(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (07 नवम्बर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (07 नवम्बर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

बिम्‍सटेक बंदरगाह’ सम्‍मेलन

  • जहाजरानी राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री मनसुख मंडाविया आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, में पहले ‘बिम्‍सटेक बंदरगाह’ सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह सम्‍मेलन 7-8 नवम्‍बर को आयोजित किया जा रहा है।
  • बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (बिम्‍सटेक) एक अंतर्राष्‍ट्रीय संगठन है, जिसमें दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के देश, भारत, बांग्‍लादेश, म्‍यामांर, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल शामिल हैं। सम्‍मेलन में इन देशों के क्षेत्रीय बंदरगाहों के प्रतिनिधि हिस्‍सा लेंगे।
  • उम्‍मीद है कि सम्‍मेलन में आयात-निर्यात तथा तटीय जहाजरानी को प्रोत्‍साहित कर आर्थिक सहयोग बढ़ाने की संभावना का पता लगाया जाएगा। सम्‍मेलन में विभिन्न निवेश के अवसरों और बंदरगाहों पर उत्पादकता और सुरक्षा के लिए अपनाए गए बेहतरीन तौर-तरीकों पर भी चर्चा की जाएगी।

‘क्रोमियम 2019’

  • केन्‍द्रीय प्राकृतिक गैस और इस्‍पात मंत्री श्री धर्मेन्‍द्र प्रधान ने कहा है कि देश में इस्‍पात खपत में तेज वृद्धि होने जा रही है। इंटरनेशनल क्रोमियम डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा नयी दिल्‍ली में आयोजित ‘क्रोमियम 2019’ को संबोधित करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि देश में इस्‍पात खपत और आर्थिक विकास के बीच बेहतर सांमजस्‍य है। सरकार द्वारा भविष्‍य के लिए उन्‍नत बुनियादी संरचना, स्‍मार्ट शहरों के निर्माण और औद्योगिक गलियारे आदि जैसी चीजों पर ध्‍यान केन्द्रित करने से देश तीव्र विकास की ओर अग्रसर है जिससे घरेलू स्‍तर पर इस्‍पात की खपत में तेज बढ़ोतरी होगी।
  • देश में कुल उत्‍पादित क्रोमियम का 70 प्रतिशत हिस्‍सा स्टेनलेस स्‍टील के उत्‍पादन में इस्‍तेमाल होता है। स्‍टेलनस स्‍टील का अंतरिक्ष, रक्षा और तेल तथा प्राकृतिक गैस सहित कई क्षेत्रों में विशेष इस्‍तेमाल होता है।
  • सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न नीतिगत उपायों और उद्योग की उद्यमिता की भावना के कारण अधिक जीवंत, कुशल, पर्यावरण के अनुकूल और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनता जा रहा है। राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017, लौह और इस्पात उत्पाद (डीएमआई और एसपी) नीति तथा इस्पात उत्पादों पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) का मानक चिन्‍ह इस क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई कुछ प्रमुख नीतिगत पहल हैं। हाल ही में इस्पात के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "इस्‍पाती-इरादा" नाम से एक ब्रांड की शुरुआत की है। स्टेनलेस स्टील क्षेत्र की वृद्धि स्वाभाविक रूप से फेरो क्रोम और क्रोम अयस्‍क की मांग को बढ़ावा देगी"

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

'कंट्री रिपोर्ट ऑन टेररिज्म 2018'

  • अमेरिकी विदेश विभाग ने 'कंट्री रिपोर्ट ऑन टेररिज्म 2018' जारी कर कर दिया है। इस रिपोर्ट में आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) को लेकर बड़ा खुलासा किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, आईएम ने भारत के खिलाफ आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए नेपाल को अपना सबसे बड़ा अड्डा बना लिया है। इसके साथ ही उसने पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हरकत उल-जिहादी इस्लामी से भी हाथ मिला लिया है।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएम का पहला निशाना भारत है, जहां वह आतंकी घटनाओं को अंजाम दे सकता है। इसी के तहत उसने अपना दायरा बढ़ाते हुए भारत के पड़ोसी देश नेपाल को अपना सबसे बड़ा केंद्र बना लिया है। इसके लिए उसे पाकिस्तान समेत मध्य पूर्व के देशों से पैसा मिल रहा है।

फ़्रीडम ऑन द नेट (FoTN)

  • अंतर्राष्ट्रीय वॉचडॉग, द फ्रीडम हाउस ने मंगलवार को 2019 के लिए अपनी फ़्रीडम ऑन द नेट (FoTN) की रिपोर्ट जारी की, जिसको शीर्षक 'द क्राइसिस ऑफ़ सोशल मीडिया' दिया गया। इसमें रिपोर्ट किया गया कि जून 2018 से लेकर मई 2019 के बीच वैश्विक इंटरनेट स्वतंत्रता में भारी गिरावट दर्ज की गई, यानी इंटरनेट की आजादी कम हुई। इस रिपोर्ट में पाकिस्तान को सबसे खराब देशों की श्रेणी, जिनमें इंटरनेट की आजादी नहीं है, उनमें 26 नंबर पर रखा गया है।
  • विश्व स्तर पर देखा जाए तो पाकिस्तान इंटरनेट और डिजिटल मीडिया की स्वतंत्रता के मामले में सबसे खराब 10 देशों में से एक है। क्षेत्रीय रैंकिंग के मामले में, वियतनाम और चीन के बाद पाकिस्तान तीसरा सबसे खराब देश बन गया है। इंटरनेट की स्वतंत्रता में गिरावट के अलावा, रिपोर्ट में पाकिस्तान में सूचनात्मक रणनीति के माध्यम से चुनाव में हेरफेर पाया गया, जैसे कि अति-पक्षपातपूर्ण टिप्पणीकारों या समाचार साइटों के समन्वित उपयोग, झूठी या भ्रामक सामग्री फैंलाना। इसके साथ ही कनेक्टिविटी पर जानबूझकर प्रतिबंध लगाने और वेबसाइटों को अवरुद्ध करने जैसी बातें सामने आईं।

जरनैल सिंह भिंडरावाले:करतारपुर गलियारा

  • साल 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारे गए जरनैल सिंह भिंडरावाले और उसके सैन्य सलाहकार शाहबेग सिंह समेत तीन सिख अलगाववादी नेता पाकिस्तान सरकार द्वारा करतारपुर गलियारे पर जारी किए एक आधिकारिक वीडियो में नजर आए, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया है।
  • वीडियो में प्रतिबंधित खालिस्तानी समर्थक समूह ‘‘सिख फॉर जस्टिस’’ का एक पोस्टर भी देखा गया जो अपने अलगाववादी एजेंडा के तौर पर सिख जनमत संग्रह 2020 की मांग कर रहा है।
  • भिंडरावाले सिख धार्मिक संगठन दमदमी टकसाल का प्रमुख था। उसे 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। वह खालिस्तान आंदोलन का कथित चेहरा था जिसमें हजारों लोग मारे गए।
  • भारतीय सेना में जनरल शाहबेग सिंह 1984 में खालिस्तानी आंदोलन में शामिल हुआ जब उसकी सेवानिवृत्ति से कुछ वक्त पहले उसे भ्रष्टाचार के आरोपों पर कोर्ट मार्शल की कार्रवाई का सामना करना पड़ा तथा उससे उसकी रैंक भी छीन ली गई। ऐसा माना जाता है कि सिंह, भिंडरावाले का सैन्य सलाहकार था और वह भी ऑपरेशन ब्लू स्टार में मारा गया था।
  • गौरतलब है कि करतारपुर गलियारे पर वार्ता के दौरान भारत ने इस परियोजना पर इस्लामाबाद द्वारा नियुक्त समिति में प्रमुख खालिस्तानी अलगाववादी की मौजूदगी पर कड़ी आपत्ति जतायी थी।

‘आजादी मार्च’: मौलाना फजल-उर-रहमान

  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफा देने की मांग करने वाले ‘आजादी मार्च’ का नेतृत्व कर रहे तेजतर्रार धर्मगुरू एवं राजनेता मौलाना फजल-उर-रहमान ने बुधवार को कहा कि अगर सरकार बीच का रास्ता ढूंढना और गतिरोध तोड़ना चाहती है तो उसे विपक्षी दलों को अपने सुझाव देने चाहिए।
  • दक्षिणपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल (जेयूआई-एफ) के नेता एक बड़े प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं जो बुधवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। ‘आजादी मार्च’ कहे जा रहे इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने खान पर 2018 के आम चुनावों में ‘‘धांधली’’ करने का आरोप लगाते हुए उनसे इस्तीफा मांगा है।
  • पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) समेत विपक्षी दलों ने भी सरकार विरोधी प्रदर्शन को समर्थन दिया है।

:: राजव्यवस्था और महत्वपूर्ण विधेयक ::

सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी संसदीय समिति

  • कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली एक स्थायी संसदीय समिति 20 नवंबर को अपनी बैठक में व्हाट्सएप जासूसी मामले पर चर्चा करेगी। सूत्रों ने बुधवार को बताया कि कांग्रेस नेताओं की अध्यक्षता वाले दो संसदीय पैनलों ने व्हाट्सएप जासूसी मामले की जांच करने का निर्णय लिया है और वह गृह सचिव सहित सरकार के शीर्ष अधिकारियों से जानकारी मांगेंगे।
  • शशि थरूर सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी संसदीय समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने समिति के सदस्यों को भेजे पत्र में कहा है कि भारतीय नागरिकों की जासूसी करने के लिए प्रौद्योगिकी का कथित इस्तेमाल गंभीर चिंता का विषय है और 20 नवंबर को समिति की अगली बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी।
  • फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने सितंबर में भारत सरकार को सूचना दी थी कि भारतीय पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं सहित 121 भारतीय उपयोगकर्ताओं (यूजरों) को स्पाईवेयर पेगासस द्वारा निशाना बनाया गया। लेकिन सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने दलील दी है कि उपलब्ध कराई गई सूचना अपर्याप्त है।

केंद्रीय और राज्य सूचना आयोग में आयुक्तों की नियुक्ति में देरी पर नोटिस

  • उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र और नौ राज्यों से केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) तथा राज्य सूचना आयोगों (एसआईसी) में रिक्तियों को भरने के बारे में बुधवार को स्थिति रिपोर्ट मांगी। इन नौ राज्यों में आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, गुजरात, केरल और कर्नाटक शामिल हैं।
  • न्यायमूर्ति एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने केन्द्र और राज्यों से उनकी स्थिति रिपोर्ट दायर करने को कहा। अंजली भारद्वाज और अन्य आरटीआई कार्यकर्ताओं ने याचिका दायर करते हुए कहा था कि शीर्ष अदालत द्वारा पूर्व में दिए आदेशों का क्रियान्वयन नहीं किया गया है।
  • भारद्वाज और अन्य की ओर से अदालत में पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारों ने शीर्ष अदालत के निर्देशानुसार अपनी वेबसाइट पर चयनित और छांटे गए उम्मीदवारों के नाम जारी नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्यों द्वारा सीआईसी और एसआईसी में रिक्त पदों को भरा जाना अभी बाकी है।

'खाद्य सुरक्षा और मानक (स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और स्वस्थ आहार) विनियम, 2019'

  • स्कूलों के कैफिटेरिया और बोर्डिंग स्कूलों में दिसंबर से कोला, पोटैटो चिप्स, पैकेज्ड जूस, पिज्जा, बर्गर, नूडल्स, समोसा और छोले भटूरे की बिक्री बंद हो जाएगी. स्कूलों की कैंटीनों में फैट, सॉल्ट और शुगर की अधिक मात्रा (HFSS) वाले फूड आइटमों की बिक्री रोकने के लिए केंद्र सरकार यह कदम उठा रही है. इसके तहत स्कूल के स्पोर्ट्स इवेंट, कम्प्यूटर के वॉलपेपर और स्कूल के 50 मीटर के दायरे के अंदर जंक फूड के विज्ञापन पर भी प्रतिबंध होगा.
  • खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने 'खाद्य सुरक्षा और मानक (स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और स्वस्थ आहार) विनियम, 2019' बनाया है. इसे स्कूली बच्चों में जंक फूड की खपत को कम करने के लिए बनाया गया है. एफएसएसएआई देश में फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड पर नजर रखने वाली नोडल एजेंसी है.
  • नियमों के तहत स्कूल कैंटीन, मेस, हॉस्टल किचेन या स्कूल कैंपस के 50 मीटर के दायरे में प्री पैकेज्ड फूड की बिक्री पर रोक लगाई गई है.
  • ये ऐसे फूड आइटम हैं जिनमें फैट, सॉल्ट और शुगर की अधिक मात्रा है. नियमों में एचएफएसएस की कैटेगरी में फ्रेंच फ्राइज, फ्राइड चिप्स, समोसा, छोले भटूरे, गुलाब जामुन, अधिक शुगर वाले कार्बोनेटेड या नॉन कार्बोनेटेड बेवरेज, रेडी टू ईट फूड, नूडल्स, पिज्जा, बर्गर जैसे फूड आइटम को रखा गया है.
  • स्कूल के स्पोर्ट्स इवेंट या अन्य कार्यक्रमों में कंपनियों की ओर से जंक फूड के विज्ञापन और इनके फ्री सैंपल बांटने पर भी रोक लगाई है. स्कूलों में अब इवेंट के लिए फूड बिजनेस ऑपरेटरों से स्पॉन्सरशिप नहीं मिल सकेगी. सरकार ने स्कूल कैफिटेरिया और डे केयर सेंटरों के लिए मेनू को चुनने के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए हैं.
  • इनमें दूध, अंडा, चिकेन, पनीर, फिश, कम फैट वाला या टोंड मिल्क को शामिल करने और व्हाइट ब्रेड, पैकेज्ड सूप से बचने का सुझाव है. देश की अदालतों की ओर से फटकार लगाने और कुछ एनजीओ की जंक फूड पर स्टडी के बाद केंद्र ने बच्चों के लिए सुरक्षित फूड आइटमों की दिशा में कदम बढ़ाया है.
  • दिल्ली हाई कोर्ट ने 2015 में एफएसएसएआई को स्कूलों और उनके आसपास अधिक फैट, सॉल्ट और शुगर वाले फूड आइटमों की बिक्री को रोकने की गाइडलाइंस को लागू करने का निर्देश दिया था.

लोक लेखा समिति (पीएसी)

  • आयकर विभाग द्वारा टाटा उद्योग समूह के छह न्यासों (ट्रस्टों) का पंजीकरण रद्द किए जाने के कुछ दिन के अंदर ही लोक लेखा समिति (पीएसी) ने सूत्रों ने बुधवार को कहा कि यह संसदीय समिति इन न्यासों के खिलाफ कर कानूनों के उल्लंघनों के आरोप की जांच करने का विचार कर रही है।
  • पिछले साल पीएसी ने टाटा ट्रस्ट्स द्वारा कथित रूप से कर उल्लंघनों की जांच की सिफारिश की थी। पीएसी की प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर विषयक उपसमिति ने अपनी रिपोर्ट में कई इन न्यासों में कर कानूनों के कई प्रकार के कथित खुल्लम खुल्ला उल्लंघनों का उल्लेख किया गया था।
  • पीएसी की उपसमिति ने न्यासों के इन उल्लंघनों की जांच की भी मांग की थी। टाटा ट्रस्ट ने इससे पहले एक नवंबर को सूचित किया था कि आयकर विभाग ने उसके छह न्यासों के पंजीकरण रद्द कर दिए हैं। इनमें जमशेदजी टाटा ट्रस्ट, आरडी टाटा ट्रस्ट और टाटा एजुकेशन ट्रस्ट भी शामिल हैं।
  • टाटा सोशल वेलफेयर ट्रस्ट, सार्वजनिक सेवा ट्रस्ट और नवाजबाई रतन टाटा ट्रस्ट का पंजीकरण भी खत्म किया गया है।
  • 17वीं लोकसभा में नवगठित पीएसी के सूत्रों ने कहा कि समिति पंजीकरण रद्द किए जाने और कथित कर उल्लंघनों के मुद्दों की जांच करेगी।
  • कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पीएसी के अध्यक्ष हैं।

‘गुजरात आतंकवाद और संगठित अपराध नियंत्रण (जीसीटीओसी) विधेयक

  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एक विवादास्पद आतंकवाद निरोधक कानून ‘गुजरात आतंकवाद और संगठित अपराध नियंत्रण (जीसीटीओसी) विधेयक’ को अपनी अनुमति दे दी। भाजपा शासित इस राज्य में इस विधेयक को मार्च 2015 में पारित किया गया था। इस नए अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं में से एक यह है कि टैप की हुई टेलीफोन बातचीत को अब एक वैध सबूत माना जाएगा। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व वाली सरकार में गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह ने गांधीनगर में मंगलवार (5 नवंबर, 2019) को इस विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के संबंध में घोषणा की।
  • साल 2003 से, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे, इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। गुजरात सरकार 2015 में इस विधेयक को फिर लेकर आई और इसका नाम बदलकर जीसीटीओसी किया गया लेकिन पुलिस को टेलीफोन बातचीत टैप करने और सबूत के तौर पर उसे अदालत में सौंपने जैसे विवादास्पद प्रावधानों को इसमें बनाए रखा।
  • जडेजा ने कहा कि विधेयक के प्रावधान आतंकवाद और संगठित अपराधों से निपटने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। जडेजा ने कहा, ‘इस विधेयक की महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक टेलीफोन बातचीत को अब वैध सबूत समझा जाएगा। इस विधेयक में एक विशेष न्यायालय के निर्माण के साथ-साथ विशेष सरकारी अभियोजकों की नियुक्ति का भी प्रावधान है। अब हम संगठित अपराधों के माध्यम से अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर सकते हैं। हम संपत्तियों के हस्तांतरण को भी रद्द कर सकते हैं।’
  • बता दें कि विधेयक में सबसे विवादास्पद प्रावधान के तहत जांच एजेंसियां ‘मौखिक’, वायर या इलेक्ट्रॉनिक बातचीत में अवरोध कर सकती हैं और उन्हें अदालत में सबूत के रूप में पेश कर सकती हैं।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

मेहसाणा अर्बन को-आपरेटिव बैंक

  • भारतीय रिजर्व बैंक ने गुजरात के मेहसाणा अर्बन को-आपरेटिव बैंक पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक ने यह जुर्माना बैंक द्वारा निदेशकों, रिश्तेदारों तथा उन कंपनियों या फर्मों को कर्ज देने के लिए लगाया है जिनके साथ उसका हित जुड़ा है। रिजर्व बैंक ने चार नवंबर को एक आदेश के जरिये यह जुर्माना लगाया है।
  • केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसने 31 मार्च, 2018 तक बैंक की वित्तीय स्थिति की जांच के बाद यह कदम उठाया है। यह जुर्माना बैंक द्वारा निदेशकों, संबंधियों और ऐसी कंपनियों जिनके साथ उसका हित जुड़ा है, को कर्ज देने तथा अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) पर मास्टर निर्देशों के उल्लंघन के लिए लगाया गया है।
  • रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह जर्माना नियामकीय अनुपालन में खामियों के लिए लगाया गया है और इसका मेहसाणा के बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी करार की वैधता से कोई लेनादेना नहीं है

रियल इस्टेट सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी

  • रियल इस्टेट सेक्टर को लेकर कैबनिट में बड़़ा फैसला हुआ है। रियल इस्टेट सेक्टर को तोहफा देते केंद्र की मोदी सरकार ने करीब 1600 अटके हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। बुधवार को निर्मला सीतारमण ने बताया कि कैबिनेट ने हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये की स्पेशल फंड को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद करीब 4.5 लाख फ्लैट बायर्स को फायदा पहुंचेगा।
  • निर्मला सीतारण ने कहा कि मंत्रिमंडल ने अटकी पड़ी आवास परियोजनाओं के लिये वैकल्पिक निवेश कोष गठित करने को मंजूरी दे दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि वैकल्पिक वित्तपोषण व्यवस्था से कुल 4.58 लाख आवास इकाइयों वाली 1,600 रुकी परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। पचीस हजार करेाड़ रुपये के वैकल्पिक कोष से चरणबद्ध तरीके से अटकी परियोजनाओं को कोष उपलब्ध कराया जाएगा, कोष चरण पूरा होने के बाद जारी किया जाएगा।

खादी को मिला अलग निर्यात कोड

  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने खादी उत्पादों के लिये निर्यात सुविधा को बेहतर करने के लिये अलग से एच एस (हार्मोनाइज्ड सिस्टम) कोड आबंटित किया है।एच एस छह अंकों का एक पहचान कोड है जिसे विश्व सीमा शुल्क संगठन (डब्ल्यूसीओ) ने विकसित किया है। सीमा शुल्क अधिकारी इन अंकों का उपयोग हर उस जिंस को मंजूरी देने के लिये करते हैं जो किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा में जाता है या उसे पार करता है।
  • ‘‘पूर्व में खादी के पास अलग से एच एस कोड नहीं था। परिणामस्वरूप खादी के निर्यात का आंकड़ा कपड़ा मद में आता था। अब हम न केवल निर्यात पर नजर रख सकेंगे बल्कि निर्यात रणनीति बनाने में भी मदद मिलेगी।’’सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने चार नवंबर 2019 को कोड जारी किया। केवीआईसी एमएसएमई मंत्रालय के अधीन आता है।

केपीएमजी एनरिच 2019

  • केपीएमजी एनरिच 2019 सम्मेलन को संबोधित करते हुये प्रधान ने कहा कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव लाने के मामले में भारत पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना रास्ता खुद तय करेगा। आने वाले दशक में वैश्विक ऊर्जा मांग के मामले में भारत की प्रमुख भूमिका होगी।
  • ‘‘भारत में 2024 तक तेल रिफाइनिंग, पाइपलाइनों, शहरी गैस वितरण नेटवर्क और एलएनजी टर्मिनल के क्षेत्र में 100 अरब डालर का निवेश होने की उम्मीद है।’’ इसमें से करीब 60 अरब डालर पाइपलाइनों, शहरी गैस नेटवर्क और आयात टर्मिनल बनाने जैसे ढांचागत क्षेत्रों में हो सकता है।
  • अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया में ऊर्जा का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। हालांकि, भारत की ऊर्जा क्षेत्र में प्रति व्यक्ति खपत दुनिया के औसत खपत का केवल एक तिहाई ही है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

मृदा और जल संसाधन प्रबंधन सम्मेलन

  • डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (डीएआरई) और महानिदेशक (आईसीएआर ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केन्द्र में पांच दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण अनुकूल कृषि तथा वैश्विक खाद्य व आजीविका सुरक्षा के लिए मृदा और जल संसाधन प्रबंधन सम्मेलन का उद्घाटन किया। वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ सॉइल एंड वॉटर कंर्जेवेशन (डब्ल्यूएएसडब्ल्यूएसी), चीन तथा इंटरनेशनल सॉइल कंर्जेवेशन ऑर्गेनाइजेशन (आईएससीओ), यूएस के सहयोग से भारत मृदा संरक्षण सोसाइटी ने इस सम्मेलन का आयोजन किया है। इस सम्मेलन का उद्देश्य मृदा और जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न मुद्दों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना है।

वैश्विक जलवायु आपातकाल की घोषणा

  • दुनियाभर के 153 देशों के 11,000 से अधिक वैज्ञानिकों ने वैश्विक जलवायु आपातकाल की घोषणा की है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि उन मानव गतिविधियों में व्यापक और स्थायी बदलाव के बिना बहुत बड़ा नुकसान होना तय है जिनका योगदान ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और जलवायु परिवर्तन से संबंधित अन्य कारकों में होता है।
  • ‘‘बायोसाइंस’’ नामक पत्रिका में मंगलवार को प्रकाशित एक शोध-पत्र में, भारत से 69 सहित 11,258 हस्ताक्षरकर्ताओं ने जलवायु परिवर्तन के वर्तमान लक्षण को प्रस्तुत किया है और इससे निपटने के लिए उठाए जा सकने वाले प्रभावी कदमों का उल्लेख किया है। जलवायु आपातकाल की घोषणा ऊर्जा उपयोग, पृथ्वाी के तापमान, जनसंख्या वृद्धि, भूमि क्षरण, पेड़ों की कटाई, ध्रुवीय बर्फ द्रव्यमान, उत्पादन दर, सकल घरेलू उत्पाद और कार्बन उत्सर्जन सहित एक व्यापक क्षेत्र को कवर करने वाले सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा के 40 से अधिक वर्षों के वैज्ञानिक विश्लेषण पर आधारित है। अमेरिका के ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी (ओएसयू) के कॉलेज ऑफ फॉरेस्ट्री में इकोलॉजी के एक प्रोफेसर विलियम जे रिप्पल ने कहा, ‘‘40 साल से चल रही प्रमुख वैश्विक वार्ताओं के बावजूद, हमने हमेशा की तरह व्यापार करना जारी रखा है और इस संकट को दूर करने में असफल रहे हैं।’’

आवासीय परियोजना केमलॉट

  • उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि पर्यावरण और वन्य जीवन की बदहाली पृथ्वी और मानव सभ्यता के लिए आज ‘‘सबसे बड़ा खतरा’’ है। शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही टाटा एचडीसीएल की महत्वाकांक्षी आवासीय परियोजना, ‘केमलॉट’ को दी मंजूरी रद्द कर दी। शीर्ष अदालत की यह टिप्पणी उस फैसले पर आयी है जिसमें उसने चंडीगढ़ की सुखना झील के समीप टाटा एचडीसीएल की महत्वाकांक्षी आवासीय परियोजना, केमलॉट को दी मंजूरी इस आधार पर रद्द कर दी कि यह ‘‘वन्यजीव अभयारण्य’’ के बेहद नजदीक है।

पराली प्रबंधन पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

  • पराली की वजह से दिल्ली एनसीआर में बने दमघोंटू माहौल से राहत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा आदेश सुनाया है। शीर्ष अदालत ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं। साथ ही अदालत ने यह भी साफ कर दिया है कि राज्य सरकारें फंड की कमी का बहाना बनाकर इससे बच नहीं सकतीं।

"What's in Your Bathroom? : संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम-यूएनईपी

  • संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने कहा है कि हर साल लगभग 80 लाख टन प्लास्टिक कूडा-कचरा समुद्रों में फेंका जाता है। इसका मतलब इस तरह भी समझा जा सकता है कि एक बड़े ट्रक में समाने वाले कूड़े-कचरे के बराबर ये हर मिनट समुद्र में फेंका जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के बारे में सोमवार को एक जागरूकता अभियान शुरू किया है जिसका नाम है - "What's in Your Bathroom?" "आपके बाथरूम में क्या है?" इसमें कहा गया है कि रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली चीजों में अक्सर प्लास्टिक का बहुत बड़ा हिस्सा होता है और ये चीजें लोगों के स्वास्थ्य के लिए खासा नुकसान कर सकती हैं। साथ ही लोगों से ये भी कहा जा रहा है कि किस तरह उनके प्रयासों से प्लास्टिक की मौजूदगी और स्वास्थ्य व पर्यावरण पर उसके नुकसान को कम करने में किस तरह से दिशा बदली जा सकती है।
  • संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने वर्ष 2017 में स्वच्छ समुद्र अभियान शुरू किया था जिसके तहत सिर्फ एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक और उसके बारीक कणों से निपटने के लिए विश्व स्तर पर मुहिम शुरू करने का आहवान किया गया था।
  • ये अब उस अभियान का दूसरा चरण है, इसके तहत समुद्री कूड़े-कचरे के विभिन्न पहलुओं और उसके नुकसान पर प्रकाश डाला जा रहा है, मसलन कॉस्मेटिक उद्योग यानी श्रृंगार व प्रसाधन वस्तुओं से पैदा होने वाला प्लास्टिक प्रदूषण। बहुत से लोगों को तो ये जानकारी ही नहीं होती है कि रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों में कितनी प्लास्टिक होती है जो वो अपने चेहरे और शरीर की देखभाल के लिए प्रयोग करते हैं।
  • चीजों की पैकेजिंग से लेकर उनकी सुंदरता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले बारीक कण, जो अक्सर पानी के साथ बह जाने के लिए बनाए जाते हैं, ये सफर तय करके अंत में नदियों में और सबसे आखिर में समुद्रों में पहुंचते हैं। माइक्रोप्लास्टिक यानी प्लास्टिक के बारीक कण इतने छोटे होते हैं कि उन्हें कूड़े-कचरे के प्रबंधन में शामिल ही नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं, वो बारीक कण जल आधारित कई जहरीले पदार्थों और बैक्टीरिया को आकर्षित करते हैं।
  • चूंकि वो खाद्य पदार्थों जैसे नजर आते हैं, उन्हें मछलियां, अन्य कीड़े-मकौड़े व अन्य समुद्री जीव खा लेते हैं। इससे उनकी पाचन प्रक्रिया और तंत्र प्रभावित होते हैं जिससे उन्हें कई तरह की जटिलताएं पैदा हो जाती हैं। समुद्री जीवन को खतरा पैदा करने के अलावा माइक्रोप्लास्टिक का इंसानी स्वास्थ्य पर कितना असर होता है, अभी इस बारे में ठोस जानकारी नहीं है। लेकिन चूंकि ये माइक्रोप्लास्टिक कपड़ों, खाद्य-पदार्थों, पानी और कॉस्मेटिक्स यानी प्रसाधन चीजों में इस्तेमाल होती हैं तो इनके हानिकारक प्रभाव भी काफी ज्यादा होने की संभावनाएं हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र परियावरण कार्यक्रम ने अगले सप्ताह से दुनिया भर में उपभोक्ताओं को अपने बाथरूम में इस्तेमाल होने वाली चीजों का मूल्यांकन करने और माइक्रोप्लास्टिक के इस्तेमाल के बजाय बेहतर व स्वस्थ वैकल्पिक पदार्थों का प्रयोग करने का निमंत्रण दिया है।

Cyclone Bulbul: चक्रवाती तूफान 'बुलबुल'

  • चक्रवाती तूफान महा खतरा टला नहीं कि देश में एक और तूफान दस्तक देने लगा है। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात बुलबुल का असर सबसे ज्यादा आंध्र प्रदेश और ओडिशा में देखने को मिलेगा। बुलबुल से निपटने के लिए दोनों राज्यों में तैयारी हो रही हैं। बुलबुल इस साल का 7वां चक्रवाती तूफान है जो भारत के तट से टकराएगा।
  • आंध्र और ओडिशा के दो जिलों केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर पर बुलबुल का खतरा मंडरा है। वहीं अरब सागर में चक्रवाती तूफान महा का खतरा पहले से ही मौजूद है। जानकारों की माने तो अगर ये दोनों तूफान ज्यादा खतरनाक रूप लेते हैं तो महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, आंध्र और ओडिशा पर इसका सीधा असर पड़ेगा। ऐसे में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी।
  • मौसम विभाग के अनुसार उत्तर अंडमान के पास सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में तब्दील हो गया है। इसका नाम 'बुलबुल' रखा गया है। यह तूफान ओडिशा या पश्चिम बंगाल में किस स्थल से टकराएगा, फिलहाल यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। फिर भी सतर्कता के तौर पर संभावित तूफान को देखते हुए ओडिशा में तमाम बंदरगाहों पर एक नंबर खतरे का निशान जारी कर दिया गया है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

के-4 परमाणु मिसाइल

  • पनडुब्बियों से दुश्मन के ठिकानों को मार गिराने की अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए भारत को आंध्र प्रदेश के तट से पानी के नीचे से 3,500 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली के-4 परमाणु मिसाइल का परीक्षण करने की योजना बना रहा है। इस मिसाइल प्रणाली को डीआरडीओ ने अरिहंत श्रेणी की परमाणु पनडुब्बियों के लिए विकसित किया जा रहा है जिसे कि भारत द्वारा बनाया जा रहा है। यह पनडुब्बियां भारत के परमाणु परीक्षण का मुख्य आधार होंगी।
  • योजना के अनुसार डीआरडीओ शुक्रवार को विशाखापट्टनम तट से पानी के नीचे से के-4 परमाणु मिसाइल का परीक्षण करेगा। ट्रायल के दौरान डीआरडीओ मिसाइल प्रणाली में उन्नत प्रणालियों का परीक्षण करेगा।'
  • के-4 पानी के अंदर चलाई जाने वाली ऐसी दो मिसाइले हैं जिन्हें कि विकसित किया जा रहा है। दूसरी मिसाइल का नाम बीओ-5 है जिसकी मारक क्षमता लगभग 700 किलोमीटर है। यह फिलहाल साफ नहीं है कि डीआरडीओ मिसाइल का परीक्षण छोटी या लंबी दूरी पर करेगा।
  • हालांकि भारत द्वारा लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण के लिए समुद्री चेतावनी और नोटम (नोटिस टू एयरमैन) पहले ही जारी की जा चुकी हैं। के-4 मिसाइल परीक्षण की योजना पिछले महीने बनाई गई था लेकिन इसे फिर स्थगित कर दिया गया। आने वाले हफ्तों में डीआरडीओ की योजना है कि वह अग्नि-3 और ब्रह्मोस मिसाइलों का परीक्षण करे।

एस-400 ट्राइम्फ

  • भारत चाहता है कि रूस एस-400 ट्राइम्फ सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी जल्द से जल्द करे। भारत ने इसकी पहली किश्त 6,000 करोड़ रुपये अदा कर दिए हैं। इसीलिए वह बिना देरी के इसे अपने खेमे में शामिल करना चाहता है। यह मिसाइल सिस्टम 380 किलोमीटर की रेंज में जेट्स, जासूसी प्लेन, मिसाइल और ड्रोन्स को ट्रैक और नष्ट कर सकता है।
  • अक्तूबर 2018 में भारत और रूस ने पांच एस-400 मिसाइल स्कवाड्रन के लिए 5.43 बिलियन डॉलर (40,000 करोड़) के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। सूत्रों के अनुसार सूत्रों के अनुसार बुधवार को मॉस्को में होने वाले 19वें भारत-रूस इंटरगर्वमेंटल कमिशन ऑन मिलिट्री ऐंड मिलिट्री टेक्निकल कॉर्पोरेशन (आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी) में मिसाइल की जल्द डिलवरी को लेकर चर्चा की जाएगी।
  • एस-400 के स्कवाड्रन की वास्तविक डिलीवरी में अक्तूबर 2020 से अप्रैल 2023 के बीच होनी है। भारत के लिए यह मिसाइल कितनी अहम है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजनाथ सिंह गुरुवार को सेंट पीटर्सबर्ग में स्थित प्रोडक्शन फैसिलिटी का दौरा कर सकते हैं।

‘एचडीसी-6 नेप्च्यून’: हुंडई

  • दुनियाभर के तमाम देशों में ड्राइवरलेस वाहनों को विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में हुंडई ने एक ऐसा ड्राइवरलेस ट्रक बनाया है जो पुराने जमाने की भाप से चलने वाली ट्रेन की तरह दिखता है। खास बात यह है कि यह हाइड्रोजन से चलता है और पर्यावरण के अनुकूल है। इसका डिजाइन ऐसा प्रतीत होता है, जैसे इसमें कोई दरवाजा ही न हो, लेकिन इसमें ऑटोमैटिक स्लाइड दरवाजे हैं जो बाहर से नहीं दिखते हैं। हुंडई ने इसे ‘एचडीसी-6 नेप्च्यून’ नाम दिया है। कंपनी का कहना है कि यह 2030 तक दुनिया की सभी सड़कों में पहुंच जाएगा।
  • कंपनी का दावा है कि यह ट्रक पर्यावरण के बेहद अनुकूल है। उत्सर्जन के नाम पर ट्रक से मात्र कुछ पानी की बूंदें निकलती हैं। इस ट्रक में पीछे एक रेफ्रिजेरेटेड ट्रेलर लगा हुआ है। इस ट्रेलर से भी बहुत कम कार्बन उत्सर्जन होता है क्योंकि यह पहला ट्रेलर है जो क्रायोजेनिक नाइट्रोजन रेफ्रिजरेशन टेक्नोलॉजी सिस्टम से लैस है। इस सिस्टम की वजह से ट्रेलर का कार्बन उत्सर्जन 90 फीसद तक कम हो जाता है।
  • इस ट्रक में बहुत सारे एयर फिल्टर लगाए गए हैं। यह ट्रक सामने से आने वाली प्रदूषित हवा को भी फिल्टर करता है। हुंडई मोटर ग्रुप के मुख्य डिजाइन अधिकारी ल्यूक डांकरवॉल्के के मुताबिक, हुंडई की कॉमर्शियल व्हीकल डिजाइन टीम ने पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस इस ट्रक को बनाने में बहुत मेहनत की है।

किस तरह से काम करता है हाइड्रोजन ईंधन सेल

  • यह ट्रक हाइड्रोजन ईंधन से चलता है। इसलिए यह पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता। ईंधन सेल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के माध्यम से बिजली उत्पन्न की जाती है। ईंधन सेल एक ऐसा सेल होता है जिससे रासायनिक क्रियाओं के जरिये विद्युत ऊर्जा उत्पन्न की जाती है। यहां सकारात्मक (कैथोड) और नकारात्मक (एनोड) दो इलेक्ट्रोड होते हैं। रासायनिक प्रक्रियाएं इन इलेक्ट्रोडों में होती हैं। हाइड्रोजन अणु एनोड से प्रवेश करते हैं जहां उनसे इलेक्ट्रॉन को हटा लिया जाता है और केवल हाइड्रोजन आयन (एच प्लस) बचता है। इलेक्ट्रॉन से बिजली बनती हैं और हाइड्रोजन आयन को ऑक्सीजन से मिक्स करके पानी बनाकर उत्सर्जित कर दिया जाता है। इस तरह इस प्रक्रिया में उत्सर्जन के नाम पर कोई धुआं नहीं निकलता, सिर्फ पानी निकलता है जो पर्यावरण के लिए बिल्कुल भी नुकसानदेह नहीं होता।

:: विविध ::

मेजर सेयनबोऊ डिऔफ

  • कमजोर महिलाओं की आवाज में दम भरने वाली महिला पुलिस अधिकारी मेजर सेयनबोऊ डिऔफ को यूएन के वर्ष की सर्वश्रेष्ठ महिला पुलिस अधिकारी का पुरस्कार मिला। मेजर डिऔफ के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने नाजुक और कमजोर लोगों की आवाज बनने के लिए असाधारण साहस दिखाया है और महिला पुलिस अधिकारियों का नैटवर्क बनाकर उन्हें आपस में जोड़ने में भी सराहनीय काम किया है।

इतालवी फिल्म ‘डिस्पाइट दी फॉग’ दिखाई जाएगी

  • 50वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की शुरूआत में इतालवी फिल्म ‘डिस्पाइट दी फॉग’ (कुहासे के बावजूद) दिखाई जाएगी। इसका निर्देशन यूरोप के सर्वाधिक सम्मानित फिल्मकार गोरान पास्कलयेविच हैं।

कमाई में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी

  • लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी ने कमाई के मामले में ताजमहल को पीछे छोड़ दिया। स्टेच्यू ऑफ यूनिटी ने एक साल में 63 करोड़ रुपए की कमाई की। वहीं, ताजमहल को 56 करोड़ रुपए मिले।
  • भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यटकों की तादाद के मामले में ताजमहल अव्वल ही है। ताजमहल देखने के लिए एक साल में 64.58 लाख लोग पहुंचे। वहीं, एक साल में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी देखने के लिए 24 लाख लोग पहुंचे।

‘टाइगर ट्रंफ’ संयुक्त अभ्यास

  • भारतीय और अमेरिकी सेना की तीनों विंग पहली बार संयुक्त अभ्यास करेंगी। यह युद्धाभ्यास 13 से 21 नवंबर तक आंध्रप्रदेश के काकीनाडा और विशाखापट्‌टनम में होगा। मानवीय मदद और आपदा राहत पर केंद्रित इस युद्धाभ्यास का नाम ‘टाइगर ट्रंफ’ रखा गया है। अमेरिका के गृह मंत्रालय ने सोमवार को कहा- इस महीने के अंत तक भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना और अमेरिका की आर्मी, नेवी, एयर फोर्स और मरीन कॉर्प्स 1700 सैनिकों और जंगी जहाजों के साथ अभ्यास करेंगी।
  • दरअसल, समुद्र में लूट और तस्करी रोकने के लिए अमेरिका के 10वें राष्ट्रीय दक्षिण-पूर्व एशिया सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 9 दिन के इस युद्धाभ्यास का आयोजन किया जा रहा है। अमेरिका ने इसे इंडो-पैसेफिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने का उदाहरण कहा है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका ने भारतीय प्रशांत क्षेत्र के सहयोगियों के साथ सुरक्षा सहयोग पर 770 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। ‘टाइगर ट्रंफ’ नाम का यह अभ्यास भी अमेरिका की इंडो-पैसेफिक रणनीति का हिस्सा होगा।

आस्ट्रेलिया में महिला फुटबाल टीम को पुरुष टीम के बराबर वेतन और भत्ते

  • आस्ट्रेलिया में महिला फुटबाल टीम को पुरुष टीम के बराबर वेतन और भत्ते हासिल करने के मामले में ऐतिहासिक सफलता मिली है। इस कदम से खेलों के क्षेत्र में लैंगिक समानता का एक मील का पत्थर स्थापित हो गया है। नए केंद्रीकृत कांट्रेक्ट सिस्टम के तहत महिला टीम के खिलाड़ियों को फुटबाल के बड़े सितारों मैट रेयान और एरोन मुए के बराबर रकम मिलेगी।

रोहित शर्मा

  • कार्यवाहक कप्तान रोहित शर्मा जब गुरूवार को बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे मैच में खेलने के लिये मैदान पर उतरेंगे तो वह 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी और विश्व क्रिकेट में यह उपलब्धि अपने नाम कराने वाले दूसरे क्रिकेटर बन जायेंगे।
  • पाकिस्तान के शोएब मलिक (111 टी20 मैच) ही एकमात्र खिलाड़ी हैं जो विश्व क्रिकेट में 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय से ज्यादा मैच खेल चुके हैं।

राष्ट्रीय उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार

  • ग्रामीण पत्रकारिता में उत्कृष्ट आयाम प्रस्तुत करने के लिए दैनिक जागरण को भारतीय प्रेस परिषद (प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया) ने राष्ट्रीय उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार-2019 (नेशनल अवार्ड्स फॉर एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म) से नवाजा है। बुधवार को इस अति प्रतिष्ठित पुरस्कार की घोषणा की गई।
  • मिनी चंबल घाटी के नाम से चर्चित बुंदेलखंड (उप्र) के 'पाठा' क्षेत्र की बदहाली को सामने लाने वाली दैनिक जागरण की सार्थक रिपोर्टिग इस पुरस्कार का आधार बनी, जिसके लिए जागरण संवाददाता शिव स्वरूप अवस्थी को उत्कृष्ट ग्रामीण पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।
  • शिव स्वरूप चित्रकूट (उप्र) में दैनिक जागरण के वरिष्ठ संवाददाता हैं। 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

निर्देश बाइसोया

  • भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज अनिल कुंबले ने पाकिस्तान के खिलाफ एक ही पारी में 10 विकेट हासिल कर इतिहास रचा था। अब भारत के युवा ऑफ स्पिनर निर्देश बाइसोया ने इस कारनामों को दोहराया है। मेघालय के 15 साल से इस युवा स्पिनर ने अंडर 16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में नागालैंड के खिलाफ खेलते हुए यह ऐतिहासिक प्रदर्शन किया।

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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