(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (09 अप्रैल 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (09 अप्रैल 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

लॉकडाउन : जीआईसैट-1 का प्रक्षेपण फिर टला

  • कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण जीआईसैट-1 उपग्रह का प्रक्षेपण फिर से टल गया है। आपको बता दे जीएसएलवी-एफ10 से जीआईसैट-1 उपग्रह का प्रक्षेपण पांच मार्च को होना था लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से यह टल गया था।

जीआईसैट-1 से सम्बंधित जानकारी

  • देश की सीमाओं पर नजदीकी नजर रखने में सक्षम इस उपग्रह का प्रक्षेपण स्वदेशी भूस्थैतिक उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी-एफ10) से किया जाना है। पूरे भारतीय उपमहाद्वीप की लगभग 'रियल टाइम' तस्वीरें भेजने में समर्थ 2,275 किलोग्राम वजन वाला उपग्रह जीआईसैट-1 अत्याधुनिक सजग 'ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट' है। इसे 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई वाली कक्षा में स्थापित किया जाना है।
  • यह देश का पहला उपग्रह है जिसे इतनी ऊंची कक्षा में रखा जाएगा। चार मीटर व्यास वाला यह उपग्रह जीआईसैट श्रृंखला का पहला उपग्रह है। आसमान में बादल नहीं रहने की स्थिति में यह पूरे भारतीय उपमहाद्वीप की तकरीबन 'रियल टाइम' तस्वीरें भेजने में समर्थ है, जिससे देश की सीमाओं पर हो रही हलचल के बारे में तुरंत जानकारी मिल सकेगी। यह जीएसएलवी की 14वीं उड़ान होगी।

भारत बढ़ाएगा रणनीतिक खनिज तेल भंडार

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का फायदा उठाते हुए भारत अपने भूमिगत भंडार भरने की तैयारी कर रहा है। भारत ने अपनी आपातकालीन जरूरतों के लिए 53.3 लाख टन का भंडार तैयार किया है। कर्नाटक के मंगलुरु और पाडुर तथा आंध्र प्रदेश के विशाखापतनम में बने इन रिजर्व से आपात स्थिति में 9.5 दिन तक तेल की जरूरत को पूरा किया जा सकता है। इन रिजर्व को भरने के लिए भारत ने सऊदी अरब और यूएई से आयात बढ़ाया है। मंगलुरु और पाडुर के रिजर्व आधे खाली हैं, जबकि विशाखापतनम वाले रिजर्व में भी कुछ जगह खाली है।

क्या है इंडियन स्‍ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्वस?

  • ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, भारत सरकार ने तीन स्थानों नामतः विशाखापटनम, मंगलौर और पादुर (उडूपी के निकट) 5 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) के सामरिक खनिज तेल भंडार बनाने का निर्णय लिया गया। ये सामरिक भंडारण तेल कंपनियों के पास खनिज तेल और पेट्रोलियम उत्‍पादों के विद्यमान भंडारणों के अतिरिक्‍त होंगे और आपूर्ति बाधाओं के प्रतिउत्‍तर में एक ढाल के रूप में कार्य करेंगे।
  • सामरिक खनिज तेल भंडारण सुविधाओं के निर्माण का प्रबंधन एक विशेष प्रयोजन कंपनी इंडियन स्‍ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्वस लिमिटेड (आईएसपीआरएल) द्वारा किया जा रहा है, जो तेल उद्योग विकास बोर्ड (ओआईडीबी) की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी जोकि पैट्रोलियम एवं नैचुरल गैस मंत्रालय के अधीन है। इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) द्वारा तीनों स्थलों हेतु परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता के रूप में कार्य किया गया।

मुफ्त में होगी कोरोना वायरस की जांच:सुप्रीम कोर्ट

  • देश में कोरोना वायरस महामारी के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने आदेश दिया कि मान्यताप्राप्त सरकारी या प्राइवेट लैब में कोरोना वायरस की जांच मुफ्त में होगी। इसके लिए अदालत ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह मान्यताप्राप्त सभी लैबों को मुफ्त में कोरोना जांच करने का निर्देश दे। कोरोना वायरस की जांच से जुड़ी एक याचिका पर अंतरिम आदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से 2 हफ्ते में हलफनामा दायर करने को कहा है।

NABL, WHO या ICMR से अप्रूव्ड लैब ही करें जांच: SC

  • सुप्रीम कोर्ट ने साथ में यह भी कहा कि कोरोना वायरस की जांच सिर्फ वहीं लैब करें तो NABL यानी National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories से मान्यता प्राप्त लैबों या विश्व स्वास्थ्य संगठन या ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) से मंजूरी प्राप्त किसी एजेंसी के जरिए होनी चाहिए।

पृष्ठभूमि

  • केंद्र सरकार ने 21 मार्च को निजी प्रयोगशालाओं को प्रत्येक कोविड-19 जांच के लिए अधिकतम मूल्य 4,500 रुपये तक रखने की सिफारिश की थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 21 मार्च की रात को इसका नोटिफिकेश जारी किया गया था। जारी गाइडलाइन के मुताबिक, कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच के लिए अधिकतम 4,500 रुपये तक ही वसूले जा सकते थे।
  • सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में निजी संस्थाओं द्वारा कोरोना परीक्षण के लिए अधिकतम 4,500 रुपये तय करने के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की सलाह को चुनौती दी गई थी। याचिका में यह भी निर्देश देने की मांग की गई थी कि ऐसे सभी परीक्षण मान्यता प्राप्त पैथोलॉजिकल लैबों द्वारा किए जाएं। मुफ्त में टेस्ट का सुझाव देते हुए, याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि प्राइवेट लैबों के टेस्टिंग फीस पर पर्दा डालना संविधान के आदर्शों और मूल्यों का उल्लंघन करता है।

जनजातियों के लिए ट्राइफेड और यूनिसेफ की संयुक्त डिजिटल अभियान

  • ट्राइफेड यूनिसेफ के साथ मिलकर स्वयं सहायता समूहों के लिए एक डिजिटल अभियान की शुरुआत करेगा। इसके लिए डिजिटल संचार रणनीति विकसित की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनजातीय-संग्राहक सुरक्षित रूप से अपना कार्य कर सकें। इस अभियान में एक-दूसरे से आवश्यक दूरी बनाए रखने के संदेश को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • यूनिसेफ डिजिटल मीडिया सामग्री प्रदान करेगा जिसे सभी स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) केन्द्रों पर वितरित किया जाएगा। यूनिसेफ के सहयोग से वर्चुअल प्रशिक्षण (कोविड के संबंध में मूल जानकारी, प्रमुख रोकथाम व्यवहार) के लिए वेबिनार आयोजित किए जाएंगे; सोशल मीडिया अभियान (एक-दूसरे से आवश्यक दूरी बनाए रखना घर में क्वारंटाइन होना) चलाए जाएंगे तथा वन्य रेडियो का संचालन किया जाएगा।
  • इसके अलावा ट्राइफेड ने आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के #स्टैंड विथ ह्यूमिनिटी कार्यक्रम से संपर्क किया है। इसमें स्टैंड विथ ट्राइवल फैमिलीज (जनजातीय परिवारों के साथ खड़े हों) घटक जोड़ने से जनजातीय समूहों को अस्तित्व के लिए आवश्यक भोजन और राशन प्राप्त होगा।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन कूटनीति: मलेशिया

  • कोविड-19 से जूझते मलेशिया को भी हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन (एचसीक्यू) चाहिए। मलेशिया ने भारत से इसकी आपूर्ति का आग्रह किया है और दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक महत्व का बता कर यह संकेत दिया है कि कश्मीर को लेकर उसका रुख भी बदलेगा। मलेशिया की राजधानी क्वालाल्मपुर में भारतीय उच्चायुक्त मृदुल कुमार ने विदेश मंत्री हिशामुद्दीन हुसैन से मुलाकात की और जो संकेत दिए वे साफ हैं कि दोनों देश पिछले कुछ महीनों को भुला कर आगे बढ़ने को तैयार हैं।

पृष्ठभूमि

  • मार्च के पहले हफ्ते में मलेशिया में राजनीतिक बदलाव हुआ है जिससे वहां मुहिद्दीन यासिन की अगुवाई में नई सरकार बनी है। यासिन की सरकार ने सत्ता में आते ही भारत के हितों के खिलाफ उठाये जाने वाले कदमों पर रोक लगा दी है। पूर्व पीएम महातिर मुहम्मद जहां बार-बार कश्मीर का मुद्दा उठा रहे थे, वहीं नई सरकार ने साफ कहा है कि भारत उसका अहम रणनीतिक साझीदार देश है।
  • पूर्व पीएम महातिर ने पहले जाकिर नाइक के मामले में और उसके बाद कश्मीर मसला उठा कर भारत के रणनीतिक हितों के खिलाफ काम किया था। सितंबर, 2019 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के भारत सरकार के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई। बाद में जब भारत ने नागरिकता संशोधन कानून पारित किया तो इसके खिलाफ भी बोले। असलियत में पाकिस्तान के पीएम इमरान खान व तुर्की के राष्ट्रपति एदरेगेन के साथ मिल कर उन्होंने भारत के खिलाफ एक तिकड़ी बनाने की कोशिश की। भारत ने इसका कूटनीतिक प्रतिकार किया और मलेशिया से पाम आयल खरीदने पर गैर शुल्कीय अवरोध भी खड़ा कर दिया है।

अमेरिका ने डब्ल्यूएचओ पर चीन का पक्ष लेने का लगाया आरोप

  • कोरोना संकट से जूझ रहे अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को फंडिंग रोकने की धमकी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ पर चीन केंद्रित होने का आरोप भी लगाया है।
  • जेनेवा मुख्यालय वाला डब्ल्यूएचओ अमेरिका से बड़ी फंडिंग प्राप्त करता है। ट्रंप ने कहा कि डब्ल्यूएचओ को हमारी ओर से सबसे ज्यादा फंडिंग की जाती है। हम उसे 5.8 करोड़ डॉलर से ज्यादा वित्तीय मदद देते हैं। यह रकम भी बहुत बड़ी नहीं हैं। हमने पिछले कई वर्षों में काफी पैसा दिया है। कई कार्यक्रमों के लिए भी फंडिंग की है। अगर वह काम करता है तो अच्छी बात है।

क्या है विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)?

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन या डब्ल्यूएचओ की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को हुई थी।इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में है। अभी डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडहानॉम (Tedros Adhanom) हैं।
  • डब्ल्यूएचओ एक वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी है यानी इसका मुख्य काम इसका मुख्य काम दुनियाभर में स्वास्थ्य समस्याओं पर नजर रखना और उन्हें सुलझाने में मदद करना है। दुनिया में स्वास्थ्य संबंधी रुझानों की निगरानी और आकलन करना भी इसकी जिम्मेदारी है। यह संगठन मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्‍वास्‍थ्‍य, संचारी रोग नियंत्रण, असंचारी रोग आदि की रोकथाम की दिशा में काम करता है।

:: भारतीय राजव्यवस्था ::

एसेंशियल सर्विसेज़ मैनेजमेंट एक्ट (Essential Services Management Act- ESMA)

  • मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के फैलाव को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वास्थ्य सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा घोषित कर दिया है। इसके तहत अब स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं देने से कोई इन्कार नहीं कर सकेगा।
  • अब न तो स्वास्थ्य का अमला ड्यूटी पर आने से मना कर सकता है और न दवा दुकानदार दुकान खोलने या निर्माता दवा या उपकरण बनाने से इन्कार कर सकता है। यदि किसी ने ऐसा किया तो उसके खिलाफ अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (ESMA) के तहत कार्रवाई होगी।

क्या है ESMA?

एस्मा कानून संसद द्वारा पारित अधिनियम है, जिसे 1968 में लागू किया गया था। हड़ताल को रोकने के लिए यह कानून लगाया जाता है। एस्मा लागू करने से पहले इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को समाचार पत्र या अन्य माध्यमों से सूचित किया जाता है। यह कानून अधिकतम छह माह के लिए लगाया जा सकता है। इसके लागू होने के बाद यदि कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो वह अवैध और दण्डनीय है। कानून का उल्लंघन कर हड़ताल पर जाने वाले किसी भी कर्मचारी को बिना वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है।

आवश्यक वस्तु (ईसी) अधिनियम 1955 को लागू करने पर जोर

  • देश में आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति को बनाए रखने के क्रम में, केंद्रीय गृह सचिव, श्री अजय कुमार भल्ला ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जरूरी कदम उठाते हुए आवश्यक वस्तु (ईसी) अधिनियम 1955 के प्रावधानों को लागू करने को कहा है। इन उपायों में स्टॉक सीमा का निर्धारण, मूल्यों की अधिकतम सीमा, उत्पादन में वृद्धि, विक्रेताओं के खातों का निरीक्षण और इसी प्रकार की अन्य गतिविधियां शामिल हैं।

क्यों आवश्यक है?

  • विशेष रूप से श्रम आपूर्ति में कमी जैसे कई कारकों के कारण उत्पादन में हानि की खबर है। इस स्थिति में, स्टॉक संचयन/ जमाखोरी और कालाबाजारी, मुनाफाखोरी और सट्टा व्यवसाय जैसी संभावनाओं के परिणामस्वरूप आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती है। राज्यों को बड़े पैमाने पर जनता के लिए उचित मूल्य पर इन वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने के लिए कहा गया है।
  • इससे पूर्व, गृह मंत्रालय (एमएचए) आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अपने आदेशों में खाद्य पदार्थों, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों जैसे आवश्यक सामानों के संबंध में निर्माण/ उत्पादन, परिवहन और अन्य संबंधित आपूर्ति-श्रृंखला गतिविधियों की अनुमति दे चुका है।
  • इसके अतिरिक्त, भारत सरकार का उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय  30 जून, 2020 तक केंद्र सरकार की पूर्व सहमति जैसी आवश्यकता में भी छूट देते हुए ईसी अधिनियम, 1955 के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश देने के लिए अधिकृत कर रहा है।

क्या है प्रावधान?

