(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (05 जुलाई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (05 जुलाई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

आत्मनिर्भर भारत इनोवेशन ऐप इनोवेशन चैलेंज

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय ऐप्स के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन और उसका निर्माण करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया आत्म-निर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज का शुभारम्भ किया गया है।
  • इस योजना का उद्देश्य डिजिटल इंडिया के निर्माण की परिकल्पना को साकार करने और आत्म-निर्भर भारत के निर्माण में डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने में मदद करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

आत्मनिर्भर भारत इनोवेशन ऐप इनोवेशन चैलेंज

  • सरकार द्वारा भारतीय ऐप्स के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र और ऐप्स निर्माण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से अटल इनोवेशन मिशन - नीति आयोग, और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारतीय तकनीकी उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए डिजिटल इंडिया आत्म-निर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज को लांच किया गया है। यह 2 ट्रैकों में चलेगा: मौजूदा ऐप्स का संवर्द्धन और नए ऐप्स का विकास।

क्या है ट्रैक 1 ऐप इनोवेशन चैलेंज?

  • हाल ही में प्रारंभ किये गए ट्रैक 1 ऐप इनोवेशन चैलेंज का ध्यान उन सर्वश्रेष्ठ भारतीय ऐप की पहचान करने पर होगा जिनका पहले से ही नागरिकों द्वारा उपयोग किया जा रहा है और उनमें कुछ और सुधार की गुंजाइश है तथा वे अपनी श्रेणी में विश्व स्तर का ऐप बनने की क्षमता रखते हों।
  • लीडर बोर्ड पर ऐप दिखाने के लिए विभिन्न नकद पुरस्कारों और प्रोत्साहन के साथ यह इनोवेशन चैलेंज एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की कोशिश करेगा। मूल्यांकन के प्रमुख मापदंडों में उपयोग में आसानी (यूआई / यूएक्स),मजबूती,सुरक्षा और गोपनीयता शामिल होगी।
  • इसमें भारतीय उद्यमियों और स्टार्टअप को टेक समाधानों का निर्माण करने, वित्तपोषण करने और जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करेगा जो न केवल भारतीय लोगो को बल्कि दुनिया भर के लोगों के काम आएगा।
  • इस चैलेंज का मंत्र है ‘मेक इन इंडिया फॉर इंडिया एंड द वर्ल्ड’ यानी भारत सहित पूरी दुनिया के लिए भारत में निर्माण।
  • आत्म-निर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज ट्रैक 1 को 8 व्यापक श्रेणियों में लॉन्च किया जा रहा है:-कार्यालय उत्पादकता और घर से काम, सामाजिक नेटवर्किंग, ई-लर्निंग, मनोरंजन, स्वास्थ्य और तंदुरूस्ती, एग्रीटेक और फिन-टेक सहित व्यवसाय, समाचार और खेल

क्या है ट्रैक 2 ऐप इनोवेशन चैलेंज?

  • ट्रैक 1 ऐप इनोवेशन चैलेंज के बाद सरकार आत्म-निर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज के ट्रैक 2 को भी लॉन्च करेगी जो भारतीय स्टार्ट-अप / उद्यमियों / कंपनियों की पहचान करने का काम करेगा और उन्हें नए विचार लाने, उन्हें पोषित करने (इन्क्यूबेशन), उनकी प्रतिमूर्ति बनाने (प्रोटोटाइप) और उनके अनुप्रयोगों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह ट्रैक दीर्घकालिक समय तक चलेगा, जिसका विवरण अलग से प्रदान किया जाएगा।

फिट इंडिया अभियान

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री और खेल मंत्री ने स्कूली बच्चों के लिए फिट इंडिया अभियान के तहत “फिट है तो हिट है इंडिया” कार्यक्रम लॉन्च किया।

क्या है फिट इंडिया अभियान?

  • प्रधानमंत्री ने 29 अगस्त, 2019 को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम से फिट इंडिया अभियान की शुरुआत की थी।
  • इस अभियान का उद्देश्य लोगों को खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।
  • ‘फिट इंडिया’ अभियान स्वस्थ भारत की दिशा में काम करने का एक बेहतर प्रयास है। इस अभियान के अंतर्गत व्यक्ति और संगठन अपने साथ-साथ अन्य लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए विभिन्न प्रयास कर सकते हैं।
  • फिट इंडिया अभियान भारत के लिए इसलिए भी महत्त्व रखता है क्योंकि यह न सिर्फ संभावित बीमारियों से बल्कि उसके दुष्प्रभावों से भी व्यक्ति को बचाया जा सकता है।

फिट इंडिया की प्रमुख विशेषताएँ

  • इस अभियान में खेल मंत्रालय के साथ मानव संशाधन विकास मंत्रालय (MHRD) और पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्रालय मिलकर काम करेंगे और देश में फिटनेस के प्रति जागरुकता फैलाएंगे।
  • सरकार इस अभियान को करीब चार साल तक चलाएगी। फिटनेस को लेकर हर साल अलग-अलग विषयों पर अभियान चलाया जाएगा। पहले साल शारीरिक फिटनेस, दूसरे वर्ष खाने की आदत, तीसरे वर्ष पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली और अंतिम साल रोगों से दूर रहने के तरीकों के प्रति जागरूकता फैलाई जाएगी।
  • ‘फिट इंडिया’ अभियान के तहत केंद्र सरकार ने देशभर में 12500 आयुष केंद्र बनाने का भी लक्ष्य रखा है। आयुष और योग फिट इंडिया मुहिम के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। आज योग दुनिया को भारत के साथ जोड़ने का माध्यम बन रहा है।
  • एफ़एसएसएआई द्वारा चलाया जा रहा “ईट राइट इंडिया अभियान” देश भर में उपभोक्ताओं को सुरक्षित व पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक बनाकर फिट इंडिया अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

धन्वंतरि रथ

चर्चा में क्यों?

  • कोविड-19 महामारी के दौरान जहां कोविड स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है वहीं सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड के अलावा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है। इस संबंध में अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने धन्वंतरि रथ के माध्यम से एक अनूठी और अभिनव मिसाल कायम की गई है। धन्वंतरि रथ शहर में लोगों के घरों तक गैर-कोविड ​​आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाली मोबाइल मेडिकल वैन है।
  • शहर के कई बड़े अस्पताल कोविड- 19 के मरीजों के उपचार के लिए समर्पित हैं, इसलिए मधुमेह, रक्तचाप, हृदय रोग आदि से संबंधित गैर-कोविड आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं क्योंकि ज्यादातर अस्पतालों में ओपीडी बंद रहने से लोग इस समय अस्पताल भी नहीं जा पा रहे हैं।

धन्वंतरि रथ के बारे में

  • अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) द्वारा शुरू की गई पहल में ‘धन्वंतरि रथ’ के नाम से मोबाइल चिकित्सा वाहनों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है। इन चिकित्सा वाहनों में अहमदाबाद नगर निगम के शहरी स्वास्थ्य केंद्र के स्थानीय चिकित्सा अधिकारी के साथ आयुष चिकित्सक, चिकित्सा सहायक, और नर्सिंग स्टाफ होते हैं।
  • ये चिकित्सा वाहन शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और अहमदाबाद शहर में सभी लोगों को उनके घरों तक गैर-कोविड बीमारियों के लिए ​​आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में ओपीडी सेवाएं और चिकित्सा परामर्श प्रदान कर रही हैं।
  • इन मोबाइल चिकित्सा वाहनों में सभी जरूरी दवाएं होती हैं जिनमें आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं, विटामिन की खुराक और पल्स ऑक्सीमीटर के साथ बुनियादी परीक्षण उपकरण भी शामिल हैं। इन स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के अलावा, धन्वंतरि रथ ने कई वजहों से अस्पताल नहीं जा सकने वाले लोगों तक पहुंचकर उन लोगों की पहचान करने में मदद की जिन लोगों को आगे नैदानिक ​​उपचार या आईपीडी भर्ती की आवश्यकता थी। इसके साथ ही धन्वंतरि रथ ने यह सुनिश्चित किया कि वे समय रहते अस्पताल पहुंच सकें।

धर्म चक्र दिवस

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज धर्म चक्र दिवस के अवसर पर आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम को एक वीडियो के माध्यम से संबोधित किया। अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में 4 जुलाई, 2020 को आषाढ़ पूर्णिमा को धर्म चक्र दिवस के रूप मना रहा है।

धर्म चक्र दिवस के बारे में

  • इस दिन गौतम बुद्ध ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के रि​सीपत्तन जिसे वर्तमान में सारनाथ के नाम से जाना जाता है, अपने पांच तपस्वी शिष्यों को बौद्ध धर्म का पहला उपदेश दिया था। दुनिया भर में बौ्द्ध धर्म के अनुयायी इस दिवस को धर्म चक्र प्रवत्तन या "धर्म चक्र को गति देने" के दिन के रूप में भी मनाते हैं।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

ईस्टर्न कंटेनर टर्मिनल (ईसीटी) परियोजना

चर्चा में क्यों?

  • गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका भारत को एक और झटका देने की तैयारी कर रहा है। कोलंबो पोर्ट पर बनने वाली भारत की ईस्टर्न कंटेनर टर्मिनल (ईसीटी) परियोजना और जया कंटेनर टर्मिनल (जेसीटी) की समीक्षा के लिए राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने एक समिति का गठन किया है। पांच सदस्यों वाली इस कमेटी के प्रमुख शिपिंग मंत्रालय के सचिव एमएमपीके मायाडुने हैं।

पृष्ठभूमि

  • बता दें कि इस कंटेनर परियोजना को लेकर श्रीलंका के श्रमिक हड़ताल पर थे। देश के सबसे व्यस्ततम पोर्ट के कर्मियों के हड़ताल को लेकर प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने खुद दखल देकर हड़ताल खत्म करवाई थी। श्रमिकों की मांग थी कि ईस्टर्न कंटेनर टर्मिनल (ईसीटी) बनाने के लिए किसी विदेशी देश को मंजूरी न दी जाए।

ईस्टर्न कंटेनर टर्मिनल (ईसीटी) परियोजना के बारे में

  • बता दें कि पूर्ववर्ती सिरिसेना सरकार के कार्यकाल में ईस्टर्न कंटेनर टर्मिनल को विकसित करने के लिए भारत और जापान के साथ सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। इस परियोजना को भारत और जापान चीन की मदद से विकसित हुए कोलंबो इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल (सीआईसीटी) के पास बनाने जा रहे थे। बता दें कि ईसीटी परियोजना को लेकर अभी औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुआ था।

ईरान का नतांज परमाणु केंद्र

चर्चा में क्यों?

  • इजरायल ने जोरदार साइबर हमला करके ईरान के परमाणु ठिकाने को बर्बाद कर दिया है। एक धमाका जहां यूरेनियम संवर्धन केंद्र में हुआ है वहीं दूसरा विस्फोट मिसाइल निर्माण केंद्र में हुआ। कुवैती अखबार अल जरीदा की रिपोर्ट के मुताबिक इन हमलों को पिछले दिनों अंजाम दिया गया। उधर, ईरान ने साइबर हमलों को अंजाम देने वाले देश के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।
  • इजरायल के साइबर हमले से ईरान के नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र में आग लग गई और जोरदार विस्फोट हुआ। यह पूरा केंद्र जमीन के अंदर बनाया गया था। इजरायली हमले से ईरान का परमाणु कार्यक्रम लगभग दो महीने पीछे चला गया है। नतांज राजधानी तेहरान से 250 किमी दूर दक्षिण में स्थित है। हवाई हमलों से सुरक्षा के मद्देनजर इस पूरे केंद्र को जमीन से 25 फुट नीचे बनाया गया है। यहां पर एक लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में ईधन संवर्धन केंद्र भी है।
  • 26 जून को इजरायल के एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट ने पर्चिन इलाके में स्थित एक ईरान ठिकाने पर धावा बोला और कई बम गिराए थे। माना जाता है कि यह मिसाइल उत्पादन केंद्र था।

पृष्ठभूमि

  • दरअसल, इजरायल का कहना है की ईरान अपने हथियार और मिसाइलें लगातार उन्नत बना रहा है और वह इसे यहूदियों के विरोधी हिज्बुल्ला को सप्लाइ कर रहा है। बता दें कि इन दोनों ही हमलों की इजरायल ने पुष्टि नहीं की है। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि ईरान ने अप्रैल महीने में इजरायल के पानी की सप्लाई को हैक करने की कोशिश की थी। ईरान के इस हमले को इजरायल के साइबर डिफेंस ने असफल कर दिया था। अगर ईरान अपने इस प्रयास में सफल हो जाता तो वह पानी के अंदर क्लोरीन की मात्रा खतरनाक स्तर तक बढ़ा सकने में सक्षम हो जाता। इससे पूरे देश में पानी का संकट भी खड़ा हो जाता।

पश्चिम एशिया शान्ति योजना

चर्चा में क्यों?

  • विश्व के पूर्व नेताओं के एक समूह ने यूरोपीय नेताओं से अपील की कि वे वेस्ट बैंक के हिस्सों को मिलाने की योजना के खिलाफ इजरायल पर दबाव बनाते रहें। बता दें कि इजरायल ने एक जुलाई को क्षेत्र को मिलाने के लिए कार्रवाई करने का एलान किया था, लेकिन बाद में वह अपनी इस योजना से पीछे हट गया था।
  • नेल्सन मंडेला द्वारा 2007 में स्थापित 'द एल्डर्स' ने फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के नेताओं को लिखे पत्रों में कहा है कि उन्हें इजरायल से कहना चाहिए कि वेस्ट बैंक के हिस्सों को मिलाने के द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय संबंधों पर नकारात्मक राजनीतिक एवं आर्थिक असर होंगे।

पृष्ठभूमि

  • इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने समायोजन की प्रक्रिया को शुरू करने का लक्ष्य रखा था और कहा था कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पश्चिम एशिया योजना के अनुरूप वेस्ट बैंक क्षेत्र का समायोजन शुरू करना चाहते हैं।

क्या है पश्चिम एशिया शान्ति योजना?

  • इजराइल और फिलिस्तीनियों के बीच स्थगित वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा पश्चिम एशिया के लिए एक शान्ति योजना (West Asia Peace Plan) घोषित की गयी थी।
  • जिसमें एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश के निर्माण और पश्चिम तट की बस्तियों पर इजराइल की सम्प्रभुता स्थापित करने की बात काही गयी थी।
  • इस योजना में यह भी कहा गया था कि यदि फिलिस्तीनी इससे सहमत होता है तो अमेरिका दस वर्षों में इस शांति एवं पुनर्निर्माण प्रक्रिया के लिए 50 मिलियन डॉलर का निवेश करेगा।

ब्रिटेन देगा हांगकांग के 30 लाख लोगों को नागरिकता

  • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने तो हांगकांग के 30 लाख लोगों को अपने देश की नागरिकता देने की पेशकश कर दी। ब्रिटेन के इस तरह के प्रस्ताव के बाद चीन भड़क गया। नागरिकता की पेशकश पर चीन ने ब्रिटेन को धमकी देते हुए कहा है कि वह भी इस तरह के कदम उठा सकता है।

पृष्ठभूमि

  • हांगकांग में चीन का नया कानून लागू होने के बाद वहां विरोध प्रदर्शन और भी बढ़ गए हैं। वैसे हांगकांग के लोग इससे पहले से चीन के कानून का विरोध प्रदर्शन कर रहे थे मगर कोरोनावायरस संक्रमण फैलने के बाद विरोध शांत हो गया। इस बीच सभी अपने घरों में लॉकडाउन हो गए।
  • अब जब लॉकडाउन हटा तो सरकार ने फिर से वहां पर इस कानून को लागू कर दिया। कानून लागू कर दिए जाने के बाद से हांगकांग में विरोध प्रदर्शन और भी बढ़ गया है। अब जब दुनिया के बाकी देशों के हांगकांग के लोगों पर हो रहे अत्याचार का पता चला तो उनकी ओर से भी प्रतिक्रियाएं दी गई।

:: अर्थव्यवस्था ::

सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम-2018

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में भारतीय जनसंख्या आयोग के रजिस्ट्रार जनरल की ओर तैयार किए गए सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम-2018 के आकड़ें जारी किये गए।

सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम-2018 से जुड़ें तथ्य

  • सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम-2018 के अनुसार, भारत की आधी से ज्यादा आबादी की उम्र 25 वर्ष या इससे अधिक है। इसके विपरीत 25 साल से कम उम्र की आबादी 46.9 फीसद है।
  • देश में 25 साल से कम उम्र की पुरुष आबादी 47.4 जबकि महिला आबादी 46.3 फीसद है। हालांकि, इस आयुवर्ग में बिहार, उत्तर प्रदेश और केरल की आबादी राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है।
  • बिहार में 25 वर्ष से कम उम्र की आबादी 57.2 फीसद है, जबकि वहां प्रजनन दर सबसे ज्यादा 3.2 फीसद है। उत्तर प्रदेश में 25 साल से कम उम्र की आबादी 52.7 फीसद है, जबकि प्रजनन दर के मामले में दूसरे स्थान पर है। वहां प्रजनन दर 2.9 फीसद है। 1.7 फीसद के साथ प्रजनन दर के मामले में केरल तीसरे स्थान पर है, जहां 25 साल से कम की आबादी 37.4 फीसद है। प्रजनन दर का निर्धारण किसी राज्य में प्रति महिला बच्चों के औसत के आधार पर किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के मुकाबले शहरी क्षेत्र में प्रजनन दर कम होने के कारण वहां 25 साल से कम उम्र की आबादी भी कम है।
  • जन्मदर के मामले में बिहार सबसे आगे है। वहां की जन्मदर 26.2 फीसद है, जबकि 11.2 फीसद के साथ अंडमान-निकोबार सबसे निचले पायदान पर है। इसके विपरीत छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा आठ फीसद मृत्युदर है, जबकि सबसे कम दिल्ली में 3.3 फीसद है। जन्मदर का आंकलन प्रति हजार आबादी पर किया जाता है। भारत में मृत्युदर में काफी कमी आई है। वर्ष 1971 में जहां भारत में मृत्युदर 14.9 फीसद थी, वहीं वर्ष 2018 में घटकर 6.2 फीसद पर आ गई है।

चंबल एक्सप्रेसवे

चर्चा में क्यों?

  • 8,250 करोड़ रुपये का चंबल एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के दूरदराज के इलाकों के गरीबों और आदिवासियों के लिए पासा पलटने वाला साबित हो सकता है। विशेषरूप चंबल क्षेत्र के लिए जो देश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में आता है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इन राज्यों से कहा कि वे इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और कर राहत के कार्यों में तेजी लाएं।

चंबल एक्सप्रेसवे परियोजना के बारे में

  • केंद्र सरकार के भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश के मुरैना से राजस्थान के कोटा तक 352 किलोमीटर लंबे चंबल एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रस्तावित है। इस प्रोजेक्ट के डीपीआर बनाने और जमीन अधिग्रहित करने की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की है। सड़क निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा। चंबल एक्सप्रेस-वे तीन राज्यों मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को आपस में जोड़ेगा। यह एक्सप्रेस-वे 8 लेन का होगा एवं इस एक्सप्रेस-वे का विस्तार चंबल नदी के किनारे होगा।
  • यह परियोजना स्वर्ण चतुर्भुज दिल्ली-कोलकाता गलियारे, उत्तर-दक्षिण गलियारे, पूर्व- पश्चिम गलियारे तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से संपर्क उपलब्ध कराएगी। करीब 404 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे कानपुर से कोटा तक मध्य प्रदेश के रास्ते वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगा और उसके बाद यह दिल्ली-मुंबई गलियारे से जुड़ेगा।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

प्रधानमंत्री द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान की समीक्षा

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत में कृषि अनुसंधान, विस्तार और शिक्षा की प्रगति की समीक्षा की है। समीक्षा बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, दोनों कृषि राज्य मंत्री शामिल रहे। इसके अलावा पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि, पशु पालन और डेयरी तथा मत्स्य पालन विभागों के सचिव भी उपस्थित रहे।
  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक एवं कृषि अनुसंधान एवं विस्तार विभाग में सचिवडॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने प्राथमिकताओं, प्रदर्शन और विभिन्न चुनौतियों से निपटने की तैयारियों पर प्रस्तुतीकरण दिया।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की उपलब्धियां

  • 2014 से अब तक आईसीएआर के विभिन्न केन्द्रों के अनुसंधान के आधार पर क्षेत्रीय फसलों (1434), बागवानी फसलों (462) और जलवायु आधारित (1121) प्रजातियों का विकास किया जा चुका है। कई तरह की मुश्किलें सहने में सक्षम प्रजातियों के विकास के लिए आणविक प्रजनन तकनीकों का उपयोग किया गया है। गेहूं की एचडी 3226 और टमाटर की अर्काबेड क्रमशः सात और चार बीमारियों के लिए प्रतिरोधी हैं।
  • अर्कविसेस, अर्कअलेषा और अर्कयोजी जैसे प्रसंस्करण गुणों के साथ व्यावसायिक प्रसंस्कृत प्रजातियों की जरूरतों को पूरा किया गया है। प्रधानमंत्री ने कृषि जलवायु क्षेत्र की विशेष आवश्यकताओं पर ध्यान केन्द्रित करते हुए प्रजातियों के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और किसानों को अच्छा रिटर्न सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन और विपणन सुविधाओं के विकास की जरूरत पर बल दिया।
  • गन्ने की एक प्रजाति करण-4 से चीनी की रिकवरी में बढ़ोतरी हुई है और इसने उत्तर प्रदेश में पारंपरिक रूप से पैदा होने वाली प्रजातियों की जगह ले ली है। प्रधानमंत्री ने गन्ना और अन्य फसलों से बायो एथेनॉल बढ़ाने के तरीके तलाशने की संभावनाओं को रेखांकित किया।
  • ‘कुपोषण मुक्त भारत’ को बढ़ावा देने प्रयास में ज्यादा आयरन, जिंक और प्रोटीन सामग्री से युक्त 70 जैव उर्वरक प्रजातियां विकसित की गई हैं। आयरन, पोटेशियम, विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडैंट्स से संपन्न अनार की ऐसी ही एक किस्म भगवा है।
  • कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से पोषण थाली और पोषण बागों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। 76 कृषि विज्ञान केन्द्रों और 450 मॉडल खेतों की भागीदारी के साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पायलट परियोजनाएं पूरी की गई हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को संतुलित खुराक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पोषण बागान बढ़ाने में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पोषण थाली में चावल, स्थानीय दाल, मौसमी फल, पत्तेदार हरी सब्जियां, कंद, अन्य सब्जियां, दूध एवं चीनी, गुड़ और तेल जैसे अन्य तत्व होते हैं। 2022 तक 100 न्यूट्री स्मार्ट ग्राम तैयार किए जाने हैं।

प्रधानंमत्री द्वारा दिए गए सुझाव

  • प्रधानंमत्री ने क्लस्टर आधारित रणनीति पर जैविक और प्राकृतिक कृषि प्रक्रियाओं को अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया। आईसीएआर ने भू-संदर्भित ऑर्गनिक कार्बन मैप ऑफ इंडिया विकसित किया है, 88 जैव नियंत्रक घटकों और 22 जैव उर्वरकों की पहचान की है जिससे जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
  • पीएम ने कृषि एवं सहायक क्षेत्रों में नवाचार और तकनीक का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए स्टार्ट-अप्स और कृषि उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों की मांग पर सूचना उपलब्ध कराने में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया।
  • उन्होंने निर्देश दिए कि चिह्नित समस्या के समाधान और टूल्स तथा उपकरणों की डिजाइन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए वर्ष में दो बार हैकॉथन का आयोजन किया जा सकता है, जिससे कृषि कामगारों में महिलाओं की बड़ी संख्या को देखते हुए खेती में काम के बोझ को कम किया जा सकता है।
  • उन्होंने सेहतमंद खुराक सुनिश्चित करने के लिए ज्वार, बाजरा, रागी और कई अन्य अनाज को शामिल करने के संबंध में जागरूकता फैलाने की जरूरत पर जोर दिया।
  • गरम हवाओं, सूखा, ठंडी हवाओं, भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी जलवायु संबंधी संकट के चलते भारी नुकसान होता है और कृषि आजीविका के लिए ये बड़ी चुनौती साबित होते हैं। ऐसे जलवायु संबंधी संकट के चलते होने वाले नुकसान से किसानों को बचाने के लिए एकीकृत कृषि प्रणालियां विकसित की गई हैं। किसानों द्वारा पीढ़ियों से पैदा की जा रही पारंपरिक किस्मों की सहनशीलता और अन्य गुणों की जांच की जा रही है।
  • पानी के इस्तेमाल में दक्षता बढाने के क्रम में प्रधानमंत्री ने जागरूकता और विस्तार कार्यक्रम कराए जाने की इच्छा प्रकट की।
  • मवेशियों, भेड़ और बकरियों की नई प्रजातियों के विकास में आईसीएआर के योगदान की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने कुत्तों और घोड़ों की स्वदेशी प्रजातियों पर अनुसंधान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने निर्देश दिया कि पैरों और मुंह से संबंधित बीमारियों के लिए टीकाकरण पर एक केन्द्रित अभियान पर जोर दिया।
  • प्रधानमंत्री ने पोषण मूल्य को समझने के लिए घास और स्थानीय चाराण फसलों पर अध्ययन की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने पौष्टिक औषधीय पदार्थों के व्यावसायिक प्रयोग की संभावनाओं को खंगालने के अलावा मृदा स्वास्थ्य पर समुद्री खरपतवार नाशक के उपयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
  • आईसीएआर ने धान की फसल के बाद पराली जलाने की समस्या के समाधान के लिए पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में मैजिक सीडर पेश किया है। 2016 की तुलना में 2019 में पराली जलाने के मामलों में 52 प्रतिशत की कमी आई है।
  • पीएम ने निर्देश दिए कि कृषि उपकरणों की पहुंच आसान बनाई जानी चाहिए और खेत से बाजार तक के लिए ढुलाई सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस संबंध में कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग ने ‘किसानरथ’ ऐप पेश किया है।
  • प्रधानमंत्री ने किसानों की मांग पूरी करने के लिए कृषि शिक्षा और कृषि जलवायु आवश्यकता पर आधारित अनुसंधान की आवश्यकता को रेखांकित किया। सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथही अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।
  • प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारतीय किसानों के पारम्परिक ज्ञान को तकनीक और युवाओं के कौशल का लाभ मिलना चाहिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव लाने के लिए भारतीय कृषि की पूरी संभावनाओं के दोहन के लिए कृषि स्नातकों का भी समर्थन मिलना चाहिए।

‘साइंस थ्रू माई आईज’ (मेरी आँखों से विज्ञान)

  • भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) एवं विज्ञान और इंजीनियरी अनुसंधान बोर्ड ( SERB) द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का विषय ‘साइंस थ्रू माई आईज’ (मेरी आँखों से विज्ञान) है
  • अपने आसपास घटित होने वाली घटनाओं के पीछे कारणों को जानने के लिए अगर आप जिज्ञासु दृष्टिकोण रखते हैं तो एक नया अवसर आपके लिए उपयोगी हो सकता है। ऐसी ही किसी घटना से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को फोटो/पेंटिंग या फिर एक मिनट की अवधि की फिल्म के रूप में आप एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए भेज सकते है। भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) एवं विज्ञान और इंजीनियरी अनुसंधान बोर्ड (SERB) द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का विषय ‘साइंस थ्रू माई आईज’ (मेरी आँखों से विज्ञान) है।

सोशल मीडिया ऐप 'Elyments'

चर्चा में क्यों?

  • 5 जुलाई को देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू पहले देसी सोशल मीडिया ऐप अलाइमेंट्स (Elyments) को लॉन्च करने जा रहे हैं। भारत में बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक सोशल मीडिया यूजर की संख्या देश में 50 करोड़ से भी ज्यादा है। इसके बावजूद सोशल मीडिया के बाजार में विदेश कंपनियों का बोलबाला है। सोशल मीडिया पर डेटा प्रिवेसी को लेकर अकसर सवाल उठते रहे हैं। इस मामले में विदेश कंपनियां फेल दिखाई देती हैं।

सोशल मीडिया ऐप 'Elyments' के बारे में

  • अलाइमेंट्स सोशल मीडिया ऐप में प्रमुख तौर पर डेटा प्रिवेसी को आगे रखा गया है। बताया जा रहा है कि Elyments ऐप में यूजर का डेटा सुरक्षित रहेगा और बिना अनुमति को कोई तीसरी पार्टी नहीं ले सकेगी। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर अब भी मौजूद है औऱ लाखों लोग डाउनलोड कर चुके हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक लॉन्चिंग नहीं हुई थी जो कि कल होने जा रही है। यह ऐप 8 भाषाओं में उपलब्ध होगा और इसमें ऑडियो-विडियो कॉलिंग की भी सुविधा दी जाएगी।

:: विविध ::

‘इट्स बिटवीन यू’ अभियान

  • वॉट्सऐप ने भारत में अपना ब्रांड अभियान ‘ इट्स बिटवीन यू ’ शुरू किया है। कंपनी ने कहा है कि इस अभियान के जरिये वह बताएगी कि भारतीय एक-दूसरे के संपर्क में रहने के लिए किस तरह सुरक्षित तरीके से फेसबुक के स्वामित्व वाले मंच का इस्तेमाल करते हैं। इस अभियान के लिए वॉट्सऐप ने बॉलीवुड निदेशक गौरी शिंदे और विज्ञापन एजेंसी बीबीडीओ इंडिया की सेवाएं ली हैं।
  • इसके तहत वॉट्सऐप दो विज्ञापन बनाएगी जिसमें दिखाया जाएगा कि कैसे उसके संदेश भेजने, वीडियो कॉल करने या वॉयस संदेश भेजने के फीचर्स लोगों को एक-दूसरे से जोड़ते हैं। भारत में वॉट्सऐप के प्रयोगकर्ताओं की संख्या 40 करोड़ से अधिक है और यह उसके सबसे बड़े बाजारों में से है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में भारत सरकार के द्वारा नागरिकों के उपयोग में लाए जाने वाले सर्वश्रेष्ठ भारतीय एप्स की पहचान हेतु किस चैलेंज को लांच किया गया है? (आत्मनिर्भर भारत इनोवेशन ऐपइनोवेशन चैलेंज)
  • हाल ही में परियोजना की समीक्षा से चर्चा में रहे भारत द्वारा बनाए जा रहे हैं ईस्टर्न कंटेनर टर्मिनल (ईसीटी) परियोजना और जया कंटेनर टर्मिनल (जेसीटी) का निर्माण कहां किया जा रहा है? (श्रीलंका)
  • हाल ही में सरकार द्वारा द्वारा फिट इंडिया अभियान के तहत स्कूली बच्चों के लिए कौन सा अभियान चलाया है एवं फिट इंडिया अभियान की शुरुआत कब की गई थी? (फिट है तो हिट है इंडिया, 2019)
  • देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू द्वारा लॉन्च किये जाने की घोषणा से चर्चा में रही अलाइमेंट्स- Elyments की है? (भारत में बनी पहली सोशल मीडिया सुपर एप)
  • नितिन गडकरी द्वारा राज्यों को भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और कर राहत के कार्यों में तेजी लाने से चर्चा में रही ‘चंबल एक्सप्रेसवे’ किन स्थानों को आपस में आपस में जोड़ेगी? (भिंड को कोटा से)
  • प्रधानमंत्री द्वारा कृषि अनुसंधान और कृषि शिक्षा की समीक्षा से चर्चा में रहे रोग प्रतिरोधी प्रजाति HD 3226 और अर्कअबेद (ArkAbed) क्रमशः किन फसलों की प्रजाति है? (क्रमशः गेहूं और टमाटर)
  • प्रधानमंत्री द्वारा कृषि अनुसंधान और कृषि शिक्षा की समीक्षा से चर्चा में रहे करण-4 (Karan - 4) किस फसल की प्रजाति है? (गन्ना)
  • प्रधानमंत्री द्वारा कृषि अनुसंधान और कृषि शिक्षा की समीक्षा से चर्चा में रहे आयरन, पोटैशियम, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से युक्त ‘भगवा-Bhagwa’किस फल की प्रजाति है? (अनार)
  • कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों के घरों तक गैर-कोविड ​​आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने से चर्चा में रही मोबाइल मेडिकल वैन ‘धनवंतरी रथ’ किस शहर से संबंधित है? (अहमदाबाद)
  • हांगकांग में चीन के द्वारा विवादित कानूनों को लागू करने पर किस देश के द्वारा हांगकांग के 30 लाख लोगों को नागरिकता देने की पेशकश की गई है? (ब्रिटेन)
  • हाल ही में विस्फोट से चर्चा में रहे ‘नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र’ किस देश में अवस्थित है? (ईरान)
  • हाल ही में किस प्रौद्योगिकी कंपनी के द्वारा ब्रांड अभियान ‘इट्स बिटवीन यू’ चलाएं जाने की घोषणा की गई है? (वॉट्सऐप)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB