(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (04 जनवरी 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (04 जनवरी 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

दिल्ली में पहला स्मॉग टावर स्थापित

  • राजधानी का पहला स्मॉग टावर लाजपत नगर में लगाया गया है। यह 750 मीटर के दायरे में हवा को शुद्ध करेगा। स्मॉग फ्री टावर के लगने से ढाई लाख से छह लाख क्यूबिक मीटर हवा रोज शुद्ध की जा सकेगी। इसे चलाने में हर महीने तीस हजार रुपए का खर्च आएगा, जिसे मार्केट एसोसिएशन वहन करेगा। दिल्ली में ऐसे पचास से भी अधिक टावर की जरूरत है।
  • फ्रेंच मेड शुद्ध नाम के एयर प्यूरीफायर को ट्रेडर्स एसोसिएशन लाजपत नगर और गौतम गंभीर फाउंडेशन ने लगाया है। इसकी ऊंचाई 20 फीट है। दावा किया जा रहा है कि यह टावर 500-750 मीटर एरिया में रोजाना 250000 से 600000 क्यूबिक मीटर हवा को साफ करेगा। एसोएिशन के महासचिव अश्विनी मारवाह ने बताया कि टावर 2 घंटे के अंदर ही हवा साफ करके एक्यूआई 50 से ऊपर नहीं जाने देगा।

भारतीय विज्ञान कांग्रेस

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएएस) बेंगलूरू में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 107वें सत्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर I-STEM पोर्टल को लॉन्च किया, जो रिसर्च के क्षेत्र में काम करेगा। विज्ञान कांग्रेस में इस वर्ष की थीम, ग्रामीण विकास: विज्ञान एवं प्रद्योगिकी है।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा वैज्ञानिकों के लिए मेरा आदर्श वाक्य है: इनोवेट (नया), पेटेंट (एकस्व) , प्रोड्यूस (उत्पादन) और प्रॉस्पर (समृद्ध)।

विश्व पुस्तक मेला 2020

  • नई दिल्‍ली विश्‍व पुस्‍तक मेला 2020 राष्‍ट्रीय राजधानी में प्रगति मैदान में शुरू हो गया। नौ दिन के इस मेले का उद्घाटन मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने किया।
  • गांधी जी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्‍य में पुस्‍तक मेले का विषय गांधी : लेखकों के लेखक रखा गया है। इस विषय के अंतर्गत भारतीय साहित्‍य में गांधी जी के प्रभाव और एक लेखक, संपादक, पत्रकार, प्रकाशक, मुद्रक, जन संपर्ककर्ता के रूप में गांधी जी के व्‍यक्तित्‍व को उजागर किया गया है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग

  • भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने राजस्थान के कोटा जिले में एक सरकारी अस्पताल में दिसंबर, 2019 के महीने में 100 से अधिक बच्चों की मौत के बारे में मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लिया है। आयोग ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव को इस मामले में चार सप्ताह के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने, इस मुद्दे को हल करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में विवरण देने और यह सुनिश्चित करने के लिए नोटिस जारी किया है कि अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से भविष्य में बच्चों की इस तरह की मौतों की पुनरावृत्ति न हो।

पृष्टभूमि

  • राजस्थान के कोटा जिले में एक सरकारी अस्पताल में 100 बच्चों में से 10 बच्चों की मृत्यु 23 से 24 दिसंबर, 2019 के बीच 48 घंटे में हो गई थीं। कथित तौर पर, अस्पताल में स्थापित 50 फीसदी से अधिक गैजेट खराब हैं और अस्पताल में गहन देखभाल और बुनियादी सुविधाओं की कमी है, अस्पताल में सफाई की कमी और आधारभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसमें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में ऑक्सीजन की आपूर्ति भी शामिल है।

गुजरात में प्रथम सिल्‍क प्रोसेसिंग प्‍लांट का उद्घाटन

  • खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने गुजरात के सुरेन्‍द्रनगर में प्रथम सिल्‍क प्रोसेसिंग प्‍लांट का उद्घाटन किया, जिससे रेशम के धागे की उत्‍पादन लागत को काफी कम करने के साथ-साथ गुजराती पटोला साडि़यों के लिए स्‍थानीय स्‍तर पर कच्‍चे माल की उपलब्‍धता एवं बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह संयंत्र एक खादी संस्‍थान द्वारा 75 लाख रुपये की लागत से स्‍थापित किया गया है, जिसमें केवीआईसी ने 60 लाख रुपये का योगदान किया है।

‘पटोला’ साड़ी

  • गुजरात की ट्रेडमार्क साड़ी ‘पटोला’ अत्‍यंत महंगी मानी जाती है और केवल शाही एवं धनाढ्य परिवारों की महिलाएं ही इसे पहनती हैं। कारण यह है कि इसके कच्‍चे माल रेशम के धागे को कर्नाटक अथवा पश्चिम बंगाल से खरीदा जाता है, जहां सिल्‍क प्रोसेसिंग इकाइयां (यूनिट) अवस्थित हैं। इसी वजह से फैब्रिक की लागत कई गुना बढ़ जाती है।
  • यहाँ कोकून को कर्नाटक एवं पश्चिम बंगाल से लाया जाएगा और रेशम के धागे की प्रोसेसिंग स्‍थानीय स्‍तर पर की जाएगी, जिससे उत्‍पादन लागत घट जाएगी और इसके साथ ही प्रसिद्ध गुजराती पटोला साडि़यों की बिक्री को काफी बढ़ावा मिलेगा।
  • परम्‍परागत रूप से भारत के हर क्षेत्र में सिल्‍क की साडि़यों की अनूठी बुनाई होती है। उल्‍लेखनीय है कि पटोला सिल्‍क साड़ी को भी शीर्ष पांच सिल्‍क बुनाई में शुमार किया जाता है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

जनरल कासिम सुलेमानी

  • ईरान के एक सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी के अमेरिकी हमले में मौत के बाद अंतराष्ट्रीय राजनीति में हड़कंप मच गया है, सबको चिंता है कि कहीं ये मसला गंभीर शक्ल ना ले ले।
  • जनरल कासिम सुलेमानी का कद ईरान के पावर-स्ट्रक्चर में बहुत बड़ा था। ईरान के सबसे ताकतवर नेता - सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई - के बाद अगर ईरान में किसी को दूसरा सबसे ताकतवर शख्स समझा जाता था तो वो थे - जनरल कासिम सुलेमानी।

पृष्टभूमि

  • 23 अक्तूबर 2018 को सऊदी अरब और बहरीन ने ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकवादी और इसकी कुद्स फोर्स के प्रमुख कासिम सुलेमानी को आतंकवादी घोषित किया था। और इसके बाद से ही जनरल सुलेमानी अमेरिका के निशाने पर थे।
  • 3 जनवरी को जब बगदाद एयरपोर्ट पर उनके दो कारों के काफिले पर ड्रोन से निशाना लगाया गया, उस वक्त वो जिन लोगों के साथ सफर कर रहे थे, उनमें कताइब हिज्बुल्लाह के नेता अबु महदी अल-मुहांदिस भी थे।
  • 2009 से ही अमेरिका ने कताइब हिज़्बुल्लाह को आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। उसने इसके कमांडर अबु महदी अल-मुहांदिस को वैश्विक आतंकवादी भी करार दिया था। जनरल सुलेमानी के साथ इस हमले में मुहांदिस की भी मौत हो गई।

ननकाना साहिब गुरुद्वारा: पाकिस्तान

  • पाकिस्तान के ननकाना साहिब में भीड़ ने सिखों के पवित्र स्थल ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पथराव कर दिया और सिखों के खिलाफ नारेबाजी की। इसके कारण पहली बार भजन-कीर्तन रद्द करना पड़ा।
  • ननकाना साहिब गुरू नानक का जन्मस्थान है। भारत ने गुरुद्वारे पर पथराव पर कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से सिखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

अमेरिका-ईरान संबंध : एक समग्र अवलोकन

  • ईरान के सर्वोच्च नेता के बाद दूसरा स्थान रखने वाले कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति है। मामला इतना गंभीर हो गया है कि अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत इराक छोड़ने को कहा है। दोनों देशों के रिश्ते बेहद खराब दौर से पहले से ही गुजर रहे हैं। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने 2002 में ईरान के साथ इराक और उत्तरी कोरिया को शैतानों की धुरी कहा था। डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में रिश्ते और बदतर हो गए।

पुरानी अदावत

  • 1953 में अमेरिकी गुप्तचर एजेंसी सीआइए ने ब्रिटेन के साथ मिलकर ईरान के निर्वाचित प्रधानमंत्री मोहम्मद मोसादेक को अपदस्थ करा दिया। इसका मुख्य कारण तेल था। दरअसल धर्मनिरपेक्ष प्रधानमंत्री मोसादेक तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण करना चाहते थे। इसी समय से दोनों देशों के बीच दुश्मनी की बीज पड़ी।

रजा शाह को छोड़ना पड़ा देश

  • अमेरिकी समर्थन प्राप्त ईरान के शाहरजा शाह पहलवी को व्यापक प्रदर्शन के बाद 1979 में देश छोड़ना पड़ा। उनपर पश्चिमी प्रभाव में आने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद इस्लामिक नेता अयातुल्ला खामेनेई वनवास से लौटे। उन्होंने सता संभाली। जनमत संग्रह कर उसी वर्ष एक अप्रैल को देश को इस्लामिक गणतंत्र घोषित कर दिया गया।
  • इस क्रांति के बाद प्रदर्शनकारियों ने नवंबर में तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास को घेर लिया। इसके बाद 444 दिनों तक 52 अमेरिकियों को बंधक बनाकर रखा। जब अमेरिका में रोनाल्ड रीगन राष्ट्रपति बने तब जनवरी 81 में उन्हें मुक्त किया गया।

1988 में ईरानी हवाई जहाज को उड़ाया

  • तनाव के बीच ही अमेरिकी युद्धपोत ने ईरान के एक यात्री जहाज को 3 जुलाई 1988 को उड़ा दिया। उसमें 290 यात्री मारे गए थे। उनमें अधिकांश मक्का जाने वाले ईरानी तीर्थयात्री थे। हालांकि अमेरिका का कहना था कि उसने गलती से एयरबस ए 300 को लड़ाकू जेट समझ लिया था।

परमाणु कार्यक्रम ने बढ़ाई दूरी

  • कहा जाता है कि ईरान ने जो परमाणु कार्यक्रम शुरू किया, वह 2002 तक छिपा रहा। लेकिन ईरानी प्रतिपक्ष ग्रुप के रहस्योद्घाटन के बाद पश्चिमी देशों की नजरें टेढ़ी हुईं। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने ईरान के कट्टरवादी राष्ट्रपति अहमदीजेनाद सरकार पर कई प्रतिबंध लगाए। इस कारण ईरानी मुद्रा दो वर्षों में दो तिहाई तक गिर गई।

थोड़े सहज हुए संबंध

  • 2013 के सितंबर में ईरान के उदारवादी नेता हसन रुहानी से अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की फोन पर वार्ता हुई। यह 30 वर्षों में पहली उच्चस्तरीय बातचीत थी। लंबी कूटनीतिक क्रियाओं के बाद 2015 में ईरान ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, रूस और जर्मनी के साथ परमाणु समझौता किया। इसके तहत वह संवेदनशील परमाणु कार्यक्रमों को सीमित करने और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को इस शर्त पर आने की अनुमति दी कि वे आर्थिक प्रतिबंध हटा लेंगे।

रद हुआ समझौता

  • मई 2018 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौता रद्द कर दिया। इसके बाद ईरान और अमेरिकी रिश्ते में कड़वाहट आ गई। अमेरिका ने खाड़ी देश में अपने लड़ाकू विमान और सैनिक तैनात कर दिए। मई और जून 2019 में ओमान की खाड़ी में छह तेल टैंकरों को उड़ा दिया गया। अमेरिका ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद 20 जून को ईरानी सेना ने अमेरिकी सैन्य ड्रोन को मार किया।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

‘संतुष्ट’ पोर्टल

  • श्रम मंत्रालय की अगले महीने जनवरी में ‘संतुष्ट’ वेब पोर्टल शुरू करने की योजना है। यह पोर्टल कामगारों, नियोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निवारण और श्रम कानूनों के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगा।
  • शुरुआत में संतुष्ट सेवानिवृत्त निधि निकाय ईपीएफओ और स्वास्थ्य बीमा एवं सेवा प्रदाता ईएसआईसी द्वारा औपचारिक क्षेत्र के कामगारों को दी जाने वाली सभी सेवाओं की निगरानी करेगा। बाद में, यह पोर्टल मंत्रालय के अन्य विंगों को भी कवर करेगा।
  • इसमें प्रत्येक अधिकारी के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए रियल टाइम के आधार पर डाटा भी होगा। कामगार और नियोक्ता अपनी शिकायतें पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे। इस पोर्टल का प्रबंधन पांच से छह अधिकारियों की आंतरिक निगरानी सेल करेगा।

चीनी उत्पादों पर रोक लगाने की तैयारी

  • सरकार ने चीनी वस्तुओं के आयात पर सख्ती का रुख अपनाने का फैसला लिया है. इसी के चलते केंद्र सरकार कई चीनी वस्तुओं पर रोक लगाने की योजना बना रही है. नई योजना के तहत सरकार मार्च महीने में इस नियम को लागू कर सकती है. इस नए नियम के तहत चीन से आयात होने वाले प्लास्टिक, खेल का सामान, खिलौनों सहित फर्नीचर वगैरह पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है.

पृष्टभूमि

  • एक पूर्व बीआईएस महानिदेशालय की दी जानकारी के अनुसार, भारत में अभी आयातित सामानों की स्टैंडर्ड की जांच प्रक्रिया बहुत लचर है जिसके चलते खराब वस्तुओं का भी आयात बहुत आसान है.
  • सरकार जिन 371 गैर-जरूरी सामानों पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है उसमें 111 रसायन और पेट्रोकेमिकल विभाग, 68 भारी उद्योग विभाग, 62 सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, 61 उद्योग विभाग, 44 इस्पात मंत्रालय और 25 दूरसंचार विभाग के अंतर्गत आते हैं।
  • मौजूदा समय में भारत में आयातित सामान के लिए 370 मानक हैं। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री दूसरे स्टेज में 5,000 मानक बनाने चाहते हैं। वह इसके लिए अन्य विभागों के साथ इस बारे में विचार विमर्श कर रहे हैं.

कृषि निर्यात बढ़ाने के लिए अनिवार्य प्रमाणन, सेज नीति में सुधार की जरूरत: संवर्धन परिषद

  • व्यापार संवर्धन परिषद टीपीसीआई ने कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के लिए सरकार को पांच ठोस रणनीति अपनाने का सुझाव दिया। इसमें निर्यात से पूर्व अनिवार्य प्रमाणन और खाद्य क्षेत्र के लिए सेज नीति में सुधार शामिल है। भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) ने कहा कि भारत के पास आगामी वर्षों में कृषि निर्यात को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर (करीब 7.10 लाख करोड़ रुपये) करने की क्षमता है। परिषद ने निर्यात से पूर्व प्रमाणन , ग्राहक आधार बढ़ाने , ब्रांडिंग , कृषि उपज को अंतिम छोर तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने , खाद्य निर्यात के लिए सेज (विशेष आर्थिक क्षेत्र) नीति में सुधार का प्रस्ताव दिया है।
  • " अधिकांश देशों की मांग होती है कि आपके उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों। इसलिए उत्पादों को उसी तरह तैयार करने और उनका परीक्षण किए जाने की जरूरत है ताकि बिना किसी दिक्कत उन्हें लक्षित देशों में बेचा जा सके।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

इम्पोर्टिन-11

  • कैंसर जैसी असाध्य बीमारियों का इलाज हमेशा से मुश्किल भरा रहा है। यही वजह है कि आज भी इसके अलगअलग प्रकारों के इलाज के लिए शोध और अध्ययन जारी हैं। अब हाल में शोधकर्ताओं ने एक खास तरह के प्रोटीन का पता लगाया है, जो आंत से जुड़े कई तरह के कैंसर को बढ़ने में मदद करते हैं। उनका कहना है कि यदि इस प्रोटीन को स्नावित (रिलीज) होने से रोक दिया जाए तो कैंसर को बढ़ने से रोका जा सकता है।
  • इम्पोर्टिन-11 नामक प्रोटीन कैंसर के लिए उत्तरदायी प्रोटीन बीटा कैटेनिन को आंत कैंसर की कोशिकाओं के केंद्र में पहुंचाता है और उनकी संख्या को बढ़ा सकता है। इस प्रोटीन को रोककर कैंसर को बढ़ने से रोका जा सकता है।
  • इस तरह के लगभग 80 फीसद कैंसर का संबंध एपीसी नामक जीन में म्यूटेशन से होता है, जिससे परिणामस्वरूप बीटा-कैटेनिन प्रोटीन के स्तर पर बढ़ोतरी होती है। इस तरह के प्रोटीन का उच्च स्तर होने से इसके केंद्र में इसका जमाव बढ़ जाता है, जहां यह कैंसर जनित कोशिकाओं की संख्या बढ़ाने वाले जीन को सक्रिय कर सकता है। यह प्रोटीन बड़ी आंत में ट्यूमर को बढ़ने में मदद पहुंचाता है और साथ ही, अन्य हिस्सों में भी इसकी वृद्धि को बढ़ावा देता है।

अभी और शोध की है जरूरत

  • हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि प्रोटीन का स्तर बढ़ने के बाद यह कोशिका के केंद्र में कैसे पहुंचता है, इसे लेकर अधिक जानकारी नहीं मिल पाई है। टोरंटो यूनिवर्सिटी से संबद्ध और अध्ययन के सह-लेखक स्टीफन एंजर्स ने बताया, ‘चूंकि बीटा कैटेनिन न्यूक्लीयर ट्रांसपोर्ट आधारित मॉलीक्यूलर मैकेनिज्म के बारे में अभी भी अस्पष्टता है, ऐसे में हम एपीसी म्यूटेशन को नुकसान पहुंचाने वाले आंत के कैंसर की कोशिकाओं में लगातार सक्रिय बीटा-कैटेनिन को पहचानने के लक्ष्य का निर्धारण करते हैं।’

क्रिस्पर से विकसित की नई तकनीक

  • शोधकर्ताओं ने जीन एडिटिंग तकनीक ‘क्रिस्पर’ का प्रयोग करते हुए एक नई तकनीक विकसित की, ताकि आंत के कैंसर की कोशिका में बीटा-कैटेनिन की गतिविधि को मदद पहुंचाने वाले मानवीय जीनोम की स्क्रीनिंग की जा सके। इस आधार पर उन्होंने आइपीओ11 नामक जीन की पहचान की, जो इम्पोर्टिन-11 नामक प्रोटीन का बीजकोष है।

इलाज की नई थेरेपी

  • शोधकर्ताओं के अनुसार, इम्पोर्टिन-11 ही कोशिका के केंद्र में प्रोटीन को ले जाता है। एंजर्स और उन के सहयोगियों ने पाया कि इम्पोर्टिन-11 बीटा-कैटेनिन से जुड़ा होता है और यह उसे बड़ी आंत की कैंसर कोशिकाओं के केंद्र में पहुंचाता है। उनका कहना है कि इन कोशिकाओं से इम्पोर्टिन-11 को हटाकर बीटा-कैटेनिन को केंद्र में पहुंचने और इसके लक्षित जीन को सक्रिय होने से रोका जा सकता है।
  • वैज्ञानिकों ने बताया कि मानवीय आंत्र कैंसर में अक्सर इम्पोर्टिन-11 का स्तर बढ़ जाता है और इस प्रोटीन को हटाकर एपीसी म्यूटेंट कैंसर कोशिकाओं द्वारा ट्यूमर की वृद्धि को रोका जा सकता है। एंजर्स ने बताया, ‘हमने निष्कर्ष निकाला कि आंत्र कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि के लिए इम्पोर्टिन-11 जरूरी होता है।’ वैज्ञानिकों के अनुसार, इम्पोर्टिन-11 द्वारा कोशिकाओं के केंद्र में बीटा-कैटेनिन को पहुंचाने की विस्तृत प्रक्रिया के अध्ययन जरिये इसके इलाज की नई थेरेपी को विकसित किया जा सकता है।

दुनिया का सबसे बड़ा फूल

  • इंडोनेशिया के पश्चिम मध्य सुमात्रा के जंगलों में दुनिया का सबसे बड़ा खिला फूल मिला है। वन्य जीव अधिकारियों के मुताबिक, इसका नाम है रेफलिसिया। यह 4 वर्ग फीट में फैला है और अब तक दर्ज रिकॉर्डेड रेफलिसिया फूलों में सबसे बड़ा है। इससे पहले 2017 में 3 फीट चौड़ा और 12 बारह किलो के फूल को देखा गया था।

रेफलिसिया

  • यह फूल केसिरया आसमानी और सफेद रंग का होता है। नर और मादा फूलों की संरचना एक जैसी होती है। यह एक परजीवी पौधा है। इससे बहुत दुर्गंध आती है। यह फूल पांच भागों में बंटा होता है। दल चक्र के बीच में प्यालीनुमा पुष्पनाल होती है, जो आधार पर अंडाशय से जुड़ी होती है। प्यालीनुमा पुष्पनाल में मौजूद गंध कीट पतंगे को आकर्षित करती है, कीट जैसे ही फूल के संपर्क में आते हैं, गिर कर मर जाते हैं। इसी से वे इसे पॉलीनेट करने में कामयाब हो जाते हैं। इस फूल को स्थानीय लोग ‘लाशों का फूल’ भी कहते हैं।
  • इसके पौधे में कोई पत्ती और जड़ नहीं होती है। अपना पोषण दूसरे पौधों से प्राप्त करता है। यह फूल साल के कुछ महीने में ही खिलता है। फूल अक्तूबर में खिलना शुरू होते हैं और मार्च तक खिलते रहते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसकी उम्र 65 दिन होती है। खत्म होने के एक हफ्ते पहले से इसमें से बदबू आना शुरू हो जाती है। बाद में यह काला पड़ खत्म हो जाता है।

:: विविध ::

'ग्लोबल चाइल्ड प्रोडिजी अवॉर्ड'

  • 120 भाषाओं में गाना गाने वाली 14 वर्षीय सुचेता सतीश ने शुक्रवार को 'ग्लोबल चाइल्ड प्रोडिजी अवॉर्ड 2020' जीत लिया है। भारतीय मूल की सुचेता दुबई में रहती हैं। पिता टीसी सतीश ने बताया कि उनकी बेटी को दुबई इंडियन हाईस्कूल की कोकिला के रूप में जाना जाता है।

क्या है ग्लोबल चाइल्ड प्रोडिजी अवॉर्ड

  • यह अवॉर्ड नृत्य, संगीत, कला, लेखन, अभिनय, मॉडलिंग, विज्ञान, खेल आदि में बच्चों की प्रतिभा को सामने लाने का एक मंच है। यह पुरस्कार डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंटरनेशनल फाउंडेशन और ऑस्कर पुरस्कार विजेता संगीत निर्माता एआर रहमान द्वारा समर्थित है।
  • अवॉर्ड सेरेमनी दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित की गई जिसमें सुचेता के साथ 99 अन्य बच्चों को भी अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड दिए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • देश के पहले स्मॉग टावर को कहाँ स्थापित किया गया है? (लाजपत नगर- दिल्ली)
  • 107वें विज्ञान कांग्रेस का आयोजन कहाँ किया जा रहा है? (कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय-बेंगलुरु)
  • 107वें विज्ञान कांग्रेस की थीम क्या है? (ग्रामीण विकास: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)
  • विश्व पुस्तक मेला 2020 का आयोजन कहाँ किया जा रहा है? (प्रगति मैदान, नई दिल्ली)
  • विश्व पुस्तक मेला 2020 की थीम क्या है? (गांधी : लेखकों के लेखक)
  • नवजात बच्चों की मृत्यु के संदर्भ में हाल ही में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने किस राज्य सरकार को नोटिस दिया है? (राजस्थान)
  • हाल ही में चर्चा में रहने वाली पटोला साड़ी किस राज्य से संबंधित है? (गुजरात)
  • जनरल कासिम सुलेमानी किस देश के सैन्य कमांडर थे? (ईरान)
  • हाल ही में चर्चा में रहने वाला ननकाना साहिब गुरुद्वारा किस देश में स्थित है? (पाकिस्तान)
  • कामगारों, नियोक्ताओं की शिकायतों के निवारण हेतु श्रम मंत्रालय के द्वारा कौन सा वेब पोर्टल शुरू किया जाएगा? (संतुष्ट वेब पोर्टल)
  • हाल ही में सुमात्रा के जंगलों में खोजी गई दुनिया के सबसे बड़े फूल का क्या नाम है? (रेफलिसिया)
  • 'ग्लोबल चाइल्ड प्रोडिजी अवॉर्ड 2020' किसे प्रदान किया गया? (सुचेता सतीश)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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