(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (04 नवम्बर 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (04 नवम्बर 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान

  • केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री श्रीपद येसो नाइक ने हैदराबाद के अरगड्डा में एजी कॉलोनी रोड पर केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (सीआरआईयूएम) से उन्नत त्वचा विकारों के लिए यूनानी चिकित्सा के राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान (एनआरआईयूएमएसडी) का उद्घाटन किया।
  • एनआरयूएमएसडी को सीसीआरयूएम के तहत केंद्रीय अनुसंधान संस्थान यूनानी चिकित्सा (सीआरआईयूएम) से एक प्रमुख संस्थान में अपग्रेड किया गया है।

भारतीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ)-2019

  • कोलकाता में 5 नवंबर को शुरू हो रहे चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ)-2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करेंगे। यह आईआईएसएफ का पांचवा संस्करण है, जिसका उद्घाटन कोलकाता के बिस्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और विभागों तथा विज्ञान भारती (विभा) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए जाने वाला यह वार्षिक आयोजन कोलकाता में 8 नवंबर तक चलेगा।
  • आईआईएसएफ-2019 भारत और दुनिया के दूसरे देशों के विद्यार्थियों, नवाचारी, शिल्पकारों, किसानों, वैज्ञानिकों तथा तकनीकविदों का समागम है, जिसमें ये सभी भारत की वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति का उत्सव मनाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के महोत्सव का मुख्य विषय ‘राइजेन इंडिया’ (राष्ट्र को सशक्त बनाता अनुसंधान, नवाचार और विज्ञान) रखा गया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के उद्देश्य से देशभर के विद्यार्थियों, अनुसंधानकर्ताओं, नवाचारियों, शिल्पकारों और आम लोगों को एक साथ लाने का संभवतः सबसे बड़ा मंच ‘आईआईएसएफ’ है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार

  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक विभाग है। इसे मई 1971 में देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने तथा वैज्ञानिक तथा तकनीकी गतिविधियों का आयोजन, समन्वय और प्रोत्साहन करने के लिए एक नोडल विभाग की भूमिका निभाने हेतु स्थापित किया गया था। यह भारत में विभिन्न स्वीकृत वैज्ञानिक परियोजनाओं को अनुदान प्रदान करता है। विभाग द्वारा भारत के विभिन्न शोधकर्ताओं को विदेशों में आयोजित सम्मेलनों में भाग लेने और प्रायोगिक कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है।

विज्ञान भारती

  • विज्ञान भारती (विभा),जिसे पहले ‘स्वदेशी विज्ञान आंदोलन’ के रूप में जाना जाता था। यह एक गैर लाभकारी संगठन है। यह भारत में आधुनिक प्रौद्योगिकी और प्राचीन विज्ञान के लोकप्रियकरण तथा कार्यान्वयन का कार्य करता है। इसकी स्थापना भारतीय विज्ञान संस्थान के प्रख्यात वैज्ञानिकों द्वारा की गई थी, जिसका नेतृत्व प्रोफेसर के.आई. वासु ने किया था।

विज्ञान प्रसार

  • विज्ञान प्रसार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार का एक स्वायत्त संस्थान है। इसे बड़े पैमाने पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी का लोकप्रियकरण करने हेतु वर्ष 1989 में स्थापित किया गया था। विज्ञान प्रसार का उद्देश्य समाज में वैज्ञानिक और तर्कसंगत दृष्टिकोण को यथासंभव व्यापक रूप से बढ़ावा देना और प्रचार-प्रसार करना है। विज्ञान लोकप्रियकरण से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, समन्वय करना तथा लोगों में वैज्ञानिक स्वभाव को विकसित करना इसका मुख्य उद्देश्य है।
  • विज्ञान प्रसार द्वारा विभिन्न मीडिया, श्रव्य-दृश्य और प्रिंट एवं संचार के विभिन्न माध्यमों के सॉफ्टवेयर को विकसित किया जाता है। इसके द्वारा आमजन को वैज्ञानिक सिद्धांतों और व्यवहारों को समझने, उसकी सराहना करने और दैनिक जीवन में इसे उपयोग में लाने में सक्षम बनाया जाता है।

ऑड-ईवन व्यवस्था

  • खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके प्रदूषण के कारण दिल्ली में सोमवार(4/11/2019) से सम-विषम व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत सोमवार को दिल्ली में वही गाड़ियां चलेंगी जिनके नंबर के अंत में 0,2,4,6,8 आता है। नियम का उल्लंघन करने वालों पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • सम-विषम की व्यवस्था सुबह 8 से शाम 8 बजे तक लागू रहेगी। सम विषम से रविवार को छूट रहेगी। इस बार भी सम-विषम योजना से महिलाओं को छूट दी गई है। कोई भी गाड़ी जो महिला चला रही हो उसे सम-विषम से छूट मिलेगी, इसमें पुरुष सवारी नहीं होना चाहिए। महिला के साथ 12 साल तक का बच्चे को भी छूट मिलेगी। बाइक, इमरजेंसी सेवाओं की गाड़ियों जैसे एंबुलेंस, फायर बिग्रेड पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
  • राजधानी के 70 लाख दुपहिया वाहनों को भी छूट रहेगी। इस बार सीएनजी कारों को छूट नहीं दी गई है। इसके कारण सार्वजनिक वाहनों में भीड़ बढ़ जाएगी। सरकार ने दो हजार अतिरिक्त बसों की व्यवस्था का दावा किया है। इसके साथ मेट्रो के फेरे भी सम विषम के दौरान बढ़ाए जाएंगे।
  • दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार पहले भी दो बार सम-विषम योजना को लागू कर चुकी है। वर्ष 2016 में 1 से 15 जनवरी और 16 से 30 अप्रैल तक दो बार सम-विषम लागू किया गया था।

2022 तक बदलेगी मूल्यांकन प्रणाली

  • राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कहा है कि स्कूली शिक्षा में मौजूदा मूल्यांकन प्रणाली के 'हानिकारक प्रभाव' हैं और वह 2022 तक मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव के लिए जल्द दिशानिर्देश तैयार करने वाला है।
  • बता दें कि एचआरडी मंत्रालय अपनी नई शिक्षा नीति (एनईपी) को अंतिम स्वरूप देने की प्रक्रिया में है। उसने इसका अंतिम मसौदा भी प्रस्तावित किया है जिसमें बोर्ड परीक्षाओं की गड़बड़ि‍यों को हटाने की बात कही गई है। साथ ही सभी छात्रों को किसी भी दिए गए स्कूली वर्ष के दौरान दो अवसरों पर बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति होगी। बोर्ड परीक्षाओं को 'आसान' बनाया जाएगा।
  • एनसीईआरटी करीब 14 साल बाद राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा (एनसीएफ) की समीक्षा कर रहा है। वह यह नई रूपरेखा के साथ तालमेल में मूल्यांकन दिशानिर्देश तैयार करेगा। मसौदे 'मौजूदा मूल्यांकन प्रणाली के हानिकारक प्रभावों को हटाए जाने की बात कही गई है। मसौदे के मुताबिक, बोर्ड परीक्षाएं समग्र विकास को प्रोत्साहित करने वाली होंगी तथा छात्र खुद की रुचि के आधार पर कई विषयों में से पसंदीदा विषय का चयन कर पाएंगे और उसी में वे बोर्ड परीक्षा भी दे पाएंगे।'

1986 में बनी थी शिक्षा नीति

  • बता दें कि शिक्षा नीति को 1986 में बनाया गया था और 1992 में इसमें संशोधन किया गया। नई शिक्षा नीति बनाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के अपने चुनावी घोषणापत्र में भी संकल्प व्यक्त किया है। स्मृति ईरानी जब मानव संसाधन विकास मंत्री थीं तब भी पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी।

गुरु नानकदेव के 550वें प्रकाशोत्सव

  • सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानकदेव के 550वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में भारत सरकार 550 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करेगी। देश में 550 रुपए का पहला सिक्का होगा। कोलकाता टकसाल में बने इस सिक्के का वजन 35 ग्राम है जिसमें 50 फीसदी चांदी, 40 फीसदी ताम्बा, 5 फीसदी निकल और 5 फीसदी जस्ता होगा। सिक्कों का संग्रह और अध्ययन करने वाले बीकानेर के सुधीर लूणावत ने बताया कि 12 नवंबर को गुरुनानक जयंती पर ज़ारी होने वाले इस खास सिक्के के एक तरफ पंजाब स्थित गुरुद्वारा श्री बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी का चित्र होगा। इसके ऊपरी भाग पर देवनागरी में और नीचे अंग्रेजी में गुरु नानकदेव का 550वां प्रकाश पर्व लिखा होगा तो दूसरी तरफ अशोक स्तम्भ के नीचे रुपये के चिह्न साथ 550 लिखा होगा।
  • यह सिक्का कभी प्रचलन में नहीं आएगा और रिजर्व बैंक का इस सिक्के से कोई संबंध नहीं होगा। इसलिए यह सिक्का कोलकाता टकसाल के द्वारा अग्रिम बुकिंग के पश्चात वितरित किया जाएगा।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

'विजिलेंट ऐस एयर एक्सरसाइज'

