(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (02 जुलाई 2020)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (02 जुलाई 2020)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

नमामि गंगे कार्यक्रम

चर्चा में क्यों?

  • विश्वबैंक ने भारत सरकार के गंगा पुनरोद्धार कार्यक्रम के लिए अपने सहयोग का विस्तार करते हुए नमामि गंगे कार्यक्रम को समर्थन प्रदान किया है। गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने के लिए विश्वबैंक ने गंगा पुनरोद्धार कार्यक्रम के लिए 40 करोड़ डॉलर या करीब 3,000 करोड़ रुपये की सहायता राशि को मंजूर किया है।
  • विश्वबैंक के इस सहायता कार्यक्रम द्वारा नदी बेसिन के प्रबंधन को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही दीर्घावधि में इसे नदी के प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।

नमामि गंगे कार्यक्रम के बारे में

  • सरकार ने गंगा नदी के प्रदूषण को समाप्त करने और नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 2014 में 'नमामि गं' नामक एक एकीकृत गंगा संरक्षण मिशन का शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नदी की सफाई के लिए बजट को चार गुना करते हुए पर 2019-2020 तक नदी की सफाई पर 20,000 करोड़ रुपए खर्च करने की केंद्र की प्रस्तावित कार्य योजना को मंजूरी दे दी और इसे 100% केंद्रीय हिस्सेदारी के साथ एक केंद्रीय योजना का रूप दिया।

नमामि गंगे कार्यक्रम की कार्य योजना

  • कार्यक्रम के कार्यान्वयन को शुरूआती स्तर की गतिविधियों (तत्काल प्रभाव दिखने के लिए), मध्यम अवधि की गतिविधियों (समय सीमा के 5 साल के भीतर लागू किया जाना है), और लंबी अवधि की गतिविधियों (10 साल के भीतर लागू किया जाना है) में बांटा गया है।
  • शुरूआती स्तर की गतिविधियों के अंतर्गत नदी की उपरी सतह की सफ़ाई से लेकर बहते हुए ठोस कचरे की समस्या को हल करने; ग्रामीण क्षेत्रों की सफ़ाई से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की नालियों से आते मैले पदार्थ (ठोस एवं तरल) और शौचालयों के निर्माण; शवदाह गृह का नवीकरण, आधुनिकीकरण और निर्माण ताकि अधजले या आंशिक रूप से जले हुए शव को नदी में बहाने से रोका जा सके, लोगों और नदियों के बीच संबंध को बेहतर करने के लिए घाटों के निर्माण, मरम्मत और आधुनिकीकरण का लक्ष्य निर्धारित है।
  • मध्यम अवधि की गतिविधियों के अंतर्गत नदी में नगर निगम और उद्योगों से आने वाले कचरे की समस्या को हल करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें 2500 एमएलडी अतिरिक्त ट्रीटमेंट कैपेसिटी का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में कैबिनेट हाइब्रिड वार्षिकी आधारित पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विचार किया जा रहा है।
  • औद्योगिक प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए बेहतर प्रवर्तन के माध्यम से अनुपालन को बेहतर बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। गंगा के किनारे स्थित ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को गंदे पानी की मात्रा कम करने या इसे पूर्ण तरीके से समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इन निर्देशों के कार्यान्वयन के लिए कार्य योजना पहले से ही तैयार कर चुका है और सभी उद्योगों को गंदे पानी के बहाव के लिए रियल टाइम ऑनलाइन निगरानी केंद्र स्थापित करना होगा।
  • इस कार्यक्रम के तहत इन गतिविधियों के अलावा जैव विविधता संरक्षण, वनीकरण (वन लगाना), और पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठित प्रजातियों, जैसे – गोल्डन महासीर, डॉल्फिन, घड़ियाल, कछुए, ऊदबिलाव आदि के संरक्षण के लिए कार्यक्रम पहले से ही शुरू किये जा चुके हैं। इसी तरह 'नमामि गं' के तहत जलवाही स्तर की वृद्धि, कटाव कम करने और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिति में सुधार करने के लिए 30,000 हेक्टेयर भूमि पर वन लगाये जाएंगे।
  • लंबी अवधि के तहत ई-फ़्लो के निर्धारण, बेहतर जल उपयोग क्षमता, और सतही सिंचाई की क्षमता को बेहतर बना कर नदी का पर्याप्त प्रवाह सुनिश्चित किया जाएगा।

मोटर दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार आरंभ करने की योजना

चर्चा में क्यों?

  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार आरंभ करने की योजना को कार्यान्वित करने के लिए एक खाका तैयार किया है, जैसाकि मोटर वाहन अधिनियम 2019 के तहत सुविचारित है। इसमें बेहद महत्वपूर्ण समय (गोल्डेन आवर) के दौरान पीड़ितों का उपचार शामिल है।
  • मंत्रालय ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में प्रधान सचिवों तथा परिवहन के प्रभारी सचिवों से इस महीने की 10 तारीख तक स्कीम के संकल्पना नोट पर उनके विचार मांगते हुए एक पत्र लिखा है।

योजना से जुड़ें तथ्य

  • इस स्कीम में देश में सभी उपयोगकर्ताओं को अनिवार्य बीमा कवर उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है। स्कीम के प्रस्तावित तौरतरीकों की रूपरेखा इस प्रकार बनाई गई है कि उनकी भुगतान क्षमता चाहे जो हो, सभी व्यक्तियों को सही समय पर गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
  • इस स्कीम में मोटर वाहन दुर्घटना फंड का सृजन भी शामिल है। फंड का उपयोग सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के उपचार के लिए एवं दुर्घटना में जान गवां चुके व्यक्तियों के परिवारजनों या घायलों की क्षतिपूर्ति के भुगतान के लिए किया जाएगा।
  • पीएम-जेएवाई की नोडल एजेंसी होने तथा 21,000 अस्पतालों के साथ देश भर में इसकी उपस्थिति होने के कारण राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को इस स्कीम को कार्यान्वित करने का जिम्मा सौंपा गया है।

भारत में जनसंख्या से जुड़े अद्यतन आंकड़े

  • हाल ही में आंकड़े रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त ने अपने नमूना पंजीकरण प्रणाली बुलेटिन में जारी किए हैं जो 2018 के लिए इकट्ठा की गई जानकारी पर आधारित हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य एक नजर में

  • आंकड़ों के मुताबिक, भारत में शिशु मृत्यु दर में मामूली सुधार हुआ है, यह 2017 में 33 थी जो 2018 में 32 हो गई है। मध्य प्रदेश में शिशु मृत्यु दर 2018 में सबसे ज्यादा प्रति हजार शिशुओं पर 48 रही जबकि केरल में यह सबसे कम है जहां हर 1000 शिशुओं में से सिर्फ सात की मौत हुई।
  • बिहार में जन्म दर सबसे ज्यादा 26.2 है जबकि अंडमान और निकोबार में जन्म दर 11.2 है। छत्तीसगढ़ में मृत्यु दर सबसे ज्यादा 8 जबकि दिल्ली में मृत्यु दर 3.3 है।
  • भारत में चार दशक में मृत्यु दर में काफी कमी आई है और यह 1971 में 14.9 थी जो 2018 में 6.2 पर आ गई। यह गिरावट ग्रामीण इलाकों में ज्यादा है। पिछले दशक की तुलना में भारत की मृत्यु दर 7.3 से गिर कर 6.2 हो गई है। इस अवधि में ग्रामीण क्षेत्र में मृत्यु दर 7.8 थी जो 6.7 पर आ गई और शहरी इलाकों में 5.8 थी जो 5.1 पर आ गई।
  • भारत की जन्म दर में पिछले चार दशक में जबर्दस्त गिरावट आई है, 1971 में जन्म दर जहां 36.9 थी, वहीं 2018 में 20.0 हो गई है।पिछले चार दशकों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म दर लगातार अधिक रही है। पिछले दशक की तुलना में जन्म दर में लगभग 11 फीसदी की गिरावट आई है, जो 2009 में 22.5 से 2018 में 20.0 हो गई।

:: अंतर्राष्ट्रीय समाचार ::

अमेरिका मीडिया संस्थानों पर चीन द्वारा कार्रवाई

  • चीन ने अमेरिका के चार मीडिया संस्थानों को अपने कार्यों के बारे में विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसने यह कदम अमेरिका द्वारा चीन के मीडिया संस्थानों पर की गई कार्रवाई के विरोध में उठाया है।
  • चीन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि एसोसिएटेड प्रेस (एपी), यूपीआइ, सीबीएस और नेशनल पब्लिक रेडियो को सात दिनों के भीतर चीन में अपने कर्मचारियों, वित्तीय संचालन और अचल संपत्ति के बारे में जानकारी देनी होगी। लिझियान ने कहा, 'हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह अपनी गलती को सुधारे और चीनी मीडिया संस्थानों का राजनीतिक दमन रोक और उन पर लगाए गए अनुचित प्रतिबंधों को हटाए।'

पृष्ठभूमि

  • बता दें कि पिछले कुछ महीनों से चीन और अमेरिका एक-दूसरे के मीडिया संस्थानों और उनके कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले अमेरिका ने चीन के चार मीडिया संस्थानों को विदेशी मिशन का दर्जा दे दिया था। इससे पहले वह फरवरी में भी पांच चीनी मीडिया संस्थानों को विदेश मिशन का दर्जा दे चुका था। उधर, मार्च में चीन ने अमेरिका के दो दर्जन पत्रकारों को निष्कासित कर दिया था।
  • जिन पत्रकारों को देश छो़ड़ने के लिए कहा गया था, उनमें न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉल स्ट्रीट जर्नल, वाशिंगटन पोस्ट के रिपोर्टर थे। इतना ही नहीं वाइस ऑफ अमेरिका और टाइम मैगजीन को चीन में अपने कार्यों के बारे में विवरण देने को कहा गया था। चीन की इस कार्रवाई के बाद वाशिंगटन ने चीन के चार मीडिया संस्थानों को अपने कर्मचारियों को कम करने का आदेश दिया था।

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस

चर्चा में क्यों?

