(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (03 मार्च 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (03 मार्च 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

भारत में कोरोना वायरस

  • चीन के हुबेई प्रांत के वुहान से फैले जानलेवा कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में 3,000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। भारत में इस बीमारी के 5 मरीज मिले हैं। हालांकि इनमें से तीन ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। बाकी दो मरीज में एक दिल्ली के अस्पताल में भर्ती हैं जबकि दूसरा मरीज तेलंगाना में है। दोनों पीड़ित शख्स की हालात स्थिर है और उनपर कड़ी नजर रखी जा रही है। सरकार ने कोरोना वायरस को लेकर काफी सर्तकता बरत रही है और हवाईअड्डों पर यात्रियों की चेकिंग की जा रही है।

क्या है कोरोना वायरस?

  • कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है.

क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?

  • इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था. इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है.

क्या हैं इससे बचाव के उपाय?

  • स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए. अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है. खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें. जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें. अंडे और मांस के सेवन से बचें. जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें.

पुरातात्विक महत्व के सभी स्थलों की जियो मैपिंग

  • पुरातात्विक महत्व के स्थलों को संरक्षित करने के साथ उन्हें अवैध कब्जों से बचाने के लिए सरकार ने बड़ी मुहिम छेड़ रखी है। इसके तहत देश के ऐसे सभी स्थलों को अब इसरो की मदद से जियो मैपिंग कराने का फैसला लिया है। मौजूदा समय में देश में पुरातात्विक महत्व के 36 सौ से ज्यादा स्थल है, लेकिन अभी इनमें से सिर्फ पांच सौ स्थलों की ही जियो मैपिंग है।
  • संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक जियो मैपिंग के साथ ही इसमें उस स्थल से जुड़ी सारी जानकारी भी मिलेगी। इसके साथ ही स्थल पर मौजूदा भवन और इमारत को देखा जा सकेगा। वहीं इस प्रोजेक्ट से ऐसे स्थलों के आस- पास होने वाले निर्माणों पर भी निगरानी रखी जा सकेगी।
  • मौजूदा समय में पुरातात्विक स्थलों के आसपास काफी बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा है। जिसे हटाने के लिए जहां सरकार एक तरफ मुहिम जारी रखे हुए है, वहीं वह कोई नया कब्जा न हो, इसे लेकर भी सतर्क है। फिलहाल विस्तृत क्षेत्र में फैले इन पुरातात्विक महत्व के स्थलों पर निगाह रखना काफी कठिन काम है। ऐसे में सरकार ने इसके लिए तकनीक का सराहा लिया है। इनमें इसरो से मदद ली जा रही है।
  • पुरातत्व स्थलों को सहेजने की सरकार का यह कोई पहला प्रयास नहीं है। इससे अलावा सरकार उन स्थलों को भी दुनिया की नजरों में सामने लाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत देश भर में फैले ऐसे स्थलों की नए सिरे सर्वे कराने का भी फैसला लिया है।

डीप फ़्रीज़र और लाइट कमर्शियल एयर कंडीशनरों (एलसीएसी) के लिए स्टार रेटिंग कार्यक्रम

  • अपने 19वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्‍य में ऊर्जा दक्षता ब्‍यूरो (बीईई) ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार ने एक ऊर्जा कुशल भारत बनाने की दिशा में एक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए हितधारकों के साथ परामर्श का आयोजन किया। 19वें स्थापना दिवस के अवसर पर, बीईई ने ऊर्जा दक्ष “डीप फ़्रीज़र्स” और “लाइट कमर्शियल एयर कंडीशनर (एलसीएसी)” को शामिल करके अपनी कवरेज का विस्तार किया है। इन दो नए उपकरणों के स्‍वै‍च्‍छिक शुरूआत के माध्यम से, इस कार्यक्रम के तहत अब 26 उपकरणों को शामिल किया जाएगा।

क्यों आवश्यक है?

  • डीप फ़्रीज़र और एलसीएसी वाणिज्यिक क्षेत्र में ऊर्जा के मुख्‍य खपत करने वाले क्षेत्र हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि ऊर्जा को बचत और कार्बन डॉइआक्‍साइड गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए इन दो उपकरणों को ऊर्जा बचत के कार्यक्रम में शामिल करना आवश्‍यक है। दो उत्पादों से ही वित्तीय वर्ष 2030 तक लगभग कुल 9 बिलियन यूनिट बिजली की बचत होने की उम्मीद है।

क्या होंगी विशेषता?

  • डीप फ्रीजर के लिए स्टार लेबलिंग कार्यक्रम स्वैच्छिक आधार पर शुरू किया गया है और ऊर्जा की खपत के मानक 31 दिसंबऱ 2021 तक प्रभावी होंगे। इस कार्यक्रम में आईएस 302-2 – 24 की आवश्यकताओं के साथ सभी क्षमताओं के हार्डटॉप और ग्लास टॉप चेस्ट प्रकार के डीप फ्रीजर सुरक्षा के लिए और आईएस 7872 ऊर्जा प्रदर्शन के लिए शामिल है।
  • प्रदर्शन मानक/ऊर्जा खपत मानक डीप फ़्रीज़र्स की वार्षिक ऊर्जा खपत (किलोवॉट प्रति घंटा/वर्ष) पर आधारित हैं। वाणिज्यिक प्रशीतन क्षेत्र में मुख्य रूप से डीप फ़्रीज़र्स शामिल है और अगले दशक में दोगुना बिजली की मांग को बढ़ाने के लिए तैयार है।
  • वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए चेस्‍ट और अपराइट प्रकार के डीप फ्रीजर सेगमेंट के लिए कुल संगठित बाजार लगभग 5-6 लाख यूनिट था। पिछले 3 वर्षों में यह बाजार बढ़कर दोगुना से अधिक हो गया और उच्च सीएजीआर पर इसके और बढ़ने की उम्मीद है। चेस्‍ट प्रकार के फ्रीजर की बाजार में हिस्‍सेदारी लगभग 99% है, इससे अपराइट प्रकार के डीप फ्रीजर के लिए 1% हिस्‍सेदारी बचती है। लगभग 3.72 लाख डीप फ्रीजर इकाइयों का आयात किया गया जबकि शेष स्वदेशी रूप से निर्मित हैं।
  • इस पहल के माध्यम से, यह वित्त वर्ष 2030 तक लगभग 6.2 बिलियन यूनिट बचने की उम्मीद है, जो 5.3 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के ग्रीन हाउस गैस न्‍यूनीकरण के बराबर है।
  • इस कार्यक्रम को शुरू में स्वैच्छिक मोड में 2 मार्च, 2020 से 31 दिसंबर, 2021 तक चलाया जाएगा। इसके बाद, उपकरणों के इस विशेष खंड में बाजार बदलाव के स्‍तर की समीक्षा के बाद इसे अनिवार्य बनाया जाएगा। इस पहल के माध्यम से, वित्त वर्ष 2030 तक लगभग 2.8 बिलियन विद्युत यूनिट बचने की उम्मीद है, जो कि 2.4 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी) न्‍यूनीकरण के बराबर है।

क्या है स्टार लेबलिंग कार्यक्रम?

  • बीईई ने ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के तहत, ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी द्वारा स्टार लेबलिंग कार्यक्रम तैयार किया गया है। बीईई ने अपने आवश्‍यक शासन के तहत 24 उपकरणों को कवर किया है, जिसमें से 10 उपकरण अनिवार्य शासन के अधीन हैं। 19वें स्थापना दिवस के अवसर पर, बीईई ने ऊर्जा दक्ष “डीप फ़्रीज़र्स” और “लाइट कमर्शियल एयर कंडीशनर (एलसीएसी)” को शामिल करके अपनी कवरेज का विस्तार किया है। इन दो नए उपकरणों के स्‍वै‍च्‍छिक शुरूआत के माध्यम से, इस कार्यक्रम के तहत अब 26 उपकरणों को शामिल किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान उर्जा दक्ष सूचना उपकरण (उदित) को ऊर्जा दक्षता पर एक डेटाबेस की सुविधा के लिए शुरू किया गया था। उदित एक उपयोगकर्ता के अनुकूल मंच है। जो उद्योग, उपकरण, भवन, परिवहन, नगरपालिका और कृषि क्षेत्रों में भारत की ऊर्जा दक्षता परिदृश्य की व्याख्या करता है।

ऊर्जा कुशल नीतियाँ भारत के विकास के लिए आवश्यक क्यों?

