(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (06 सितंबर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (06 सितंबर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

इट राइट इंडिया मूवमेंट

  • भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के इट राइट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत करते हुए केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने ‘इट राइट, स्‍टे फिट, तभी इंडिया सुपर फिट’ का नारा दिया। भोजन और फिटनेस के माध्‍यम से नागरिकों को केंद्र में रखते हुए एक स्‍वास्‍थ्‍य आंदोलन के रूप में यह स्‍वस्‍थ खान-पान की एक नई पहल है।
  • पांच दिनों तक आयोजित ‘दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन क्षेत्रीय समिति के 72वें अधिवेशन’ के साथ-साथ आज नई दिल्‍ली में एक कार्यक्रम में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने नई लोगो और टैगलाइन ‘सही भोजन, बेहतर जीवन’ जारी करके ‘इट राइट इंडिया’ नामक अभियान शुरू किया।

देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन

  • देश की पहली निजी यानी कॉरपोरेट ट्रेन तेजस के रफ्तार भरने की तारीख तय हो गई है। इसका परिचालन लखनऊ-दिल्ली रूट पर चार अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। इस ट्रेन को आइआरसीटीसी (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड ट्यूरिज्म कॉरपोरेशन) चलाएगा। ट्रेन का किराया इस रूट की उड़ानों से 50 फीसद कम होगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। गाजियाबाद और कानपुर में इसका ठहराव होगा। वहीं मुंबई सेंट्रल-अहमदाबाद तेजस एक्सप्रेस का भी चलाया जाना लगभग तय है।
  • यह ट्रेन कई मायनों में खास होगी। आरामदायक और तेज गति का सफर कराने के साथ ही इसमें लग्जरी होटल जैसा आराम मिलेगा। यात्रियों का भरपूर मनोरंजन होगा। हर बोगी में मुफ्त वाई-फाई के साथ मू¨वग टॉकीज दिल बहलाएगी, जिसमें रेलवे के प्री प्रोग्राम फीचर होंगे। यात्री एंड्रायड फोन पर रेलवे के ये कार्यक्रम वाई-फाई से कनेक्ट होकर देख सकेंगे। तेजस क्लास में फ्लाइट जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। कुल 12 बोगियों वाली इस ट्रेन में एक्जक्यूटिव और चेयरकार दो तरह के क्लास होंगे। दो बोगियां एक्जक्यूटिव और आठ बोगियां चेयरकार की होंगी। एक्जक्यूटिव क्लास की एक बोगी में 56 और चेयरकार में 76 यात्री सफर कर सकेंगे।

स्‍वैच्छिक एजेंसियों की स्‍थायी समिति (स्‍कोवा) की 31वीं बैठक

  • केन्‍द्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री(स्‍वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍यमंत्री, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने नई दिल्‍ली में स्‍वैच्छिक एजेंसियों की स्‍थायी समिति (स्‍कोवा) की 31वीं बैठक की अध्‍यक्षता की। बैठक का आयोजन कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय के पेंशन और पेंशनभोगी कल्‍याण विभाग द्वारा किया गया।
  • बैठक में स्‍कोवा की 30वीं बैठक की रिपोर्ट पर उठाये गए कदमों पर चर्चा की गई। बैठक में गैर-सीजीएचएस क्षेत्र में रहने वाले पेंशनभोगियों की स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना तथा डाक और टेलीग्राफ विभाग के पेंशनभोगियों को सीजीएचएस सेवाओं के विस्‍तार पर चर्चा की गई। समाधान के लिए 31 मामलों में से आठ मामलों का सार्थक समाधान किया गया।

'द हिंदी यूनीवर्सिटी वेस्ट बंगाल बिल 2019'

  • मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल में बड़ी संख्या में रह रहे हिंदी भाषियों को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक हिंदी माध्यम के स्कूल-कालेज खोलने पर जोर दिया है। गुरुवार को विधानसभा में 'द हिंदी यूनीवर्सिटी वेस्ट बंगाल बिल 2019' पारित किया गया।