  • यूरोपीय यूनियन (ईयू) ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआइए) की उड़ानों पर छह महीने के लिए रोक लगा दी है। इसके बाद पाकिस्तान ने यूरोपीय देशों के लिए पीआइए की सेवा ठप करने की घोषणा की है। यूरोपीय यूनियन एयर सेफ्टी एजेंसी (ईएएसए) ने कहा है कि पीआइए विमानों का निलंबन एक जुलाई से प्रभावी होगा।

पृष्ठभूमि

  • यूरोपियन यूनियन एयर सेफ्टी एजेंसी ने यह फैसला 262 पाकिस्तानी पायलटों को फर्जी घोषित करने के बाद लिया गया जिनके लाइसेंस को लेकर देश के विमानन मंत्री ने 'संदिग्ध' करार दिया था। पीआइए इसके खिलाफ अपील कर सकती है। एयरलाइंस ने कहा कि ईएएसए की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की जा रही है। फैसले के खिलाफ अपील करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

''वेरिफाइड'' और 'पॉज'' अभियान

  • कोविड-19 महामारी से संबंधित फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं को सोशल मीडिया पर फैलने से रोकने वाली संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस की वैश्विक पहल का भारत समर्थन कर रहा है। साथ ही भारत ने कोविड-19 महामारी से संबधित सूचनाओं में हेर-फेर से निपटने के लिए एक बयान भी जारी किया है।
  • संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने एंतोनियो गुतारेस की संयुक्त राष्ट्र संचार प्रतिक्रिया पहल ''वेरिफाइड'' का समर्थन करते हुए कोविड-19 महामारी के इस समय में इससे संबंधित गलत सूचनाओं से निपटने के लिए वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया हैं।
  • भारत के साथ ही आस्ट्रेलिया, चिली, फ्रांस, जॉर्जिया, इंडोनेशिया, लेबनान, मॉरिशस, नार्वे और दक्षिण अफ्रीका समेत अब तक 132 देश इस पहल के साथ जुड़ चुके हैं जोकि कोरोना वायरस पर गलत सूचना को दूर करने के लिए तथ्य-आधारित सामग्री उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करता है।

क्या है ''वेरिफाइड'' और 'पॉज'' अभियान?

  • संयुक्त राष्ट्र ने ''वेरिफाइड'' पहल की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य कोविड-19 के बारे में फैलाई जा रही गलत सूचनाओं के बढ़ते प्रवाह से निपटने के लिए इससे संबंधित सटीक और विश्वसनीय सूचनाओं का अधिक से अधिक प्रसार करना है। इस पहल के तहत, यूएन ने पूरी दुनिया के लोगों से आह्वान किया है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी ऐसी सूचना को साझा करने से पहले ''पॉज’’ करें यानि ठहरें क्योंकि यह झूठी और गलत जानकारी वाली हो सकती है। 'पॉज'' अभियान की शुरुआत मंगलवार से होनी है।

:: राजव्यवस्था ::

गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में गृह मंत्रालय ने नौ वांछित पुरुषों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के अंतर्गत नामित आतंकवादी के रूप में शामिल किया गया है।
  • पिछले सितंबर में, यूएपीए के बदले हुए प्रावधानों के तहत व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित किए जाने वाले पहले चार आतंकवादी थे - मौलाना मसूद अजहर, हाफिज सईद, जकी उर रहमान लखवी और दाऊद इब्राहिम।
  • हालिया सूची के साथ, व्यक्तिगत रूप से घोषित किए गए कुल लोगों की संख्या अब 13 हो गई है। केंद्र द्वारा नामित नौ आतंकवादी हैं:
  1. वधवा सिंह बब्बर, पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के प्रमुख।
  2. लखबीर सिंह भी पाकिस्तान में स्थित है वह इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन चलाता है।
  3. रणजीत सिंह, पाकिस्तान स्थित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के प्रमुख।
  4. परमजीत सिंह खालिस्तान कमांडो फोर्स से संबंधित थे।
  5. खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के प्रमुख सदस्य जर्मनी के भूपिंदर सिंह भिंडा।
  6. गुरमीत सिंह बग्गा भी जर्मनी में है और खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स से संबद्ध है।
  7. न्याय के लिए विवादास्पद संगठन सिखों के अमेरिका स्थित प्रमुख सदस्य गुरपतवंत सिंह पन्नून।
  8. हरदीप सिंह निज्जर, जो कनाडा में रहता है और खालिस्तान टाइगर फ़ोर्स चलाता है।
  9. यूनाइटेड किंगडम से परमजीत सिंह और आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के प्रमुख। ये नौ लोग कथित रूप से सीमा पार से और विदेशी धरती से भारत में आतंक के विभिन्न कामों में शामिल रहे हैं।

गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम-1967

  • 1967 में इंदिरा गांधी की सरकार के समय इस कानून को देश की संप्रभुता और एकता की रक्षा करने के लिए बनाया गया था। 1962 में भारत-चीन युद्ध में जब भारत की पराजय हुई और तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने राज्य के भारत से अलग होने के मुद्दे को लेकर चुनाव लड़ा था, तब केंद्र सरकार ने इस कानून का गठन किया, जिसके तहत ऐसे किसी भी संगठन को सरकार गैर-कानूनी करार दे सकती है, जो भारत से अलग होने की बात करता हो।
  • यूएपीए के अनुसार पुलिस किसी संदिग्ध को बिना चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किये 180 तक दिन कैद में रख सकती है। 2012 में हुए संशोधन ने भारत की आर्थिक सुरक्षा को खतरे में डालने को भी इस कानून के दायरे में ला दिया।

गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 2019 :-

  • 1967 में निर्मित इस अधिनियम को पुनः आधुनिक वैश्विक प्रथाओं के अनुरूप 2019 में संसोधित किया गया।
  • नए संशोधनों का उद्देश्य आतंक से संबंधित अपराधों में त्वरित जांच और अभियोजन की सुविधा प्रदान करना है। इसका सबसे महत्वपूर्ण भाग एक व्यक्ति को आतंकवादी के रूप में नामित करने की अनुमति देता है (इसके पूर्व व्यक्ति नहीं वरन संस्था आतंकवादी सांगठन के रूप में नामित होती थी)।
  • इसका उद्देश्य भारत में गैरकानूनी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रोकना है। यह मूल रूप से भारत की संप्रभुता और अखंडता के विरुद्ध निर्देशित गतिविधियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सरकार को सशक्त बनाने का प्रयास करता है।
  • इसमें अपराधों की जांच करने के लिए NIA के इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को शक्ति है।
  • अधिनियम राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के बिना कहीं भी छापेमारी करने के लिए एनआईए को सशक्त करने का प्रयास करता है।
  • इस तरह के आतंकवाद विरोधी कानून पहले से ही अमेरिका, चीन, इजरायल और ईयू जैसे देशों में हैं।

आतंकवादी घोषित किये गए व्यक्ति के अधिकार

  • कानून के दुरुपयोग के बारे में सभी आशंकाओं से निदान हेतु यह प्रावधान है कि आतंकवादी के रूप में नामित एक व्यक्ति गृह सचिव को अपील कर सकता है तथा 45 दिनों के भीतर अपील का निपटान करना होगा।
  • केंद्र अधिनियम के तहत एक समीक्षा समिति का गठन करेगा। आतंकवादी घोषित व्यक्ति अपने नाम को सम्मिलित करने के खिलाफ अपील कर सकता है और समिति के समक्ष सुनवाई कर सकता है।
  • अगर गृह सचिव के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तो विचाराधीन व्यक्ति उच्च न्यायालय के सिटिंग / रिटायर्ड जज की अगुवाई वाली कमेटी को स्थानांतरित कर सकता है और इसमें केंद्र सरकार के कम से कम दो सेवानिवृत्त सचिव शामिल हो सकते हैं।

AFSPA: सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958

चर्चा में क्यों?

  • केंद्र सरकार ने अगले छह महीने के लिए यानि दिसंबर तक पूरे नगालैंड को "अशांत क्षेत्र" घोषित किया।

पृष्ठभूमि

  • केंद्र सरकार की राय है कि पूरे नगालैंड में परिस्थितियां इतनी परेशान करने वाली और खतरनाक स्थिति में है कि आम जनमानस की मदद एवं सुरक्षा के लिए सशस्त्र बलों की सहायता की आवश्यकता है। गृह मंत्रालय ने कहा, "इन हालातों को देखते हुए सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 (आफस्पा)की धारा तीन द्वारा प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 30 जून, 2020 से छह महीने की अवधि के लिए पूरे राज्य को 'अशांत क्षेत्र' माना जाएगा।”

क्या है AFSPA?

  • सन् 1958 में भारतीय संसद ने अफस्पा अधिनियम को लागू किया। यह एक फौजी कानून है, जिसे 'डिस्टर्ब' Area में लागू किया जाता है।यह कानून सुरक्षा बलों को कुछ विशेषअधिकार जैसे- बिना वारंट तलाशी लेना, गिरफ्तार करना, या विशिष्ट परिस्थितियों में चेतावनी देने के बाद गोली चलाने तक का अधिकार देता है।
  • इस कानून को सबसे पहले 1 सितंबर 1958 को असम, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, अरूणाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड जैसे राज्यों में लगाया गया।

किसी Area को Disturb कब माना जाता है?

  • विभिन्न धार्मिक, नस्लीय, भाषा, क्षेत्रीय, समूहों, जातियों एवं समुदायों के बीच मतभेद या हिंसात्मक विवादों के कारण, राज्य या केन्द्र सरकार किसी की क्षेत्र को "अशांत क्षेत्र" घोषित कर सकती है।

AFSPA की विशेषताएँ

  • राज्य या केन्द्र सरकार के पास किसी भी भारतीय क्षेत्र को "अशांत क्षेत्र" घोषित करने का अधिकार है।
  • अधिनियम की धारा-3 के तहत, केन्द्र सरकार को किसी भी "अशांत क्षेत्र" घोषित करने से पहले राज्य सरकार की राय जानना जरूरी होता है, यदि ऐसा नही किया जाता है तो राज्यपाल या केन्द्र सरकार द्वारा ही इसे खारिज किया जा सकता है।
  • इसी अधिनियम के तहत राज्य या संघीय राज्य के राजयपाल को बजट की आधिकारिक सूचना जारी करने का अधिकार होता है जिसके बाद कन्द्र सरकार को नागरिकों की रक्षा के लिए सशस्त्र बलों को भेजने का अधिकार प्राप्त हो जाता है।
  • (विशेष न्यायालय) अधिनियम 1976 के अनुसार, एक बार 'डिस्टर्ब' क्षेत्र घोषित होने के बाद कम से कम 3 महीने तक वहाँ पर स्पेशल फोर्स की तैनाती रहती है।

:: अर्थव्यवस्था ::

प्राइवेट ट्रेन चलाने के लिए रिक्वेस्ट फॉर क्वॉलिफिकेशन

  • रेल मंत्रालय ने 109 जोड़ी प्राइवेट ट्रेन चलाने के लिए रिक्वेस्ट फॉर क्वॉलिफिकेशन (RFQ) मांगा है। पूरे देश के रेलवे नेटवर्क को 12 क्लस्टर में बांटा गया है और इन्हीं 12 क्लस्टर में 109 जोड़ी प्राइवेट ट्रेनें चलेंगी। हर ट्रेन कम से कम 16 डिब्बे की होगी और यह ट्रेन अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। इन ट्रेनों का रोलिंग स्टॉक निजी कंपनी खरीदेगी। मेंटेनेंस उसी का होगा रेलवे सिर्फ ड्राइवर और गार्ड देगा।

प्राइवेट ट्रेन के बारे में

  • शुरुआत में इस काम के लिए प्राइवेट सेक्टर इन्वेस्टमेंट का लक्ष्य 30 हजार करोड़ रुपये रखा गया है। यह भारतीय रेलवे नेटवर्क पर पैसेंजर ट्रेनों को चलाने के लिए निजी निवेश की पहली पहल है।
  • इस पहल का उद्देश्य मॉडर्न टेक्नॉलजी को सामने लाने की है जिससे मेंटिनेंस का बोझ कम हो। इससे ट्रांजिट टाइम में कमी आएगी। रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, सेफ्टी का भरोसा मजबूत होगा और यात्रियों को वर्ल्ड क्लास ट्रैवल का अनुभव होगा। सभी ट्रेन मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही बनाए जाएंगे। जिन कंपनियों को मौका मिलेगा उन्हें वित्तपोषण, खरीद, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदार संभालनी होगी। ट्रेन की स्पीड 160 किलोमीटर तक बढ़ाई जाएगी जिससे यात्रा की अवधि घटेगी।

विश्वबैंक द्वारा एमएसएमई को 75 करोड़ डालर का बजट समर्थन

  • विश्वबैंक ने कोविड- 19 से प्रभावित 15 करोड़ सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की मदद के लिए भारत को 75 करोड़ डालर का बजट समर्थन देगा। वित्त वर्ष 2020 (जुलाई 2019 से जून 2020) के दौरान विश्व बैंक ने भारत को 5.13 अरब डालर का कर्ज उपलब्ध कराया। यह पिछले एक दशक में उससे भारत को मिली सबसे अधिक वार्षिक ऋण सहायता है। इसमें कोविड- 19 महामारी के तीन माह के भीतर उपलब्ध करायी गयी 2.75 अरब डालर की ऋण सहायता शामिल है।
  • यह वित्तपोषण बहुपक्षीय बैंक की विकास नीति रिण के तहत उपलब्ध कराया गया है। यह प्रत्यक्ष बजट समर्थन है। इस वित्त समर्थन से एमएसएमई क्षेत्र को सुरक्षा देने के सरकार के प्रयासों को समर्थन मिलेगा। इसके तहत गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और लघु वित्त बैंकों को मजबूत किया जायेगा ताकि नकदी की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और वित्तपोषण के लिये समावेशी पहुंच सुनिश्चित हो सके।
  • विश्व बैंक के एमएसएमई सहायता कार्यक्रम के अगले चरण में बैंक एमएसएमई मंत्रालय और राज्यों के साथ मिलकर काम करेगा और इसमें समूहों सतर पर क्षमता विकास पर ध्यान दिया जायेगा।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

एक्सीलेरेट विज्ञान (Accelerate Vigyan)

चर्चा में क्यों?

  • देश में वैज्ञानिक शोध की गति को तेज करने और विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने वाले मानव संसाधन को तैयार करने के उद्देश्य से विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सांविधिक निकाय विज्ञान और इंजीनियरी अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) द्वारा 'एक्सीलेरे'विज्ञान’ योजना की शुरुआत की गई है।

क्या है 'एक्सीलेरे'विज्ञान’ योजना?

  • अनुसंधान की गुणवत्ता उससे जुड़े प्रशिक्षित अनुसंधानकर्ताओं के विकास पर आधारित होती है को स्वीकार करते हुए 'एक्सीलेरे'विज्ञान’ योजना विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों को रिसर्च इंटर्नशिप, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और कार्यशालाओं से संबंधित एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
  • यह योजना अनुसंधान की संभावनाओं, परामर्श, प्रशिक्षण और व्यावहारिक कार्य प्रशिक्षण की पहचान करने की कार्यविधि को सुदृढ़ करेगी। इस योजना का मूल दृष्टिकोण अनुसंधान के आधार का विस्तार करना है। इसके तीन व्यापक लक्ष्यों में वैज्ञानिक कार्यक्रमों का एकत्रीकरण, संसाधनों/सुविधाओं से दूर अनुसंधान प्रशिक्षुओं के लिए स्तरीय कार्यशालाओं की शुरुआत और अवसरों का सृजन करना शामिल है।

अभ्यास’ कार्यक्रम

  • 'अभ्यास’''एक्सीलेरे'विज्ञान’ योजना का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जो पोस्ट ग्रेजुएट एवं पीएचडी के छात्रों को उनके संबंधित विषयों में कौशल विकास को प्रोत्साहित करता है, ताकि वे शोध एवं विकास को बढ़ावा देने में सक्षम हो सकें। इस कार्यक्रम के दो घटक 'कार्यशाला'और रिसर्च इंटर्नशिप 'वृत्तिका’ '।

योजना से जुड़ें अन्य तथ्य

  • “इस पहल के अंतर्गत आगामी पाँच वर्षों में करीब 25 हजार पोस्ट ग्रेजुएट एवं पीएचडी छात्रों को आगे बढ़ने के अवसर मिलने समेत इन्टर्नशिप के केंद्रीय समन्वयन से प्रतिवर्ष अन्य एक हजार स्नातकोत्तर छात्रों को इन्टर्नशिप करने का अवसर मिल सकेगा। इस योजना के तहत सुरक्षित प्रयोगशाला विधियों पर भी ध्यान दिया जाएगा।”
  • 'एक्सीलेरे'विज्ञान’ योजना मिशन मोड में कार्य करेगी (विशेषकर देश में सभी प्रमुख वैज्ञानिक समारोहों के एकीकरण में)। इस संबंध में, सभी वैज्ञानिक मंत्रालयों/विभागों और कुछ अन्य सदस्यों को मिलाकर एक अंतर मंत्रालयी निरीक्षण समिति (आईएमओसी) का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य योजना को कार्यान्वित करने में एसईआरबी की सहायता और समर्थन करना है।
  • देश के वैज्ञानिक समुदाय की सामाजिक जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करते हुए यह योजना प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने दिशा में क्षमता निर्माण के संबंध में सभी हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
  • 'अभ्यास’ ' अलावा इस योजना के अंतर्गत संचालित एक अन्य कार्यक्रम 'समूहन’ ', जिसके घटकों में 'संयोजिका’'वं 'संगोष्ठी’ 'मिल हैं।
  • संयोजिका देश में सभी सरकारी फंडिंग एजेंसियों द्वारा समर्थित विज्ञान और प्रौद्योगिकी में क्षमता निर्माण गतिविधियों को सूचीबद्ध करने के लिए शुरू किया गया कार्यक्रम है। जबकि, 'संगोष्ठी’'सईआरबी द्वारा संचालित एक अन्य कार्यक्रम है।

गूगल क्रोम एक्सटेंशन

चर्चा में क्यों?

  • देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि इंटरनेट उपभोक्ताओं को गूगल क्रोम के एक्सटेंशन को इन्स्टॉल करते वक्त सतर्कता बरतनी चाहिए क्योंकि कपंनी ने 100 से अधिक ऐसे लिंक हटाए हैं जो उपभोक्ताओं के 'संवेदनशी'’ डेटा को एकत्रित कर रहे थे।
  • भारत के साइबर स्पेस की रक्षा करने वाली और साइबर हमलों से मुकाबला करने वाली एजेंसी 'द कम्प्'र इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ऑफ इंडिया’ (सीईआरटी-इन) ने भी पाया कि इन एक्सटेंशन में ऐसे कोड्स थे जिनकी मदद से इन्हें गूगल क्रोम के वेब स्टोर की सुरक्षा जांच से छिपाया जा सकता था।
  • गूगल ने क्रोम वेब स्टोर से गूगल क्रोम ब्राउजर के ऐसे 106 एक्सटेंशन हटा दिए हैं जो उपभोक्ता के संवेदनशील डेटा को एकत्रित कर रहे थे।’’

क्यों चिंता की है बात

  • ये एक्सेटेंशन उपभोक्ताओं के वेब सर्च के नतीजे बेहतर करने, फाइलों को एक फॉरमेट से दूसरे में बदलने जैसे टूल के रूप में दिए जा रहे थे और कुछ एक्सटेंशन सुरक्षा जांच के रूप में काम कर रहे थे।
  • निजता को खतरे में डालने वाले इन लिंक्स में स्क्रीनशॉट लेने, क्लिपबोर्ड को पढ़ने, उपभोक्ताओं के पासवर्ड को पढ़ने तथा अन्य गोपनीय सूचना हासिल करने की क्षमता थी।

क्या दी है सुरक्षा एजेंसी ने सलाह?

  • संघीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ने यूजर्स को गूगल क्रोम एक्सटेंशंस को हटाने (अनइन्स्टॉल करने) का सुझाव दिया है।
  • यूजर क्रोम एक्सटेंशंस पेज पर जा सकते हैं और डेवलेपर मोड को चालू करके यह देख सकते हैं कि कोई खतरे वाला एक्सटेंशन तो उनके पास इन्स्टॉल नहीं है और फिर उसे अपने ब्राउजर्स से हटा सकते हैं।
  • इंटरनेट उपभोक्ताओं को केवल वे एक्सटेंशंस इन्स्टॉल करने की सलाह दी है जिनकी बेहद जरूरत है और ऐसा करने से पहले उपभोक्ताओं की प्रतिक्रियाएं देखने के लिए कहा है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

भारत के दो कृषि विशेषज्ञ 2021 की खाद्य शिखर वार्ता के लिए वैज्ञानिक समूह में नामित

  • भारतीय मूल के दो प्रख्यात कृषि विशेषज्ञों को एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समूह के सदस्यों के तौर पर नामित किया है जिस समूह का लक्ष्य टिकाऊ खाद्य प्रणालियों के लिए सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक साक्ष्य उपबल्ध कराना है। संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने अगले साल वैश्विक खाद्य शिखर सम्मेलन से पहले इस समूह की स्थापना की है।
  • संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी बयान में कहा गया कि गुतारेस द्वारा नामित वैज्ञानिक समूह के सदस्यों में ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रतन लाल और कृषि अर्थशास्त्रियों के अंतरराष्ट्रीय गठबंधन (आईएएई) की डॉ उमा लेले शामिल हैं।
  • प्रख्यात भारतीय-अमेरिकी मृदा वैज्ञानिक लाल को प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखते हुए खाद्य उत्पादन बढ़ाने के लिए मिट्टी केंद्रित पद्धति विकसित करने और उसे मुख्यधारा में शामिल करने के लिए पिछले महीने 2020 के विश्व खाद्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं लेले ऐली पहली महिला हैं जिन्हें कोरनेल विश्वविद्यालय द्वारा कृषि अर्थशास्त्र में पीएचडी उपाधि दी गई है और जिन्हें जुलाई 2018 में अंतरराष्ट्रीय कृषि अर्थशास्त्रियों के संगठन का अध्यक्ष चुना गया था।

पृष्ठभूमि

  • गुतारेस संयुक्त राष्ट्र की रोम स्थित एजेंसियों के साथ साझेदारी में 2021 में खाद्य प्रणाली शिखर वार्ता बुलाएंगे जो सतत विकास लक्ष्यों और 2030 एजेंडा की पूर्ति के लिए 'डिकेड' ऑफ एक्शन’ में महत्त्वपूर्ण योगदान देगा। शिखर सम्मेलन का लक्ष्य खाद्य प्रणाली की चुनौतियों को समझने के लिए वैश्विक जागरुकता बढ़ाना, राष्ट्रों द्वारा भोजन का उत्पादन, प्रसंस्करण और उपभोग करने के बारे में वैश्विक विमर्श शुरू करना तथा सभी के लिए सुरक्षित, पोषक भोजन उपलब्ध कराने हेतु वैश्विक कार्यों एवं प्रतिबद्धताओं को प्रेरित करना है।

:: विविध ::

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार सिद्धार्थ खोसला

  • भारतीय-अमेरिकी संगीतकार सिद्धार्थ खोसला को एनबीसी के ड्रामा सीरिज 'दिस इज' अस’ के लिए एएससीएपी स्क्रीन म्यूजिक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। खोसला को इससे पहले इस सीरिज के लिए एमी अवॉर्ड के लिए भी नामित किया गया था। स्क्रीन म्युजिक अवॉर्ड का आयोजन अमेरिकी सोसाइटी फॉर कम्पोजर, ऑथर्स एंड पब्लिशर्स की ओर से किया जाता है। यह गायकों, संगीतकारों और गीतकारों के लिए सदस्यता आधारित पेशेवर संगठन है। खोसला का गाना 'एवरग्रीन कैसेट्स’ उसी अनुभव पर आधारित है और यह 'दिस इज'स’ के पहले सीजन में शामिल था।

2020 कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज

  • 29 वर्षीय भारतीय लेखिका कृतिका पांडे को उनकी लघु कथा 'द ग्रेट 'डियन टी एंड स्नैक्स’ के लिए कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज, 2020 पुरस्कार से नवाजा गया है। कृतिका को कॉमनवेल्थ फाउंडेशन ने एक ऑनलाइन कार्यक्रम में पुरस्कार से नवाजा। वह 2020 जेम्स डब्ल्यू फोले मेमोरियल अवॉर्ड और 2018 हार्वे स्वाडोस फिक्शन प्राइज समेत अन्य पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी हैं।

संयुक्त राष्ट्र के लिए भारत के स्थायी प्रतिनिधि: इंद्रमणि पांडे

  • वरिष्ठ राजनयिक इंद्रमणि पांडे को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए भारत का अगले स्थायी प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया है। पांडे 1990 बैच के भारतीय विदेश सेवा के एक अधिकारी है और इस समय वह विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हैं।

:: प्रिलिम्स बूस्टर ::

  • हाल ही में सरकार के द्वारा सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 (आफस्पा) के तहत पूर्वोत्तर के किस राज्य को 6 महीने के लिए 'अशांत क्षेत्र' घोषित कर दिया है? (नगालैंड)
  • हाल ही में किसे संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए भारत का अगले स्थायी प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया है? (इंद्रमणि पांडे)
  • गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करने एवं नदी बेसिन के प्रबंधन हेतु विश्व बैंक द्वारा 40 करोड़ डॉलर का समर्थन किस योजना प्रदान किया गया है एवं यह योजना कब प्रारंभ हुई थी? (नमामि गंगे, 2014)
  • हाल ही में सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ को रोकने हेतु किस वैश्विक संगठन के द्वारा 'वेरिफाइड' और 'पॉज’ पहल की शुरुआत की गई है? (संयुक्त राष्ट्र)
  • हाल ही में किस भारतीय लेखिका को उनकी किस कृति के लिए कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज, 2020 पुरस्कार प्रदान किया गया? (कृतिका पांडे,'द ग्रेट 'डियन टी एंड स्नैक्स’)
  • हाल ही में जारी हुए भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के आंकड़ों के अनुसार शिशु मृत्यु दर में क्रमशः उच्च एवं निम्न स्थान पर कौन से राज्य कायम है? (मध्य प्रदेश- 48, केरल- 7)
  • हाल ही में जारी हुए भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के आंकड़ों के अनुसार किन राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश में क्रमशः जन्म दर सबसे ज्यादा एवं सबसे कम है? (बिहार- 26.2, अंडमान निकोबार- 11.2)
  • हाल ही में जारी हुए भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के आंकड़ों के अनुसार किन राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश में क्रमशः मृत्यु दर सबसे ज्यादा एवं कम है? (छत्तीसगढ़-8, दिल्ली- 3.3)
  • हाल ही में भारत सरकार द्वारा किस कानून के तहत बब्बर खालसा, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स इत्यादि संगठनों के 9 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया है? (गैरकानूनी गतिविधियां (निषेध) अधिनियम 1967, 2019 में संशोधित)
  • प्रतिवर्ष 1 जुलाई को किस के उपलक्ष में नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है? (डॉक्टर बिधानचंद्र रॉय)
  • हाल ही में भारतीय मूल के किन कृषि विशेषज्ञों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा टिकाऊ खाद्य प्रणालियों के लिए सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक साक्ष्य उपबल्ध कराने वाले समूह में शामिल किया गया है? (प्रोफेसर रतनलाल और डॉक्टर उमा)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB