(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (08 सितंबर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (08 सितंबर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

8 करोड़वां मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन: उज्ज्वला योजना

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना उज्ज्वला गैस योजना के तहत 8 करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस बांटने का लक्ष्य शनिवार को पूरा हो गया है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में लाभार्थी आयशा शेख को 8 करोड़वां मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिया।

उज्ज्वला योजना

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया से उज्ज्वला योजना को लॉन्च किया था। इस योजना के तहत केंद्र सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को मुफ्त में घर रसोई गैस (एलपीजी गैस) का कनेक्शन देती है। योजना की लॉन्चिंग के समय मार्च 2019 तक पांच करोड़ कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया था। बाद में इसे बढ़ाकर मार्च 2020 तक 8 करोड़ गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया है। खास बात यह है कि उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़वां गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य तय समय से सात महीने पहले ही प्राप्त कर लिया गया है।
  • घरेलू रसोई से लकड़ी और अन्य प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन को खत्म करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के बाद 95 फीसदी आबादी तक एलपीजी गैस की पहुंच हो गई है। मई 2014 तक केवल 55 फीसदी आबादी की ही पहुंच थी। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को दिए जाने वाले प्रत्येक मुफ्त गैस कनेक्शन के बदले केंद्र सरकार तेल कंपनियों को 1600 रुपए की सब्सिडी देती है। योजना के तहत लाभार्थी को एक गैस सिलेंडर और गैस कनेक्शन दिया जाता है

राष्ट्रीय युवा सम्मेलन

  • राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज (7 सितम्बर 2019) नई दिल्ली में राष्ट्रीय युवा सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन का आयोजन पावन चिंतन धारा चैरिटेबल ट्रस्ट, गाजियाबाद की एक यूथ विंग युवा जागृति मिशन ने किया।

देश का पहला स्मार्ट औद्योगिक शहर

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां शेंद्रा में शनिवार को औरंगाबाद औद्योगिक शहर (औरिक) का उद्घाटन किया। यह देश का पहला नया स्मार्ट औद्योगिक शहर है और 10 हजार एकड़ में फैला हुआ है। इसके पूरा होने पर करीब 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने का अनुमान है।
  • महाराष्ट्र के पिछड़े मराठवाड़ा क्षेत्र में विकसित इस शहर को देश का पहला नया स्मार्ट औद्योगिक शहर बताया जा रहा है। इसे दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गालियारे के तहत विकसित किया गया है। सरकार इस गालियारे के जरिये देश के दो बड़े शहरों के बीच औद्योगिक वृद्धि को तेज करने की कोशिश कर रही है।
  • उन्होंने औरिक चैटबॉट की भी शुरुआत की, जो शहर के किसी भी व्यक्ति को प्रशासन से अपनी समस्या सही करवाने में मदद करेगा।

‘स्टेटस ऑफ पुलिसिंग इन इंडिया रिपोर्ट 2019’

  • एनजीओ कॉमन कॉज और सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटी (सीएसडीएस) के लोकनीति कार्यक्रम द्वारा तैयार की गयी ‘स्टेटस ऑफ पुलिसिंग इन इंडिया रिपोर्ट 2019’ में यह बात सामने आयी है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जे चेलमेश्वर ने यह रिपोर्ट जारी की है, जिसे 21 राज्यों के 12,000 पुलिसवालों और उनके परिवार के 10,595 सदस्यों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, 50 फीसदी पुलिसवालों का मानना है कि मुसलमानों का अपराध की तरफ स्वाभाविक झुकाव होता है। इसके अलावा रिपोर्ट में लैंगिक विषयों और पुलिस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी पुलिसवालों की राय बतायी गयी है। रिपोर्ट से पुलिस विभाग के भीतर महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को लेकर 'पुरुष' पुलिसकर्मियों के पूर्वाग्रह, अपराध से निपटने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर की जर्जर हालत, आधुनिक तकनीकों की कमी के बारे में पता चलता है।
  • देश में पुलिस रिफॉर्म की बातें होती रहती हैं। इसके लिए पद्मनाभय कमेटी से लेकर मलीमथ कमेटी की सिफारिशें हैं। प्रकाश सिंह वर्सेज भारत सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस रिफॉर्म की सुस्त गति पर चिंता भी जतायी थी। इन सुधारों में ज्यादातर इनफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर जोर है लेकिन ऊपर के आंकड़ों से जाहिर है कि पुलिस की विचार प्रक्रिया में भी सुधार की जरूरत है। आखिर पुलिस स्टेट के अलावा इसी सामाजिक संरचना का भी हिस्सा है और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसका असर उसकी कार्यशैली में भी दिखता है।

'एक राज्य एक ई-चालान'

  • महाराष्ट्र में 'एक राज्य एक ई-चालान योजना' लागू की गई है। गृह विभाग ने 32 जिलों में यह योजना शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर लगाई जा रही जुर्माने की रकम और अन्य जानकारियां देखने के लिए महाट्रैफिक ऐप डाउनलोड करना होगा। इस ऐप को राज्य के हर जिले में संबंधित विभाग के लिए लागू किया गया है। राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत मुंबई पुलिस दल और मुंबई अतिरिक्त अन्य पुलिस दल के लिए दो अलग-अलग ऐप हैं। यह ऐप आईओएस और एंड्रायड मोबाइल पर डाऊनलोड किया जा सकते है। मुंबई ट्रैफिक ऐप और महाट्रैफिक ऐप ऐप्लीकेशन के माध्यम से से ई-चालान की जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी।
  • इस ऐप में माई व्हीकल सेक्शन में उन वाहनों का जिक्र होगा, जिन पर जुर्माना लगाया जा रहा है। चालान की रकम ऑनलाइन भरने की सुविधा भी दी गई है। इस ऐप के कारण चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई हो रही है।
  • मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल राज्य के 10 पुलिस आयुक्तों के अंतर्गत आने वाले शहरों में एक राज्य एक ई-चालान नियम लागू किया गया है। नागपुर, अमरावती, पुणे, नाशिक, औरंगाबाद, मुंबई, ठाणे, सोलापुर, नवी मुंबई व पिंपरी चिंचवाड आदि शहरों में यह निमय प्रभाव में आया है। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह नियम लागू हुआ है।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

राष्ट्रपति कोविंद के विमान को रास्ता देने से पाकिस्तान का इनकार

  • पाकिस्तान ने भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के विमान को अपने देश के हवाई रास्ते का इस्तेमाल करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। भारत ने इसके लिए आग्रह किया था, लेकिन पाक विदेश मंत्री शाह मेहमूद कुरैशी ने पीटीवी को बताया कि इसकी इजाजत नहीं होगी। राष्ट्रपति कोविंद सोमवार को तीन देशों- आईसलैंड, स्विट्जरलैंड व स्लोवेनिया की यात्रा पर रवाना होंगे।
  • भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आइसलैंड, स्विट्जरलैंड और स्लोवेनिया से भारत के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में अगले सप्ताह विदेशी यात्रा पर जाएंगे। राष्ट्रपति कोविंद सोमवार को तीन देशों की यात्रा पर जाएंगे।

रूस और यूक्रेन ने कैदियों की अदला-बदली

  • रूस और यूक्रेन ने दर्जनों कैदियों की अदला-बदली की। शनिवार को शांति की दिशा में उठाए गए इस कदम की पश्चिम ने सराहना की है। इससे 2014 में मास्को के क्रीमिया पर किए गए कब्जे के बाद रिश्तों में पैदा हुई खटास भी कम होने का अनुमान है।
  • दोनों तरफ से 35 कैदियों को सौंपा गया। इससे मास्को और कीव के बीच विश्वास बहाली में मदद मिल सकती और और दोनों पूर्वी यूक्रेन में संघर्ष सहित अन्य मुद्दों पर गंभीरता पूर्वक बातचीत शुरू कर सकते हैं।
  • लंबी बातचीत के बाद रूस का विमान कीव से रिहा किए गए कैदियों को लेकर मास्को, जबकि यूक्रेन का विमान अपने कैदियों के साथ कीव पहुंचा। रिहा किए गए यूक्रेन के कैदियों में 24 सैनिक शामिल हैं। इन सैनिकों को रूस ने पिछले वर्ष क्रीमिया तट के पास संघर्ष के दौरान हिरासत में लिया था। इसके अलावा रूस की जेल में बंद यूक्रेन के फिल्म निर्माता ओलेग सेंत्सोव भी शामिल थे।