  • ईसी अधिनियम के तहत अपराध, एक आपराधिक जुर्म हैं और इसके परिणामस्वरूप 7 वर्ष की सज़ा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश, कालाबाजारी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के रखरखाव निवारण अधिनियम, 1980 के तहत अपराधियों को हिरासत में लेने पर भी विचार कर सकते हैं।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

'आईएलओ निगरानी- दूसरा संस्करण (कोविड-19) और वैश्विक कामकाज

  • संयुक्त राष्ट्र के श्रम निकाय ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस संकट के कारण भारत में अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले लगभग 40 करोड़ लोग गरीबी में फंस सकते हैं और अनुमान है कि इस साल दुनिया भर में 19.5 करोड़ लोगों की पूर्णकालिक नौकरी छूट सकती है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने अपनी रिपोर्ट 'आईएलओ निगरानी- दूसरा संस्करण (कोविड-19) और वैश्विक कामकाज में कोरोना वायरस संकट को दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे भयानक संकट बताया है।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

  • आईएलओ के महानिदेशक गाय राइडर ने मंगलवार को कहा, 'विकसित और विकासशील दोनों अर्थव्यवस्थाओं में श्रमिकों और व्यवसायों को तबाही का सामना करना पड़ रहा है। हमें तेजी से, निर्णायक रूप से और एक साथ कदम उठाने होंगे।'
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में दो अरब लोग अनौपचारिक क्षेत्र में काम करते हैं। इनमें से ज्यादातर उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में हैं और ये विशेष रूप से संकट में हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 संकट से पहले ही अनौपचारिक क्षेत्र के लाखों श्रमिकों प्रभावित हो चुके हैं।
  • आईएलओ ने कहा, 'भारत, नाइजीरिया और ब्राजील में लॉकडाउन और अन्य नियंत्रण उपायों से बड़ी संख्या में अनौपचारिक अर्थव्यवस्था के श्रमिक प्रभावित हुए हैं।' रिपोर्ट में कहा गया है, 'भारत में अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में काम करने वालों की हिस्सेदारी लगभग 90 प्रतिशत है, इसमें से करीब 40 करोड़ श्रमिकों के सामने गरीबी में फंसने का संकट है। इसके मुताबिक भारत में लागू किए गए देशव्यापी बंद से ये श्रमिक बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और उन्हें अपने गांवों की ओर लौटने को मजबूर होना पड़ा है।'
  • राइडर ने कहा, 'यह पिछले 75 वर्षों के दौरान अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए सबसे बड़ी परीक्षा है। यदि कोई एक देश विफल होगा, तो हम सभी विफल हो जाएंगे। हमें ऐसे समाधान खोजने होंगे जो हमारे वैश्विक समाज के सभी वर्गों की मदद करें, विशेष रूप से उनकी, जो सबसे कमजोर हैं या अपनी मदद करने में सबसे कम सक्षम हैं।' रिपोर्ट के मुताबिक रोजगार में सबसे अधिक कटौती अरब देशों में होगी, जिसके बाद यूरोप और एशिया-प्रशांत का स्थान होगा।

क्‍या है अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन

आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन, अंतरराष्ट्रीय आधारों पर मजदूरों तथा श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए नियम बनाता है। यह संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट संस्था है। यह संस्था अंतर्राष्ट्रीय श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ शिकायतों को पंजीकृत तो कर सकती है, किंतु यह सरकारों पर प्रतिबंध आरोपित नहीं कर सकती है। इस संगठन की स्थापना प्रथम विश्वयुद्ध के पश्चात् ‘लीग ऑफ नेशन्स’ की एक एजेंसी के रूप में वर्ष 1919 में की गई थी।इस संगठन का मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड के जेनेवा में स्थित है।

