Daily Audio Bulletin for UPSC, IAS, Civil Services, UPPSC/UPPCS, State PCS & All Competitive Exams (14, June 2019)


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बुलेटिन्स:

1. शंघाई सहयोग संगठन की शिखर बैठक आज। भारत समेत कुल आठ देश होंगे बैठक में शरीक।
2. चक्रवाती तूफान वायु ने बदली अपनी राह। ओमान का किया रुख़।
3. भारत अंतरिक्ष में बनाएगा ख़ुद का स्पेस स्टेशन। 2030 तक पूरा हो सकता है भारत का ये महत्वाकांक्षी मिशन
4. भूजल संकट को लेकर कल हो होगी नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 5वीं बैठक। लगभग सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के उपस्थित रहने की उम्मीद
5. 'सेबी' ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए नियमों में की सख़्ती, चूक संभावना के बारे में अब देनी होगी जानकारी
6. ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर हमला। ताइवान और नार्वे के टैंकरों को बनाया गया निशाना

आइये अब ख़बरों को विस्तार से समझते हैं।

1.

किर्गिज़स्‍तान की राजधानी बिश्‍केक में हो रही शंघाई सहयोग संगठन की ये 19 वीं बैठक है। साल 2001 बने इस संगठन में मौजूदा वक़्त में कुल 8 देश शामिल हैं। इन देशों में - चीन, कजाख्‍स्‍तान, किर्गिज़स्‍तान, रूस, तजाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान के अलावा भारत और पाकिस्तान शामिल हैं। बताया जा रहा है कि भारत इस बैठक में क्षेत्रीय सहयोग और विकास के बारे में अपना विचार साझा करेगा। साथ ही बैठक में हिस्सा लेने आए कई देशों के साथ भारत की द्विपक्षीय वार्ताएं भी आयोजित की जाएंगी।

SCO बैठक के मौके पर भारत ने चीन और रूस के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं की है। SCO बैठक को सम्बोधित करने के बाद भारत आज किर्गिज़स्‍तान, कजाख्‍स्‍तान, मंगोलिया, बेलारूस और ईरान के राष्‍ट्रपति के साथ भी द्विपक्षीय बैठक में शामिल होगा।

ग़ौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान साल 2017 में शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य बने थे। भारत को इस संगठन में सदस्य बनाए जाने में रूस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस संगठन में शामिल होने के पीछे भारत के दो महत्वपूर्ण मक़सद रहे हैं जिनमें आतंकवाद का ख़ात्मा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना जैसे मक़सद शुमार हैं। SCO की सदस्य्ता भारत को पूरे एशिया में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करती है जबकि भारत पहले केवल दक्षिण एशिया तक ही सीमित था।

2.

भारत के पश्चिमी तट पर आ रहे चक्रवाती तूफान वायु की दिशा अब बदल गई है। बीते कई दिनों से सुर्ख़ियों में रहा ये समुद्री तूफ़ान अब गुजरात तट से हटकर उत्‍तर पश्चिम यानी ओमान की ओर बढ़ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक़ 135 -145 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ़्तार से बढ़ रहे इस चक्रवात के गुजरात में आने की सम्भावना कम हैं। हालाँकि इस चक्रवात की रफ़्तार को देखते हुए राज्य में अलर्ट जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक़ वायु चक्रवात के चलते गुजरात के तटीय राज्यों में भरी बारिश की आशंका है।

दरअसल चक्रवात निम्न वायुदाब वाली ऐसी मौसमी परिघटना होती है जिसमें हवाएं बाहर से अंदर की ओर तेज़ गति से घूमती है। पृथ्वी के दोनों उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्धों में चक्रवात के मामले देखे जा सकते हैं। कुछ दिन पहले अरब सागर से गुजरात की ओर बढ़ रहे चक्रवात वायु को सुपर साइक्लोन की श्रेणी में रखा गया है । आपको बता दे कि इस चक्रवात का नाम भारत ने रखा है। इससे पहले भारत के पूर्वी तट पर आए चक्रवात फोनी का नाम बांग्लादेश ने रखा था।

3.

भारत अंतरिक्ष में ख़ुद का स्पेस स्टेशन बनाने की तैयारी में जुट गया है। इसरो प्रमुख के सिवन के मुताबिक़ इस परियोजना के पूरा हो जाने पर इसरो ज़्यादा तदात में मानव यात्री को अंतरिक्ष में भेज सकेगा। इसरो अध्यक्ष ने कहा है कि भारत अपनी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में किसी दूसरे देश की मदद नहीं लेगा।

ग़ौरतलब है कि अंतरिक्ष में अभी तक सिर्फ दो ही स्पेस स्टेशन हैं। इन अंतरिक्ष स्टेशनों में अमेरिका और रुस के साझा प्रोजेक्ट के तौर पर बना इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन और चीन का तियांगोंग - 2 स्पेस स्टेशन शामिल है। बताया जा रहा है कि भारत की ये महत्वाकांक्षी परियोजना 2030 तक पूरी हो जाएगी।

स्पेस स्टेशन के बारे में आपको बताएं तो ये पृथ्वी की निकटवर्ती कक्षा में मौजूद एक बड़ा अंतरिक्ष यान है। ये अंतरिक्ष यान अन्य सैटलाइट की तरह पृथ्वी के चारो ओर घूमता रहता है।

और सरल शब्दों में बताएं तो स्पेस स्टेशन एक प्रयोगशाला है और पृथ्वी से लगभग 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर मौजूद है जहां अंतरिक्ष यात्री काम कर काम करते हैं। भारत की ओर से प्रस्तावित स्पेस स्टेशन क़रीब 20 टन का है। इसमें क़रीब 4 -5 अंतरिक्ष यात्री सवार होकर लगभग 15 से 20 दिन तक काम कर सकते हैं।

4.

15 जून को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 5वीं बैठक राष्ट्रपति भवन में आयोजित की जाएगी इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की जाएगी। गवर्निंग काउंसिल की 5वीं बैठक में भूजल संकट पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। इसके अलावा वर्षा – जल संचय, सूखे की स्थित और राहत उपाय, और कृषि में बदलाव जैसे कुछ महत्वपूर्ण विषय इस बैठक की कार्य सूची में शुमार हैं।

नीति आयोग का काम राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं, क्षेत्रों और रणनीतियों के साझा विजन को राज्यों की सक्रिय भागीदार के साथ विकसित करना है।

इसके अलावा गवर्निंग काउंसिल, पिछले बैठक की कार्य सूची में शामिल विषयों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करती है और भविष्य की विकास प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करती है। अभी तक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गवर्निंग काउंसिल की चार बैठकें हो चुकी हैं। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में भारत के प्रधानमंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केन्द्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल तथा विशेष आमंत्रित होते हैं।

5.

पूंजी बाज़ार नियामक सेबी ने साख निर्धारण एजेंसियों के लिए सार्वजनिक सूचना के नियमों सख़्ती की है। कड़े नियम के तहत अब क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को अलग - अलग वित्तीय उत्पादों के लिए चूक की सम्भावना के बारे में जानकारी देनी होगी। रेटिंग कंपनियों को ऋण चूक की निगरानी और उसकी समय से सूचना के बारे में एक जैसी मानक परिचालन प्रक्रिया लागू करनी होगी और उसे अपनी कंपनी की वेबसाइट पर प्रकाशित करना होगा।

नियामक ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब कर्ज लौटाने में चूक के मामले तथा साख निर्धारण एजेंसियों की जोखिम संभाव्यता का आकलन करने की भूमिक को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। आईएल एंड एफएस मामले में साख निर्धारण एजेंसियां जांच के घेरे में हैं। सेबी ने चूक की निगरानी और समय पर उसका पता लगाने के संदर्भ में साख निर्धारण एजेंसियों के लिये खुलासा का दायरा बढ़ाते हुए एक समान मानक परिचालन प्रक्रिया पर जोर दिया है। इस बारे में प्रत्येक क्रेडिट रेटिंग की वेबसाइट पर जानकारी देनी होगी।

6.

होर्मुज जलडमरूमध्य से सटे ओमान की खाड़ी में कल दो टैंकरों पर हमला हुआ। ख़बरों के मुताबिक़ हमले का शिकार हुए टैंकरों में ताइवान और नार्वे के तेल टैंकर शामिल हैं। हालाँकि इस हमले में किसी की जान नहीं गई है और न ही इस हमले को अंजाम देने वाले का कोई पता चल सका है।

ग़ौरतलब है कि एक महीने पहले इसी इलाके में 4 और तेल टैंकरों पर हमला हुआ था। इस हमले के लिए सऊदी अरब, UAE और अमेरिका जैसे देशों ने ईरान को ज़िम्मेदार बताया था।

खाड़ी क्षेत्र में हुए इस हमले की वहज से अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम में तीन फीसदी से ज़्यादा का उछाल देखा गया है। तेल का भाव क़रीब 62 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है। अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में आई इस तेज़ी से भारतीय बाज़ार भी प्रभावित हुए और कच्चे तेल के भाव में तेजी बनी रही।

होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में बताएं तो इसे अंग्रेज़ी में होर्मुज स्ट्रेट कहा जाता है। होर्मुज स्ट्रेट फ़ारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। होर्मुज स्ट्रेट क़रीब 55 से 95 किमी. तक चौड़ा है और ईरान को अरब प्रायद्वीप से अलग करता है। सऊदी अरब, ईरान, यू.ए.ई., कुवैत और इराक जैसे देशों से होने वाले ज़्यादातर तेलों का निर्यात होर्मुज जलडमरूमध्य के ज़रिए ही किया जाता है।

जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट के बारे में बताएं तो ये एक ऐसा संकरा जलमार्ग होता है जो दो समुद्रों व झीलों को आपस में जोड़ता है। किसी स्ट्रेट का भौगोलिक आकार डमरू जैसा होता है। इसके अलावा दो बड़े जलीय क्षेत्रों के बीच में जलसंधि होने के बाद संचालित होने वाले इस रास्ते को हिंदी में जलडमरूमध्य कहा जाता है।

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