(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (10 दिसंबर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (10 दिसंबर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

मानव विकास सूचकांक 2019

  • नए भारत में मानव जीवन की तस्वीर सुधर रही है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की सोमवार को जारी रिपोर्ट से यह स्पष्ट है। 2018 में भारत 130वें स्थान पर था और मानव विकास सूचकांक (एचडीआइ) वैल्यू 0.647 थी। जबकि 189 देशों की इस सूची में भारत इस साल 129वें स्थान पर है।
  • यूएनडीपी की भारत में स्थायी प्रतिनिधि शोको नोडा ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि भारत में 2005-06 से 2015-16 के बीच 27.1 करोड़ लोगों को गरीबी के दलदल से बाहर निकाला गया। इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री जनधन योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत की तेज प्रगति का कारण पिछले करीब तीन दशकों में किया गया त्वरित विकास है, जिसमें कुल गरीबी में नाटकीय रूप से कमी आई है। साथ ही जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

  • हालांकि भारत में 2005 से 2015 के दौरान लगभग 27.1 करोड़ लोग गरीब रेखा से बाहर निकल आए हैं, बावजूद इसके अभी भी दुनिया के लगभग 28 फीसदी गरीब भारत में रह रहे हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र की HDI रैकिंग में नॉर्वे, स्विटजरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और जर्मनी टॉप पर हैं जबकि नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीकी गणराज्य, दक्षिण सूडान, चाड और बुरुंडी काफी कम HDI वैल्यू के साथ फिसड्डी देशों में शामिल हैं
  • नौ दिसंबर 2019 को जारी वार्षिक मानव विकास सूचकांक 2019 में यह जानकारी दी गई है। सूचकांक में कहा गया है कि 189 देशों में भारत का नंबर 129वां है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 1 अंक का सुधार हुआ है।
  • रिपोर्ट बताती है कि भारत में अभी भी 36.4 करोड़ गरीब रह रहे हैं, जो कुल दुनिया के गरीबों की आबादी का 28 फीसदी है। दुनिया भर में गरीबों की संख्या 130 करोड़ है।
  • एशिया में 66.1 करोड़ गरीब रहते हैं, जिसमें भारत भी शामिल है। दक्षिण एशिया में भारत सबसे बड़ा देश है। दुनिया भर के मुकाबले दक्षिण एशिया में लगभग 41 फीसदी गरीब रहते हैं।
  • 1990 से 2018 के दौरान भारत में मानव विकास सूचकांक मूल्यों में लगभग 50 फीसदी की वृद्धि हुई है। पिछले तीन दशकों में भारत में जन्म के समय जीवन प्रत्याशा में 11.6 वर्ष की वृद्धि हुई, जबकि स्कूली शिक्षा की औसत संख्या में 3.5 वर्ष की वृद्धि हुई और प्रति व्यक्ति आय 250 गुना बढ़ गई।
  • रिपोर्ट में पाया गया है कि प्रगति के बावजूद भारतीय उपमहाद्वीप में समूह आधारित असमानताएं बनी हुई हैं, जो खासकर महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित कर रही हैं। हालांकि सिंगापुर में महिलाओं के खिलाफ अंतरंग साथियों द्वारा की जाने वाली हिंसक घटनाओं में कमी आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया की 31 प्रतिशत महिलाओं ने अंतरंग साथियों द्वारा हिंसक घटनाओं का सामना किया है।
  • लिंग विकास सूचकांक के मामले में भारत की स्थिति दक्षिण एशियाई औसत से केवल मामूली बेहतर है। 2018 में लिंग असमानता सूचकांक में भारत का नंबर 162 देशों की सूची में 122वां था।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे गरीबी से बाहर आने वालों की संख्या बढ़ रही है, दुनिया दूसरी तरह की गरीबी की ओर बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार पुरानी असमानताएं स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुंच पर आधारित थीं जबकि गरीबी की अगली पीढ़ी प्रौद्योगिकी, शिक्षा और जलवायु पर आधारित है।
  • रिपोर्ट में गरीबी, जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में कमी का विश्लेषण करने के बाद देशों की रैंकिंग की गई।
  • भारत में दोनों तरह की गरीबी है। यहां तक कि भारतीयों को स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा तक पहुंच में कमी का सामना करना पड़ रहा है, कई अन्य नए मानदंडों के आधार पर गरीब होते जा रहे हैं।
  • इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए भारत को कठिन प्रयास करने होंगे।

महिलाओं के नाम पर विश्वविद्यालय में स्थापित होगी पीठ

  • देशभर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठ रही आवाज के बीच केंद्र सरकार ने महिलाओं के प्रति आदर जगाने के लिए एक खास पहल की है। इसकी शुरुआत विश्वविद्यालयों से की जा रही है, जहां देश की प्रख्यात महिलाओं के नाम पर अब शैक्षणिक पीठों की स्थापना की जाएगी। फिलहाल इसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी देश की 10 प्रख्यात महिलाओं की पहचान की गई है, जिनके नाम पर पीठों की स्थापना होगी। इनमें साहित्यकार महादेवी वर्मा, प्रशासक देवी अहिल्या बाई होल्कर जैसे नाम शामिल हैं।