विशिष्‍ट संस्‍थान योजना

  • मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विशिष्‍ट संस्‍थान योजना को लागू करने के लिए कई कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग तथा अधिकारप्राप्‍त विशेषज्ञ समिति‍ की सलाह पर 4 सितंबर, 2019 को विशिष्‍ट संस्‍थानों के रूप में उनकी घोषणा से अवगत कराते हुए पांच सरकारी विश्‍वविद्यालयों के लिए आदेश जारी किए। आईआईटी मद्रास, बनारस हिन्‍दू विश्‍वविद्यालय, आईआईटी खड़गपुर, दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय और हैदराबाद विश्‍वविद्यालय इनमें शामिल हैं।
  • इसके अलावा पांच नि‍जी विश्‍वविद्यालयों के लिए इस आशय के पत्र जारी किए गए कि वे विशिष्‍ट संस्‍थानों के रूप में घोषित किए जाने के लिए अपनी तैयारी से अवगत कराएं। अमृता विश्‍वविद्यापीठम, तमिलनाडु, वेल्‍लौर प्रौद्योगिकी संस्‍थान, तमिलनाडु, जामिया हमदर्द, नई दिल्‍ली, कलिंगा औद्योगिक प्रौद्योगिकी संस्‍थान, ओडिशा और भारतीय संस्‍थान, सत्‍य भारती फाउंडेशन, मोहाली इनमें शामिल हैं। विशिष्‍ट संस्‍थानों के रूप में शैक्षिक क्रियाकलाप शुरू करने के बारे में अपनी तैयारियों से अवगत कराना इन संस्‍थानों के लिए जरूरी होगा।
  • इसके अलावा दो अन्‍य विश्‍वविद्यालयों- शिव नाडार विश्‍वविद्यालय, उत्‍तर प्रदेश और ओ पी जिन्‍दल विश्‍वविद्यालय, हरियाणा के संदर्भ में राज्‍य सरकारों को पत्र लिखे गए हैं कि राज्‍य के तहत निजी विश्‍वविद्यालयों के रूप में इन विश्‍वविद्यालयों के दर्जे को समाप्‍त करने के लिए राज्‍य विधानसभा में कानून पारित करें, ताकि विख्‍यात संस्‍थान मान्‍य विश्‍वविद्यालयों के रूप में इनके बारे में विचार किया जा सके।
  • दो राज्‍य विश्‍वविद्यालयों – जादवपुर विश्‍वविद्यालय, पश्चिम बंगाल और अन्‍ना विश्‍वविद्यालय, तमिलनाडु को भी अधिकारप्राप्‍त समिति द्वारा चयनित किया गया और राज्‍य सरकारों को विशिष्‍ट संस्‍थान योजना के तहत इनके योगदान के बारे में अवगत कराने के लिए कहा गया है।
  • इससे पहले, विशिष्‍ट संस्‍थान योजना के तहत पहले चरण में 6 संस्‍थानों को विशिष्‍ट संस्‍थानों के रूप में चयनित किया गया था :
सरकारी संस्‍थान निजी संस्‍थान
भारतीय विज्ञान संस्‍थान, बंगलोर  मणिपाल उच्‍चतर शिक्षा अकादमी, मणिपाल
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, दिल्‍ली बिड़ला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्‍थान, पिलानी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, बंबई ग्रीनफील्‍ड श्रेणी के तहत जीयो संस्‍थान
  • तीन सार्वजनिक संस्‍थानों को विशिष्‍ट संस्‍थान घोषित किया गया था, जबकि तीन निजी संस्‍थानों के लिए आशय पत्र जारी किए गए थे। अब तक विशिष्‍ट संस्‍थानों के रूप में 16 संस्‍थान हैं। इनमें ऐसे चार संस्‍थान शामिल नहीं हैं, जिनके लिए राज्‍य सरकारों की ओर से तत्‍संबंधी पुष्टि की प्रतीक्षा की जा रही है।

विशिष्‍ट संस्‍थानों के लाभ

  • सरकारी संस्‍थानों को अधिकतम 1000 करोड़ रुपये की अतिरिक्‍त धनराशि मिलेगी।
  • विशिष्‍ट संस्‍थान के तहत चयनित संस्‍थानों के पास संपूर्ण शैक्षिक एवं प्रशासनिक स्‍वायत्‍ता होगी।
  • विशिष्‍ट संस्‍थानों के पास उपलब्‍ध और आवंटित संसाधनों को खर्च करने के लिए संपूर्ण वित्‍तीय स्‍वायत्‍तता होगी, जो विधानों और जीएफआर की सामान्‍य शर्तों एवं निषेधों पर आधारित होगी।
  • विदेशी उच्‍चतर शैक्षिक संस्‍थानों (500 शीर्ष संस्‍थानों में) के साथ शैक्षिक तालमेल के मामले में सरकारी मंजूरियों की जरूरत नहीं होगी।
  • संकाय के रूप में उद्योग जगत आदि के ऐसे कार्मिकों को काम सौंपने की स्‍वतंत्रता होगी, जो अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं, किन्‍तु आवश्‍यक उच्‍चतर शैक्षिक योग्‍यताएं नहीं रखते हैं।
  • देश के बाहर से शिक्षक को भर्ती करने की स्‍वतंत्रता (सरकारी संस्‍थान के लिए शिक्षकों की कुल संख्‍या के 25 प्रतिशत तक सीमित)

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

भारत ने रूस को दिया एक अरब डॉलर का कर्ज

  • भारत ने रूस के खनिजों और पेट्रोलियम से संपन्न सुदूर पूर्व क्षेत्र के लिए एक अरब डॉलर (करीब 7000 करोड़ रुपये) का कर्ज देने की अभूतपूर्व घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भगीरथ प्रयासों को भरपूर सहयोग देने का वादा किया।
  • पांचवें ईस्टर्न इक्नॉमिक फोरम (ईईएफ) को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ईस्टर्न इक्नॉमिक फोरम का सक्रिय प्रतिभागी है। ईईएफ-2019 में भारत ने पांच अरब डॉलर (करीब 35 हजार करोड़ रुपये) के 50 समझौते किए हैं। भारतीय कंपनियों ने रूस तेल और गैस सेक्टर में निवेश किया है और रूसी कंपनियों ने ऊर्जा, रक्षा और तकनीक हस्तांतरण के क्षेत्र में निवेश किया है।

भारत ने रूस को दिया एक अरब डॉलर का कर्ज प्रदान करने के मायने;

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय रूस यात्रा का केंद्र इस बार रूस का सुदूर पूर्वी शहर व्लादिवोस्तोक रहा। समुद्री व्यापार, सामरिक और सुरक्षा के लिहाज से भारत के लिए यह शहर अहम साबित हो सकता है। साथ ही व्लादिवोस्तोक यूरेशिया और पैसिफिक का संगम है। यह आर्कटिक और उत्तरी सागर रास्ते के लिए नए अवसर खोल सकता है। इसलिए तो प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र के विकास के लिए 1 अरब डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट (विशेष शर्तों वाले ऋण) देने की घोषणा की है।

भू-रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण

  • सुदूर पूर्वी क्षेत्र विशाल ठंडे साइबेरिया में स्थित है। यह क्षेत्र चीन, मंगोलिया, उत्तर कोरिया के साथ भू सीमा और जापान और अमेरिका के साथ समुद्री सीमा साझा करता है। अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए इस क्षेत्र में चीन और अमेरिका में होड़ लगी रहती है। ऐसे में अपने भू-रणनीतिक महत्व को देखते हुए भारत ने 1992 में व्लादिवोस्तोक में वाणिच्य दूतावास खोला था। ऐसा करने वाला वह दुनिया का पहला देश है।

चीन को झटका

  • भारत और रूस सुदूर पूर्व की राजधानी कहे जाने वाले व्लादिवोस्तोक और चेन्नई के बीच एक समुद्री लिंक निर्माण के लिए सहमत हुए हैं। यह व्लादिवोस्तोक-चेन्नई समुद्र लिंक चीन की महत्वाकांक्षी योजना वन बेल्ट वन रोड परियोजना का जबाव है। सुरक्षा के चश्मे से देखा जाए तो भारत की यह नीति चीन की मशहूर रणनीति स्ट्रिंग ऑफ पर्ल को तोड़ने में भी सफल साबित होगी। जिसके इस रणनीति के तहत चीन विभिन्न देशों के द्वीपों पर मौजूदगी बनाकर हिंद महासागर पर पकड़ बनाना चाहता है।

ऐसा होगा रूट

  • व्लादिवोस्तोक से चेन्नई आने वाले जहाज जापान के सागर पर दक्षिण की ओर तैरते हुए कोरियाई प्रायद्वीप, ताइवान और दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस, सिंगापुर और मलक्का जलडमरूमध्य के माध्यम से बंगाल की खाड़ी में प्रवेश करेंगे और फिर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से होते हुए चेन्नई आएंगे।

वैज्ञानिक और औद्योगिक का केंद्र

  • व्लादिवोस्तोक एक बंदरगाह शहर है, जो प्राइमरी क्षेत्र और सुदूर पूर्व के संघीय जिले का प्रशासनिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र है। ये रूस के दक्षिण-पूर्वी इलाके में गोल्डन हॉर्न खाड़ी के पास स्थित है। यह सुदूर पूर्व का सबसे बड़ा शैक्षणिक और वैज्ञानिक केंद्र हैं। इस शहर में फार ईस्टर्न फेडरल यूनिवर्सिटी और रूसी विज्ञान अकादमी की शाखा है।

समय के साथ बदलता रहा

  • व्लादिवोस्तोक का इतिहास 159 साल पुराना है। जून 1860 में, रूस और चीन के बीच आइगुन की संधि के बाद जापान सागर की गोल्डर्न हॉर्न खाड़ी के द्वीप पर रूसी सेना तैनात की गई और इसे व्लादिवोस्तोक का नाम दिया गया। मई 1890 में लगभग साढ़े सात हजार की आबादी वाले व्लादिवोस्तोक को शहर का दर्जा मिला।
  • 20वीं सदी के आते-आते ये छोटा शहर रूस और समूचे सुदूर पूर्व इलाके के लिए एक महत्वपूर्ण बंदरगाह और नौसैनिक अड्डा बन गया। इस दौरान शहर में मशीनरी निर्माण, जहाज बनाने और मरम्मत, निर्माण सामग्री के उत्पादन, मछली पकड़ने के उपकरण, भोजन, उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण और लकड़ी के काम करने वाले उद्योग भी फलेफूले। यहां से निर्यात किए जाने वाले उत्पादों में पेट्रोलियम, कोयला और अनाज हैं। इस बंदरगाह शहर के एक बड़े हिस्से में मछली पकड़ने और पूरे देश में मछलियां पहुंचाने का काम किया जाता है।

प्राकृतिक संसाधन युक्त क्षेत्र

  • रूसी सुदूर पूर्व प्राकृतिक संसाधन संपन्न क्षेत्र है। यह अन्य संसाधनों के बीच तेल, प्राकृतिक गैस, लकड़ी, सोना और हीरे से समृद्ध है। भारत को इन सभी की आवश्यकता है। ऐसे में एक व्लादिवोस्तोक-चेन्नई लिंक का मतलब है कि भारत चीन के साथ अपने साझा हितों के समीकरण को मजबूत कर रहा है।

भारत द्वारा घोषित आतंकी वाली अधिसूचना का अमेरिकी समर्थन

  • अमेरिका ने मसूद अजहर, हाफिज सईद, जकी उर रहमान लखवी और दाऊद इब्राहिम को आतंकी घोषित किए जाने का समर्थन किया है। अमेरिका ने कहा है कि दोनों देश आतंकवाद के संकट से मिलकर मुकाबला करेंगे।
  • बता दे कि भारत सरकार ने बुधवार को नए आतंक विरोधी कानून के तहत जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद, मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकी उर रहमान लखवी और मुंबई को दहलाने वाले दाऊद इब्राहिम को आतंकी घोषित किया था। इन 4 आतंकियों के खिलाफ पहले से ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी है।

अकेले व्यक्ति को भी घोषित किया जा सकता है आतंक

  • दरअसल हाल ही में केंद्र सराकर ने यूएपीए (UAPA) एक्ट 1967 में एक महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी थी। इसके मुताबिक आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त किसी अकेले व्यक्ति को भी आतंकी घोषित किया जा सकता है। पहले सिर्फ किसी समूह को ही आंतकी घोषित किया जा सकता था।

अब संपत्ति भी होगी जब्त

  • नए विधेयक के तहत सरकार उन व्यक्तियों पर यात्रा प्रतिबंध भी लगा सकती है, जिन्हें आतंकवादी घोषित किया गया है। साथ ही उसकी संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार भी सरकार के पास है। सरकार ने कहा कि यह कानून संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है।

आतंकवाद से निपटने के साझा प्रयासों को बल

  • दक्षिण और मध्य एशिया के कार्यवाहक सहायक सचिव एलिस जी वेल्स ने बुधवार को कहा कि हम भारत के इस फैसले का समर्थन करते हैं, जिसमे नए कनून के तहत चारों को कुख्यात आतंकी घोषित किया गया है। यह नया कानून भारत और अमेरीका के आतंकवाद से निपटने के साझा प्रयासों को और बल देगा।
  • मसूद अजहर, हाफिज सईद, जकी उर रहमान लखवी और दाऊद इब्राहिम पर भारत में बम धमाकों और आतंकी हमलों में शामिल रहे हैं। हाल ही में इन चारों को संयुक्त राष्ट्र के तहत वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया है। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी ने 2008 के मुंबई में आतंकवादी हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है और उसपर 10 मिलियन अमरीकी डालर का इनाम भी रखा है। इसी साल मई में संयुक्त राष्ट्र ने अजहर मसूद को भी वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था।

अमेरिका-तालिबान शांति समझौता

  • अफगानिस्तान में 18 साल से जारी खूनी संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और तालिबान के बीच होने वाला शांति समझौता खटाई में पड़ता दिख रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने इस समझौते पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया है क्योंकि प्रस्तावित समझौते के तहत अफगानिस्तान में अलकायदा को हराने के लिए अमेरिकी बलों के बने रहने या लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार की कोई गारंटी नहीं है। इसमें अफगानिस्तान में युद्ध खत्म होने की भी गारंटी नहीं है। अमेरिकी मैगजीन टाइम ने यह दावा किया है।
  • टाइम में बुधवार को प्रकाशित खबर के अनुसार, पोंपियो ने तालिबान के साथ शांति समझौते में अपना नाम शामिल किए जाने से मना कर दिया है। अमेरिका के विशेष दूत जालमे खलीलजाद और तालिबान के प्रतिनिधियों के बीच नौ दौर की बातचीत के बाद शांति समझौते के मसौदे पर मुहर लगी है।
  • दोनों पक्षों में गत दिसंबर से कतर की राजधानी दोहा में वार्ता चल रही थी। टाइम ने अफगानिस्तान, ट्रंप प्रशासन और यूरोपीय यूनियन के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से यह खबर दी है। खलीलजाद के साथ समझौते के बारे में जानकारी देने वाले एक अफगान अधिकारी ने कहा, 'कोई भी पूरे यकीन के साथ कुछ नहीं कह रहा है क्योंकि तालिबान पर विश्वास करने और उसकी ईमानदारी का कोई प्रमाण नहीं है।' मैगजीन के अनुसार, तालिबान ने कहा है कि समझौते पर पोंपियो हस्ताक्षर करें।
  • अफगान अधिकारियों ने कहा, 'इस तरह के दस्तावेज पर अमेरिकी विदेश मंत्री के हस्ताक्षर होने से तालिबान को वैध राजनीतिक संगठन के तौर पर मान्यता मिल जाएगी। इसलिए उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया है।' इस खबर पर पोंपियो के कार्यालय ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है।

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (The Financial Action Task Force - FATF)

  • फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (The Financial Action Task Force) आतंकी फंडिंग (Terror Funding) और मनी लांड्रिंग पर अंकुश लगाने के लिए पाकिस्तान की ओर से उठाए गए कदमों का अंतिम मूल्यांकन करने जा रहा है। यह मूल्यांकन थाइलैंड में आठ से दस सितंबर तक होने वाली एफएटीएफ की बैठक में किया जाएगा।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाले एफएटीएफ ने पाकिस्तान को 27 बिंदुओं (FATF 27-Point Action Plan) पर काम करने को कहा था। अगर पाकिस्तान इन बिंदुओं पर खरा नहीं उतरा तो उसे काली सूची (Black List) में डाला जा सकता है। अभी वह एफएटीएफ की ग्रे सूची (निगरानी) में है। एफएटीएफ से संबद्ध एशिया-प्रशांत समूह (एपीजी) ने हाल में पाकिस्तान को काली सूची में डाल दिया था।
  • एफएटीएफ की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल सात सितंबर को थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुंचेगा। अंतिम मूल्यांकन से ही पाकिस्तान पर एफएटीएफ के फैसले की दिशा तय होगी। इस संदर्भ में 13 से 18 अक्टूबर तक पेरिस में होने वाली बैठक में अंतिम फैसला होगा। कैनबरा में 18 से 23 अगस्त तक हुई एपीजी की बैठक में पाकिस्तान के कदमों की समीक्षा की गई थी। इसमें माना गया कि पाकिस्तान एपीजी के 40 मानकों में से 32 का पालन करने में विफल रहा। इसके आधार पर एपीजी ने उसे काली सूची में डाल दिया था।

पाकिस्तान से 100 सवाल के मांगे गए जवाब

  • एपीजी की बैठक में एफएटीएफ की ओर से पाकिस्तान से करीब 100 अतिरिक्त सवालों के जवाब भी मांगे गए थे। पाकिस्तान की ओर से इनके जवाब बैंकॉक बैठक में दिए जाएंगे। एफएटीएफ को पाकिस्तान यह भी बताएगा कि प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने और उनकी संपत्तियों को जब्त करने के लिए उसने क्या कदम उठाए हैं।

पृष्ठभूमि

  • एपीजी पूरी दुनिया में आतंकवाद को होने वाली फंडिंग पर निगाह रखता है और इस उस आधार अपनी रिपोर्ट एफएटीएफ को सौंपता है। इसके बाद ही एफएटीएफ संबंधित देश पर कार्रवाई करते हुए उसको काली सूची में डालता है। यहां पर ये भी बता दें कि एफएटीएफ ने फिलहाल पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में डाल रखा है। ग्रे लिस्‍ट में डालने का अर्थ इस तरह से भी समझा जा सकता है कि एफएटीएफ ने माना है कि पाकिस्‍तान आतंकवाद को फंडिंग कर रहा है, लेकिन उसको इस पर कार्रवाई करने की चेतावनी देते हुए कुछ समय दिया गया था। इस दौरान चेतावनी स्‍वरूप उसको ग्रे लिस्‍ट में शामिल किया गया है। लेकिन अब जबकि एपीजी ने पाकिस्‍तान को काली सूची में डाल दिया है तो उसका एफएटीएफ द्वारा इस पर ही मुहर लगाना तय माना जा रहा है

भारत और नाइजीरिया में राजनयिक संबंधों की स्‍थापना की 60वीं जयंती

  • भारतीय नौसेना का जहाज तरकश अपनी तीन दिवसीय यात्रा के लिए आज लागोस, नाइजीरिया के बंदरगाह पहुंचा। इस यात्रा का आयोजन भारत और नाइजीरिया में राजनयिक संबंधों की स्‍थापना की 60वीं जयंती का समारोह मनाने के लिए किया गया है। कैप्‍टन सतीश वासुदेव की कमान वाला आईएनएस तरकश भारतीय नौसेना के सबसे शक्तिशाली फ्रंटलाइन फ्रिगेट्स में से एक है। यह जहाज हथियारों, सेंसरों की बहुमुखी रेंज से लैस है। यह जहाज भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े का हिस्‍सा है और मुंबई स्थित फ्लैग ऑफिसर, कमांडिंग इन चीफ, पश्चिमी नौसेना कमान की परिचालन कमान के अधीन है।
  • भारत और नाइजीरिया के बीच परंपरागत रूप से घनिष्‍ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। दोनों देश लोकतंत्र, विकास और धर्मनिरपेक्षता के मूल्‍यों को साझा करते हैं। रक्षा सहयोग और सांस्‍कृतिक आदान-प्रदान के लिए दोनों देशों में अनेक द्विपक्षीय प्रबंध मौजूद हैं। भारतीय सशस्‍त्र बल नाइजीरिया के सशस्‍त्र बलों के लिए भारत में विभिन्‍न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। नाइजीरिया के राष्‍ट्रपति श्री मोहम्‍मद गुहारी भी डिफेंस सर्विसेज का स्‍टॉफ कॉलेज वेलिंगटन के पूर्व छात्र हैं। भारतीय नौसेना मैत्रीपूर्ण संबंध स्‍थापित करने और मैत्रीपूर्ण देशों के साथ अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाने के लिए अपने मिशन के एक हिस्‍से के रूप में भारतीय नौसेना के जहाजों को नियमित रूप से विदेशों में तैनात करती है।

:: आर्थिक समाचार ::

यूके सिन्हा समिति

  • एमएसएमई सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए सरकार जल्द ही यूके सिन्हा समिति की सिफारिशों को लागू करने के बारे में फैसला करेगी। साथ ही एमएसएमई को पेमेंट में विलंब के मामलों में सख्ती बरती जाएगी।
  • भारत को वर्ष 2024 तक पांच टिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए एमएसएमई को जीडीपी में उनका योगदान 29 परसेंट से बढ़ाकर 50 परसेंट करना होगा। साथ ही उन्हें निर्यात में उनका योगदान मौजूदा 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 परसेंट करना होगा। एमएसएमई क्षेत्र में अब तक 11 करोड़ नौकरियां सृजित की जा चुकी हैं इसमें और पांच करोड़ नौकरियां सृजित करने की संभावना है

समिति का यह था काम:

  • आरबीआइ ने एमएसएमई फ्रेमवर्क की समीक्षा करने और इस क्षेत्र की आर्थिक व वित्तीय स्थिति मजबूत करने के सुझाव देने के लिए इस समिति का गठन किया था। समिति को हाल में किए गए आर्थिक सुधारों के प्रभाव का अध्ययन करने और विकास दर को प्रभावित करने वाली संरचनात्मक समस्याओं की पहचान का जिम्मा भी सौंपा गया था।यह है सिफारिश : सिन्हा समिति का गठन आरबीआइ ने किया था। समिति ने 5,000 करोड़ रुपये का फंड बनाने, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की तर्ज पर एमएसएमई के कर्मचारियों के लिए बीमा योजना शुरू करने की सिफारिश की है।

ऋण लेना आसान (59 मिनट में ऋण)

  • अब आम आमदी भी 59 मिनट में लोन ले सकता है। पहले यह लोन छोटे और मझोले उद्योगों के लिए उपलब्ध था। अब होम और पर्सनल लोन के कस्टमर भी इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन पहले इसके लिए बैंक से अप्रूवल की जरूरत होगी। देश के 19 बैंक इस लोन की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। जिन ग्राहकों को यह लोन चाहिए वे अपनी सुविधा और पसंद के हिसाब से बैंक चुन सकते हैं और लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
  • 59 मिनट में मिलने वाला लोन के लिए ग्राहकों की आय की गणना इनकम टैक्स रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट के जरिये की जाती है। एक बार बैंक की ओर से सारे दस्तावेज सही पाए जाने पर बैंक 59 मिनट में लोन पारित कर देगा। इस लोन की प्रोसेसिंग के लिए वेबसाइट एक खास किस्म के एल्गोरिदम का इस्तेमाल करती हैं।
  • पहले इसे छोटे एवं मझोले उद्यमों के लिए शुरू किया गया था। इसके तहत, MSME को महज 59 मिनट में एक करोड़ रुपए तक के लोन को मंजूरी मिलती है। इसके अलावा लोन पर छोटे कारोबारियों को 2 फीसद की छूट भी मिलती है।

क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी (सीएलसीएस)

  • केंद्र सरकार ने एमएसएमई के लिए क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी (सीएलसीएस) को बहाल कर दिया है। इस योजना के तहत एमएसएमई को तकनीक उन्नयन के लिए 1 करोड़ रुपये के तक कर्ज पर 15 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती है। इस योजना के तहत एससी/एसटी उद्यमियों को सरकार 10 फीसदी अतिरिक्त सब्सिडी देगी। एमएसएमई पर सिन्हा समिति की सिफारिशें इसी माह लागू हो सकती हैं। सरकार एमएसएमई को भुगतान में देरी की समस्या सुलझाने के लिए कई कदम उठाने जा रही है।
  • एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने सीएलसीएस योजना को फिर से शुरू कर इसका पोर्टल शुरू करते हुए कहा कि एमएसएमई को भुगतान मिलने में देरी के कारण उन्हें कार्यशील पूंजी की कमी सताती है। इस समस्या के समाधान के लिए वित्त मंत्री से बात हुई है। उन्होंने सरकारी विभागों को जल्द भुगतान करने को कहा है। एमएसएमई मंत्रालय भी एमएसएमई को समय पर भुगतान दिलाने के लिए उद्योग से सुझाव लेकर कई कदम उठाने जा रहा है। गडकरी ने कहा, 'आरबीआई द्वारा एमएसएमई पर गठित सिन्हा समिति ने अपने सुझाव सौंप दिए हैं। केंद्रीय वित्त व एमएसएमई सचिव 8 दिन के अंदर इन सुझावों पर चर्चा कर अंतिम रिपोर्ट तैयार करेंगे और 15 दिन के अंदर इस रिपोर्ट को लागू कर दिया जाएगा।'
  • सिन्हा समिति ने एमएसएमई को बिना रेहन कर्ज की सीमा दोगुनी करने, क्लस्टर में एमएसएमई इकाइयों की सहायता के लिए कोष गठित करने, एसएमई में निवेश करने वाली उद्यम पूंजी और निजी इक्विटी फर्मों का समर्थन करने के लिए सरकार प्रायोजित कोष बनाने, सरकार द्वारा एमएसएमई कर्मचारियों को बीमा की सुविधा देना शामिल हैं। केंद्रीय एमएसएमई सचिव अरुण कुमार पांडा ने बताया कि सीएलसीएस को नए अवतार में शुरू किया जा रहा है। एसएससी/एसटी उद्यमियों को 10 फीसदी अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। यह योजना 1 अप्रैल, 2017 से प्रभावी होगी।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

क्लाइमेटिक जोन आधारित नेशनल क्रापिंग प्लान

  • देश में कृषि उत्पादों की मांग व आपूर्ति में समन्वय स्थापित करने के लिए सरकार नेशनल क्रापिंग प्लान तैयार कर रही है। इसका मसौदा चालू साल के आखिर तक बना लिया जाएगा। इसमें खाद्यान्न की मांग व आपूर्ति को ध्यान में रखकर जिलावार और क्लाइमेटिक जोन के हिसाब से होने वाली खेती की सिफारिश की जाएगी।

फसलों की विविधीकरण पर जोर

  • देश में पानी की प्रति व्यक्ति खपत घटती जा रही है। वर्ष 2025 तक पानी की उपलब्धता 1464 क्यूबिक मीटर रह जाएगा। पानी किल्लत की चुनौती से निपटने के लिए फसलों की विविधीकरण और जल के वैज्ञानिक उपयोग पर जोर दिया। इसी के मद्देनजर ICAR ने क्राप प्लानिंग के उपायों पर काम करना शुरु कर दिया है। इसमें जल की उपलब्धता और वहां की जलवायु के हिसाब से फसलों की खेती का सिफारिश की जाएगी।

पानी को लेकर राज्यों के बीच हो सकते हैं विवाद

  • जल की प्रति व्यक्ति उपलब्धता वर्ष 1951 में 5177 क्यूबिक मीटर थी, जो 2014 में घटकर 1508 क्यूबिक मीटर हो गई। हालात यही रहे तो वर्ष 2025 में यह 1465 क्यूबिक मीटर रह जाएगी। आने वाले सालों में पानी के मसले पर देश के राज्यों के बीच गंभीर विवाद पैदा हो जाएंगे।
  • देश में 14 करोड़ हेक्टेयर खेती वाली जमीन में से 48.8 फीसद रकबा सिंचित है। बाकी हिस्सा असिंचित क्षेत्र है। सिंचित क्षेत्र का 60 फीसद हिस्सा भूजल पर निर्भर है, जो बहुत गंभीर आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि इस समय जरूरत इस बात की है कि बारिश के पानी को संरक्षित कर उसका उपयोग सिंचाई के लिए किया जाए।

संस्थानों को सौंपी गई जिम्मेदारी

  • इसी के मद्देनजर सचिवों के समूह ने ICAR से समूचे देश के लिए क्राप प्लानिंग करने को कहा है। इसके लिए परिषद के दिल्ली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एग्रीकल्चरल इकोनामिक्स एंड पालिसी रिसर्च और उत्तर प्रदेश के मोदीपुरम वाले पालिसी रिसर्च एंड इंडियन इस्टीट्यूट आफ फार्मिग सिस्टम रिसर्च को नोडल संस्थान बनाया गया है। इसमें देश के सभी संस्थान और कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान संस्थानों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • प्लानिंग में स्थानीय जलवायु, जल की उपलब्धता और मांग-आपूर्ति की स्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा। किसानों में इसकी स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए इसे सब्सिडी से प्रोत्साहित किया जाएगा। महापात्र ने कहा कि किसानों में पानी के समुचित उपयोग को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।

ओस्लो शांति सम्मेलन

  • इस महीने के आखिर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र के जलवायु कार्य सम्मेलन की कार्ययोजना को लेकर नोबेल शांति केंद्र द्वारा नॉर्वे की राजधानी में आयोजित एक नई वार्षिक शांति एवं जलवायु सम्मेलन को संबोधित करने के लिए दो भारतीय किशोरों को चुना गया है। अजय प्रकाश (15) और अमन शर्मा (16) को ओस्लो में ओस्लो शांति सम्मेलन को संबोधित करने के लिए चुना गया। जिसके अंतिम निष्कर्ष को 23 सितंबर को जलवायु कार्य शिखर सम्मेलन के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। शर्मा ने बुधवार को सम्मेलन को संबोधित किया, जबकि प्रकाश गुरुवार को संबोधित करेंगे।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

लाइट यूटीलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच)

  • हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने खुद के द्वारा डिजाइन और विकसित लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच) को हिमालय के गर्म और उच्च मौसम की स्थिति में उड़ाकर उच्च ऊंचाई क्षमता का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। यह परीक्षण एचएएल, भारतीय वायुसेना और थलसेना के द्वारा 24 अगस्त से दो सितंबर के बीच आयोजित किए गए थे।
  • लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर ने उपयोगकर्ताओं की सभी आवश्यकताओं का अनुपालन किया है। इसके अलावा गर्म और ऊंचे क्षेत्र में परीक्षण के साथ ही एलयूएच ने उपयोगकर्ताओं की सभी जरूरतों को पूरा किया है और इसे जल्द संचालन मंजूरी प्रमाण पत्र मिल सकता है।
  • भारतीय वायु सेना, सेना और एचएएल के परीक्षण पायलटों ने 24 अगस्त से दो सितम्बर के बीच ये परीक्षण किए। योजना के मुताबिक सभी परीक्षण सफल रहे।
  • एचएएल के मुताबिक लेह में 3300 मीटर की ऊंचाई पर अंतरराष्ट्रीय मानक वातावरण 32 डिग्री सेल्सियस तापमान पर व्यापक परीक्षण योजना को अंजाम दिया गया। इसके बाद एलयूएच लेह से रवाना हुआ और दौलत बेग ओल्डी के एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड पर 5000 मीटर की ऊंचाई पर इसने गर्म वातावरण में प्रदर्शन किया। इसके बाद एक अन्य अग्रिम हेलीपैड पर 5500 मीटर की ऊंचाई पर 27 डिग्री सेल्सियस तापमान में इसका प्रदर्शन किया गया।
  • हेलीकॉप्टर ने बेंगलुरू से लेह के बीच तीन दिनों में 3000 किलोमीटर लंबी उड़ान भरी और इस दौरान यह कई नागरिक व सैन्य एयरफील्ड से गुजरा। एलयूएच ने 2018 में नागपुर में गर्म मौसम में, 2019 में जम्मू-कश्मीर में ठंडे वातावरण में और चेन्नई में 2018 में तथा पुडुचेरी में 2019 में समुद्र स्तरीय परीक्षण पूरा किया है।

दुनिया की पहली क्लोन बिल्ली

  • चीन की सिंगोजीन कंपनी को पहली क्लोन बिल्ली बनाने में कामयाबी मिली है। इस बिल्ली का जन्म गत 21 जुलाई को हुआ था। यह गार्लिक नामक पालतू बिल्ली की हूबहू नकल है। गार्लिक के मरने के सात माह बाद यह क्लोन बिल्ली पैदा हुई।
  • सिंगोजीन बीजिंग की पहली ऐसी कंपनी बन गई है, जिसने सफलतापूर्वक बिल्ली का क्लोन बनाया। यह कंपनी अब तक 40 से ज्यादा पालतू कुत्तों के क्लोन तैयार कर चुकी है। इस प्रक्रिया में प्रति क्लोन करीब 53 हजार डॉलर (करीब 38 लाख रुपये) की लागत आती है। जबकि एक बिल्ली तैयार करने में 35 हजार डॉलर (करीब 25 लाख रुपये) खर्च हुए।

वैज्ञानिक भी ले रहे खूब दिलचस्पी

  • चीन के वैज्ञानिक भी पशुओं के क्लोन तैयार करने में खूब दिलचस्पी दिखा रहे हैं। चीनी अकादमी ऑफ साइंसेज के विशेषज्ञ चेन डेयुआन कहते हैं, गुजांइश इस बात की भी है कि बिल्लियां क्लोन बेबी पांडा को भी जन्म दे सकती हैं। डेयुआन पांडा का क्लोन बनाने में पिछले 20 साल से जुटे हैं।

कई देशों में पैट क्लोंनिग पर रोक

  • दुनिया के कई देशों में पैट क्लोनिंग पर रोक है। लेकिन स्वीकृति लेकर अमेरिका और दक्षिण कोरिया में पालतू पशुओं का क्लोन बनाया जा सकता है। दक्षिण कोरिया के शोधकर्ताओं ने 2005 में पहले कुत्ते का क्लोन तैयार किया था। दक्षिण कोरिया के सूआम बायोटेक रिसर्च फाउंडेशन का कहना है कि उसने अब तक करीब 800 पशुओं का क्लोन बनाया है और प्रति पशु एक लाख डॉलर (करीब 72 लाख रुपये) वसूला जाता है।

आकाश मिसाइल

  • केंद्र सरकार ने वायुसेना को और ताकतवर बनाने के लिए 5000 करोड़ रुपये की आकाश मिसाइल परियोजना को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली सुरक्षा संबंधी कैबिनेट कमेटी ने हाल ही में इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को सरकार के इस फैसले से वायु सेना को अवगत करा दिया।
  • दुश्मन के लड़ाकू विमान को मार गिराने के लिए वायुसेना की क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार ने छह स्क्वाड्रन स्वदेशी आकाश एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीद की मंजूरी दे दी है। आकाश मिसाइल को खरीदने के तीन साल पुराने इस प्रस्ताव को अब जाकर मंजूरी मिली है और इससे वायुसेना में अब आकाश मिसाइल की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी।
  • शुरू में वायुसेना ने दो स्क्वाड्रन की मांग की थी, लेकिन इसकी दक्षता को देखते हुए इसकी संख्या बढ़ा दी गई। पिछले साल सूर्या लंका युद्धाभ्यास के दौरान इजरायली मिसाइल व अन्य मिसाइलों के साथ वायुसेना ने आकाश मिसाइल को भी आजमाया था, जिनमें आकाश का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा था।
  • रक्षा मंत्रालय ने विदेशी मिसाइलों के मुकाबले आकाश को तरजीह दी। सरकार ने भी आकाश मिसाइल के पक्ष में सेना के 17000 करोड़ रुपये का टेंडर खत्म कर दिया था। इन मिसाइलों को पाकिस्तान और चीन की सीमा के पास तैनात किया जाएगा।
  • दरअसल बालाकोट ऑपरेशन के बाद इसकी जरूरत महसूस की गई थी, उसके बाद वायु सेना ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। आकाश मिसाइल होने से अगली बार जब पाकिस्तान ऐसी कोई हिमाकत करेगा, तो उसे वायु सेना के साथ-साथ जमीन से इस घातक मिसाइल सिस्टस से भी जूझना पड़ेगा

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • ‘ईट राइट इंडिया मूवमेंट’ की शुरुआत किस संस्था के द्वारा की गई है? (भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण-एफएसएसएआई)
  • कौन सी ट्रेन देश की पहली निजी/ कारपोरेट ट्रेन होगी? (तेजस)
  • देश की पहली निजी ट्रेन का परिचालन किस संस्था के द्वारा किया जाएगा? (आइआरसीटीसी - इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड ट्यूरिज्म कॉरपोरेशन)
  • स्‍वैच्छिक एजेंसियों की स्‍थायी समिति (स्‍कोवा) की 31वीं बैठक का आयोजन कहां किया गया? (नई दिल्ली)
  • हाल ही में किस राज्य के द्वारा हिंदी भाषियों को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक हिंदी माध्यम के स्कूल कॉलेज खोलने हेतु विधेयक को पारित किया गया है? (पश्चिम बंगाल)
  • हाल ही में भारत के द्वारा किस देश को एक अरब डालर का कर्ज प्रदान किया गया है? (रूस)
  • भारत सरकार के द्वारा यूएपीए (UAPA) कानून के तहत घोषित किए गए आतंकियों को किस देश के द्वारा समर्थन मिला है? (अमेरिका)
  • फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की आगामी बैठक का आयोजन कहां किया जा रहा है? (बैंकॉक-थाईलैंड)
  • किस देश के साथ भारत में अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना के 60 वी जयंती का समारोह मनाने हेतु भारतीय नौसेना का जहाज तरकश को भेजा गया है है? (नाइजीरिया)
  • हाल ही में चर्चा में यूके सिन्हा समिति किस क्षेत्रक से संबंधित है? (एमएसएमई सेक्टर)
  • किन मदों हेतु बैंकों द्वारा 59 मिनट में लोन प्रदान किया जाएगा? (छोटे और मझोले उद्योगों,होम और पर्सनल लोन)
  • हाल ही में केंद्र सरकार के द्वारा एमएसएमई के लिए किस सबसिडी व्यवस्था को पुनः बहाल किया गया है? (क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी-सीएलसीएस)
  • पूरे देश में क्रॉपिंग प्लानिंग लागू करने के लिए किन संस्थानों को नोडल एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है? (नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एग्रीकल्चरल इकोनामिक्स एंड पालिसी रिसर्च और पालिसी रिसर्च एंड इंडियन इस्टीट्यूट आफ फार्मिग सिस्टम रिसर्च)
  • संयुक्त राष्ट्र के जलवायु कार्य सम्मेलन की कार्य योजना को लेकर आयोजित किए जा रहे ओस्लो शांति सम्मेलन में अभिभाषण हेतु किन भारतीय लोगों किशोरों का चयन हुआ है? (अजय प्रकाश और अमन शर्मा)
  • हाल ही में सफलतापूर्वक परीक्षण किए गए लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच) का विकास किस संस्था के द्वारा किया गया है? (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड)
  • किस देश के द्वारा दुनिया की पहली क्लोन बिल्ली बनाने में सफलता हासिल की गई है? (चीन-सिंगोजीन कंपनी)
  • हाल ही में केंद्र सरकार के द्वारा 5000 करोड़ लागत की किस मिसाइल परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई? (आकाश मिसाइल)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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