कोविड-19 से विश्व व्यापार में एक-तिहाई गिरावट की आशंका-WTO

  • विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) ने कोरोना वायरस महामारी को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि वैश्विक व्यापार में 2020 में एक तिहाई गिरावट आने की आशंका है। डब्ल्यूटीओ ने एक बयान में कहा, ‘‘विश्व व्यापार में 2020 में 13 प्रतिशत से 32 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है।
  • कोविड-19 की वजह से यूरोपीय संघ की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देश जर्मनी और फ्रांस घोर मंदी का सामना कर रहें है । कोरोना वायरस महामारी की वजह से उत्पादन दशकों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
  • 1970 के शुरु में जर्मनी में होने वाली मंदी के बाद साल 2008-2009 में दूसरी तिमाही में वित्तीय संकट आया था। लेकिन इस बार  संकट उससे भी कह रहा है और मंदी उससे भी भीषण रहने की आशंका है।
  • फ्रांस की जीडीपी ग्रोथ 1945 के बाद साल 2009 में -2.2 फीसदी थी। लेकिन इस साल ग्रोथ रेट -2.2 फीसदी से भी कम रहने के आसार हैं।

क्‍या है विश्व व्यापार संगठन?

  • विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) एक बहुपक्षीय संस्था है जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार का नियमन करती है। इसकी स्थापना पहली जनवरी 1995 को हुई और इसका मुख्यालय स्विटजरलैंड के जेनेवा शहर में है।

‘ग्लोबल फूड सिस्टम रिपोर्ट’ 2020: (IFPRI)

  • अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (आईएफपीआरआई) की एक नवीनतम रिपोर्ट में कहा गया गया है कि कोरोनोवायरस के तेजी से फैलने के कारण विशेष रूप से विकासशील दुनिया में हाशिये के लोगों के बीच खाद्य असुरक्षा, कुपोषण और गरीबी बढ़ सकती है। आईएफपीआरआई ने वर्ष 2020 की ‘ग्लोबल फूड सिस्टम रिपोर्ट’ में कहा है कि नीति निर्माताओं को एक अधिक मजबूत, परिस्थितिकी अनुकूल , समावेशी और स्वस्थ भोजन प्रणाली विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो लोगों को इस प्रकार के झटकों का सामना करने में मदद कर सके।
  • रिपोर्ट में केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डाला गया है जो समावेशी खाद्य प्रणालियाँ- गरीबी, भुखमरी, कुपोषण को समाप्त करने के वैश्विक लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में निभाती हैं तथा छोटे किसानों, महिलाओं, युवाओं और आंतरिक संघर्षो से प्रभावित समूहों के लिए खाद्य प्रणालियों को अधिक समावेशी बनाने की सिफारिशें देती हैं।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार- बुनियादी ढांचा प्रदान कर, उपयुक्त बाजार सहायता बनाकर, समावेशी कृषि व्यवसाय मॉडल निर्मित कर तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी की संभावनाओं का लाभ देने वाले कानून, नीतियां और नियमों को लागू कर इस समावेशी खाद्य प्रणाली को बना सकती है।

अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान क्या है?

  • अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (IFPRI) विकासशील देशों में गरीबी, भूख और कुपोषण को कम करने के लिये अनुसंधान और नीतिगत समाधान प्रदान करता है. इसकी स्थापना 1975 में हुई थी एवं इसका मुख्यालय वाशिंगटन डीसी(अमेरिका) में स्थित है. यह (Consultative Group for International Agricultural Research- CGIAR) का एक अनुसंधान केंद्र है. CGIAR उन संगठनों की एक वैश्विक भागीदारी मंच है जहाँ खाद्य सुरक्षा पर शोध का काम होता है. CGIAR अनुसंधान ग्रामीण गरीबी को कम करने, खाद्य सुरक्षा बढ़ाने, मानव स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करने और प्राकृतिक संसाधनों के स्थायी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिये समर्पित है.

यूएनइस्केप का वर्ष 2020 का आर्थिक एवं सामाजिक सर्वेक्षण

  • संयुक्त राष्ट्र के एशिया प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (यूएनइस्केप) ने वर्ष 2020 का आर्थिक एवं सामाजिक सर्वेक्षण जारी किया गया। यूएनइस्केप ने कोरोना वायरस के मद्देनजर भारत द्वारा उठाए गए कदमों की तारीफ की है।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

  • कोरोना वायरस के कारण मौजूदा वित्त वर्ष में क्षेत्र आर्थिक मंदी से इनकार नहीं किया जा सकता। संस्था ने प्रस्तुतिकरण में आर्थिक विकास दर के बारे में कोई अनुमान जारी नहीं किया, लेकिन कहा है कि अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट देखी जा सकती है।
  • हालांकि रिपोर्ट में भारत की विकास दर 2019-20 के 5 फीसदी से घटकर चालू वित्त वर्ष में 4.8 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष में सुधरकर 5.1 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जारी किया गया है।

भारत को सुझाव

  • सरकारों को बड़े पैमाने पर और लक्षित उपाय करने की जरूरत है। गरीबों और हासिये पर जी रहे लोगों की निश्चित आमदनी सुनिश्चित की जाए। वित्तीय घाटा बढ़ने की कीमत पर भी स्वास्थ्य पर निवेश करना चाहिए।
  • कोविड-19 के मद्देनजर नीतियों में अर्थव्यवस्था को दुबारा पटरी पर लाने से अधिक लोगों को प्राथमिकता देनी होगी। सरकारों को स्वास्थ्य आपात तंत्र में निवेश करने की जरूरत है।

कोरोना महासंकट के दौर में कृषि को राहत पहुंचाने पर जोर

  • केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यों के कृषि मंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत चर्चा की। इस दौरान मुख्य रूप से कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण उत्पन्न संकट के दौर में खेती-किसानी के लिए हरसंभव राहत पहुंचाने पर जोर दिया गया।

दिए गए निर्देश

  • फसल कटाई पश्चात सभी राज्य उपार्जन के कार्यों को सुचारू रूप से संपन्न कराएं-
  • राज्यों के अनुरोध पर उपार्जन समय-सीमा में छूट देकर 90 दिनों में पूर्ण करने को कहा
  • मंडियों के बाहर कृषि उपज बेचने के लिए राज्यों से APMC एक्ट में ढील देने का अनुरोध
  • भीड़ नहीं होने देने के लिए किसानों को एसएमएस, व्हाट्सएप से पूर्व सूचना दी जाएं
  • किसान चाहे तो एफपीओ, स्वयं सहायता समूह के माध्यम से उत्पादों की होम डिलीवरी करवाएं
  • किसानों को एमएसपी का भुगतान करने हेतु सभी राज्य पर्याप्त "रिवाल्विंग फंड" बनाएं
  • राज्य भी कंट्रोल रूम बनाकर केंद्रीय कृषि कंट्रोल रूम के साथ पूर्ण समन्वय बनाए रखें

सीसीआई ने एबीबी लिमिटेड के पावरग्रिड कारोबार में हिताची के प्रस्तावित अधिग्रहण को मंजूरी

  • भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने एबीबी लिमिटेड के पावरग्रिड कारोबार में हिताची द्वारा 80.1 प्रतिशत हिस्सेदारी के प्रस्तावित अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है।
  • प्रस्तावित योजना के तहत हिताची लिमिटेड (हिताची) द्वारा एबीबी लिमिटेड (एबीबी) से एबीबी मैनेजमेंट होल्डिंग एजी (एबीबी मैनेजमेंट) की 80.1 प्रतिशत शेयर पूंजी के अधिग्रहण की परिकल्पना की गई है। एबीबी मैनेजमेंट का एबीबी (टारगेट बिजनेस) के संपूर्ण पावरग्रिड कारोबार पर नियंत्रण रहेगा।
  • हिताची जापान की कंपनी हिताची ग्रुप ऑफ कंपनीज की इकाई है। यह आईटी समाधान, ऊर्जा समाधान, उद्योग समाधान, मोबिलिटी समाधान और स्मार्ट लाइफ समाधान सहित विभिन्‍न क्षेत्रों में कारोबार करती है।
  • टारगेट बिजनेस में पावरग्रिड क्षेत्र के उत्पादों, प्रणालियों और परियोजनाओं का विकास, इंजीनियरिंग, विनिर्माण एवं बिक्री शामिल हैं।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के बारे में

  • भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की स्थापना प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के तहत अधिनियम के प्रशासन, कार्यान्वयन और प्रवर्तन के लिए की गई थी और यह मार्च, 2009 में विधिवत गठित हुआ। आयोग के निम्नलिखित लक्ष्य हैं:
  1. प्रतिस्पर्धा पर विपरित प्रभाव डालने वाले व्यवहारों को रोकना।
  2. बाजारों में प्रतिस्पर्धा का संवर्धन और उसे बनाए रखना।
  3. उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और
  4. व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

बायो-फोर्टिफाइड गाजर ‘मधुवन’

  • गुजरात के जूनागढ़ जिले के एक किसान-वैज्ञानिक श्री वल्लभभाई वसरमभाई मरवानिया ने गाजर की एक जैव-सशक्त किस्म मधुवन गाजर को विकसित किया है, जिसमें-बीटा कैरोटीन और लौह तत्व की उच्च मात्रा मौजूद है।

क्या है विशेषता?

  • मधुवन गाजर उच्च पौष्टिकता वाली गाजर की एक किस्म है, जिसमें बीटा-कैरोटीन (277.75 मिलिग्राम प्रतिकिलो) तथा लौह तत्व (276.7 मिलीग्राम प्रति किलो) मौजूद है। इसे चयन प्रक्रिया द्वारा विकसित किया गया है। इसका उपयोग अन्य मूल्य वर्धित उत्पादों के लिए भी किया जाता है जैसे गाजर चिप्स, गाजर का रस और अचार। जांच की गई सभी किस्मों में बीटा कैरोटीन और लौह तत्व की उच्च मात्रा पाई गई है। परीक्षण में पाया गया कि मधुवन गाजर की उपज 74.2 टन प्रति हेक्टेयर है और पौधे का बायोमास 275 ग्राम प्रति पौधा है।

पृष्ठभूमि

  • पहले गाजर की इस स्थानीय किस्म का इस्तेमाल दूध की गुणवत्ता में सुधार के लिए पशुओं के चारे के रूप में किया जाता था। श्री वल्लभभाई ने इस उपजाति के कृषि और संरक्षण एवं विकास का कार्य करना प्रारंभ किया। इस किस्म के विकास के प्रारंभिक वर्षों के दौरान श्री वल्लभभाई ने बीज उत्पादन के लिए सबसे अच्छे पौधों को चुना और घरेलू खपत तथा विपणन को ध्यान में रखते हुए एक छोटे से क्षेत्र में इसकी खेती की। इसके बाद पूरे देश में बीजों के विपणन व्यवस्था को भी सशक्त किया।
  • फेस्टिवल ऑफ इनोवेशन (एफओआईएन)-2017 कार्यक्रम में श्री वल्लभभाई वसरमभाई मरवानिया को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया इसके अलावा उन्हें असाधारण कार्य के लिए 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

गगनयान कार्यक्रमों को स्थगित करने की सलाह

  • कोरोना संकट से निपटने की सरकार की कोशिशों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़ी संसदीय कमेटी के चेयरमैन जयराम रमेश ने सरकार से गगनयान अभियान जैसे कार्यक्रमों को स्थगित करने की मांग की है। साथ ही कहा है कि इस परियोजना के लिए प्रस्तावित करीब 10,000 करोड़ रुपये का कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल किया जाए।

क्या है गगनयान परियोजना?

  • गगनयान स्पेस में भारत का पहला मानव मिशन होगा, जिसे स्वदेशी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 के जरिए अंजाम दिया जाएगा। दिसंबर 2021 में गगनयान परियोजना के तहत तीन वैज्ञानिकों की टीम स्‍पेस में भेजी जाएगी। यह टीम कम से कम सात दिन तक गुजारने के बाद वापस धरती पर लौट आएगी। गगनयान प्रोजेक्ट के तहत दिसंबर 2020 में पहली और जुलाई 2021 में दूसरी मानवरहित स्पेस फ्लाइट को अंतरिक्ष में भेजा जायेगा।

कहाँ से आई महामारी बताएगा उपकरण ‘एमजीएफटी’

  • इस समय पूरी दुनिया कोविड-19 से जूझ रही है। वैज्ञानिक इससे निपटने के लिए प्रयोगशालाओं में दिन-रात एक किए हुए हैं। लेकिन अभी तक यह भी नहीं पता चल पाया है कि आखिरकार यह महामारी फैली कैसे? क्या यह प्राकृतिक कारणों से उपजी है या मानव निर्मित है? इन सवालों के जवाब अभी तक तो भविष्य के गर्त में हैं। लेकिन अब शोधकर्ताओं ने ऐसी महामारी फैलने के लिए जिम्मेदार कारकों की पहचान करने के लिए एक नया उपकरण विकसित किया है, जो यह बता सकता है कि महामारी प्राकृतिक है या मानव निर्मित।
  • रिस्क एनालिसिस नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि महामारी के कारकों का पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने जीएफटी नामक एक मूल्यांकन उपकरण को मोडिफाइड कर ‘एमजीएफटी’ बनाया। जीएफटी का प्रयोग पिछले प्रकोपों का मूल्यांकन करने के लिए भी किया गया था।

क्या है उपकरण की विशेषता?

