(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (06 अगस्त 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (06 अगस्त 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के प्रस्ताव पर राज्यसभा ने लगाई मुहर

  • अस्थायी प्रावधान से जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 से मिला विशेष दर्जा लगभग 70 साल बाद निरस्त हो गया है। राज्यसभा ने इस प्रस्ताव पर दो तिहाई बहुमत से मुहर लगा दी है। अब संभवत: मंगलवार को लोकसभा से मंजूरी मिल जाएगी।
  • वैसे अनुच्छेद 370 और 35 ए पर यह सहमति केवल औपचारिकता है। तकनीकी रूप से राष्ट्रपति के आदेश के साथ ही यह खत्म हो चुका है। दरअसल संविधान में यह प्रावधान प्रदेश के संविधान सभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद राष्ट्रपति के आदेश से ही जोड़ा गया था।
  • इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर की नागरिकता निर्धारित करने वाला अनुच्छेद 35ए भी खत्म हो गया है। हालांकि सहमति लोकसभा से भी ली जाएगी।
  • सरकार ने जम्मू-कश्मीर को दो भागों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दोनों को केंद्रशासित प्रदेश बनाने का विधेयक भी पारित करा लिया। लद्दाख बिना विधानसभा के होगा, जबकि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा भी होगी।
  • वैसे गृह मंत्री अमित शाह ने साफ किया कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य होते ही उसे दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया जाएगा।

केंद्र शासित प्रदेश

  • केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खंड(1) और साथ ही 35ए को हटाने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद जम्मू कश्मीर को मिला विशेष दर्जा छिन जाएगा। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग किया जाएगा और इन दोनों को अलग-अलग केंद्र शासित राज्य बनाया जाएगा। देश में फिलहाल 7 केंद्र शासित प्रदेश है। इसमें नई दिल्ली, चंडीगढ़, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल है। जम्मू कश्मीर और लद्दाख के शामिल होने के बाद देश में 9 केंद्र शासित राज्य हो जाएंगे।
  • भारतीय संविधान में प्रारूप के अनुसार भारत को राज्यों का संघ कहा जाता है। वर्तमान में भारत में 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश हैं। राज्य का शासन उस राज्य की जनता द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री के द्वारा किया जाता है जबकि केंद्र शासित प्रदेश का शासन उस राज्य में केंद्र द्वारा नियुक्त प्रशासक/ उपराज्यपाल के द्वारा किया जाता है। अंडमान और निकोबार द्वीप, दिल्ली और पुडुचेरी का शासन उपराज्यपाल(डिप्टी गवर्नर) द्वारा किया जाता है जबकि अन्य चार केंद्र शासित प्रदेशों(लक्षद्वीप, दमन व दीव, दादरा व नगर हवेली, चंडीगढ़) का शासन प्रशासकों द्वारा किया जाता है।

क्या होता है केंद्र शासित राज्य ?

  • भारत में केंद्र शासित प्रदेश का मतलब उन प्रदेशों से है, जिनको कुछ विशेष परिस्थितियों की वजह से अन्य राज्यों में ना मिलाकर सीधा केंद्र सरकार द्वारा चलाया जाता है। वर्तमान में देश के अंदर 7 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इनको अलग-अलग कारणों से यह दर्जा दिया गया है।

क्यों बनाना पड़ता है केंद्र शासित प्रदेश ?

  • भारत में केंद्र शासित प्रदेश क्यों बनाये गए हैं इसका कोई स्पष्ट एक कारण नही है बल्कि इसके लिए कई कारण जिम्मेदार हैं जैसे छोटा आकार और कम जनसंख्या, अलग संस्कृति, अन्य राज्यों से दूरी, प्रशासनिक महत्व, स्थानीय संस्कृतियों की सुरक्षा करना, शासन के मामलों से संबंधित राजनीतिक उथल-पुथल को दूर करना और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थिति आदि।

राजनैतिक कारणों से बने केंद्रशासित प्रदेश

  • नई दिल्ली को किसी राज्य से अलग उसी प्रकार रखा गया है जैसे अमेरिका में राजधानी वाशिंगटन डीसी को रखा गया है। 1956 से 1991 तक नई दिल्ली भी केंद्र शासित प्रदेश ही था लेकिन 1991 में 69वे संविधान संशोधन से राष्ट्रीय राजधानी प्रदेश (NCT) का दर्जा प्राप्त हुआ है और इसे भी पुड्डुचेरी की तरह स्वयं के मंत्रिमंडल व मुख्यमंत्री की व्यवस्था मिली है, यहाँ भी उपराज्यपाल(एलजी) की नियुक्ति होती है जो केंद्र सरकार करती है। कुल मिलाकर उपराज्यपाल(एलजी) और मंत्रिमंडल के सामंजस्य से यह चलता है।
  • नई दिल्ली की तरह चंडीगढ़ की भी स्थिति है। यह 1966 तक पंजाब की राजधानी था लेकिन 1966 में हरियाणा का गठन होने के बाद, पंजाब और हरियाणा दोनों चंडीगढ़ को अपनी राजधानी बनाना चाहते थे और कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं था। ऐसे में चंडीगढ़ को एक केंद्र शासित प्रदेश बनाकर दोनों राज्यों की राजधानी बना दिया गया।

भौगोलिक दूरी के कारण बने केंद्रशासित प्रदेश

  • सबसे पहले बात करेंगें भौगोलिक दूरी के कारण बने केंद्र शासित प्रदेशों की तो इसमें अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह व लक्षद्वीप दो केंद्रशासित प्रदेश आते हैं। भारत की मुख्य प्रायद्वीपीय सतह से दूर होने के कारण इन्हें किसी प्रदेश द्वारा संचालित करना काफी मुश्किल काम है और क्षेत्रफल के लिहाज से छोटा होने का कारण इसे एक राज्य भी नहीं बनाया जा सकता। यही कुछ कारण हैं, जिससे इन्हें केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है।

सांस्कृतिक विविधताओं की वजह से बने केंद्रशासित प्रदेश

  • सांस्कृतिक विविधताओं की वजह से बने केंद्र शासित प्रदेशों में दमन व दीव और दादर व नगर हवेली और पुडुचेरी शामिल हैं। दरअसल इन तीनों जगहों पर लंबे समय तक यूरोपीय देशों पुर्तगाल और फ्रांस का राज रहा था इसलिए यहाँ की संस्कृति उनसे मेल खाती है और इसलिए इनकी सांस्कृतिक विविधता बनाए रखने के लिए इन्हें किसी राज्य के साथ ना मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया।

भारत के राज्य तथा केन्द्र-शासित प्रदेश

  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली
  • अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह
  • चण्डीगढ़
  • दादरा और नगर हवेली
  • दमन और दीव
  • लक्षद्वीप
  • पुदुच्चेरी

नोट: अभी जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 लोकसभा में पारित नहीं हुआ है जिसके कारण जम्मू कश्मीर और लद्दाख का नाम शामिल नहीं किया गया है।

1972 में असम राज्य से अलग कर अरुणाचल प्रदेश व मिज़ोरम को भी केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा दिया गया था लेकिन 1986 में उन्हें राज्य का दर्जा मिल गया था।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

संयुक्त राष्ट्र ने दी भारत-पाक को संयम बरतने की सलाह

  • संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने भारत और पाकिस्तान से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि दोनों तरफ से इस बात की कोशिश होनी चाहिए कि स्थिति अब और ज्यादा न बिगड़े। दोनों देशों की सीमा पर अचानक बढ़े तनाव के मद्देनजर गुतेरस ने यह अनुरोध किया है। इस बात की जानकारी महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने दी है।
  • संयुक्त राष्ट्र के सैन्य पर्यवेक्षक दल का हवाला देते हुए महासचिव की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हाल के दिनों में नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों की सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। इसका कारण दोनों देशों के बीच तनाव का बढ़ना है। ऐसे में दोनों देशों को टकराव से बचने के लिए अधिकतम संयम बरतने की जरूरतहै। ऐसा कोई काम न किया जाए जिससे स्थिति और बिगड़े। संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक दल ने जम्मू-कश्मीर स्थित नियंत्रण रेखा पर हो रहे युद्धविराम उल्लंघन पर अपनी रिपोर्ट महासचिव को दी है।
  • इस पर्यवेक्षक दल का गठन जनवरी 1949 में किया गया था। यह तभी से नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखता आ रहा है। भारत ने 1972 में हुए शिमला समझौते के बाद इस पर्यवेक्षक दल की निगरानी को गैरजरूरी बता दिया था। कहा था कि समझौते के बाद दोनों देशों के बीच जम्मू-कश्मीर को लेकर समझ बन गई है। अब शिमला समझौते के दायरे में ही दोनों देश वार्ता करेंगे। शिमला समझौते तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच हुआ था।

अफगान शांति वार्ता

  • अमेरिका और तालिबान दोहा में रविवार को वार्ता के दूसरे दिन अफगानिस्तान में 18 साल से चल रही जंग को खत्म करने के लिए समझौते पर पहुंचने के वास्ते अवरोधकों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2001 में हमला कर तालिबान को सत्ता से उखाड़ फेंकने वाला अमेरिका अब अफगानिस्तान से अपने हजारों सैनिकों की वापसी और जंग का खत्मा चाहता है। लेकिन, सबसे पहले अमेरिका आतंकियों से आश्वासन चाहता है कि वे अलकायदा का साथ छोड़ दें और इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी समूहों को रोकें। शनिवार को शुरू हुई वार्ता के समापन कार्यक्रम की सार्वजनिक रूप से घोषणा नहीं की गई है। यह वार्ता अभी आठवें चरण में है।
  • तालिबान के एक सूत्र ने बताया कि अफगानिस्तान मामलों के अमेरिकी दूत जलमय खलीलजाद और तालिबान के सह संस्थापक तथा संगठन की राजनीतिक इकाई के प्रमुख मुल्ला बरादर के बीच सीधी वार्ता आयोजित कराने की कोशिश की जा रही है। अफगानिस्तान में होने वाले चुनाव और अमेरिका में 2020 में प्रस्तावित राष्ट्रपति चुनाव से पहले वाशिंगटन एक सितंबर तक तालिबान के साथ शांति समझौते की उम्मीद कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, ''हमने बहुत प्रगति की है। हम बात कर रहे हैं।
  • खलीलजाद ने शुक्रवार को ट्वीट किया, ''हम शांति समझौते पर बात कर रहे हैं, वापसी के लिए करार नहीं कर रहे। इस्लामाबाद में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ वार्ता के बाद दोहा पहुंचने पर उन्होंने ट्वीट किया।" प्रगति के एक और संकेत के तौर पर अफगान सरकार ने तालिबान के साथ अलग शांति वार्ता के लिए एक टीम बनाई है और राजनयिकों को उम्मीद है कि इस महीने वार्ता हो सकती है।
  • अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने रविवार को सिडनी के दौरे के दौरान कहा '' राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह बिलकुल साफ कर दिया है कि उनकी इच्छा है कि हम एक कूटनीतिक संकल्प विकसित करें, जिससे हम वहां साजो-सामान को घटा पाएं... साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि अफगानिस्तान फिर से ऐसा मंच न बने कि उसका इस्तेमाल आतंकवादी अमेरिका पर हमले के लिए करें।

चीन और अमेरिकी कंपनियों ने घटाया पाकिस्तान में निवेश

  • पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लेकर बिगड़ते हालातों में चीन की चिंता आग में घी डालने का काम कर रही है। चीन पाकिस्तान से अपना निवेश घटाने में जुट गया है। चीन के अलावा अमेरिकी कंपनियों ने भी पाकिस्तान में अपना निवेश बेहद कम कर दिया है। इससे पाकिस्तान बुरी तरह परेशान है।
  • आज तक चीन को पाकिस्तान का सदाबहार दोस्त माना जाता रहा है लेकिन विश्व बैंक की मदद मिलने से पहले तक पाक अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करने वाला चीन अब निवेश से पीछे हट रहा है।
  • पाक अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक चीन ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के छह माह में पाक में अपना निवेश घटाकर 49.6 करोड़ डॉलर तक सीमित कर दिया है। जबकि एक साल पहले इसी समान अवधि में पाकिस्तान के भीतर चीन ने 1.8 अरब डॉलर का निवेश किया था। इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है कि पाक में निवेश को लेकर चीनी निवेशक चिंतित हैं।
  • 2018-19 से पहले के 11 महीनों में पाक में आने वाला प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में भी 49 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट को अमेरिकी कंपनियों का भी साथ मिला है। पाकिस्तान में अमेरिकी कंपनियों का निवेश भी घटकर 8.4 करोड़ डॉलर तक रह गया है। जबकि एक साल पहले इसी दौरान अमेरिका ने यहां 14.70 करोड़ डॉलर का निवेश किया था।

जापान और दक्षिण कोरिया के बीच ट्रेड वॉर

  • जापान और दक्षिण कोरिया के बीच व्यापारिक संबंध लगातार खराब होते जा रहे हैं। जापान ने करीब तीन महीने पहले सेमी कंडक्टर और डिस्प्ले मशीन स्क्रीन की मैन्युफैक्चरिंग में काम आने वाले रॉ मैटेरियल के दक्षिण कोरिया निर्यात पर पाबंदी ला दी थी। दक्षिण कोरिया इनके प्रोडक्शन में अग्रणी देश रहा है और जापान के कदम से सैमसंग और एसके हायनिक्स जैसी कंपनियों पर काफी बुरा असर पड़ा।
  • अब दक्षिण कोरिया के लोगों ने जापान में बने उत्पादों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। सबसे विपरीत प्रभाव जापान की ऑटो इंडस्ट्री के ऊपर पड़ा है। दक्षिण कोरिया में जापानी कारों की बिक्री करीब एक तिहाई तक गिर गई है। एक साल पहले की तुलना में टोयोटा की बिक्री 32% घट गई। वहीं, होंडा कारों की बिक्री 34% तक गिरी है।
  • इससे पहले जापान ने भी घोषणा कर दी थी कि वह दक्षिण कोरिया को अपने विश्वसनीय व्यापारिक साझीदारों की सूची से बाहर करने वाला है। जापान के इस बयान के बाद से दोनों देशों के रिश्ते और भी खराब हो गए हैं।
  • दक्षिण कोरिया ने जापान से आयात होने वाले उत्पादों को अपने यहां बनाने के लिए 45 हजार करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा भी कर दी है।

पृष्ठभूमि

  • ऐसा नहीं है कि जापान और दक्षिण कोरिया के बीच तनातनी अचानक से शुरू हो गई है। इसके पीछे का कारण करीब 70 साल पुराना है। 1910 से लेकर 1945 में दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति तक दक्षिण कोरिया पर जापान का शासन था। 2018 में दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने गुलामी के दिनों में जापानी कंपनियों द्वारा दक्षिण कोरियाई लोगों के शोषण के एवज में मुआवजा दिए जाने का फैसला सुनाया। जापान ने इस फैसले का विरोध किया। जापान का कहना था कि दोनों देशों के बीच यह मसला 1965 में खत्म हो गया था। लेकिन, दक्षिण कोरियाई कोर्ट ने फैसला नहीं बदला। इसके बाद से दोनों के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो गया।

:: राजव्यवस्था और महत्वपूर्ण विधेयक ::

उभयलिंगी या ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) विधेयक 2019

  • लोकसभा ने सोमवार को उभयलिंगी या ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) विधेयक 2019 को मंजूरी दी जिसके माध्यम से ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में लाने और उनके विभिन्न अधिकारों की रक्षा करने का उपबंध किया गया है।
  • विधेयक में संसद की स्थायी समिति की ज्यादातर सिफारिशों को शामिल किया गया है।
  • ट्रांसजेंडर लोगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए दंड का प्रावधान किया गया है।
  • ट्रांसजेंडर लोगों के हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय परिषद की स्थापना करने की व्यवस्था की गई है।
  • इस विधेयक को लाने के पीछे सरकार का मानना है कि इससे हाशिए पर खड़े इस वर्ग के विरूद्ध भेदभाव और दुर्व्यवहार कम होने के साथ ही इन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने से ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को लाभ पहुंचेगा। इससे समग्रता को बढ़ावा मिलेगा और ट्रांसजेंडर व्यक्ति समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर उसके उपयोगी सदस्य बन जायेंगे।
  • विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि ट्रांसजेंडर एक ऐसा समुदाय है जो सर्वाधिक हाशिये पर है क्योंकि वे ‘पुरूष’ या ‘स्त्री’ के लिंग के सामान्य प्रवर्गो में फिट नहीं होते हैं ।
  • ट्रांसजेंडर समुदाय को सामाजिक बहिष्कार से लेकर भेदभाव, शिक्षा सुविधाओं की कमी, बेरोजगारी, चिकित्सा सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
  • उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण बनाम भारत संघ के मामले में 15 अप्रैल 2014 को दिए अपने आदेश में अन्य बातों के साथ केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को उभयलिंगी समुदाय के कल्याण के लिये विभिन्न कदम उठाने का और संविधान के अधीन एवं संसद तथा राज्य विधान मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों के अधीन उनके अधिकारों की सुरक्षा के प्रयोजन के रूप में उन्हें तृतीय लिंग के रूप में मानने का निर्देश दिया
  • विधेयक में ट्रांसजेंडर व्यक्ति को परिभाषित करने, ट्रांसजेंडर व्यक्ति के विरूद्ध विभेद का निषेध करने तथा ट्रांसजेंडर व्यक्ति को उसी के रूप में मान्यता देने का अधिकार देने का प्रस्ताव किया गया है ।
  • इसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान प्रमाणपत्र जारी करने के साथ जोर दिया गया है कि नियोजन, भर्ती, प्रोन्नति और अन्य संबंधित मुद्दों से संबंधित विषयों में किसी ट्रांसजेंडर व्यक्ति के विरूद्ध विभेद नहीं किया जाएगा ।
  • प्रत्येक स्थापना में शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने तथा ट्रांसजेंडर व्यक्ति परिषद स्थापित करने एवं उपबंधों का उल्लंघन करने पर दंड देने का भी प्रावधान किया गया है ।

राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बैंच सुनेगी पक्ष

  • बहुप्रतीक्षित अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर मंगलवार से रोजाना सुनवाई शुरू होगी। मामले में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधानपीठ सुनवाई करेगी। पीठ के अन्य न्यायाधीश एसए बोबडे, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण व एस अब्दुल नजीर हैं।
  • गत शुक्रवार को कोर्ट ने मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट देखने के बाद कहा था कि मध्यस्थता का कोई नतीजा नहीं निकला है इसलिए मामले पर छह अगस्त से रोजाना सुनवाई की जाएगी और सुनवाई तबतक जारी रहेगी जबतक सभी पक्षों की बहस पूरी नहीं हो जाती।
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में राम जन्मभूमि को तीन बराबर हिस्सों में बांटने का आदेश दिया था। जिसमें एक हिस्सा भगवान रामलला विराजमान, दूसरा निर्मोही अखाड़ा व तीसरा हिस्सा सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड को देने का आदेश था। इस फैसले को भगवान राम सहित हिन्दू मुस्लिम सभी पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट में ये अपीलें 2010 से लंबित हैं और कोर्ट के आदेश से फिलहाल अयोध्या में यथास्थिति कायम है।
  • सुप्रीम कोर्ट में कुल 14 अपीलें, तीन रिट पीटिशन और एक अन्य याचिका लंबित है। सुनवाई की शुरूआत मूल वाद संख्या 3 और 5 से होगी। मूल वाद संख्या 3 निर्मोही अखाड़ा का मुकदमा है और मूल वाद संख्या पांच भगवान रामलला विराजमान का मुकदमा है। कोर्ट ने शुक्रवार को मामले में बहस करने वाले वकीलों और पक्षकारों से आग्रह किया था कि जिन साक्ष्यों और दलीलों यानी केस ला आदि को वे कोर्ट में पेश करने वाले हैं उसके बारे में पहले से बता दें ताकि कोर्ट स्टाफ उसे कोर्ट के सामने पेश करने के लिए तैयार रखे।
  • इससे पहले कोर्ट ने मामले को मध्यस्थता के जरिये सुलझाने की कोशिश के लिए तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल को भेजा था। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में करीब पांच महीने मध्यस्थता चली लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला जिसके बाद कोर्ट में मामले की मेरिट पर सुनवाई का फैसला लिया है।

'राजस्थान लिंचिंग संरक्षण विधेयक-2019'

  • मणिपुर के बाद राजस्थान उन्मादी भीड़ की हिंसा (मॉब लिंचिंग) को लेकर कानून बनाने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। राजस्थान में अब उन्मादी हिंसा की घटना में पीड़ित की मौत पर दोषियों को आजीवन कारावास और पांच लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा भुगतनी होगी। पीड़ित के गंभीर रूप से घायल होने पर 10 साल तक की सजा और 50 हजार से 3 लाख रुपये तक का जुर्माना दोषियों को भुगतना होगा।
  • उन्मादी हिंसा में किसी भी रूप से सहायता करने वाले को भी वही सजा मिलेगी जो, हिंसा करने वाले को मिलेगी। राज्य में बढ़ती उन्मादी हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने सोमवार को विधानसभा में 'राजस्थान लिंचिंग संरक्षण विधेयक-2019' में पेश किया, जो पारित हो गया। भाजपा ने इस विधेयक का विरोध किया। विधेयक में उन्मादी हिंसा को गैर जमानती, संज्ञेय अपराध बनाया गया है। उन्मादी हिंसा की घटना के वीडियो, फोटो किसी भी रूप में प्रकाशित या प्रसारित करने पर भी एक से तीन साल तक की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना देय होगा। विधेयक में प्रावधान किया गया है कि दो व्यक्ति भी अगर किसी को मिलकर पीटते हैं तो उसे उन्मादी हिंसा माना जाएगा।

ये आएगा उन्मादी हिंसा के दायरे में

  • विधेयक में धर्म, जाति, भाषा, राजनीतिक विचारधारा, समुदाय और जन्म स्थान के नाम पर भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा को उन्मादी हिंसा माना गया है। इसमें दो या दो से ज्यादा व्यक्ति को उन्मादी हिंसा की परिभाषा में शामिल किया गया है। इंस्पेक्टर रैंक का अफसर ही इससे जुड़े मामलों की जांच करेगा। इस तरह के मामलों की प्रदेश स्तर पर पुलिस महानरीक्षिक रैंक व जिलों में उप अधीक्षक रैंक के अधिकारी निगरानी करेंगे। इस तरह के मामलों की सुनवाई के लिए हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की सलाह से विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति की जाएगी।
  • विधेयक में प्रावधान किया है कि पीड़ित को राजस्थान विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत सहायता दी जाएगी और दोषियों से जो जुर्माना वसूला जाएगा, उसे पीड़ित को दिया जाएगा। विधेयक पर हुई चर्चा में विधायकों द्वारा जताई गई आशंकाओं का जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की पालना में उन्मादी हिंसा कानून बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में 2014 से उन्मादी हिंसा के 200 से अधिक मामले सामने आए हैं, इनमें से 86 प्रतिशत राजस्थान के हैं। देश में शांत प्रदेश माना जाने वाला राजस्थान उन्मादी हिंसा स्टेट के रूप में पहचाने जाने लगा

ऑनर किलिंग के खिलाफ विधेयक

  • राजस्थान विधानसभा में सोमवार को ऑनर किलिंग के खिलाफ विधेयक पारित हो गया। विधेयक में प्रावधान किया गया है कि प्रेमी जोड़ों को मारने पर दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिलेगी। विधेयक में खाप पंचायत को गैर कानूनी घोषित करने के साथ ही इसमें शामिल होने वाले लोगों को पांच साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
  • प्रेमी जोड़ों को विवाह करने के बाद परेशान करने वालों के लिए भी सजा का प्रावधान किया गया है।

कैदियों को वोट देने का अधिकार नहीं : चुनाव आयोग

  • चुनाव आयोग ने सोमवार को हाई कोर्ट को बताया कि जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत कैदियों को मतदान का अधिकार नहीं है और सुप्रीम कोर्ट ने इसे बरकरार रखा है । चुनाव आयोग ने कहा कि वोट देने के हक को जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 62 के तहत वैधानिक अधिकार बनाया गया है और कानून के तहत वोट के अधिकार को वैधानिक अधिकार बनाने की व्याख्या जनप्रतिनिधित्व कानून में शर्तों के अंतर्गत है।
  • चुनाव आयोग ने कैदियों के वोटिंग के अधिकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 1997 के फैसले का हवाला दिया। चुनाव आयोग ने जस्टिस डी एन पटेल और जस्टिस सी हरि शंकर की बेंच के सामने हलफनामे में यह कहा है। कानून के तीन स्टूडेंट्स ने एक याचिका दायर कर मांग की थी कि देश भर की जेलों में बंद सभी लोगों को मतदान का अधिकार दिया जाए।

सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019

  • किराये की कोख (सरोगेसी) के धंधे पर रोक लगाने वाले विधेयक को लोकसभा ने सोमवार को मंजूरी दे दी। सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019 में देश में सरोगेसी के दुरुपयोग रोकने और नि:संतान दंपतियों को संतान का सुख दिलाना सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। विपक्ष के संशोधनों को खारिज कर सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
  • लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा, विधेयक से सरोगेसी के कारोबार पर लगाम लगेगी और महिलाओं का उत्पीड़न रुकेगा। उन्होंने कहा कि जापान, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड और जर्मनी समेत कई देशों में व्यावसायिक सरोगेसी प्रतिबंधित है, केवल यूक्रेन, रूस व अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत में यह वैध है।
  • मंत्री ने कहा कि विधेयक में भारत में सरोगेसी पर प्रभावी तरीके से विनियमन का प्रावधान है। इसके तहत राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सरोगेसी बोर्ड के गठन का प्रस्ताव है।

विधेयक के प्रावधान

  • संतान चाहने वाली महिला की उम्र 23 से 50 वर्ष और पुरुष की उम्र 26 से 55 वर्ष के बीच होना जरूरी।
  • दंपती की शादी के कम से कम पांच वर्ष होना अनिवार्य और सरोगेसी के लिए भारत का नागरिक होना चाहिए ।
  • जिस महिला को सरोगेट मां बनाया जाएगा, उसका भारतीय नागरिक और संतान पाने वाले दंपती का करीबी रिश्तेदार होना जरूरी।
  • सरोगेट मां की उम्र 25 से 35 वर्ष होना जरूरी। सरोगेट मां का शोषण रोकने व सरोगेट बच्चों के अधिकार तय करने का प्रावधान।
  • सरोगेसी के लिए मानव भ्रूण की बिक्री पर 10 साल की सजा और अधिकतम 10 लाख रुपये का जुर्माना।
  • सरोगेसी सेवा देने वाले हर क्लीनिक के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य।

:: आर्थिक समाचार ::

भ्रामक विज्ञापन

  • विज्ञापन नियामक भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) ने मई में 132 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतें सही पाया है। टेटली ग्रीन टी, टैंग और आईफोन एक्सएस समेत कई अन्य कंपनियों के विज्ञापन भ्रामक पाए गए।
  • एएससीआई ने कहा कि मई में उसे 231 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतें मिली। इसमें से 67 को खारिज कर दिया गया। एएससीआई के तहत स्वतंत्र तौर पर काम करने वाली उपभोक्ता शिकायत परिषद (सीसीसी) ने 164 विज्ञापनों का विश्लेषण किया और उनमें से 132 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतों को सही पाया गया। इसमें 69 शिकायतें शिक्षा क्षेत्र, 41 स्वास्थ्य क्षेत्र के बारे में, दो सौंदर्य प्रसाधन, चार खाद्य एवं पेय और 16 अन्य श्रेणियों के विज्ञापनों से जुड़ी हैं। एएससीआई ने अपनी रिपोर्ट में संतूर एलो फ्रेश साबुन, एपल के आइफोन एक्सएस और अन्य कई अन्य विज्ञापनों को भ्रामक पाया है।
  • मॉन्डलेज इंडिया के प्रोडक्ट टैंग के विज्ञापन में दावा किया गया है कि बच्चों को आठ गिलास पानी पीना चाहिए जो एक मुश्किल काम है, लेकिन टैंग से यह मुमकिन है। इस विज्ञापन से यह भ्रम फैलता है कि बच्चों को आठ गिलास टैंग पीना चाहिए। इसे लेकर एएससीआई ने चिंता जताई है कि यह विज्ञापन उत्पाद को पानी के विकल्प के तौर पर पेश करता है। अतः यह विज्ञापन भ्रामक है।
  • टाटा ग्लोबल बेवरेजेस की टेटली ग्रीन टी के प्रिंट विज्ञापन में दावा किया गया है एक ऊर्जावान जीवन जीने के लिए 10 में से 9 लोग ग्रीन टी पीना 'पसंद' करते हैं, जबकि इसी के टीवी विज्ञापन में पसंद करने की जगह 'परामर्श देने' शब्द का उपयोग किया गया है। यह विरोधाभास को दिखाता है। इसके अलावा विज्ञापन में अन्य ब्रांड उत्पादों के नमूने या उपभोक्ताओं के आंकड़े भी नहीं दिखाए गए हैं। इसके अलावा विज्ञापन से लगता है कि ऊर्जावान जीवन के लिए अकेला यह एक उत्पाद काफी है, जो भ्रामक है।

फ्री-वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस लॉन्च करेगी फ्लिपकार्ट

  • वॉलमार्ट की स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट भारत में वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस फ्लिपकार्ट वीडियोज लॉन्च करेगी। यूजर से कोई सब्सक्रिप्शन फीस नहीं ली जाएगी। यह प्लेटफॉर्म विज्ञापन से चलेगा। माना जा रहा है कि फ्लिपकार्ट यह कदम प्रतिद्वंद्वी कंपनी अमेजन को चुनौती देने के लिए उठाने जा रही है। अमेजन प्राइम जेफ बेजोस की कंपनी की स्ट्रीमिंग सर्विस है। वॉलमार्ट और अमेजन दोनों ही अमेरिकी कंपनी है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

स्टेम सेल

  • नेचर बायोटेक्नोलॉजी नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, लंदन स्थित कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने हार्ट फेल के उपचार में बड़ी सफलता हाथ लगने का दावा किया है। शोधकर्ताओं ने स्टेम सेल का प्रयोग कर हृदय के क्षतिग्रस्त भागों को ठीक करने में सफलता हासिल की है।
  • शोधकर्ताओं ने चूहों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त हृदय का उपचार करने के लिए इंसानी हृदय के विभिन्न हिस्सों से ली गई दो प्रकार की स्टेम कोशिकाओं का प्रत्यारोपण किया। नतीजे चौंकाने वाले रहे। इस तकनीक की मदद से नष्ट हुई हृदय की मांसपेशियों और रक्त वाहिकाओं को पुनर्जीवित किया जा सकता है।
  • चिकित्सा विज्ञान में स्टेम सेल का उपयोग तेजी से किया जा रहा है, क्योंकि उनमें क्षतिग्रस्त या मृत ऊतकों को पुनर्जीवित करने की क्षमता होती है। ये कोशिकाएं हड्डी, मांसपेशियों, तंत्रिका, त्वचा, अंगों और शरीर के अन्य ऊतकों के आकार में विकसित हो सकती हैं।
  • संभावित रोगी जो एक दिन स्टेम सेल थेरेपी से लाभान्वित हो सकते हैं, उनमें रीढ़ की हड्डी में चोट,अल्जाइमर या पार्किंसंस रोग, स्ट्रोक, कैंसर और गठिया वाले लोग शामिल हैं।
  • अतीत में हृदय की मांसपेशियों की कोशिकाओं को इंसानी हृदय में प्रत्यारोपित करने की कोशिश विफल रही है, क्योंकि कोशिकाएं कुछ ही दिनों में मर गईं, लेकिन सहायक कोशिकाओं के जुड़ने से हृदय की कोशिकाओं को विकसित होने और परिपक्व होने में मदद मिली और नए ऊतक बने।

विश्व की एक-तिहाई आबादी पर तपेदिक यानी टीबी का खतरा

  • विश्व की एक-तिहाई आबादी पर तपेदिक यानी टीबी का खतरा मंडरा रहा है। एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह दावा किया है। यूरोपियन रेसपिरेटरी जर्नल में प्रकाशित हुए अध्ययन में बताया गया है कि विश्व में हर चार में से एक व्यक्ति के शरीर में टीबी का बैक्टीरिया मौजूद है। इसे क्षय रोग भी कहा जाता है। यह सबसे घातक संक्रामक रोग है। यह माइक्रोबैक्टीरियम ट्यूबरकोलोसिस नामक बैक्टीरिया से होता है, जिससे हर साल लगभग 10 मिलियन लगभग एक करोड़ लोग प्रभावित होते हैं।

हर साल 20 लाख लोगों की मौत

  • वैज्ञानिकों ने अपने नए अध्‍ययन में पाया है कि टीबी से हर साल लगभग दो मिलियन तकरीबन 20 लाख लोगों की मौत हो जाती है। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा है कि कई अन्य लोग भी इसके बैक्टीरिया से ग्रसित होते हैं, लेकिन उन्हें सक्रिय टीबी नहीं होती है। यह अध्ययन 3,51,811 लोगों पर किए गए परीक्षणों पर आधारित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने साल 2035 तक दुनिया से टीबी खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
  • डेनमार्क के आरहोस यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर क्रिश्चियन वेजसे ने कहा कि इस लक्ष्य को उन लोगों का इलाज किए बिना प्राप्त करना मुश्किल है, जिन्हें सक्रिय टीबी नहीं है। क्योंकि अगर शरीर में इसका बैक्टीरिया मौजूद है तो उस व्यक्ति को जीवन में कभी भी टीबी हो सकती है। इस अध्ययन में बताया गया है कि वर्तमान में दुनिया की लगभग एक-चौथाई आबादी निष्क्रिय टीबी की चपेट में है। इस अध्ययन के लिए डेनमार्क और स्वीडन के शोधकर्ताओं ने 36 देशों के 88 निष्क्रिय टीबी के मामलों के वैज्ञानिक अध्ययनों की समीक्षा की। अध्ययन से यह संकेत मिलता है कि इनमें से कई देशों की एक चौथाई आबादी निष्क्रिय टीबी की चपेट में है।

संक्रामक है टीबी

  • टीबी आम तौर पर फेफड़ों पर हमला करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य भागों को भी प्रभावित कर सकता हैं। जब टीवी ग्रसित व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है तो उसके साथ संक्रामक ड्रॉपलेट न्यूक्लिआइ उत्पन्न होता है जो कि हवा के माध्यम से किसी दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। ये ड्रॉपलेट न्यूक्लिआइ कई घंटों तक वातावरण में सक्रिय रहते हैं। इसलिए टीबी मरीजों को चाहिए कि वह जब भी खांसे तो कपड़े या रुमाल का प्रयोग करें।

टीबी के प्रकार

  • पल्मोनरी : अगर टीबी का जीवाणु फेफड़ों को संक्रमित करता है तो वह पल्मोनरी टीबी कहलाता है। टीबी का बैक्टीरिया 90 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में फेफड़ों को प्रभावित करता है। इसके मरीजों के सीने में दर्द और लंबे समय तक खांसी व बलगम जमा रहता है। लेकिन, लगभग 25 फीसद से ज्यादा मामलों में किसी भी तरह के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं।
  • एक्स्ट्रा पल्मोनरी : अगर टीबी का जीवाणु फेफड़ों की जगह शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित करता है तो इस प्रकार की टीबी एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी कहलाती है। एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी पल्मोनरी टीबी के साथ भी हो सकती है। अधिकतर मामलों में संक्रमण फेफड़ों से बाहर भी फैल जाता है और शरीर के दूसरे अंगों को प्रभावित करता है। जिसके कारण फेफड़ों के अलावा अन्य प्रकार के टीबी हो जाते हैं।

:: विविध ::

‘स्कोप कारपोरेट कम्युनिकेशन एक्सिलेंस पुरस्कार’

  • सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) को संकटपूर्ण स्थिति में संवाद और आंतरिक संवाद के क्षेत्र में उकृष्ट कार्यशैली के लिए स्कोप (स्टैंडिंग कान्फ्रेंस ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज़) द्वारा सम्मानित किया गया है। सेल को यह पुरस्कार स्कोप द्वारा आयोजित स्कोप कार्पोरेट कम्यूनिकेशन एक्सिलेंस अवार्ड - 2019 के पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान प्रदान किया गया।

हिनाको ने ब्रिटिश ओपन

  • जापान की गोल्फर हिनाको शिबुनो ने ब्रिटिश ओपन जीत लिया है। 20 साल की हिनाको का यह पहला मेजर खिताब है। हिनाको 1977 के बाद मेजर जीतने वाली जापान की दूसरी खिलाड़ी हैं।

मोऑबा ने फीफा ई-वर्ल्ड कप जीता

  • जर्मनी के ई-स्पोर्ट्स प्लेयर मोहम्मद मोऑबा हरकोस ने फीफा ई-वर्ल्ड कप जीत लिया। मोऑबा ने गत चैंपियन सऊदी अरब के मोसाद अलडोसारी को फाइनल में 3-2 से हराया। उन्होंने 1.8 करोड़ रुपए की प्राइज मनी जीती। फाइनल में मोऑबा और मोसाद के बीच एक्सबॉक्स वन का मैच 1-1 से ड्रॉ रहा। इसके बाद पीएस4 में मोऑबा ने मोसाद को 2-1 से हराया।

जोआन गेंपर ट्रॉफी

  • स्पेन के फुटबॉल क्लब बार्सिलोना ने इंग्लिश क्लब आर्सनल को 2-1 से हराकर 42वीं बार जोआन गेंपर ट्रॉफी जीती। बार्सिलोना अपने फाउंडिंग मेंबर और पूर्व अध्यक्ष जोआन गेंपर के सम्मान में इस मैच की मेजबानी करता है।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • किन दो एशियाई देशों के बीच ट्रेड वॉर के कारण व्यापारिक संबंध लगातार खराब होते जा रहे हैं? (जापान और दक्षिण कोरिया)
  • ट्रांसजेंडर के हितों की सुरक्षा हेतु संसद में कौन से विधेयक को मंजूरी प्रदान की गई? (उभयलिंगी या ट्रांसजेंडर व्यक्ति -अधिकारों की सुरक्षा विधेयक 2019)
  • अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जा रही सुनवाई में कितने न्यायाधीश शामिल है? (5)
  • हाल ही में किस राज्य में मॉब लिंचिंग को लेकर कानून बनाया गया है? (राजस्थान)
  • हाल ही में किस राज्य में ऑनर किलिंग को लेकर कानून बनाया गया है? (राजस्थान)
  • हाल ही में किस कंपनी के द्वारा मुक्त वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेस लॉन्च करने की घोषणा की गई है? (फ्लिपकार्ट)
  • किस कंपनी को स्कोप कार्पोरेट कम्यूनिकेशन एक्सिलेंस अवार्ड - 2019 प्रदान किया गया? (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड -सेल)
  • गोल्फ खेल का ब्रिटिश ओपन खिताब किस खिलाड़ी ने जीता? (हिनाको शिबुनो-जापान)
  • हाल ही में किस खिलाड़ी के द्वारा फीफा ई-वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया? (मोहम्मद मोऑबा हरकोस-जर्मनी)
  • हाल ही में किस फुटबॉल क्लब ने जोआन गेंपर ट्रॉफी जीती? (बार्सिलोना-स्पेन)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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