(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (09 नवम्बर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (09 नवम्बर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

‘एनसीआर-2041’ सम्मेलन

  • ‘एनसीआर-2041’ सम्मेलन का आयोजन 11 नवम्बर, 2019 को राष्ट्रीय राजधानी में होगा। सम्मेलन की थीम ‘प्लानिंग फॉर टुमारोज ग्रेटस्ट कैपिटल रीजन’ (भावी वृहत्तम राजधानी क्षेत्र की योजना) है। सम्मेलन में विश्व के सबसे बड़े महानगरीय क्षेत्र के समुचित विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जाएगा।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 को मद्देनजर रखते हुए क्षेत्रीय योजना को 17 सितम्बर, 2005 में अधिसूचित किया गया था और यह इस समय लागू है। अब वर्ष 2041 को मद्देनजर रखते हुए अगली क्षेत्रीय योजना तैयार किये जाने की आवश्यकता है। क्षेत्रीय योजना में यातायात, जल, सीवर, ठोस अपशिष्ट, बिजली, भू-उपयोग इत्यादि विभिन्न मुद्दों पर गौर किया जाता है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली 2028 तक टोक्यो को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा महानगर बन जाएगा।
  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का रकबा लगभग 55,083 वर्ग किलोमीटर है और इसकी आबादी लगभग 6 करोड़ है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत निम्नलिखिच क्षेत्र आते हैं–
  1. पूरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली
  2. हरियाणा के उप-क्षेत्रों में गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, मेवात, पलवल, पानीपत, महेंद्रगढ़, जींद, करनाल, भिवानी और चरखी दादरी
  3. राजस्थान के उप-क्षेत्रों में अलवर और भरतपुर जिले
  4. उत्तर प्रदेश के उप-क्षेत्रों में गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, मुजफ्फरनगर और शामली
  • उपरोक्त क्षेत्रों के विकास के लिए संसद में 1985 में कानून पारित करके राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) का गठन किया था, जो आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन है। एनसीआरपीबी का दायित्व है कि अंधाधुंध विकास पर रोक लगाने के लिए उपरोक्त क्षेत्र में अवसंरचना के विकास तथा जमीन के इस्तेमाल पर नियंत्रण के विषय में उचित नीति तैयार करे।

'2020 सिख रेफरेंडम एप' (2020 Sikh Referendum App)

  • भारतीय इंटरनेट यूजरों ने गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) पर कथित 'खालिस्तान' (Khalistan) के लिए भारत विरोधी दुष्प्रचार और उग्रवाद को बढ़ावा देने पर गूगल की कड़ी आलोचना की है। साथ ही कट्टरपंथ और भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले '2020 सिख रेफरेंडम एप' को गूगल से हटाने की मांग की है।
  • दरअसल अमेरिका में सिखों के पाकिस्तान समर्थित अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) गूगल के प्ले स्टोर को अपना नया मंच बना लिया है। ताकि वह पंजाब को खालिस्तान नाम का अलग देश बनाने का अपना एजेंडा चला सके। '2020 सिख रेफरेंडम' नाम का यह मोबाइल एप 7.54 एमबी का है। इसे रोमानिया की आइसीईटेक वेब डिजाइनिंग कंपनी ने बनाया है। यह एप खालिस्तान के लिए पंजाब के लोगों को अपना वोट देने के लिए उकसाता है। फिलहाल गूगल प्ले स्टोर पर यह एप 1000 डाउनलोड के साथ सूचीबद्ध है।
  • एप डाउनलोड करने के दौरान 3.001 वर्जन का एप कैमरा, लोकेशन, सीडी कार्ड के स्टोरेज और उसमें बदलाव और उसे डिलीट करने की मंजूरी मांगता है। इसके साथ ही यह एप पूरे नेटवर्क पर कब्जा कर लेता है और वाइफाइ कनेक्शन को भी प्रभावित करता है। इससे भारत या विदेश में रहे रहे यूजर की सभी जानकारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। एप डाउनलोड करने के बाद फोन में कई अतिरिक्त क्षमताएं आ जाती हैं। इस एप को इसी साल 14 फरवरी को जारी किया गया था। इसकी रेटिंग गूगल प्ले स्टोर पर 1.0 दिखाई गई है।

शिल्‍पोत्‍सव 2019

  • केन्‍द्रीय सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत ने शिल्पियों को प्रोत्‍साहित करने के लिए आज नई दिल्‍ली में आईएनए स्थित दिल्‍ली हाट में शिल्‍पोत्‍सव 2019 का दौरा किया। शिल्‍पोत्‍सव 2019 देश भर के समाज के कमजोर वर्गों के शिल्पियों का वार्षिक मेला है। शिल्‍पोत्‍सव की शुरूआत 01 नवम्‍बर, को हुई और यह 15 नवम्‍बर, 2019 तक जारी रहेगा।
  • शिल्‍पोत्‍सव में सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्रालय के शीर्ष निगमों यानि राष्‍ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्‍त और विकास निगम (एनबीसीएफडीसी), राष्‍ट्रीय अनुसूचित जाति वित्‍त और विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्‍ट्रीय दिव्‍यांग वित्‍त और विकास निगम (एनएचएफडीसी), राष्‍ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्‍त और विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) और नेशनल ट्रस्‍ट से सहायता प्राप्‍त शिल्‍पी अपने उत्‍पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
  • इस मेले में शामिल उत्‍पादों में सिल्‍क साडियां, दरियां, सिले-सिलाए वस्‍त्र, मिट्टी के उत्‍पाद, जूट उत्‍पाद, ड्रैस मैटिरियल, कश्‍मीरी शॉल/स्‍टोल, चमड़ा, बेंत और बांस के उत्‍पाद, हाथ की कढ़ाई, मोती उत्‍पाद, मोती, अनुकृति आभूषण, लाख के उत्‍पाद, सजावटी मोमबत्तियां, लकड़ी की कलाकृतियां, ब्‍लॉक प्रिंटिंग, लकड़ी के खिलौने, बंधेज, लकड़ी, संगमरमर की कलाकृतियां और हथकरघा हैं।

27वां केन्‍द्र और राज्‍य सांख्यिकी संगठन सम्‍मेलन

  • सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय 27वां केन्द्र और राज्य सांख्यिकी संगठन सम्मेलन 11-12 नवम्बर, 2019 को विश्‍व बांग्‍ला कन्‍वेंशन सेंटर, कोलकाता में आयोजित कर रहा है।
  • सम्‍मेलन केन्‍द्र और राज्‍य सांख्यिकी संगठनों को आपसी तालमेल बढ़ाने और भारतीय सांख्यिकी प्रणाली को दक्षतापूर्ण बनाने का मंच प्रदान करता है।
  • इस सम्‍मेलन की थीम है - सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी)। इसका चयन एसडीजी निगरानी की गुणवत्‍ता/समयावधि को बेहतर बनाने के लिए डेटा की कमी को पूरा करना है।
  • सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय पर एसडीजी की प्रगति की निगरानी करने की जिम्‍मेदारी है। मंत्रालय ने राष्‍ट्रीय संकेतक तंत्र (एनआईएफ) विकसित किया है। इसके लिए केन्‍द्रीय मं‍त्रालयों तथा राज्‍य/केन्‍द्रशासित प्रदेश सरकारों के साथ परामर्श किया गया है। मंत्रालय ने एनआईएफ बेसलाइन रिपोर्ट 2015-16 भी जारी किया है, जिसके जरिये 2030 तक एसटीजी प्रगति का निर्धारण किया जा सकता है। राज्‍य संकेतक तंत्र एसआईएफ भी विकसित किया जाएगा ता‍कि एसडीजी प्रगति का निर्धारण राज्‍यस्‍तर पर किया जा सके। सम्‍मेलन के दौरान राज्‍य व केन्‍द्रशासित प्रदेशों की सरकारों के साथ इस विषय पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

करतारपुर गलियारा

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल 9 नवम्बर, 2019 को गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक में करतारपुर गलियारे की चैकपोस्ट का उद्घाटन करेंगे।
  • करतारपुर गलियारे की चैक पोस्ट के शुरू हो जाने से पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहेब जाने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। उल्लेखनीय है कि डेरा बाबा नानक के निकट अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित जीरो-प्वॉइंट पर करतारपुर साहेब गलियारा तैयार करने के लिए भारत ने 24 अक्टूबर, 2019 को पाकिस्तान के साथ समझौता किया था।
  • स्मरण रहे कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर में और पूरी दुनिया में श्री गुरु नानक देव जी के ऐतिहासिक 550वें प्रकाश पर्व को भव्य रूप में मनाने के लिए 22 नवम्बर, 2018 को प्रस्ताव पारित किया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डेरा बाबा नानक से अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक करतारपुर साहेब गलियारे के निर्माण और विकास को मंजूरी दी थी, ताकि पूरे वर्ष गुरुद्वारा दरबार साहेब करतारपुर जाने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं को सुविधा प्राप्त हो सके।

समझौते की मुख्य विशेषताएं –

  • सभी धर्मों को मानने वाले भारतीय और भारतीय मूल के श्रद्धालु गलियारे का उपयोग कर सकते हैं।
  • यात्रा के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं है।
  • श्रद्धालुओं के पास केवल वैधानिक पासपोर्ट होना चाहिए।
  • भारतीय मूल के लोगों के लिए अपने देश के पासपोर्ट के साथ ओसीआई कार्ड रखना आवश्यक होगा।
  • गलियारा सूर्योद्य से सूर्यास्त तक खुला रहेगा। सुबह जाने वाले श्रद्धालुओं को उसी दिन वापस लौटना होगा।
  • केवल अधिसूचित दिनों को छोड़कर गलियारा पूरे साल खुला रहेगा, जिसकी सूचना अग्रिम रूप से दे दी जाएगी।
  • श्रद्धालुओं को अकेले या समूह में अथवा पैदल जाने की छूट होगी।
  • यात्रा तिथि के 10 दिन पहले भारत श्रद्धालुओं की सूची पाकिस्तान को सौंपेगा। यात्रा तिथि के 4 दिन पहले श्रद्धालुओं को यात्रा की पुष्टि की सूचना प्राप्त हो जाएगी।
  • पाकिस्तान पक्ष ने भारत को आश्वासन दिया है कि ‘लंगर’ और ‘प्रसाद’ का पर्याप्त प्रबंध किया जाएगा।

एच-1बी वीजा

  • अमेरिका ने एच-1बी वीजा के लिए आवेदन की फीस 10 डॉलर (करीब 700 रुपए) बढ़ा दी है। यह फीस नॉन-रिफंडेबल होगी। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने गुरुवार को कहा कि इस फीस के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन सिस्टम (ईआरएस) को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इससे आने वाले समय में एच-1बी वीजा के लिए लोगों के सिलेक्शन में आसानी होगी।

अभी क्या है फीस?

