Daily Audio Bulletin for UPSC, IAS, Civil Services, UPPSC/UPPCS, State PCS & All Competitive Exams (08, July 2019)


Daily Audio Bulletin for UPSC, IAS, Civil Services, UPPSC/UPPCS, State PCS & All Competitive Exams (08, July 2019)


बुलेटिन्स

1. लोक सभा में आज होगी बजट पर चर्चा। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारामन ने 5 जुलाई को पेश किया था बजट।
2. जल्द लागू होगी नई शिक्षा नीति। लोकसभा में बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया था ऐलान
3. नीति आयोग ने कहा स्वास्थ्य सूचकांक से जुड़ी तमिलनाडु की आपत्तियों पर अगले साल से होगा विचार।
4. तीन दिवसीय दौरे पर आए संयुक्‍त अरब अमीरात के विदेशमंत्री। आज नई दिल्‍ली में करेंगे विदेश मंत्री सुब्रहमण्‍यम जयशंकर से मुलाक़ात।
5. और उज्बेकिस्तान ने की भारत के साथ वर्चुअल टूर की शुरुआत। नई दिल्ली में मौजूद उज्बेकिस्तान के दूतावास से देख जा सकेंगे कई ऐतिहासिक स्थल

आइये अब ख़बरों को विस्तार से समझते हैं

1. पहली न्यूज़

लोकसभा में आज केन्‍द्रीय बजट 2019-20 पर चर्चा होगी। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारामन ने बीते 5 जुलाई को बजट पेश किया था। दरअसल बजट भाषण के पढ़े जाने के बाद बजट उपायों पर एक आम चर्चा होती है। बहस में हिस्सा लेने वाले सदस्य बजट के प्रस्तावों और नीतियों पर चर्चा करते हैं। आपको बता दें कि भारत का बजट केंद्र सरकार में वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले आर्थिक कार्य विभाग के बजट प्रभाग द्वारा बनाया जाता है। इस बजट को तैयार करने में अन्य सभी मंत्रालयों की वित्तीय ज़रूरतों का भी ध्यान रखा जाता है।

भारत के केंद्रीय बजट का ज़िक्र संविधान के अनुच्छेद 112 में आया है। इस बजट को वित्त विधेयक और विनियोग विधेयक के ज़रिए संसद में प्रस्तुत किया जाता है। बजट में सरकार की प्राप्तियों और व्यय का मदवार ब्यौरा दिया जाता है। जिसमेचालू वित्त वर्ष के अनुमानित और संशोधित आंकड़े और पिछले साल के वास्तविक आंकड़े, साथ ही, आने वाले वित्त वर्ष के अनुमान व्यक्त किये जाते हैं। जल्द ही आप हमारे यूट्यूब चैनल ध्येय आईएएस पर आगामी आर्थिक मुद्दे में बजट पर विस्तृत चर्चा देख सकते हैं।

2. दूसरी न्यूज़

 पांच जुलाई को पेश हुए केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने नई राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति को जल्द से जल्द लागू किए जाने का ऐलान किया है। बजट में नई शिक्षा नीति के तहत स्‍कूल और उच्‍च शिक्षा में महत्वपूर्ण बदलाव, बेहतर शासन प्रणाली और अनुसंधान और नवाचार पर ज़्यादा ज़ोर देने की बात कही गई है। केंद्र सरकार द्वारा लाई गई नई शिक्षा नीति के लागू होने से देश में स्कूली शिक्षा का क़रीब 50 साल पुराना ढांचा पूरी तरह से बदल जायेगा।