इन प्रख्यात महिलाओं के नाम पर बनेगी शैक्षणिक पीठ

  • विश्वविद्यालयों में फिलहाल जिन प्रमुख महिलाओं के नाम पर शैक्षणिक पीठ बनाने की फैसला लिया गया है, उनमें लीलावती (गणित), लाल डेड या लालेश्वरी (कविता और रहस्यवाद), अमृता देवी (बेनीवाल) (वन एवं वन्य जीवन), देवी अहिल्या बाई होल्कर (प्रशासन), आनंदीबाई गोपालराव जोशी (औषधि एवं स्वास्थ्य), हंसा मेहता (शैक्षिक सुधार), महादेवी वर्मा (साहित्य), कमला सोहनी (विज्ञान), रानी नायडिन्लयू (स्वतंत्रता सेनानी, पूर्वोत्तर) और मदुरै शंमुखावडीवू सुब्बूलक्ष्मी (संगीत एवं अभिनय कला) के नाम शामिल है।

मानवाधिकार दिवस

  • मानवाधिकार दिवस हर वर्ष 10 दिसंबर को मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के अवसर पर मनाया जाता है। इस घोषणा को विश्व भर में मानवाधिकारों की रक्षा के मानक के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1948 में अपनाया और उसे मान्यता दी।
  • इस वर्ष के मानवाधिकार दिवस के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र का विषय है – ‘यूथ स्‍टेंडिंग अप फॉर ह्यूमन राइट्स’। युवाओं को परिवर्तन के एजेंटों के रूप में प्रतिष्ठित किया जाएगा। उन्‍हें नस्‍लवाद, नफरत फैलाने वाले भाषणों, डराने-धमकाने, भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा अन्‍य मुद्दों के अलावा जलवायु के प्रति न्‍याय के लिए संघर्ष करने और अधिकारों को बढ़ावा देने तथा उनके संरक्षण में बड़ी संख्‍या में विश्‍व के लोगों को शामिल करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाएगा।

भारतीय मानवाधिकार आयोग एवं इसकी यात्रा

  • आयोग 12 अक्टूबर, 1993 को अस्तित्‍व में आया और उसके बाद से वह मानवाधिकारों की संस्कृति को बढ़ावा देने में लगा है। दुनिया के अधिकतर मानवाधिकार संस्‍थानों की तरह एनएचआरसी संसद द्वारा पारित मानवाधिकार संरक्षण कानून के अनुसार एक संस्तुतिपरक संगठन है, लेकिन यह प्रावधान सरकार द्वारा स्‍वीकार की गई आयोग की अधिकतर सिफारिशों के बीच में नहीं आया है, जिससे लोगों का इसमें विश्‍वास बना हुआ है। यह इस बात से पता चलता है कि हर वर्ष इसमें शिकायतों की संख्‍या बढ़ती जा रही है।
  • आयोग के कार्यों में संविधान अथवा किसी अन्‍य कानून के अंतर्गत प्रदत्त सुरक्षा की समीक्षा करना, अंतर्राष्ट्रीय घोषणापत्रों के प्रभावी कार्यान्‍वयन की सिफारिश करना, मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अनुसंधान, सेमिनार और चर्चाएं आयोजित करना, मानवाधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाना तथा मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए गैर-सरकारी संगठनों के प्रयासों को प्रोत्साहित करना शामिल है।
  • आयोग ने बंधुआ मजदूरों और बाल श्रम, जेल सुधारों, स्‍वास्‍थ्‍य के अधिकार, खाद्यान्न के अधिकार, मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, दिव्‍यांग व्‍यक्तियों के अधिकारों, सिलीकोसिस, अवैध क्लीनिकल ड्रग ट्रायल, खाद्य वस्तु्ओं में कीटनाशक दवाओं, दवाओं के मूल्य, कॉरपोरेट-सामाजिक दायित्वत, मैला ढोना और स्वच्छता, महिलाओं के मानवाधिकारों जैसे प्रमुख मुद्दों पर अनेक बार हस्तक्षेप किया है।
  • आयोग द्वारा इस वर्ष की गई एक अन्‍य महत्‍वपूर्ण पहल यह है कि मानवाधिकारों पर राष्‍ट्रीय कार्य योजना (एनएपीएचआर) तैयार करने के लिए उसका एक कार्यबल स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव है, जिसमें अन्‍य साझेदारों के अलावा विभिन्‍न मंत्रालयों, एनजीओ, नागरिक समाज और एनएचआरसी के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह सरकार के प्रमुख मानवाधिकार मुद्दों के समाधान में तेजी लाने में मदद करेगा, जिनका लक्षित दृष्टिकोण के साथ निपटारा जरूरी है, ताकि एक निरंतर चलने वाली व्‍यवस्‍था के जरिए देश में मानवाधिकारों की स्थिति में सुधार किया जा सके।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

वर्ल्ड मलेरिया रिपोर्ट 2019

  • भारत में 2017 और 2018 में मलेरिया के 28 फीसदी मामलों में कमी आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, 2018 में भारत में मलेरिया के 26 लाख और युगांडा में 15 लाख मामले सामने आए हैं। जो पिछले सालों के मुकाबले कम हैं। इसी के साथ भारत मलेरिया प्रभावित दुनिया के शीर्ष चार देशों की सूची से बाहर हो गया है। लेकिन मलेरिया से सबसे अधिक प्रभावित दुनिया के 11 देशों में भारत एक-मात्र गैर-अफ्रीकी देश के रूप में मौजूद है। डब्ल्यूएचओ ने ये आंकड़े वर्ल्ड मलेरिया रिपोर्ट 2019 में जारी किए हैं।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

  • रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 और 2017 में भारत में ऐेसे मामलों में 24 फीसदी कमी आई थी। वर्ष 2000 से भारत ने मलेरिया के मामलों को आधे से भी ज्यादा कम करने में सफलता हासिल की है। मलेरिया से होने वाली मौतों को दो-तिहाई से भी ज्यादा कम किया गया है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में मलेरिया को पूरी तरह से खत्म करने के लिए 2016 में ‘मलेरिया उन्मूलन’ अभियान की शुरुआत की गई थी। जो कारगर साबित हो रहा है है। मलेरिया प्रभावित 11 देशों की सूची में भारत एक मात्र ऐसा देश है जहां इस बीमारी को खत्म करने के लिए फंडिंग बढ़ाई गई है। भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां मलेरिया को हराने के लिए अधिकतर सरकारी फंडिंग का इस्तेमाल किया गया है जबकि अन्य 10 देशों में विदेशी फंडिंग से मलेरिया से जड़ने की जंग जारी है। 2017 के मुकाबले 2018 में मलेरिया के सर्वाधित मामले अफ्रीकाई देश घाना और नाइजीरिया में रिकॉर्ड किए।
  • मलेरिया उन्मूलन के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन ‘मलेरिया नो मोर इंडिया’ के कंट्री डायरेक्टर डॉ. संजीव गायकवाड़ के मुताबिक, मलेरिया के खिलाफ भारत के लगातार प्रयासों की तारीफ होनी चाहिए। सरकार, निजी क्षेत्र और नागरिकों को एकजुट करते हुए भारत ने जागरूकता बढ़ाई। लगातार इस दिशा में काम करना और फंडिंग को बढ़ाकर मलेरिया के खिलाफ भारत की लड़ाई को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। उम्मीद है भारत 2030 तक मलेरिया-मुक्त बन पाएगा।
  • डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, 11 देशों में डेमोक्रेटिक पब्लिक ऑफ द कॉन्गो, घाना, भारत, माली, मौजेम्बिक, नीगर, नाइजेरिया, युगांडा, बुर्किना फाजो, कैमरून और युनाइटेड रिपब्लिक ऑफ तंजानिया है। दुनियाभर में मलेरिया के कुल मामलों में से 70 फीसदी इन्हीं देशो में देखे जाते हैं। मलेरिया से होने वाली कुल मौतों का 71 फीसदी इन्हीं 11 देशों में होती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में 2018 में मलेरिया पीड़ित 11 लाख गर्भवती महिलाएं 8,72,000 बच्चों को ही जन्म दे पाईं। इन बच्चों में 16 फीसदी ऐसे थे जितना वजन सामान्य से काफी कम था।

हथियारों पर स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट

  • साल 2018 में दुनिया की 100 सबसे बड़ी हथियार बनाने वाली कंपनियों ने 420 अरब डॉलर का हथियार बेचा है. साल 2017 के मुकाबले इसमें करीब 5 फीसदी की वृद्धि हुई है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है.
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि हथियार बेचने के मामले में अमेरिका अब भी अव्वल देश है और उसने कुल उत्पादन का 59 फीसदी हिस्सा हासिल किया है. अगर पैसे के टर्म में देखें तो अमेरिका ने करीब 246 अरब डॉलर का हथियार बेचा है. रूस की कुल 10 कंपनियों की साल 2018 में आर्म्स डील में 36.2 अरब डॉलर की हिस्सेदारी रही है.
  • अगर दुनिया के हथियार बाजार में भारत की बात करें तो सार्वजनिक क्षेत्र की तीन शीर्ष रक्षा कंपनियों की सामूहिक बिक्री साल 2018 में 6.9 फीसदी घटकर 5.9 अरब अमेरिकी डॉलर रह गई. इस दौरान वैश्विक स्तर पर हथियारों की बिक्री में वृद्धि हुई है.
  • भारत की रक्षा क्षेत्र की तीनों कंपनियां दुनिया की शीर्ष 100 हथियार आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हैं. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स इस सूची में 38वें नंबर पर, इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्टरी 56वें नंबर पर और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 62वें नंबर पर हैं. तीनों कंपनियों ने मिलकर करीब 1.4 फीसदी हथियारों की बिक्री की है.
  • भारत की हथियार बनाने वाली कंपनियों ने ज्यादातर घरेलू मांगों को पूरा किया है. SIPRI की रिपोर्ट से पता लगता है कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक है. दुनिया में हथियार का सबसे अधिक आयात सऊदी अरब करता है.
  • भारत दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक होने के बाद भी अब तक डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में विफल रहा है. वैश्विक मतभेद की स्थिति में अगर हथियारों की आपूर्ति प्रभावित होती है तो भारत के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है.
  • अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन साल 2009 से सबसे बड़ी हथियार विक्रेता है. इस कंपनी ने अकेले 47.3 अरब डॉलर का हथियार बेचा है. यह हथियार के कुल ट्रेड का करीब 11% है. हथियार बेचने के मामले में 8.6 फीसदी हिस्सेदारी के साथ रूस दूसरे, 8.4 फीसदी हिस्सेदारी के साथ इंग्लैंड तीसरे और 5.5 फीसदी हिस्सेदारी के साथ फ्रांस चौथे नंबर पर है.
  • चीन को लेकर हथियार कारोबार के पर्याप्त आंकड़े नहीं होने के कारण उसे लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है. सिपरी का कहना है कि इस बाजार में अभी चीन की हिस्सेदारी 3-7 फीसदी तक है.