  • एच-1बी वीजा के लिए अभी आवेदन पर 460 डॉलर (करीब 32 हजार रुपए) लिए जाते हैं। इसके अलावा कंपनियों को धोखाधड़ी रोकने और जांच के लिए 500 डॉलर (करीब 35 हजार रुपये) का अतिरिक्त भुगतान भी करना पड़ता है। प्रीमियम क्लास में 1410 डॉलर (करीब 98 हजार रुपये) का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है।

क्या है इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन सिस्टम?

  • यूएससीआईएस के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन सिस्टम के जरिए अमेरिका में आव्रजन प्रणाली को आधुनिक बनाया जाना है। फिलहाल मैनुअल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के तहत एच-1बी वीजा आवेदनकर्ताओं की जांच की कुछ आवश्यक जांच की जाती है। आवेदकों को उनकी उच्च शिक्षा और स्किल्स के आधार पर एच-1बी वीजा दिया जाता है। ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि इससे कई बार सिलेक्शन में कमी छूट जाती है।
  • ईआरएस के आने के बाद एच-1बी के लिए आवेदन करने वालों को पहले खुद को इस सिस्टम में रजिस्टर कराना पड़ेगा। इसके बाद फैसला किया जाएगा कि उन्हें एच-1बी वीजा देने की प्रक्रिया में शामिल किया जाना है या नहीं। यूएससीआईएस के कार्यवाहक निदेशक केन कुचिनेली का कहना है कि इससे फ्रॉड रोकने और योग्य उम्मीदवारों के सिलेक्शन में आसानी होगी। यूएससीआईएस वित्त वर्ष 2021 से इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन सिस्टम लॉन्च कर सकती है।

एच-1 बी वीजा विदेशी कर्मचारियों को जारी किया जाता है

  • अमेरिका हर साल विशिष्ट योग्यता (हाई-स्किल्ड) विदेशी कर्मचारियों को अमेरिकी कंपनियों में काम करने के लिए एच-1बी वीजा जारी करता है। तकनीकी क्षेत्र की कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से लाखों कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए इस पर निर्भर होती है। हालिया अध्ययन में सामने आया कि ट्रम्प प्रशासन ने भारतीयों को अनावश्यक रूप से निशाना बनाया और यहां के कर्मचारियों के एच-1बी वीजा आवेदन सबसे ज्यादा रद्द किए गए।

इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में वीजा रद्द किए जाने का दर 24%

  • अमेरिकी थिंक टैंक नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी द्वारा किए गए अध्ययन के मुताबिक, वीजा रद्द करने की दर 2015 में जहां 6% थी, वहीं वर्तमान वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यह दर 24% पर पहुंच गई। यह रिपोर्ट यूएस सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है।

'फ्रीडम ऑन द नेट'-2019

  • दुनियाभर में इंटरनेट की आजादी कम हो रही है और भारत में इस मामले में पीछे नहीं है। राजनीतिक दल सोशल मीडिया का इस्तेमाल राजनीति को गंदा करने और सामाजिक नियंत्रण के लिए कर रहे हैं। यह दावा अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट अधिकार समूह, 'द फ्रीडम हाउस' ने 2019 के लिए 'फ्रीडम ऑन द नेट' रिपोर्ट में किया है। इस रिपोर्ट का शीर्षक 'सोशल मीडिया का संकट' है, जिसमें जून 2018 से मई 2019 के बीच वैश्विक इंटरनेट स्वतंत्रता में गिरावट दर्ज की गई।
  • रिपोर्ट के मुताबिक इस साल हुए आम चुनावों में प्रमुख पार्टियों ने गलत सूचना और प्रचार-प्रसार के लिए बड़ी संख्या में वालंटियर और बॉट्स (इंटरनेट प्रोगाम) की तैनाती की। इसलिए मुक्त नहीं कहा जा सकता। इसी आधार पर भारत को 100 में से 55 अंक दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने वाट्एसप और फेसबुक का जमकर इस्तेमाल किया। भाजपा ने 12 लाख तो कांग्रेस ने 8 लाख समर्थकों की फौज लगाई।
  • इंटरनेट एवं डिजिटल मीडिया स्वतंत्रता के लिहाज से पाकिस्तान 10 सबसे बुरे देशों में से है। उसे महज 26 अंक मिले हैं। पाकिस्तान में चुनाव में भी गड़बड़ियां हुईं। इसमें पाया गया कि गलत या भ्रामक जानकारियां फैलाने के लिए सबसे ज्यादा पक्षपाती टीकाकारों, बोट या समाचार वेबसाइटों के प्रयोग जैसे उपायों के साथ ही वेबसाइट को ब्लॉक करना या उससे संपर्क पर जानबूझकर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों जैसी तकनीकी चालों का इस्तेमाल किया गया।

कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • दुनिया में 3.8 अरब लोगों के पास इंटरनेट है
  • 71% यूजर उन देशों में हैं, जहां राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक मामलों में पोस्ट करने पर जेल हुई
  • 65% उन देशों में हैं जहां पर 2018 में ऑनलाइन गतिविधियों के हमले या हत्याएं हुईं
  • 56% लोग उन देशों में जहां वेब कंटेंट ब्लॉक किया गया।

ईरान

  • ईरान बीती रात भूकंप के तेज झटकों से हिल उठा है। इस भूकंप की तीव्रता 5.9 बताई जा रही है। राज्य टेलीविजन पर शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार उत्तर-पश्चिमी ईरान में रात में आए भूकंप ने भारी तबाही और नुकसान किया है। भूकंप में शुक्रवार को पांच लोगों की मौत हो गई और 120 घायल हो गए हैं।
  • अमेरिकी भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण ने भूकंप की तीव्रता 5.8 बताई है और इसका केंद्र 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर बताया है।वहीं यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (EMSC) ने कहा कि भूकंप को करीब 20 मिलियन लोगों ने महसूस किया। उसके मुताबिक भूकंप की गहराई 10 किमी (6.2 मील) थी।
  • ईरान भूकंप को लेकर एक संवेदनशील क्षेत्र है, यहां औसतन एक दिन में एक भूकंप महसूस किया जाता है। 2003 में, 6.6 तीव्रता के भूकंप ने ऐतिहासिक बाम शहर को तबाह कर दिया, जिसमें 26,000 लोग मारे गए थे।

:: राजव्यवस्था और महत्वपूर्ण विधेयक ::

आतिश तासीर

  • लेखक आतिश तासीर (Aatish Taseer) द्वारा ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड के लिए किए गए आवेदन को रद कर दिया गया है। लेखक ने गृह मंत्रालय से कुछ जरुरी सूचनाएं छिपाई हैं। इसके बाद उनका ओसीआई (ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया) या पीआईओ (PIO) पर्सन्स ऑफ इंडियन ओरिजन स्टेटस को रद कर दिया गया है।
  • लेखक आतिश तासीर (Aatish Taseer) द्वारा ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड के लिए किए गए आवेदन को रद कर दिया गया है। लेखक ने गृह मंत्रालय से कुछ जरुरी सूचनाएं छिपाई हैं। इसके बाद उनका ओसीआई (ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया) या पीआईओ (PIO) पर्सन्स ऑफ इंडियन ओरिजन स्टेटस को रद कर दिया गया है।
  • उन पर आरोप है उन्होंने गृह मंत्रालय से छिपाया कि उनके पिता पाकिस्तानी मूल के रहे हैं। उनके OCI स्टेटस को समाप्त करते हुए सरकार की तरफ से कहा गया कि आतिश को PIO या OCI के कॉलम भरने के लिए मौका दिया गया था, लेकिन उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। वहीं लेखक ने इस प्रकार की सारी बातों को सिरे से खारिज किया।

क्या है OCI या PIO?

  • ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड (OCI), विदेश में रहने वाले भारतीय, जिसे PIO भी कहते हैं, भारतीय मूल के विदेशी लोगों को भारत आने की इजाजत देता है। इसके तहत भारत में उन्हें काम करने का अधिकार भी मिलता है। लेकिन वह वोट डालने का अधिकार नहीं पा पाते हैं।

वीआईपी लोगों की सुरक्षा

  • प्रधानमंत्री मोदी लगातार देश से वीआईपी कल्चर को खत्म करने की बात करते रहे हैं। इसकी शुरूआत उन्होंने अपने ही मंत्रियों और नेताओं की गाड़ी से लाल बत्ती व हूटर हटवाकर की थी। वीआईपी कल्चर को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार लगातार वीआईपी लोगों की सुरक्षा में भी कटौती कर रही है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने अब गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा हटाने का बड़ा फैसला लिया है।
  • मालूम हो कि गांधी परिवार को वर्षों से एसपीजी सुरक्षा मिली हुई है। ये पहली बार है जब केंद्र सरकार गांधी परिवार को मिली एसपीजी सुरक्षा हटाने जा रही है। इसकी जगह गांधी परिवार को सीआरपीएफ की जेड प्लास (Z+) कैटेगरी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया है। केंद्र सरकार की इस घोषणा के साथ ही राजनीतिक हंगामा भी खड़ा हो गया है। कांग्रेस केंद्र के इस फैसले के खिलाफ हमलावर हो गई है। ऐसे में आइये जानते हैं, क्या है एसपीजी सुरक्षा? किन लोगों को मिलती है ये सुरक्षा और देश में कितनी तरह की वीआईपी सुरक्षा हैं?

गृहमंत्रालय करता है सुरक्षा की समीक्षा

  • वीआईपी को दी जाने वाली सुरक्षा का मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आता है। एसपीजी, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के एक विभाक के रूप में काम करती है। गृह मंत्रालय वक्त-वक्त पर वीआईपी सुरक्षा की समीक्षा करता रहा है। इसके मुताबिक सुरक्षा को नियमित अंतराल पर घटाया या बढ़ाया जाता है। गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा हटाने से पहले केंद्र सरकार, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा भी हटा चुकी है। इसकी जगह उन्हें भी जेड़ प्लस सुरक्षा दी गई है। VIP सुरक्षा के लिए देश में एसपीजी के अलावा X, Y, Z और Z+ सुरक्षा की व्यवस्था है।

किन्हें मिलती है एसपीजी सुरक्षा?

  • स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (विशेष सुरक्षा दल) देश का एक अतिविशिष्ट सुरक्षा बल है। एसपीजी की सुरक्षा प्रधानमंत्री, उनके परिवार, पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व राष्ट्रपति को मिलती है। पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार को पद छोड़ने के बाद एक वर्ष तक एसपीजी सुरक्षा देने का प्रावधान है। इसे देश की सबसे प्रोफेशल और आधुनिक वीआईपी सुरक्षा मानी जाती है। एसपीजी प्रधानमंत्री को 24 घंटे विशेष सुरक्षा घेरे में रखती है। पीएम के अलावा उनके आवास, विमान, कार्यालय, वाहन जैसे उनके संभावित भ्रमण स्थलों सभी की सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी की होती है। इसके लिए एसपीजी को विशेष प्रशिक्षण और विशेष संसाधन मुहैया कराए जाते हैं, जो किसी और सुरक्षा बल के पास नहीं हैं। देश के अंदर हो या विदेश में एसपीजी हर वक्त साए की तरह प्रधानमंत्री के साथ रहती है।
  • एसपीजी का गठन वर्ष 1988 में किया गया था। इसके गठन का उद्देश्य ही प्रधानमंत्री और उनके परिवार समेत विशिष्ट लोगों को खास सुरक्षा प्रदान करना था। इसकी आवश्यकता पहली बार वर्ष 1984 में हुई पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद महसूस की गई थी। इसके बाद आईबी के एक विभाग के तौर पर सीधे केंद्र सरकार के अंतर्गत एक विशेष सुरक्षा दल के गठन का फैसला लिया गया था। एसपीजी के गठन से पहले प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की एक विशेष शाखा के पास थी।

देश में VIP सुरक्षा का ढ़ांचा

1. SPG सुरक्षा

  • विशेष सुरक्षा दल यानि स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) देश की सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा फोर्स है, जो बहुत सीमित लोगों को प्रदान की जाती है। एसपीजी की सुरक्षा चार स्तर की होती है। वर्तमान में एसपीजी की सुरक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके बेटे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी को प्राप्त है। प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री व पूर्व राष्ट्रपति के अलावा एकमात्र गांधी परिवार को ही ये सुरक्षा वर्षों से स्थाई तौर पर मिली हुई थी।

2. Z+ सुरक्षा

  • एसपीजी के बाद जेड प्लस देश में दूसरे कैटेगरी की वीआईपी सुरक्षा है। जेड प्लस तीन स्तर की सुरक्षा होती है। इसके तहत कुल 36 सुरक्षाकर्मी मिलते हैं। इनमें 10 एनएसजी के विशेष कमांडो होते हैं, जो पहले घेरे अथवा प्रथम स्तर की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं। इसके बाद एनएसजी के अन्य जवान दूसरे लेयर की सुरक्षा संभालते हैं। तीसरे घेरे की जिम्मेदारी अर्धसैनिक बलों जैसे आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ आदि के जवानों को शामिल किया जाता है। जेड़ प्लस सुरक्षा आम तौर पर उन्हीं केंद्रीय मंत्रियों या विशिष्ट अतिथियों को दी जाती है, जिन्हें आतंकी खतरा हो।

3. Z सुरक्षा

  • देश में ये तीसरे नंबर की वीआईपी सुरक्षा होती है। जेड सुरक्षा में कुल 22 जवान होते हैं। इनमें से चार-पांच एनएसजी के विशेष कमांडो होते हैं, जो करीबी लड़ाई की कई विधाओं में पारंगत होते हैं। ये कमांडो बिना हथियार के भी दुश्मन का मुकाबना करने में माहिर होते हैं। इसके लिए इन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। एक एस्कॉर्ट वाहन भी सुरक्षा में शामिल होता है। एनएसजी कमांडो टुकड़ी के अलावा जेड सुरक्षा में दिल्ली पुलिस या सीआरपीएफ के जवानों को भी शामिल किया जाता है।

4. Y सुरक्षा

  • वीआईपी सुरक्षा में चौथे स्थान पर आने वाली Y श्रेणी की सुरक्षा सबसे कॉमन है। ज्यादातर वीआईपी को गृहमंत्रालय की तरफ से Y श्रेणी की ही सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। इसमें कुल 11 जवान शामिल होते हैं। इसमें एक या दो कमांडों, दो पीएसओ और शेष अर्धसैनिक बलों के जवान होते हैं।

5. X सुरक्षा

  • वीआईपी को दी जाने वाली ये शुरूआती सुरक्षा सिस्टम है। एक्स श्रेणी में केवल दो सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। इन्हीं में से एक पीएसओ भी होता है।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

मूडीज ने घटाई भारत की रेटिंग

  • क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को स्टेबल से नेगेटिव करने के लिए दृष्टिकोण बदल दिया है। हालांकि, भारत सरकार इकॉनमी के फंडामेंटल्स मजबूत होने का दावा कर रही है। भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बीच मूडीज ने यह बड़ा अनुमान व्यक्त किया है। मूडीज ने BAA2 रेटिंग की पुष्टि की है और उसका मानना है कि इकोनॉमी में सुस्ती का जोखिम बढ़ता जा रहा है।
  • मूडीज द्वारा रेटिंग नेगेटिव करने के बाद सरकार का कहना है कि एजेंसी ने भारत की रेटिंग घटाई लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है। मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस के अनुसार, भविष्य में लंबे समय तक आर्थिक मंदी की अटकलें बनी रहेंगी और कर्ज बढ़ेगा। मालूम हो कि एजेंसी ने भारत के लिए Baa2 विदेशी मुद्रा और स्थानीय-मुद्रा दीर्घकालिक जारीकर्ता रेटिंग की पुष्टि की है। दरअसल, एजेंसियों द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ के अनुमान में कमी करने के बाद भारत की रेटिंग में यह गिरावट रेटिंग है। साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था कमजोर डिमांड के कारण बुरे दौर से गुजर रही है।
  • हालांकि, सरकार अभी भी कह रही है कि भारत दुनिया में तेजी से विकास कर रही बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है। गौरतलब है कि मोदी सरकार का लक्ष्य साल 2025 तक भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। वहीं, दूसरी तरफ रेटिंग एजेंसियां भारत के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान को लगातार कम कर रही हैं, जो कि चिंता की बात है।

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (एनईएफटी)

  • आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि जनवरी 2020 से नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (एनईएफटी) पर बचत खाताधारकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाए। डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के मकसद से आरबीआई ने शुक्रवार को ये निर्देश जारी किए।

नॉन कैश रिटेल पेमेंट में डिजिटल पेमेंट की 96% हिस्सेदारी

  1. आरबीआई ने सभी अधिकृत पेमेंट सिस्टम्स को नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन फास्टैग से लिंक करने की मंजूरी भी दी है। फास्टैग का इस्तेमाल अब पार्किंग शुल्क के भुगतान और पेट्रोल पंप पर भी किया जा सकेगा।
  2. आरबीआई ने बताया कि अक्टूबर 2018 से सितंबर 2019 तक नॉन कैश रिटेल पेमेंट में डिजिटल पेमेंट की 96% हिस्सेदारी रही। इस दौरान 252 करोड़ एनईएफटी और 874 करोड़ यूपीआई ट्रांजेक्शन हुए।
  3. आरबीआई ने जून में मौद्रिक नीति की समीक्षा के वक्त ही एनईएफटी के शुल्क खत्म करने का फैसला ले लिया था, लेकिन इसे अनिवार्य रूप से लागू करने की तारीख तय नहीं की थी। बैंक एनईएफटी ट्रांजेक्शन की वैल्यू के आधार पर 1 रुपए से 25 रुपए तक शुल्क लेते हैं।
  4. आईसीआईसीआई समेत कुछ बैंक इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप से एनईएफटी पर शुल्क नहीं लेते, सिर्फ ब्रांच से ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगता है। एसबीआई ने भी जुलाई में नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और योनो के जरिए एनईएफटी पर शुल्क खत्म कर दिए थे। साथ ही ब्रांच से एनईएफटी पर चार्ज 20% तक घटा दिए थे।

ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स (13वां संशोधन) नियम 2019

  • दवा कंपनियां अब किसी प्रचलित ब्रांड से मिलते-जुलते नामों वाली नई दवाएं बाजार में नहीं उतार सकेंगी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स नियमों में इससे जुड़ा नया प्रावधान जोड़ दिया है। इसके तहत दवा के लिए मंजूरी लेते समय दवा कंपनियों को एक शपथपत्र देना होगा। इसमें यह साफ करना होगा कि जिस दवा की अनुमति मांगी जा रही है, उस नाम की या उससे मिलते-जुलते नाम का दवा पहले से बाजार में नहीं है।
  • ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स (13वां संशोधन) नियम 2019 के नाम से प्रकाशित इन नए नियमों में कहा गया है कि दवा विपणन की अनुमति मांगते वक्त फार्मा कंपनियों को एक घोषणा-पत्र देना होगा।
  • इसमें यह बताना होगा कि उन्होंने दवा का ब्रांड नेम तय करने से पहले ट्रेडमार्क रजिस्ट्री, ब्रांड नेम का केंद्रीय डाटा बेस, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के पास मौजूद दवाओं के ट्रेड नेम, संदर्भ पुस्तकों में मौजूद ड्रग फॉर्मूलेशन के नाम और इंटरनेट पर मौजूद दवाओं के नाम को खंगाला है।
  • साथ ही उनकी ओर से प्रस्तावित दवा का नाम या कोई मिलता-जुलता नाम पहले से मौजूद नहीं है और इससे बाजार में किसी प्रकार के भ्रम या धोखे की स्थिति नहीं बनेगी। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। इससे पहले, इसी साल फरवरी में मंत्रालय ने इस नियम से जुड़ा मसौदा जारी किया था और उस पर हितधारकों के सुझाव आमंत्रित किए थे।

रेलवे के परिचालन प्रौद्योगिकी को सशक्‍त करने हेतु तीन नए ऑनलाइन एप

  • भारतीय रेल ने परिचालन प्रौदयोगिकी को सशक्‍त बनाने के लिए तीन नए ऑनलाइन एप जारी किए हैं। इसके माध्‍यम से रेल परियेाजनाओं की सही निगरानी सुनिश्चित होगी और डिजिटल इंडिया की परिकल्पना को बढ़ावा मिलेगा। इन तीन नए ऑनलाइन एप का ब्‍यौरा और विशेषताएं इस प्रकार हैं :-

1. सीआरएस सेंक्‍शन मैनेजमेंड सिस्‍टम: यह प्रौद्योगिकी प्रणाली रेलवे परिसम्‍पत्तियों के निर्माण, रखरखाव और उन्‍नयन से जुड़ी है। इसके तहत लेवल क्रॉसिंग और छोटे पुलों से संबंधित कार्यों की निगरानी की जाएगी। इसके अलावा इस एप्लिकेशन माध्‍यम से टर्नआउट और लूप लाइन्स में रेलगाड़ी की गति में वृद्धि, नई लाइनों का निरीक्षण और दोहरीकरण आदि शामिल हैं।

  • सीआरएस स्वीकृति के लिए मामलों पर तेजी से काम।
  • सीआरएस द्वारा अनुपालन पर दिये गये सुझावों की प्रभावी निगरानी
  • सीआरएस मंजूरी से संबंधित सर्कुलर/चेक-लिस्ट/दिशा-निर्देशों ऑनलाइन रिपॉजिटरी बनाना।
  • मामलों की निगरानी और उनके तुलनात्‍मक अध्‍ययन के लिए प्रबंधकीय रिपोर्ट तैयार करना।

2. रेल-रोड क्रॉसिंग जीएडी अनुमोदन प्रणाली: ऑनलाइन ई-गवर्नेंस प्लेटफ़ॉर्म के लिए यह परियोजना रेल मंत्रालय और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा तैयार की गई है। इसके माध्‍यम से ओवर ब्रिज (आरओबी)/रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी)सड़क निर्माण से संबंधित सामान्य अनुबंध ड्राइंग (जीएडी) की तैयारी की अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी लाना है। यह प्रणाली 2014 से सफलतापूर्वक काम कर रही है। अब, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए भी आरओबी/आरयूबी के निर्माण से जुड़े मामलों को देखने के लिए अलग से एक मॉड्यूल विकसित किया गया है। परियोजना के लाभ निम्‍न हैं-

  • प्रस्तावों की मंजूरी के लिए प्रत्येक चरण के लिए रेलवे और राज्य सरकारों / केंद्र शासित प्रदेशों की जवाबदेही तय की गई है।
  • हितधारकों (रेलवे/राज्यों) के बीच बेहतर और वास्तविक समय समन्वय।
  • प्रत्येक चरण में मेल और एसएमएस के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को वा‍स्‍तविक स्थिति की जानकारी की सुविधा दी जाती है।
  • पूरा प्रस्ताव अधिकतम 60 दिनों में अनुमोदित किए जाने का लक्ष्य है।
  • प्रस्ताव और इसके लिए संपर्क किये जाने वाले व्यक्ति से संबंधित सभी जानकारी प्रस्ताव में उपलब्ध है।

3. टीएमएस फॉर कन्‍सट्रक्‍शन: यह एप्‍लीकेशन निर्माण और परियोजना संगठनों द्वारा बनाई जाने वाली नई रेल परिसम्‍पत्तियों के लिए है। निर्माण के दौरान और निर्माण पूरा हो जाने दोनों ही स्थितियों में परिसम्‍पत्तियों से जुड़े डेटा नियमित रूप से इस पर अपलोड किये जा सकते है। परियोजना के लाभ इस प्रकार हैं-

  • स्रोत के स्‍तर पर डेटा सत्यापन।
  • डेटा प्रविष्टि और उसके सुधार की आसान प्रक्रिया
  • डेटा प्रविष्टि की जांच और सत्‍यापन को आसान बनाना
  • प्रत्‍येक डेटा के एप्लिकेशन डिज़ाइन में स्वामित्व और ज़िम्मेदारी तय और परिभाषित की गई है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

विलुप्त पोलियो वायरस टाइप 2

  • पाकिस्तान के उत्तरी हिस्से में पिछले कुछ महीनों में विलुप्त पोलियो वायरस टाइप 2 के सात मामले सामने आए हैं। पाकिस्तान में पोलियो संक्रमण के ये मामले हैरान करने वाले हैं क्योंकि उन्मूलन के कारण मुल्क में इसका टीकाकरण 2014 में बंद कर दिया गया था। पाकिस्तान में हालांकि टाइप 1 और टाइप 3 पोलियो टीके अब भी दिए जा रहे हैं। विश्व में पाकिस्तान और अफगानिस्तान दो ही ऐसे देश बचे हैं जहां पोलियो का कहर अब भी जारी है। इस साल पाकिस्तान में पोलियो के 72 मामले सामने आ चुके हैं।अमेरिका के अटलांटा स्थित रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र (सीडीसी) की लैब ने टाइप 2 संक्रमण की पुष्टि की है।

पाकिस्‍तान में पोलियो के मामलों में बढोतरी के कारण

  • पाकिस्‍तान में पोलियो का ड्रॉप पिलाए जाने के मामले में मुस्लिम परिवारों पर कहीं पर धर्म आड़े आ जा रहा है तो कहीं पर अफवाह के चलते वो अपने बच्चों को ये ड्रॉप नहीं पिला रहे हैं जिसका नतीजा आने वाले समय में दिख ही जाता है। पाकिस्तान में इस साल पोलियो के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पाकिस्तान में इस बीमारी को जड़ से खत्म करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
  • दरअसल पोलियो विरोधी अभियान में जो कर्मचारी लगे होते हैं उनके साथ आए दिन मारपीट की जा रही है। इस वजह से वो कई बार इलाकों में दवा पिलाने के लिए ही नहीं जाते हैं। साल 2018 में पाकिस्तान में पोलियो के 12 मामले सामने आए थे जबकि इस साल अभी तक 72 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अभी भी ये साल खत्म होने में दो माह का समय शेष है, ऐसे में ये उम्मीद है कि पोलियो के मामलों की संख्या और अधिक निकलेगी।

'इंडियन एयरफोर्स- ए कट अबव'

  • इंडियन एयरफोर्स ने अपने मोबाइल गेम 'इंडियन एयरफोर्स- ए कट अबव' का दूसरा वर्जन आज लॉन्च किया। एयरफोर्स के वाइस चीफ एयर मार्शल एचएस अरोड़ा ने यह वर्जन लॉन्च किया।
  • युवाओं और बच्चों का सेना की तरफ रुझान बढ़ाने के लिए इंडियन एयरफोर्स ने 31 मई को इस मोबाइल गेम का पहला वर्जन लॉन्च किया था। अब तक इसके 2.2 मिलियन डाउनलोड हो गए हैं। पहले वर्जन में सिंगल प्लेयर विंग कमांडर अभिनंदन की तरह फाइटर जेट उड़ाकर दुश्मन के इलाके को निस्तेनाबूत कर सकते थे। यह एक 3D एयर कॉम्बैट गेम है जिसे सिंगल प्लेयर ऑफ लाइन खेल सकते हैं।

:: विविध ::

2023 पुरुष हॉकी विश्व कप

  • इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (International Hockey Federation) ने 2022 औऱ 2023 के विश्व कप के मेजबानों के नाम की घोषणा की। भारत को 2023 में खेले जाने वाले पुरुष वर्ल्ड कप हॉकी की मेजबानी का जिम्मा देने का फैसला लिया गया। वहीं 2022 महिला हॉकी विश्व कप का आयोजन स्पेन और नीदरलैंड्स की संयुक्त मेजबानी में होगा।
  • भारत लगातार दूसरी बार विश्व कप की मेजबानी करेगा। 2018 में हुए हॉकी के इस बड़े टूर्नामेंट का आयोजन भारत के भुवनेश्वर में किया गया था। भारत ने साल 1975 में हॉकी विश्व कप का खिताब जीता था। यह उसका पहला और आखिरी विश्व कप खिताब साबित हुआ। पाकिस्तान की टीम ने सबसे ज्यादा चार बार विश्व कप की ट्रॉफी जीती है।

रोहित शर्मा और शिखर धवन

  • राजकोट में भारत व बांग्लादेश के बीच खेले गए दूसरे टी 20 मुकाबले में भारतीय ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन व रोहित शर्मा ने टी 20 क्रिकेट में एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। दोनों के बीच टी 20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ये चौथी शतकीय साझेदारी थी। अब क्रिकेट से सबसे छोटे प्रारूप में ये दोनों बल्लेबाज सबसे ज्यादा बार शतकीय साझेदारी करने वाले पहली जोड़ी बन गए हैं।

जस्टिस अकील कुरैशी

  • केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट के जज जस्टिस अकील कुरैशी को त्रिपुरा हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। जस्टिस कुरैशी के प्रमोशन और नियुक्ति का मामला लंबे समय से केंद्र सरकार के समक्ष लंबित था। सूत्रों के मुताबिक बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार ने इस बारे में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी।

आर अश्विन

  • भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर आर अश्विन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आने वाले सीजन में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलेंगे। अश्विन के बदले में दिल्ली कैपिटल्स अब किंग्स इलेवन पंजाब को एक करोड़ रुपये देगा। 14 नवंबर को आईपीएल ट्रांसफर विंडो खत्म हो जाएगा और अगले महीने 19 तारीख को आईपीएल 2020 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी होगी। एक करोड़ रुपये के अलावा दिल्ली कैपिटल्स ने किंग्स इलेवन पंजाब को अपना ऑलराउंडर जगदीश सूचित दे दिया है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • ‘एनसीआर-2041’ सम्मेलन का आयोजन कहां किया जाएगा? (नई दिल्ली)
  • खालिस्तान कट्टरपंथियों के द्वारा प्रायोजित गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध किस विवादित एप का भारतीय लोगों के द्वारा विरोध किया जा रहा है? ('2020 सिख रेफरेंडम एप')
  • शिल्पोत्सव 2019 का आयोजन कहां पर किया गया? (नई दिल्ली)
  • 27वां केन्द्र और राज्य सांख्यिकी संगठन सम्मेलन का आयोजन कहां किया जाएगा? (कोलकाता)
  • हाल ही में किस अंतरराष्ट्रीय समूह के द्वारा 'फ्रीडम ऑन द नेट'-2019 रिपोर्ट प्रस्तुत की गई? (द फ्रीडम हाउस)
  • हाल ही में भारत सरकार के द्वारा किस लेखक का ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड रद्द कर दिया गया है? (आतिश तासीर)
  • हाल ही में भारतीय सरकार के द्वारा गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा हटाने का निर्णय किया गया है? किस वर्ष एसपीजी का गठन किया गया था? (1988)
  • हाल ही में किस रेटिंग एजेंसी ने भारत की रेटिंग घटाकर BAA2 कर दी है? (मूडीज)
  • हाल ही में कौन सा ऐप भारतीय रेलवे द्वारा परिचालन में सुधार हेतु जारी किया गया है? (सीआरएस सेंक्‍शन मैनेजमेंड सिस्‍टम, रेल-रोड क्रॉसिंग जीएडी अनुमोदन प्रणाली, टीएमएस फॉर कन्‍सट्रक्‍शन)
  • हाल ही में किस देश में विलुप्त पोलियो वायरस टाइप 2 के कई मामले सामने आए हैं? (पाकिस्तान)
  • हाल ही में भारतीय एयरफोर्स के द्वारा किस ऑनलाइन वीडियो गेम का दूसरा वर्जन प्रस्तुत किया गया है? (इंडियन एयरफोर्स- ए कट अबव)
  • पुरुष हॉकी विश्व कप 2023 का आयोजन कहां किया जाएगा? (भारत )
  • हॉकी महिला विश्व कप 2022 का आयोजन कहां किया जाएगा? (स्पेन और नीदरलैंड्स)
  • निम्नलिखित बल्लेबाजों की जोड़ी में से कौन टी-20 प्रारूप में सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारी करने वाली जोड़ी है? (रोहित शर्मा और शिखर धवन)
  • हाल ही में किस न्यायधीश को त्रिपुरा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में केंद्र सरकार के द्वारा सहमति प्रदान की गई है? (जस्टिस अकील कुरैशी)
  • हाल ही में आर अश्विन को आईपीएल के किस फ्रेंचाइजी कंपनी ने अपनी टीम में शामिल किया? (दिल्ली कैपिटल)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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