  • 11 मानदंडों पर है आधारित :शोधकर्ताओं ने कहा कि इस उपकरण में यह निर्धारित करने के लिए 11 मानदंड हैं कि क्या महामारी का प्रकोप अप्राकृतिक का है या प्राकृतिक। यह इस बात का भी पता लगा सकता है कि महामारी राजनीतिक या आंतकवादियों द्वारा किए गए बायोलॉजिकल (जैविक) हमले के परिणाम तो नहीं है।
  • वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रयोगशालाओं में विकसित किए गए पैथोजंस असामान्य पर्यावरणीय स्थिरता पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा ऐसे विषाणुओं का सामान्यत: कोई इलाज उपलब्ध नहीं हो पाता और इनकी पहचान करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यह बेहद कारगर सिद्ध हो सकता है।
  • शोधकर्ताओं ने कहा कि ‘एमजीएफटी’ जैविक एजेंट के विशेष पहलुओं का विश्लेषण करता है। यदि किसी क्षेत्र में रोग की पहचान पहली बार या फिर लंबे समय के बाद की जाती है तो यह महामारी विज्ञान के दृष्टिकोण से असामान्य है। अध्ययन के अनुसार, नया उपकरण यह भी आकलन करता है कि जैविक एजेंट कृत्रिम रूप से जारी किया गया है या नहीं। वैज्ञानिकों ने कहा कि एजेंट बड़े क्षेत्र में हवा, मिट्टी और पीने या सतह के पानी में असामान्य रूप से उच्च सांद्रता में पाया जा सकता है और धीरे-धीरे संक्रामक बीमारी का रूप ले लेता है।

:: विविध ::

बेन स्टोक्स विजडन के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर

  • इंग्लैंड के ऑलराउंडर खिलाड़ी बेन स्टोक्स ने वर्ष 2019 के लिए विजडन का विश्व का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर (विजडन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड) का सम्मान हासिल किया। विजडन क्रिकेटर्स अलमानैक ने 2020 के अपने संस्करण में 2019 के प्रदर्शन के लिए स्टोक्स को यह सम्मान दिया, जो इससे पहले लगातार तीन वर्षों तक कोहली को मिल रहा था।
  • विजडन ने इसके अलावा ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर एलिस पेरी को विश्व की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर चुना है। पेरी उन पांच खिलाड़ियों में भी शामिल हैं, जिन्हें विजडन का वर्ष का क्रिकेटर चुना गया है।ऑस्ट्रेलियाई पुरुष टीम के तेज गेंदबाज पैट कमिन्स और बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन तथा इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और साउथ अफ्रीका के सिमोन हार्मर को इस सूची में जगह मिली है।
  • वेस्ट इंडीज के आंद्रे रसेल को टी20 का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर चुना गया है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • बीटा कैरोटीन और लौह तत्व की उच्च मात्रा से चर्चा में रही गाजर की बायो-फोर्टिफाइड प्रजाति का क्या नाम है? (मधुबन)

  • चर्चा में रहे एसेंशियल सर्विसेज़ मैनेजमेंट एक्ट (ESMA) की शुरुआत कब हुई थी एवं यह अधिकतम कितने समय के लिए लगाया जा सकता है? (1968, अधिकतम 6 महीने)

  • हाल ही में चर्चा में रहे भारत के सामरिक खनिज तेल भंडार (Strategic Petroleum Reserve) किन स्थानों पर स्थित है? (विशाखापटनम, मंगलौर और पादुर-उडूपी) 

  • हाल ही में कोविड-19 पर रिपोर्ट जारी कर चर्चा में रही अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की स्थापना कब हुई की स्थापना कब हुई एवं इसका मुख्यालय कहाँ है? (1919, जिनेवा)

  • चर्चा में रही विश्व स्वास्थ्य संगठन स्थापना(WHO) की स्थापना कब हुई एवं वर्तमान में इस संगठन के प्रमुख कौन है? (1948, टेड्रोस एडहानॉम)

  • ‘ग्लोबल फूड सिस्टम रिपोर्ट’ 2020 जारी करने वाली संस्था अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (IFPRI) की स्थापना कब हुई एवं इसका मुख्यालय कहाँ है? (1975, वाशिंगटन)

  • 2019 के लिए ‘विजडन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड’ का खिताब किसे प्रदान किया गया है? (बेन स्टोक्स) 

  • भारतीय उपमहाद्वीप की ‘रियल टाइम’ तस्वीरें उपलब्ध कराने में सक्षम किस अत्याधुनिक 'ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट' का प्रक्षेपण स्थगित कर दिया गया है? (GISAT-1)

  • भारत में आवश्यक वस्तुओं का विनियमन किस अधिनियम के तहत किया जाता है? (आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955)

  • कोविड-19 के कारण जनजातीय लोगों  के राहत के लिए ट्राइफेड(TRIFED) के द्वारा किस संस्था के साथ ‘स्टैंड विथ ट्राइवल फैमिलीज’ की पहल की गई है? (आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन)

  • हाल ही में चर्चा में रहे भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI)  की स्थापना किस अधिनियम के तहत एवं किस वर्ष की गई थी? (प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002, स्थापना- 2009 में)

  • हाल ही में चर्चा में रहे गगनयान परियोजना क्या है? (2021 में प्रस्तावित अंतरिक्ष में भारत का प्रथम मानव मिशन)

 

 

 

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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