Daily Audio Bulletin for UPSC, IAS, Civil Services, UPPSC/UPPCS, State PCS & All Competitive Exams (09, July 2019)


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बुलेटिन्स

1. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त ने कश्मीर मसले पर जारी की अपनी दूसरी रिपोर्ट। भारत ने जताया कड़ा ऐतराज।
2. आधार संशोधन अधिनियम 2019 को राज्य सभा की मंजूरी। बैंक खाता, मोबाइल कनेक्शन जैसी सेवाओं के लिए आधार होगा स्वैच्छिक।
3. सेंसेक्स में लगातार गिरावट जारी। साल के सबसे नीचले स्तर पर पहुंचा इंडेक्स।
4. NBFC रेगुलेशन के मामले में आरबीआई बना और सशक्त। गवर्नर ने कहा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएगी नकदी।
5. एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग का तीनों टेस्ट रहा सफल। रात में भी निशाना दागने में सक्षम है ये मिसाइल।

आइये अब ख़बरों को विस्तार से समझते हैं

1. पहली न्यूज़

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय यानी OHCHR द्वारा जम्मू-कश्मीर मसले पर जारी रिपोर्ट पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने कहा कि ये रिपोर्ट झूठ और राजनीति से प्रेरित है और इसमें पाकिस्तान से होने वाले आतंकवाद के मूल मुद्दे की भी अनदेखी की गई है। OHCHR की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि मई 2018 से अप्रैल 2019 के बीच पूरे जम्मू-कश्मीर में कई नागरिकों की मौत हुई है, जो पिछले एक दशक में सबसे ज्यादा है। इसके अलावा भारत और पाकिस्तान दोनों देशों ने समस्याओं को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए। दरअसल जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है लेकिन पाकिस्तान ने इस राज्य के एक हिस्से को अवैध रूप से अपने कब्ज़े में ले रखा है।

ग़ौरतलब है कि पिछले साल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त ने कश्मीर पर अपनी पहली रिपोर्ट जारी की थी। उस वक़्त भी इस रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर में कथित तौर पर मानवाधिकार उल्लंघन की बात कही गई थी। मौजूदा रिपोर्ट इसी रिपोर्ट की दूसरी कड़ी है।

आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय संयुक्त राष्ट्र सचिवालय के तहत एक विभाग है जो मानव अधिकारों की सुरक्षा और उनको बढ़ावा देने का काम करता है। ये कार्यालय किसी भी देश में मानवाधिकारों के उल्लंघन का विश्लेषण कर समय-समय पर अपना रिपोर्ट जारी करता है।

2. दूसरी न्यूज़

आधार एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक 2019 को संसद ने पारित कर दिया है। राज्यसभा में आज ये विधेयक पारित हो गया, जबकि लोकसभा पहले ही इस विधेयक को पारित कर चुकी है। विधेयक का मकसद आधार, दूरसंचार क्षेत्र और बैंकिंग रेगुलेशन को नियंत्रित करने वाले तीन अलग-अलग कानूनों में संशोधन करना है। बिल के पारित होने से बैंक खाता खोलने और मोबाइल सिम लेने के लिए आधार कार्ड देना स्वैच्छिक होगा। इसके अलावा कोई भी निजी कंपनी आधार का डेटा जबरन हासिल नहीं कर सकती। आधार संख्या के उपयोग के लिए निर्धारित नियमों को तोड़ने पर सख्त सजा का प्रावधान है।

आप को बता दें कि आधार 12 अंको की एक निजी विशेष संख्या है जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की ओर से सभी निवासियों को जारी किया जाता है। यह संख्या, भारत में कहीं भी, व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण माना जाता है।

इस विधेयक के विरोध में विपक्ष का कहना है कि यह प्रस्तावित कानून आधार से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। साथ ही, यह निजता के अधिकार का भी हनन है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट की एक संवैधानिक खंडपीठ ने एक मामले में निजता के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मूल अधिकार क़रार दिया था। अदालत ने ये फैसला साल 2017 में न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टास्वामी और अन्य बनाम भारतीय संघ एवं अन्य के एक मामले में दिया था। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर 2018 के अपने एक फैसले में कुछ परिवर्तनों के साथ आधार अधिनियम के संवैधानिक वैधता की भी पुष्टि की थी। ग़ौरतलब है कि 27 जुलाई, 2018 को रिटायर्ड जस्टिस बीएन श्रीकृष्णा की अध्यक्षता वाली समिति ने प्रारूप व्यक्तिगत डाटा सुरक्षा विधेयक के साथ डाटा सुरक्षा से जुड़े तमाम मुद्दों के संबंध में अपनी रिपोर्ट पेश की थी। जस्टिस श्रीकृष्णा ने आधार अधिनियम में कुछ संशोधन भी सुझाए थे।

3. तीसरी न्यूज़

शेयर बाजार में आज भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स जहाँ 38,730.82 पर बंद हुआ वहीँ निफ्टी 1,555.90 पर बंद हुई। प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 में स्टॉक एक्सचेंज की परिभाषा दी गयी है।