एससीओ देशों के प्रथम सैन्‍य चिकित्‍सा सम्‍मेलन

  • शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के सदस्य देशों के प्रथम सैन्य चिकित्सा सम्मेलन का आयोजन 12-13 सितंबर, 2019 को नई दिल्‍ली में किया जाएगा। 2017 में एससीओ सदस्य देश बनने के बाद,एससीओ रक्षा सहयोग योजना 2019-2020के अंतर्गत भारत द्वारा आयोजित यह पहला सैन्य सहयोग कार्यक्रम होगा।
  • सम्मेलन का आयोजन भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा हेड क्‍वाटर्स इंडीग्रेटिड डिफेंस स्‍टाफ (एफक्‍यूआईडीएस) के तत्वावधान में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य सैन्य चिकित्सा के क्षेत्र में सर्वोत्तम कार्यविधियों को साझा, क्षमताओं का निर्माण और आम चुनौतियों से निपटना है। सम्मेलन के दौरान, भारतीय सशस्त्र बल, रैपिड एक्शन मेडिकल टीम का प्रदर्शन करेंगे और प्रतिनिधियों के लिए सेना अनुसंधान और रेफरल अस्पताल की यात्रा का भी प्रबंध करेंगे।
  • एससीओ सदस्य देशों के सैन्य चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच युद्ध चिकित्सा सहायता प्रदान करने, आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता और रोगी सुरक्षा में सुधार के उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। एससीओ सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ सैन्य चिकित्सकों द्वारा किया जाएगा। इस सम्‍मेलन में भाग लेने के लिए संवाद सहयोगी नेपाल और श्रीलंका भी अपने प्रतिनिधिमंडल भेज रहे हैं।
  • सम्मेलन का शुभारंभ एससीओ सदस्य देशों के बीच सैन्य चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा करने के लिए एक प्रतिनिधि मंडल की बैठक से किया जाएगा।

:: भारतीय राजव्यवस्था और महत्वपूर्ण विधेयक ::

संशोधित मोटर एक्ट

  • राज्यों के पास संशोधित मोटर एक्ट को लागू करने के अलावा कोई चारा नहीं है। वे इसे लागू करने में विलंब भले कर लें, लेकिन इनकार नहीं कर सकते। जिन राज्य सरकारों ने अभी तक एक्ट को लागू नहीं किया है, उन्हें भी देर-सबेर इसे लागू करना ही होगा। अन्यथा वे कैग के सवालों के घेरे में आ जाएंगी।
  • मध्य प्रदेश और पंजाब की राज्य सरकारों ने अपने यहां संशोधित मोटर एक्ट को लागू करने से मना कर दिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ कहना है कि नए जुर्माने बहुत ज्यादा है जिनसे आम आदमी भारी दिक्कत में पड़ सकता है। इसलिए पहले वे एक्ट का अध्ययन करेंगे और उसके बाद कोई फैसला लेंगे। पंजाब सरकार भी एक्ट को लागू करने में आनाकानी कर रही है।

राज्यों को जुर्माना बढ़ाने का अधिकार

  • राज्यों के पास एक्ट को लागू करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। एक्ट में इस बात का स्पष्ट प्रावधान है कि राज्य सरकारें जुर्माने बढ़ा तो सकती हैं, घटा नहीं सकतीं। केंद्र द्वारा निर्धारित जुर्माने न्यूनतम हैं। राज्य सरकारें इनमें दस गुना तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। जो राज्य एक्ट को लागू करने में जितनी देर करेगा उसे उतना मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि यदि पुराने एक्ट के आधार पर कम जुर्माने वसूल किए गए तो ऑडिट के वक्त राज्य का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) पूछेगा कि बाकी राशि कहां गई? उसका हिसाब दो।
  • इसलिए बढ़े जुर्माने वसूलने के अलावा कोई चारा नहीं है। इस संबंध में अधिसूचना निकालने में राज्य जितनी देर करेंगे उनका उतना नुकसान होगा। अधिकारी का कहना है कि जो राज्य सरकारें मोटर एक्ट के प्रावधानों के समवर्ती सूची में होने का हवाला देकर इन्हें लागू न करने के बयान दे रही हैं, उन्हें संशोधित एक्ट को ठीक से पढ़ना चाहिए।

कंपाउंडिंग व अनकंपाउंडिंग अपराध

  • अधिकारियों के अनुसार मोटर एक्ट के तहत केवल कंपाउंडिंग अपराधों में ही पुलिस को मौके पर जुर्माना वसूलने का अधिकार है। संशोधित मोटर एक्ट के मुताबिक छोटे-मोटे यातायात उल्लंघन के 14 तरह के मामले कंपाउंडिंग अपराध की श्रेणी में आते हैं। इनमें बिना टिकट या पास के यात्रा करना, अनधिकृत व्यक्ति को गाड़ी चलाने की अनुमति देना, अधिकारी के आदेशों का उल्लंघन या न मानना, बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाना, लाइसेंस निलंबित या जब्त होने के बाद भी गाड़ी चलाना, गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल पर बात करना, रेसिंग, बिना रजिस्ट्रेशन के गाड़ी चलाना, बिना परमिट के गाड़ी चलाना, सीट बेल्ट लगाए बगैर गाड़ी चलाना, हेलमेट पहने बिना दुपहिया चलाना तथा एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसे आपात वाहनों का रास्ता रोकना।
  • इसके विपरीत ट्रैफिक लाइट जंप करना, ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर गाड़ी चलाना उलटी दिशा में गाड़ी चलाना, 18 वर्ष से कम उम्र में गाड़ी चलाना आदि गंभीर उल्लंघन या अनकंपाउंडिंग श्रेणी में आते हैं। इनमें मौके पर जुर्माना करने के बजाय पुलिस द्वारा चालान कोर्ट भेजा जाना चाहिए और वहीं से जुर्माना या सजा या दोनो तय होनी चाहिए।

दूसरा उल्लंघन अनकंपाउंडिंग

  • वैसे दूसरी या तीसरी बार उल्लंघन की दशा में कंपाउंडिंग के अपराध भी अनकंपाउंडिंग श्रेणी में आ जाते हैं जिनमें कोर्ट द्वारा जुर्माने के साथ कैद की सजा भी दी जाती है। उदाहरण के लिए बिना परमिट ट्रक चलाते हुए पहली बार पकड़ा जाना कंपाउंडिंग अपराध में आएगा। परंतु दूसरी या तीसरी बार पकड़े जाने पर ये अनकंपाउंडिंग हो जाएगा जिसमें 10 हजार रुपये के जुर्माने के साथ-साथ कोर्ट द्वारा एक साल तक की कैद की सजा दी जा सकती है।
  • इसे अलावा प्रत्येक यातायात उल्लंघन में जुर्माना वसूलने या चालान काटने के लिए पुलिस अधिकारी का स्तर और ओहदा तय है। हर एक पुलिस वाला हर तरह का चालान या जुर्माना नहीं लगा सकता। इसके लिए राज्य सरकारों को बाकायदा अधिसूचना जारी कर अधिकारियों के अधिकार तय करने पड़ते हैं।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

निजी बिजली कंपनियों के बिलों के भुगतान के लिये ई-प्लेटफार्म

  • केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के चेयरमैन प्रकाश मस्के की अध्यक्षता में गठित समिति ने राज्य विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा निजी क्षेत्र की बिजली उत्पादक (आईपीपी) कंपनियों के बिलों का भुगतान सुनिश्चित करने के लिये एमएसएमई क्षेत्र की तर्ज पर ई-प्लेटफार्म बनाने का सुझाव दिया है।
  • इस समिति का गठन राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों द्वारा स्वतंत्र बिजली उत्पादकों को पहले भुगतान की संभावनायें तलाशने के लिये किया गया था। सरकार ने इस साल फरवरी में सीईए के अंतर्गत यह समिति गठित की।
  • बिजली वितरण कंपनियों द्वारा बिजली आपूर्तिकर्ता कंपनियों को देरी से भुगतान की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसको देखते हुए केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने बिजली उत्पादक कंपनियों को समय पर बिजली का भुगतान किया जा सके इसके लिये एक अगस्त से राज्य बिजली वितरण कंपनियों द्वारा बिजली खरीद को लेकर साख पत्र (एलसी) की पेशकश करना अनिवार्य कर दिया। उसके बाद से ही ज्यादातर बिजली वितरण कंपनियां साख पत्र जारी कर रही हैं। सीईए चेयरमैन प्रकाश मस्के की अध्यक्षता वाली इस समिति में बिजली मंत्रालय, बिजली उत्पादक और दो राज्य वितरण कंपनियों के सदस्य शामिल थे।
  • यहां यह उल्लेखनीय है कि नकदी संकट से जूझ रही राज्य बिजली वितरण कंपनियों पर निजी क्षेत्र की बिजली उत्पादक कंपनियों का दिसंबर 2018 तक 72,000 करोड़ रुपये का बकाया था। इस स्थिति के चलते बिजली क्षेत्र में बैंकों के साथ 30 बिजली उत्पादक कंपनियों के तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के फंसे कर्ज की स्थिति बनी है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में बिजली उत्पादक कंपनियों के लिये ‘बिल डिस्काउंटिंग' के लिये ई-प्लेटफार्म सृजित करने की सिफारिश की है। इसमें वाणिज्यिक बैंक वित्तपोषण का काम कर सकते हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘यह मंच ट्रेड्स (कारोबार के दौरान होने वाली प्राप्ति पर आधारित प्रणाली) की तर्ज पर काम कर सकता है। इस तरह की प्रणाली का उपयोग सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) द्वारा भी किया जाता है।'' समिति ने कोयला, लिग्नाइट या गैस जैसे ईंधन का उपयोग करने वाली बिजली उत्पादक कंपनियों के लिये अनुमानित बिल का 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान की सिफारिश की है। अन्य मामलों में अग्रिम भुगतान अनुमानित बिल का 25 प्रतिशत हो सकता है।
  • समिति ने यह भी सिफारिश की है कि राज्य अन्य सरकारी विभागों से बकाये का हस्तांतरण सीधे अपनी संबंधित वितरण कंपनियों को करने की व्यवस्था करे। हालांकि, उद्योग के एक विशेषज्ञ ने कहा कि सिफारिशें भविष्य के भुगतान को लेकर की गई हैं लेकिन पिछले बकाये के बारे में इसमें कुछ नहीं कहा गया है। उसने कहा कि वितरण कंपनियों पर बकाया करीब 51,000 करोड़ रुपये का है। सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों को साख पत्र की पेशकश करने का निर्देश देने की योजना बनाई है, यह सकारात्मक कदम है लेकिन पुरानी बकाया राशि का क्या होगा? इस बारे में भी सरकार को तुरंत कदम उठाना चाहिये।

इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपये खर्च करने हेतु टास्क फोर्स

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को रफ्तार देने के लिए सरकार ने टास्क फोर्स का गठन किया है। यह ऐसी परियोजनाओं की पहचान करेगी जिन पर 100 लाख करोड़ का खर्च होना है। सरकार ने पांच टिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने के लिए साल 2024-25 तक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ की राशि खर्च करने का लक्ष्य रखा है।
  • टास्क फोर्स की अध्यक्षता वित्त मंत्रलय में आर्थिक मामलों के सचिव को सौंपी गई है। यह टास्क फोर्स एक ‘नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन’ का खाका तैयार करेगी। पाइपलाइन में शामिल परियोजनाओं पर ही इस राशि का निवेश किया जाएगा। इनमें 100 करोड़ रुपये की लागत वाली ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड परियोजनाओं को जगह मिलेगी। टास्क फोर्स में विभिन्न मंत्रलयों के सचिवों, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और नीति आयोग के सीईओ को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
  • वरिष्ठ नौकरशाहों की यह टीम परियोजनाओं की टेक्निकल संभावनाओं और वित्तीय व आर्थिक वाएबिलिटी की पहचान करेगी। इसके तहत ऐसी परियोजनाओं का चयन किया जाएगा जिन्हें साल 2019-20 में शुरू किया जा सकता है। साथ ही वित्त वर्ष 2020-21 से लेकर 2024-25 तक की अवधि में शामिल हो सकने योग्य परियोजनाओं की पहचान की जाएगी। इससे देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की एक पाइपलाइन तैयार की जा सकेगी।
  • पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से संबोधन में पांच साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। इसमें सामाजिक और आर्थिक इन्फ्रास्ट्रक्चर दोनों तरह की परियोजनाएं शामिल होंगी।
  • टास्क फोर्स का गठन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया है और यह 2019-20 में शुरू की जा सकने वाली परियोजनाओं की पहचान वाली अपनी रिपोर्ट 31 अक्टूबर तक सौंप देगी। शेष अवधि की परियोजनाओं के लिए अगली रिपोर्ट दिसंबर के अंत तक सौंपेगी।
  • सरकार का अनुमान है कि 2024-25 तक पांच टिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने के लिए देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर तब तक 1.4 टिलियन डॉलर यानी 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होगी। 2008-2017 के दस वर्ष की अवधि में भारत ने इन्फ्रास्ट्रक्चर पर करीब 1.1 टिलियन डॉलर का निवेश किया था।
  • क्यों महत्वपूर्ण है यह: वित्त मंत्रलय ने एक बयान में कहा है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र पर होने वाले निवेश में सालाना वृद्धि बड़ी चुनौती है। अगर ऐसा नहीं होगा तो देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी से समूचे इकोनॉमिक ग्रोथ के प्रभावित होने की आशंका बनेगी।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) आधारित बॉट्स

  • शोधकर्ताओं ने बताया है कि सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) आधारित बॉट्स या फेक अकाउंट इतने विकसित हो गए हैं कि वे अब इंसानों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। शोध करने वाली टीम में एक भारतीय मूल के शोधकर्ता भी शामिल हैं। ‘फस्र्ट मंडे’ जनरल में प्रकाशित अध्ययन में सदर्न कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 2018 और उसके पहले के चुनावों में बॉट के व्यवहार की तुलना की है।
  • शोधकर्ताओं ने बताया कि हमारा विचार इस बात को और पुष्ट करता है कि बॉट्स और डिटेक्शन एल्गोरिद्म के बीच कोई दौड़ चल रही है। डिटेक्शन एल्गोरिद्म उसे कहते हैं जो किसी बॉट्स या फेक अकाउंट को इंटरनेट में एक्सेस करने से रोकती है। जैसे कि कैप्चा कोड। जैसे-जैसे सोशल मीडिया कंपनियां अपनी वेबसाइट को अनधिकृत प्रवेश से बचाने के लिए तकनीकें लाती रही हैं वैसे ही बॉट्स मनुष्यों की और बेहतर नकल करने के लिए विकसित होते रहे हैं।
  • अध्ययन के लेखक एमिलियो फेरारा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बॉट्स को सेंध लगाने के लिए और अधिक विकसित बना रहा है। अपने अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सोशल मीडिया के 250,000 ऐसे उपयोगकर्ताओं का अध्ययन किया, जिन्होंने 2016-18 में अमेरिकी चुनावों पर चर्चा की। इस दौरान शोधकर्ताओं ने 30,000 से अधिक बॉट्स का पता लगाया। ये बॉट्स ट्वीट और रीट्वीट भी करते हैं। उनका कहना है कि भविष्य में आने वाले चुनावों में ये बॉट्स नई चुनौती पेश करेंगे। इनसे निपटना जरूरी भी है और बहुत मुश्किल भी।

क्या होते हैं बॉट्स

  • यह एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन होती है। जो इंटरनेट पर स्वचालित कार्यो को करती है। अगर आप चाहते हैं कि आपके जन्मदिन पर सोशल मीडिया में बधाई देने वालों के पास आपकी तरफ से अपने आप धन्यवाद का संदेश पहुंच जाए तो इसको विशेष सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन बनाकर किया जा सकता है। यह एप्लीकेशन बधाई का मैसेज देखते ही धन्यवाद का मैसेज दे देता। इन बॉट्स को जब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस किया जाता है तो यह इंटरनेट की दुनिया में मनुष्यों की तरह ही व्यवहार करते हैं।

चंद्रयान-2

  • भारत के चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का शनिवार को इसरो मुख्‍यालय से संपर्क उस वक्‍त टूट गया जब वह चांद की सतह से केवल 2.1 किलोमीटर की दूरी पर था। भारतीय वैज्ञानिकों का मनोबल न टूटे इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह आठ बजे इसरो मुख्‍यालय पहुंचकर वैज्ञानिकों का हौसला आफजाई किया। इसरो की ओर से इस घटना के बारे में विस्‍तार से जानकारी अभी नहीं सामने आई है। लेकिन, दुनिया के वैज्ञानिकों का कहना है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का मिशन चंद्रयान-2 फेल नहीं हुआ है।

डाटा संग्रह और विश्‍लेषणों पर हो फोकस

  • DRDO के पूर्व वैज्ञानिक, रवि गुप्‍ता ने मिशन चंद्रयान-2 के लिए इसरो की सराहना करते हुए कहा कि भले ही लैंडर विक्रम का संपर्क हमसे टूट गया हो आर्बिटर अभी भी चंद्रमा की सबसे नजदीकी कक्षा में चक्‍कर लगा रहा है। इस लिहाज से इस मिशन को हम असफल नहीं कह सकते हैं। मौजूदा वक्‍त में हमारा ध्‍यान डाटा संग्रह और इसके विश्‍लेषणों पर होना चाहिए। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह बेहद जटिल मिशन था, हमारे वैज्ञानिक लोगों की समस्‍याओं के निदान में अभी लगे हुए हैं। आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए उनकी कोशिशें लगातार जारी हैं। इसकी सफलता आने वाले दिनों में इसरो के लिए नए रास्‍ते खोलगी।

बहुत सारे सबक सीखने को मिले

  • इसरो के पूर्व अध्‍यक्ष जी. माधवन नायर ने कहा कि चंद्रयान-2 ने अपने मिशन के 95 फीसद लक्ष्‍यों को हासिल कर लिया है। चंद्रयान-2 कई लक्ष्‍यों वाला मिशन था। हमें बहुत ज्‍यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर अभी भी सही तरीके से काम कर रहा है। लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर के रूप में मिशन का सिर्फ पांच फीसद ही नुकसान हुआ है, बाकी 95 फीसद के रूप में ऑर्बिटर अपना काम कर रहा है। वैज्ञानिक गौहर रजा ने भी इस बात से सहमति जताते हुए कहा कि इस मिशन को असफल नहीं कहना चाहिए। चंद्रयान-2 का जो उद्देश्‍य था उसे चंद्रयान -3 द्वारा हासिल कर लिया जाएगा। अंतिम क्षणों में आई इस मुश्किल से बहुत सारे सबक सीखने को मिले हैं। हम आने वाले दिनों में निश्चित रूप से स्‍पेस तकनीक के मास्‍टर बनेंगे।
  • नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री जेरी लिनेंगर ने कहा कि विक्रम लैंडर की चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने की साहसिक कोशिश से मिला अनुभव भारतीय वैज्ञानिकों को भविष्य के अभियानों में मददगार साबित होगा। साल 1986 से 2001 तक पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित रूसी अंतरिक्ष केंद्र मीर में पांच महीने तक बीताने वाले लिंनेंगर ने कहा कि भारत कुछ ऐसा करने की कोशिश कर रहा है जो बहुत ही कठिन है। लैंडर से संपर्क टूटने से पहले सब कुछ योजना के मुताबिक काम कर रहा था। दुर्भाग्यवश लैंडर चंद्रमा की सतह से 400 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद होकर प्वाइंट तक नहीं पहुंच सका। यदि ऐसा हो जाता तो रडार अल्टीमीटर और लेजर का प्रशिक्षण हो जाता। भारतीय वैज्ञानिकों की यह कोशिश निश्चित तौर पर आने वाले अभियानों के लिए मददगार साबित होगी। ऑर्बिटर अगले एक साल तक बहुमूल्य जानकारी देना जारी रखेगा।

:: विविध ::

वीके तहिलरामानी

  • मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस वीके तहिलरामानी ने मेघालय ट्रांसफर करने से नाराज होकर शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जस्टिस तहिलरामानी ने इस्तीफा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंप दिया है। उन्होंने इसकी एक प्रति सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को भी भेजी है। इसमें जस्टिस तहिलरामानी ने खुद को सेवा से तत्काल मुक्त करने का अनुरोध किया है।
  • सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने 28 अगस्त को जस्टिस तहिलरामानी के ट्रांसफर की सिफारिश की थी। उन्होंने मेघालय जाने को लेकर असमर्थता और ट्रांसफर रोकने की मांग की थी। कॉलेजियम ने उनके प्रतिवेदन पर गौर करने के बाद कहा था कि जस्टिस तहिलरमानी द्वारा जिस आधार पर ट्रांसफर रोकने का अनुरोध किया जा रहा है उस पर सहमति नहीं दी जा सकती है।
  • अब पुरे भारत में सिर्फ जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में ही महिला चीफ जस्टिस पदस्थ हैं।

25वीं एशियाई जूनियर और कैडेट टेबल टेनिस चैम्पियनशिप

  • भारत के पायस जैन को 25वीं एशियाई जूनियर और कैडेट टेबल टेनिस चैम्पियनशिप में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। शनिवार को मंगोलिया के उलानबटोर में खेले गए एशियाई जूनियर और कैडेट टेबल टेनिस चैम्पियनशिप के फाइनल में पायस को शीर्ष वरीय और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी चीन के युआन्यू चेन से 0-4 से मिली हार के बाद रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।

दिलीप ट्रॉफी

  • इंडिया रेड ने यहां एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए दलीप ट्रॉफी फाइनल मैच के चौथे दिन शनिवार को इंडिया ग्रीन को पारी और 38 रनों की करारी शिकस्त देकर खिताब पर कब्जा जमाया। इंडिया रेड ने इंडिया ग्रीन पर पहली पारी में 158 रनों की बढ़त ले ली थी। इंडिया ग्रीन चौथे दिन पहली पारी की बढ़त को भी समाप्त नहीं कर पाई और उसकी पूरी पारी 119 रनों पर ढेर हो गई। इस तरह इंडिया रेड को एक पारी और 38 रन से जीत मिल गई।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • उज्जवला गैस योजना के तहत 8 करोड़वां मुफ्त रसोई गैस किसको प्रदान किया गया? (आयशा शेख, औरंगाबाद -महाराष्ट्र)
  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा राष्ट्रीय युवा सम्मेलन का उद्घाटन किस स्थान पर किया गया? (नई दिल्ली)
  • देश के पहले नए स्मार्ट औद्योगिक शहर का क्या नाम है? (औरंगाबाद औद्योगिक शहर-औरिक)
  • हाल ही में चर्चा में रहे ‘स्टेटस ऑफ पुलिसिंग इन इंडिया रिपोर्ट 2019’ का निर्माण किस संस्थाओं के द्वारा किया गया है? (एनजीओ कॉमन कॉज और सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटी-सीएसडीएस)
  • हाल ही में किस राज्य के द्वारा 'एक राज्य एक ई-चालान योजना' योजना लागू की गई है? (महाराष्ट्र)
  • हाल ही में यूरोपीय देशों के मध्य शांति की दिशा में बहाली हेतु कैदियों की अदला-बदली की गई? (रूस और यूक्रेन)
  • शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के सदस्य देशों के प्रथम सैन्य चिकित्सा सम्मेलन का आयोजन कहां किया जाएगा? (नई दिल्ली)
  • राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों द्वारा स्वतंत्र बिजली उत्पादकों को अग्रिम भुगतान की संभावनायें तलाशने हेतु किस समिति का गठन किया गया था? (प्रकाश मस्के)
  • सरकार ने पांच टिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने के लिए साल 2024-25 तक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कितनी धनराशि खर्च करने का लक्ष्य रखा है? (100 लाख करोड़ रुपए)
  • हाल ही में चर्चा में रहे चीफ जस्टिस वीके तहिलरामानी किस उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थी? (मद्रास उच्च न्यायालय)
  • हाल ही में 25वीं एशियाई जूनियर और कैडेट टेबल टेनिस चैम्पियनशिप में किस भारतीय खिलाड़ी ने रजत पदक हासिल किया? (पायस जैन)
  • हाल ही में खेले गए दलीप ट्रॉफी का खिताब किसने जीता? (इंडिया रेड)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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