(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (08 नवम्बर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (08 नवम्बर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) बुलेटिन-2016

  • भारत में मातृ मृत्युदर अनुपात (एमएमआर)में वर्ष 2013 से अबतक 26.9 प्रतिशत की कमी आई है। यह जानकारी गुरुवार को जारी नमूना पंजीकरण प्रणाली बुलेटिन-2016 से मिली है। दक्षिणी राज्यों में प्रति एक लाख जन्म पर एमएमआर 77 से घटकर 72 पर आ गया है जबकि अन्य राज्यों में यह आंकड़ा 93 से घटकर 90 हो गया है।
  • महापंजीयक कार्यालय की ओर से जारी विशेष बुलेटिन के मुताबिक 2011-2013 के बीच एमएमआर 167 था जो 2014 से 2016 के बीच घटकर 130 पर आ गया। वर्ष 2015-17 में इसमें और कमी आई और यह 122 पर आ गया। इस प्रकार पिछले सर्वे 2014-2016 के मुकाबले इसमें 6.15 फीसदी की कमी आई है। सबसे अधिक कमी सशक्त कार्य समूह (ईएजी) राज्य असम में हुई जहां एमएमआर 188 से घटकर 175 पर आ गया है।’’
  • मातृ मृत्युदर अनुपात को बेहतर तरीके से समझने के लिए खासतौर पर क्षेत्रीय आधार पर, सरकार ने राज्यों को ईएजी, दक्षिण राज्यों और ‘अन्य’ में श्रेणीबद्ध किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु पहले ही वैश्विक सतत विकास लक्ष्य प्रति एक लाख जन्म पर 70 एमएमआर का लक्ष्य हासिल कर चुके हैं, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना भी लक्ष्य के करीब हैं। ईएजी राज्यों में बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और असम आते हैं। वहीं दक्षिणी राज्यों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु आते हैं। ‘अन्य’ की श्रेणी में बचे हुए राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों को रखा गया है।
  • बुलेटिन में कहा गया कि मातृ मृत्यु दुर्लभ घटना है और आकलन करने के लिए वृहद स्तर पर नमूनों की जरूरत होती है। इसलिए नमूना पंजीकरण प्रणाली में नमूनों को सबल करने के लिए विश्वसनीय स्रोतों के तीन साल के मातृ मृत्युदर के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है।
  • उल्लेखनीय है कि मातृ मृत्युदर अनुपात पर भारत में पहली रिपोर्ट अक्टूबर 2006 में जारी की गई थी। इसमें 1997 से 2003 के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया था और प्रचलन, कारण और खतरे को रेखांकित किया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले साल एमएमआर को कम करने के लिए भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह सतत विकास लक्ष्य को हासिल करने के रास्ते पर है। संयुक्त राष्ट्र ने 2030 तक एमएमआर को प्रति एक लाख जन्म पर 70 से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है

बनिहाल-बारामुला रेल सेवा

  • कश्मीर में सुधरते हालात के बीच राज्य और रेल प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बनिहाल-बारामुलारेल सेवा बहाल करने का फैसला किया है। 10 नवंबर को सुरक्षा मानकों की जांच के लिए बारामुला से बनिहाल तक ट्रायल रन होगा। वहीं गुरुवार को केंद्र से भी रेलवे परिचालन पर अधिकारियों की टीम समीक्षा के लिए आएगी।
  • गौरतलब है कि 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने से पहले 4 अगस्त को राज्य प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बनिहाल-बारामुला रेल सेवा को बंद कर दिया था। बनिहाल-बारामुला रेल सेवा के बंद होने से लोगों विशेषकर नौकरीपेशा व विद्यार्थी परेशान थे। रेल संपत्ति व आम लोगों के जानमाल को नुकसान पहुंचाने की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने इसे बंद रखा हुआ था। वादी में रेल परिचालन बंद होने से तीन माह में रेल प्रशासन को पौने तीन करोड़ रुपये का घाटा पहुंचा है।

वाराणसी रेलवे स्टेशन पर चार दक्षिण भारतीय भाषाओं में सूचना

  • उत्तर रेलवे वाराणसी स्टेशन पर दक्षिण भारतीय यात्रियों के लिए तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में सूचना से संबंधित घोषणाएं करवाएगा। इससे गैर हिंदी भाषी क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को सुविधा होगी। चारों दक्षिण भारतीय भाषाओं में सूचनाएं रिकार्ड की जा रही है। इसके बाद उड़िया और मराठी भाषा में भी अनाउंसमेंट करने पर विचार होगा।
  • फिलहाल केवल हिंदी और अंग्रेजी भाषा में सूचना दिए जाने से कई अहिंदी भाषी राज्यों के यात्रियों को ट्रेनों से जुड़ी जानकारी समझ नहीं आती। ऐसे यात्री दूसरों से हिंदी में बात नहीं कर पाते। उनकी बात समझ भी नहीं पाते। ऐसे में उनकी ट्रेन भी छूट जाती है। दक्षिण भारतीय राज्यों के लोग काफी संख्या में काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए बनारस आते हैं।

राइजिंग हिमाचल : वैश्विक निवेशक सम्‍मेलन 2019

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में राइजिंग हिमाचल : वैश्विक निवेशक सम्‍मेलन 2019 का उद्घाटन किया।
  • हिमाचल प्रदेश वैश्विक निवेशक सम्मेलन में आठ प्रमुख क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा। ये आठ क्षेत्र हैं- कृषि, विनिर्माण, फार्मास्युटिकल्स, पर्यटन, होटल, नागर विमानन, पनबिजली और नवीकरणीय ऊर्जा। इस सम्मेलन में राजनयिक, कॉरपोरेट क्षेत्र के दिग्गज, वरिष्ठ नीति निर्माता, विकास एजेंसियां और दुनिया भर के निवेशक हिस्सा ले रहे हैं। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक हिमाचल प्रदेश ने ऑनलाइन एकल खिड़की प्रणाली लागू की है, इसके तहत सभी क्षेत्रों में निवेश के लिए मंजरियां प्रदान की जाती हैं।
  • प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश ने 85,000 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है और अब तक 83,000 करोड़ रुपए निवेश के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। ठाकुर ने कहा, 'प्रोजेक्ट को द्रुत गति से मंजूरी दिलाने, बुनियादी ढांचा के विकास, मानव पूंजी और सामाजिक कल्याण में सतत निवेश, के लिए हम प्रगतिशील नीति पेश करेंगे।' पहले वैश्विक निवेशक सम्मेलन से रोजगार के अवसर पैदा होने और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद की जा रही है। प्रदेश की आर्थिक विकास दर चालू वित्त वर्ष में 7.3 फीसदी रहने की उम्मीद की जा रही है।

कोयला खदान दुर्घटनाओं में मौतों के लिए अनुग्रह राशि में 300 प्रतिशत वृद्धि

  • कोयला एवं खान मंत्री, श्री प्रह्लाद जोशी ने कोयला खानों की दुर्घटनाओं में मौतों के लिए अनुग्रह राशि में 300 प्रतिशत बढ़ोतरी करते हुए इसे 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की घोषणा की है। ओडिशा में महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) में आज कोयला खनिकों को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि यह कल्याणकारी उपाय देश के आठ राज्यों में कोल इंडिया और इसकी सहायक कंपनियों के तहत काम करने वाले खनिकों के 3.5 लाख से अधिक परिवारों को कवर करेगा।
  • कोयला एवं खान मंत्री ने ओडिशा में महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड में तालचेर कोलफील्ड्स के खनन कार्यों का एक हवाई सर्वेक्षण और निरीक्षण किया, जो राज्य में चलने वाली कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की दूसरी सबसे बड़ी सहायक कंपनी है, जो सीआईएल के कुल कोयला उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत योगदान करती है।

बाल संगम

  • राजधानी दिल्ली में शनिवार को बाल संगम के 11वें संस्करण का आयोजन होगा जिसमें देश भर के 12 राज्य अपनी लोक और पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय(एनएसडी) ने यह घोषणा की। बच्चों को समर्पित यह उत्सव एनएसडी परिसर में ही आयोजित होगा।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

इटली में जलवायु परिवर्तन की अनिवार्य 'शिक्षा'

  • जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर मुद्दे को इटली ने स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल कर लिया है और ऐसा करने वाला वह दुनिया का पहला देश बन गया है। वहां के शिक्षा मंत्री लॉरेंजो फिओरामोंटी ने बताया कि अगले साल सितंबर से शुरू होने वाले सत्र में देश के सभी स्कूल जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सप्ताह में कम से कम एक घंटा जरूर देंगे। स्थिरता और जलवायु को अपने शिक्षा मॉडल का केंद्र बनाने के लिए मंत्रालय को भी बदला जा रहा है। इसके अलावा बाकी विषयों भूगोल, गणित और भौतिकी की पढ़ाई को पहले की तरह जारी रखा जाएगा।

ब्रिक्स सम्मेलन 2019

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए 13-14 नवंबर को ब्राजील का दो दिवसीय दौरा करेंगे। ब्रिक्स पांच देशों का संगठन है जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। ब्राजील अभी ब्रिक्स का अध्यक्ष है। यह समूह दुनिया की 3.6 अरब आबादी का प्रतिनिधित्व करता है जो दुनिया की करीब आधी आबादी है। सदस्य देशों का संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद करीब 16 हजार 600 अरब डॉलर है।

कालापानी

  • नेपाल ने भारत के नए राजनीतिक मानचित्र में कालापानी को भारतीय सीमा में कथित तौर पर दिखाए जाने पर आपत्ति जताई है। नेपाल का कहना है कि देश के सुदूर पश्चिमी इलाके स्थित कालापानी नेपाल की सीमा में है। स्थानीय मीडिया ने खबर दी थी कि कालापानी नेपाल के धारचुला जिले का हिस्सा है जबकि भारत के मानचित्र में इसे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का हिस्सा दिखाया गया है। भारत ने शनिवार को नया राजनीतिक मानचित्र जारी किया था।
  • गौरतलब है कि इससे पहले भारत के नए नक्शे को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी 'गलत' तथा कानूनी रूप से 'अपुष्ट' करार दिया था। भारत के नए मानचित्र में पूरे कश्मीर क्षेत्र को अपने हिस्से के रूप में दिखाया गया है। नए नक्शों में पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर नए बने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है, जबकि गिलगित-बाल्टिस्तान लद्दाख क्षेत्र में है।

'नो मनी फॉर टेरर' 2019 सम्मेलन

  • केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने ऐलान किया है कि 2020 में भारत में 'नो मनी फॉर टेरर' का आयोजन किया जाएगा। यह घोषणा गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने मेलबर्न में चल रहे (7 से 8 नवंबर 2019) द्वितीय 'नो मनी फॉर टेरर' सम्मेलन में की।
  • भारत की ओर से वाईसी मोदी, डीजी एनआईए सहित 5 सदस्य इस सम्मेलन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस सम्मेलन में भारत सहित 65 देश शामिल हुए हैं. उद्घाटन सत्र में माननीय मंत्री ने भारत की इस चिंता पर जोर दिया कि कुछ देश चुपचाप समर्थन कर आतंकी समूहों को बढ़ावा दे रहे हैं.

मेलबर्न एंटी टेरर मीट में आतंकवाद को लेकर किशन रेड्डी ने चार बिंदुओं को प्रस्तावित किए-

  • आतंकवाद शांति, सुरक्षा और विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा है
  • एनजीओ के बहाने आतंकी समूह फंड जुटाने में सक्षम
  • हाफिज सईद जैसे आतंकी को वित्त के लिए अतिरिक्त अनुमति
  • हवाला रूट के जरिए पैसे के ट्रांसफर का विवरण

सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर टैक्स: लेबनान

  • लेबनान में व्हाट्स ऐप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर टैक्स लगाए जाने से पूरे शहर में लोग हिंसक विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं। इसकी वजह से पूरा लेबनान पिछले कई दिनों से जल रहा है।
  • लेबनान सरकार ने गुरुवार (17 अक्टूबर 2019) को व्हाट्स ऐप और फेसबुक मैसेंजर जैसे कुछ सोशल मीडिया ऐप पर टैक्स लगाने की घोषणा की थी। इसके तहत सोशल मीडिया ऐप के जरिए फोन कॉल करने पर टैक्स लागू किया गया था। सरकार ने ऐप बेस्ट कॉलिंग पर प्रतिदिन 0.20 डॉलर (भारतीय मुद्रा में 14.16 रुपये) का टैक्स लगा दिया था। सरकार की इस घोषणा के थोड़ी देर बाद ही लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़पें शुरू हो गईं थी। इसके थोड़ी देर बाद ही लेबनान ने अपने फैसले को वापस ले लिया था।
  • लेबनान पिछले काफी समय से आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश के आर्थिक संकटों के लिए लोग सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हालांकि, प्रदर्शन की शुरूआत कैसे और कहां से हुई, ये स्पष्ट नहीं है। ज्यादातर लोगों का कहना है कि वह घर में बैठे थे और लोगों को प्रदर्शन के लिए घरों से निकलता देख, वह भी उनका साथ देने के लिए बाहर निकल आए। प्रदर्शनकारियों में शामिल एक चार्टड अकाउंटेंट ने न्यूज एजेंसी को बताया कि हालात बहुत ज्यादा खराब हैं। घर के जरूरी खर्च चलाने के लिए हर महीने लोगों से उधार लेना पड़ रहा है। कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है और वह इसे कैसे चुकाएंगे, कुछ समझ नहीं आ रहा है। लोगों की नौकरियां जा रही हैं। इन सबके लिए सरकार जिम्मेदार है।

आतंकवादियों के वित्तपोषण पर दिशा-निर्देश: FATF

  • फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने सभी सदस्य देशों से आतंकवाद से संबंधित यात्राओं के वित्तपोषण को आपराधिक बनाने का आग्रह किया है। जारी किए गए दिशा-निर्देशों में, टास्क फोर्स ने सदस्य देशों को निर्देश दिया है कि वे अपराध, अपराध के नियोजन, तैयारी या भागीदारी आतंकवादी प्रशिक्षण के उद्देश्य के वित्तपोषण का अपराधीकरण करें।
  • पेरिस स्थित निगरानी एजेंसी ने भी सदस्य देशों को आतंकवादी वित्तपोषण के लिए रणनीतिक कमियों की समस्या से निपटने के लिए पहचान करने और उपाय करने का निर्देश दिया है। बयान में कहा गया, आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने के लिए वैश्विक सुरक्षा क्षेत्र केवल उतने ही मजबूत हैं जितना कि सबसे कमजोर उपायों के साथ अधिकार क्षेत्र।
  • यह सदस्यों को ये याद दिलाता है कि एफएटीएफ का एक प्रमुख उद्देश्य अपने एएमएल / सीएफटी शासनों में महत्वपूर्ण कमजोरियों के साथ क्षेत्राधिकार की लगातार पहचान करना है, और उन कमजोरियों को दूर करने के लिए उनके साथ काम करना है।
  • एफएटीएफ अपने सदस्यों को ये बताते हैं कि आतंकवादी और आतंकवादी समूह विभिन्न माध्यमों के उपयोग के साथ धन जुटाना जारी रखते हैं, और इसलिए, देशों को आतंकवादी वित्तपोषण से होने वाले जोखिमों को समझने और इसके सभी पहलुओं के लिए नीतिगत प्रतिक्रियाओं को विकसित करने के लिए इसे प्राथमिकता बनाना चाहिए। एफएटीएफ ने सभी न्यायालयों को संगठन के क्षेत्रीय निकाय और यूनाइटेड नेशन जैसे अन्य प्रमुख सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा। आतंकवाद के खतरे की बदलती प्रकृति को रेखांकित करते हुए, एफएटीएफ ने सदस्य से आतंकवादी वित्तपोषण जोखिमों को समझने का आग्रह किया है।
  • उन्होंने कहा, जोखिम की समझ, न्यायाधिकारियों के आतंकवाद विरोधी वित्तपोषण शासन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि जोखिमों को समझने से देशों को आतंकवादी वित्तपोषण का पता लगाने या बाधित करने के लिए संसाधनों का आवंटन करने की अनुमति मिलती है।

:: राजव्यवस्था और महत्वपूर्ण विधेयक ::

संविधान दिवस: 26 नवंबर

  • केंद्र सरकार ने भारत में संविधान स्वीकारे जाने के 70 साल पूरे होने के मौके पर 26 नवंबर को लोकसभा और राज्यसभा का संयुक्त सत्र बुलाया गया है। संविधान दिवस का यह कार्यक्रम सदन के सेंट्रल हॉल में रखा गया है।

क्यों खास है 26 नवंबर

  • दरअसल, 26 नवंबर 1949 के दिन भारत के संविधान को संविधान सभा ने स्वीकार किया था, इसलिए इस दिन को संविधान दिवस या कानून दिवस के नाम से भी जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्तूबर 2015 को मुंबई में अम्बेडकर की प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी स्मारक की आधारशिला रखते हुए घोषणा की थी कि 26 नवंबर अब राष्ट्रीय कानून दिवस नहीं बल्कि राष्ट्रीय संविधान दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

इंडिया जस्टिस रिपोर्ट-2019

  • टाटा ट्रस्ट्स’ इंडिया जस्टिस रिपोर्ट-2019 के अनुसार न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी कम हुई है और लैंगिक विविधता के महत्व की व्यापक स्वीकृति के बावजूद राज्यों की अदालतों में महिलाओं की वास्तविक संख्या निराशाजनक है।
  • देश में बड़े और मध्यम आकार के राज्यों में निचली अदालतों में महिला न्यायाधीशों की सर्वाधिक संख्या तेलंगाना में है तथा बिहार इस मामले में सबसे पीछे है। वहीं, सात राज्य ऐसे हैं जहां के उच्च न्यायालयों में एक भी महिला न्यायाधीश नहीं है। जून 2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार तेलंगाना में निचली अदालतों में महिला न्यायाधीशों की भागीदारी का आंकड़ा 44 प्रतिशत है जो देश में सर्वाधिक है। वहीं, बिहार में 11.5 प्रतिशत के आंकड़े के साथ महिला न्यायाधीशों की सबसे कम भागीदारी है।
  • टाटा न्यास की रिपोर्ट के मुताबिक लोगों को न्याय देने के मामले में महाराष्ट्र शीर्ष पर है जबकि केरल, तमिलनाडु, पंजाब और हरियाण क्रमश: दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवे स्थान पर हैं। छोटे राज्यों (जहां की आबादी एक करोड़ से कम है) में न्याय देने के मामले में गोवा शीर्ष स्थान है। दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश: सिक्किम और हिमाचल प्रदेश रहे।
  • ‘भारत न्याय रिपोर्ट-2019’ सार्वजनिक रूप से न्याय प्रदान करने के चार स्तंभों पुलिस, न्यायपालिका, कारागार और कानूनी सहायता पर उपलब्ध सरकारी संस्थाओं के आंकड़ों पर आधारित है।
  • यह रैंकिंग टाटा न्याय की पहल है जिसे ‘सेंटर फॉर सोशल जस्टिस, कॉमन कॉज, राष्ट्रमंडल मानवाधिकार पहल, दक्ष, टीआईएसएस, कानूनी नीति के लिए प्रयास एवं विधि केंद्र के सहयोग से तैयार किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में न्यायाधीशों के कुल 18,200 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 23 फीसदी रिक्त हैं।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

ट्रेड वार से फायदे में भारत: अंकटाड

  • अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे ट्रेड वार के कारण भारत को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मोर्चे पर फायदा हो रहा है। भारत ने चालू वर्ष की पहली छमाही (जनवरी-जून) में अमेरिका को 75.5 करोड़ डॉलर (करीब 5,360 करोड़ रुपये ) का अतिरिक्त निर्यात किया है। संयुक्त राष्ट्र की व्यापार एवं निवेश इकाई अंकटाड की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत से अमेरिका को केमिकल, मेटल और अयस्कों का अतिरिक्त निर्यात हुआ है।
  • असल में अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार के चलते दोनों देशों के बीच व्यापार में भारी कमी आई है, जिसका फायदा भारत को मिल रहा है। अंकटाड के मुताबिक भारत ने केमिकल (24.3 करोड़ डॉलर), धातु एवं अयस्क (18.1 करोड़ डॉलर), इलेक्टिकल मशीनरी (8.3 करोड़ डॉलर) और विभिन्न मशीनरी (6.8 करोड़ डॉलर) की अतिरिक्त बिक्री करके यह लाभ कमाया। इसके अलावा कृषि, खाद्य उत्पाद, फर्नीचर, कपड़े और परिवहन उपकरणों का निर्यात भी ब़ढ़ा है।
  • रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वार के कारण दोनों देशों के आपसी व्यापार में भारी गिरावट आई है। इसलिए अमेरिका में उन देशों से आयात ब़ढ़ा है, जो सीधे तौर पर ट्रेड वार से नहीं जुड़े हैं। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार की वजह से 2019 की पहली छमाही में करीब 2,100 करोड़ डॉलर का व्यापार प्रभावित हुआ है।
  • चीन के उत्पादों पर अतिरिक्त अमेरिकी शुल्क ने अन्य देशों को अमेरिकी बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया है। इससे इन अन्य देशों का अमेरिका को व्यापार बढ़ा है। ताइवान, मेक्सिको और यूरोपीय संघ को यूएस-चाइना ट्रेड वार से काफी फायदा हुआ है। अंकटाड ने कहा कि दक्षिण कोरिया, कनाडा और भारत को व्यापार में कम लाभ हुआ है, लेकिन फिर भी यह पर्याप्त है।

स्‍वयं सहायता समूहों और कारीगर क्‍लस्‍टरों को ‘जेम’ से जोड़ा जाएगा

  • गवर्नमेंट ई-मार्केटप्‍लेस (जेम) खुद से एसएचजी (स्‍वयं सहायता समूहों) और कारीगर क्‍लस्‍टरों को जोड़ने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, राज्‍य सरकारों के एम्‍पोरियम और विकास आयोग, हस्‍तशिल्‍प के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस आशय की घोषणा जेम के सीईओ तल्‍लीन कुमार ने कल नई दिल्‍ली में की। उत्‍पादों को वैसी स्थिति में एम्‍पोरियम उत्‍पादों के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा, जब भारत के कारीगरों द्वारा तैयार की जाने वाली अनूठी वस्‍तुओं को ‘जेम’ पर उपलब्‍ध कराया जाएगा। इसके तहत तकनीकी समाधानों को ध्‍यान में रखने की दिशा में काम जारी है, ताकि कार्यशील पूंजी और वस्‍तुओं के सही स्‍थान के बारे में जानकारियां क्रेताओं एवं विक्रेताओं को प्‍लेटफॉर्म पर उपलब्‍ध हो सकें।
  • 3000 से भी अधिक स्‍टार्ट-अप्‍स को पहले ही जेम पर पंजीकृत किया जा चुका है और उन्‍हें अब तक 522 करोड़ रुपये की राशि के ऑर्डर मिले हैं। 58,101 से भी अधिक एमएसएमई (सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम) को इस प्‍लेटफॉर्म पर पंजीकृत किया जा चुका है और जेम पर हुई कुल सौदा राशि का 50 प्रतिशत एमएसएमई से ही प्राप्‍त हो रहा है।
  • जेम के सीईओ ने यह जानकारी दी कि जेम पोर्टल पर सकल वाणिज्यिक मूल्‍य (जीएमवी) 36,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुका है। 40 हजार से भी अधिक खरीदार संगठन इस खरीद पोर्टल पर पंजीकृत किये जा चुके हैं। जेम पर 2.95 लाख से भी अधिक विक्रेता/सेवाप्रदाता हैं। विक्रेताओं के पंजीकरण में लगने वाला औसत समय 20 दिनों से घटकर सिर्फ 2 दिन रह गया है। खरीदारी की अपेक्षाकृत छोटी प्रक्रिया और प्रतिस्‍पर्धी मूल्‍यों को ध्‍यान में रखते हुए सामान्‍य रूप से सरकारी निकाय और विशेषकर केन्‍द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (सीपीएसयू) अब बड़े पैमान पर जेम से खरीदारी कर रहे हैं।
  • जेम दरअसल एक पूर्ण ऑनलाइन मार्केटप्‍लेस है, जहां सभी वास्‍तविक विक्रेता स्‍वयं का पंजीकरण कराते हैं और इस प्‍लेटफॉर्म पर सौदे करते हैं। सभी तरह के सत्‍यापन ऑनलाइन एकीकरण के जरिए होते हैं। जेम समावेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ सरकार के साथ ‘कारोबार में सुगमता’ को भी प्रोत्‍साहित करता है। यह एक पूर्ण पारदर्शी ऑनलाइन मार्केटप्‍लेस है, जो न केवल सार्वजनिक खरीद में तेजी लाता है, बल्कि इसके साथ ही इस पूरी प्रक्रिया में व्‍यापक बचत (औसतन 15-25 प्रतिशत) भी सुनिश्चित करता है।
  • जेम नीतिगत प्रयोजन को अपने सही मुकाम पर पहुंचाना सुनिश्चित करता है, जिससे एसएमई लाभान्वित हो सकते हैं। इनमें एमएसएसमई वरीयता नीति, मेक इन इंडिया और स्‍टार्ट-अप्‍स शामिल हैं, जिन्‍हें नियम आधारित इलेक्‍ट्रॉनिक प्‍लेटफॉर्म पर कारगर ढंग से कार्यान्वित किया जा सकता है।

वित्‍तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की 21वीं बैठक

  • वित्‍तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की 21वीं बैठक आज नई दिल्‍ली में केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्‍यक्षता में हुई।
  • परिषद ने वैश्विक स्‍तर के साथ-साथ देश के मौजूदा वृहद आर्थिक हालात की समीक्षा की। यही नहीं, परिषद ने अन्‍य बातों के अलावा वित्‍तीय स्थिरता और एनबीएफसी तथा क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की।
  • परिषद ने इससे पहले एफएसडीसी द्वारा लिए गए निर्णयों पर इसके सदस्‍यों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की। परिषद की बैठक में समाधान संबंधी फ्रेमवर्क के साथ-साथ वित्‍तीय सेक्‍टर की साइबर सुरक्षा से संबंधित फ्रेमवर्क को मजबूत करने के लिए पेश किए गए प्रस्‍तावों पर विचार-विमर्श किया गया।

सीबीआईसी की ‘डिन’ प्रणाली

  • केन्‍द्रीय अप्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीआईसी) की दस्‍तावेज पहचान संख्‍या (डिन) कल यानी 08 नवम्‍बर, 2019 से अमल में आ जाएगी। अप्रत्‍यक्ष कर व्‍यवस्‍था से जुड़ी इस क्रांतिकारी डिन प्रणाली का सृजन केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के निर्देश पर हुआ है और अब से सीबीआईसी के किसी भी पत्र-व्‍यवहार इत्‍यादि में दस्‍तावेज पहचान संख्‍या (डिन) का उल्‍लेख करना आवश्‍यक होगा। सरकार ने प्रत्‍यक्ष कर प्रशासन या व्‍यवस्‍था में डिन प्रणाली को पहले ही अमल में ला दिया है। यह अप्रत्‍यक्ष कर प्रशासन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के सरकारी लक्ष्‍यों की पूर्ति की दिशा में एक और अहम कदम है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी के व्‍यापक उपयोग के जरिए भी यह संभव होगा।
  • उल्‍लेखनीय है कि इस तरह की अपवाद स्थितियों को निर्दिष्‍ट करते हुए डिन संबंधी सीबीआईसी के सर्कुलर (05 नवम्‍बर, 2019) में कहा गया है कि जब भी इस तरह का कोई मैनुअल पत्र-व्‍यवहार किया जाएगा, तो डिन के बिना इस तरह का पत्र इत्‍यादि जारी करने के विशिष्‍ट कारण का उल्‍लेख करना आवश्‍यक होगा और सक्षम प्राधिकरण से इस बारे में 15 दिनों के अंदर लिखित मंजूरी लेनी होगी।
  • सीबीआईसी ने यह निर्दिष्‍ट किया है कि अपवाद स्थितियों में मैनुअल ढंग से जारी किसी भी तरह के पत्र-व्‍यवहार को इसके जारी होने के 15 कार्य दिवसों में इस प्रणाली पर नियमित करना होगा।
  • सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 168(1)/केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्‍क अधिनियम, 1944 की धारा 37/सीमा शुल्‍क अधिनियम,1962 की धारा 151ए के तहत मिले अधिकारों का उपयोग क‍रते हुए सीबीआईसी अपने कार्यालयों द्वारा करदाताओं तथा अन्‍य संबंधित लोगों को भेजे गए इस तरह के सभी पत्र-व्‍यवहार के लिए दस्‍तावेज पहचान संख्‍या (डिन) के इलेक्‍ट्रॉनिक सृजन की प्रणाली को लागू कर रहा है।

Reliance Health Insurance

  • भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल को तगड़ा झटका दिया है। इरडा ने रिलायंस कैपिटल की कंपनी रिलायंस हैल्थ इंश्योरेंस कंपनी (RHICL) को नई पॉलिसीज नहीं बेचने के लिए कहा है। साथ ही इरडा ने सभी पॉलिसीधारकों की देनदारियों को स्थानांतरित करने के लिए कहा है। गौरतलब है कि RHICL नकदी की बड़ी समस्या से जूझ रही है।
  • इरडा के अनुसार, अक्टूबर 2018 में मार्केट में आई रिलायंस हैल्थ इंश्योरेंस जून 2019 से सॉल्वेंसी मार्जिन के आवश्यक स्तर को बनाए रखने में समर्थ नहीं है। अगस्त 2019 के आखिर में जब इरडा के सामने यह बात आई, तो आरएचआईसीएल को एक महीने में सॉल्वेंसी मार्जिन का आवश्यक स्तर जुटाने का निर्देश जारी हुआ था। लेकिन यह अब तक भी नहीं हो पाया है। इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी को चेतावनी नोटिस भी जारी हुआ और एक दूसरा मौका दिया गया। इसके बावजूद जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा के लिए इरडा ने अब यह निर्देश जारी किया है।
  • इरडा ने अपने निर्देश में कहा है कि कंपनी कोई नई पॉलिसी नहीं बेचे। साथ ही इरडा ने कहा कि 15 नवंबर 2019 से रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (RGICL) को सभी पॉलिसीधारकों की देनदारियां वित्तीय संपत्तियों के साथ ट्रांसफर हों। इस समय तक आरएचआईसीएल इन संप्तियों का उपयोग क्लेम सेटलमेंट के अलावा किसी भी भुगतान के लिए नहीं कर सकती। यह अनुमान लगाया गया है कि ये संपत्तियां मौजूदा पॉलिसीधारकों के भविष्य में आने वाले क्लेम का सेटलमेंट करने के लिए पर्याप्त है।

आवास परियोजनाओं के लिए ‘स्‍पेशल विंडो’ फंड

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने कल उन अधूरी या अटकी पड़ी आवास परियोजनाओं को पूरा करने हेतु प्राथमिकता के आधार पर ऋण वित्‍त पोषण उपलब्‍ध कराने के लिए एक ‘स्‍पेशल विंडो’ फंड बनाने को मंजूरी दे दी, जो किफायती और मध्‍यम-आय आवास सेक्‍टर के अंतर्गत आती हैं।
  • इस फंड के लिए सरकार एक प्रायोजक की भूमिका निभाएगी। सरकार इसमें 10,000 करोड़ रुपये तक की कुल राशि लगाएगी। इस फंड में बैंकों, एलआईसी और अन्‍य के योगदान के माध्‍यम से 25,000 करोड़ रुपये के फंड बनाया जाएगा। यह फंड दरअसल श्रेणी-II के एक एआईएफ (वैकल्पिक निवेश फंड) डेट फंड के रूप में होगा, जो सेबी में पंजीकृत होगा। इस फंड का संचालन प्रोफेशनल ढंग से होगा।
  • स्‍पेशल विंडो के तहत प्रथम एआईएफ के लिए यह प्रस्‍ताव किया गया है कि एसबीआईकैप वेंचर्स लिमिटेड की सेवाएं निवेश प्रबंधक के रूप में ली जाएंगी।
  • विशेष विंडो के अंतर्गत गठित किये गये/कोष उपलब्‍ध कराये गये एआईएफ सरकार और अन्‍य निजी निवेशकों से निवेश आकर्षित करेंगे। इनमें वित्‍तीय संस्‍थाएं, सोवेरन वेल्‍थ फंड, सार्वजनिक व निजी क्षेत्र के बैंक, घरेलू पेंशन और भविष्‍य निधि, वैश्विक पेंशन कोष और अन्‍य संस्‍थागत निवेशक शामिल हैं।
  • यह फंड उन डेवलपरों को राहत प्रदान करेगा, जिन्‍हें अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने और अंतत: घर खरीदने वालों को उनके मकानों की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए बड़ी धनराशि की आवश्‍यकता है।
  • रियल एस्‍टेट उद्योग चूंकि कई अन्‍य उद्योगों से अंतर्निहित रूप से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस सेक्‍टर में तेजी से विकास होने से इसका सकारात्‍मक असर होगा और देश की अर्थव्‍यवस्‍था के अन्‍य प्रमुख सेक्‍टरों की भी मुश्किलें कम होंगी।

फंडिंग के लिए परियोजनाओं के चयन के लिए मानदंड : उन परियोजनाओं को फंड उपलब्‍ध कराया जाएगा, जो निम्‍न मानदंडों को पूरा करते हो-

  • पर्याप्‍त फंड के आभाव में रूकी हुई परियोजनाएं।
  • किफायती और मध्‍य आय वर्ग।
  • परियोजनाएं जिनका नेट वर्थ पॉजिटिव है (एनपीए और एनसीएलटी प्रक्रियाओं के अंतर्गत की परियोजनाएं)।
  • रेरा पंजीकृत।
  • उन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएंगी, जो पूरी होने के करीब हैं।

पृष्‍ठभूमि

माननीय वित्‍त मंत्री ने 14 सितम्‍बर, 2019 को घोषणा की थी कि किफायती और मध्‍यम-आय आवासीय परियोजनाओं के लिए एक स्‍पेशल विंडो सृजित की जाएगी। यह स्‍पेशल विंडो उन आवास परियोजनाओं के लिए अत्‍यंत जरूरी धनराशि उपलब्‍ध कराएगी, जो अटकी पड़ी हैं।

कतर एयरवेज और इंडिगो ने किए कोड शेयर समझौते पर हस्‍ताक्षर

  • कतर एयरवेज ने भारत की एयरलाइन इंडिगो के साथ कोडशेयर समझौते पर हस्ताक्षर किया है। टिकटों की बिक्री आज से शुरू होगी और पहली कोडशेयर फ्लाइट्स का संचालन 18 दिसंबर 2019 से होगा। इस करार से कतर एयरवेज दोहा और दिल्ली, मुंबई व हैदराबाद के बीच इंडिगो की फ्लाइट्स पर अपना कोड लागू करने में सक्षम होगी।
  • कई पुरस्कारों की विजेता एयरलाइन, कतर एयरवेज को 2019 वर्ल्ड एयरलाइन अवॉर्ड्स द्वारा ‘वर्ल्‍ड्स बेस्‍ट एयरलाइंस’ का पुरस्कार दिया गया।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

'इंड एयर'

  • वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) और राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (NEERI) ने वायु प्रदूषण के एक सदी से अधिक पुराने इतिहास को डिजिटल रूप में समेटा है। 'इंड एयर' नाम से ऐसी वेबसाइट तैयार की गई है, जिससे करीब 115 साल के प्रदूषण के आंकड़े और इतिहास की जानकारी हासिल की जा सकती है।
  • 50 लाख से ज्यादा के बजट और अमेरिकन संस्था एन्वायरमेंट डिफेंस फंड (EDF) के साथ समझौता कर यह वेबसाइट तैयार की गई है। बुधवार को इसे दिल्ली की भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी में लांच किया गया। इसे औपचारिक रूप से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के चेयरमैन एसपी सिंह परिहार और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में संयुक्त सचिव निधि खरे ने लांच किया। इसमें 1905 से 2019 तक के वायु प्रदूषण का इतिहास समेटा गया है। इसके प्रारंभिक चरण में 1,215 शोध आलेख, 170 रिपोर्ट, 100 केस, दो हजार स्टेटस सहित इंटरनेट से पूर्व (1950-1999) के समय की भी सात सौ रिपोर्ट स्कैन करके डाली गई हैं।
  • इंड एयर वेबसाइट को मुख्यतया तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में 1905 तक से उपलब्ध प्रदूषण मापक यंत्रों, नियम कायदों और मानकों की की जानकारी दी गई है। दूसरी श्रेणी में विभिन्न पर्यावरण संस्थाओं, शैक्षिक संस्थानों और विशेषज्ञों के द्वारा किए गए अध्ययन की रिपोर्ट डाली गई हैं। तीसरी श्रेणी में पर्यावरण प्रदूषण पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे अध्ययन है, जो भुगतान करने पर ही मिल पाते हैं।

वायु प्रदूषण में 25% कमी का दिल्ली सरकार का दावा सही नहीं : ग्रीनपीस

  • पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली स्वयंसेवी संस्था ग्रीनपीस इंडिया ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली सरकार का यह दावा सही नहीं है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान वायु प्रदूषण में 25 प्रतिशत की कमी आई है। एनजीओ के विश्लेषण के मुताबिक, ‘‘दिल्ली और आसपास के राज्यों में वायु गुणवत्ता निगरानी और उपग्रह के आंकड़ों के साथ ही पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन की बढ़ती खपत को मिलाकर देखें तो सरकार का यह दावा सही नहीं लगता है कि पिछले वर्षों के दौरान प्रदूषण के स्तर में 25 प्रतिशत की कमी आई है।’’
  • हालांकि ग्रीनपीस इंडिया का कहना है कि उपग्रह के आंकड़े बताते हैं कि पीएम के स्तर में 2013 से 2018 के बीच कोई संतोषजनक कमी नहीं आई है। पिछले तीन वर्षों की तुलना में सिर्फ 2018 के बाद के हिस्से में थोड़ी कमी देखने को मिली है। आप सरकार के दावों के विपरीत एनजीओ ने कहा है कि कुछ मामलों में प्रदूषण बढ़ा है। ग्रीनपीस ने कहा है कि ये उल्लेखनीय है कि दिल्ली और पड़ोस के दो राज्यों- हरियाणा और पंजाब में कोयले की खपत 2015-16 से 2018-19 के बीच 17.8 प्रतिशत बढ़ी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरी ओर इस दौरान पेट्रोलियम उत्पादों की खपत 3.3 प्रतिशत बढ़ी, जिससे उत्सर्जन बढ़ा।
  • दिल्ली सरकार के विज्ञापनों में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि पीएम (प्राथमिक कण, जिनका व्यास 2.5 माइक्रॉन के बराबर या कम हो) का स्तर 2016 और 2018 के बीच घटकर औसतन 115 रह गया है, जो 2012 और 2014 के बीच औसतन 154 था। इन दावों को मानें तो प्रदूषण में 25 प्रतिशत की कमी आई है।

आरओ के इस्तेमाल का नियमन: एनजीटी

  • एनजीटी ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को आरओ प्यूरिफायर पर प्रतिबंध लगाने के लिए अधिसूचना जारी करने में देरी के लिए कड़ी फटकार लगाई है। यह प्रतिबंध उन स्थानों के लिए है, जहां प्रति लीटर पानी में पूर्णत: घुले ठोस पदार्थ (टीडीएस) की मात्रा 500 मिलीग्राम से कम हो।
  • एनजीटी ने साथ ही संबंधित अधिकारियों के वेतन रोकने की भी चेतावनी दी। एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस एके गोयल की पीठ ने कहा कि उसके आदेश को लागू करने में देरी से लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर बुरा असर पड़ रहा है। पेशी के दौरान मौजूद अधिकारी इस आदेश के अनुपालन न होने को लेकर कोई जायज कारण नहीं बता सके।
  • पीठ ने कहा कि यह आदेश एनजीटी की धारा 25 के तहत बाध्यकारी फैसला है। पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारी आदेश के अनुपालन न करने के खिलाफ कार्रवाई करने को जवाबदेह हैं। एनजीटी ने मंत्रालय को 31 दिसंबर, 2019 तक आदेश के अनुपालन के लिए एक आखिरी मौका दिया है। पीठ ने कहा कि अगले साल 10 जनवरी को उपचारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
  • दरअसल आरओ के इस्तेमाल के नियमन के लिए एनजीटी ने सरकार को निर्देश दिया था कि जहां प्रति लीटर टीडीएस 500 मिलीग्राम से कम हो, वहां इसके इस्तेमाल पर रोक लगाए। साथ ही इससे पानी की बर्बादी रोके और लोगों को आरओ के कारण पानी के जरूरी खनिज पदार्थ नष्ट होने के बारे में भी जागरूक करें।

:: विविध ::

समुद्र शक्ति युद्धाभ्यास

  • भारतीय नौसेना और इंडोनेशियाई नौसेना के समुद्री युद्धाभ्यास ‘समुद्र शक्ति’ 06 नवंबर से 07 नवंबर, 2019 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें भारतीय नौसेना का पनडुब्बी रोधी युद्धक कॉरवेट - आईएनएस कामोरता और इंडोनेशियाई युद्धक जहाज केआरआई उस्मान हारून भाग ले रहे हैं। इस संयुक्त युद्धाभ्यास में आपसी तालमेल, भू-तल पर युद्धाभ्यास, वायु में रक्षा अभ्यास, हथियार फायरिंग ड्रिल, हेलिकॉप्टर संचालन एवं बोर्डिंग ऑपरेशन शामिल हैं।
  • ‘समुद्र शक्ति’ युद्धाभ्यास के आयोजन में हिस्सा लेने के लिए केआरआई उस्मान हारून 04 नवंबर, 2019 को विशाखापत्तनम पहुंचा। इसका समुद्र तटीय चरण 04 और 05 नवंबर को संपन्न हुआ था। इसमें विषय-वस्तु विशेषज्ञ द्वारा आदान-प्रदान के रूप में पेशेवर बातचीत, डेक के आर-पार दौरा, सिमुलेटर ड्रिल, सम्मेलनों की योजना तैयार करना, खेलकूद आयोजन एवं सामाजिक वार्तालाप शामिल हैं।

गुरु नानक देव जी पर तीन किताबों का लोकार्पण किया

  • केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य पर आज दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में गुरु नानक देव जी पर तीन किताबों का लोकार्पण किया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा प्रकाशित इन तीन पुस्तकों में गुरु नानक बाणी, नानक बाणी और साखियां गुरु नानक देव शामिल हैं।

रोहित शर्मा

  • हाथ के बल्लेबाज रोहित शर्मा आज भारत के लिए 100 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले पहले खिलाड़ी गए है। वहीं, पाकिस्तानी बल्लेबाज शोएब मलिक(111 T20I मैच) के बाद वे दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए है, जिन्होंने क्रिकेट के इस फॉर्मेट में 100 मैच खेलने का कीर्तिमान अपने नाम किया है। इस बारे में रोहित ने बीसीसीआइ को अपनी जर्नी के बारे में भी बताया है।

के सी गौतम

  • भारतीय क्रिकेट में बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाने वाले सीएम गौतम को गुरुवार फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। IPL में विराट कोहली और रोहित शर्मा की टीम से सदस्य रह चुके 33 साल के सी गौतम को पुलिस ने कर्नाटक प्रीमियर लीग (KPL) में फिक्सिंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

एशियन शूटिंग चैंपियनशिप

  • भारतीय निशानेबाजों ने बुधवार को यहां एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप के दूसरे दिन आठ पदक हासिल किए, लेकिन टोक्यो ओलंपिक के लिए दांव पर लगे कम से कम तीन कोटे से चूक गए। इस तरह भारत की पदकों की संख्या 13 हो गई है, क्योंकि निशानेबाजों ने मंगलवार को पांच पदक अपने नाम किए थे। भारत के चार स्वर्ण, तीन रजत और छह कांस्य पदक हैं।

अमेरिका के स्थानीय चुनाव में भारतीय मूल के अमेरिकियों ने जीता चुनाव

  • अमेरिका में आयोजित राज्य और स्थानीय चुनाव में चार भारतीय समुदाय के अमेरिकियों ने जीत दर्ज की है। पूर्व अमेरिकी कम्युनिटी कॉलेज की भारतीय-अमेरिकी गजला हाशमी ने वर्जीनिया राज्य सीनेट में निर्वाचित होने वाली पहली मुस्लिम महिला बनकर इतिहास रच दिया। वहीं सुहास सुब्रमण्यम वर्जीनिया राज्य प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए। भारतीय-अमेरिकी मनो राजू ने सैन फ्रांसिस्को से चुनाव जीता। उत्तरी कैरोलिना में डिंपल अजमेरा ने चार्लोट सिटी काउंसिल के लिए फिर से चुनाव जीता।

पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) फुटबॉल क्लब

  • पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) 2018-19 में रिकॉर्ड 50 अरब रुपए (637.8 मिलियन यूरो) कमाई करने वाला अब तक का सबसे अमीर फुटबॉल क्लब बन गया। पीएसजी ने बुधवार को बताया कि उसने पिछले साल के मुकाबले 17.7% ज्यादा कमाई की है। क्लब ने 2017-18 में करीब 42.5 अरब रुपए (541.7 मिलियन यूरो) कमाई की थी। पीएसजी से एम्बाप्पे और नेमार जैसे स्टार फुटबॉलर खेलते हैं।
  • पीएसजी ने 2017 में करीब 31.4 अरब रुपए (400 मिलियन यूरो) खर्च करके ब्राजील के नेमार और फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे को खरीदा था।
  • पिछले साल बार्सिलोना और रियाल मैड्रिड सबसे ज्यादा कमाने के मामले में शीर्ष क्लब थे। इस बार बार्सिलोना को रिकॉर्ड 78.5 अरब रुपए की कमाई के आसार हैं। वहीं, रियाल मैड्रिड को 2018-19 में 59.5 अरब रुपए राजस्व मिल सकता है।

घूमर का वर्ल्ड रिकॉर्ड: पुष्कर मेला

  • गुरुवार को पुष्कर मेले में घूमर का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। यहां 2 हजार महिलाओं ने एक साथ घूमर की प्रस्तुति दी। इसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया। पुष्कर के कलेक्टर विश्व मोहन शर्मा को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के भानु प्रताप ने रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र सौंपा। खास बात यह रही कि बारिश होने के बावजूद भी महिलाएं लगातार घूमर करती रहीं।

स्मृति मंधाना

  • भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अपने 51वें वनडे में इतिहास रच दिया। उन्होंने वनडे में सबसे तेज 2,000 रन बनाने वाली भारतीय महिला बल्लेबाज बन गई हैं। उनसे ऊपर ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क और मेग लेनिंग हैं। रेकॉर्ड लिस्ट में नजर डाली जाए तो सबसे तेज 2000 रन बनाने के मामले में वह विराट से तेज निकलीं। स्मृति ने यह जादुई रेकॉर्ड वेस्ट इंडीज के खिलाफ यहां सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम में बनाया।
  • पुरुषों के क्रिकेट में सबसे तेज 2 हजार रन पूरा करने का वनडे रेकॉर्ड पूर्व साउथ अफ्रीका बल्लेबाज हाशिम अमला (40 पारी) के नाम है। हालांकि, महिलाओं का रेकॉर्ड बेंलिडा (41) के नाम है, जबकि लेनिंग ने 45 पारियों के साथ दूसरे नंबर पर हैं।

डेमिंग प्राइज

  • दो पहिया और तीन पहिया वाहन बनाने वाली टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन को बुधवार को प्रतिष्ठित डेमिंग प्राइज से सम्मानित किया गया। जापान की राजधानी टोक्यो में जापानीज यूनियन ऑफ साइंटिस्ट एंड इंजीनियर्स द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्हें यह प्राइज दिया गया। टोटल क्वालिटी मैनेजमेंट के क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान मिला। यह पुरस्कार पाने वाले वह भारत के पहले उद्योगपति हैं।

शेख खलीफा बिन जायेद

  • संयुक्त अरब अमीरात की सर्वोच्च परिषद ने बृहस्पतिवार को शेख खलीफा बिन जायेद अल नाहयान को चौथी बार पांच साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुना।

राजाराम मोहन राय पुरस्कार

  • राजस्थान पत्रिका समूह के अध्यक्ष गुलाब कोठारी को प्रतिष्ठित राजाराम मोहन राय पुरस्कार के लिये चुना गया है। भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) ने बुधवार को यह घोषणा की। पत्रकारिता के क्षेत्र में कोठारी के शानदार योगदान को लेकर उन्हें पीसीआई इस पुरस्कार से पुरस्कृत करेगी। यह पुरस्कार राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर 16 नवंबर को प्रदान किया जाएगा।

देश का पहले महिला मॉल

  • केरल में शुरू हुए देश में अपनी तरह के पहले ‘महिला मॉल’ के कारोबार प्रबंधन का जिम्मा अब भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), कोझिकोड संभालेगा। इससे इस मॉल को ज्यादा पेशेवर तरीके से चलाया जा सकेगा। आईआईएम ने मॉल में वस्तुओं की बिक्री का नया मॉडल तैयार किया है, जिसे जल्द लागू किया जा सकता है।
  • पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित यह मॉल सिर्फ महिलाओं के लिए है। अभी इसका संचालन कोझिकोड में महिलाओं का स्वयं सहायता समूह ‘कुदुंबश्री’ कर रहा है। आईआईएम कोझिकोड ने कुदुंबश्री समूह से बीते सोमवार संपर्क किया और मॉल के प्रबंधन का जिम्मा संभालने का प्रस्ताव दिया।

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस: नौ नवंबर

  • नौ नवंबर को उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस नौ नवंबर को मनाया जायेगा। भारत भारती के नाम से होने वाले इस कार्यक्रम में 22 से अधिक राज्यों की लोक संस्कृति की छटा देखने को मिलेगी। उत्तराखंड में पढ़ने वाले विभिन्न राज्यों के छात्र अपने प्रदेशों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। पूरा कार्यक्रम ‘भारत को जानों’ थीम पर होगा।

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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