(Important Day महत्वपूर्ण दिवस) 12 दिसंबर (12th December) : अंतर्राष्ट्रीय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस (International Universal Health Coverage Day)


(Important Day महत्वपूर्ण दिवस) 12 दिसंबर (12th December) : अंतर्राष्ट्रीय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस (International Universal Health Coverage Day)


  • प्रतिवर्ष 12 दिसंबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय सार्वभौमिक हेल्थ कवरेज (International Universal Health Coverage Day)’ दिवस मनाया जाता है। यहाँ पर सार्वभौमिक हेल्थ कवरेज से तात्पर्य हर व्यक्ति के लिए वित्तीय कठिनाई का सामना किए बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच हैं। अंतर्राष्ट्रीय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस को मनाने का उद्देश्य सारे विश्व में कही भी हर व्यक्ति को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने के लिए सभी देशों में मजबूत और लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों को स्थापित करना और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की आवश्यकता के बारे में जागरूकता को बढ़ाना है। उल्लेखनीय है कि सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों के हिस्से के रूप में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) को प्राप्त करने की कोशिश करने हेतु सहमत हुए हैं।
  • इस वर्ष की थीम “सभी के लिए स्वास्थ्य: सभी को सुरक्षित रखें-Health for All: Protect Everyone” है। इस वर्ष की यह थीम कोरोना वायरस के महामारी के अनुरूप है जिसका उद्देश्य इस संकट को समाप्त करने और एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का निर्माण करने के लिए, हमें उन स्वास्थ्य प्रणालियों में निवेश करना चाहिए जो हम सभी की रक्षा करें।

स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े तथ्य कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

विश्व में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े तथ्य

  • दुनिया की कम से कम आधी आबादी के पास अभी भी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी कवरेज नहीं है।
  • लगभग 100 मिलियन लोगों को अभी भी अत्यधिक गरीबी के दुष्चक्र में धकेला जा रहा है (एक दिन1.90 USD या इससे भी कम पर गुजर बसर करने वाले लोग) क्योंकि उन्हें स्वास्थ्य देखभाल के लिए अत्यधिक भुगतान करना पड़ता है।
  • स्वास्थ्य देखभाल के लिए भुगतान करने के लिए 930 मिलियन से अधिक लोग (दुनिया की लगभग 12% आबादी) अपने घरेलू बजट का कम से कम 10% स्वास्थ्य पर खर्च करते हैं।
  • अधिकांश निम्न और मध्यम आय देशों में हृदय रोग, सांस की बीमारी, मधुमेह या कैंसर से 30 वर्षीय व्यक्ति के 70 वर्ष की आयु से पहले मरने का जोखिम बढ़ गया है एवं यह पुरुषों के लिए 22 प्रतिशत और महिलाओं के लिए 15 प्रतिशत था।
  • 2017 में, अनुमानित 5.4 मिलियन बच्चों की मृत्यु उनके पांचवें जन्मदिन तक पहुंचने से पहले हो गई थी। 14 में से 1 बच्चे की पांच साल की उम्र तक पहुंचने से पहले ही मौत हो जाती है।

भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े तथ्य

  • देश में प्रत्येक 1,445 लोगों में केवल एक डॉक्टर है जबकि डबल्यूएचओ का मानदंड1,000 लोगों पर एक डॉक्टर है।
  • 60 प्रतिशत ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में केवल एक चिकित्सक है जबकि लगभग पांच प्रतिशत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जहाँ एक भी चिकित्सक नहीं है।
  • देश में नर्स और रोगी अनुपात 1:483 है। इसका तात्पर्य है कि देश में 20 लाख नर्सों की कमी है।
  • डब्ल्यूएचओ अध्ययन के मुताबिक भारत के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य-श्रमिक पर्याप्त रूप से योग्य नहीं हैं।
  • ध्यातव्य है कि 2018 में भारत का जन स्वास्थ्य खर्च, जीडीपी का 1.28% था। विश्व बैंक के अनुसार, 2017 में भारत की 62.4% जनसंख्या ऐसी थी जिसके पास कोई स्वास्थ्य बीमा कवर नहीं था।
  • विश्व बैंक के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर 2017 में आउट ऑफ पॉकेट स्वास्थ्य खर्च (out-of-pocket health expenditure) का प्रतिशत 18.2% था, जबकि भारत का 62.4% था। आउट ऑफ पॉकेट स्वास्थ्य खर्च का तात्पर्य ऐसे स्वास्थ्य खर्च से है, जिसे जनता प्रत्यक्ष रूप से अपनी सेविंग (पॉकेट) से वहन करती है अर्थात जिस पर किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य बीमा नहीं होता है।

क्या है सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage-UHC)?

  • सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) का मतलब देश के किसी भी भाग में बसे नागरिक की आय के स्तर, सामाजिक स्थिति, लिंग, जाति या धर्म के बिना सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का न्यायसंगत उपयोग सुनिश्चित करना है। इसका उद्देश्य वहनीय, उत्तरदायी, गुणवत्तापूर्ण एवं यथोचित स्वास्थ्य सेवाओं के आश्वासन को सुनिश्चित करना है। इसमें रोकथाम, उपचार एवं पुनर्वास देखभाल शामिल हैं। एक सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) की निम्न विशेषताएँ होती है-
  1. एक मजबूत, कुशल, अच्छी तरह से संचालित स्वास्थ्य प्रणाली;
  2. स्वास्थ्य सेवाओं के वित्तपोषण के लिए एक कुशल प्रणाली;
  3. आवश्यक दवाओं और प्रौद्योगिकियों तक पहुंच;
  4. अच्छी तरह से प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की पर्याप्त क्षमता।

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज क्यों चाहिए?

  • सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज से जाति, धर्म, राजनीतिक विश्वास एवं सामाजिक-आर्थिक स्थिति के भेदभाव के बिना शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का आनंद लेना हर मनुष्य का अधिकार है। प्रत्येक मनुष्य को सभ्य जीवन मानक जैसे कि स्वास्थ्य एवं परिवार की तंदुरुस्ती, भोजन, वस्त्र, आवास व चिकित्सा देखभाल की प्राप्ति का अधिकार हैं। इन आकस्मिकताओं जैसे कि बेरोजगारी, बीमारी, दुर्घटना, अपंगता, विधवा या बुढ़ापे की देखभाल आवश्यक हैं। अच्छा स्वास्थ्य दीर्घकालिक आर्थिक विकास का आधार है। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का दोहरा लाभ प्राप्त करने के परिणामस्वरूप स्वस्थ समुदाय एवं मज़बूत अर्थव्यवस्था के विकास के लिए अनेक देश इसे अंगीकार कर रहे हैं।

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लाभ:

  • जनसंख्या के स्वास्थ्य में सुधार।
  • कुशल, उत्तरदायी एवं पारदर्शी स्वास्थ्य प्रणाली।
  • गरीबी में कमी।
  • बृहद् उत्पादकता।
  • नौकरियों में बढ़ोत्तरी।
  • वित्तीय सुरक्षा।
  • अधिक से अधिक इक्विटी।

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज क्या नहीं है?

  • कई चीजें हैं जो यूएचसी के दायरे में शामिल नहीं हैं:
  1. UHC का मतलब लागत की परवाह किए बिना सभी संभावित स्वास्थ्य सुविधाओं और क्रियाकलापों को मुफ्त पहुचना नहीं है क्योंकि कोई भी देश स्थायी आधार पर सभी सेवाओं को नि:शुल्क प्रदान नहीं कर सकता है।
  2. UHC केवल स्वास्थ्य वित्तपोषण के बारे में नहीं है। यह स्वास्थ्य प्रणाली के सभी घटकों को शामिल करता है: स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली, स्वास्थ्य कार्यबल, स्वास्थ्य सुविधाएं और संचार नेटवर्क, स्वास्थ्य तकनीक, सूचना प्रणाली, गुणवत्ता आश्वासन तंत्र, प्रशासन और कानून।
  3. UHC न केवल स्वास्थ्य सेवाओं के न्यूनतम पैकेज को सुनिश्चित करने के बारे में है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं और वित्तीय सुरक्षा के कवरेज के एक प्रगतिशील विस्तार को सुनिश्चित करने के बारे में भी है।
  4. UHC केवल व्यक्तिगत उपचार सेवाओं के बारे में नहीं है, बल्कि इसमें जनसंख्या-आधारित सेवाएं भी शामिल हैं जैसे कि सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान, स्वच्छ जल, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नियंत्रित करना इत्यादि।
  5. UHC में केवल स्वास्थ्य की तुलना में अन्य घटक भी शामिल है; सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की ओर कदम उठाने का मतलब है- समान भागीदारी, विकास प्राथमिकताओं और सामाजिक समावेश समेत सामंजस्य की ओर उठाया गया कदम।

क्या है सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के मापक?

  • डब्ल्यूएचओ 4 श्रेणियों में 16 आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग करते हुए देशों में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के स्तर और इक्विटी को मापता है:

1. प्रजनन, मातृ, नवजात और बाल स्वास्थ्य:

  • परिवार नियोजन
  • प्रसवपूर्व और प्रसव देखभाल
  • पूर्ण बाल टीकाकरण
  • निमोनिया के लिए स्वास्थ्य सुविधाएँ

2. संक्रामक रोग:

  • तपेदिक उपचार
  • एचआईवी एंटीरेट्रोवाइरल उपचार
  • हेपेटाइटिस का इलाज
  • मलेरिया की रोकथाम
  • पर्याप्त स्वच्छता।

3. गैर - संचारी रोग:

  • बढ़े हुए रक्तचाप का उपचार और रोकथाम
  • बढ़े हुए रक्त शर्करा के उपचार और रोकथाम
  • सर्वाइकल कैंसर की जांच
  • तंबाकू (गैर-) धूम्रपान।

4. सेवा क्षमता और पहुंच:

  • बुनियादी अस्पताल पहुंच
  • स्वास्थ्य कार्यकर्ता घनत्व
  • आवश्यक दवाओं तक पहुंच
  • स्वास्थ्य सुरक्षा: अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों का अनुपालन।

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास

1. वैश्विक पहल

  • संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों में से एक सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को भी शामिल किया गया है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में अपने सहयोगी संगठनों (DFID, GIZ, ILO, UNAIDS, UNDP, UNFPA, UNICEF, USAID और विश्व बैंक ) के जरिये कार्य कर रहा है। इसके द्वारा इस दिशा में उठाए गए मुख्य पहल निम्न है-
  1. Universal Health Coverage Partnership
  2. UHC 2030
  3. P4 Social Health Protection Network

2. भारतीय पहल

  • राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM)
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM)
  • जननी सुरक्षा योजना
  • मिशन इन्द्रधनुष
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (NHP) -2017
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (RSBY)
  • कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESIS)
  • केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस)
  • आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन (AB-NHPM)

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को प्राप्त करने में चुनौतियां

  • कम बीमा दर के कारण सीमित वित्तीय सुरक्षा: सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में सफलता प्राप्ति हेतु प्रभावी वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता सबसे महत्वपूर्ण चुनौती है।
  • कम बजट आबंटन: UHC की दिशा में कम बजट आबंटन भी एक प्रमुख चुनौती है जिसका प्रमुख कारण विकासशील और पिछड़े देशों की वित्तीय असमर्थता एवं संसाधनों का अभाव है।
  • हेल्थकेयर सुविधाओं में असमानता: प्रायः ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हेल्थकेयर सुविधाओं में असमानता एक प्रमुख चिंता का विषय है क्योकि एक जरूरत-आधारित समान पहुंच वाली स्वास्थ्य प्रणाली UHC का मूलभूत लक्ष्य है।
  • वित्तीय संसाधनों का अप्रभावी पर्यवेक्षण और प्रशासन: UHC को प्राप्त करने के लिए वित्तीय संसाधनों के प्रभावी होने के लिए एक अच्छी पर्यवेक्षी और प्रशासन प्रणाली आवश्यक है लेकिन भ्रष्टाचार और उत्तरदायित्व की कमी UHC के लक्ष्यों को हतोत्साहित करते है।
  • किफायती स्वास्थ्य सेवा: स्वास्थ्य सेवा को वहनीय लागत पर गैर-सामर्थ्य लोगों तक पहुचना एक प्रमुख समस्या है क्योंकि मंहगी स्वास्थ्य सेवा आम आदमी के पहुँच से बाहर हो जाती है।
  • प्रभावी दवाओं तक पहुँच: सस्ती जेनेरिक दवा की उपलब्धता, दवा की गुणवत्ता और उचित दवाओं के वितरण को सुनिश्चित करना एक प्रमुख समस्या है।
  • हेल्थकेयर उत्पाद और स्वास्थ्य सेवा: मांग की तुलना में हेल्थकेयर उत्पाद और स्वास्थ्य सेवा को उपलब्ध कराना।
  • स्वास्थ्यकर्मियों और स्वास्थ्य केन्द्रों की कमी: UHC को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों और स्वास्थ्य केन्द्रों की कमी एक प्रमुख अवरोध है।
  • स्वास्थ्य सेवा में लीकेज: मेडिकल वेस्ट और इससे प्रदुषण की चिंता, स्वास्थ्य सेवा में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी एक प्रमुख समस्या है

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में देश कैसे प्रगति कर सकते हैं?

  • सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में सभी देश को तेजी से आगे बढ़ने के लिए कार्रवाई करना।
  • देशों की बढ़ती आबादी की स्वास्थ्य आवश्यकताओं और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागतों के अनुकूल नीतियों का निर्माण।
  • सभी देशों में स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता है।
  • सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में मजबूत वित्तपोषण संरचनाएं महत्वपूर्ण हैं जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का भार गरीब तबकों पर नहीं पड़ें।
  • सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए अनिवार्य फंडिंग स्रोतों (जैसे अनिवार्य बीमा योगदान) से पूलिंग फंड बनाना जो बीमारी के वित्तीय जोखिमों को कम कर सकते हैं।
  • गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा कवरेज और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए केंद्रित एकीकृत देखभाल सेवाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की उपलब्धता, पहुंच और क्षमता विस्तार करना।
  • सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए गुणवत्ता प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में निवेश।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल कार्यबल में निवेश करना।
  • दवाओं और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों की खरीद और आपूर्ति की प्रणाली, स्वास्थ्य सूचना प्रणाली जैसे अन्य महत्वपूर्ण तत्व के लिए गुड गवर्नेंस।