  • भारत का ऊर्जा क्षेत्र हाल ही में सरकार की विकास संबंधी महत्वाकांक्षाओं के संक्रमण के लिए निर्धारित है। उदाहरण के लिए 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता 175 गीगावॉट करना, सभी के लिए 24 घंटे विद्युत, सभी के लिए आवास, 100 स्मार्ट सिटी मिशन, ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देना, रेलवे क्षेत्र का विद्युतीकरण, घरों का शत प्रतिशत विद्युतीकरण, कृषि पंप सेटों का सौर विद्युतीकरण और स्वच्छ खाना पकाना आदि।
  • विश्व ऊर्जा आउटलुक (डब्‍ल्‍यूईओ 2010) के अनुसार ऊर्जा दक्षता में सबसे अधिक सीएचजी बढ़ावा देने की क्षमता लगभग 51% है। इसके बाद नवीकरणीय (32%), जैव ईंधन (1%), परमाणु (8%), कार्बन कैप्चर और स्टोरेज (8%) हैं।
  • भारत महत्वाकांक्षी ऊर्जा दक्षता नीतियों (आईईए-भारत 2020) के कार्यान्वयन के साथ 2040 तक नई बिजली उत्पादन के 300 गीगावॉट के निर्माण से बच सकता है। ऊर्जा दक्षता उपायों के सफल कार्यान्वयन से 86.60 बिलियन यूनिट की विद्युत बचत में योगदान मिल सकता है। यह देश की कुल विद्युत खपत का 7.14% है। इससे 2017-18 के दौरान 108.28 मिलियन टन कार्बन डाईऑक्‍साइड की उत्सर्जन में कमी में योगदान दिया।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

लक्जमबर्ग में सार्वजनिक परिवहन मुफ्त

  • यूरोप का सातवां सबसे छोटा देश लक्जमबर्ग शनिवार से सार्वजनिक परिवहन मुफ्त कर दिया गया है। ऐसा करने वाला यह दुनिया का पहला देश बन गया। सड़क पर ट्रैफिक का दबाव कम करने और गरीब श्रमिकों की मदद के लिए यह प्रयोग किया गया है। इसके तहत ट्राम, ट्रेन और बस का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। यहां हर शनिवार को बस, ट्रेन और ट्राम में पहले से मुफ्त यात्रा का नियम था, लेकिन अब यह सप्ताह के सातों दिन मुफ्त रहेगा। इस कदम से जर्मनी, बेल्जियम और फ्रांस से आने वाले सैलानियों को भी फायदा मिलेगा। पहले 2 घंटे से ज्यादा की यात्रा के लिए लोगों को 2 यूरो यानि 160 रु. किराया देना पड़ता था।
  • दरअसल, साल 2018 के आखिर में जेवियर बेटल ने लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद इसका ऐलाना किया था। यह उनका चुनावी वादा था कि वो पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मुफ्त करेंगे। इस फैसले से देश के करीब छह लाख नागरिकों, 1,75,000 सीमा-पार के मजदूरों और यहां आने वाले 12 लाख सैलानियों को फायदा होगा।
  • सार्वजनिक परिवहन को मुफ्त करने के पीछे सड़कों पर भीड़भाड़ और वाहनों की संख्या कम करना है। इससे पर्यावरण की दशा भी सुधारेगी। इसके अलावा इसका मकसद अमीरों और गरीबों के बीच बढ़ती खाई को भी पाटना भी है। दरअसल, यूरोपीय संघ के सभी देशों के मुकाबले यहां प्रति व्यक्ति कारों की संख्या सबसे ज्यादा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, लक्जमबर्ग में 60 फीसदी से अधिक लोग दफ्तर जाने के लिए अपनी कार का उपयोग करते हैं। सिर्फ 19 फीसदी लोग ही सार्वजनिक परिवहन के साधनों का इस्तेमाल करते हैं।

NRC का बांग्लादेश के नागरिकों पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव

  • भारत ने बांग्लादेश को आश्वासन दिया है कि नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर के अपडेशन का उसके लोगों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो देश के लिए पूरी तरह से आंतरिक है। विदेश सचिव श्रृंगला ने सोमवार को कहा कि नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर(एनआरसी) का एक प्रक्रिया है जो भारत के लिए पूरी तरह से आंतरिक है।

NRC क्या है?

  • नेशनल सिटिजन रजिस्टर (NRC) असम में रहने भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए बनाई गई एक सूची है। जिसका मकसद राज्य में अवैध रूप से रह रहे अप्रवासियों खासकर बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करना है। इसकी पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही थी। इस प्रक्रिया के लिए 1986 में सिटीजनशिप एक्ट में संशोधन कर असम के लिए विशेष प्रावधान किया गया। इसके तहत रजिस्टर में उन लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जो 25 मार्च 1971 के पहले असम के नागरिक हैं या उनके पूर्वज राज्य में रहते आए हैं।
  • असम देश का अकेला राज्य है, जहां सिटीजन रजिस्टर लागू है। राज्य में पहली बार नेशनल सिटीजन रजिस्टर साल 1951 में बना था। तब बने रजिस्टर में उस साल हुई जनगणना में शामिल हर शख्स को राज्य का नागरिक माना गया था। इसके बाद बीते कुछ सालों से राज्य में एकबार फिर उसे अपडेट करने की मांग की जा रही थी। दरअसल पिछले कई दशकों से राज्य में पड़ोसी देशों खासकर बांग्लादेश से हो रही अवैध घुसपैठ की वजह से वहां जनसंख्या संतुलन बिगड़ने लगा था। इसी वजह से वहां के लोग NRC अपडेट करने की मांग कर रहे थे। इस मांग को लेकर और अनियंत्रित अवैध घुसपैठ के विरोध में कई बार राज्यव्यापी हिंसक विरोध-प्रदर्शन भी हो चुके थे।

इस्राइल में मतदान

  • इस्राइल में एक साल के भीतर सोमवार को तीसरी बार संसदीय चुनाव के लिए मतदान हुआ। पिछले साल दो बार हुए चुनाव राजनीतिक गतिरोध दूर करने में नाकाम रहे थे क्योंकि कोई भी पार्टी पूर्ण बहुमत प्राप्त नहीं कर सकी।
  • देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे बेंजामिन नेतन्याहू खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पर्याप्त सीटें जीतने में नाकाम रहे थे। इस चुनाव में भी नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और पूर्व सैन्य जनरल बर्नी गैंट्ज की मध्यमार्गी ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के बीच कड़ी टक्कर है। मतदान के नतीजे मंगलवार सुबह तक आएंगे।

:: राजव्यवस्था ::

पंजाब में नए लोकपाल बिल को मंजूरी

  • मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में नए लोकपाल बिल को मंजूरी मिल गई। मुख्यमंत्री, मंत्री व विधायक इसके दायरे में होंगे, लेकिन उन पर तभी मुकदमा दर्ज करवाया जा सकेगा, जब सदन इसे दो तिहाई बहुमत से पास कर देगा।
  • पंजाब कैबिनेट के इस फैसले से मौजूदा पंजाब लोकपाल एक्ट-1996 रद हो गया है। नया कानून मुख्यमंत्री, मंत्री, सभी सरकारी अधिकारियों पर लागू होगा। इससे राज्य सरकार का भ्रष्टाचार मुक्त बेहतर प्रशासन मुहैया करवाने का उद्देश्य पूरा होगा।

मुख्यमंत्री होंगे चयन समिति के अध्यक्ष

  • लोकायुक्त का एक चेयरपर्सन होगा, जो हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का जज हो या रह चुका हो।
  • सदस्यों की संख्या चार से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह सरकार की तरफ से नियुक्त किए जाएंगे।
  • लोकायुक्त के सदस्यों में से कम से कम एक सदस्य अनुसूचित जाति, पिछड़ी श्रेणी, अल्पसंख्यक या महिला जरूर होना चाहिए।
  • लोकायुक्त के सदस्य प्रतिष्ठावान होने चाहिए, जिन पर कोई भी दोष न हो।
  • चेयरपर्सन और सदस्यों की नियुक्ति चयन समिति की सिफारिशों केबहुमत के आधार पर राज्यपाल करेंगे।
  • चयन समिति मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगी। इसमें विधानसभा के स्पीकर, विपक्ष के नेता, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और पंजाब सरकार से मनोनीत एक प्रख्यात कानूनी माहिर सदस्य होगा।

लोकायुक्त के अधिकार

  • लोकायुक्त के पास सिविल प्रोसीजर कोड 1908 अधीन सिविल कोर्ट के सभी अधिकार होंगे।
  • यह झूठी शिकायत के मामले में भी मुकदमा चला सकेगा।
  • विधानसभा की ओर से मुकदमा चलाने की आज्ञा दी जाती है या नहीं, इसके लिए लोकपाल पाबंद होगा।

कैसे करेगा काम

  • नोटिस जारी करने से पहले सभी शिकायतों की पड़ताल लोकपाल की स्क्रीनिंग कमेटी करेगी।
  • स्क्रीनिंग कमेटी इस बारे में सरकार की राय भी लेगी।
  • लोकपाल मामले की जांच कर रहा है, तो यह कानून किसी भी अधिकारी व सार्वजनिक पद पर काम करने वालों के खिलाफ शिकायत की समानांतर पड़ताल को रोक सकता है।
  • लोकपाल के पास उस मामले की समानांतर जांच करने का अधिकार नहीं होगा, जिसकी जांच पहले ही सरकार की ओर से की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर का अनुच्छेद 370

  • जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जस्टिस एनवी रमना की अगुआई वाली पांच सदस्यीय पीठ ने 23 जनवरी की सुनवाई में याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित कर लिया था। सोमवार को फैसला आ सकता है। यह भी संभव है कि मामला बड़ी पीठ के पास सुनवाई के लिए भेज दिया जाए।

पृष्ठभूमि

  • केंद्र ने पांच अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला किया था। इसके विरुद्ध कई याचिका प्रस्तुत की गयी थी।

क्या है अनुच्छेद 370?

  • जम्मू-कश्मीर का जिक्र आते ही धारा 370 और 35ए की बात आ जाती थी. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष स्वायत्तता मिली थी. वहीं, 35A जम्मू-कश्मीर राज्य विधानमंडल को 'स्थायी निवासी' परिभाषित करने और उन नागरिकों को विशेषाधिकार प्रदान करने का अधिकार देता था. यह भारतीय संविधान में जम्मू-कश्मीर सरकार की सहमति से राष्ट्रपति के आदेश पर जोड़ा गया. राष्ट्रपति ने 14 मई 1954 को इस आदेश को जारी किया था. यह अनुच्छेद 370 का हिस्सा था.

:: अर्थव्यवस्था ::

Fitch ने 2019-20 में देश के आर्थिक विकास का अनुमान घटाया

  • क्रेडिट रेटिंग फिच सॉल्यूशन्स ने 31 मार्च को समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में भारत के आर्थिक विकास के अनुमान को घटाकर 4.9 कर दिया है। एजेंसी ने कहा है कि कोरोनावायरस की वजह से घरेलू स्तर पर कमजोर डिमांड और आपूर्ति बाधित होने से मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, 2020-21 में GDP growth में थोड़े सुधार का अनुमान एजेंसी ने लगाया है। फिच का अनुमान है कि अगले वित्त वर्ष में देश के आर्थिक विकास की गति 5.4% पर रह सकती है।
  • एजेंसी ने भारत के आर्थिक विकास दर से जुड़े अपने अनुमान में कहा है, ''Fitch Solutions वित्त वर्ष 2019-20 में भारत के वास्तविक जीडीपी वृद्धि से जुड़े अपने अनुमान को 5.1% से घटाकर 4.9% कर रहा है। इसी तरह वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी वृद्धि के अनुमान को 5.9 फीसद से घटाकर 5.4 फीसद कर दिया गया है।''
  • भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में घटकर 4.7% रह गयी है, जो कि दूसरी तिमाही में 5.1 फीसद थी।
  • एजेंसी ने कहा, 'वित्त वर्ष 2020-21 के केंद्रीय बजट में इंडस्ट्री के सपोर्ट के लिए कदम नहीं उठाये जाने से सुस्त पड़ी इंडस्ट्री को एक और बुरी खबर मिली, जो कि पहले से ही कई प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पतन से क्रेडिट की समस्या से जूझ रही थी।'
  • गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां वह प्रमुख माध्यम है जिससे उपभोक्ता वाहन और घर की खरीदारी के लिए लोन लेते हैं। वहीं, दूसरी तरफ चीन से फैले कोरोना वायरस के प्रकोप से सप्लाई चेन बिखर गई है। पार्ट्स की कमी के चलते ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में मैन्यूफैक्चरिंग गतिविधियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां क्या हैं?

  • क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां वे एजेंसियां हैं जो कंपनियों, संस्थाओं या देशों के उद्देश्य विश्लेषण और स्वतंत्र आकलन का प्रतिनिधित्व करने के लिए रेटिंग प्रदान करती हैं जो ऐसी ऋण प्रतिभूतियों को जारी करती हैं। ये रेटिंग इस ऋण के खरीदारों के लिए एक संकेत है कि उन्हें वापस भुगतान किए जाने की कितनी संभावना है।

प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां

  • विश्व स्तर पर, स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एस एंड पी), मूडीज और फिच समूह को बिग थ्री क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के रूप में मान्यता प्राप्त है। भारतीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों में प्रमुख है-CRISIL, ICRA, ONICRA, CARE, CIBIL, SMERA ।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

GISAT-1 उपग्रह

  • श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्चिंग की तैयारियां तेज हो गई हैं। जीआई-सैट1 जियो स्टेशनरी ऑर्बिट से पृथ्वी की निगरानी करने वाला देश का पहला उपग्रह होगा। इसकी लॉन्चिंग बृहस्पतिवार शाम 5 बजकर 43 मिनट पर होगी।
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जीएसएलवी-एफ-10 लॉन्च व्हीकल से जियो इमेजिंग सैटेलाइट -1 (जीआई-सैट1) बृहस्पतिवार को शाम 5: 43 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च होगा।
  • जीआई-सैट1 जियो स्टेशनरी ऑर्बिट से पृथ्वी की निगरानी करने वाला देश का पहला स्टेट ऑफ द आर्ट सैटेलाइट है ये उपग्रह पृथ्वी से 36 हजार किमी दूर कक्षा में स्थापित होगा। इसका उपयोग निगरानी करने के लिए होगा।
  • जीआई-सैट1 पृथ्वी का चक्कर लगाने के बाद हर दो घंटे के अंतराल पर वापस अपने स्थान पर लौटेगा। ये तेजी के साथ पृथ्वी की तस्वीरें लेने के साथ कड़ी निगरानी करेगा। वैज्ञानिकों का ये भी मानना है कि इस उपग्रह की खासियत ये है कि ये एक बिंदु पर लंबे समय तक नजर रख सकता है। लॉन्चिंग प्रक्रिया में कुल 18 मिनट 39 सेकंड का समय लग सकता है।

जीआई-सैट1 की विशेषता

  • 2,268 किलो वजनी है सैटेलाइट
  • 3 इमेजिंग सेंसर उपग्रह के प्रमुख पे-लोड
  • 7 साल तक करेगा काम, 2280 वॉट है ताकत

जीआई-सैट1 से लाभ

  • वैज्ञानिकों का मानना है कि इस उपग्रह से प्राकृतिक आपदा के साथ पृथ्वी पर चल रही छोटी-छोटी घटनात्मक गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। इसके अलावा कृषि, वन, खनन, बादल, बर्फबारी, ग्लेशियर क्षेत्रों के साथ और महासागरों में चल रही हर तरह गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी।

जीएसएलवी-एफ10

  • जीएसएलवी-एफ10 इसरो का चौथी पीढ़ी का लॉन्चिंग व्हीकल है जो बृहस्पतिवार को 14वीं बार किसी उपग्रह को उसकी कक्षा में पहुंचाएगा। इसका तीन चरणों में निर्माण हुआ है जिसमें चार लिक्व्डि स्ट्रैप लगे हैं। पहले ही चरण से इसमें ताकतवर मोटर लगी है। इसरो ने इस उपग्रह में पहली बार चार मीटर व्यास वाला ओ आकार का पे-लोड प्रयोग किया है जो जीएसएलवी के साथ पहली बार मिशन पर निकलेगा।

फ्लो डायवर्टर स्टेंट टेक्नोलॉजी

  • श्री चित्रा थिरुनाल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एससीटीआईएमएसटी) तिरुवंतपुरम की अनुसंधान टीम ने रक्त वाहिकाओं के धमनीविस्फार के उपचार के लिए एक अभिनव इंट्राक्रानियल फ्लो डायवर्टर स्टेंट विकसित किया है। यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। यह जानवरों में स्थानांतरण और परीक्षण के बाद मानव परीक्षण के लिए भी तैयार है।

कार्य प्रणाली एवं विशेषता

  • फ्लो डायवर्टरों को जब एन्यूरिज्म से ग्रस्‍त मस्तिष्‍क की धमनी में तैनात किया जाता है तब यह एन्‍यूरिजम से रक्‍त का प्रभाव बदल देता है, इससे रक्त प्रवाह के दबाव से इसके टूटने की संभावना कम हो जाती है।
  • फ्लो डायवर्टर को जटिल आकार की रक्त वाहिनियों की दीवार पर बेहतर पकड़ के लिए तैयार किया गया है ताकि उपकरण के हटने का खतरा कम हो सके। इसका अनोखा डिजाइन इस स्टैंट को विकुंचन और तोड़ने से रोकता है, जब इसे टेढ़ी-मेढ़ी और जटिल आकार वाली रक्त वाहिनियों मे रखा जाता है। यहां तक कि 180 डिग्री झुकने से भी स्टैंट की पुटी बंद नहीं होती। तारों के हिस्से को एक्सरे में बेहतर तरीके से दिखाई देने के लिए रेडियो अपारदर्शक बनाया गया है।

एन्यूरिज्म क्या है?

  • इंट्राक्रैनील एन्यूरिज्म रक्त वाहिकाओं की दीवारों की आंतरिक मांसपेशियों के कमजोर पड़ने के कारण मस्तिष्क में धमनियों का उभार या फैलाव है। एन्‍यूरिजम के सहज टूटने से मस्तिष्क के चारों ओर रक्तस्राव हो सकता है जिसके परिणामस्वरूप होने वाली स्थिति को सबराचोनोइड हेमोरेज (एसएएच) कहा जाता है। सबराचोनोइड रक्तस्राव से पक्षाघात, कोमा या मृत्यु हो सकती है।
  • एन्यूरिज्म के सर्जिकल उपचार में खोपड़ी को खोलकर एन्‍यूरिज्‍म की गर्दन पर एक क्लिप लगाई जाती है ताकि रक्त प्रवाह के मार्ग को कट किया जा सके।
  • एन्यूरिज्म के तीन गैर-सर्जिकल इलाज हैं। दो की प्रक्रियाओं में न्यूरिस्मल सेसिस प्लेटिनम क्वॉयल अथवा गाढ़ापन लिए हुए उच्च तरल पॉलिमर का इस्तेमाल करते हुए इसे भरा जाता है, जो इसे ठोस थैली बनाकर सील कर देता है। इन सभी तकनीकों की कुछ सीमाएं हैं।
  • तीसरा विकल्प फ्लो डायवर्टर स्टैंट लगाना है ताकि धमनी विस्तार वाले क्षेत्र से रक्त धमनी बाहर-बाहर से निकल सके। फ्लो डायवर्टर धमनी के अनुसार लचीला और स्वीकार करने योग्य हो सकता है। साथ ही फ्लो डायवर्टर रक्त के प्रवाह पर लगातार जोर न देकर धमनी की दीवार को ठीक करता है।

स्टेंट क्या है?

  • स्टेंट मेटल से बना ट्यूब होता है। इस ट्यूब की मदद से धमनी को खुले रहने में मददगार होती है। डॉक्टर आमतौर पर इस छोटी सी ट्यूब को धमनियों के अंदर डालते हैं, जिससे ब्लॉक हुई रक्त वाहिकाओं को खुला रखने में मदद होती है। इसी ट्यूब को स्टेंट (Stents) कहते है। इसका मुख्य कार्य रक्त प्रवाह या अन्य तरल पदार्थों आगे पहुंचना है। अगर हृदय तक सही तरीके से ब्लड सर्कुलेशन नहीं हो पाता है तो दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा शुरू हो सकता है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

विश्व वन्यजीव दिवस: 3 मार्च

  • प्रत्येक वर्ष 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस मनाया जाता है। आपको बता दें संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 दिसम्बर, 2013 के 68वें सत्र में 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस के रूप में घोषित किया था। 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस को मनाने की तिथि का इसलिए चयन किया गया क्योंकि इसी दिन विलुप्तप्राय वन्यजीव व वनस्पति के व्यापार पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (CITES) को स्वीकृत किया गया था। इस वर्ष 2020 की वन्य जीव दिवस की थीम है, “पृथ्वी पर जीवन कायम रखना ” (Sustaining All Life On Earth)।
  • पृथ्वी पर जैव विविधता बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर काफी प्रयास किए जा रहे हैं।

वैश्विक स्तर पर-

  • वन्य जीव और वनस्पति के लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर सम्मेलन (CITES) का लक्ष्य है कि जंगली जानवरों और पौधों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में उनके अस्तित्व को खतरा न पहुँचाया जाये।
  • वन्य पशु की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर सम्मेलन (CMS) का लक्ष्य है कि अपनी सीमा के दौरान स्थलीय, समुद्री और आकासीय प्रवासी प्रजातियों को संरक्षित रखा जाये।
  • अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) का घोषित लक्ष्य, विश्व की सबसे विकट पर्यावरण और विकास संबंधी चुनौतियों के लिए व्यावहारिक समाधान खोजने में सहायता करना है। संघ विश्व के विभिन्न संरक्षण संगठनों के नेटवर्क से प्राप्त जानकारी के आधार पर लाल सूची प्रकाशित करता है, जो विश्व में सबसे अधिक संकटग्रस्त प्रजातियों को दर्शाती है।
  • व्हेलिंग नियमन के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (IWC) का उद्देश्य अत्यधिक शिकार से सभी व्हेल प्रजातियों का संरक्षण करना एवं व्हेल मछली पालन के लिए अंतर्राष्ट्रीय नियमन की एक प्रणाली की स्थापना करना है, जिससे व्हेल भंडारणों का उचित संरक्षण और विकास सुनिश्चित हो सके और व्हेल की भविष्य की पीढि़यों को सुरक्षा प्रदान किया जा सके।
  • एसडीजी के वैश्विक लक्ष्यों में जैव विविधता को प्राथमिकता

भारत के स्तर पर-

केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा समय-समय पर वन्य जीव की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए कई नियम तथा कानून पारित किए गए हैं। इनमें से महत्वपूर्ण हैं-

  • मद्रास वाइल्ड एलीफेंट प्रिजर्वेशन एक्ट, 1873
  • ऑल इण्डिया एलीफेंट प्रिजर्वेशन एक्ट, 1879
  • द वाइल्ड बर्ड एण्ड एनीमल्स प्रोहिबिशन एक्ट, 1912
  • बंगाल राइनोसेरस प्रिजर्वेशन एक्ट, 1932
  • असम राइनोसेरस प्रिजर्वेशन एक्ट, 1954
  • इण्डियन बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ (आइबीडब्ल्यूएल), 1952
  • वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट, 1972
  • पहली वन्य जीवन कार्य योजना, 1983
  • नई वन्य जीवन कार्य योजना (2002-2016)
  • जैव विविधता अधिनियम, 2002

वन्यजीवों के संरक्षण के लिए भारत सरकार के कुछ महत्वपूर्ण पहल

  • 1 अप्रैल, 1973 में प्रोजेक्टर टाइगर की शुरुआत
  • 1992 में प्रोजेक्ट एलीफेंट
  • गिद्ध परिरक्षण
  • घड़ियाल संरक्षण
  • 2009 में हिम तेंदुआ परियोजना (प्रोजेक्‍ट स्‍नो लेपर्ड)
  • 2019 में ‘भारतीय एकसिंगी गैंडे के लिए राष्‍ट्रीय संरक्षण रणनीति’
  • 2019 से एशियाई शेर संरक्षण परियोजना

भारत द्वारा वन्यजीव संरक्षण संबंधी अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का अपनाया जाना

  • CITES समझौते को अपनाना
  • 1983 में बान कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए।
  • सीएमएस के साथ साइबेरियाई सारस के लिए 1998 में, समुद्री कछुओं के लिए 2007 में, डुगोंग्‍स के लिए 2008 में और रेप्‍टर्स के संरक्षण के लिए 2016 में कानूनी रूप से अबाध्‍यकारी समझौता ज्ञापनों पर हस्‍ताक्षर
  • 2020 में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, एशियाई हाथी और बंगाल फ्लोरिकन को प्रवासी प्रजातियों के बारे में संयुक्त राष्ट्र समझौते के परिशिष्ट-I में शामिल करवाना

:: विविध ::

अजलन शाह कप हॉकी टूर्नामेंट

  • दुनिया भर में नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए सोमवार को अजलन शाह कप हॉकी टूर्नामेंट के 29वें सीजन को अप्रैल की जगह सितंबर में आयोजित कराने का फैसला किया गया है। अजलन शाह कप का मलेशिया के इपोह में 11 से 18 अप्रैल तक होना था, लेकिन अब यह टूर्नामेंट 24 सितंबर से तीन अक्टूबर तक होगा। मलेशिया में कोरोना वायरस से अब तक 29 संक्रमित मिले हैं।
  • यह टूर्नामेंट हर साल मलेशिया में होता है। पिछली बार दक्षिण कोरिया ने खिताब जीता था। उसने फाइनल में भारत को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से शिकस्त दी थी। भारतीय टीम 6 बार (1985, 1991, 1995, 2009 और 2010) यह खिताब जीत चुकी है।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के द्वारा किन दो उपकरणों को अपने स्टार रेटिंग कार्यक्रम में शामिल किया गया है? (डीप फ़्रीज़र और लाइट कमर्शियल एयर कंडीशनर)
  • ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के स्टार रेटिंग कार्यक्रम में कुल कितने उपकरणों को शामिल किया गया है? (26)
  • सार्वजनिक परिवहन मुफ़्त करने वाला दुनिया का प्रथम देश कौन है? (लक्जमबर्ग)
  • हाल ही में किस राज्य ने नए लोकपाल विधेयक को मंजूरी दी है जिसके तहत मुख्यमंत्री, मंत्री समेत विधायकों को लोकपाल के दायरे में लाया गया है? (पंजाब)
  • हाल ही में क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की विकास दर को घटाकर कितना कर दिया है? (4.9 फीसद)
  • इसरो के द्वारा पृथ्वी की निगरानी करने वाले देश के पहले स्टेट ऑफ द आर्ट सेटेलाइट का क्या नाम है? (जीआई-सैट1)
  • किस तिथि को विश्व वन्यजीव दिवस मनाया जाता है? (3 मार्च)
  • विश्व वन्यजीव दिवस 2020 की थीम क्या है? (पृथ्वी पर जीवन कायम रखना-Sustaining All Life On Earth)
  • अजलान शाह हाकी टूर्नामेंट का आयोजन किस देश के द्वारा किया जाता है? (मलेशिया)
  • किस देश में किसी पार्टी को बहुमत ना मिल पाने के कारण लगातार तीसरी बार चुनाव करवाए जा रहे हैं? (इजराइल)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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