नई शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक शिक्षा पर भी ज़ोर देने की बात कही गई है। नई शिक्षा नीति में प्रस्तावित ढांचे में 5 साल के फाउंडेशन स्टेज को शामिल किया गया है। इसमें तीन साल यानी प्री - प्राइमरी और 2 साल के दौरान पहली व दूसरी कक्षा की पढ़ाई शामिल होगी। इसके बाद 3 साल की प्राथमिक शिक्षा जिसमें कक्षा तीन, चार और पांच को रखा जाएगा। माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत जहां 6, 7 और 8 वीं की कक्षाएं शामिल होंगी तो वहीं उच्च शिक्षा या सेकेंडरी शिक्षा को 4 साल के लिहाज़ से तैयार किया गया है जिसमें 9 वीं कक्षा से लेकर 12 तक की कक्षाएं शामिल हैं। जबकि मौजूदा वक़्त में शिक्षा का स्वरूप कुछ इस तरह है जिसमें प्राथमिक स्तर पर - कक्षा 1 से लेकर 5, उच्च प्राथमिक स्तर पर - कक्षा 6 से लेकर 8, माध्यमिक स्तर पर - कक्षा नौ और दस और उच्च माध्यमिक स्तर पर 11 वीं और 12 वीं की कक्षाएँ शामिल होती है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 को तेज़ी से बदलते समाज की ज़रूरतों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें भारतीय नागरिकों, परम्पराओं, संस्कृतियों और भाषाओँ की विविधता का विशेष तौर पर खयाल रखा गया है । नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान पद्धतियों को शामिल किया गया है। प्रारूप में एक राष्ट्रीय शिक्षा आयोग का गठन करने और प्राइवेट स्कूलों के मनमाने तरीके से फीस वसूलने जैसे फैसलों पर लगाम लगाने जैसी सिफारिश भी की गई है। नई शिक्षा नीति के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा तैयार की गई है।

भारत में शिक्षा का अधिकार हर नागरिक को संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत मूल अधिकार के रूप में मिला हुआ है। साल 2002 में संविधान में 86वें संशोधन के ज़रिए शिक्षा को मौलिक अधिकार भी बना दिया गया है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ सभी को शिक्षा का अधिकार है। संयुक्त राष्ट्र के अनुच्छेद 26 के मुताबिक़ हर किसी के लिए शुरुआती शिक्षा अनिवार्य होनी चाहिए।

संविधान के मुताबिक़ शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है जिसके तहत केंद्र और राज्य दोनों ही शिक्षा से जुड़े फैसले ले सकते हैं। भारत में शिक्षा को प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा के स्तर पर बांटा गया है। प्रारंभिक शिक्षा के तहत सर्व शिक्षा अभियान जैसे कार्यक्रम चलाए गए हैं। इसके अलावा माध्यमिक के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान - 2009 और उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान 2013 जैसी योजनाएं चलाई गईं हैं।

3. तीसरी न्यूज़

नीति आयोग ने कहा है कि वह हाल ही में जारी स्वास्थ्य सूचकांक से जुड़े तमिलनाडु की आपत्ति पर अगले साल से विचार करेगा। आपको बता दें कि बीते दिनों नीति आयोग ने राज्यों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के ओवरऑल परफॉर्मेंस पर आधारित हेल्थ इंडेक्स जारी किया था। आयोग ने यह इंडेक्स विश्व बैंक और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर जारी किया था।

इसमें साल 2017-18 में राज्यों के प्रदर्शन का आकलन किया गया था। हेल्दी स्टे्टस प्रोग्रेसिव इंडिया शीर्षक से जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक़ स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं के मामलों में केरल देश का नंबर वन राज्य है। वहीँ देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश इसमें फिसड्डी साबित हुआ है और उसे सबसे निचले पायदान पर जगह मिली है। रिपोर्ट में तमिलनाडु को 9वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि पिछली बार इस रैंकिंग में तमिलनाडु बेहतर स्थिति में था। तमिलनाडु का कहना है कि राज्य ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर प्रगति की है और उसको उसकी प्रगति के मुताबिक़ रैंकिंग नहीं दी गई। अब समस्या ये है कि इस खराब रैंकिंग के चलते तमिलनाडु को केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाले फंडिंग में कमी आ सकती है। इसलिए तमिलनाडु ने नीति आयोग द्वारा जारी इस रैंकिंगपर आपत्ति जताई है।

4. चौथी न्यूज़

संयुक्‍त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्‍दुल्‍ला बिन ज़ायद तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए हैं। संयुक्‍त अरब अमीरात के विदेश मंत्री के साथ एक उच्‍च स्‍तरीय प्रतिनिधि मंडल भी भारत आया है। विशेषज्ञों के मुताबिक़ उनका ये दौरा द्विपक्षीय संबंधों और व्‍यापक रणनीतिक भागीदारी को मज़बूती प्रदान करेगा।

भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच काफी घनिष्ठ सम्बन्ध रहे हैं। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के सम्बन्ध सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से जुड़े हुए हैं। बीते कुछ सालों में दोनों देशों के सम्बन्ध और प्रगाढ़ हुए हैं। UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। मौजूदा वक़्त में नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरिक्ष और सुरक्षा सहयोग समेत ऊर्जा जैसे क्षेत्र में व्यापार और निवेश है। साथ ही कई और भी क्षेत्रों में भारत और UAE के व्यापरिक सम्बन्ध हैं।

UAE भारत का चौथा सबसे बड़ा ऊर्जा आपूर्तिकर्ता देश है। इसके अलावा UAE में क़रीब 2.6 मिलियन से ज़्यादा प्रवासी भी भारतीय हैं। UAE में रहने वाली प्रवासी भारतीयों की ये संख्या सबसे बड़ा समुदाय है। UAE में काम करने वाले भारतीयों में लगभग 15 - 20 व्यवसायिक, 20 % ग़ैर व्यवसायिक और बाकी 65 फीसदी लोग मज़दार हैं। UAE के मुताबिक़ भारतीय समुदाय ने UAE के आर्थिक विकास में भारतीय समुदाय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा भारतीय विदेश मंत्रालय के एक आंकड़े के अनुसार क़रीब 15 बिलयन अमेरीकी डॉलर से अधिक की राशि वहां काम करने वाले लोगो द्वारा हर साल भारत भेजी जाती है।

5. पांचवी न्यूज़

बीते दिनों भारत और उज्बेकिस्तान के बीच वर्चुअल टूर की शुरुआत हुई । इस पहल के ज़रिए अब पर्यटक वहां की सांस्कृतिक धरोहर को नई दिल्ली में मौजूद उज्बेकिस्तान के दूतावास से ही देख सकेंगे। वर्चुअल टूर के तहत आपको उज्बेकिस्तान के समरकंद और बुखारा की गलियों के साथ ही यहां के एतिहासिक स्थलों को क़रीब से देखने का मौका मिलेगा। उज्बेकिस्तान की इस पहल का मकसद भारत के लोगों को उज्बेकिस्तान की कला और संस्कृति से रूबरू कराना है साथ ही उज्बेकिस्तान के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देना है। ग़ौरतलब है कि इस वर्चुअल टूर को एक भारतीय कंपनी ऱाउटर्न डॉट कॉम ने तैयार किया है।

दरअसल वर्चुअल टूर एक आभासी दौरा होता है। वर्चुअल टूर में आप अपने से किसी से दूर जगह का भी आभास कर लेते हैं। ये आभास आपको वर्चुअल टूर में इस्तेमाल होने वाले वीडियो, ग्राफिक्स और 3 - D तस्वीरों के ज़रिए होता है। इसके अलावा इसमें प्रयोग होने वाला संगीत प्रभाव, नैरेशन और मल्टीमीडिया से जुड़े कई और भी तत्व आपको इस वर्चुअल टूर से जोड़ देते हैं जिसके चलते आप इसको महसूस कर सकते हैं।

समरकंद और बुख़ारा के बारे में बताएं तो ये दोनों ही इलाक़े मध्य एशिया में मौजूद उज़बेकिस्तान के शहर है। बुख़ारा शहर उज़बेकिस्तान का पांचवा सबसे बड़ा शहर भी है। बुख़ारा शहर में क़रीब 140 स्थापत्य स्मारके हैं। बुख़ारा शहर की ऐतिहासिकता को देखते हुए UNESCO ने इसे World Heritage Site घोषित किया है। इसके अलावा समरकन्द काफ़ी लम्बे अरसे से इतिहास के प्रसिद्ध नगरों में शुमार है। इतिहास में मशहूर मंगोल बादशाह तैमूर ने इसे अपनी राजधानी बनाया था साथ ही बाबर की भी इस इलाके के बादशाह बनने की चाहत थी लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो सका। मध्य एशिया में मौजूद उज़बेकिस्तान के ये इलाक़े अपने भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहे है। ये शहर सैंकड़ों साल पुराने सिल्क रोड से भी हुए थे भारत को यूरोप व चीन से जोड़ते थे।

आज के न्यूज़ बुलेटिन में इतना ही... कल फिर से हाज़िर होंगे एग्जाम के लिहाज़ से महत्वपूर्ण कुछ अहम ख़बरों के साथ...

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