(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (10 जुलाई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (10 जुलाई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

मंगोलियाई कंजुर पांडुलिपियां

चर्चा में क्यों?

  • संस्कृति मंत्रालय द्वारा मंगोलियाई कंजुर पांडुलिपियों के प्रथम पांच पुनर्मुद्रित अंक जारी किए गए। मंगोलियाई कंजुर के सभी 108 अंकों को राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत 2022 तक प्रकाशित किए जाने की उम्मीद है।

मंगोलियाई कंजुर

  • मंगोलियाई कंजुर मंगोलिया में सर्वाधिक महत्वपूर्ण धर्म ग्रंथ माना जाता है। यह 108 अंकों का वैधानिक बौद्ध धर्म ग्रंथ है।
  • मंगोलियाई भाषा में 'कंजुर' का अर्थ होता है 'संक्षिप्त आदेश' जो विशेष रूप से भगवान बुद्ध के शब्द होते हैं।
  • मंगोलिया में लगभग प्रत्येक बौद्ध मठ में कंजुर को रखा जाता है। मंगोलियाई बौद्धों द्वारा इन कंजुर का बहुत सम्मान किया जाता है और वे एक धार्मिक रिवाज के रूप में अपने प्रतिदिन के जीवन में कंजुर की पंक्तियों का पाठ करते हैं।
  • मंगोलियाई कंजुर को तिब्बती भाषा से अनुदित किया गया है। कंजुर की भाषा शास्त्रीय मंगोलियाई है।
  • मंगोलियाई कंजुर मंगोलिया को एक सांस्कृतिक पहचान उपलब्ध कराने का स्रोत है।

राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन

  • पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा फरवरी 2003 में पांडुलिपियों के लिए राष्ट्रीय मिशन की स्थापना की गई थी।
  • यह अपने आप में एक अनूठी परियोजना है जिसका उद्देश्य भारत की विशाल पांडुलिपि संपदा में संरक्षित ज्ञान का दस्तावेजीकरण, संरक्षण एवं प्रसार करना है।
  • भारत में दस मिलियन पांडुलिपियों का अनुमान है, जो शायद दुनिया का सबसे बड़ा संग्रह है।
  • इस मिशन के तहत, मंगोलियाई कंजुर के 108 अंकों के पुनर्मुद्रण का कार्य भी संकृति मंत्रालय द्वारा आरंभ किया गया था, जिसके प्रथम पांच पुनर्मुद्रित अंक जारी किए गए है।

रीवा सौर परियोजना

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 10 जुलाई,2020 को मध्य प्रदेश के रीवा में स्थापित 750 मेगावाट की सौर परियोजना राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

रीवा सौर परियोजना के बारे में

  • इस परियोजना में एक सौर पार्क (कुल क्षेत्रफल 1500 हेक्टेयर) के अंदर स्थित 500 हेक्टेयर भूमि पर 250-250 मेगावाट की तीन सौर उत्पादन इकाइयां शामिल हैं। इस सौर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) ने विकसित किया है जो मध्य प्रदेश उर्जा विकास निगम लिमिटेड (एमपीयूवीएन) और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की ईकाई सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) की संयुक्त उद्यम कंपनी है।
  • इस सौर पार्क के विकास के लिए आरयूएमएसएल को 138 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय मदद प्रदान की गई है। पार्क के विकसित हो जाने के बाद, रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) ने पार्क के अंदर 250 मेगावाट की तीन सौर उत्पादन इकाइयों का निर्माण करने के लिए रिवर्स ऑक्शन के माध्यम से महिंद्रा रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड, एसीएमई जयपुर सोलर पावर प्राइवेट लिमिटेड, और आरिन्सन क्लीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया था।

