदलाव के संदर्भ 'तपोवनम हिरण्यगर्भ' आर्ट गैलरी की स्थापना कहां की गई है? (गंगोत्री)
  • किस स्थान पर पूर्वोत्तर परिषद का दो दिवसीय 68वां पूर्ण सत्र आयोजित किया गया? (गुवाहाटी)
  • भारत और चीन के बीच छठी रणनीतिक आर्थिक वार्ता (एसईडी) किस स्थान पर संपन्न हुई? (नई दिल्ली)
  • 24वें वर्ल्ड एनर्जी कांग्रेस का आयोजन कहां किया गया? (अबू धाबी)
  • थेस्सालोनिकी अंतर्राष्ट्रीय मेले (टीआईएफ) का आयोजन किस देश में किया गया? (यूनान)
  • सातवीं आरसीईपी (क्षेत्रीय समग्र आर्थिक साझेदारी) मंत्रिस्तरीय बैठक का आयोजन कहां किया गया? (थाईलैंड)
  • हाल ही में किस संस्था के द्वारा माइक्रो फाइनेंस के संदर्भ में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई जिसके तहत माइक्रो फाइनेंस संस्थानों से कर्ज मुहैया कराने में 36 फीसद का इजाफा हुआ है? (कोटक इंस्टीट्यूशनल सिक्युरिटीज)
  • हाल ही में किस पेमेंट्स बैंक के द्वारा आधार सक्षम भुगतान सेवाएं को शुरू करने की घोषणा की गई है? (इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक-आईपीपीबी)
  • हाल ही में किस संस्थान के द्वारा महाराष्ट्र में सड़कों की कनेक्टिविटी को बेहतर करने हेतु 200 मिलियन डॉलर का ऋण प्रदान करने की सहमति दी है? (एशियाई विकास बैंक- एडीबी)
  • किस महीने की आखिरी सप्ताह में स्कॉर्पीन क्लास की किस नई सबमरीन को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा? (आईएनएस खंडेरी)
  • आईएनएस खंडेरी को कौन सी संस्था के द्वारा निर्मित किया गया है? (मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड और फ्रांस की कंपनी नवल ग्रुप)
  • हाल ही में जापान में कौन से तूफान ने दस्तक दी है? (फेक्साई)
  • 14वें मरुस्थलीकरण रोकथाम पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (कॉप-14) की उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन कहां किया जा रहा है? (ग्रेटर नोएडा- भारत)
  • भारत के द्वारा 2030 तक कितने मिलियन हेक्टेयर भूमि के सुधार का लक्ष्य रखा गया है? (1 मिलियन हेक्टेयर से 26 मिलियन हेक्टेयर)
  • भवन निर्माण क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता पर अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन ‘आंगन’ का आयोजन कहां पर किया गया? (नई दिल्ली)
  • भवन निर्माण क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता पर अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन ‘आंगन’ किस संस्था के द्वारा आयोजित किया गया? (भारत-जर्मनी तकनीकी सहयोग-जीआईज़ेड की सहायता से ऊर्जा दक्षता ब्‍यूरो-बीईई द्वारा)
  • हाल ही में किस देश के खिलाड़ियों ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान दौरे से अपना नाम वापस ले लिया गया है? (श्रीलंका)
  • क्रिकेट इतिहास में सबसे कम उम्र में टेस्ट टीम के कप्तान बनने एवं टेस्ट मैच में जीत दर्ज करने वाले उपलब्धि किस खिलाड़ी के नाम दर्ज है? (राशिद खान)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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