Daily Audio Bulletin for UPSC, IAS, Civil Services, UPPSC/UPPCS, State PCS & All Competitive Exams (25, June 2019)


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बुलेटिन्स

1. आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने दिया इस्तीफा, निजी कारणों का दिया हवाला
2. असम में अंबुवासी मेले का हुआ भव्य शुभारंभ। मां कामाख्या के पावन धाम पर हर साल लगता है मेला।
3. FATF चीफ ने दिया संकेत। पाकिस्तान का ब्लैकलिस्ट होना लगभग तय।
4. आज दिल्ली पहुचेंगे अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो। पीएम मोदी से कल करेंगे मुलाकात।
5. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बरक़रार। अमेरिका ने ईरान पर लगाए और कड़े प्रतिबन्ध।

आइये अब ख़बरों को विस्तार से समझते हैं

1. पहली न्यूज़

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने ये इस्तीफा अपने कार्यकाल की समाप्ति के छह महीने पहले ही दे दिया। स्वतंत्र विचार रखने वाले अर्थशास्त्री आचार्य कई मौकों पर सरकार और वित्त विभाग की आलोचना तथा केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता का मुद्दा उठाकर विवादों में रहे।

ग़ौरतलब है कि दिसंबर 2018 में आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था जबकि उनका कार्यकाल करीब नौ महीने बचा था।

आपको बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक देश का केन्द्रीय बैंक है। इसकी स्थापना 1935 में बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1934 के तहत 5 करोड़ रूपए की शुरूआती धनराशि के साथ की गई थीl बाद में, कुछ सीमित लोगों के हाथों में शेयरों के केन्द्रीयकरण को रोकने के लिहाज़ से 1 जनवरी 1949 को इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया।

भारतीय रिज़र्व बैंक मौद्रिक नीति तैयार करने, वित्तीय प्रणाली का रेगुलेशन, विदेशी मुद्रा का प्रबन्धन और मुद्रा जारी करने जैसे अहम् काम करता हैl इसके अलावा आरबीआई साख नियन्त्रित करने तथा सरकार और बैंकों के बैंकर के रूप में भी काम करता है।

रिज़र्व बैंक का कामकाज एक केन्द्रीय निदेशक बोर्ड द्वारा शासित होता है। आरबीआई एक्ट की धारा 8 के मुताबिक़ बोर्ड के सदस्यों को भारत सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है। आरबीआई के प्रशासनिक अधिकारी के रूप में सीबीडी यानी Central Board of Directors के तहत आधिकारिक निदेशक और गैर-आधिकारिक निदेशक - दो प्रकार के बोर्ड होते हैं। आधिकारिक निदेशक के तहत जहाँ एक पूर्णकालिक गवर्नर और अधिकतम चार उप गवर्नर शामिल होते हैं। वहीँ गैर आधिकारिक-निदेशक के तहत सरकार द्वारा नामित विभिन्न क्षेत्रों से दस निदेशक और एक सरकारी अधिकारी शामिल होते हैं।

देश के केंद्रीय बैंक और सरकार के बीच आये दिन गतिरोध देखने को मिलता हैl मौजूदा वक़्त में, आरबीआई एक्ट की धारा 7, प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन यानी पीसीए की रूपरेखा के तहत कुछ नियम और आरबीआई अधिशेष जैसे मुद्दे गतिरोध के कारण बने हुए हैंl हालाँकि ये गतिरोध कभी सार्वजनिक नहीं हुए।

2. दूसरी न्यूज़

असम स्थित मां कामाख्या के पावन धाम पर हर साल लगने वाला अंबुबासी मेला इस साल भी 22 जून से शुरू हो गया। पूर्वोत्तर का कुम्भ माना जाने वाला ये मेला 26 जून तक चलेगा। कामाख्या धाम को 51 शक्तिपीठों में सबसे प्रसिद्ध माना जाता है। मेला शुरू होते ही यहां पर देश के कोने-कोने से तंत्र-मंत्र साधना करने वाले जुट जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि जब सुदर्शन चक्र से कटकर देवी सती के अंग भूमि पर गिरे थे तब योनी भाग इसी स्थान पर गिरा था। इसी जगह पर माता कामाख्या का मंदिर है। इस मंदिर को तंत्र साधना करने वाले अपना प्रमुख स्थान मानते है।

3. तीसरी न्यूज़

फाइनेंशल एक्शन टास्क फोर्स यानी एफएटीएफ के प्रमुख मार्शल बिलिंगस्लिया ने पाकिस्तान को काली सूची में डालने की संभावना का संकेत दिया है। उनका ये बयान पेरिस में हुई बैठक के बाद आया है।
आपको बता दें कि एफएटीएफ, पेरिस स्थित एक वैश्विक संगठन है जो आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग पर लगाम लगाने के लिए काम करती है। इसकी स्थापना 1989 में हुई थी। इसकी बैठक में समीक्षा की जाती है कि संबंधित देश मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग पर रोक लगाने में सक्षम है या नहीं। साथ ही ये संस्था इन अपराधों को रोकने के लिए नीतियां और मानक भी तैयार करता है। अभी एफएटीएफ में 38 सदस्य हैं जिसमें 2 क्षेत्रीय संगठन - यूरोपीय कमीशन और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल शामिल है। साथ ही, दो देश इंडोनेशिया और सऊदी अरब बतौर आब्जर्वर इसमें शामिल है। भारत 2010 में एफटीएफ का सदस्य बना था। ग़ौरतलब है कि एफएटीएफ ने पाकिस्तान को जून, 2018 में ग्रे लिस्ट में रखा था।

4. चौथी न्यूज़

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो आज भारत दौरे पर आ रहे हैं। पोम्पियो का दो दिवसीय दौरा 25 जून से 27 जून तक चलेगा। वे 26 जून को पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। चुनाव के बाद से ये पहली बार दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता होगी। इस मुलाकात में ईरान तेल निर्यात, पाकिस्तान में आतंकवाद और रूस के साथ एस-400 समझौते जैसे कई मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।

जी-20 शिखर सम्मेलन से ठीक पहले पोम्पिओ की यह भारत यात्रा अहम् मानी जा रही है। ग़ौरतलब है कि जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। आपको बता दें कि G–20 का गठन सितंबर 1999 में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिहाज़ से किया गया था। साथ ही G–20 ब्रेटन वुड्स संस्थागत प्रणाली की रूपरेखा के भीतर आने वाले अहम् देशों के बीच अनौपचारिक बातचीत और सहयोग को बढ़ावा देने का काम भी करता है। ग़ौरतलब है कि G-20 देशों की अर्थव्यवस्था दुनिया के 90 प्रतिशत उत्पाद, 80 प्रतिशत विश्व व्यापार, दो-तिहाई जनसंख्या और दुनिया के लगभग आधे क्षेत्रफल का हिस्सा है।

5. पांचवी न्यूज़

अमेरिका और ईरान के बीच तल्ख़ी कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर और भी कड़े प्रतिबंध लगाए जाने का ऐलान किया है। साथ ही अमेरिका ने ईरान के ऊपर साइबर अटैक का भी दावा किया।

आपको बता दें कि बीते सप्ताह ईरान ने अमेरिकी सर्विलांस ड्रोन को मार गिराया था जिसके चलते अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, और दोनों देश युद्ध के मुहाने पर आ चुके हैं। ईरान ने कहा कि अमेरिका चाहे कोई भी फैसला करे लेकिन ईरान अपनी सीमाओं का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेगा और वो हर खतरे का जवाब देने को तैयार है।

ग़ौरतलब है कि साल 2015 में, जर्मनी समेत संयुक्त राष्ट्र के पांच स्थायी सदस्यों यानी P5+1 और ईरान के बीच एक परमाणु समझौता हुआ। लेकिन उस समय अमेरिका के रिपब्लिकन पार्टी को ये डील रास नहीं आयी थी। ट्रम्प प्रशासन ने पिछले साल इस परमाणु समझौते से बाहर होने का निर्णय ले लिया।

साथ ही ईरान की अर्थव्यवस्था कमज़ोर करने के लिहाज़ से अगस्त, 2018 में अमेरिकी प्रशासन ने वे सभी प्रतिबंध फिर से उस पर लगा दिए जिन्हें परमाणु करार के तहत हटा लिया गया था। अमेरिका का मानना था कि आर्थिक दबाव के चलते ईरान नए समझौते के लिये तैयार हो जाएगा।

अमेरिका के इस क़दम के बाद ईरान अपने आप को अलग-थलग महसूस करने लगा। इस हालात में, उसने न्यूक्लीअर डील में तय की गयी यूरेनियम स्टॉकपाइल लिमिट को तोड़ते हुए अपने यूरेनियम संवर्द्धन को बढ़ा दिया। साथ ही ईरान ने दुनिया को चेतावनी दी कि अगर उसे अलग-थलग किया जाता है तो वो तेल व्यापार के सबसे अहम जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को बंद कर देगा।

आज के न्यूज़ बुलेटिन में इतना ही... कल फिर से हाज़िर होंगे एग्जाम के लिहाज़ से महत्वपूर्ण कुछ अहम ख़बरों के साथ...

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