(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (4 फरवरी 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (4 फरवरी 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

डिफेंस एक्सपो 2020

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 5 फरवरी, 2020 को लखनऊ, उत्‍तर प्रदेश में डेफएक्‍सपो 2020 के उद्घाटन समारोह की अध्‍यक्षता करेंगे।
  • द्विवार्षिक विशाल रक्षा प्रदर्शनी डेफएक्‍सपो का यह 11वां संस्‍करण है, जिसमें 1000 राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय कंपनियां अपना सामान प्रदर्शित करेंगी, भारत में यह अब तक का सबसे बड़ा डेफएक्‍सपो है।
  • एक्‍सपो का विषय है : ‘भारत: उभरता हुआ रक्षा निर्माण केन्‍द्र’। इस प्रदर्शनी का उद्देश्‍य रक्षा क्षेत्र की महत्‍वपूर्ण प्रौद्योगिकियों को एक स्‍थान पर लाना और सरकार, निजी निर्माताओं तथा स्‍टार्टअप को अनगिनत अवसर प्रदान करना है। प्रदर्शनी में देश के एरोस्‍पेस, रक्षा और सुरक्षा हितों के समूची रेंज को शामिल किया जाएगा।
  • प्रदर्शनी की उप विषय वस्‍तु ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ डिफेंस’, जो नवीनतम प्रौद्योगिकियों की एप्लिकेशन के जरिए भविष्‍य के युद्ध क्षेत्र की अवधारणा से जुड़ी हुई है, पर भी विशेष ध्‍यान दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई)

  • केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास तथा वस्‍त्र मंत्री श्रीमती स्‍मृति जुबिन ईरानी ने नई दिल्‍ली में आयोजित समारोह में राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों और जिलों को सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) पुरस्‍कार प्रदान किये।
  • एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों को इस योजना की शुरूआत से सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन की श्रेणी में पहला पुरस्‍कार मध्‍य प्रदेश, दूसरा आन्‍ध्र प्रदेश और तीसरा हरियाणा को प्रदान किया गया। इसी श्रेणी में एक करोड़ से कम आबादी वाले राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में दादर एवं नगर हवेली को पहला स्‍थान, हिमाचल प्रदेश को दूसरा और चंडीगढ़ को तीसरा स्‍थान प्राप्‍त हुआ।
  • एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के लिए जिला स्‍तर पुरस्‍कारों में पहला स्‍थान मध्‍य प्रदेश के इन्‍दौर, दूसरा स्‍थान आन्‍ध्र प्रदेश के कुर्नूल और तीसरा स्‍थान असम के दक्षिण सलमारा मनकाचार को हासिल हुआ।
  • एक करोड़ से कम आ‍बादी वाले राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के जिलों में पहला स्‍थान मिजोरम में सेरछिप और दूसरा स्‍थान हिमाचल प्रदेश में ऊना को और तीसरा स्‍थान पुदुचेरी को प्राप्‍त हुआ।
  • पुरस्‍कार की दूसरी श्रेणी की 2 से 8 दिसम्‍बर, 2019 तक आयोजित मातृ वंदना सप्‍ताह (एमवीएस) के दौरान राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के कार्य प्रदर्शन के लिए घोषणा की गई। एमवीएस मनाने का उद्देश्‍य इस योजना के कार्यान्‍वयन में बढ़ोतरी करना तथा राज्‍यों में स्‍वस्‍थ प्रतियोगिता का सृजन करना था। इस सप्‍ताह का विषय ‘स्‍वस्‍थ राष्‍ट्र के निर्माण की ओर – सुरक्षित जननी, विकसित धारिणी’ था।
  • एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में उत्‍कृष्‍ट कार्य प्रदर्शन के लिए पहला स्‍थान आन्‍ध्र प्रदेश को, दूसरा महाराष्‍ट्र को और तीसरा मध्‍य प्रदेश को प्राप्‍त हुआ।
  • एक करोड़ से कम आबादी वाले उन राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों को जिन्‍होंने मातृ वंदना सप्‍ताह के दौरान उत्‍कृष्‍ट कार्य प्रदर्शन के लिए मान्‍यता प्राप्‍त की, उनमें दादर एवं नगर हवेली को पहला, सिक्किम को दूसरा और मणिपुर को तीसरा स्‍थान प्राप्‍त हुआ।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना क्या है?

  • पीएमएमवीवाई मातृत्‍व लाभ कार्यक्रम है, जो 01 जनवरी, 2017 से देश के सभी जिलों में लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत मातृत्‍व और बाल स्‍वास्‍थ्‍य से संबंधित विशिष्‍ट शर्तों को पूरा करने की शर्त पर परिवार के पहले जीवित बच्‍चे के लिए गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं के बैंक/पोस्‍ट ऑफिस खाते में 5,000 रुपये की नकद प्रोत्‍साहन राशि सीधे ही उपलब्‍ध कराई जाती है।
  • यह योजना महिला एवं बाल विकास विभाग और समाज कल्‍याण विभाग के माध्‍यम से लागू करने वाले राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत आंगनवाड़ी सविसेज स्‍कीम ऑफ अम्‍ब्रेला (आईसीडीएस) के प्‍लेटफॉर्म का उपयोग करके तथा स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग द्वारा यह योजना लागू किये गये राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के संबंध में स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली द्वारा लागू की जा रही है।
  • यह योजना एमआईएस सॉफ्टवेयर अनुप्रयोग आधारित केन्‍द्रीय रूप से तैनात वेब के माध्‍यम से लागू की जा रही है और कार्यान्‍वयन का केन्‍द्र बिन्‍दु आंगनवाड़ी केन्‍द्र और आशा/एएनएम है।

संयुक्त सैन्य अभ्यास 'संप्रीति-9'

  • भारत और बांग्लादेश की सेनाओं के बीच आपसी सहयोग व मेलजोल बढ़ाने के उद्देश्य से वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'संप्रीति-9' का नौवां संस्करण सोमवार को मेघालय के उमरोई में शुरू हुआ। 14 दिवसीय यह सैन्य अभ्यास 16 फरवरी तक चलेगा।
  • इस दौरान दोनों देशों के सैनिक संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत उग्रवाद व आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए पर्वतीय व जंगली इलाकों में काउंटर टेररिज्म ऑपरेशनों के साथ कमांड पोस्ट एक्सरसाइज और फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज आदि करेंगे। साथ ही आपदा प्रबंधन के लिए नागरिक अधिकारियों को सहायता देने में उनके सामरिक और तकनीकी कौशल को परखेंगे।

इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिजीज (आइसीडी-10)

  • मरीज के बीमारियों के नाम की जगह पर चिकित्सक 'ए-90’, 'बी-20’ जैसे अलग-अलग कोड नंबर लिख रहे हैं। 'ए-90’ का मतलब डेंगू और 'बी-20’ का मतलब एचआइवी होता है। इसी तरह, जे-12 मतलब वायरल निमोनिया, के-35.3 का पथरी (एक्यूट अपेंडिसिटिस) और के-72 का मतलब यकृत विफलता (हेपाटिक फेलियर)। हर बीमारी का अलग-अलग कोड है। दरअसल, पूरे विश्व में बीमारियों के नाम में समानता व पहचान आसान करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिजीज (आइसीडी-10) तैयार किया है।

क्या है आइसीडी-10

  • आइसीडी, यानी इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिजीज डब्ल्यूएचओ का वह प्रोजेक्ट है जिसके तहत विश्वभर में बीमारियों को समान रूप से पहचाने जाने के लिए उनका कोड नंबर तैयार किया गया है। इसमें रोगों की कोडिंग, लक्षणों, समस्याओं तथा सामाजिक परिस्थितियों आदि की कोडिंग की गई है। इसमें 14,400 से अधिक कोड हैं।

क्यों की जा रही कोडिंग, किसे मिलेगा फायदा

  • मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया व अन्य बीमारियों को अलग-अलग देशों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है, इसे एक नाम देने के लिए इनका कोड बनाया गया है, ताकि किसी भी क्षेत्र और भाषा के चिकित्सक आसानी से बीमारी की पहचान और इलाज कर उपचार की सलाह अपने तरीके से कर सकें।

बीमारी - कोड नंबर

  • टाइफाइड व पैराटायफाइड बुखार - ए-01
  • डायरिया व गैस्ट्रोएंटेराइटिस के कारण संक्रमण : ए-09
  • काली खांसी - ए-37.9
  • पेट में चोट - एस-39.9
  • पेल्विक आर्गन में चोट - एस-39.6
  • धमनी में चोट - एस-35.2
  • नस में चोट - एस-35.8
  • गर्दन में चोट - एस-15.7
  • पीठ के निचले हिस्से में चोट - एस-35.9
  • सी फूड - टी-61.9
  • जन्म के समय दम घुटना - क्यू-03.9
  • एक्यूट रेमेटिक फीवर - 100-102
  • क्रोनिक रेमेटिक हार्ट डिजीज - 105-109
  • डेंगू - ए-90

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

अमेरिकी योजना और इस्लामी सहयोग संगठन

  • इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) ने पश्चिम एशिया के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना खारिज करते हुए अपने 57 सदस्य देशों से कहा कि वे इसे लागू करने में मदद ना करें।
  • वहीं ओआईसी ने अपने अरब और इस्लामिक चार्टर’ का हवाला देते हुए पूर्वी यरुशलम को भविष्य के फलस्तीनी राष्ट्र की राजधानी के रूप में अपना समर्थन दोहराया।
  • दुनिया भर में 1.5 अरब से ज्यादा मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करने वाले इस्लामी देशों के संगठन ने एक बयान में कहा कि संगठन इस अमेरिकी-इजराइली योजना को खारिज करता है क्योंकि यह फलस्तीनी लोगों की न्यूनतम आकांक्षाओं एवं कानूनी अधिकारों को पूरा नहीं करती और शांति प्रक्रिया की संदर्भित शर्तों के विरुद्ध है।

क्या है अमेरिकी योजना?

  • पिछले सप्ताह घोषित इस अमेरिकी योजना में इस्राइल को अधिकार दिया गया है कि वह विवादित शहर यरुशलम पर अपनी अविभाजित राजधानी के रूप में और फलस्तीनी जमीन पर जो बस्तियां हैं उनपर पूरा नियंत्रण रखे। ट्रंप ने कहा कि फलस्तीन के लोगों को क्षेत्र पूर्वी यरुशलम के एक हिस्से को राजधानी घोषित करने की अनुमति होगी।

क्या है इस्लामी सहयोग संगठन ?

  • ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) मुस्लिम देशों का संगठन है। चार महादेशों में 57 देश इसके सदस्य हैं। 25 सितंबर, 1969 को मोरक्को की राजधानी रबात में मुस्लिम देशों का एक सम्मेलन हुआ था। उसी सम्मेलन में इस संगठन के स्थापना का फैसला किया गया था। इसका मुख्यालय सऊदी अरब के जेद्दाह में है। इसके मौजूदा महासचिव युसूफ बिन अहमद अल उसैमीन हैं। इस्लामिक कॉन्फ्रेंस ऑफ फॉरेन मिनिस्टर (आईसीएफएम) की 1970 में पहली मीटिंग हुई।

:: अर्थव्यवस्था ::

जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां 8 साल के उच्च स्तर पर

  • मांग में सुधार का असर दिखना शुरू हो गया है। सोमवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण के अनुसार जनवरी में देश की विनिर्माण गतिविधियां आठ साल में सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। इससे उत्पादन और रोजगार गतिविधियों में भी बेहतरी दिख रही है। कंपनियों के खरीद प्रबंधकों (परचेजिंग मैनेजर) के बीच किए बीच किए जाने वाले मासिक सर्वेक्षण आईएचएस मार्किट मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई इंडेक्स (विनिर्माण पीएमआई) जनवरी में 55.3 अंक रहा है। यह 2012 से 2020 की अवधि में इसका सबसे ऊंचा स्तर है।
  • इससे पहले दिसंबर में यह 52.7 अंक था। जबकि साल भर पहले जनवरी 2019 में यह आंकड़ा 53.9 अंक था। यह लगातार 30वां महीना है जब विनिर्माण पीएमआई 50 अंक से ऊपर रहा है। पीएमआई का 50 अंक से ऊपर रहना गतिविधियों में विस्तार जबकि 50 अंक से नीचे रहना संकुचन के रुख को दर्शाता है।

कारोबारी धारणा में भी सुधार

  • जनवरी में विनिर्माण पीएमआई के उच्च स्तर पर रहने की अहम वजह मांग में सुधार होना है। इसकी वजह से नए ऑर्डर मिलने, उत्पादन, निर्यात और विनिर्माण के लिए खरीदारी और रोजगार में बढ़त देखी गई है। साथ ही कारोबारी धारणा में भी सुधार हुआ है। आईएचएस मार्किट में प्रधान अर्थशास्त्री पॉलियाना डि लिमा ने कहा, '' जनवरी में देश में विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। परिचालनात्मक परिस्थियों में जिस गति से सुधार देखा गया है, ऐसा पिछले आठ साल की अवधि में नहीं देखा गया।

विदेशी बाजारों से बढ़ी मांग की अहम भूमिका

  • सर्वेक्षण में कंपनियों ने माना कि नए ऑर्डर मिलने में जो मजबूती देखी गई है वह पिछले पांच साल की अवधि में नहीं देखी गई
  • इसकी प्रमुख वजह मांग का बढ़ना और ग्राहक की जरूरतों का सुधार होना है। कंपनियों की कुल बिक्री में विदेशी बाजारों से बढ़ी मांग की अहम भूमिका है। यह नवंबर 2018 के बाद निर्यात के नए ऑर्डरों में सबसे तेज बढ़त है।

रोजगार गतिविधियों में भी सुधार

  • वहीं रोजगार के स्तर पर जनवरी में रोजगार गतिविधियों में भी सुधार देखा गया है। क्षेत्र में रोजगार की दर पिछले साढ़े सात साल में सबसे तेज है। बाजार को रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति जारी होने का भी इंतजार है। इसमें बाजार मांग को और बढ़ाने और आर्थिक वृद्धि को सहारा देने के उपाय किए जा सकते हैं। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 4-6 फरवरी 2020 को होना तय है।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

बमवर्षक ड्रोन

  • भारत जल्द ही उन चंद देशों में शुमार हो जाएगा। जिसके पास घातक बमवर्षक ड्रोन होंगे। इजरायल के साथ होने वाली डील के तहत यह ड्रोन देश में बनेंगे और निर्यात भी होंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी की पहली इजरायल यात्र पर जिन बमवर्षक ड्रोन को भारत को देने की डील हुई थी। उसे डिफेंस एक्सपो के दौरान मूर्त रूप दिया जाएगा।
  • एचएएल मेक इन इंडिया तकनीक से एडवांस्ड मानवरहित कम्बैट एरियल व्हीकल्स (यूसीएवी) ड्रोन बनाएगा। दरअसल, ईरानी सेना के कमांडर कासिम सुलेमानी पर हुए अमेरिकी ड्रोन के हमले के बाद दुनिया में बमवर्षक ड्रोन विकसित करने को लेकर कवायद छिड़ गई है।

हेरॉन टीपी ड्रोन

  • इजरायल भारत को हेरॉन टीपी ड्रोन देगा। यह ड्रोन मिसाइल हमले में भी सक्षम है। यह एडवांस्ड मानवरहित कॉम्बैट एरियल व्हीकल्स (यूसीएवी) होगा। एडवांस्ड हेरॉन टीपी मध्यम ऊंचाई व लंबी दूरी तक मार कर सकता है। ड्रोन 36 घंटे तक उड़ान भर सकता है। भारत को ऐसे करीब 100 ड्रोन की जरूरत है।

एचएएल का ड्रोन

  • एचएएल ऐसा ड्रोन तैयार कर रहा है। जो सियाचिन व ग्लेशियर जैसे ऊंचाई वाले अग्रिम क्षेत्रों में तैनात जवानों को दवा व राशन सहित जरूरी सामान पहुंचा सके। इस ड्रोन के सेंसर, भार क्षमता व डाटा लिंक के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी सहित कई संस्थानों का सहयोग लिया जा रहा है। इसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 40 किग्रा वजन तक का सामान पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है।

नैनो फिल्टर

  • बाजार में बहुत जल्द अब ऐसा वाटर नैनो फिल्टर आने वाला है, जिसे कभी बदलना ही नहीं पड़ेगा। इससे लोग घरों में प्रयोग होने वाले प्यूरीफायर और आरओ में फिल्टर बदलने के झंझट से मुक्त हो जाएंगे। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि पानी में मौजूद कैल्शियम व मैग्नीशियम के सूक्ष्म कणों से फिल्टर चोक नहीं होगा और हमेशा काम आएगा।

क्या है नैनो फिल्टर

  • सिंगल यूज प्लास्टिक को री-साइकल करके ये फिल्टर यूपीटीटीआइ के टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी पीएचडी छात्र शानू प्रभाकर ने प्रो.जेपी सिंह के निर्देशन में ऐसा नैनो फिल्टर बनाया है, जो बैक्टीरिया व हैवी मेटल दूर करके पानी को शुद्ध करेगा। पानी की बोतल से नैनो फिल्टर बनाने के लिए साल भर तक यूपीटीटीआइ की प्रयोगशाला में शोध हुआ। फिल्टर बनाने के लिए बोतल की रीसाइकिलिंग करके प्लास्टिक फाइबर फैब्रिक तैयार किया। इस प्रक्रिया में अलग अलग केमिकल का इस्तेमाल किया गया।

क्या है नैनो फिल्टर की विशेषता

  • प्लास्टिक से तैयार इस फैब्रिक पर सिल्वर नैनो पार्टिकल व कार्बन नैनो ट्यूब के मैटीरियल की कोटिंग की गई। इस तकनीक की मुख्य बात यह है कि इन दोनों मैटीरियल की कोटिंग से फिल्टर का स्ट्रक्चर बदल जाता है और ये चोक नहीं होता। इलेक्ट्रो स्पिनिंग मशीन के जरिए बनाई गई यह नैनो फिल्टर को अब व्यावसायिक करने की तैयारी है। यूपीटीटीआइ की प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद अब इस उपकरण को आम लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है। कॉमर्शियल करने के परीक्षण के तहत इसे यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी जलगांव भेजा गया है।
  • नैनो फाइबर बेस्ड एयर फिल्ट्रेशन टेक्नोलाजी से बना यह प्यूरीफायर उन अतिसूक्ष्म कणों को भी साफ कर सकता है जो आमतौर पर सामान्य पानी में रहते हैं। यह अतिसूक्ष्म कणों को छानने की क्षमता रखता है। भारी कण के अलावा पानी से कीटाणु, जीवाणु को खत्म करता है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

मौसम की सटीक भविष्यवाणी के लिए बढ़ेंगी डॉप्लर रडार की संख्या

  • मौसम की सटीक भविष्यवाणी के लिए 46 नए डॉप्लर रडार स्थापित किए जाएंगे, जोकि इनकी संख्या बढ़कर 75 हो जाएगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने वर्ष-2025 तक देश में इन्हें स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।
  • अभी आइएमडी के 24, इंडियन एयरफोर्स के तीन व भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आइआइटीएम) पुणो के दो डॉप्लर रडार स्थापित हैं। जल्द ही उत्तर पश्चिम हिमालय के लिए 10 एक्स बैंड डॉप्लर रडार, मैदानी इलाकों के लिए 11 सी बैंड डॉप्लर रडार, उत्तर-पूर्व राज्यों में 14 एक्स बैंड डॉप्लर रडार स्थापित किए जाएंगे, बाकी बचे रडार 2025 तक लगा लिए जाएंगे।
  • हिमालयी क्षेत्रों में यह रडार क्रमश: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में लगाए जाएंगे। हिमालयी क्षेत्रों में डॉप्लर रडार लगाने की तैयारी शुरू भी कर दी गई है। जहां सी बैंड डॉप्लर रडार की कीमत करीब 11 करोड़ रुपये की है। वहीं, एक्स बैंड डॉप्लर राडार की कीमत 6 करोड़ है। इन्हें हैदराबाद की अस्त्र माइक्रोवेव प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से खरीदा जाएगा।
  • दिल्ली-एनसीआर में मौसम की सटीक भविष्यवाणी के लिए भी चार नए डॉप्लर रडार लगेंगे। वहीं देशभर में इंसेट 3 डी, 3 आर 3 एस उपग्रहों से भेजी गईं छाया चित्रों को प्राप्त करने के लिए नए स्टेशन स्थापित होंगे। साथ ही अति उच्च क्षमता वाले कम्प्यूटर खरीदे जाएंगे। रेडियो सैंडो स्टेशन की संख्या 75 की जाएगी। इन स्टेशनों से सुबह व शाम गुब्बारा नुमा उपकरण छोड़कर तापमान, वायु दाब, आद्र्रता, हवा की गति, हवा की दिशा, बादलों की ऊंचाई की जानकारी प्राप्त की जाती है।

क्या है डॉप्लर रडार?

  • डॉप्लर रडार मौसम की अतिसूक्ष्म तरंगों को भी कैच कर लेता है। जब अतिसूक्ष्म तरंगें किसी भी वस्तु से टकराकर लौटती हैं, तो यह रडार उनकी दिशा को आसानी से पहचान लेता है। ये राडार तरंगों को भांपकर मौसम संबंधी भविष्यवाणी करता है।
  • जब चक्रवात राडार की सीमा से 400 किलोमीटर के भीतर आता है। तब रडार से प्राप्त उच्च संकल्प छाया चित्रों से चक्रवात की स्थिति और पवन गति का पता लगाया जा सकता है। इसलिए भारत में डॉप्लर रडार की संख्या बढ़ाई जाएगी।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • डिफेंस एक्सपो 2020 का आयोजन कहां पर किया जाएगा? (लखनऊ, उत्तर)
  • डिफेंस एक्सपो 2020 की थीम क्या है? (‘भारत: उभरता हुआ रक्षा निर्माण केन्‍द्र’)
  • एक करोड़ से अधिक आबादी वाले किस राज्य ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार प्राप्त किया? (मध्य प्रदेश)
  • एक करोड़ से कम आबादी वाले किस राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार प्राप्त किया? (दादरा एवं नगर हवेली)
  • एक करोड़ से अधिक आबादी वाले किस जिले ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार प्राप्त किया? (इंदौर, मध्य प्रदेश)
  • एक करोड़ से कम आबादी वाले किस जिले ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार प्राप्त किया? (सेरछिप,मिजोरम)
  • किन दो देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास संप्रीति का आयोजन किया गया? (भारत और बांग्लादेश)
  • किस स्थल पर संयुक्त सैन्य अभ्यास संप्रीति 9 का आयोजन किया गया? (उमरोई, मेघालय)
  • आइसीडी-10 क्या है? (विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा बीमारियों की कोडिंग)
  • हाल ही में चर्चा में रहे इस्लामी सहयोग संगठन में कुल कितने देश शामिल हैं? (57)
  • भारत किस देश से डॉन मिसाइल हमले में सक्षम हेरॉन टीपी ड्रोन प्राप्त करेगा? (इजरायल)
  • मौसम की सटीक भविष्यवाणी के लिए मौसम विभाग के द्वारा कौन से राडार की संख्या बढ़ाने की घोषणा की गई है? (डॉप्लर रडार)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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