व्हाइट लैंड ज्वालामुखी

  • न्यूजीलैंड के नॉर्थ आइलैंड के पूर्वी तट पर मौजूद एक द्वीप व्हाइट आइलैंड में ज्वालामुखी फटने से कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा कई अन्य लोग घायल और लापता हैं.
  • यह द्वीप नॉर्थ आइलैंड के पूर्वी किनारे से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इसे नॉर्थ आइलैंड से देखा जा सकता है. व्हाइट लैंड ज्वालामुखी न्यूजीलैंड के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है.

:: भारतीय राजव्यवस्था ::

नागरिकता संशोधन विधेयक

  • नागरिकता बिल में केंद्र सरकार के प्रस्तावित संशोधन से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदुओं के साथ ही सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों के लिए बगैर वैध दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता हासिल करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
  • नागरिकता संशोधन बिल का पूर्वोत्तर के राज्य विरोध कर रहे हैं। पूर्वोत्तर के लोग इस बिल को राज्यों की सांस्कृतिक, भाषाई और पारंपरिक विरासत से खिलवाड़ बता रहे हैं।

क्या है नागरिकता संशोधन बिल?

  • नागरिकता संशोधन बिल नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों को बदलने के लिए पेश किया जा रहा है, जिससे नागरिकता प्रदान करने से संबंधित नियमों में बदलाव होगा। नागरिकता बिल में इस संशोधन से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदुओं के साथ ही सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों के लिए बगैर वैध दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता हासिल करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
  • भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए देश में 11 साल निवास करने वाले लोग योग्य होते हैं। नागरिकता संशोधन बिल में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के शरणार्थियों के लिए निवास अवधि की बाध्यता को 11 साल से घटाकर 6 साल करने का प्रावधान है।

नागरिकता संशोधन विधेयक पर क्यों है विवाद?

  • इस विधेयक में गैरकानूनी प्रवासियों के लिए नागरिकता पाने का आधार उनके धर्म को बनाया गया है। इसी प्रस्ताव पर विवाद छिड़ा है। क्योंकि अगर ऐसा होता है तो यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होगा, जिसमें समानता के अधिकार की बात कही गई है।

शस्त्र (संशोधन) विधेयक, 2019 (Arms Amendment Bill 2019)

  • लोकसभा में शस्त्र कानून में संशोधन का विधेयक पास हो गया है। शस्त्र (संशोधन) विधेयक, 2019 में लाइसेंसी हथियार रखने की संख्या सीमित करने के साथ ही अवैध तरीके से शस्त्र, गोला-बारूद और विस्फोटक रखने, बनाने और बेचने वालों के लिए ताउम्र कैद की सजा का प्रावधान है।

विशेषता

  • विधेयक में एक व्यक्ति के लिए तीन हथियार की जगह दो हथियार रखने का लाइसेंस देने का प्रावधान किया गया है। संशोधनों के जरिए प्रतिबंधित शस्त्र और प्रतिबंधित गोला बारूद रखने, बनाने, बेचने और मरम्मत करने की अवस्था में ताउम्र कैद की सजा का प्रावधान किया गया है। पहले इसमें उम्रकैद की सजा तो होती थी, लेकिन उसमें अमूमन 14 साल कैद की सजा का ही प्रावधान था। नए कानून में न्यूनतम सजा को बढ़ाकर 14 साल कैद कर दिया गया है।
  • संशोधित कानून में सेना के जवानों या पुलिस बल से हथियार छिनने पर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। संगठित अपराध और सिंडिकेट को हथियार सप्लाई करने वालों के लिए भी आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।
  • हर्ष फायरिंग में होने वाली मौतों के कारन इसमें कठोर सजा का प्रावधान किया गया है। लापरवाही से हर्ष फायरिंग कर दूसरे के लिए खतरा पैदा करने पर दो साल कैद या एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों ही सजा का प्रावधान किया गया है।
  • नए संशोधनों के अनुसार अब लाइसेंसधारी को हर तीन साल में लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करना होगा। इसकी सीमा बढ़ाकर पांच साल करने का प्रावधान है।
  • इस विधेयक का खिलाड़ियों, पूर्व व मौजूदा सैनिकों को मिलने वाले हथियार के लाइसेंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। खिलाड़ियों की जरूरत को देखते हुए इसमें उन्हें और विभिन्न तरह के हथियार के लाइसेंस देने की व्यवस्था की गई है। इसी तरह सैन्यबल के अवकाश प्राप्त अधिकारी की शस्त्र की पूर्व संख्या को भी उसी तरह से रखा गया है और उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

जहाजों के पुनर्चक्रण विधेयक 2019

  • दुनियाभर के जहाजों को भारत में रिसाइकिल करने का रास्ता सोमवार को साफ हो गया। राज्यसभा में जहाजों के पुनर्चक्रण विधेयक 2019 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। लोकसभा में यह बिल पिछले सप्ताह पारित हो चुका है ऐसे में अब खतरनाक सामान ढोने वाले, युद्ध और सेनाओं के जहाजों को छोड़कर सभी तरह के जहाजों को देश में रिसाइकिल करने का कानून बनाया जाएगा।
  • विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख एल मंडाविया ने कहा, पर्यावरण को लेकर सदस्यों की चिंता को देखते हुए वह संसदीय समिति से सिफारिश करते हैं कि वह स्वयं गुजरात जाकर देखें की कितनी तरकीब से इस काम को अंजाम दिया जा रहा है। इस बिल के माध्यम से केंद्र की मंशा कड़े मानक तय कर इसे उद्योग की तरह बढ़ावा देने की है ताकि इससे रोजगार सृजन हो सके।
  • बिल पर चर्चा के दौरान सदस्यों ने आशंका जताई की कहीं इस बिल के बाद हिंदुस्तान विकसित देश के जहाजों की कब्रगाह तो नहीं बन जाएगा। कुछ सदस्यों ने पर्यावरण हितों पर ध्यान देने की बात कही। साथ ही इस काम में लगने वाले असंगठित श्रमिकों के स्वास्थ के लिए कड़े कानून बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। कुछ सदस्यों ने सुझाव दिया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने के साथ केंद्र को पर्यावरणविदों की एक कमेटी भी बनानी चाहिए जो इससे होने वाले नुकसान की समीक्षा करे।
  • वैश्विक बाजार में भारत के रिसाइकिलिंग उद्योग की तीस फीसदी हिस्सेदारी है। जो अब बिल पास होने से कहीं अधिक बढ़ेगी, लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वित्तवर्ष 2017 में भारत में 6,323 टन जहाज ध्वस्त किए गए हैं।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

'ग्रोही हुरुन इंडिया रीयल एस्टेट रिच लिस्ट 2019

  • हुरुन रिपोर्ट और ग्रोही इंडिया ने सोमवार (9 दिसंबर) को 'ग्रोही हुरुन इंडिया रीयल एस्टेट रिच लिस्ट 2019' का तीसरा संस्करण जारी किया। इस रिपोर्ट में देश के रीयल एस्टेट क्षेत्र के 100 सबसे अमीर उद्यमियों की जानकारी दी गई है।

मुख्य तथ्य

  • रिपोर्ट में कहा गया है कि 31,960 करोड़ रुपये की धन-दौलत के साथ मंगल प्रभात लोढ़ा और मैक्रोटेक डेवलपर्स का परिवार (पुराना नाम लोढ़ा डेवलपर्स) सूची में पहले स्थान पर रहा है। यह लगातार दूसरा साल है जबकि लोढ़ा परिवार इस सूची में शीर्ष पर है। एम पी लोढ़ा इस समय भाजपा की मुंबई इकाई के प्रमुख हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि लोढ़ा परिवार की संपत्ति 2019 में 18 प्रतिशत बढ़ी है। सूची में शामिल 99 अन्य भारतीयों की कुल संपत्तियों के मुकाबले 12 प्रतिशत लोढ़ा परिवार के पास है।
  • इस सूची में डीएलएफ के राजीव सिंह 25,080 करोड़ रुपये की संपदा के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वर्ष 2019 में उनकी संपत्तियां 42 प्रतिशत बढ़ीं। पिछले साल वह इस सूची में तीसरे स्थान पर थे। बेंगलुरु की एम्बैसी प्रॉपर्टी डेवलपमेंट्स के जितेंद्र विरवानी 24,750 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं। यह सूची इन उद्यमियों की 30 सितंबर, 2019 तक के संपत्ति आकलन के आधार पर तैयार की गई है।
  • रिपोर्ट कहती है कि ऐसे समय जबकि भारतीय रीयल एस्टेट क्षेत्र चुनौतियों का सामना कर रहा है, सुस्ती के अलावा उसे नकदी संकट से भी जूझना पड़ रहा है। इसके बावजूद क्षेत्र के 100 सबसे अमीर भारतीयों की धन- दौलत औसतन 16 प्रतिशत बढ़कर 2,743 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि रीयल एस्टेट क्षेत्र के दस सबसे अमीर उद्यमियों में से छह मुंबई के हैं जबकि क्षेत्र के सौ अमीरों में से 37 मुंबई के हैं। इस सूची में दिल्ली और बेंगलुरु के 19-19 उद्यमियों के नाम हैं।
  • दिलचस्प तथ्य यह है कि रीयल एस्टेट क्षेत्र के सबसे अमीर भारतीयों में से 75 प्रतिशत इन्हीं तीनों शहरों से हैं। एक और खास बात यह है कि सूची में शामिल 59 प्रतिशत व्यक्तिगत लोग पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं। इस बार सूची में आठ महिलाएं भी शामिल हैं। गोदरेज प्रॉपर्टीज की स्मिता वी कृष्णा सूची में शामिल सबसे अमीर महिला हैं। उनकी कुल संपत्तियां 3,560 करोड़ रुपये आंकी गई है। सूची में शामिल लोगों की औसत आयु 56 साल है। चार की उम्र 40 साल से कम और तीन की 80 साल से अधिक है।

भारत बॉन्ड ईटीएफ (Bharat Bond ETF)

  • छोटे रिटेल इन्वेस्टर्स को निवेश का बेहतरीन मौका मिलने वाला है। वह इसलिए क्योंकि भारत बॉन्ड ईटीएफ का पहला इश्यू 12 दिसंबर को लॉन्च होने जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि यहां निवेशकों के लिए जोखिम काफी कम है। इस फंड में जिन बॉन्ड्स में निवेश किया जाएगा, उनके डिफॉल्ट होने की संभावना काफी कम होगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह 4 दिसंबर को भारत बॉन्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) को लॉन्च करने की मंजूरी दी थी। ईटीएफ इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए यह बॉन्ड 12 से 20 दिसंबर तक खुला रहेगा। इस बॉन्ड में इन्वेस्टमेंट से जो फंड आएगा, उसे बॉन्ड इंडेक्स में शामिल कंपनियों में निवेश किया जाएगा।

क्या है भारत बॉन्ड ईटीएफ?

  • यह एक तरह का म्युचुअल फंड होगा, जो सरकारी कंपनियों द्वारा जारी किये जाने वाले बॉन्ड में ही निवेश करेगा। यह बॉन्ड स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होगा, जिससे वहां इसकी ट्रेडिंग हो सकेगी। साथ ही इसमें एक तय मैच्योरिटी टाइम होगा। शुरुआत में यह बॉन्ड केवल AAA रेटिंग वाले बॉन्ड में ही निवेश करेगा। ज्यादा सुरक्षा और निश्चय आय वाले फंड में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों के लिए भारत बॉन्ड ईटीएफ में निवेश करने का अच्छा मौका होगा। इस बॉन्ड को एडलवाइस असेट मैनेजमेंट कंपनी मैनेज कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह इश्यू सात हजार करोड़ का होगा।
  • इस फंड में छोटे रिटेल इन्वेस्टर्स को कम से कम 1,000 रुपये का इन्वेस्टमेंट करना होगा। इसके बाद मल्टीपल इन्वेस्टमेंट की सुविधा है। यहां छोटे निवेशक अधिकतम 2 लाख तक इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। वहीं एंकर इन्वेस्टर्स के लिए न्यूनतम राशि 10 करोड़ रुपये रखी गई है। इडलवाइज ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि 12 दिसंबर को विंडो एंकर निवशकों के लिए होगा और उसके बाद 13 से 20 दिसंबर तक विंडो दूसरे इन्वेस्टर्स के लिए होगा।
  • तीन साल से अधिक समय तक होल्ड रखने की स्थिति में डेट फंड्स टैक्स बचाने के लिहाज से काफी बढ़िया होते हैं। तीन साल से अधिक समय तक होल्ड रखने की स्थिति में इन पर टैक्स रेट इंफ्लेशन इंडेक्सिंग के साथ 20 फीसद होता है।

एनएसआईसी और अरामको एशिया के बीच समझौता

  • भारत के तेल और गैस क्षेत्र में एमएसएमई परितंत्र के विकास के लिए एनएसआईसी और अरामको एशिया के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर हुए। इस समझौते से वैश्विक स्‍तर पर भारतीय एमएसएमई कंपनियों को वि‍क्रेता के रूप में स्‍थापित होने में मदद मिलेगी। इस समझौता ज्ञापन पर एनएसआईसी की ओर से निदेशक (पी एंड एम) श्री पी. उदय कुमार और अरामको की ओर से अरामको एशिया के निदेशक श्री मोहम्‍मद अल मुगहिराह ने हस्‍ताक्षर कियें। इस अवसर पर सउदी अरब के राजदूत डॉ. सैद बिन मोहम्‍मद अल सती, अरामको के रणनीतिक आपूर्ति प्रमुख श्री अब्‍दुल्‍ला मेलफी तथा 200 से अधिक भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

एमएसआईसी एवं अरामको

  • एमएसआईसी सूक्ष्‍म, लघु व मध्‍यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत एक मिनी रत्‍न कंपनी है। अरामको सउदी अरब सरकार की कंपनी है जो विश्‍व की सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनी है। इस कंपनी का कुल राजस्‍व 355 बिलियन डॉलर (2018) और अनुमानित बाजार मूल्‍य 1.5 ट्रिलियन डॉलर है।

‘फास्टैग 2.0’

  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पार्किंग हेतु ‘फास्टैग’ का उपयोग करने के लिए एक पायलट परियोजना हैदराबाद हवाई अड्डे पर शुरू की है। यह पायलट परियोजना दो चरणों में शुरू की गई है। पहला चरण दरअसल एक नियंत्रित पायलट परीक्षण है, जिसके तहत केवल आईसीआईसीआई टैगों का ही इस्तेमाल किया जाएगा। पायलट परियोजना के दूसरे चरण में सभी अन्य बैंकों द्वारा जारी किए जाने वाले टैगों को कवर किया जाएगा। टोल प्लाजा पर फास्टैग के उपयोग के अलावा इससे इतर भी इसके इस्तेमाल के लाभों को सुनिश्चित करने के लिए ही यह कदम उठाया गया है। इसकी परिकल्पना ‘फास्टैग 2.0’ के रूप में की गई है और इसके तहत पार्किंग भुगतान, ईंधन भुगतान इत्यादि को कवर किया गया है। हैदराबाद में सफलता मिलने के बाद यह परियोजना दिल्ली हवाई अड्डे पर भी शुरू की जाएगी। अन्य बैंक जैसे कि एसबीआई, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी और आईडीएफसी भी ‘फास्टैग 2.0’ को लॉन्च करने के लिए मुंबई एवं बेंगलुरू स्थित हवाई अड्डों के अलावा कुछ शॉपिंग मॉल के शीर्ष अधिकारियों से भी बातचीत कर रहे हैं।
  • जहां तक पार्किंग में उपयोग किए जाने का सवाल है, फास्टैग युक्त सभी वाहनों के साथ-साथ दिसम्बर, 2017 के बाद बेचे गए सभी वाहन भी स्वतः इससे लाभान्वित होंगे, क्योंकि उनमें पहले से ही फास्टैग लगा हुआ है। ‘फास्टैग 2.0’ की यात्रा अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि इसका इस्तेमाल ईंधन भुगतान, ई-चालान के भुगतान, कार्यालयों और निवास पर पहुंच प्रबंधन जैसे कार्यों में किया जा सकता है। जीएसटी परिषद ने भी सभी वाणिज्यिक वाहनों पर फास्टैग को अनिवार्य कर दिया है, जो 1 अप्रैल, 2020 से ई-वे बिल सृजित करना शुरू कर देंगे। इस एकीकरण से ‘जीएसटीएन’ को काफी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि इससे ई-वे बिल को न जारी करने/गलत जानकारी देने से संबंधित लीकेज की पहचान करने में मदद मिलेगी।

फास्टैग कार्यक्रम

  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की प्रमुख पहल ‘राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (फास्टैग) कार्यक्रम’ को देश भर में फैले राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवस्थित टोल प्लाजा पर लागू किया गया है। इसने टोल के नकद भुगतान को इलेक्ट्रॉनिक भुगतान में तब्दील कर डिजिटल इंडिया पहल को काफी बढ़ावा दिया है तथा इसके साथ ही समूची टोल प्रणाली में और ज्यादा पारदर्शिता ला दी है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवस्थित शुल्क वाले प्लाजा की सभी लेन को ‘फास्टैग लेन’ घोषित करने के हालिया आदेश पर अमल करने के साथ ही अब फास्टैग का व्यापक उपयोग होने लगा है, जो नए टैगों की बिक्री के साथ-साथ टोल प्लाजा पर फास्टैग के जरिये अपेक्षाकृत ज्यादा टोल संग्रह से साफ जाहिर होता है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

एआईएम-एसआईआरआईयूएस डीप टेक्नोलॉजी लर्निंग एंड इनोवेशन प्रोग्राम

  • नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) और रूस के एसआईआरआईयूएस डीप टेक्नोलॉजी लर्निंग एंड इनोवेशन प्रोग्राम 2019 का दूसरा चरण रूस के सोची में सम्‍पन्‍न हो गया है।
  • एसआईआरआईयूएस ने 28 नवंबर से 8 दिसंबर 2019 तक इस आठ दिवसीय परियोजना उन्मुख शैक्षिक कार्यक्रम की मेजबानी की। यह आयोजन पिछले साल एआईएम और एसआईआरआईयूएस के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के अनुसार किया गया।
  • इस दौरान 50 रूसी और भारतीय छात्रों ने विभिन्न श्रेणियों : सूचना प्रौद्योगिकी और आंकड़ों का विश्लेषण, स्वच्छ ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी, रिमोट अर्थ सेंसिंग तथा ड्रोन और रोबोटिक्स के तहत एक-दूसरे के साथ सर्वश्रेष्ठ समकालीन नवाचार पद्धतियों को साझा किया। ‘सूचना प्रौद्योगिकी और आंकड़ों का विश्लेषण’ के तहत छात्रों ने खेतों के प्रभावी प्रबंधन के लिए उपग्रह डेटा और तंत्रिका नेटवर्क का उपयोग करके कृषि भूमि का वर्गीकरण तैयार किया।

:: विविध ::

सना मरीन

  • फिनलैंड में 34 साल की सना मरीन नई प्रधानमंत्री बनी हैं। वह फिनलैंड के इतिहास के साथ वर्तमान में दुनिया की सबसे युवा प्रधानमंत्री भी बन गई हैं। बता दें कि एंटी रिने के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से ही उम्मीद लगाई जा रही थी कि सना मरिन देश की बागडोर संभाल सकती हैं। इससे पहले वह परिवहन और संचार मंत्री थीं।
  • फिनलैंड उत्तरी यूरोप में स्थित है। जिसकी राजधानी हेलसिंकी है। इसकी सीमा पश्चिम में स्वीडन, पूर्व में रूस और उत्तर में नार्वे से मिलती है। इस देश की आबादी करीब 53 लाख है।

WADA ने रूस पर लगाया चार साल का प्रतिबंध, ओलंपिक से हुई बाहर

  • वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी ने एक कड़ा कदम उठाते हुए रूस पर चार साल का प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। इस प्रतिबंध की वजह से वह ओलंपिक में भाग नहीं ले पाएगा। ओलंपिक 2020 का आयोजन टोक्यो में होना है। वाडा ने बताया कि रूस के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 21 दिन का वक्त है। इससे पहले भी रूस पर 2015 से 2018 तक तीन साल का प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

जोजिबिनी तुंजी मिस यूनिवर्स बनीं

  • दक्षिण अफ्रीका की जोजिबिनी तुंजी (26) ने रविवार को मिस यूनिवर्स 2019 का खिताब जीत लिया। अमेरिका के अटलांटा में आयोजित इस समारोह में 90 देशों की प्रतियोगियों ने भाग लिया था। भारत की वर्तिका सिंह (26) टॉप-20 में शामिल रहीं। पोर्तो रिको की मेडिसन एंडरसन फर्स्ट और मैक्सिको की एशले अल्विद्रेज सेकंड रनर-अप रहीं।
  • मिस यूनिवर्स के लिए भारत का प्रतिनिधित्व लखनऊ की 26 साल की वर्तिका सिंह ने किया। वह पब्लिक हेल्थ में मास्टर्स हैं और यूपी के राज्य पोषण मिशन की ब्रांड ऐम्बेसडर हैं। वह विश्व बैंक में क्वालिटी एश्योरेंस के लिए तकनीकी सलाहकार के तौर काम कर चुकी हैं। वर्तिका ने 2015 में फेमिना मिस इंडिया का खिताब जीता था।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में जारी हुए मानव विकास सूचकांक 2019 में भारत की रैंकिंग क्या रही? (129)
  • मानव विकास सूचकांक रिपोर्ट किस संस्था के द्वारा जारी किया जाता है? (संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम)
  • किस तिथि को मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाया जाता है? (10 दिसंबर)
  • इस वर्ष मनाए जा रहे मानवाधिकार दिवस 2019 की थीम क्या है? (‘यूथ स्‍टेंडिंग अप फॉर ह्यूमन राइट्स’)
  • हाल ही में जारी हुए SIPRI रिपोर्ट के अनुसार कौन सा देश हथियारों का शीर्ष वैश्विक निर्यातक है? (अमेरिका)
  • हाल ही में जारी हुए SIPRI रिपोर्ट के अनुसार कौन सा देश हथियारों का शीर्ष वैश्विक आयातक है? (सऊदी अरब)
  • हाल ही में जारी हुए SIPRI रिपोर्ट के अनुसार हथियारों के आयात में भारत को कौन सा स्थान प्राप्त हुआ है? (द्वितीय)
  • हाल ही में जारी हुए SIPRI रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक हथियारों की बिक्री में कौन सी कंपनी हथियारों की शीर्ष विक्रेता है? (लॉकहीड मार्टिन)
  • हाल ही में जारी हुए SIPRI रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक हथियारों की बिक्री में कौन सी भारतीय कंपनी हथियारों की शीर्ष विक्रेता है? (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स)
  • हाल ही में विस्फोट के कारण चर्चा में रहे व्हाइट लैंड ज्वालामुखी किस देश में अवस्थित है? (न्यूजीलैंड)
  • हाल ही में जारी हुए 'ग्रोही हुरुन इंडिया रीयल एस्टेट रिच लिस्ट 2019 में किस रियल स्टेट उद्यमी को सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ? (मंगल प्रभात लोढ़ा- मैक्रोटेक डेवलपर्स)
  • भारत बॉन्ड ईटीएफ में निवेश की जाने वाली न्यूनतम राशि कितनी है? (1000 रुपये)
  • भारत के तेल और गैस क्षेत्र में एमएसएमई परितंत्र के विकास के लिए मिनी रत्न एनएसआइसी के द्वारा किस तेल कंपनी के साथ समझौता किया गया? (अरामको एशिया)
  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पार्किंग हेतु ‘फास्टैग’ का उपयोग करने के लिए फास्टैग के किस नए संस्करण का प्रयोग शुरू किया है? (‘फास्टैग 2.0’)
  • अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) और रूस के एसआईआरआईयूएस डीप टेक्नोलॉजी लर्निंग एंड इनोवेशन प्रोग्राम 2019 का आयोजन कहां किया गया? (सोची, रूस)
  • वर्तमान में दुनिया की सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने का गौरव किसे प्राप्त हुआ है? (सना मरीन)
  • दुनिया की सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त सना मरीन ने किस देश की राजनीतिक बागडोर संभालेंगी? (फिनलैंड)
  • हाल ही में WADA ने किस देश पर 4 साल का प्रतिबंध लगा दिया है? (रूस)
  • मिस यूनिवर्स 2019 का खिताब किसको प्रदान किया गया? (जोजिबिनी तुंजी)
  • किस देश की प्रतिभागी को मिस यूनिवर्स 2019 हेतु चयन किया गया? (दक्षिण अफ्रीका)
  • मिस यूनिवर्स 2019 के लिए भारत की ओर से किसने प्रतिनिधि किया? (वर्तिका सिंह)
  • उत्तर प्रदेश के राज्य पोषण मिशन की ब्रांड ऐम्बेसडर कौन हैं? (वर्तिका सिंह)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

<< मुख्य पृष्ठ पर वापस जाने के लिये यहां क्लिक करें