स्टॉक एक्सचेंज को आसान शब्दों में समझाएँ तो कंपनियों को अपना बिज़नेस शुरू करने के लिए पैसों की ज़रूरत होती है। पैसा इकट्ठा करने के लिए ये कंपनियां अपना मालिकाना हक़ बेचती हैं। इस मालिकाना हक़ को शेयर के तौर पर समझा जा सकता है। शेयर बाज़ार एक ऐसा बाज़ार है जहाँ कंपनियों के शेयर खरीदे-बेचे जा सकते हैं। किसी भी दूसरे बाज़ार की तरह शेयर बाज़ार में भी खरीदने और बेचने वाले एक-दूसरे से मिलते हैं और मोल-भाव कर के सौदा पक्का करते हैं।

पहले शेयरों की खरीद-बिक्री मौखिक बोलियों से होती थी और खरीदने-बेचने वाले मुंहजबानी ही सौदे किया करते थे। लेकिन अब यह सारा लेन-देन स्टॉक एक्सचेंज के नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटरों के ज़रिए होता है। यानी स्टॉक एक्सचेंज को शेयर मन्डी के तौर पर समझा जा सकता है। एक प्रकार से देखे तो यहा पे शेयरो की नीलामी होती है। अगर किसी को बेंचना होता है तो सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को ये शेयर बेचा जाता है। या अगर कोई शेयर खरीदना चाह्ता है तो बेचने वालो में से जो सबसे कम कीमत पर तैयार होता है उससे शेयर खरीद लिया जाता है।

विश्व का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज बेल्जियम में साल 1631 में शुरू किया गया था। भारत में, मौजूदा वक़्त में, कुल 23 स्टॉक एक्सचेंज काम कर रहे है जिनमे 5 राष्ट्रीय स्तर के है बाकी क्षेत्रीय स्तर के हैं। भारत और एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज BSE है। इसकी स्थापना 9 July, 1875 को हुई थी। इसके सूचकांक को सेंसेक्स कहा जाता है, जिसमें 30 कंपनियों को शामिल किया गया है। भारत का दूसरा स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज है।

4. चौथी न्यूज़

केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए एनबीएफसी को लेकर आरबीआइ के नियमन अधिकारों को और सशक्त कर दिया है। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के नियमन का अधिकार आरबीआइ को मिला है। उन्होंने आगे कहा कि NBFC को नकदी का संकट नहीं है और न ही इस तरह का कोई हालात पैदा होने दिया जाएगा।

आपको बता दें कि गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियां ऐसी संस्थाएं होती हैं जो कंपनी अधिनियम 1956 के तहत रजिस्टर्ड होती हैं और जिनका मुख्य काम उधार देना और तमाम प्रकार के शेयरों, प्रतिभूतियों, बीमा कारोबार और चिटफंड से जुड़े कामों में निवेश करना है। ग़ौरतलब है कि आरबीआई रेग्युलेशन के तहत देश में 12 हजार से अधिक एनबीएफसी पंजीकृत हैं। आईएलएंडएफएस समूह (IL&FS Group) की कंपनियों के डिफॉल्ट करने के बाद एनबीएफसी क्षेत्र नकदी की किल्लत का सामना कर रहा है। इसके अलावा एनबीएफसी और भी कई चुनौतियाँ का सामना कर रहीं हैं।

5. पांचवी न्यूज़

भारत ने स्वदेशी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग का तीन बार सफल परीक्षण कर लिया है। ये टेस्ट पोखरण की टेस्ट फायरिंग रेंज में किया गया। इसकी रेंज 500 मीटर से 4 किलोमीटर तक है। थर्मल टारगेट सिस्टम तकनीक पर काम करने वाली ये मिसाइल रात में भी दुश्मन के टैंकों पर हमला करने में सक्षम है। साथ ही लड़ाई के दौरान दुश्मनों के टैंक को चार किलोमीटर दूर से ही भेद देने की क्षमता रखती है। थर्मल टारगेट सिस्टम तकनीक से ऑपरेशनल टैंक की थर्मल इमेज क्रिएट हो जाती है, जिसके बाद टारगेट को लॉक करके मिसाइल दाग दी जाती है। मिसाइल लॉन्च होने के बाद इमेजिन इंफ्रा-रेड रडार से मिसाइल लॉक्ड टारगेट को फॉलो करते हुए हिट करती है। लॉन्चिंग के बाद इसे किसी भी तरह की बाहरी कमांड की ज़रूरत नहीं पड़ती।

आपको बता दें कि नाग मिसाइल तीसरी पीढ़ी का एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है। नाग उन पांच मिसाइलों में से एक है जिसे 1980 के दशक में शुरू किए गए एकीकृत मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत बनाने की योजना थी। इसके तहत विकसित अन्य मिसाइलों में अग्नि, त्रिशूल, पृथ्वी और आकाश शामिल हैं।

आज के न्यूज़ बुलेटिन में इतना ही... कल फिर से हाज़िर होंगे एग्जाम के लिहाज़ से महत्वपूर्ण कुछ अहम ख़बरों के साथ...

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