रीवा सौर परियोजना की उपलब्धिया

  • रीवा सौर परियोजना उन उत्कृष्ट अक्षय ऊर्जा परियोजना का एक उदाहरण है जिन्हें केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल होने पर हासिल किया जा सकता है।
  • रीवा सौर परियोजना सौर उर्जा को ग्रिड से जोड़ने वाली वाली देश की पहली सौर परियोजना है।
  • वर्ष 2017 की शुरूआत में सौर परियोजना से प्राप्त बिजली की दर लगभग 4.50 रुपये / यूनिट थी जबकि रीवा परियोजना ने 15 वर्षों तक 0.05 रुपये /यूनिट की वृद्धि के साथ पहले वर्ष में 2.97 रुपये /यूनिट और 25 साल की अवधि के लिए 3.30 रुपये /यूनिट की वहनीय दर को प्राप्त करने में सफलता हासिल की गयी।
  • यह परियोजना सालाना लगभग 15 लाख टन कार्बन डाय ऑक्साइड (CO2) के बराबर कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी।
  • रीवा परियोजना को भारत और विदेशों में इसकी ठोस परियोजना संरचना और नवाचारों के लिए जाना जाता है। एमएनआरई द्वारा बिजली डेवलपर्स के जोखिम को कम करने के लिए इसके भुगतान सुरक्षा तंत्र को अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में अनुशंसित किया गया है।
  • नवाचार और उत्कृष्टता के लिए इसे वर्ल्ड बैंक ग्रुप प्रेसिडेंट अवॉर्ड भी मिला है। यही नहीं, इसे प्रधानमंत्री की'अ बुक ऑफ इनोवेशन: न्यू बिगनिंग्स'पुस्तक में भी शामिल किया गया है।
  • यह परियोजना राज्य के बाहर एक संस्थागत ग्राहक को आपूर्ति करने वाली पहली अक्षय ऊर्जा परियोजना भी है। अर्थात, यह दिल्ली मेट्रो को अपनी कुल उत्पादन का 24 प्रतिशत बिजली देगी जबकि शेष 76 प्रतिशत बिजली मध्य प्रदेश के राज्य बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को आपूर्ति की जाएगी।
  • रीवा परियोजना 100 गीगा वाट (जीडब्ल्यू) की सौर स्थापित क्षमता के साथ 2022 तक 175 गीगा वाट (जीडब्ल्यू) की स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने की भारत की प्रतिबद्धता का उदाहरण भी है।

'प्रोजेक्ट संपर्क'

  • जम्मू-कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट स्थित संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों एवं पुलों की कनेक्टिविटी में एक नई क्रांति का सूत्रपात करते हुए रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्‍ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छह प्रमुख पुलों को राष्ट्र को समर्पित किया। सामरिक दृष्टि से अत्‍यंत महत्वपूर्ण इन पुलों का निर्माण कार्य सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने 'प्रोजेक्ट संपर्क' के तहत रिकॉर्ड समय में पूरा किया।
  • कठुआ जिले में तरनाह नाले पर दो पुल और अखनूर/जम्मू जिले में अखनूर-पल्लनवाला रोड पर स्थित चार पुल 30 से 300 मीटर तक फैले हुए हैं और ये कुल 43 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए। बीआरओ के 'प्रोजेक्ट संपर्क' द्वारा निर्मित इन पुलों से सशस्त्र बलों को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में आवाजाही करने में काफी सुविधा होगी। यही नहीं, ये पुल दूरस्‍थ सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र आर्थिक विकास में भी अहम योगदान देंगे।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

भारत-ईयू शिखर बैठक

चर्चा में क्यों?

  • भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) का 15 वां शिखर सम्मेलन 15 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित किया जाएगा। इस प्रभावशाली समूह के शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ विभिन्न मुद्दों पर व्यापक वार्ता करेंगे।
  • नेतागण प्रभावी बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने और संयुक्त राष्ट्र और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के संदर्भ में, नियमों पर आधारित एक बहुपक्षीय व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराएंगे।
  • शिखर सम्मेलन यूरोपीय संघ और भारत के बीच साझा सिद्धांतों और कानून के शासन, स्वतंत्रता और लोकतंत्र के मूल्यों के आधार पर रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने का एक अवसर होगा।
  • शिखर सम्मेलन का उद्देश्य यूरोपीय संघ और भारत में लोगों को ठोस लाभ पहुंचाना है। बैठक में सुरक्षा, जलवायु, पर्यावरण, व्यापार और निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था तथा संपर्क (कनेक्टिविटी) जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा होगी।

यूरोपियन यूनियन के बारे में

  • दूसरे विश्वयुद्ध के बाद यूरोप में यह कोशिश की गई कि सभी देश आर्थिक रूप से एक साथ आएँ और एकजुट होकर एक व्यापार समूह बनें। इसके पीछे एक मक़सद यह था कि देशों का आपस में आर्थिक जुड़ाव जितना ज़्यादा होगा, युद्ध होने की गुंजाईश उतनी कम होगी। इस तरह 1957 में 'रोम की संधि' द्वारा 'यूरोपीय आर्थिक परिषद' के ज़रिए छह यूरोपीय देशों की आर्थिक भागीदारी शुरू हुई। इसी क्रम में 1993 में 'मास्त्रिख संधि' के ज़रिए यूरोपीय यूनियन अस्तित्व में आया। यूरोपीय संघ का मुख्यालय ब्रसेल्स में है, जो यूरोपीय संघ की सरकार है.
  • यूरोपियन यूनियन 27 देशों की एक आर्थिक और राजनीतिक पार्टनरशिप है। 2004 में जब यूरो करेंसी लॉन्च की गई तब यह पूरी तरह से राजनीतिक और आर्थिक रूप से एकजुट हुआ। इस संघ के सदस्य देशों के बीच किसी भी तरह का सामान और व्यक्ति बिना किसी टैक्स या बिना किसी रुकावट के कहीं भी आ-जा सकते हैं। साथ ही बिना रोक टोक के नौकरी, व्यवसाय तथा स्थायी तौर पर निवास कर सकते हैं।

इंडिया ग्‍लोबल वीक-2020:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'इंडिया ग्‍लोबल वीक 2020' के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन का विषय है 'बी द रिवाइवल : इंडिया ऐंड अ बेटर न्‍यू वर्ल्‍ड।' इसमें 30 देशों के 5000 वैश्विक प्रतिभागियों को, 75 सत्रों में 250 वैश्विक वक्ता संबोधित करेंगे।
  • इंडिया इंक ग्रुप की ओर से इंडिया ग्लोबल वीक का आयोजन ब्रिटेन में किया जा रहा है। इस फोरम के जरिये विश्व के नेता और उद्योग जगत के दिग्गज एक मंच पर आएंगे। यहां कोरोना के बाद के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था की बहाली और भारत में इससे जुड़े अवसरों पर चर्चा होगी।

नेपाल में भारतीय न्यूज टीवी चैनल के प्रसारण पर बैन

चर्चा में क्यों?

  • नेपाल ने सीमा विवाद के बाद कार्रवाई करते हुए भारतीय न्यूज टीवी चैनलों के प्रसारण पर रोक लगा दी है। कहा जा रहा है कि नेपाल ने इसे लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है लेकिन नेपाल के केबल टीवी ऑपरेटर भारतीय न्यूज चैनलों का प्रसारण नहीं कर रहे हैं। नेपाल में बैन किए गए चैनलों में डीडी न्यूज को शामिल नहीं किया गया है।
  • नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भारतीय सामचार चैनलों पर प्रतिबंध लगाकर फिर एक बार चीन के नक्शे कदम पर चलते दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि लद्दाख में जारी तनाव के बीच चीन ने भी भारतीय न्यूज चैनलों के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया था। चीन को डर था कि वहां के लोगों को भारतीय समाचार चैनलों के माध्यम से सीमा के हालात की सही जानकारी मिल सकती है।

