Daily Audio Bulletin for UPSC, IAS, Civil Services, UPPSC/UPPCS, State PCS & All Competitive Exams (21, June 2019)


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बुलेटिन्स

1. ईरान ने गिराया अमेरिका सेना का ड्रोन, दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के नहीं दिख रहे आसार
2. 17वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू, राष्ट्रपति ने किया संसद के संयुक्त सत्र को सम्बोधित
3. तीन तलाक को ख़त्म करने के लिहाज़ से लोकसभा में पेश किया गया विधेयक , विपक्षी दलों द्वारा किया जा रहा बिल का विरोध
4. कालेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन परियोजना का हुआ उद्घाटन, विश्व की पहली और सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है ये
5. बढ़ते तापमान से हिमालय के ग्लेशियरों के पिघलने की दर हुई दोगुनी। आने वाले वक़्त में जताई जा रही है जल संकट की आशंका

आइये अब ख़बरों को विस्तार से समझते हैं

1. पहली न्यूज़

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के आसार नहीं दिख रहे 20 जून को ईरान ने अमेरिकी सेना के एक ड्रोन को मार गिराया । ईरान का आरोप है कि यह एक अमेरिकी जासूसी ड्रोन था जो दक्षिणी ईरान के ऊपर से उड़ रहा था। वहीं अमेरिका ने इस बात से इन्कार करते हुए कहा है कि ड्रोन हरमुज स्ट्रेट के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा में उड़ रहा था। ग़ौर तलब है कि साल 2015 में ईरान के साथ हुए परमाणु डील से अमेरिका के हट जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था।

इस ताजा घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच सशस्त्र टकराव की आशंका गहरा गई है।इस तनाव की वजह से अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार पर बुरा असर पड़ा । ईरान ने भी दबाव बढ़ाने के लिए अपने यहाँ यूरेनियम का उत्पादन बढ़ा दिया है। हालांकि दोनों पक्ष युद्ध की बात से इन्कार कर रहे हैं लेकिन आगामी अमेरिकी चुनाव को देखते हुए अन्तराष्ट्रीय राजनीती में इस तनाव को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं

आपको बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए वैश्विक तेल ज़रूरत की ज़रूरत का लगभग पांचवा हिस्सा गुज़रता है। सऊदी अरब, ईरान, यू.ए.ई., कुवैत और इराक से निर्यात किये जाने वाले ज़्यादातर कच्चे तेल को इसी जलमार्ग के ज़रिए भेजा जाता है। होर्मुज स्ट्रेट फ़ारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। होर्मुज स्ट्रेट ईरान को अरब प्रायद्वीप से अलग करता है। होर्मुज स्ट्रेट में कीश्म, होर्मुज और हेंजम द्वीप मौजूद हैं।

2. दूसरी न्यूज़

बीते 20 जून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में नई राजग सरकार को बधाई देते हुए इसके एजेंडे को देश के सामने रखा । राष्ट्रपति ने अपने भाषण में बताया कि सरकार की कोशिश महिला, किसान, राष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीति और संस्कृति जैसे पहलुओं को बेहतर बनाने की होगी । साथ ही महात्मा गांधी के सपनो को साकार करते हुए गरीब, उद्योग, व्यापारी समेत सभी क्षेत्रों में हर व्यक्ति के जीवन में सुधार लाना होगा।

ग़ौरतलब है कि संविधान के अनुच्छेद 87 के तहत ऐसी दो स्थितियों का उल्लेख किया गया है जब राष्ट्रपति द्वारा विशेष रूप से संसद के दोनों सदनों को संबोधित किया जाएगा। प्रत्येक आम चुनाव के बाद पहले सत्र की शुरुआत होने पर, जब निचले सदन की पहली बार बैठक होगी, राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा और लोकसभा, दोनों को संबोधित किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र की शुरुआत में भी राष्ट्रपति द्वारा दोनों सदनों को संबोधित किया जाएगा।

राष्ट्रपति के अभिभाषण में सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं और आने वाले वर्ष की योजनाओं का अनिवार्य रूप से उल्लेख होता है। अभिभाषण सरकार के एजेंडा और दिशा का व्यापक फ्रेमवर्क प्रदान करता है।

3. तीसरी न्यूज़

तीन तलाक को बन करने के लिए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज एक नया विधेयक लोकसभा में पेश किया। कांग्रेस, एआईएमआईएम समेत कई विपक्ष दलों को बिल के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति है जिसके कारण वो इस बिल का विरोध कर रहे हैं

दरअसल अध्यादेश के आधार पर तैयार नए बिल के मुताबिक, आरोपी को पुलिस जमानत नहीं दे सकेगी। इसके अलावा मुकदमे का फैसला होने तक बच्चा मां के संरक्षण में ही रहेगा। आरोपी को उसका गुजारा भी देना होगा। ऐसे में सवाल ये है कि अगर आरोपी जेल में है तो इस हालत में वो पीड़िता को गुज़ारा कैसे दे पायेगा।

ग़ौर तलब है कि लोकसभा में तीन तलाक पर कानूनी रोक वाला विधेयक फरवरी 2019 में पारित हो गया था। राज्यसभा में एनडीए सरकार के पास बहुमत नहीं था, इसलिए बिल वहां अटका रहा। संसदीय नियमों के मुताबिक, जो विधेयक सीधे राज्यसभा में पेश किए जाते हैं, वो लोकसभा भंग होने की स्थिति में स्वत: समाप्त नहीं होते। जो विधेयक लोकसभा में पेश किए जाते हैं और राज्यसभा में लंबित रहते हैं, वे निचले सदन यानी लोकसभा भंग होने की स्थिति में अपने आप ही समाप्त हो जाते हैं। तीन तलाक बिल के साथ भी यही हुआ और इसी वजह से सरकार को नया विधेयक लाना पड़ रहा है।

4. चौथी न्यूज़

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने गोदावरी नदी पर निर्मित विश्व की पहली और सबसे बड़ी कालेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन परियोजना का उद्घाटन किया। कालेश्वरम प्रोजेक्ट के जरिए तकरीबन 35 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा के अलावा 18।82 लाख एकड़ अतिरिक्त कमांड एरिया को मृदा स्थिरीकरण का लाभ हासिल हो पाएगा। मृदा स्थिरीकरण का ये काम जल संग्रहण के जरिए किया जाएगा। इससे 12 जिलों को पीने के पानी की आपूर्ति हो सकेगी। कालेश्वरम परियोजना पूरी दुनिया में सिंचाई और पेयजल की सबसे बड़ी परियोजना है। इस परियोजना के कारण तेलंगाना के विकास को एक नई गति मिलने की उम्मीद है। एमईआइएल के मौजूदा निदेशक ने बताया कि अभी तक विश्व की सबसे बड़ी लिफ्ट इरिगेशन परियोजनाएं अमेरिका और मिस्र में थीं, लेकिन अब भारत सबसे आगे निकल जाएगा।

5. पांचवी न्यूज़

बढ़ते तापमान के कारण 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिमालय के ग्लेशियरों के पिघलने की दर दोगुनी हो गई है। हर साल ग्लेशियरों की लगभग आधा मीटर बर्फ पिघल जाने के कारण भारत समेत कई देशों में जल संकट की आशंका भी जताई जा रही है। ग़ौरतलब है कि भारत, चीन, नेपाल और भूटान के हिमालयी क्षेत्रों से जुटाए गए 40 सालों के आंकड़ों के आधार पर ये नतीजा सामने आया है।

एक अध्ययन के मुताबिक, साल 2000 के बाद से हर साल वैश्विक तापन के चलते इन हिमालयी क्षेत्रों में लगभग डेढ़ फुट बर्फ कम हो रही है। बर्फ पिघलने की मौजूदा दर साल 1975 से 2000 के बीच बर्फ पिघलने की दर के मुक़ाबले दोगुनी है। साइंस एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक़ ग्लेशियरों ने पिछले चार दशक में अपने कुल द्रव्यमान का तक़रीबन चौथाई हिस्सा खो दिया है। मौजूदा वक़्त में हिमालय में लगभग 600 अरब टन बर्फ होने का अनुमान है। एक समय था जब इस क्षेत्र को पृथ्वी का ‘तीसरा ध्रुव’ कहा जाता था।

हिमालयी ग्लेशियरों पिघलना भारत समेत पड़ोसी देशों के लिए भी किसी खतरे से कम नहीं है। ग्लेशियर से पिघला हुआ पानी एक जगह किसी झील में लगातार जमा हो सकता है जो किसी भी वक्त टूटकर अपनी राह में पड़ने वाली हर चीज को तबाह कर सकता है। इस खतरे का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया का सबसे बड़े डेल्टा ‘सुंदरबन’, का अस्तित्व ही खतरे में आ गया है। क्योंकि हिमालय और दुनियाभर के ग्लेशियर पिघलने की वजह से समुद्र का जलस्तर अब बढ़ने लगा है और इसका असर सुंदरबन पर दिखने भी लगा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर जल्द हालात संभला नहीं गया तो भविष्य में इसके भयानक परिणाम देखने को मिलेंगे।

आज के न्यूज़ बुलेटिन में इतना ही... कल फिर से हाज़िर होंगे एग्जाम के लिहाज़ से महत्वपूर्ण कुछ अहम ख़बरों के साथ...

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