(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (02 मार्च 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (02 मार्च 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

बभनियांव वाराणसी से पुरातात्विक साक्ष्यों की प्राप्ति

  • बभनियांव में चल रही पुरातात्विक खोदाई गुप्तकाल से शुंग-कुषाण काल की ओर बढ़ चली है। इस गांव में टीले के पीछे पश्चिम की ओर दूसरी साइट पर 50 सेंटीमीटर तक खोदाई की जा चुकी है। इसमें द्वितीय ईसा पूर्व से तीसरी शताब्दी तक के कई बर्तन, कटोरे, तसले, घड़े, सुराहीदार बर्तन, गुलाब पाश, स्किन स्क्रबर व पशुओं की हड्डियां मिलीं हैं।
  • उत्खनन दल के सह निदेशक प्रो. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इससे प्रतीत होता है कि यहां पर लोगों के रहने की आवासीय व्यवस्था रही होगी। शुंग-कुषाण काल में उस समय के लोग पशुपालन के साथ ही जानवरों का शिकार भी करते रहे होंगे। टूटी हड्डियों के अवशेषों से अनुमान लगाया जा रहा कि उस काल में लोग सर्वाहारी थे।
  • शिवलिंग में है शिव की आकृति : इसके पूर्व स्थल की साफ-सफाई कराई गई जिसमें गुप्तकालीन शिवलिंग की पुष्टि हुई। इस पर शिव का मुख व जटा उकेरी गई है। प्रो. सिंह के अनुसार उत्तर भारत में ऐसे गुप्तकालीन शिवलिंग कम मिलते हैं।
  • मूर्तियों के भाव बता रहे कहानी : प्रख्यात मूर्तिकला विशेषज्ञ व बीएचयू के एमिरेट्स प्रोफेसर मारुति नंदन तिवारी ने बताया कि बभनियांव व महावन में मिलीं मूर्तियां आठवीं से दसवीं शताब्दी तक की हैं। इसमें सूर्य, शक्तिव शिव की प्रतिमाएं हैं, इससे स्पष्ट होता है कि यह क्षेत्र धर्म - संस्कृति व वैदिक ब्राह्मण परंपरा के लिहाज से बेहद समृद्ध रहा है। यहां की मूर्तियों को ध्यान से देखें तो वे खुद ही सब बोल रही हैं। एक मूर्ति में महिषासुर का वध करती दुर्गा जी के चेहरे पर तनाव नहीं, देवत्व का भाव है। एक में शिव का गंगाधर स्वरूप दिख रहा। ये मूर्तियां बहुत ही कलात्मक हैं। भगवान शंकर की जटा से गंगा जी के अवतरण, पार्वती की नाराजगी व शिव जी का उन्हें मनाने का अहसास मूर्ति देखकर किया जा सकता है। इसके अलावा यहां से मिली हनुमान की मूर्ति भी प्राचीन है।

एकम उत्सव

  • केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तत्वावधान में स्टेट एम्पोरिया कॉम्पलेक्स, बाबा खडक सिंह मार्ग, नई दिल्ली में नेशनल हैन्डीकैप्ड फाइनैंस एंड डेवलपमेंट कोर्पोरेशन (एनएचएफडीसी) द्वारा आयोजित होने वाले प्रदर्शनी-सह-मेले ‘एकम फेस्ट’ का उद्घाटन करेंगे।
  • यह एकम फेस्ट दिव्यांगजनों के बीच उद्यमिता और ज्ञान को बढ़ावा देने, दिव्यांगजनों के सामर्थ्य के बारे में समाज में जागरूकता उत्पन्न करने, दिव्यांग उद्यमियों को विपणन का महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक प्रयास है। एनएचएफडीसी फाउंडेशन की ओर से इन कृत संकल्प उद्यमियों के उत्पादों के विपणन के लिए ब्रांड और मंच तैयार करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। तदनुसार, ब्रांड का नाम एकम (आन्ट्रप्रनर्शिप, नॉलेज, अवेयरनेस, मार्केटिंग) तय किया गया है। एकम शब्द समावेशिता, एकात्मकता और एकता का भी प्रतिनिधित्व करता है, जो दिव्यांगजनों के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देने, ज्ञान साझा करने, जागरूकता उत्पन्न करने और विपणन संबंधी पहलों के माध्यम से विपणन मंच तैयार करने और उत्पादों को एकत्र करने के लिए एनएचएफडीसी के प्रयासों को सटीक रूप से वर्णन करने के लिए उपयुक्त है।

नेशनल हैन्डीकैप्ड फाइनैंस एंड डेवलपमेंट कोर्पोरेशन (एनएचएफडीसी)

  • एनएचएफडीसी सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्‍तीकरण विभाग के तत्वावधान में एक सर्वोच्च निगम है और यह 1997 से काम कर रहा है। यह अलाभकारी कंपनी के रूप में पंजीकृत है और दिव्यांगजनों के आर्थिक पुनर्वास के लिए वित्‍तीय सहायता प्रदान करती है और उन्हें अपने उद्यमों को विकसित करने और बनाए रखने के लिए अनेक कौशल विकास कार्यक्रमों चलाती है। दिव्यांगजनों और समाज के हाशिए पर मौजूद समूहों को सशक्त बनाने के लिए एनएचएफडीसी ने इस वर्ष एक कदम और आगे बढ़ाते हुए एनएचएफडीसी फाउंडेशन की स्थापना की है। इस बात की पहचान करते हुए कि असंगठित छोटे दिव्यांग उद्यमियों का बाजार के साथ सम्‍पर्क न होने के कारण उचित मूल्‍यों और उत्‍पादों की बिक्री में बाधा आती है, एनएचएफडीसी फाउंडेशन इन कृतसंकल्‍प उद्यमियों के उत्‍पादों के लिए ब्रांड विकसित करने और उनके विपणन का मंच तैयार करने की दिशा में प्रयास कर रहा है।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

मुहिद्दीन यासीन बने मलेशिया के पीएम

  • मलेशिया में रविवार को मुहिद्दीन यासीन (72) ने राजमहल में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। राष्ट्रवादी बेरसातू पार्टी के नेता यासीन भारत विरोधी महातिर मुहम्मद (94) के स्थान पर प्रधानमंत्री बने हैं। महातिर ने बेरसातू पार्टी के सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद 24 फरवरी को पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके स्थान पर मलेशिया के सुल्तान अब्दुल्ला सुल्तान अहमद शाह ने प्रधानमंत्री पद के लिए यासीन को मनोनीत किया था। इस्तीफा देने वाले महातिर ने अब नए प्रधानमंत्री को सदन में बहुमत साबित करने की चुनौती दी है।

:: भारतीय अर्थव्यवस्था ::

GST कलेक्शन में 12 फीसद की बढ़ोत्‍तरी

  • जीएसटी कलेक्शन में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की मासिक वसूली का सिलसिला जारी है। इस साल फरवरी में जीएसटी कलेक्शन 1,05,366 करोड़ रुपये का रहा जो पिछले साल फरवरी के मुकाबले 12 फीसद अधिक है। हालांकि, इस साल जनवरी के मुकाबले फरवरी के कलेक्शन में मामूली गिरावट देखी गई। इस साल जनवरी में 1,10,818 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी।
  • पिछले वर्ष नवंबर से मासिक जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक फरवरी, 2020 में जीएसटी के कुल कलेक्शन में सीजीएसटी की हिस्सेदारी 20,569 करोड़ रुपये, एसजीएसटी की हिस्सेदारी 27,348 करोड़ तो आइजीएसटी की हिस्सेदारी 48,503 करोड़ रुपये रही।
  • सेस के मद में 8,947 करोड़ रुपये वसूले गए। मंत्रालय के मुताबिक 29 फरवरी, 2020 तक जनवरी के लिए 83 लाख जीएसटीआर 3बी रिटर्न फाइल किए गए।वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल फरवरी महीने में वस्तुओं के आयात पर वसूले जाने वाले जीएसटी में पिछले साल के फरवरी माह के मुकाबले आठ फीसद का इजाफा रहा।
  • मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार की तरफ से आइजीएसटी के मद से 22,586 करोड़ रुपये और सीजीएसटी के मद में 16,553 करोड़ रुपये सेटल किए गए। फरवरी, 2020 के नियमित सेटलमेंट के बाद केंद्र सरकार को सीजीएसटी के रूप में इस अवधि में 43,155 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। राज्यों को एसजीएसटी के रूप में इस दौरान 43,901 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

'स्वाती वेपन लोकेटिंग रडार'

भारत को रक्षा उद्योग के क्षेत्र में बड़ी कमयाबी हासिल हुई है। भारत ने रूस और पौलेंड को पछाड़ते हुए अर्मेनिया के साथ 280 करोड़ रुपये (40 मिलियन डॉलर) का रक्षा सौदा किया है। भारत स्वदेशी हथियारों को अर्मेनिया को निर्यात करेगा।

विशेषता

  • दो प्रकार के कार्य
  1. दुश्मन की आर्टिलरी की सटीक स्थिति का पता लगाना
  2. अपनी आर्टिलरी की फायरिंग का दिशा निर्देशन
  • मात्र 10-15 सेकंड में शत्रु के फायरिंग करने वाले हथियार की सटीक लोकेशन
  • 16,000 फीट तक की ऊंचाई वाले इलाकों में भी कारगर
  • 30 से 55 डिग्री सेल्सियस में भी कार्य करने में सक्षम
  • 50 किलोमीटर की विस्तृत रेंज
  • DRDO के इलेक्ट्रॉनिक और रडार विकास इकाई द्वारा विकसित

पृष्ठभूमि

  • रक्षा मंत्रालय अब रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया, दक्षिण अमेरिका और मध्य-पूर्व देशों द्वारा की जाने वाली मांगों को भी देख रहा है। गौतरलब हो कि रक्षा क्षेत्र में निर्यात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 35,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है। इन हथियारों का निर्यात भारत को अपनी स्वदेशी प्रणालियों की बिक्री के लिए एक नया बाजार खोलने में मदद करेगा, जो कि उसके यूरोपीय और अन्य प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में सस्ता है।

फेरिक कार्बोक्सीमालटोस (एफसीएम)

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने गर्भवती महिलाओं में खून की कमी से होने वाले रोग एनीमिया का तोड़ निकाला है. जिससे महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आयरन की गोलियां नहीं खानी पड़ेंगी. एम्स ने केंद्र सरकार से अपील की है कि महाराष्ट्र के नागपुर, विदर्भ, उस्मानाबाद, वाशिम, गढ़चिरोली, नंदूरबार सहित देश के आकांक्षी जिलों-क्षेत्रों में इस शोध का लाभ गर्भवती महिलाओं को दिया जाए.
  • हरियाणा के बल्लभगढ़ में करीब 200 गर्भवती महिलाओं पर एम्स ने रिसर्च किया है. इन गर्भवती महिलाओं में खून की कमी, हीमोग्लोबिन कम होना जैसी समस्याएं थीं. जिन्हें तीन माह की गर्भवास्था के बाद फेरिक कार्बोक्सीमालटोस (एफसीएम) इंजेक्शन लगाया गया. जिसके बाद इन महिलाओं के स्वास्थ्य में जबरदस्त बदलाव देखने में आया है. न केवल गर्भवती महिलाएं बल्कि उनके शिशु के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है.
  • ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में फेरिक कार्बोक्सीमालटोस इंजेक्शन का इस्तेमाल लोगों में खून की कमी दूर करने के लिए होता है. लेकिन विश्व में एम्स ने पहली बार गर्भवती महिलाओं पर इस इंजेक्शन का प्रयोग कर शोध किया है. जिसके नतीजे काफी साकारात्मक नजर आ रहे हैं. यह इंजेक्शन गर्भावस्था में एक बार लगता है और इसे लगाने के बाद आयरन की गोलियां खाने से गर्भवती महिला को मुक्ति मिल जाती है.

एनीमिया क्या है?

  • एनिमिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें रक्त में लाल रक्त कणिकाओं के नष्ट होने की दर उनके निर्माण की दर से अधिक होती है। नतीजतन शरीर में खून की कमी होती है। पुरुषों में एनीमिया थकान, सुस्ती का कारण बनता है। ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है। पुरुषों में हीमोग्लोबिन का स्तर 13.5 और महिलाओं में 12 से कम होने पर शरीर में रक्त की कमी की स्थिति मानी जाती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अनियमित दिनचर्या और खाने में पौष्टिक आहार कम लेना इस बीमारी से ग्रसित होने का सबसे बड़ा कारण है।

भारत में एनीमिया की स्थिति

  • ‘द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ’ में हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि भारत में 15 से 54 आयुवर्ग में चार में से एक पुरुष (एक लाख में 23.2 प्रतिशत) किसी न किसी रूप में एनीमिया का शिकार है। इस अध्ययन में छह लाख महिलाओं को भी शामिल किया गया है। उम्र के हिसाब से देखें तो 20 से 34 वर्ष की उम्र के पुरुषों में एनीमिया होने की बहुत कम संभावना रहती है, जबकि इसका प्रसार 50-54 वर्ष की आयुवर्ग में सबसे कम (7.8 प्रतिशत) होता है। युवा सबसे ज्यादा इसकी गिरफ्त में आते हैं।
  • एनीमिया का मतलब है हीमोग्लोबिन में कमी होना। थकान, ध्यान लगाने में परेशानी होना, सुस्ती बनी रहना आदि इसके लक्षण हैं। विभिन्न आयु वर्गों में इसकी स्थिति भी भिन्न-भिन्न है। कम आयु वर्ग में इसके मामले ज्यादा होते हैं। जब किसी देश की इतनी बड़ी युवा आबादी इस बीमारी से ग्रसित है तो स्वभाविक ही चिंता होने लगती है।
  • अध्ययन में पाया गया कि एनीमिया वाले पुरुषों में 21.7 प्रतिशत में मध्यम या गंभीर एनीमिया था, जबकि महिलाओं में 53.2 प्रतिशत में मध्यम या गंभीर एनीमिया था। राज्यों के हिसाब से देखें तो बिहार के पुरुषों में एनीमिया का प्रसार सबसे ज्यादा (32.9 प्रतिशत) है। इसके बाद बंगाल (30.46 प्रतिशत), झारखंड (30.30 प्रतिशत), मेघालय (29.13 प्रतिशत) और ओडिशा (28.45 प्रतिशत) का नंबर आता है। पुरुषों में एनीमिया के सबसे कम प्रसार वाले राज्यों में मणिपुर (9.19 प्रतिशत), मिजोरम (9.78 प्रतिशत), नगालैंड (10.23 प्रतिशत), गोवा (10.68 प्रतिशत) और केरल (11.77 प्रतिशत) हैं।

:: पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी ::

'किलर व्हेल'

  • एक अध्ययन के अनुसार, ध्रुवीय पानी में रहने वाली व्हेल भोजन और अपनी त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए निम्न अक्षांशों की ओर पलायन करती हैं, क्योंकि ध्रुवीय इलाकों में ज्यादा लंबे समय तक रहने से उनका स्वास्थ्य तो प्रभावित होता ही है साथ ही, उन्हें भोजन भी आसानी से नहीं मिल पाता। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अध्ययन की मदद से समुद्री जीवों के संरक्षण के लिए बेहतर उपाय किए जा सकते हैं।
  • मरीन मैमल साइंस नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, अंटार्कटिका के संरक्षित इलाकों में रहने वाली 'किलर व्हेल' भोजन की तलाश में निम्न अक्षांशों की ओर आने लगती हैं। तापमान बदलने से उनके शरीर में रक्त के प्रवाह की गति भी बदलती है और त्वचा की कोशिकाएं भी दोबारा बनने लगती हैं। इससे उनके शरीर की बाहरी परत में आई खराबियां ठीक हो जाती हैं।
  • अमेरिका की ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी से इस अध्ययन के मुख्य लेखक रॉबर्ट पिटमैन ने कहा, ' मुझे लगता है कि व्हेल अपनी त्वचा को नहीं बदलती, लेकिन यह हर जीव की एक महत्वपूर्ण शारीरिक आवश्यकता है।
  • वैज्ञानिकों का कहना है कि सभी पक्षी और स्तनधारी जीव नियमित रूप से अपनी त्वचा, फर या पंखों को साफ करते हैं। गर्म पानी में प्रवास करने से व्हेल को अपनी त्वचा के मेटाबोलिज्म (चयापचय) को पुनर्जीवित करने में मदद मिलती है। इससे वे हर प्रकार के वातावरण में रहने के अनूकूल हो जाते हैं और उनके शरीर की गर्मी भी बनी रहती है।

पृष्ठभूमि

  • आठ वर्षो तक किए गए इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने किलर व्हेलों पर 62 सेटेलाइट टैग लगाए थे। इस दौरान उन्होंने पाया कि अंटार्कटिका के पानी में रहने वाली व्हेलों ने 11 हजार किलोमीटर परिधि में दूसरे क्षेत्रों की ओर प्रवास किया था। उन्होंने कहा कि इस दौरान ज्यादातर व्हेलों ने तेजी से बिना रुके और बड़े पैमाने पर पलायन किया।
  • शोधकर्ताओं ने अंटार्कटिका में नवजात किलर व्हेलों की तस्वीरें भी ली हैं, जिससे संकेत मिलता है कि व्हेल को जन्म देने के लिए इन्हें गर्म पानी में जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले यह अनुमान लगाया जाता था कि बड़ी व्हेल उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में जा कर अपने बच्चों को जन्म देती हैं। लेकिन नया अध्ययन व्हेलों की एक अलग तस्वीर बयां करता है।

:: विविध ::

शांता कुमार साहित्यवाचस्पति की उपाधि

  • हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं साहित्यकार शांता कुमार को हिंदी साहित्य सम्मेलन-प्रयाग संस्था ने हिंदी साहित्य की सर्वोच्च उपाधि साहित्यवाचस्पति से सम्मानित किया है। सोलन में आयोजित तीन दिवसीय हिंदी साहित्य सम्मेलन-प्रयाग के 72वें अधिवेशन एवं परिसंवाद के सभापति के रूप में शांता कुमार को साहित्य के लिए दिए गए अमूल्य योगदान के लिए इस सम्मान से विभूषित किया गया।

पंजाब यूनिवर्सिटी ने जीती खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स

  • पंजाब यूनिवर्सिटी ने सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी को अंतिम समय में पीछे छोड़कर रविवार को पहले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में चैंपियनशिप जीत ली। इन खेलों का आज समापन हो गया। पंजाब यूनिवर्सिटी ने अंतिम दिन मुक्केबाजी में दो स्वर्ण पदक जीतकर पुणे यूनिवर्सिटी को पीछे छोड़ दिया। पुणे यूनिवर्सिटी आखिरी दिन एक स्वर्ण पदक ही जीत पाई।

राफेल नडाल ने जीता मैक्सिको ओपन का खिताब

  • दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी राफेल नडाल ने शनिवार को यहां गैरवरीय टेलर फ्रिट्ज को सीधे सेटों में हराकर एटीपी मैक्सिको ओपन का खिताब जीत लिया जो इस साल उनका पहला खिताब है। नडाल ने अमेरिका के फ्रिट्ज को 6-3, 6-2 से हराकर तीसरी बार मैक्सिको ओपन का खिताब जीता। इससे पहले वह 2013 और 2015 में भी यहां खिताब जीत चुके हैं।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में उत्तर प्रदेश के किस स्थल से गुप्तकाल से शुंग-कुषाण काल तक के पुरातात्विक साक्ष्यों की प्राप्ति हुई है? (बभनियांव- वाराणसी)
  • दिव्यांगजनों के मध्य उद्यमिता और ज्ञान को बढ़ाने के लिए हाल ही में किस उत्सव की शुरुआत की गई है? (एकम उत्सव)
  • हाल ही में किसने मलेशिया के प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली है? (मुहिद्दीन यासीन)
  • हाल ही में किस देश के साथ भारत ने वेपन लोकेटिंग रेडार हेतु सौदा किया है? (आर्मेनिया)
  • स्वदेशी वेपन लोकेटिंग रेडार को किस संस्था के द्वारा निर्मित किया गया है? (डीआरडीओ)
  • भारत के स्वदेशी वेपन लोकेटिंग रडार का क्या नाम है? (‘स्वाति’)
  • हाल ही में एम्स के द्वारा एनीमिया के इलाज हेतु किस दवा की मंजूरी सरकार से मांगी है? (फेरिक कार्बोक्सीमालटोस-एफसीएम)
  • हाल ही में हिंदी साहित्य की सर्वोच्च उपाधि ‘साहित्यवाचस्पति’ किसे प्रदान की गई है? (शांता कुमार)
  • प्रथम खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में कौन सा विश्वविद्यालय प्रथम स्थान पर रहा? (पंजाब विश्वविद्यालय)
  • हाल ही में किस खिलाड़ी ने मैक्सिको ओपन का खिताब अपने नाम किया? (राफेल नडाल)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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