पृष्ठभूमि

  • पीएम ओली नेपाल की सत्ता में राष्ट्रवाद के सहारे बने रहना चाहते हैं। इसलिए वे कभी नक्शा विवाद तो कभी नागरिकता कानून के जरिए भारत के खिलाफ कड़ा कदम उठा रहे हैं। ओली ने हाल में ही अपनी सरकार गिराने को लेकर भारत पर साजिश करने का आरोप लगाया था। वहीं, चीनी राजदूत के साथ उनकी नजदीकियों को लेकर नेपाल में ही विरोध शुरू हो गया है।
  • नेपाल में इन दिनों राजनीति में वामपंथियों का दबदबा है। वर्तमान प्रधानमंत्री केपी शर्मा भी वामपंथी हैं और नेपाल में संविधान को अपनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में पहले प्रधानमंत्री बने थे। उन्‍हें नेपाल के वामपंथी दलों का समर्थन हासिल था। केपी शर्मा अपनी भारत विरोधी भावनाओं के लिए जाने जाते हैं।
  • वर्ष 2015 में भारत के नाकेबंदी के बाद भी उन्‍होंने नेपाली संविधान में बदलाव नहीं किया और भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए केपी शर्मा चीन की पाले में चले गए। नेपाल सरकार चीन के साथ एक डील कर ली। इसके तहत चीन ने अपने पोर्ट को इस्तेमाल करने की इजाज़त नेपाल को दे दी।

:: अर्थव्यवस्था ::

कंट्री ऑफ ओरिजिन

चर्चा में क्यों?

  • अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को सरकार ने थोड़ी राहत देते हुए कंट्री ऑफ ओरिजिन को बताने के लिए डेडलाइन 1 अगस्त तय कर दिया है। ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने हर उत्पाद पर कंट्री ऑफ ओरिजिन यानी उत्पाद कहां बना है, इसका जिक्र करना जरूरी है। हालांकि ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं को समय सीमा संभव नहीं लगती है।
  • ई-कॉमर्स कंपनियां इसके लिए कम से कम 3 महीने का वक्त मांग रही हैं। नए नियमों के तहत पोर्टल पर मौजूद सभी प्रोडक्ट पर कंट्री ऑफ ओरिजिन जरूरी है।
  • नई लिस्टिंग पर कंट्री ऑफ ओरिजिन नियम पहले से लागू है।
  • डीपीआईआईटी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार 1 अगस्त तक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर नई लिस्टिंग के लिए 'कंट्री ऑफ ओरिजिन' उपलब्ध करा रही है और सितंबर के अंत तक पुरानी लिस्टिंग के लिए यह उपलब्ध हो जाएगा।

पृष्ठभूमि

  • मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मिशन को बढ़ाने के मकसद से सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। सरकारी ई-मार्केटप्लेस के नए फीचर लागू होने से पहले जिन सेलर्स ने अपने उत्पाद अपलोड किए हुए हैं, उनको भी कंट्री ऑफ ओरिजिन अपडेट करना होगा। सरकार उन्हें लगातार रिमाइंडर भेजेगी और इसके बाद भी प्रोडक्ट पर जानकारी अपडेट नहीं करने पर प्रोडक्ट को प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। दरअसल दिक्कत यहीं से शुरू होती है। बैठक में कंपनियों के प्रतनिधियों ने कहा कि बदलाव पहले नए उत्पाद लिस्टिंग के लिए किए जाएं क्योंकि उनके प्लेटफार्मों पर पहले से ही बेच रहे लाखों उत्पादों के लिए ऐसा करना मुश्किल है।
  • अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी कंपनियों ने प्रस्ताव को निष्पादित करने के लिए तीन महीने की समयसीमा का अनुरोध किया। अमेज़ॅन ने कहा कि उसके लाखों विक्रेता हैं, और हर उत्पाद के लिए 'मूल देश' का उल्लेख करने के लिए उन्हें आश्वस्त करना मुश्किल होगा। इसके लिए तीन महीने की समय मिलना चाहिए। फ्लिपकार्ट ने भी कहा कि इसे विक्रेताओं को प्रशिक्षित करने और अपने तकनीकी मंच को फिर से संगठित करने की आवश्यकता है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

स्वचालित मौसम केंद्र

चर्चा में क्यों?

  • केंद्र सरकार ने किसानों को मौसम की मार से बचाने के लिए एक नई योजना पर काम शुरू किया है। अनेक राज्यों में किसान को समय रहते मौसम के मिजाज की सही जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे उसकी फसल या पशु धन को भारी नुकसान पहुंचता है। कई बार ऐसा होता है कि जब तक किसान को मौसम विभाग की सूचना मिलती है, तब तक उसकी फसल बर्बाद हो चुकी होती है। यही जानकारी किसान को समय पर मिल जाए, इसके लिए दो सौ जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की तरफ से स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

स्वचालित मौसम केंद्र के बारे में

  • ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के अंतर्गत विभिन्न राज्यों के दो सौ कृषि विज्ञान केंद्रों में इस साल के अंत तक विशेष तकनीक वाले स्वचालित मौसम केंद्र काम करना शुरू कर देंगे। इन केंद्रों के जरिए किसानों को अगले पांच छह दिन के मौसम का पूर्वानुमान मिल जाएगा।
  • किसान को मौसम की सटीक जानकारी देने के लिए ब्लाक स्तर पर भी स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। एक ही जिले में जब कई जगहों पर ये केंद्र काम करना शुरू करेंगे तो फसलों को मौसम की मार से काफी हद तक बचाया जा सकेगा।
  • इन केंद्रों के जरिए मौसम एवं जलवायु में होने वाले सूक्ष्म स्तर के बदलावों की सूचना मिलेगी। ये केंद्र किसान के लिए बहुत लाभदायक साबित होंगे।
  • जिस इलाके में वह खेती करता है या पशु पालता है, वहां अगले पांच दिन में मौसम कैसा रहेगा, उसे ये सूचना समय रहते मिलेगी।
  • इससे वह अपने कृषि कार्य में बदलाव कर सकता है। पशुओं के लिए चारा स्टॉक करना है या खेत में तैयार फसल को तेज बरसात से बचाने के लिए क्या करना है, वह मौसम विभाग की जानकारी के आधार पर आसानी से कर सकता है।
  • इन केंद्रों की जानकारी को किसान तक पहुंचाने के लिए सरकार कई कदम उठाएगी। किसान पोर्टल, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, दूरदर्शन, रेडियो, इंटरनेट और मोबाइल फोन पर एसएमएस से मौसम की सूचना पहुंचाई जाएगी।
  • मौजूदा समय में देश के 4.2 करोड़ किसान एसएमएस के जरिए एग्रोमेट एडवायजरी प्राप्त कर रहे हैं। किसानों को अपने जिले में मौसम की जानकारी और संबंधित कृषि मौसम संबंधी सलाह ठीक तरह से मिल जाए, इसके लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने मेघदूत नामक एक मोबाइल एप भी लांच किया है।
  • अब जिला एवं ब्लाक स्तर पर जब स्वचालित मौसम केंद्र काम करना शुरू कर देंगे तो किसान को यह जानकारी और अधिक सूक्ष्म रूप में प्राप्त होने लगेगी।

विमान के अंदर हाई स्पीड इंटरनेट का सफल परीक्षण

  • देश में ही बने हाईस्पीड सेटेलाइट इंटरनेट सिस्टम से लैस चीन के विमान ने अपनी पहली यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। इस नई प्रणाली का परीक्षण क्विंगदाओ एयरलाइंस की उड़ान संख्या क्यूडब्ल्यू-9771 पर किया गया।
  • उड़ान के दौरान विमान में मौजूद यात्री 10 हजार मीटर की ऊंचाई पर 100 मेगाबाइट से अधिक की गति से इंटरनेट सेवाओं का उपयोग कर पा रहे थे। जिस समय विमान हवा में था, उस दौरान एक लाइव प्रसारण का भी आयोजन किया गया।
  • चीन के नागरिक विमानन इतिहास में यह अपने तरीके का पहला प्रयोग था। दरअसल, अभी तक विमान में इंटरनेट परंपरागत रूप से केयू बैंड सेटेलाइट द्वारा संचालित किया जाता रहा है। हालांकि इस तरह की तकनीक में इंटरनेट की गति बहुत धीमी होती है।
  • अगर विमान में तेज गति का इंटरनेट मिलने लगे तो एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा सकता है और इसमें ई-कॉमर्स, रिटेल और एंटरटेनमेंट जैसी सेवाएं शामिल की जा सकती हैं।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण

चर्चा में क्यों?

  • नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने एक निर्णय में कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा तैयार की गई कार्य योजना का अनुपालन किए बिना महाराष्ट्र में बाघ गलियारों में नई सड़क परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ा सकता ।

पृष्ठभूमि

  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मूल-चंद्रपुर और बामनी-नवेगांव की सड़क निर्माण परियोजनाओं में पर्यावरण और वन्यजीवन को होने वाले नुकसान को कम करने संबंधी प्रस्तावित कार्य पर कोई अतिरिक्त व्यय करने में असमर्थता जताई है जिस पर पूर्व में सहमति बनी थी। वही दूसरी ओर वन्य जीव प्राधिकरण और महाराष्ट्र सरकार इन परियोजनाओं के वित्तीयन हेतु आग्रह कर रही थी।
  • इसी मामले की सुनवाई करते हुए NGT अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वन्यजीवों को प्रभावित करने की संभावनाओं को देखते हुए सावधानियों के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा तैयार की गई योजना का अनुपालन आवश्यक है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण के बारे में

  • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत एक सांविधिक निकाय है जिसे वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के प्रावधानों के सक्षम प्रावधानों के तहत गठित किया गया है। इसके शक्तियों और कार्यों के अनुसार बाघ संरक्षण को मजबूत करने के लिए 2006 में संशोधित किया गया ।
  • NGT की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संबंधी मुद्दों निदान है जिससे देश की अदालतों में लगे मुकदमों के बोझ को कुछ कम किया जा सके।
  • अधिकरण की प्रधान पीठ नई-दिल्ली में और भोपाल, पुणे, कोलकाता और चेन्नई अधिकरण के अन्य चार पीठें हैं।
  • इसमें पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में भारत के सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायिक सदस्य और विशेषज्ञ सदस्य शामिल होते हैं।

एनएलसी इंडिया पर एनजीटी द्वारा पांच करोड़ का जुर्माना

चर्चा में क्यों?

  • तमिलनाडु के नेवेली स्थित एनएलसी इंडिया के एक बॉयलर में हुए विस्फोट के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड पर पांच करोड़ रुपये का अंतरिम जुर्माना लगाया है।
  • एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि घटना में तथ्यों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है और औद्योगिक इकाई 'निरपेक्ष दायित्व' के सिद्धांत पर अंतरिम मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है।

पृष्ठभूमि

  • एक जुलाई को हुए एक बॉयलर में हुए विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 10 लोग जख्मी हो गए थे।
  • एनएलसी इंडिया के बारे में
  • एनएलसी इंडिया लिमिटेड (पहले इसका नाम 'नैवेली लिग्नाइट कारपोरेशन लिमिटेड' था।) भारत सरकार की मिनीरत्न कम्पनी है। यह लिग्नाइट का खनन करती है। यह लिग्नाइट कोयले की सबसे बड़ी खदान है तथा तमिलनाडु मे स्थित है।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी)

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय पर्यावरण मंत्री, श्री प्रकाश जावडेकर और केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री, श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में नई दिल्ली में एक अंतर-मंत्रालयी बैठक हुई।
  • केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुरोध किया कि गंगा और इसकी प्रमुख सहायक नदियों के लिए प्रदूषण निगरानी प्रणाली को मजबूती प्रदान की जाए, जिसमें प्रदूषणकारी उद्योगों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाता है। इसी प्रकार, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के साथ समन्वय करके पानी की गुणवत्ता की निगरानी करने पर बल दिया और इस पर सहमति बनी कि उपयुक्त तंत्र विकसित किया जाएगा।
  • केंद्रीय पर्यावरण मंत्री, श्री प्रकाश जावडेकर ने दोनों मंत्रालय के अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए राष्ट्रीय महत्व की नदी परियोजनाओं के लिए क्रमबद्धता और शीघ्रता के साथ काम करें और गंगा व इसकी प्रमुख सहायक नदियों की जल गुणवत्ता की निगरानी करने के लिए संस्थागत तंत्र की स्थापना करें।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के बारे में

  • राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी प्राधिकरण (एनजीआरबीए) का क्रियान्वयन इकाई है| यह सोसाइटी पंजीकरण अधिनियमन, 1860 के अंतर्गत पर्यावरण और वन मंत्रालय जिसे 12 अगस्त 2011 को एक सोसाइटी के रुप में पंजीकृत किया गया है भारत सरकार कार्य आबंटन नियम 1961 में 360 संशोधन के अनुसार (एनजीआरबीए) और (एन.एम.सी.जी) दोनों जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय को आबंटित किया गया है। एनजीआरबीए के अधिदेश का क्रियान्वयन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमजीसी) द्वारा किया जा रहा है |
  • राष्ट्रीय स्तर का राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन एक समन्वय निकाय है जिसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, बिहार और पश्चिम बंगाल राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रबंधन समूहों (एसपीएमजी) द्वारा सहायता प्रदान की जाती है जो सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत है तथा झारखण्ड में स्थित समर्पित नोडल केंद्र भी इसे सहयोग करता है |
  • एनएमसीजी के प्रचालन का क्षेत्र गंगा नदी घाटी होगा जिसमें वे राज्य भी शामिल होंगे जहां से होकर गंगा नदी गुजरती है तथा इसमें राष्ट्रीय राजधानी राज्य क्षेत्र, दिल्ली भी सम्मिलित है | इसके प्रचालन के क्षेत्र में शासी परिषद द्वारा भविष्य में विस्तार, परिवर्तन अथवा परिवर्धन भी किया जा सकता है तथा इनमें ऐसे अन्य राज्य भी शामिल किए जा सकते हैं जहां से होकर गंगा नदी की सहायक नदियां गुजरती हैं, जैसाकि राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी प्राधिकरण (एनजीआरबीए) प्रदूषण में कमी करने तथा गंगा नदी के प्रभावी संरक्षण के लिए निर्णय ले |

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के लक्ष्य और उद्देश्य

  • राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के लक्ष्य और उद्देश्य राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी प्राधिकरण;एनजीआरबीएद्ध के कार्य संबंधी कार्यक्रमों को क्रियान्वित करना है।
  • समन्वय अंतर क्षेत्रीय व्यापक योजना और प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए एक नदी बेसिन दृष्टिकोण अपनाकर प्रदूषण और गंगा नदी के संरक्षरण के प्रभावी कमी सुनिश्चित करना।
  • पानी की गुणवत्ता और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाउ विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गंगा नदी में न्यूनतम पारिस्थितिक प्रवाह बनाए रखना।

:: विविध ::

सोहम मुखर्जी

  • दुबई में रहने वाले एक भारतीय युवा ने अद्भुत कारनामा कर दिखाया है और देश के नाम एक गौरव जोड़ दिया है। सोहम मुखर्जी ने एक पैर से 101 बार कूदकर अपना नाम गिनीज वर्ल्ड रेकॉर्ड में दर्ज करा लिया है। इस कारनामे के लिए गिनीज बुक के अधिकारी मौजूद थे और सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए उनका वीडियो लिया गया जिसके आधार पर उनके नाम यह करतब किया गया।

सरिता गिरी

  • भारतीय इलाकों कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को नेपाल के नए नक्शे में शामिल करने के कदम का विरोध करने के कारण सांसद सरिता गिरी समाजबादी पार्टी से निकाले जाने के साथ ही सांसद के पद से भी हटा दिया गया है। सरिता गिरी ने नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार से संविधान संशोधन का आधार पूछ लिया था।
  • संविधान के अनुच्छेद 89 के अनुसार, गिरी को संसद से निष्कासित कर दिया गया है। समाजबादी पार्टी ने उन्हें यह कहते हुए निष्कासित किया है कि उन्होंने पार्टी के व्हिप का पालन नहीं किया।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में 'इंडिया ग्‍लोबल वीक 2020' का आयोजन कहां किया गया एवं इस आयोजन की थीम क्या थी? (ब्रिटेन,'बी द रिवाइवल : इंडिया ऐंड अ बेटर न्‍यू वर्ल्‍ड')
  • भारत सरकार द्वारा पांडुलिपियों के पुनर्मुद्रित अंक जारी करने से चर्चा में रहे मंगोलियाई कंजुर पांडुलिपियों का पुनर्मुद्रण किस योजना के तहत किया जा रहा है? (राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन)
  • हाल ही में नवोन्मेष और उत्कृष्टता के लिए विश्व बैंक के प्रेसिडेंट अवॉर्ड प्राप्त किस अल्ट्रा सोलर पावर प्रोजेक्ट का प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया? (रीवा सौर परियोजना मध्य प्रदेश)
  • हाल ही में उद्घाटन से चर्चा में रहे जम्मू और कश्मीर के कठुआ और अखनूर जिले समेत सीमावर्ती क्षेत्र में रणनीतिक महत्व के पुल का निर्माण किस परियोजना के तहत किया जा रहा है? (प्रोजेक्ट संपर्क)
  • श्रम सुधार की दिशा में आगे बढ़ते हुए हाल ही में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा श्रम सुधारों से जुड़े किस कानून को विशेषज्ञों से राय मशवरा हेतु सार्वजनिक किया गया है? (मजदूरी संहिता)
  • बॉयलर विस्फोट के मामले में NGT द्वारा जुर्माना लगाए जाने से चर्चा में रहे एनएलसी इंडिया लिमिटेड कहां स्थित है एवं यह क्या कार्य करती है? (नेवेली-तमिलनाडु, लिग्नाइट कोयले का उत्खनन)
  • ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम की भविष्यवाणी हेतु पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की तरफ से कितने जिलों में स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए जा रहे है? (200)
  • महाराष्ट्र में बाघ गलियारों में सड़क निर्माण के संदर्भ में चर्चा में रहे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की स्थापना किस अधिनियम के तहत हुई एवं इसका अध्यक्ष कौन होता है? (वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972; पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री)
  • DPIIT द्वारा ई-कॉमर्स कंपनियों को किस समय सीमा के भीतर नए उत्पादों की लिस्टिंग पर 'कंट्री ऑफ ओरिजिन' की सूचना उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया गया है? (1 अगस्त)
  • हाल ही में किस देश ने हाईस्पीड सेटेलाइट इंटरनेट सिस्टम से विमान यात्रा के दौरान सफलता पूर्वक 100 मेगा बाइट से अधिक इंटरनेट की गति उपलब्ध कराने का सफल ट्रायल किया? (चीन)
  • हाल ही में नेपाल के किस सांसद को कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को नेपाल के नए नक्शे में शामिल करने के विरोध से पार्टी समेत सांसद के पद से हटा दिया गया है? (सरिता गिरी)
  • हाल ही में चीन के बाद किस देश ने भारत के टीवी चैनल के प्रसारण पर रोक लगा दी है? (नेपाल)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB