(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (04 जुलाई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (04 जुलाई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए)

चर्चा में क्यों?

  • सरकार कोविड-19 महामारी के मद्देनजर देश में कोविड-19 के नैदानिक ​​प्रबंधन के लिए जरूरी चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
  • इस संदर्भ में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएच एंड एफडब्ल्यू)ने जरूरी चिकित्सा उपकरणों की सूची बनाई है और देश में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) से अनुरोध किया है।

पृष्ठभूमि

  • सरकार उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर जीवन रक्षक दवाओं/उपकरणों की उपलब्धता के लिए प्रतिबद्ध है। सभी चिकित्सा उपकरणों को दवा के रूप में अधिसूचित किया गया है और इन्हें 1 अप्रैल, 2020 से ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम,1940 और दवा (मूल्य नियंत्रण आदेश) के नियामक व्यवस्था के तहत रखा गया है।
  • एनपीपीए ने जरूरी चिकित्सा उपकरणों की मूल्य वृद्धि पर नजर रखने के लिए डीपीसीओ, 2013 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए (i) पल्स ऑक्सीमीटर और (ii) ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के निर्माताओं / आयातकों से मूल्य संबंधित आंकड़ें मंगाए है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि 1 अप्रैल,2020 की मौजूदा कीमत में एक वर्ष में 10% से अधिक की बढ़ोतरी ना हो सके।

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण(एनपीपीए) क्या है?

  • राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) का गठन 29 अगस्त, 1997 को फार्मास्युटिकल विभाग (डीओपी), रसायन और उर्वरक मंत्रालय के एक संलग्न कार्यालय के रूप में दवाओं के मूल्य निर्धारण और सस्ती कीमतों पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र नियामक के रूप में भारत सरकार के संकल्प के साथ किया गया था|
  • एनपीपीए डीपीसीओ, 2013 की अनुसूची -1 के तहत अधिसूचित सभी ड्रग्स को उच्चतम मूल्य प्रदान करता है साथ ही इनकी और गैर-अनुसूचित दवाओं के लिए वार्षिक मूल्य वृद्धि पर नज़र रखता है।
  • इसने अब तक 856 निर्धारित योगों और 950 नई दवाओं को सीलिंग मूल्य दिया है।
  • फार्मा निर्माताओं से ऑनलाइन सूचना संग्रह के लिए एकीकृत सार्वजनिक डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली (IPDMS) लागू किया जा रहा है।

कार्य

  • दवा (कीमत नियंत्रण) आदेश के प्रावधनों का क्रियान्वयन करना।
  • दवाओं की उपलब्धता तथा कमी को चिन्हित करना।
  • दवाओं के उप्तादन, आयात, निर्यात, कंपनियों के मार्केट शेयर तथा लाभ को मॉनिटर करना।
  • दवाओं की कीमत के सन्दर्भ में अध्ययन इत्यादि करना।
  • दवा नीति में परिवर्तन अथवा संशोधन के लिए केंद्र सरकार को परामर्श प्रदान करना।

रक्षा खरीद परिषद

चर्चा में क्यों?

  • रक्षा खरीद परिषद ने भारतीय सैन्य बलों के लिए रक्षा सामान सहित मिग-29 और सुखोई लडाकू विमानों की खरीद को स्वीकृति दी है।
  • इसके तहत आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए विभिन्न प्लेटफार्मों के अंतर्गत 38 हजार 900 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।
  • उनमें भारतीय उद्योगों से 31 हजार 130 करोड़ रुपये तक की खरीद शामिल है।
  • भारतीय वायुसेना की लम्बे समय से महसूस की जा रही लड़ाकू दस्ते को बढ़ाने की आवश्यकता को पूरा करने के लिए परिषद ने 21 मिग-29 की खरीद के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
  • इसके अलावा मौजूदा 59 मिग-29 विमान के उन्नयन और 12 सुखोई-30 एमकेआई विमानों की खरीद को भी स्वीकृति दे दी गई है।

रक्षा खरीद परिषद

  • रक्षा खरीद परिषद, भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अग्रेषित पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों पर निर्णय लेने वाला रक्षा मंत्रालय का सर्वोच्च निर्णय निकाय है।
  • 1999 में कारगिल युद्ध के बाद 2001 में इस परिषद् का गठन किया गया था।
  • रक्षा खरीद परिषद की अध्यक्षता केन्द्रीय रक्षा मंत्री के द्वारा की जाती है।
  • उद्देश्य: रक्षा खरीद परिषद का उद्देश्य सशस्त्र बलों की अनुमोदित आवश्यकताओं की निर्धारित समय सीमा के अंदर और आवंटित बजटीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करके, शीघ्र खरीद सुनिश्चित करना है।
  • कार्य: यह दीर्घावधि खरीद योजनाओं के लिए नीतिगत दिशानिर्देश तैयार करता है। यह सभी प्रकार की रक्षा खरीद के लिए मंजूरी प्रदान करता जिसमें विदेशी आयात के साथ- साथ स्वदेश निर्मित रक्षा साजो सामान भी शामिल है।

नीमू-लद्दाख

चर्चा में क्यों?

  • चीन से बढ़ते खतरे को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी अचानक लद्दाख के नीमू पहुंच गए। चीन से बढ़ते तनाव के बीच उनका ये दौरा बेहद खास है। पीएम मोदी के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और थल सेनाध्‍‍‍यक्ष एमएम नरवाणे भी मौजूद थे।

नीमू के बारे में

  • लेह से 35 किमी दूर स्थित नीमू लिकिर तहसील के अंतर्गत आता है। नीमू में सेना का डिवीजनल हैडक्‍वार्टर है। यहां से ही सेना की गतिविधियों को अंजाम दिया जाता
  • इसके ही दक्षिण पूर्व में करीब 7 किमी दूर मेग्‍नेट हिल है जो यहां पर आने वाले पर्यटकों के लिए काफी खास है। गर्मियों में यहां का तापमान 40 डिग्री तक चला जाता है जबकि सर्दियों में यहां का तापमान -29 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। इस लिहाज से यहां पर किसी के लिए भी रहना काफी कठिन होता है। वर्ष 2010 में इस समूचे इलाके को बाढ़ का सामना करना पड़ा था। आपको बता दें कि नीमू समुद्र तल से 10300 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

अंतरराष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रियेक्टर (ITER)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में भारत के परियोजना प्रमुख द्वारा जानकारी दी गई है कि फ्रांस के कराहाश में तैयार किए जा रहे दुनिया के सबसे बड़े परमाणु संलयन रियेक्टर (ITER) में भारत ने अपने 50% योगदान को पूरा कर लिया है।

पृष्ठभूमि

  • भारत औपचारिक रूप से इस परियोजना में 2005 में शामिल हुआ था। भारत को इस परियोजना में क्रायोस्टेट, इन-वॉल शील्डिंग, कूलिंग वाटर सिस्टम, क्रायोजेनिक सिस्टम, हीटिंग सिस्टम, डायग्नोस्टिक न्यूट्रल बीम सिस्टम, बिजली की आपूर्ति के साथ कुछ डायग्नोस्टिक्स सिस्टम का निर्माण करना था।
  • पिछले महीने भारत के लार्सन एंड टूब्रो द्वारा निर्मित क्रायोस्टैट को सफलतापूर्वक रियेक्टर भवन में स्थापित कर दिया गया है। निम्नतापस्थापी या क्रायोस्टैट एक ऐसी युक्ति है जो अपने अन्दर रखी वस्तुओं का तापमान अत्यन्त कम बनाये रखने के लिये प्रयुक्त होती है। एलएंडटी द्वारा निर्मित क्रायोस्टैट रियेक्टर के वैक्यूम वेसल के चारो ओर अभेद कंटेनर बनाकर एक बहुत बड़े रेफ्रिजरेटर की तरह काम करता है।

क्या है आईटीईआर प्रोजेक्ट?

  • यह दुनिया की सबसे बड़ी शोध परियोजनाओं में एक है, जिसके तहत संलयन शक्ति के वैज्ञानिक और तकनीकी व्यवहार्यता पर काम किया जा रहा है। लिटिल सन के नाम से जाने वाले इस प्रोजेक्ट को इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटरल रिएक्टर यानी ITER कहा जाता है। ITER प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 2013 में फ्रांस के कराहाश में की गई थी जिसके लिए सभी सदस्य देशों ने इसके निर्माण में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई थी। इस परियोजना में भारत समेत सात सदस्य (अमेरिका, रूस, दक्षिण कोरिया, चीन, जापान, और यूरोपीय संघ) शामिल है।

परियोजना के लाभ

  • दरअसल परमाणु ऊर्जा दो तरह से हांसिल की जा सकती है। इनमें परमाणु के नाभिकों का विखंडन और परमाणु के नाभिकों के संलयन जैसे तरीके शामिल हैं।परमाणु नाभिकों के संलयन द्वारा प्राप्त उर्जा के जरिये उर्जा सुरक्षा के साथ पूरी दुनिया को परमाणु ऊर्जा के दुष्प्रभावों से बचाने में मददगार होगा। आज दुनिया में जितने भी परमाणु रिएक्टर मौजूद हैं इनसे कभी भी परमाणु दुर्घटना का खतरा समेत रिएक्टरों से निकलने वाला परमाणु कचरा से सैकड़ों सालों तक जहरीला विकिरण निकलता रहता है। जिसके निपटारे के लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं है। हालाँकि अब परमाणु संलयन तकनीक के आधार पर बन रहे ये परमाणु रिएक्टर सुरक्षित होंगे और उनसे कोई ऐसा परमाणु कचरा भी नहीं निकलेगा।
  • ये प्रोजेक्ट साल 2025 से काम करना शुरू कर देगा जो प्रदूषण रहित ऊर्जा स्रोतों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही इसके बाद 2040 तक एक डेमो रिएक्टर भी तैयार किया जाना प्रस्तावित है जो बिजली पैदा करने की बड़ी यूनिट होगी। भारत के लिहाज से भी काफी अहम क्योंकि भारत इस प्रोजेक्ट के जरिये 2050 तक परमाणु संलयन प्रक्रिया पर आधारित अपना रिएक्टर भी बना पाएगा।

डेनमार्क की प्रसिद्ध लिटल मरमेड की प्रतिमा

  • कोपेनहेगन में पर्यटन के सबसे बड़े आकर्षण का केंद्र हैन्स क्रिश्चियन एंडरसन की प्रख्यात लिटिल मरमेड प्रतिमा पर नस्लीय टिप्पणी लिखकर उसे विरूपित कर दिया गया है।5.4 फुट की कांसे की यह प्रतिमा एक बड़े पत्थर पर बनी हुई है जिस पर ‘‘रेसिस्ट फिश’’ टिप्पणी लिख दी गई है।

पृष्ठभूमि

  • गौरतलब है अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत के बाद दुनियाभर में दासता के प्रतीक वाली प्रतिमाओं को हटाने का सिलसिला चल पड़ा है।

लिटल मरमेड की प्रतिमा के बारे में

  • यह प्रतिमा डेनमार्क के कहानीकार एंडरसन को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाई गई थी। यह प्रतिमा लंबे समय से असामाजिक तत्वों के निशाने पर रही है।
  • यह प्रतिमा एक काल्पनिक समुद्री राजा की जलपरी बेटी पर आधारित है जो हैन्स क्रिश्चियन एंडरसन की कहानी के अनुसार एक राजकुमार के प्यार में पड़ जाती है और इंसानी रूप लेने की इच्छा रखती है।

क्या है सलामी स्लाइसिंग?

  • साल 2017 में जब चीन के साथ डोकलाम विवाद सुलझने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मिलने वाले थे। तब उस वक्त के तत्कालीन सेना प्रमुख बिपिन रावत ने चेतावनी देते सलामी स्लाइसिंग स्ट्रैटजी का जिक्र किया था। आज जब एक बार फिरे से दोनों देशों बीच सीमा विवाद के चलते तनाव चरम पर है, तो एक बार फिर से चीन की इस रणनीति के बारे में चर्चा होने लगी है। आखिर सलामी स्लाइसिंग स्ट्रैटजी है क्या, जिसके जरिए चीन हमेशा भारतीय जीमन पर कब्जा करने की फिराक में जुटा रहता है।
  • सलामी स्लाइसिंग रणनीति के तहत किसी भी काम को अगर टुकड़ों में बांट कर किया जाए, तो वह आसान हो जाता है। इसलिए कई मामलों में सलामी स्लाइसिंग का उपयोग किया जाता है। चीन भारत के खिलाफ इस रणनीति अपनाने की कोशिश में है, जिससे उसका मानना है कि इस नीति के तहत वह भारत को टुकड़ों में विभाजित कर अपना कब्जा जमा लेगा।

चीन भारत के साथ सीमा विवाद का हल ही नहीं चाहता

  • विदेशी मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के साथ सीमा विवाद को चीन कभी सुलझाना ही नहीं चाहता है। चीन की कोशिश हमेशा यही रही है कि वो भारत को डरा कर उसपर दबाव बनाए रखे। सलामी स्लाइसिंग एक तरह की टुकड़े-टुकड़े नीति है। इस नीति का इस्तेमाल कर चीन पहले किसी क्षेत्र में अपना दावा करता है, फिर वो लगातार अपनी बात दोहरता है। जब उसके इस कदम को लेकर विरोध होता है, तब वो खुलकर अपना रवैया जाहिर कर देता। कई जगहों पर उसने इसी नीति से विस्तार बढ़ाया है।
  • सलामी स्लाइसिंग को और आसान भाषा में समझने की कोशिश करें, तो कोई भी देश अपने पड़ोसी देशों के खिलाफ छोटे-छोटे सैन्य ऑपरेशन से धीरे-धीरे किसी बड़े इलाके पर अपना कब्जा जमाना शुरू करता है। ये ऑपरेशन इतने टुकड़ों में होते हैं कि इनसे किसी भी तरह के बड़े खतरे का अंदेशा नहीं होता है। मगर इस नीति से पड़ोसी देश यह समझ नहीं पाता है कि ऐसे सैन्य ऑपरेशन का कैसे और किस स्तर पर जवाब दिया जाए। चीन इसी नीति के जरिए पड़ोसी देशों की जमीन पर कब्जा जमाने की फिराक में जुटा रहता है।

1962 में भी चीन ने अपनाई यही रणनीति

  • साल 1962 में भी चीन ने कुछ इसी तरह की कोशिश की थी। पहले चीन ने हमला बोलते हुए भारतीय सीमाओं में सैकड़ों किलोमीटर तक घुसपैठ की। जब भारतीय सेना ने विरोध किया तो चीन ने पूर्वी क्षेत्र से अपनी सेना को वापस बुला लिया। इसके उसने सलामी स्लाइसिंग नीति अपनाई और अक्साई चिन को अपने क्षेत्र में होने का दावा कर दिया। कभी अक्साई चिन जम्मू कश्मीर राज्य का हिस्सा था। तिब्बत और भारत के क्षेत्र में कामयाबी मिलने के बाद चीन ने सलामी स्लाइसिंग की अपनी रणनीति को दोहराते हुए 1974 में वियतनाम से पैरोसेल द्वीप पर कब्जा कर लिया था।
  • पड़ोसी देश तिब्बत का अधिग्रहण, अक्साई चीन पर कब्जा और पैरोसेल द्वीप समूह पर कब्जा ये सभी चीन की विस्तारवादी नीति का स्पष्ट उदाहरण है। चीन द्वारा क्षेत्रीय विस्तार की इस नीति को सलामी स्लाइसिंग की रणनीति के रूप में संदर्भित किया जाता है।

सलामी स्लाइसिंग की रणनीति का इतिहास

  • साल 1933 की शुरूआत में जर्मनी में पूर्ण शक्ति हासिल करने के लिए नाजी पार्टी की नीतियों को भी सलामी रणनीति या टुकड़े- टुकड़े करके अधिकार जताने की नीति के रूप में जाना जाता है। इसमें रेइचस्ताग फायर ने जर्मन आबादी को दबा दिया। कम्युनिस्ट पार्टी और सोशल डेमोक्रेट्स को बंदी बना दिया, उसके बाद हिटलर को पूर्ण शक्ति प्राप्त हुई थी।

:: अर्थव्यवस्था ::

कोरोना-19 में ग्रोथ करने वाली दुनिया की 100 कंपनी: फाइनेंशियल टाइम्स

  • कोरोना काल में दुनिया भर के बाजारों में सुस्ती का दौर है और कारोबार न होने के चलते कंपनियां घाटे में डूब रही हैं। लेकिन इस संकट के दौर में भी मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह ने अपना परचम लहराया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज दुनिया की उन 100 कंपनियों में शामिल है, जिन्होंने कोरोना काल में भी ग्रोथ की है और वैल्यूएशन में इजाफा हुआ है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना काल में भी ग्रोथ करने वाली 100 कंपनियों में से रिलायंस इंडस्ट्रीज 89वें नंबर पर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की ऐसी एकमात्र कंपनी है, जो इस दौर में ग्रोथ करने वाली टॉप 100 कंपनियों की सूची में है।
  • कोरोना के इस संकट काल में भी ग्रोथ करने वाली टॉप 10 कंपनियों की बात करें तो अमेजॉन टॉप पर है। इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट, ऐपल, टेस्ला, टेंसेंट, फेसबुक, Nvidia, गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट, Paypal और टी-मोबाइल शामिल हैं।

सबसे लंबी मालगाड़ी: 'शेषनाग'

  • महाराष्ट्र के नागपुर से छत्तीसगढ़ के कोराबा के बीच 2.8 किलोमीटर लंबी ट्रेन चलाई गई है जो देश में सबसे लंबी ट्रेन का नया रिकॉर्ड है। एक के पीछे एक चार मालगाड़ियों को जोड़कर बनी इस ट्रेन ने कुछ दिन पहले ही 'सुपर एनाकोंडा' द्वारा बनाए गए दो किलोमीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया जो ओडिशा के लाजकुरा और राउरकेला के बीच चलाई गई थी।
  • 'शेषनाग' में कुल 251 डिब्बे थे। चारों ट्रेनों से सामान उतारा जा चुका था और सभी डिब्बे खाली थे। पहली ट्रेन के इंजन के पीछे उसके डिब्बे थे। उनके पीछे दूसरी ट्रेन का इंजन और डिब्बे, उसके पीछे तीसरी ट्रेन का इंजन और डिब्बे तथा अंत में चौथी ट्रेन का इंजन और डिब्बे थे। इस प्रकार सभी इंजनों से 'शेषनाग' को शक्ति मिल रही थी।
  • 'एनाकोंडा फॉमेर्शन' में ट्रेन चलाने का प्रयोग पहली बार लॉकडाउन के दौरान देश में शुरू किया गया है। 'शेषनाग' के डिब्बे जहाँ खाली थे वहीं 'सुपर एनाकोंडा' सामान से लदा हुआ था। उसमें कुल 177 डिब्बे थे जिनमें 15 हजार टन सामान था।

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में केंद्रीय ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और कौशल विकास एवं उद्यमिता (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री श्री आर. के. सिंह ने दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) और इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) का विलय करने के बाद जल्द ही नई योजना घोषित की जाएगी।

क्या है इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस)?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2015 में 45,000 करोड़ रुपए की इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) लॉन्च की थी। आईपीडीएस योजना का लक्ष्य 2022 तक हर किसी 24 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित करना और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत बनाना है। इस योजना से बिजली क्षेत्र से जुड़े विशेषकर शहरी क्षेत्रों की कई समस्याओं का हल निकल आएगा, जिसमें फ्रॉड भी शामिल है।’
  • इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम के दायरे में सब-ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में मजबूती लाने के साथ ही सोलर पैनल की प्रॉविजनिंग, शहरी क्षेत्रों में डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मरों/फीडरों/कंज्यूमर्स की मीटरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में आईटी को बढ़ावा देना शामिल है।

क्या है दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई)?

  • दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) पूरे ग्रामीण भारत को निरंतर बिजली की आपूर्ति प्रदान करने के लिए बनाया गया है। यह योजना नवंबर 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गयी थी। यह योजना विद्युत मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की 24x7 आपूर्ति को उपलब्ध करवाना है। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड (आरईसी) योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी है।

योजना के मुख्य घटक हैं:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं गैर कृषि उपभोक्ताओं की आपूर्ति को विवेकपूर्ण तरीके से बहाल करने की सुविधा हेतु कृषि और गैर कृषि फीडरों का पृथक्करण
  • ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर / फीडरों / उपभोक्ताओं की नपाई सहित उप-पारेषण और वितरण की आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण एवं आवर्धन
  • राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत पहले से ही मंजूर माइक्रो ग्रिड और ऑफ ग्रिड वितरण नेटवर्क एवं ग्रामीण विद्युतीकरण परियोजनाओं को पूरा किया जाना।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

कोवैक्सीन(Covaxin)

  • भारत में तैयार की जा रही कोविड-19 की वैक्सीन Covaxin को 15 अगस्त पर लॉन्च किया जा सकता है। इस वैक्सीन को बना रही कंपनी भारत बायोटेक Covaxin को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इस दौरान क्लीनिकल ट्रायल को पूरा का करने का निर्देश दिया गया है।
  • आईसीएमआर की ओर से जारी लेटर के मुताबिक, आने वाले 7 जुलाई से ह्यूमन ट्रायल के लिए इनरोलमेंट शुरू हो जाएगा। इसके बाद अगर सभी ट्रायल सही हुए तो आशा है कि 15 अगस्त तक कोवैक्सीन को लॉन्च किया जा सकता है। सबसे पहले भारत बायोटेक की वैक्सीन मार्केट में आ सकती है। इस वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के लिए भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) की तरफ से हरी झंडी दे दी गई है।
  • एम्स समेत देश के 13 अस्पतालों को क्लीनिकल ट्रायल में तेजी लाने को कहा गया है। ताकि तय दिन इस टीके को लॉन्च किया जा सके। बता दें कि भारत बायोटेक वहीं कंपनी है जिसने पोलियो, रोटावायरस, रेबीज, जापानी इनसेफ्लाइटिस, चिकनगुनिया और जिका वायरस के लिए भी वैक्सीन बनाई है।

विकिपीडिया का 'मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

  • कोरोना संकट के दौरान बीते एक से दो महीनों में आत्‍महत्‍या की घटनाओं में भारी इजाफा देखा गया है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के मुताबिक, आत्‍महत्‍या की घटनाओं आठ से 18 फीसद का इजाफा हुआ है। इसे देखते हुए विक‍िपीडिया SWASTHA ने 'मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान' की शुरुआत की है।
  • इस अभियान के तहत विशेषज्ञों के एक समूह ने विकिपीडिया के साथ मिलकर मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य एवं अवसाद से संबंधित लेखों को भारतीय भाषाओं में व्यापक रूप से मुहैया कराने का काम शुरू किया है।
  • ब्रिटिश मेडिकल जर्नल की समीक्षा में पाया गया है कि जाने माने लोगों की आत्‍महत्‍या की खबरें आने के बाद हाल के दिनों में आत्‍महत्‍या करने वालों की संख्‍या बढ़ी है। विकिपीड‍िया की ओर से साझा की गई जानकारी में कहा गया है कि बीते 14 जून को बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्‍महत्‍या के बाद इससे जुड़े लेखों के ऑनलाइन ट्रैफ‍िक 200 फीसद तक का भारी उछाल देखा गया। यहां तक कि अभिनेता के तीन युवा प्रशंसकों ने कथित तौर पर उसी तरीके से जान दे दी जिस तरह सुशांत ने अपना जीवन खत्‍म किया था।
  • मौजूदा वक्‍त में कोरोना संकट के चलते मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य का जोखिम भी बढ़ा है। सर्व विदित है कि इंटरनेट जानकारियां हासिल करने का अथाह सागर है। इस संकट के दौर में अवसाद से जूझ रहे किशोरों के लिए यह अभिव्‍यक्ति में मदद तो कर ही रहा है... साथ ही आत्‍महत्‍या के तरीकों पर जानकारी हासिल करने का भी एक माध्‍यम बन गया है। ऐसे में मीडिया प्‍लेफार्मों की जिम्‍मेदारी भी समाज के प्रति बढ़ जाती है। विकिपीडिया इसी जिम्‍मेदारी को समझते हुए गंभीर मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य विषयों के बारे में जानकारियों को स्‍थानीय भाषाओं में सामने ला रहा है जो अधिकांश अंग्रेजी में हैं।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

शहरी वन (Urban Forest)

चर्चा में क्यों?

  • दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) वर्षों से चिंता का कारण बना हुआ है। इस तरह वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर और इस संबंध में सामुदायिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के बहादुर शाह ज़फर मार्ग स्थित भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय ने कार्यालय पार्क में एक शहरी वन स्थापित करने के लिए कदम उठाया गया हैं।

पृष्ठभूमि

  • वर्ष 2020 के विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इस वर्ष की थीम नगर वन (शहरी वन) पर ध्यान केंद्रित करते हुए अगले पांच वर्षों में देश भर में 200 शहरी वन विकसित करने के लिए नगर वन योजना को लागू करने की घोषणा की है। इसमें लोगों की भागीदारी और वन विभाग,नगर निकायों, गैर सरकारी संगठनों,कॉर्पोरेट और स्थानीय नागरिकों के बीच सहयोग परजोर दिया जाएगा।

क्या होते है शहरी वन?

  • शहरी वन नगरीय अवसंरचना के साथ वृक्षों के रोपण, रखरखाव, देखभाल और संरक्षण के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसमें शहरी नियोजन में नगरीय अवसंरचना के साथ पेड़ों की भूमिका पर बल दिया जाता है।
  • शहरी वन के रूप में एक घने जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र को शहर के मध्य छोटे क्षेत्र में बनाया जाता है। बहु-स्तरीय वनों में झाड़ियां,छोटे से मध्यम आकार के पेड़ और लम्बे पेड़ होते हैं जिन्हें बड़ी सावधानी से परिधीय और कोर प्लांट समुदायों के रूप में लगाया जाता है।
  • शहरी वन एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र है जो पक्षियों,मधुमक्खियों,तितलियों और ऐसे ही अन्य सूक्ष्म जीव-जंतुओं के लिए निवास स्थान बन सकता है। ये फसलों और फलों के परागण के लिए और एक संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में मदद करने के लिए आवश्यक हैं।
  • ये वन शहरों के फेफड़ों के रूप में काम करेंगे और मुख्य रूप से शहर की वन भूमि पर या स्थानीय शहरी निकायों द्वारा प्रस्तावित किसी अन्य खाली जगह इनको स्थापित किया जायेगा।

शहरी वन का महत्व

  • भारत पशुओं और पौधों की कई प्रजातियों से समृद्ध जैव विविधता से संपन्न है और जैव- विविधता से युक्‍त 35 वैश्विक हॉटस्पॉट्स में से 4 का मेजबान है, जिनमें अनेक स्थानिक प्रजातियां मौजूदहै। हालांकि बढ़ती जनसंख्या, वनों की कटाई, शहरीकरण और औद्योगीकरण ने हमारे प्राकृतिक संसाधनों पर भारी दबाव डाल दिया है, जिससे जैव विविधता की हानि हो रही है। जैव विविधता इस ग्रह पर सभी जीवन रूपों के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है और विभिन्न पारिस्थितिकीय सेवाएं प्रदान करने की कुंजी है।
  • पारंपरिक रूप से जैव विविधता संरक्षण को दूरस्थ वन क्षेत्रों तक ही सीमित माना जाता रहा है, लेकिन बढ़ते शहरीकरण के साथ शहरी क्षेत्रों में भी जैव विविधता को सुरक्षित रखने और बचाने के लिए आवश्यकता उत्पन्न हो गई है। शहरी वन इस अंतर को मिटाने का सबसे अच्छा तरीका है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने शहरी परिदृश्य में जैव विविधता के प्रोत्‍साहन और संरक्षण के लिए नगर वन को डब्‍ल्‍यूईडीसमारोह 2020 के थीम के रूप में अपनाया है।

एफजीडी (फ्लू गैस डि-सल्फराइजेशन) प्रौद्योगिकी

चर्चा में क्यों?

  • बिजली उत्पादकों के संघ (एपीपी) ने अपने संयंत्रों में उत्सर्जन को नियंत्रित करने वाले उपकरणों को लगाने के लिये और समय मांगा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी और चीन से आपूर्ति बाधाओं जैसे कारणों से दिसंबर 2022 तक इन उपकरणों को लगाना मुश्किल है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को एक जुलाई को भेजे पत्र में एपीपी ने इसके लिये तीन साल का और समय मांगा है।

पृष्ठभूमि

  • सरकारी आदेश के अनुसार देश में सभी तापीय बिजली संयंत्रों को एफजीडी (फ्लू गैस डि- सल्फराइजेशन) प्रौद्योगिकी चरणबद्ध तरीके से दिसंबर 2022 तक लगानी है। पर्यावरण के नए मापदंडों के अनुसार 25 साल से अधिक पुराने ताप बिजली घरों में फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडीएस) प्रणाली लगाना अनिवार्य कर दिया गया है अन्यथा इन बिजली घरों को बंद करना पड़ेगा।

क्या है एफजीडी (फ्लू गैस डि-सल्फराइजेशन)?

  • कोयल में सल्फर होता है। जलने के बाद उससे निकलता है और वह सीधे हवा में मिल जाता है जोकि हवा में मिलकर सल्फयूरिकेसीड बना देता है जोकि पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक है। यह कोयल से निकल हवा में न मिले, इसके लिए ही एफजीडी (फ्लू गैस डि- सल्फराइजेशन) उपकरण लगाया जाता है। एफजीडी (फ्लू गैस डि-सल्फराइजेशन) उपकरण कोयला जलने पर सल्फर ऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी लाता है।

:: विविध ::

धम्म चक्र दिवस/आषाढ़ पूर्णिमा

  • भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) 4 जुलाई, 2020 को धर्म चक्र दिवस के रूप में आषाढ़ पूर्णिमा मनाएगा। यह दिवस उत्‍तर प्रदेश में वाराणसी के निकट वर्तमान समय के सारनाथ में ऋषिपटन स्थित हिरण उद्यान में
  • आज ही के दिन महात्मा बुद्ध द्वारा अपने प्रथम पांच तपस्वी शिष्यों को दिए गए ‘प्रथम उपदेश’ को ध्‍यान में रखकर मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर के बौद्धों द्वारा धर्म चक्र प्रवर्तन या ‘धर्म के चक्र के घूमने’ के दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। यह दिन बौद्धों और हिंदुओं दोनों ही के द्वारा अपने-अपने गुरु के प्रति सम्‍मान व्‍यक्‍त करने के लिए ‘गुरु पूर्णिमा’ के रूप में भी मनाया जाता है।
  • भगवान बुद्ध के ज्ञान एवं जागृति, उनके धर्म चक्र के घूमने तथा महापरिनिर्वाण की भूमि होने के नाते भारत की ऐतिहासिक विरासत के अनुरूप माननीय राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन से धम्म चक्र दिवस पर आयोजित समारोह का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर मंगोलिया के राष्ट्रपति का एक विशेष संबोधन भी पढ़ा जाएगा और मंगोलिया में सदियों से संरक्षित भारतीय मूल की एक बहुमूल्य बौद्ध पांडुलिपि भारत के माननीय राष्ट्रपति को भेंट की जाएगी।

ज्यां कैस्टेक्स

  • फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर ज्यां कैस्टेक्स के नाम की घोषणा की। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लगाए गए लॉकडाउन के बाद देश को फिर खोलने की योजना बनाने में कैस्टेक्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सुर्खियों से दूर रहकर काम करने वाले कैस्टेक्स, एडवर्ड फिलिप की जगह लेंगे। इससे पहले दिन में फिलिप ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था ।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ 4 जुलाई को मनाई जा रहे ‘धर्म चक्र दिवस’ का संबंध किस ऐतिहासिक घटना एवं किस स्थान से है? (महात्मा बुद्ध द्वारा अपना प्रथम उपदेश, सारनाथ में ऋषिपटन स्थित हिरण उद्यान)
  • हाल ही में भारत और चीन के बीच तनाव के संदर्भ में सुर्खियों में रहे ‘सलामी स्लाइसिंग’ क्या है? (छोटे-छोटे सैन्य ऑपरेशन से धीरे-धीरे किसी बड़े इलाके पर अपना कब्जा जमाना)
  • फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार कोविड-19 महामारी में ग्रोथ करने वाली 100 कंपनियों की सूची में शीर्ष स्थान पर कौन कंपनी है एवं इस सूची कौन सी भारतीय कंपनी शामिल है? ( अमेज़न, रिलायंस इंडस्ट्रीज)
  • हाल ही में भारतीय रेलवे के द्वारा किस नाम से देश की सबसे लंबी ट्रेन चलाई गई? (शेषनाग,2.8 किलोमीटर लंबी)
  • विद्युत उत्पादक संघ द्वारा समय-सीमा विस्तार की मांग से चर्चा में रहे तापीय बिजली संयंत्रों को किस समय सीमा के भीतर एफजीडी (फ्लू गैस डि-सल्फराइजेशन) प्रौद्योगिकी को अपनाना है? (दिसंबर 2022)
  • हाल ही में राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने अगले फ्रांस के प्रधानमंत्री के तौर पर किसके नाम की घोषणा की है? (ज्यां कैस्टेक्स)
  • 15 अगस्त को लॉन्च किए जाने से चर्चा में रहे भारतीय बायोटेक कंपनी के द्वारा किस वैक्सीन कर क्लिनिकल ट्रायल किया जा रहा है? (Covaxin)
  • भारत द्वारा परियोजना में अपने 50% लक्ष्य को पूरा करने से चर्चा में रहे अंतरराष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रियेक्टर (ITER) का निर्माण कहां किया जा रहा है एवं यह किस परमाणु प्रौद्योगिकी पर आधारित है? (कराहाश-फ्रांस, नाभिकीय संलयन)
  • CAG कार्यालय में स्थापित करने से चर्चा में रहे पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अगले 5 वर्षों में कितने ‘नगर वन’ को स्थापित किया जाएगा? (200)
  • हाल ही में विभिन्न सैन्य उपकरणों की खरीद से चर्चा में रहे रक्षा खरीद परिषद का गठन कब किया गया एवं इस परिषद का अध्यक्ष कौन होता है? (2001, रक्षा मंत्री)
  • सरकार द्वारा आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने से चर्चा में रहे किस संगठन द्वारा भारत में दवाओं के मूल्य पर नियंत्रण रखा जाता है? (राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण NPPA)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB