Daily Audio Bulletin for UPSC, IAS, Civil Services, UPPSC/UPPCS, State PCS & All Competitive Exams (20, June 2019)


Daily Audio Bulletin for UPSC, IAS, Civil Services, UPPSC/UPPCS, State PCS & All Competitive Exams (20, June 2019)


बुलेटिन्स

1. 17वीं लोकसभा के लिए लोकसभा स्पीकर का चयन। भाजपा सांसद ओम बिड़ला बने लोकसभा के नये अध्यक्ष
2. एक देश एक चुनाव विषय पर सर्वदलीय बैठक संपन्न। एक देश एक चुनाव के लिए होगा एक समिति का गठन
3. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां ज़ोरो पर। कल मनाया जायेगा दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस।
4. FSDC की 20वीं बैठक संपन्न। देश के आर्थिक हालातों की गई समीक्षा
5. और भारत दौरे पर आए रूस के उप प्रधानमंत्री यूरी टूटनेव। पूर्वी आर्थिक मंच पर भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई चर्चा।

आइये अब ख़बरों को विस्तार से समझते हैं

1. पहली न्यूज़

17वीं लोकसभा के लिए अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मिति से कर लिया गया है। राजस्थान के कोटा से भाजपा सांसद सांसद ओम बिड़ला को 17 वीं लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया है। सभी पार्टियों के समर्थन से अध्यक्ष चुने गए ओम बिड़ला को अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा कुछ दिन पहले प्रोटेम स्पीकर बने वीरेंद्र कुमार ने की। लोकसभा अध्यक्ष के चुने जाने के बाद प्रोटेम स्पीकर का काम समाप्त हो जायेगा।

लोकसभा अध्यक्ष सभा का प्रतिनिधि होता है। वैसे तो अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए कोई विशेष योग्यता निर्धारित नहीं की गई है और संविधान में मात्र यह अपेक्षित है कि वह सभा का सदस्य होना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष का कार्यकाल उसके निर्वाचित किये जाने की तारीख़ से लेकर उस लोकसभा के भंग होने के बाद बनी नई लोक सभा की पहली बैठक के ठीक पहले तक होता है। किसी लोकसभा अध्यक्ष को दोबारा से इस पद पर के चुना जा सकता है। लोकसभा अध्यक्ष किसी भी समय उपाध्यक्ष को लिखित सूचना देकर अपने पद से इस्तीफ़ा दे सकता है। इसके अलावा अध्यक्ष को उसके पद से लोक सभा में उपस्थित सदस्यों द्वारा बहुमत से पारित संकल्प द्वारा ही हटाया जा सकता है।

लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव भारतीय संसद के निचले सदन लोक सभा में मौजूद सदस्यों के साधारण बहुमत द्वारा किया जाता है। आम तौर पर सत्तारूढ़ दल के सदस्य को ही अध्यक्ष निर्वाचित किया जाता है। अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में उपाध्यक्ष उनके काम काज को संभालता है। लोकसभा के उपाध्यक्ष को विपक्ष से चुने जाने की परंपरा है। लोकसभा के सदस्य अपने में से किसी एक का उपाध्यक्ष के रूप में चुनाव करते हैं। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों की ग़ैरमौजूदगी में सभापति तालिका का कोई सदस्य सभा की अध्यक्षता करता है। लोकसभा अध्यक्ष को अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रशासनिक, न्यायिक और विनियमन संबंधी मामलों में कई कामों को देखना होता है।

वित्तीय मामलों में लोक सभा के पास अभिभावी शक्तियां होने के कारण वो धन विधेयकों का प्रमाणन करता है और किसी विधेयक के धन विधेयक होने या ना होने का फैसला लोकसभा अध्यक्ष ही करता है और उसका निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होता है |

किसी विधायी मामले के संबंध में दोनों सभाओं में असहमति होने की स्थिति में बुलाई गई संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोक सभा अध्यक्ष ही करता है।

52वें संविधान संशोधन के ज़रिए, दल-बदल के आधार पर लोक सभा के किसी सदस्य को अयोग्य ठहराने से संबंधित शक्ति भी अध्यक्ष के ही पास होती है । इसके अलावा सभा की समितियां अध्यक्ष के ही निर्देश पर काम करती हैं। इन सभी समितियों का गठन अध्यक्ष द्वारा या सभा द्वारा किया जाता है। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ही लोक सभा सचिवालय का प्रमुख होता है और ये सचिवालय उसके नियंत्रण और निदेशों के अधीन काम करता है।

2. दूसरी न्यूज़

कल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कई अहम मसलों पर विचार विमर्श के लिए एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की थी। बैठक में एक देश एक चुनाव, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती और देश की आज़ादी की 75वीं सालगिरह पर न्यू इंडिया के निर्माण की रुपरेखा जैसे मसले चर्चा के मुख्य विषय थे। बैठक में एक देश एक चुनाव विषय पर ज़्यादा ज़ोर दिया गया। बैठक में ज़्यादातर दल जहां इसके पक्ष में थे तो कई दलों ने एक देश एक चुनाव को लेकर सवाल भी उठाया। बैठक का नतीज़ा ये रहा कि एक देश एक चुनाव के मसले पर एक समिति बनाने का फैसला लिया गया है। ये समिति एक देश एक चुनाव विषय से जुड़े मुद्दे के बारे में जानकारी सौंपेगी।

एक देश एक चुनाव की बात की जाये तो ये कोई नई पहल नहीं है। साल 1951 से 1967 तक देश में लोकसभा और विधान सभा के चुनाव एक साथ कराए गए थे। लेकिन ये सिलसिला तब टूट गया जब 1968 और 69 में कई राज्यों की विधानसभाएँ अलग - अलग कारणों से समय से पहले ही भंग कर दी गई। और फिर यहीं से देश में विधानसभा और लोक सभा के चुनाव अलग-अलग समय पर होने लगे।

एक साथ चुनाव कराने की मांग करने वाले पक्ष का कहना है कि लगातार चुनावों के कारण देश में बार बार मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट यानी आदर्श आचार संहिता लागू करनी पड़ती हैं। आदर्श आचार संहिता के चलते सरकार कई ज़रूरी मामलों पर फैसला नहीं कर पाती और योजनाओं को लागू करने में कई दिक्क़तें आती है। अगर देश में सभी चुनाव एक साथ होते हैं तो पार्टियां भी देश और राज्य के विकास कार्यों पर ज़्यादा समय दे पाएंगी। इसके अलावा एक साथ चुनाव कराने की मांग कर रहे पक्ष का कहना है कि चुनाव पर हो रहे खर्च में लगातार बढ़ोत्तरी से सरकारी ख़ज़ाने पर भी काफी असर पड़ता है। ऐसे में अगर लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ कराए जाए तो ये देश के अधिक फायदेमंद होगा।

जबकि इसके विपक्ष में खड़े लोगों का कहना है कि इसे लागू करने के लिए संविधान और दल-बदल कानून में संशोधन करना होगा। साथ ही जनप्रतिनिधि और संसदीय प्रक्रिया से जुड़े अन्य कानूनों में बदलाव करना होगा। इसके अलावा चुनाव आयोग के पास vvpat मशीन की संख्या काफी कम है। मौजूदा वक़्त में देश में कुल क़रीब 90 करोड़ से अधिक मतदाता है। चुनाव आयोग के पास मौजूद vvpat मशीनों के ज़रिए लोक सभा और 11 राज्यों के भी चुनाव नहीं कराए जा सकते। साथ ही इतने बड़े चुनाव के लिए मतदान अधिकारी और दूसरे संसाधनों को जुटाना भी काफी चुनौती पूर्ण काम है।

3. तीसरी न्यूज़

दुनिया भर में कल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। हर साल 21 जून को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस इस बार पांचवा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस होगा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम के लिए इस बार रांची शहर का चयन किया गया है। रांची में योग संगठनों और योग गुरुओं के अलावा अलग -अलग राज्यों के क़रीब तीस हज़ार से अधिक लोगों के भाग लेने की उम्मीद है।

11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई थी। ग़ौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मनाने का प्रस्ताव सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत दवरा प्र्स्तवित किया गया था। इस प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र के 177 सदस्यों ने 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी।

ये प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र की ‘वैश्विक स्वास्थ्य और विदेश नीति’ की कार्यसूची के तहत अपनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र की घोषणा के बाद दुनिया भर में 21 जून 2015 को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था।

21 जून की तारीख़ को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने के बारे में बताएं तो 21 जून के दिन ग्रीष्म संक्रांति होती है। हर साल 21 जून को ग्रीष्म इस दिन उत्तरी_गोलार्द्ध में रात की तुलना में दिन ज़्यादा बड़ा होता है, साथ ही ये साल का भी सबसे बड़ा दिन होता है। जानकारों के मुताबिक़ इस दिन सूर्य उत्तर से दक्षिण की ओर गति करना शुरू करता है।

4. चौथी न्यूज़

वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद FSDC की बैठक कल नै दिल्ली में संपन्न हुई। वित्तमंत्री वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। साथ ही बैठक में बजट से जुड़े सुझावों और प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई है। हाल ही में जारी आंकड़ों के मुताबिक़ देश की आर्थिक वृद्धि दर 2018-19 में 6.8 प्रतिशत पर आ गई है जो कि पांच सालों का सबसे निचला स्तर है।

FSDC के बारे में बताएं तो इसका काम वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के तन्त्र को मज़बूत करना और उसे संस्थागत बनाए रखना है। इसके अलावा अलग - अलग नियामक संस्थाओं के बीच समन्वय को बढ़ावा देना और वित्तीय क्षेत्र के विकास को प्रोत्साहित करने जैसे लक्ष्य भी इसके कामों में शुमार हैं।

FSDC का गठन साल 2010 में किया गया था। इस परिषद के अध्यक्ष केन्द्रीय वित्त मंत्री होते हैं। परिषद अपने दूसरे कामों में मुख्य रूप से वित्तीय स्थिरता से जुड़े कुछ विषयों पर विचार करती है। इन विषयों में वित्तीय प्रक्षेत्र विकास, नियामकों के बीच समन्वय, वित्तीय साक्षरता, और वित्तीय समावेश जैसे कई और भी महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।

5. पांचवी न्यूज़

भारत दौरे पर आए रूस के उप प्रधानमंत्री ने कल भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाक़ात की। मुकालात के दौरान रूस के उप प्रधानमंत्री यूरी टूटनेव ने भारतीय उद्योगपतियों को अपने देश के पूर्वी क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। साथ ही दोनों नेताओं ने सितम्बर महीने में पूर्वी आर्थिक मंच की बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री के शिरकत करने और दोनों देशों के सबंधों को और मज़बूत बनाने जैसे विषयों पर चर्चा की।

पूर्वी आर्थिक मंच रूस में विदेशी निवेशको को प्रोत्साहित करने के मकसद से बना है। हर साल पूर्वी आर्थिक मंच की बैठक रूस के व्लादिवोस्तोक में आयोजित की जाती है।

ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम को बिज़नेस लीडर्स, प्रशांत क्षेत्र व दक्षिण पूर्व एशियाई देशों यानी आसियान देशो के बीच सहयोग के लिए सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में देखा जाता है। भारत पहले भी ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम की बैठक में शिरकत कर चुका है। ख़बरों के मुताबिक़ ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम की बैठक के दौरान ही भारत और रूस के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन भी आयोजित किया जायेगा।

आज के न्यूज़ बुलेटिन में इतना ही... कल फिर से हाज़िर होंगे एग्जाम के लिहाज़ से महत्वपूर्ण कुछ अहम ख़बरों के साथ...

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