(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (03 जनवरी 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (03 जनवरी 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

प्रोफेसर सुरेश चंद्र शर्मा NMC के पहले अध्यक्ष

  • दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कान, नाक गला विभाग के प्रोफेसर सुरेश चंद्र शर्मा को गुरुवार को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
  • एनएमसी नया चिकित्सा शिक्षा नियामक है जो भ्रष्टाचार के आरोपों वाली भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) की जगह लेगा। कार्मिक मंत्रालय के आदेश में कहा गया कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने शर्मा की नियुक्ति को तीन साल की अवधि के लिए या उनकी आयु 70 साल की होने तक के लिए स्वीकृति दी है।
  • एमसीआई के संचालन मंडल के महासचिव राकेश कुमार वत्स को इसी अवधि के लिए आयोग के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने गत आठ अगस्त को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एमएमसी) कानून 2019 को मंजूरी प्रदान कर दी थी।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एमएमसी)

  • आयोग गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच में सुधार के लिए प्रणाली उपलब्ध कराएगा और देश के सभी हिस्सों में पर्याप्त एवं उच्च गुणवत्ता से परिपूर्ण चिकत्सा पेशेवरों की उपलब्धता तथा अन्य चीजें सुनिश्चित करेगा। नया कानून चिकित्सा शिक्षा, पेशे और संस्थानों से जुड़े सभी पहलुओं के विकास और नियमन के लिए एमसीआई की जगह एनएमसी की स्थापना की बात कहता है।

पृष्टभूमि

  • राष्ट्रपति ने 2018 में एमसीआई को भंग कर दिया था और इसके कार्यों को अंजाम देने के लिए एक संचालन मंडल नियुक्त कर दिया था। एनएमसी के लिए केंद्र सरकार को कम से कम 72 आवेदन मिले थे। कानून के अनुसार आयोग में एक अध्यक्ष, 10 पदेन सदस्य और 22 अंशकालिक सदस्य होंगे।
  • एमसीआई के पदाधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों और और मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने से जुड़े मामलों की अपारदर्शी जांच के बीच उच्चतम न्यायालय ने मई 2016 में सरकार को नया कानून आने तक एमसीआई के सभी संवैधानिक कार्यों को देखने के लिए एक समिति की स्थापना करने का निर्देश दिया था।
  • अधिकारियों ने कहा कि एमसीआई पर तुरंत मान्यता देने और देशभर में मेडिकल कॉलेजों को विभिन्न प्रकार की स्वीकृति प्रदान करने में रिश्वत लेने के व्यापक आरोप लगते रहे हैं।

राममंदिर के निर्माण हेतु विशेष अयोध्या डेस्क

  • सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अब अयोध्या में राममंदिर के निर्माण से जुड़े सभी मामलों को देखने के लिए गृह मंत्रालय में विशेष अयोध्या डेस्क का गठन किया गया है। मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार को इस विशेष अयोध्या डेस्क का प्रमुख बनाया गया है।
  • यह डेस्क सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने से लेकर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन और उसके बाद ट्रस्ट को जमीन का मालिकाना हक स्थानांतरित किए जाने जैसे सभी अहम मुद्दे देखेगी।
  • गृह मंत्रालय की ओर से 31 दिसंबर को जारी आदेश के मुताबिक अयोध्या डेस्क तीन सदस्यीय होगी। इसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख विभाग के प्रमुख अतिरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार के अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख विभाग के ही संयुक्त सचिव और राष्ट्रीय एकता विभाग के उप सचिव को शामिल किया गया है।
  • गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर विभाग के प्रमुख के रूप में ज्ञानेश कुमार ने पांच अगस्त को राज्य के विभाजन और अनुच्छेद 370 व 35-ए को हटाने में अहम भूमिका निभाई थी। मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि यह डेस्क अब अयोध्या से जुड़े सभी मामले और उससे संबंधित अदालती आदेशों को देखेगी।

मंदिर निर्माण ट्रस्ट

  • मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के स्वरूप पर फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि ट्रस्ट 11 सदस्यीय होगा।
  • इस ट्रस्ट में सरकारी प्रतिनिधि के रूप में अयोध्या के जिलाधिकारी या फैजाबाद के कमिश्नर को स्थान दिया जाएगा।
  • इसके साथ ही केंद्र सरकार के एक अधिकारी को भी ट्रस्ट में सदस्य के रूप में शामिल किया जा सकता है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही अपने फैसले में निर्मोही अखाड़े के एक प्रतिनिधि को सदस्य बनाने का निर्देश दे दिया है।
  • ट्रस्ट में ऐसे किसी व्यक्ति को इसमें स्थान नहीं मिलेगा, जो मंदिर निर्माण के लिए अपना पूरा समय नहीं दे पाए।
  • सरकार के सामने ट्रस्ट की स्वायत्तता पहली प्राथमिकता है, ताकि भविष्य में इसका किसी भी तरह से दुरुपयोग नहीं हो सके।

पृष्टभूमि

  • पिछले साल नौ नवंबर को दिए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण करने के लिए ट्रस्ट गठन के लिए तीन महीने का समय दिया था, जो नौ फरवरी को पूरा होगा। अब सरकार के पास केवल 38 दिन शेष रह गए हैं। माना जा रहा है कि मकर संक्रांति के बाद कभी भी ट्रस्ट के गठन की घोषणा की जा सकती है।

बेंगलुरू में 107वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी कल यानी 3 जनवरी, 2020 को कृषि विज्ञान विश्‍वविद्यालय, जीकेवीके, बेंगलुरू में 107वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर आई-स्‍टेम पोर्टल भी लॉन्‍च करेंगे। केन्‍द्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री श्री बी.एस. येदियुरप्‍पा और अन्‍य गणमान्‍यजन भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
  • इस वर्ष भारतीय विज्ञान कांग्रेस (आईएससी) की थीम ‘विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी : ग्रामीण विकास’ है।

राष्ट्रीय अग्नि सेवा कॉलेज और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल अकादमी

  • केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने नागपुर में राष्ट्रीय अग्नि सेवा कॉलेज (एनएफएससी) का नया परिसर राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने नागपुर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) अकादमी की आधारशिला भी रखी।

नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर 102 लाख करोड़ के प्लान का एलान किया. यह नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) का हिस्सा होगा. ये प्रोजेक्ट 5 साल में पूरे होंगे.

यह नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) क्या है?

  • एक अनुमान के मुताबिक भारत को तेज आर्थिक वृद्धि दर के लिए साल 2030 तक इंफ्रास्ट्रक्चर (ढांचागत सुविधाओं) पर 4.5 लाख करोड़ डॉलर खर्च करने होंगे. नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के जरिए इस काम को अंजाम दिया जाएगा.

एनआईपी के क्या फायदे होंगे?

  • एनआईपी से अर्थव्यवस्था को कई तरह से फायदा होगा. कारोबार का विस्तार बढ़ेगा. रोजगार के मौके बनेंगे. लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा. इससे इकनॉमिक ग्रोथ का असर कई स्तर पर दिखेगा. ढांचागत सुविधाओं पर खर्च बढ़ाने से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी. सरकार को रेवेन्यू बढ़ाने में मदद मिलेगी. परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी.

एनआईपी से भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने मे कैसे मदद मिलेगी?

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर 102 लाख करोड़ रुपये खर्च करने से भारत को 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी. दरअसल, इतनी बड़ी रकम खर्च करने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. इससे अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी, रोजगार के मौके पैदा होंगे और सरकार का राजस्व बढ़ेगा.

पृष्टभूमि

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कहा था कि अगले पांच साल में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके बाद एक टास्कफोर्स ने चार महीने की अवधि में इस मसले से जुड़े 70 पक्षों से बातचीत करने के बाद 102 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की पहचान की. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस पाइपलाइन में और 3 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट जोड़े जाएंगे.

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

1816 की सुगौली संधि

  • नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सरकार को वर्ष 1816 में की गई सुगौली संधि के दौरान भारत को सौंपे गए नक्शे की असली प्रति पेश करने का आदेश दिया है। नेपाल सरकार को यह नक्शा 15 दिन के अंदर अपनी शीर्ष अदालत को दिखाना होगा।
  • जस्टिस हरिप्रसाद फुयाल की एकल पीठ ने यह आदेश एक वरिष्ठ वकील की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें शीर्ष अदालत से नेपाली क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए सरकार को राजनीतिक व राजनयिक प्रयास चालू करने के लिए आदेश देने की मांग की गई थी।
  • शीर्ष अदालत ने नेपाल सरकार को भारत सरकार के साथ 1960 में की गई सीमा संधि का असली नक्शा, ईस्ट इंडिया कंपनी की तरफ से 1 फरवरी, 1927 को प्रकाशित किया गया नक्शा और ब्रिटिश सरकार द्वारा 1847 में प्रकाशित एक अन्य नक्शा भी पेश करने के लिए कहा है।

पृष्टभूमि

  • दरअसल पिछले साल 31 अक्तूबर को जम्मू-कश्मीर का विभाजन आदेश लागू होने पर नवंबर में भारत ने अपना नया भू-राजनीतिक नक्शा जारी किया था। इस नक्शे पर नेपाल ने आपत्ति जताई थी। नेपाल का कहना था कि उसके क्षेत्र में होने के बावजूद कालापानी, लिपुलेक और लिम्पियाधुरा क्षेत्रों को भारत ने नक्शे में अपना हिस्सा दिखाया है। हालांकि भारत का कहना है कि नए नक्शे में उसके संप्रभु क्षेत्र का सटीक चित्रण है और इसमें नेपाल के साथ अपनी सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्या थी सुगौली संधि?

  • अंग्रेजों और नेपालियों ने आपस में युद्ध खत्म करने के लिए 1816 में सुगौली संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस संधि के तहत नेपाल ने दार्जिलिंग समेत कई नेपाली क्षेत्र ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के हवाले कर दिए थे। इस संधि के तहत नेपाल को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से उन सभी हिस्सों पर हक छोड़ना था, जो नेपाल के राजा ने युद्धों में जीतकर हासिल किए थे। इनमें पूर्वोत्तर में सिक्किम रियासत और पश्चिम में कुमाऊं व गढ़वाल के क्षेत्र भी शामिल थे।

ताइवान ने ठुकराया 'एक देश, दो व्यवस्था' वाला फार्मूला

  • ताइवान ने चीन को एक बड़ा झटका दिया है। उसने बड़ा साहस दिखाते हुए चीन का ‘एक देश, दो व्यवस्था’ वाला प्रस्ताव ठुकरा दिया है। ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन ने कहा है कि उन्हें चीन का प्रस्ताव मंजूर नहीं है। ताइवान का कहना है कि यह फॉर्मूला हांगकांग में पूरी तरह से नाकाम हो गया है ऐसे में इसे स्वीकार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।

पृष्टभूमि

  • बता दें कि चीन इस देश को भी अपना ही एक हिस्सा मानता है और बार-बार कहता रहा है कि ताइवान का एकीकरण होकर रहेगा जिसे दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है। ऐसे में ताइवान राष्ट्रपति का चीनी प्रस्ताव को ठुकराना वैश्विक मंच पर बेहद अहम माना जा रहा है।
  • हाल ही में चीन ने स्पष्ट किया था कि वह ताइवान के विलय को लेकर सैन्य ताकत का इस्तेमाल भी कर सकता है। राष्ट्रपति जिनपिंग इस द्वीप को अपने में मिलाने का कह चुके हैं। कुछ समय पहले चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगहे ने भी मातृभूमि के एकीकरण को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ने का बयान दिया था। दरअसल ताइवान 1950 से ही स्वतंत्र देश रहा है लेकिन चीन उसे अपना विद्रोही राज्य मानता रहा है।

साल के पहले दिन जन्म लेने वाले बच्चों के आंकड़े : यूनिसेफ

  • भारत में नए साल के दिन यानि एक जनवरी को 67385 बच्चे पैदा हुए, जो एक रिकॉर्ड है। किसी भी अन्‍य देश में 1 जनवरी को इतने बच्‍चे पैदा नहीं हुए। दूसरे नंबर पर इस लिस्‍ट में चीन रहा। बता दें कि साल 2020 में पहले बच्चे ने पैसिफिक क्षेत्र में फिजी में जन्म लिया। वहीं, एक जनवरी को दुनियाभर में जितने बच्चे पैदा हुए उनमें से 17 फीसदी बच्चे भारत में जन्‍मे हैं।
  • यूनिसेफ से साल के पहले दिन जन्म लेने वाले बच्चों के आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2020 को 3,92,078 बच्चे पैदा हुए। इनमें से सबसे ज्यादा 67385 बच्चे भारत में पैदा हुए। इस लिस्‍ट में दूसरे नंबर पर चीन रहा। इसके बाद नाइजीरिया, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, अमेरिका, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और इथियोपिया है। बताया जाता है कि दुनियाभर में पैदा होने वाले कुल बच्चों का लगभग 50 फीसद इन्हीं आठ देशों में है।
  • साल 2020 में पहले बच्चे ने पैसिफिक क्षेत्र में फिजी में जन्म लिया। वहीं, पहले दिन पैदा होने वाला आखिरी बच्चा अमेरिका में होगा। यूनीसेफ दुनियाभर में पैदा होने वाले बच्चों को लेकर तथ्य सामने रखे हैं। इन तथ्‍यों में एक दुखद आंकड़ा यह भी है कि 2018 में 25 लाख नवजात शिशुओं ने जन्म के पहले महीने में ही अपनी जान गवां दी थी। इनमें से करीब एक तिहाई शिशुओं की मौत पैदा होने वाले दिन ही हो गई थी।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स सूचकांक (पीएमआई)

  • साल 2019 के आखिरी माह यानी दिसंबर में देश में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में सुधार हुआ है। एक मासिक सर्वेक्षण के अनुसार, इससे रोजगार के मोर्चे पर भी सुधार हुआ है। कारखानों के नए ऑर्डर और उत्पादन में तेजी की वजह से देश में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में सुधार देखने को मिला। नवंबर 2019 की बात करें, तो तब आईएचएस मार्केट इंडिया का मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स सूचकांक (पीएमआई) 51.2 पर था।
  • मासिक सर्वेक्षण के अनुसार, जुलाई के बाद नए कारोबार ऑर्डर सबसे तेज गति से बढ़े हैं और नए कारोबारी ऑर्डर विनिर्माण क्षेत्र की हालत में सुधार को दर्शाते हैं। इतना ही नहीं, वैश्विक स्तर पर अधिक मांग से कुल बिक्री बढ़ी है। लगातार 26वें महीने नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि हुई है।
  • बता दें कि लगातार 29वें महीने विनिर्माण क्षेत्र का पीएमआई 50 अंक से ऊपर है। पीएमआई का 50 से ऊपर होना विस्तार के संकेत देते हैं। वहीं 50 से नीचे का स्तर संकुचन को दर्शाता है।
  • सर्वेक्षण के अनुसार, साल 2020 में उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है। हालांकि कंपनियों का आगे के बाजार को लेकर आत्मविश्वास का स्तर कमजोर होकर 34 महीने के निम्न स्तर पर है। मुद्रास्फीति की दर 13 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है।

स्टैंडर्ड हेल्थ पॉलिसी 'आरोग्य संजीवनी'

  • बीमा नियामक इरडा ने स्टैंडर्ड इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस के लिए दिशानिर्देश जारी किया। इसके तहत साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से बुनियादी स्वास्थ्य जरूरतों के लिए अधिकतम पांच लाख रुपए और न्यूनतम एक लाख रुपए वाला प्रोडक्ट अनिवार्य तौर पर ऑफर करने के लिए कहा गया है। सभी कंपनियों के लिए इस उत्पाद का एक साझा नाम होगा- आरोग्य संजीवनी पॉलिसी। इस मूल नाम के अंत में कंपनी अपना नाम भी लगाएगी। इस उत्पाद के लिए किसी भी दस्तावेज में किसी भी अन्य नाम का इस्तेमाल नहीं होगा। कंपनियां एक अप्रैल 2020 से यह उत्पाद पेश कर सकेंगी।
  • नियामक ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा बाजार में कई पॉलिसी हैं। सबकी अलग-अलग खासियतें हैं। इसके कारण इनमें से चुनाव करना कठिन होता है। इसलिए साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को एक मानक पॉलिसी लाने का निर्देश देने का फैसला किया गया। मानक उत्पाद में कुछ निश्चत कवर शामिल होंगे। इसमें किसी एड-ऑन्स या ऑप्शनल कवर को अनुमति नहीं दी जाएगी। कंपनियों निश्चित सुविधाओं में से जो कुछ पेशकश करेंगी, उसके आधार पर उत्पाद की कीमत तय कर सकेंगी। स्टैंडर्ड उत्पाद इंडेमनिटी के आधार पर पेश किए जाएंगे और यह पॉलिसी एक साल की होगी।

पॉलिसी की विशेषताएं

  • इस पॉलिसी में क्या-क्या कवर होंगे, उनकी भी सूची दिशानिर्देश में है। इनमें अस्पताल में भर्ती का खर्च, कम सीमा के साथ मोतियाबिंद जैसे अन्य खर्च, दांतों का इलाज, बीमारी या दुर्घटना के कारण जरूरी होने वाली पलास्टिक सर्जरी, सभी प्रकार के डेकेयर इलाज, एंबुलेंस खर्च (प्रति हॉस्पिटलाइजेशन अधिकतम 2,000 रुपए) शामिल हैं। आयुष के तहत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती के खर्च, अस्पताल में भर्ती होने से 30 दिन पहले तक का खर्च और अस्पताल से छुट्‌टी देने के बाद 60 दिनों तक के खर्च को भी कवर किया जाएगा। इरडा ने कहा कि प्रत्येक क्लेम फ्री पॉलिसी वर्ष के लिए सम इंश्योर्ड (बोनस को छोड़कर) को पांच फीसदी बढ़ाया जाएगा। इसके साथ शर्तें होंगी। बिना ब्रेक के पॉलिसी का नवीनीकरण होगा। इस उत्पाद में किसी प्रकार के डिडक्टीबल्स की अनुमति नहीं है। योजना को फैमिली फ्लोटर आधार पर भी पेश किया जाएगा। इसे गंभीर बीमारी कवर या लाभ आधारित कवर के साथ जोड़ा नहीं जाएगा।
  • इरडा ने पॉलिसी लेने के लिए न्यूनतम 18 साल और अधिकतम 65 साल की सीमा तय की है। पॉलिसी का पूरे जीवन नवीनीकरण हो सकेगा। इस पॉलिसी पर पोर्टेबिलिटी से जुड़े नियम लागू होंगे। इसका प्रीमियम अखिलभारतीय स्तर पर तय होगा। कुछ शर्तों के साथ बिना किसी मंजूरी के इस पॉलिसी को लांच किया जा सकेगा।

भारत बांड ईटीएफ एनएसई पर सूचीबद्ध

  • भारत बांड ईटीएफ गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 1,000 रुपए पर लिस्ट हुआ। इस ईटीएफ को एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने जारी किया है और वही इस फंड का प्रबंधन कर रही है। शुक्रवार को भारत बांड फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) भी लांच कर दिया जाएगा। एडलवाइस ने यह एफओएफ उन लोगों के लिए जारी किया है, जिनके पास डीमैट अकाउंट नहीं हैं।
  • भारत बांड ईटीएफ रिटेल व विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के जैसे नए निवेशक वर्ग के जरिये केंद्र सरकार के उपक्रमों के लिए अतिरिक्त फंड का जरिया बनेगा। एडलवाइस ने देश के इस पहले कॉरपोरेट बांड ईटीएफ के जरिये 12,395 करोड़ रुपए जुटाए थे।

क्या है भारत बॉन्ड ईटीएफ?

  • यह एक तरह का म्युचुअल फंड होगा, जो सरकारी कंपनियों द्वारा जारी किये जाने वाले बॉन्ड में ही निवेश करेगा। यह बॉन्ड स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होगा, जिससे वहां इसकी ट्रेडिंग हो सकेगी। साथ ही इसमें एक तय मैच्योरिटी टाइम होगा। शुरुआत में यह बॉन्ड केवल AAA रेटिंग वाले बॉन्ड में ही निवेश करेगा। ज्यादा सुरक्षा और निश्चय आय वाले फंड में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों के लिए भारत बॉन्ड ईटीएफ में निवेश करने का अच्छा मौका होगा। इस बॉन्ड को एडलवाइस असेट मैनेजमेंट कंपनी मैनेज कर रही है।

:: विविध ::

28वां विश्व पुस्तक मेला

  • 28वां विश्व पुस्तक मेला चार से 12 जनवरी तक राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में होगा जिसका उद्घाटन मानव संसाधन एवं विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक करेंगे।
  • इस बार मेले की थीम पुस्तक मेले की थीम-'गांधी-राइटर ऑफ राइटर्स' है।

हेल्पलाइन 139 नंबर

  • अब रेल यात्रा के दौरान 139 नंबर ही सभी प्रकार की समस्या, शिकायत, सुझाव और सूचना हासिल करने के काम आएगा। हालांकि, रेलवे की सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 182 का अस्तित्व बना रहेगा।
  • रेलवे के अनुसार, एकीकृत हेल्पलाइन नंबर 139 पर 12 भाषाओं में संवाद किया जा सकता है और यह इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आइवीआरएस, कंप्यूटरीकृत संवाद प्रणाली) पर आधारित होगा। इस हेल्पलाइन नंबर पर किसी भी प्रकार के फोन से कॉल किया जा सकता है। यानी, सभी प्रकार के मोबाइल फोन उपभोक्ताओं के लिए यह सुविधा सहज उपलब्ध होगी।
  • इससे पहले यात्रियों को रेलवे की सामान्य शिकायतों को दर्ज कराने के लिए 138, हादसा व सुरक्षा के लिए 1072, कोचों की सफाई के लिए 5888/138, सतर्कता के लिए 152210 व कैटरिंग सेवा के लिए 1800111321 आदि का इस्तेमाल करना पड़ता था। अब इन नंबरों को समाप्त कर दिया जाएगा।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में किसे राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग(NMC) का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है? (प्रोफेसर सुरेश चंद्र शर्मा)
  • केंद्र सरकार के द्वारा अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के संदर्भ में नवगठित विशेष अयोध्या डेस्क का अध्यक्ष किसे बनाया है? (ज्ञानेश कुमार)
  • 107 वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन कहाँ किया जा रहा है? (कृषि विज्ञान विश्‍वविद्यालय, जीकेवीके, बेंगलुरू)
  • 107 वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस की थीम क्या है? (‘विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी : ग्रामीण विकास’)
  • राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) अकादमी की की स्थापना कहाँ की जा रही है? (नागपुर)
  • हाल ही में चर्चा में रही सुगौली संधि किस वर्ष हस्ताक्षरित की गई थी? (1816)
  • हाल ही में किस देश ने चीन के ‘एक देश, दो व्यवस्था’ वाले प्रस्ताव को ठुकरा दिया है? (ताइवान)
  • यूनिसेफ के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार साल 2020 के पहले बच्चे का जन्म कहाँ पर हुआ? (फिजी)
  • यूनिसेफ के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार साल 2020 के पहले दिन किस देश में सर्वाधिक बच्चों ने जन्म लिया? (भारत)
  • बीमा नियामक इरडा ने स्टैंडर्ड इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस के तौर पर किस साझा उत्पाद को प्रस्तुत किया है? (आरोग्य संजीवनी पॉलिसी)
  • 28वां विश्व पुस्तक मेला का आयोजन कहाँ किया जा रहा है ? (प्रगति मैदान- नई दिल्ली)
  • 28वां विश्व पुस्तक मेला की थीम क्या है ? ('गांधी-राइटर ऑफ राइटर्स')
  • रेलवे यात्रा के दौरान सभी प्रकार की समस्या, शिकायत, सुझाव और सूचना हासिल करने हेतु किस सार्वभौमिक नंबर की शुरुआत की गई है? (139)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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