Daily Audio Bulletin for UPSC, IAS, Civil Services, UPPSC/UPPCS, State PCS & All Competitive Exams (24, June 2019)


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बुलेटिन्स

1. लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा आज। चर्चा के बाद पारित किया जाएगा धन्यवाद प्रस्ताव।
2. प्लास्टिक कचरे को लेकर एनजीटी हुआ सख़्त। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जारी किया निर्देश।
3. अमेरिकी विदेश विभाग ने जारी किया अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट। रिपोर्ट को भारत ने किया खारिज - कहा सहिष्णुता के लिए भारत है प्रतिबद्ध
4. भारत के दस राज्यों में पहुंचा मॉनसून। बारिश के कारण गर्मी से मिली थोड़ी राहत।
5. और एक नए बायो इंडिकेटर की हुई पहचान। ब्रेन ट्यूमर के इलाज में मिल सकती है बड़ी सफलता।

आइये अब ख़बरों को विस्तार से समझते हैं

1. पहली न्यूज़

लोकसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर आज चर्चा किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी ने सदन में धन्यवाद प्रस्ताव पेश करेंगे।

आपको बता दें कि बीते 20 जून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 17वीं लोकसभा के प्रथम सत्र की संयुक्त बैठक को सम्बोधित किया। वैसे तो राष्ट्रपति का अभिभाषण महज़ एक औपचारिकता माना जाता है लेकिन इस अभिभाषण में राष्ट्रपति अगले पांच सालों के लिए सरकार का एजेंडा पेश करते हैं।

दरअसल संविधान के अनुच्छेद 87 में ऐसी दो स्थितियों का ज़िक्र किया गया है जब राष्ट्रपति द्वारा विशेष रूप से संसद के दोनों सदनों को संबोधित किया जाता है। पहला - प्रत्येक आम चुनाव के बाद पहले सत्र की शुरुआत होने पर और दूसरा - प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र की शुरुआत में।

संसद के लिए राष्ट्रपति का अभिभाषण केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा तैयार किया जाता है। जब राष्ट्रपति अपना अभिभाषण देते हैं तो इसमें सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं और आने वाले पांच साल की योजनाओं का अनिवार्य रूप से उल्लेख होता है। अभिभाषण सरकार के एजेंडा और दिशा का व्यापक फ्रेमवर्क प्रदान करता है।

संविधान के अनुच्छेद 82 के क्लॉज 2 के तहत संसद के दोनों सदनों को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा करके धन्यवाद प्रस्ताव को पास करने की परंपरा रही है। लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव का पारित होना सरकार की नीतियों के प्रति सहमति माना जाता है। अगर सदन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित नहीं हो पाता है तो सरकार गिर जाती है।

2. दूसरी न्यूज़

राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी ने देश में प्लास्टिक कचरे को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश जारी किया है। न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि देश में प्लास्टिक कचरे के आयात पर प्रतिबंध को कड़ाई से लागू किया जाए क्योंकि यह पर्यावरण के लिए खतरनाक है। पीठ ने आगे कहा कि स्थानीय निकायों को प्रोत्साहित करना होगा कि वे सड़क निर्माण या कचरे से तेल के निर्माण में प्लास्टिक के कचरे का इस्तेमाल करें।

एनजीटी की स्थापना अक्टूबर, 2010 में एनजीटी एक्ट, 2010 के तहत की गई थी। NGT की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संबंधी मुद्दों का तेज़ी से निपटारा करना है, ताकि देश की अदालतों में लगे मुकदमों के बोझ को कुछ कम किया जा सके। NGT का मुख्यालय दिल्ली में है, जबकि अन्य चार क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल, पुणे, कोलकाता एवं चेन्नई में स्थित हैं।

आपको बता दें कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एक सांविधिक संगठन है। इसका गठन जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत सितंबर, 1974 में किया गया था। CPCB वायु गुणवत्ता में सुधार और वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और उन्मूलन से जुड़े किसी भी मामले पर केंद्र सरकार को सलाह देने का काम करता है।

3. तीसरी न्यूज़

भारत ने अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2018 में हिंदू कट्टरपंथी समूहों ने अल्पसंख्यकों पर हमले किए हैं। भारत ने रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा कि देश को अपनी धर्मनिरपेक्षता पर गर्व है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक और बहुलतावादी समाज वाला देश है जो लंबे समय से सहिष्णुता और समावेश के लिए प्रतिबद्ध है। भारत का संविधान सभी नागरिकों को उनके मूलभूत अधिकारों की गारंटी देता है, जिसमें अल्पसंख्यक भी शामिल हैं।

ग़ौरतलब है कि भारत के संविधान में अनुच्छेद 25 से 28 के तहत हर नागरिक को धार्मिक स्वतन्त्रता का अधिकार है। साथ ही संविधान के प्रस्तावना में भी पंथ निरपेक्षता की बात कही गई है।

4. चौथी न्यूज़

उत्तर भारत में कई स्थानों पर हुई बारिश के कारण लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। आईएमडी के मुताबिक़, भारत के क़रीब दस राज्यों में मॉनसून ने अपनी दस्तक दे दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दक्षिण पूर्व मानसून के प्रभाव से वहां से नमी वाली हवा दिल्ली पहुंचेगी। साथ ही नया पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत पहुँचाने वाला है जिससे मानसूनी बारिश के आसार बढ़ गए हैं।

आपको बता दें कि मानसून मूलतः हिन्द महासागर एवं अरब सागर की ओर से भारत के दक्षिण-पश्चिम तट पर आनी वाली हवाओं को कहते हैं। ये हवाएं भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि में भारी वर्षा करातीं हैं। ये ऐसी मौसमी पवन होती हैं, जो दक्षिणी एशिया क्षेत्र में जून से सितंबर तक क़रीब चार महीने तक सक्रिय रहती हैं।

ग़ौरतलब है कि मौसम की जानकारी देनी वाली निजी संस्था स्काईमेट ने इस साल मॉनसून पर अल नीनो के प्रभाव की आशंका जताई थी। अल-नीनो के चलते प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह गर्म हो जाती है, जिससे हवाओं का रास्ते और रफ्तार में बदलाव आ जाता है। इस बदलाव के कारण मौसम चक्र बुरी तरह से प्रभावित होता है। मौसम में बदलाव के कारण कई स्थानों पर सूखा पड़ता है तो कई जगहों पर बाढ़ आती है। इसका असर दुनिया भर में दिखाई देता है। अल नीनो बनने से जहाँ भारत और आस्ट्रेलिया में सूखा पड़ता है, वहीँ अमेरिका में भारी बारिश देखने को मिलती है।

5. पांचवी न्यूज़

एक नए बायो इंडिकेटर यानी जैव संकेतक प्रोटीन एनएलआरपी 12 की पहचान की गई है। ये प्रोटीन प्रतिरक्षा संबंधी प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दरअसल ग्लियोमा दिमाग में होने वाला एक घातक ट्यूमर है जो जानलेवा भी हो सकता है। एक ताजा अध्ययन में शोधकर्ताओं ने ग्लियोमा की वृद्धि से जुड़े जैव संकेतकों का पता लगाया है जो इसकी पहचान और उपचार में मददगार साबित हो सकते हैं। आपको बता दें कि जैव संकेतक ऐसे जीव होते हैं जिससे हमें किसी पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का पता चलता है।

आज के न्यूज़ बुलेटिन में इतना ही... कल फिर से हाज़िर होंगे एग्जाम के लिहाज़ से महत्वपूर्ण कुछ अहम ख़बरों के साथ...

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