  • अमेरिका और दक्षिण कोरिया इस वर्ष भी संयुक्त सैन्य अभ्यास नहीं करेंगे। उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर चल रहे कूटनीतिक प्रयास को बढ़ावा देने के लिए यह तय किया गया है। दोनों देशों ने गत वर्ष भी इसी कारण एयर ड्रिल नहीं किया था।
  • दोनों देशों ने 2015 में विजिलेंट ऐस ड्रिल की शुरआत की थी। 2017 के अभ्यास में रडार को चकमा देने में सक्षम लड़ाकू विमानों समेत 270 विमानों ने हिस्सा लिया था। परमाणु निरस्त्रीकरण का प्रयास पिछले साल शांति की राह पर आए उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर अमेरिका प्रयास कर रहा है।

मौलाना फजलुर रहमान

  • मौलवी से राजनेता बने पाकिस्तान के फायरब्रैंड लीडर मौलाना फजलुर रहमान ने पीएम इमरान खान के खिलाफ आंदोलन को लेकर सभी दलों की मीटिंग बुलाई। रविवार शाम को उनकी ओर से पीएम इमरान खान को इस्तीफे के लिए दी गई दो दिन की डेडलाइन खत्म हो गई। इसके बाद मौलाना ने आगे की रणनीति तैयार करने को सभी विपक्षी दलों की मीटिंग बुलाई है।
  • इस्लामाबाद की सड़कों पर हजारों समर्थकों के साथ डटे जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम फजल के नेता रहमान ने कहा कि वह एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे। पीएम इमरान खान के इस्तीफे पर अड़े फजलुर रहमान ने कहा, 'हम आगे बढ़ते रहेंगे और कभी बैकफुट पर नहीं आएंगे।' उन्होंने कहा कि इमरान खान के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।

निगरानी सेटेलाइट गाओफेन-7

  • चीन के उत्तरी हिस्से में स्थित ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से रविवार को उन्नत श्रेणी का निगरानी सेटेलाइट गाओफेन-7 लांच किया गया। इसकी खास और बड़ी बात यह है कि इसे धरती के किसी भी हिस्से की निगरानी करने में सक्षम बताया जा रहा है। हालांकि चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (सीएनएसए) का कहना है कि गाओफेन-7 का इस्तेमाल असैन्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किया जाएगा। यह भूमि सर्वेक्षण व मैपिंग और सांख्यिकीय जांच जैसे कार्यो में अहम भूमिका निभाएगा।
  • चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, गाओफेन-7 को अपने श्रेणी में सबसे उन्नत किस्म का सेटेलाइट माना जा रहा है। ऑप्टिकल फाइबर से लैस यह उपग्रह दूर अंतरिक्ष से पृथ्वी पर मौजूद चीजों की सटीक तस्वीर लेने में सक्षम है। उपग्रह गाओफेन-7 के साथ तीन और सेटेलाइट भी अंतरिक्ष में भेजे गए। इन उपग्रहों को भी वैज्ञानिक प्रयोग के उद्देश्य से भेजा गया है।

:: राजव्यवस्था और महत्वपूर्ण विधेयक ::

चिकित्सकीय उपकरण (सुरक्षा, प्रभावशीलता एवं नमोन्मेष) विधेयक, 2019

  • त्रुटिपूर्ण चिकित्सकीय उपकरणों और प्रतिरोपण के प्रतिकूल प्रभावों से पीड़ित मरीज सरकारी थिंक टैंक ‘नीति आयोग’ द्वारा प्रस्तावित नए नियामक ढांचे के तहत जल्द ही इन उपकरणों के विनिर्माताओं या उनका आयात करने वाली कंपनी से मुआवजा मांगने में सक्षम होंगे। अभी तक इस प्रकार का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है जिसके तहत त्रुटिपूर्ण प्रतिरोपण या चिकित्सकीय उपकरणों के कारण स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीज मुआवजा मांग सकें।
  • चिकित्सकीय उपकरण (सुरक्षा, प्रभावशीलता एवं नमोन्मेष) विधेयक, 2019 शीर्षक वाले मसौदा विधेयक को मंत्रालयों के बीच विचार-विमर्श के लिए रखा गया है। इस मसौदा विधेयक का मकसद स्थानीय रूप से निर्मित एवं आयातित चिकित्सकीय उपकरणों का नियमन करना है। इस मसौदा विधेयक में मरीजों पर प्रतिकूल असर डालने वाले त्रुटिपूर्ण चिकित्सकीय उपकरणों के विनिर्माताओं एवं आयातकों पर एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
  • इसमें सुझाव दिया गया है कि बिना लाइसेंस के बाजार में चिकित्सकीय उपकरण पेश करने और प्रस्तावित विधेयक के तहत निर्दिष्ट शर्तों का पालन नहीं करने पर तीन साल की कैद या 50 लाख रुपए जुर्माना या दोनों का प्रावधान होगा। प्रस्तावित विधेयक में कहा गया है, ‘‘इस कानून, नियमों या नियमन के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन के कारण प्रतिकूल रूप से प्रभावित होने वाले हर व्यक्ति को उस उपकरण के संदर्भ में उल्लंघन करने वाले विनिर्माता या अन्य आर्थिक परिचालक से मुआवजा मांगने का अधिकार होगा।’’
  • इस मसौदा विधेयक में चिकित्सकीय उपकरण क्षेत्र की निगरानी के लिए स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक के तहत पृथक नियामक का भी प्रस्ताव रखा गया है। मसौदा विधेयक में चिकित्सकीय उपकरणों को बाजार में लाने से पहले इनका राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण रजिस्टर में पंजीकरण कराने और उत्पाद के लेबल पर अद्वितीय पहचान संख्या (यूआईडी) प्रदर्शित किए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

20 महीने में बेचे गए 6128 करोड़ के चुनावी बॉन्ड

  • मार्च 2018 से अक्टूबर 2019 के बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने कम से कम 12,313 चुनावी बॉन्ड बेचे, जिनकी कुल कीमत 6,128 करोड़ रुपये है. देश में चुनावी बॉन्ड बेचने के लिए एसबीआई एकमात्र अधिकृत संस्था है.
  • एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने एक विश्लेषण के बाद इसका खुलासा किया है. एडीआर एक गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) है जो चुनावी और राजनीतिक सुधार के क्षेत्र में काम करती है.
  • 6,128 करोड़ रुपये में से सबसे अधिक बॉन्ड मुंबई (1880 करोड़ रुपये) में खरीदे गए. इसके बाद कोलकाता (1,440 करोड़), दिल्ली (919 करोड़) और हैदराबाद (838 करोड़) में सबसे अधिक बॉन्ड खरीदे गए. अन्य शहरों में कुल मिलाकर 1051 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे गए.
  • इस साल के शुरुआत में एक आरटीआई के जवाब में एसबीआई ने बताया था कि 3,622 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केवल दो महीने में बेचे गए थे. अप्रैल 2019 में जहां 2,256.37 करोड़ रुपये वहीं मई 2019 में 1,365.69 करोड़ रुपये के बॉन्ड बेचे गए थे.

चुनावी बॉन्ड

  • सरकार ने मार्च 2018 में राजनीतिक दलों को मिलने वाले नकद चंदे के विकल्प के तौर पर चुनावी बॉन्ड को पेश किया था. ये बॉन्ड 1,000 रुपये, 10,000 रुपये, 1,00,000 रुपये, 10,00,000 रुपये और 1,00,00,000 रुपये के मूल्य में उपलब्ध हैं.
  • इन बॉन्ड की बिक्री हर तिमाही में दस दिन के लिए की जाती है, जबकि लोकसभा चुनावों के लिए इसे एक महीने के लिए खोला जाता है. इसके अलावा इन बॉन्ड की बिक्री पर सरकार अपनी तरफ से कोई भी समय सीमा तय कर सकती है.
  • 20 महीने पहले शुरु किए गए ये बॉन्ड केवल पिछले 12 महीनों में ही बेचे गए. इन बॉन्ड्स को कोई भी भारतीय खरीद सकता है और किसी भी राजनीतिक दल खाते में जमा करा सकता है. इसके बाद इन बॉन्ड को 15 दिनों के अंदर भुनाना होता है.

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

अरामको

  • दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको वहां के शेयर बाजार में अगले महीने लिस्ट होगी। कंपनी ने रविवार को इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) का ऐलान किया। सऊदी के शेयर मार्केट रेग्युलेटर से इसकी मंजूरी मिल गई। कंपनी ने कहा कि आईपीओ के साइज और ऑफर प्राइस की जानकारी 9 नवंबर को दी जाएगी। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक अरामको 1.5 ट्रिलियन डॉलर (106 लाख करोड़ रुपए) से 2 ट्रिलियन डॉलर (141 लाख करोड़ रुपए) के वैल्यूएशन पर 1-2 फीसदी शेयर जारी कर सकती है।
  • 2 ट्रिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर 2% शेयर बेचे जाते हैं तो अरामको का आईपीओ 40 अरब डॉलर (2.83 लाख करोड़ रुपए) का होगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू होगा। पिछला रिकॉर्ड चीन की कंपनी अलीबाबा के नाम है। उसने 2014 में आईपीओ के जरिए 25 अरब डॉलर जुटाए थे।

अरामको किसी अन्य देश में 3% शेयर और जारी करेगी: रिपोर्ट

  • अरामको सऊदी अरब की सरकारी कंपनी है। वहां के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान कंपनी का वैल्यूएशन 2 ट्रिलियन डॉलर मान रहे हैं, लेकिन रॉयटर्स के मुताबिक बैंकर्स का आकलन 1.5 ट्रिलियन डॉलर का है। अरामको इतने वैल्यूएशन पर 2% शेयर बेचती है तो भी आईपीओ रिकॉर्ड 30 अरब डॉलर का होगा।

अरामको ने 2016 में पहली बार आईपीओ की योजना बताई थी

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक अरामको आईपीओ के दूसरे चरण में किसी अन्य देश के शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए 3 फीसदी शेयर और जारी करेगी। अगले साल की शुरुआत में इसके आसार हैं। अरामको ने 2016 में पहली बार आईपीओ की योजना के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन वैल्यूएशन बढ़ाने की कोशिशों और दूसरी वजहों से टलती रही।

अरामको का वैल्यूएशन एपल और माइक्रोसॉफ्ट से 1.5 गुना

  • अरामको मुनाफे में भी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी को पिछले साल 111 अरब डॉलर का प्रॉफिट हुआ था। यह एपल के सालाना मुनाफे से 50% ज्यादा है। 30 सितंबर को खत्म वित्त वर्ष में एपल को कुल 55.25 अरब डॉलर का फायदा हुआ। एपल का वित्त वर्ष सितंबर में खत्म होता है। एपल दुनिया की सबसे ज्यादा मुनाफे वाली लिस्टेड कंपनी है। अरामको को इस साल के पहले 9 महीनों (जनवरी-सितंबर) में ही 68 अरब डॉलर का प्रॉफिट हो चुका है। अरामको का मौजूदा वैल्यूएशन (1.5 ट्रिलियन डॉलर) एपल और माइक्रोसॉफ्ट से 1.5 गुना है। इन दोनों कंपनियों का मार्केट कैप 1-1 ट्रिलियन डॉलर है।

सऊदी अरब अर्थव्यवस्था की तेल पर निर्भरता कम करना चाहता है

  • दुनिया के कुल क्रूड उत्पादन का 10% अरामको करती है। 2016 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के पास 260.8 अरब बैरल का तेल भंडार था। अमेरिकी तेल कंपनी एक्सॉन मोबिल के पास सिर्फ 20 अरब बैरल का ऑयल रिजर्व था। एक्सॉन मोबिल दुनिया की सबसे बड़ी लिस्टेड तेल कंपनी है। 2018 में इसका मुनाफा 20.84 अरब डॉलर रहा था। सऊदी अरब अपनी अर्थव्यवस्था की तेल पर निर्भरता कम करना चाहता है, इसलिए तेल कंपनी में शेयर बेचकर दूसरे क्षेत्रों में पूंजी लगाने की योजना है।

अंतरराष्ट्रीय आयात एक्सपो (सीआईआईई)-चीन

  • चीन के दूसरे अंतरराष्ट्रीय आयात एक्सपो (सीआईआईई) में भारत " विशेष अतिथि देश " के रूप में शामिल होगा। यह एक्सपो पांच नवंबर से शंघाई में शुरू होगा। भारत की योजना फार्मा , आईटी और कृषि समेत अन्य उत्पादों के लिए जमीन तैयार करने की है।
  • इसका उद्देश्य है कि दुनिया भर के देशों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और चीन को अपना निर्यात बढ़ाने में सक्षम करना है। भारत 15 विशेष अतिथि देशों में से एक है। अन्य देशों में कंबोडिया , चेक गणराज्य , फ्रांस , यूनान , इटली , जमैका , जॉर्डन , कजाकिस्तान , मलेशिया , पेरू , रूस , थाइलैंड , उज्बेकिस्तान और जाम्बिया है।

सबका विश्वास (विरासत विवाद समाधान) योजना 2019

  • भारत सरकार की ओर से शुरू की गई सबका विश्वास (विरासत विवाद समाधान) योजना 2019 की मदद से मुकदमेबाजी में फंसे करीब चार लाख करोड़ रुपये के राजस्व की वसूली आसान हो जाएगी। वित्त मंत्रालय ने अप्रत्यक्ष करों के लंबित विवादों निपटारा करने के लिए यह बनाई है, जिसमें करदाताओं को बकाया राजस्व भुगतान के लिए आसान मौके दिए जा रहे हैं।
  • दरअसल, सामान्य कार्यप्रणाली के तहत इस मुकदमेबाजी को निपटाने में वर्षों लग जाएंगे। इसे देखते हुए वित्त मंत्रालय ने 1 सितंबर 2019 को सबका विश्वास (विरासत विवाद समाधान) योजना 2019 लागू की है। इसका लक्ष्य केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर निर्धारिती को अटके हुए विवादों को निपटाने का मौका देना है। वादियों के लिए बकाया राजस्व निपटान का यह बेहतरीन अवसर है।
  • विभाग के लिए भी यह योजना एक सुनहरा अवसर है, ताकि वह लंबित विवादों को खत्म कर जीएसटी प्रशासन पर ध्यान केंद्रित कर सके। इससे पहले लागू की गई दो अन्य योजनाओं कर विवाद समाधान योजना-1998 और स्वैच्छिक अनुपालन प्रोत्साहन योजना-2013 में छूट की सीमा बहुत सीमित थी। मौजूदा योजना में यह छूट मुख्य कर देय राशि पर करीब 70 फीसदी है। इसके अतिरिक्त शास्ति, ब्याज और मुकदमेबाजी से भी पूरी रियायत मिलती है।
  • इस योजना का दूसरा सबसे बड़ा आकर्षण इसका विस्तृत दायरा है, जिसमें विभाग के साथ किसी भी स्तर के विवादों और अदालत में लंबित मामलों का भी निपटारा किया जा सकता है। इसके अलावा कारण बताओ नोटिस, विभागीय जांच या ऑडिट में पकड़े गए प्रकरण भी योजना के दायरे मे आते हैं। करदाता अपनी पुरानी कर चोरी को भी घोषित कर सकता है, जिसे बिना किसी सवाल के स्वीकार्य किया जाएगा। यही कारण है कि इस योजना का समाधान काफी व्यापक है, जिसके दायरे में लगभग सभी तरह के अप्रत्यक्ष कर मामले आते हैं।
  • योजना का सबसे खास पहलू यह है कि इसमें संपत्ति या बकाए राजस्व की घोषणा करने वाले करदाता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। करदाता की ओर से की जाने वाली सभी कार्यवाही, देय राशि का भुगतान और विभाग के साथ संपर्क आदि पूरी तरह ऑनलाइन होंगे जिससे उत्पीड़न या शिकायत की आशंका नहीं रहेगी। योजना के तहत आवेदन काफी सरल है और इसे http://www.cbic-gst.gov.in पर लॉगिंन कर भरा जा सकता है। इस घोषणा पर विभाग के उच्च स्तर के अधिकारी विचार करते हैं, जिसमें सहायक आयुक्त या उसके ऊपर के अधिकारी शामिल होते हैं।
  • योजना के तहत खुलासा करने वाले करदाता के मामले का अधिकतम चार महीने में निपटारा हो जाएगा और उसे विमुक्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। योजना का लाभ उठाने वाले व्यापारी और उद्योग जगत को महज 30 फीसदी भुगतान से ही दंड, ब्याज और मुकदमेबाजी से छुटकारा मिल सकता है। सबसे ज्यादा लाभ उन छोटे कारोबारियों को मिलेगा जिनकी कम राशि मुकदमेबाजी में फंसी है, क्योंकि उनका अदालती खर्च ही 30 फीसदी कर से ज्यादा होगा। विभाग ज्यादा से ज्यादा लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचा रहा है। साथ ही किसी शंका के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1800-1200-232 पर कॉल कर सकते हैं।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना दिल्ली

  • रविवार को दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। रविवार को राजधानी का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) 1065 पर था। यह लाहौर के AQI (163) के सात गुना है।
  • दिल्ली और एनसीआर के हालात सोमवार को भी नहीं सुधरे हैं। आज भी स्तर आपतकालीन स्थिति वाला है। आज दिल्ली में AQI 600 पार है। वहीं नोएडा, गुरुग्राम की स्थिति भी ऐसी ही है। दिल्ली दुनिया में अभी भी टॉप पर है।
जगह AQI स्तर
दिल्ली 625 आपतकाल स्थिति
नोएडा 667 आपतकाल स्थिति
गुरुग्राम 737 आपतकाल स्थिति
  • राजधानी में हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ते ही जा रहे हैं। रविवार को हुआ स्मॉग नवंबर 2016 और नवंबर 2017 के मुकाबले भी ज्यादा रहा।एनसीआर में गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद के हालात भी अच्छे नहीं रहे। यहां भी प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक बना हुआ था।
  • प्रदूषण की जानकारी देनेवाली एयर विजुअल वेबसाइट (यूएस पैमाना) के मुताबिक, दिल्ली रविवार को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस लिस्ट में ढाका दूसरे नंबर पर था, लेकिन उसका AQI भी भारत से सात गुना कम रहा। यह साइट वर्ल्ड के 90 बड़े शहरों की हवा पर नजर रखती है। दोपहर 1.45 पर लाहौर ने ढाका को पीछे छोड़कर नंबर दो की पोजिशन पर कब्जा जमाया था लेकिन वह दिल्ली से पीछे ही रहा।
  • दिल्ली में इस समय प्रदूषण की बड़ी वजह पराली का धुआं है। द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टिट्यूट (TERI) की रिपोर्ट ने यह दावा किया है। इसके मुताबिक, पराली के पीरियड में दिल्ली को प्रदूषित करने में पराली के धुएं का योगदान 40% तक है। दूसरे नंबर पर इंडस्ट्री, फिर गाड़ियों से पैदा प्रदूषण है। टेरी ने यात्रा से बचने की सलाह दी है।
  • प्रदूषण से परेशान दिल्ली-एनसीआर के 40% लोग अब इलाके को छोड़ना चाहते हैं। ‘लोकल सर्कल’ के ऑनलाइन सर्वे में यह बात सामने आई। पिछले साल 35% लोगों ने प्रदूषण के कारण शहर छोड़ने की बात कही थी। सर्वे दिल्ली, नोएडा, गुड़गांव, गाजियाबाद और फरीदाबाद में 17 हजार लोगों पर किया गया। 44% ने माना कि प्रदूषण का सेहत पर काफी असर पड़ रहा है, 29% ने कहा कि डॉक्टर के पास जाने की जरूरत पड़ी है।

जनवरी से भारतीय जहाजों पर सिंगल यूज प्लास्टिक बैन

  • डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग (डीजीएस) ने जहाजों पर प्लास्टिक का उपयोग कम करने की दिशा में पहल की है। 1 जनवरी से भारतीय जहाजों पर कई प्रकार के सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, डीजीएस के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब भारतीय जल क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले विदेशी जहाजों को भी ऑनबोर्ड ऐसे उत्पादों के बारे में पूरा विवरण सरकार को देना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर हिरासत में भी लिया जा सकता है।
  • भारतीय जहाजों पर प्लास्टिक से बनी बोतलें ,बैग, ट्रे, कंटेनर, फूड पैकेजिंग फिल्म, फ्रीजर बैग, आईसक्रीम कंटनेर, हॉट ड्रिंक कप और शॉपिंग बैग का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, 10 लीटर तक के पानी का बोतल ले जाने की अनुमति दी गई है। चिप्स के पैकेट, सिंगल यूज प्लास्टिक से बनी प्लेट और बर्तनों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
  • अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह नियमित तौर पर सर्वेक्षण करे और यह सुनिश्चित करे कि 1 जनवरी तक किसी भी जहाज पर सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग या संग्रह नहीं हो। विदेशी जहाजों को भी अब अपने सभी सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पादों की जानकारी सरकार को देनी होगी। वे भारतीय जल सीमा में इन उत्पादों का उपयोग नहीं करेंगे। सिंगल यूज उत्पादों को भारतीय बंदरगाहों पर उतारने या उपयोग की अनुमति नहीं होगी।

पैरेट फिश (तोता मछली)

  • सफेद रेत वाले समुद्री तट दुनियाभर में पर्यटकों की पसंदीदा जगह हैं। इस श्रेणी के समुद्री तट अपने आप ही तैयार नहीं हुए, बल्कि इन्हें समुद्री जीव पैरेट फिश (तोता मछली) ने बनाया है। मछली की इस प्रजाति का मुंह तोते की तरह नुकीला होता है। इसी कारण इन्हें तोता मछली नाम से जाना जाता है।
  • पर्ल एक्वाकल्चर क्षेत्र के विख्यात वैज्ञानिक डॉ. अजय सोनकर के मुताबिक, पैरेट फिश मुख्य रूप से उन्हीं क्षेत्रों में पाई जाती हैं, जहां समुद्र तल में मूंगे के पहाड़ (कोरल रीफ) होते हैं। दुनिया में जितने भी सफेद रेत कण वाले समुद्री तट हैं, वे इसी मछली द्वारा बनाए गए हैं।
  • सुनामी की घटना के बाद अंडमान प्रशासन ने समुद्र तल में आए बदलाव का अध्ययन करने के लिए एक शोध दल बनाया और उस दौरान पता लगा कि कोई ऐसा समुद्री जीव है जो सीपों को मार रहा है।
  • बाद में समुद्र के अंदर कुछ स्थानों पर कैमरे का उपयोग किया गया तो पता लगा कि पैरेट फिश ही अपने स्वभाव के विपरीत इन सीपों की मृत्यु के लिए जिम्मेदार है। आम तौर पर पैरेट फिश सीपों से संबद्ध प्रजाति ही मानी जाती हैं और मूंगे के पहाड़ वाले स्थानों पर सीपों के संग ही पाई जाती हैं। पैरेट फिश के व्यवहार में आया यह परिवर्तन विचार करने योग्य था।
  • डॉ. अजय ने बताया कि पैरेट फिश मूंगे की सतह को खुरचकर गले में लेकर उसे पीसती हैं और सीप के कैल्शियम से बने सतह पर चिपके एल्गी को अलग कर उसे खा लेती हैं। शेष बचे हिस्से को अपने गलफड़े से बाहर निकाल देती हैं, जिसके कारण काफी समय के बाद सफेद रेत कण का समुद्री तट अस्तित्व में आ जाता है।
  • सुनामी के बाद समुद्र तल में जमे रेत कणों के ऊपर आने से मूंगे के पर्वत दब गए और पैरेट फिश के लिए भोजन का संकट हो गया। इस कारण उसने सीप के कैल्शियम कवच के ऊपर चिपके एल्गी को खाने के लिए इन सीपों को मारना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर एक पैरेट फिश साल भर में साढ़े चार से पांच किलोग्राम रेत पैदा करती हैं।

:: विविध ::

ICC टी-20 वर्ल्डकप 2020

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 7वें पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप 2020 का शेड्यूल जारी कर दिया है। पहली बार यह टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया में खेला जा रहा है। पांच हफ्ते चलने वाला यह टूर्नामेंट 18 अक्टूबर से 15 नवंबर 2020 तक खेला जाएगा।

डब्ल्यूटीए फाइनल्स

  • पहली बार साल के आखिरी टूर्नामेंट डब्ल्यूटीए फाइनल्स में खेलने वाली दुनिया की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी एशलघे बार्टी ने खिताब पर कब्जा कर लिया। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने फाइनल में गत चैंपियन यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना को 6-4,6-3 से मात दी।
  • टिमिया बाबोस और क्रिस्टिना म्लादेनोविच की जोड़ी ने सु वई और बारबोरा स्ट्राईकोवा की जोड़ी को 6-1,6-3 से हराकर युगल खिताब पर कब्जा किया।

सत्यपाल मलिक

  • सत्यपाल मलिक ने रविवार को गोवा के नए राज्यपाल के तौर पर शपथ ली। गोवा राजभवन में बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में त्वचा विकारों के लिए यूनानी चिकित्सा हेतु किस स्थान पर राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान (एनआरआईयूएमएसडी) का उद्घाटन किया गया? (हैदराबाद)
  • अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ)-2019 का उद्घाटन कहां किया जाएगा? (कोलकाता)
  • दिल्ली में इस वर्ष सम-विषम व्यवस्था को कब से लागू किया गया है? (4 नवंबर)
  • सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानकदेव के 550वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा कितने रुपए का स्मारक सिक्का जारी किया जाएगा? (550 रुपए)
  • हाल ही में सुर्खियों में रहे संयुक्त युद्धाभ्यास 'विजिलेंट ऐस एयर एक्सरसाइज' का आयोजन किन दो देशों के बीच किया जाता है? (अमेरिका और दक्षिण कोरिया)
  • हाल ही में चर्चा में रहे पाकिस्तानी नेता मौलाना फजलुर रहमान किस दल से संबंधित हैं? (जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम फजल)
  • हाल ही में किस देश के द्वारा उन्नत श्रेणी का निगरानी सेटेलाइट गाओफेन-7 लांच किया गया? (चीन)
  • भारत सरकार के द्वारा त्रुटिपूर्ण प्रतिरोपण या चिकित्सकीय उपकरणों के कारण स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को मुआवजा प्रदान करने हेतु कौन से विधेयक लाने की तैयारी चल रही है? (चिकित्सकीय उपकरण -सुरक्षा, प्रभावशीलता एवं नमोन्मेष विधेयक, 2019)
  • चुनावी बांड को बेचे जाने के संदर्भ में कौन सा शहर सबसे अव्वल रहा? (मुंबई)
  • हाल ही में अपने आईपीओ को बाजार में लाने की घोषणा करने वालों अरामको कंपनी किस देश से संबंधित है? (सऊदी अरब)
  • हाल ही में किस देश ने 15 देशों समेत भारत को अपने अंतराष्ट्रीय आयात एक्सपो में " विशेष अतिथि देश " की श्रेणी में निमंत्रण दिया है? (चीन)
  • भारत सरकार की ओर से शुरू की गई सबका विश्वास (विरासत विवाद समाधान) योजना 2019 किससे संबंधित है? (अप्रत्यक्ष करों के लंबित विवादों के निपटारे से)
  • डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग (डीजीएस) ने किस तिथि से भारतीय जहाजों पर सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है? (1 जनवरी 2020)
  • हाल ही में जारी अध्ययन के अनुसार सफेद रेत कण वाले समुद्री तट किस जीव के द्वारा बनाए गए हैं? (पैरेट फिश)
  • पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप 2020 का आयोजन कहां किया जाएगा? (ऑस्ट्रेलिया)
  • हाल ही में किस महिला खिलाड़ी ने डब्ल्यूटीए फाइनल्स का खिताब अपने नाम किया? (एशलघे बार्टी)
  • हाल ही में किसे गोवा के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति प्रदान की गई है? (सत्यपाल मलिक)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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